गुरुवार को भी बंगाल के कई जिलों में अतिक्रमण जारी

कोलकाता: राज्य के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गुरुवार(27 जून) को मुख्यमंत्री…

कोलकाता: राज्य के कई हिस्सों में बीते दो दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गुरुवार(27 जून) को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नवान्न सभा में बैठक की। इससे पहले आज सुबह से ही पूरे राज्य में अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने कोलकाता से लेकर कूचबिहार तक पूरे बंगाल में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान शुरू कर दिया है। 

गुरुवार को अभियान का तीसरा दिन है। गुरुवार सुबह से ही प्रशासन ने प्रदेश की विभिन्न नगर पालिकाओं में सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए अवैध अस्थायी निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसे लेकर कुछ स्थानों पर अस्थाई स्टॉल वालों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। रामपुरहाट में मारपीट की घटना भी हुई है। आज भवानीपुर के यदुबाबू बाजार में पुलिस अधिकारियों ने स्थायी व अस्थायी व्यापारियों से बात की। व्यापारियों को हिदायत दी गई है कि वे किसी भी तरह से अपनी दुकान का सामान फुटपाथ पर न रखें।

प्रशासन द्वारा मंगलवार से अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार को नवान्न विधानसभा भवन में नगर पालिकाओं के अध्यक्षों, नगर निगमों के मेयरों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि वह विभिन्न नगर पालिकाओं के कामकाज से नाराज हैं। उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में किन नगर पालिकाओं ने अच्छा काम किया है और किन नगर पालिकाओं के काम में कमी रही है। तब से नगर पालिकाएं सक्रिय हैं।

सीएम के निर्देश के बाद कुछ जगहों पर सोमवार से कार्रवाई शुरू हो गयी। मंगलवार की सुबह से ही सक्रियता बढ़ गयी। बुधवार को भी ऐसी ही गतिविधि देखी गई। इसके बाद प्रशासन ने गुरुवार सुबह से अवैध सरकारी जमीन और फुटपाथ पर रेहड़ी-स्टॉल वालों को हटाने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया। आइए एक नजर डालते हैं कि आज गुरुवार सुबह से अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं।

कोलकाता नगर पालिका
अलीपुर में गुरुवार सुबह चिड़ियाघर के पास कई अस्थायी दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। वहीं, यदुबाबू बाजार में नगर पालिका और पुलिस व्यापारियों से फुटपाथ खाली करने का अनुरोध करने के लिए माइक्रोफोन के माध्यम से अभियान चला रही है। संयोग से ये दोनों जगहें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर की हैं। बुधवार दोपहर से अलीपुर चिड़ियाघर के सामने कई अस्थायी दुकानें तोड़ दी गईं। गुरुवार सुबह तक कार्रवाई जारी रही। यदुबाबू बाजार में पुलिस एक दुकानदार को सड़क से सामान हटाने के लिए कहती नजर आई।

राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका
प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर गरिया और सोनारपुर इलाके में भी कार्रवाई की है। गरिया बाजार, काजी नजरूल मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों से ‘कब्जाधारियों’ को हटा दिया गया है। फुटपाथ भी साफ कर दिए गए हैं। यह अभियान एनएससी बोस रोड पर गरिया से महामायातल्ला तक जारी रहेगा। उधर, प्रशासन ने सोनारपुर बाजार इलाके में भी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजपुर-सोनारपुर नगर पालिका के मेयर पल्लब कुमार दास ने जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का निरीक्षण किया। यहां सोनारपुर और नरेंद्रपुर थाने भी हैं। पल्लब ने कहा, ”पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा।” लोगों को कोई असुविधा न हो इसका ख्याल रखा जाएगा। सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों को हटाया जा रहा है।” स्थायी निवासियों के एक वर्ग के अनुसार, यदि ‘कब्जाधारियों’ को हटा दिया जाता है, तो परिवहन में सुविधा होगी। हालांकि, प्रशासन के इस अभियान के चलते फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग 20 साल या उससे अधिक समय से व्यवसाय में थे। लॉकडाउन अवधि के बाद से कई लोगों ने फुटपाथ पर व्यवसाय शुरू कर दिया है। उनके मुताबिक वे फुटपाथ पर कारोबार कर अपना परिवार चला रहे थे।

कमरहाटी नगर पालिका
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने आज गुरुवार से डनलप में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया। प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों को हटाने के लिए पहले ही माइक से प्रचार कर दिया था। इसके बाद गुरुवार की सुबह प्रशासन ने डनलप से कमरहटी बीटी रोड के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। हालांकि ‘निवर्तमान’ कारोबारियों का दावा है कि वे 30-40 साल से इसी तरह कारोबार कर रहे हैं। एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, ”मुझे पता है कि सड़क पर लोगों के लिए यह मुश्किल है। हालांकि, पेट भरने के लिए काम तो करना ही पड़ता है। दीदी जरूर हमलोगों के लिए कुछ इंतजाम करेंगी।

रिसड़ा नगर पालिका
रिसड़ा नगर पालिका क्षेत्र में फुटपाथ पर कब्जा करने वाली दुकानों को हटाने के लिए प्रशासन ने माइक से अभियान चलाया। सरकारी परिसर में कब्जा जमाये अस्थायी दुकानदारों को सात दिनों के अंदर दुकानें खाली करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने यह भी बताया है कि अगर सात दिन के अंदर दुकान नहीं हटी तो उसे तोड़ दिया जाएगा। हालांकि, गुरुवार को रिसड़ा मैत्री पथ, स्टेशन रोड, रामकृष्ण रोड, एनएस रोड इलाके में कार्रवाई की गयी और सड़क पर बने अस्थायी निर्माण टेंट को हटा दिया गया। रिसड़ा नगर पालिका की ओर से बताया गया है कि यह अभियान अभी हर दिन जारी रहेगा।

रामपुरहाट नगर पालिका
रामपुरहाट शहर में फुटपाथों पर अतिक्रमणकारियों’ को हटाने का अभियान गुरुवार की सुबह शुरू हुआ। रामपुरहाट के वार्ड नंबर 17 और नंबर 3 के अस्थायी व्यवसायियों की पुलिस से नोकझोंक हुई। दुकान तोड़े जाने के बाद कुछ व्यापारी फूट-फूटकर रोने लगे। उनका सवाल है कि पुलिस पहले से सूचना देकर बेदखली अभियान में क्यों नहीं आई? हालांकि प्रशासन का दावा है कि बुधवार को ही व्यापारियों को वहां से हटने का आदेश दे दिया गया था। उनके लिए माइक से प्रचार भी किया गया। लेकिन यह कदम इसलिए है क्योंकि वे हिलते नहीं हैं। गुरुवार को इस अतिक्रमण अभियान में रामपुरहाट के जिलाधिकारी सौरव पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष सौमेन भकत और रामपुरहाट पुलिस स्टेशन आईसी मौजूद थे।

बोलपुर नगर निगम
रामपुरहाट नगर निगम के साथ-साथ बोलपुर नगर निगम ने भी गुरुवार को अवैध ‘अतिक्रमण’ को हटाने का अभियान शुरू किया। नगर पालिका ने बोलपुर हाई स्कूल और श्रीनिकेतन इलाके में जेसीबी से फुटपाथ तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। वहां बोलपुर थाने की पुलिस भी है।