देशहित में गहल फैसलों में सुधार जरुरी : अमित

13
Amit Shah

सोमवार को राज्यसभा में विचार और पारित होने के लिए जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 पेश किए गए। विधेयक 6 दिसंबर को लोकसभा द्वारा पारित किए गए थे। चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि ये दोनों विधेयक पारित हो जाएंगे और इसलिए भी क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर और भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर (पुनर्गठन) विधेयक, 2019 के पीछे की मंशा, इसकी संवैधानिक वैधता और प्रक्रिया को बरकरार रखा। गृह मंत्री ने कहा कि परसों भी कई सवाल उठे थे। लोकसभा में कहा गया कि बिल लंबित है और इसे जल्दबाजी में लाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट न्याय करेगा और हमें इसका इंतजार करना चाहिए। ये सभी स्टैंड न्याय के लिए नहीं बल्कि पीएम मोदी द्वारा लिए गए फैसलों को रोकने के लिए थे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देशहित में गहल फैसलों में सुधार जरुरी होता है।शाह ने कहा कि SC ने माना कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था। यदि धारा 370 इतनी ही उचित, इतनी ही आवश्यक होती तो नेहरू जी उसके आगे अस्थायी शब्द का प्रयोग क्यों करते? जो लोग कहते हैं कि धारा 370 स्थायी है, वे संविधान सभा और संविधान की मंशा का अपमान कर रहे हैं।