पश्चिम बंगाल में 28 जून तक लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश

कोलकाता: बीते दो दिनों से दक्षिण बंगाल के लोगों ने तापमान गिरने से राहत की सांस ली है। बता दें कि ये मानसूनी नहीं बल्कि…

कोलकाता: बीते दो दिनों से दक्षिण बंगाल के लोगों ने तापमान गिरने से राहत की सांस ली है। बता दें कि ये मानसूनी नहीं बल्कि प्री-मानसून बारिश है। फिलहाल, कोलकाता समेत राज्य के कई जिलों में थोड़ी राहत है। अलीपुर मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल यही स्थिति बनी रहेगी। 28 जून तक लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 15 जिलों में बारिश की ज्यादा संभावना है। इससे बाकी जिलों में तापमान गिरेगा। हालांकि, मौसम विभाग ने पूरी तरह से भीषण गर्मी खत्म होने को लेकर कुछ नहीं कह रहा है।

कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में शुक्रवार को भी बादल छाए हुए हैं। अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार 31 मई को उत्तर बंगाल में मानसून प्रवेश कर चुका है लेकिन वहां से आगे नहीं बढ़ा। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को अब थोड़ा आगे बढ़ गया है। लेकिन अभी भी उत्तर बंगाल में इसका असर है। गुरुवार को दिनाजपुर और मालदा के बड़े हिस्से में मानसून ने दस्तक दी। मानसून की स्थिति बनने में अभी भी दो से तीन दिन लगेंगे। यह बात मौसम विभाग ने कही है।

मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों और बिहार के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है। इसके अलावा अमरावती, गोंदिया, दुर्ग, रामपुर (कालाहांडी), मालदह, भागलपुर, रक्सौल से होकर आगे बढ़ चुका है। अगले तीन-चार दिनों में उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और कुछ अन्य हिस्सों में मानसून के प्रवेश के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ विकसित हो सकती हैं।

इस बीच उत्तर बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि गुरुवार दोपहर कोलकाता समेत कुछ दक्षिणी जिलों में छिटपुट बारिश हुई, लेकिन मिजाज कम नहीं हुआ। लोग सामान्य मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि लगातार हल्की बारिश के बिना गर्मी कम नहीं होगी। किसान भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं। अगर इस समय बारिश नहीं हुई तो फसल खराब होने का खतरा है।