कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कोविड-19 महामारी के दौरान प्रतिक्रिया को लेकर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान के चुरू में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वायनाड सांसद ने कहा कि जब लोग बीमारी से मर रहे थे तो पीएम ने लोगों से बर्तन बजाने के लिए कहा। राहुल ने दावा किया कि नरेंद्र मोदी ने कहा था- कालाधन नहीं मिटा तो मुझे फांसी दे दो…कोरोना के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था- मोबाइल फोन का टॉर्च जलाओ, बर्तन बजाओ।राहुल ने साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस को वोट देंगे तो गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों को फायदा होगा।उन्होंने नोटबंदी कर सभी छोटे व्यापारियों को खत्म कर दिया। जिधर देखो अडानी जी कोई न कोई बिजनेस कर रहे हैं- एयरपोर्ट, बंदरगाह, सीमेंट प्लांट, सड़कें सब उन्हीं की हैं।वे अडानी की मदद करते हैं, अडानी पैसा कमाते हैं और उस पैसे को विदेश में इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस नेता ने साफ तौर पर कहा कि हम यहां गरीबों की सरकार चलाते हैं, आपकी रक्षा करते हैं। नरेंद्र मोदी जी ने जीएसटी लागू किया। भारत में पहली बार किसानों को टैक्स देना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि किसानों ने कहा- यह हमारा नहीं, अडानी-अंबानी का कानून है। अंत में किसानों के साथ कांग्रेस ने मिलकर इस काले कानून को खत्म किया।
सरकार में अदाणी नंबर-एक, पीएम मोदी नंबर-दो : राहुल
विपक्षी नेताओं की तरफ से मंगलवार सुबह दावा किया गया कि उनके फोन में सरकार-प्रायोजित हैकिंग से जुड़े चेतावनी संदेश आए। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई लोगों को ऐसे संदेश आए हैं। इनमें केसी वेणुगोपा, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा शामिल हैं।राहुल ने कहा पहले मैं सोचता था कि सरकार में नंबर-1 प्रधानमंत्री हैं, दूसरे पर अदाणी और तीसरे पर अमित शाह हैं, लेकिन ये गलत है। सरकार में नंबर-1 अदाणी हैं, पीएम मोदी दूसरे नंबर पर हैं और अमित शाह तीसरे पर।राहुल गांधी ने आगे कहा कि जितनी टैपिंग करनी हो कर लो। मुझे फर्क नहीं पड़ता। अगर आपको मेरा फोन चाहिए तो मैं अपना फोन दे देता हूं आपको।
अदाणी के खिलाफ बोलने के लिए मैं खुद हीरानंदानी को पैसे देती: महुआ
पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों से घिरीं तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने एक इंटरव्यू में अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अदाणी के खिलाफ बोलने के लिए दर्शन हीरानंदानी को उन्हें पैसे देने की जरूरत नहीं है। वह खुद अदाणी के खिलाफ बोल सकती हैं। यहां तक कि अदाणी के खिलाफ बोलने के लिए मैं दर्शन हीरानंदानी को पैसे दे सकती हूं।
निशिकांत दुबे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अभी तक इस पूरे मामले पर किसी मीडियो को इंटरव्यू नहीं दिया है और संसद की गरिमा बनाए रखी है। भाजपा सांसद ने महुआ मोइत्रा के दावों पर कहा कि दर्शन हीरानंदानी ने हलफनामा देकर उन्हें कीमती सामान और अन्य खर्चे वहन करने की बात स्वीकारी है।
দেশের উন্নয়নে যেমন কিষানদের চাই, তেমনই চাই আম্বানি-আদানিদের: Mamata Banerjee
News Desk: দেশের উন্নয়নের জন্য যেমন কিষানদের (Farmer) চাই, তেমনই চাই আম্বানি-আদানিদের (Ambani-Adani) মত শিল্পপতিদের। দেশের উন্নয়ন (Development) ও অগ্রগতির জন্য যেমন হিন্দুদের প্রয়োজন, তেমনই প্রয়োজন মুসলিম, বৌদ্ধ, শিখ, খ্রীস্টান পারসিক ও জৈনদের। বুধবার মুম্বই সফররত মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় (Mamata Banerjee) এই মন্তব্য করেন। বিশিষ্ট সমাজকর্মী মেধা পাটকরের এক প্রশ্নের উত্তরে এই মন্তব্য করেছেন বাংলার মুখ্যমন্ত্রী মমতা।
মেধা এদিন মমতাকে বলেন উদার অর্থনীতি, বেসরকারিকরণ, বাণিজ্যিকীকরণ গোটা দেশে আমূল পরিবর্তন ঘটিয়েছে। কৃষিক্ষেত্রে কর্পোরেট পুঁজির অনুপ্রবেশ কৃষকদের চরম সঙ্কটের মুখে ঠেলে দিয়েছে। এই অবস্থা থেকে বেরিয়ে আসতে আপনার ভবিষ্যৎ পরিকল্পনা কি?
মেধার এই প্রশ্নের উত্তরেই মমতা বলেন, দেশ চালাতে গেলে সকলকেই দরকার আছে। দেশের উন্নয়ন ও অগ্রগতির জন্য যেমন কৃষকদের প্রয়োজন আছে তেমনই আম্বানি-আদানিদের মত শিল্পপতিদেরও প্রয়োজন আছে। প্রয়োজন আছে আরও বেশি শিল্পায়ন ও কর্মসংস্থানের। একইসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রী এদিন বলেন, গরীব ও দুঃস্থ মানুষের খারাপ হয় এমন কোনও কাজ তিনি করেন না এবং করতে দেবেন না। দেশের প্রতিটি প্রান্তিক মানুষের যাতে ভাল হয় সেটা সেটা নিশ্চিত করাই তাঁর একমাত্র লক্ষ্য।
আগামী দিনে দেশ ও রাজ্যের উন্নয়নে তাঁর পরিকল্পনা কী? এই প্রশ্নের উত্তরে মমতা বলেন, সবার আগে দেশ থেকে বিজেপিকে হঠানো দরকার। বিজেপি ক্ষমতা থেকে সরে গেলে অনেক সমস্যাই মিটে যাবে। আম্বানি-আদানিদের মত শিল্পপতিদের বিষয়ে মমতার বক্তব্যকে তীব্র কটাক্ষ করেছেন সিপিএমের পলিটব্যুরোর সদস্য বৃন্দ কারাট।
বৃন্দা বলেন, মমতার রাজনীতি দ্বিচারিতায় ভরা। উনি সবসময় মুখোশ নিয়ে রাজনীতি করেন। মাঝে মধ্যে সেটা খসে গিয়ে মমতার আসল চেহারা বেরিয়ে পড়ে। মমতা আম্বানি- আদানিদের বিরুদ্ধে কথা বলবেন কীভাবে! ওঁর দলের সিন্দুকের চাবি কাঠি তো ওই সমস্ত শিল্পপতিদের হাতে।


