भोपाल में क्रैकेन कैफे कुलिनरी के यूनिक लाउंज की भव्य शुरुआत!

भोपाल : क्रैकेन कैफे कुलिनरी का यूनिक लाउंज भोपाल शहर में अपने तरीके का अनोखा डेस्टिनेशन है। यह माइंड फ्रेश और तरोताजा होने के लिए एक अलग शांत ज़ोन वाला गंतव्य स्थल है। जीवन के दैनिक दिनचर्या के शेड्यूल से अलग हटकर इससे मुक्त और रिफ्रेश होने के लिए यह विशेष रूप से आपके लिए तैयार किया गया एक अनूठा प्लेटफ़ॉर्म है। यह आकर आप खुद को फिर से रीबूट करने के साथ खुद में नई ऊर्जा भरकर तरोताजगी का अनुभव करेंगे। रिफ्रेशमेंट के लिए यह बिल्कुल सटीक डेस्टिनेशन है।

लॉन्च इवेंट में बोलते हुए क्रैकेन कैफे कुलिनरी लॉन्च के व्यवसायी और मालिक ईशान शुक्ला ने कहा, “मैंने इस कैफे के जरिए एक अनूठी गो टू एस्केप ज़ोन की अवधारणा बनाई और क्यूरेट की, जिसमें एक साफ-सुथरा माहौल के साथ रेगुलर दिनचर्या से ब्रेक लिया जा सकता है – यहां आराम करने, पार्टी करने या बस खुद को डेली लाइफ से बाहर निकालने की अचानक इच्छा करने वालों के लिए यह परफेक्ट डेस्टिनेशन है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दिवाली से ठीक पहले भोपाल के लोग मेरा यह उपहार अवश्य पसंद करेंगे और यह कैफे को रिफ्रेशमेंट के लिए अपना गंतव्य स्थल बनाएंगे।”

ईशान शुक्ला एक लेखक और शेफ हैं, जिन्हें रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय बाल श्री सम्मान मिला है।

कुलिनरी लाउंज के स्वादिष्ट भोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उत्तीर्ण है, जिसमें विशेष कॉन्टिनेंटल, भारतीय और एशियाई व्यंजन अपने वर्ग में अगले संस्करण में हैं। कैफे का भीतरी भाग यहां आनेवाले ग्राहकों का गर्मजोशी से स्वागत करने, दोस्ताना और आरामदायक माहौल प्रदान करने के लिए बनाया गया हैं।

यहाँ बाहरी दुनियां से हटके माहौल में बनाई गई सुगंधित कॉफी, सिग्नेचर ताज़ी बेक्ड हाई फ्लेवर क्रैकन चॉकलेट चिप कुकीज़ सहित कई तरह के व्यंजनों के साथ लोगों को रिफ्रेश करती है। अक्सर जब आप क्रैकन कैफ़े कुलिनरी लाउंज में प्रवेश करते हैं, तो आपको इन ठंडी सुगंधों से स्वागत किया जाता है, जो आपको रीबूट और रिफ्रेश के मोड में जाने के लिए मजबूर कर देती हैं।

अपने जुनून और प्रतिभा के साथ ईशान ने भोपाल के नीलबड़ इलाके में क्रैकन कैफ़े पाककला लाउंज खोला है। “क्रैकन कैफ़े कुलिनरी लाउंज सिर्फ़ एक और रेस्तराँ और बार नहीं है, यह आपके दोस्तों के साथ घूमने-फिरने का एक बेहतरीन स्थान है। हमारे पास इनडोर गेम और एक लाइब्रेरी भी है।” “ईशान शुक्ला ने कहा “क्रैकन कैफे कुलिनरी लाउंज एक सुखद अनुभव प्रदान करने को पूरी तरह से तैयार है। हमारी पूरी उम्मीद है कि एक बार यहां पधारने वाले को यहां बार- बार आने की आदत बन जाएगी”

मप्र में बीजेपी स्वीप की तरफ, शिवराज चार लाख और सिंधिया 3.88 लाख वोटों से आगे

भोपाल : लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 सीटों के लिए 52 जिला मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह मतगणना शुरू हुई। दोपहर एक बजे तक के मतगणना रुझानों में भोपाल, इंदीर, गुना, टीकमगढ़, मंदसौर और खजुराहो समेत भाजपा सभी 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। गुना संसदीय सीट से केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 3.88 लाख वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चार लाख मतों की लीड ले रखी है। वहीं, राजगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजिय सिंह और छिंदवाड़ा से नकुलनाथ काफी पिछड़ गए हैं।

विदिशा संसदीय क्षेत्र में रायसेन, विदिशा और सीहोर जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इस सीट पर भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस से प्रताप भानु शर्मा सहित 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि मतगणना स्थल शासकीय पोलिटेक्निक कॉलेज में होशंगाबाद के संसदीय क्षेत्र उदयपुरा विधानसभा, संसदीय क्षेत्र विदिशा के विधानसभा भोजपुर, सांची तथा सिलवानी की मतगणना की जा रही है। अब तक विदिशा संसदीय सीट पर 10 राउंड की गिनती पूरी हो गई है। जिसमें भाजपा से प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चार लाख से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान को अब तक 5 लाख 59 हजार 465 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ एक लाख 42 हजार 608 वोट ही मिले हैं।

वहीं, लोकसभा निर्वाचन-2024 के तहत गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले की 8 विधानसभाओं की मतगणना तीनों जिला मुख्यालय पर हो रही है। गुना-शिवपुरी लोकसभा चुनाव में 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस से राव यादवेंद्र सिंह यादव के बीच मुख्य मुकाबला है। यह 11 राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है। इसमें सिंधिया कांग्रेस उम्मीदवार से 3.88 लाख वोटों से आगे चल रहे हैं। गुना-शिवपुरी सीट पर 2019 से भाजपा का कब्जा है। इस बार भी भाजपा की जीत पक्की मानी जा रही है। इससे पहले लंबे समय से कांग्रेस का कब्जा रहा था।

छिंदवाड़ा से भाजपा के बंटी साहू आगे, कांग्रेस के नकुलनाथ एक लाख 17 हजार वोटों से पीछे छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के बंटी साहू आगे चल रहे हैं। यहां से कांग्रेस के नकुलनाथ 17 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा ने पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि छिंदवाड़ा की जनता जो फैसला करती है, मुझे स्वीकार है। राजगढ़ लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रोड़मल नागर 24 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह पीछे चल रहे हैं। वहीं, दोपहर 12:30 बजे तक इंदीर लोकसभा सीट पर लगभग 10 लाख मतों की गिनती पूरी हो चुकी है।

भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी 8 लाख 60 हजार मत लेकर सबसे आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर बसपा के संजय सोलंकी है उन्हें लगभग 37000 मत प्राप्त हुए है। इंदीर ने इस बार नोटा को लेकर भी रिकॉर्ड बनाया है। अब तक इंदौर में नोटा को एक लाख 51 हजार मत प्राप्त हो चुके हैं। यह देशभर में नोटा को किसी भी चुनाव में मिले सबसे ज्यादा मत है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 3:30 बजे तक मतगणना पूर्ण हो जाएगी। अभी भी इंदीर में लगभग 5:50 लाख मतों की गिनती होना शेष है।

बैतूल सीट पर भाजपा उम्मीदवार आगे बैतूल संसदीय क्षेत्र में सात चरण की मतगणना के बाद बीजेपी प्रत्याशी दुर्गादास उईके एक लाख 88 हजार 938 वोट से आगे चल रहे हैं। सात चरण में हुई मतों की गिनती में बीजेपी के दुर्गादास उइके को कुल चार लाख 1 हजार 371 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को सात चरण में कुल दो लाख 12 हजार 433 वोट प्राप्त हुए हैं। सागर में लता की लीड 2 लाख के पारसागर लोकसभा क्षेत्र में अब तक वोटों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी डा. लता वानखेड़े 2 लाख 19 हजार 113 मतों से आगे हैं। लता वानखेड़े को 375957 मत मिले हैं। वहीं चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा को 156844 मत मिले हैं।

Madhya Pradesh: ৪০০ বছরে ওই গ্রামে কোন শিশুর জন্ম হয়নি

Sanka Shyam Ji village

নিউজ ডেস্ক: নিয়ম নেই গ্রামের মধ্যে কোনও শিশুর জন্ম (child birth) দেওয়ার। ৪০০ বছর ধরে এমনই প্রথা চলে আসছে চলে আসছে মধ্যপ্রদেশের এক গ্রামে । কুসংস্কার এই পর্যায়ে পৌঁছে গিয়েছে যে, গ্রামের লোকজন বিশ্বাস করে এই গ্রামের ভেতরে কোনও মা তাঁর সন্তানের জন্ম দিলে, মা এবং সন্তান উভয়েরই মৃত্যু হবে। না হলে ভূমিষ্ঠ হবে বিকলাঙ্গ সন্তান ।

একবিংশ শতাব্দীতে আজকের আধুনিক যুগেও ৪০০ বছর ধরে এই অন্ধবিশ্বাস বহন করে আসছে মধ্যপ্রদেশের (Madhya Pradesh) সানকা শ্যামজি গ্রাম। স্থানীয় তথ্য অনুযায়ী, শেষবার কোনও মহিলা গ্রামেই সন্তানের জন্ম দিয়েছিলেন ৪০০ বছর (four hundred years ago) আগে। স্থানীয়রা বিশ্বাস করে যে, তাদের গ্রাম “অভিশপ্ত” এবং যদি কোনও মহিলা এখানে সন্তানের জন্ম দেন তাহলে তার সঙ্গেই অভিশাপ নেমে আসবে গোটা গ্রামে।

রাজ্যের রাজধানী ভোপাল (bhopal) থেকে প্রায় ১৩০ কিলোমিটার দূরে রাজগড়ের সানকা শ্যামজি গ্রামে কোনও লিখিত নিয়ম নেই। তবে গ্রামের মধ্যে মহিলাদের সন্তান প্রসবেরও কোনও অনুমতি নেই। তাই পরিবার ও সন্তানের মঙ্গল কামনায় মহিলাদের সন্তানের জন্ম দিতে যেতে হয় নিজেদের গ্রামের সীমানা ছাড়িয়ে অন্য কোনও গ্রামে। সেখানে সন্তানের জন্ম দেওয়ার পর গ্রামের মুরুব্বিদের অনুমতি নিয়ে তবেই মা ও সন্তান গ্রামে প্রবেশের ছাড়পত্র পায় ।

গ্রামের সরপঞ্চ জানান, এখন অবশ্য বেশিরভাগ প্রসবই হয় হাসপাতালে। সেক্ষেত্রে শিশুর জন্ম এলাকার গ্রামীণ হাসপাতালে না হয়ে গ্রামের বাইরের কোনও হাসপাতালে হয়। জরুরি ক্ষেত্রে, এমনকী, খারাপ আবহাওয়াতেও মহিলাদের সন্তান প্রসবের জন্য গ্রামের বাইরে নিয়ে যাওয়া হয়। অন্ধ বিশ্বাসের এমনই চাপ। অবাক করার বিষয় হল, স্থানীয় প্রশাসনও গ্রামবাসীদের সচেতনতা বাড়াতে তেমন কোনও উদ্যোগ নেয়নি। ফলে এই অযৌক্তিক প্রথা শেষ হওয়ারও কোনও লক্ষণ নেই মধ্যপ্রদেশের এই অখ্যাত গ্রামে।

Bhopal: ঋণের দায়ে আত্মঘাতী একই পরিবারের ৫ জন

Bhopal debt-ridden family's suicide bid

News Desk, Bhopal: টাকার জন্য পাওনাদারদের মাত্রাতিরিক্ত চাপের কারণে বিষ খেয়ে আত্মঘাতী (suicide) হলেন একই পরিবারের ৫ জন। আত্মহত্যা করার আগে বন্ধু ও আত্মীয়দের হোয়াটসঅ্যাপ গ্রুপে (whatsapp group) ১৩ পাতার একটি সুইসাইড নোট এবং পাওনাদারদের নাম লিখে রেখে গিয়েছে ওই পরিবারটি।

এমনকী, আত্মহত্যা করার আগে ঘরের দেওয়ালেও তাঁরা লিখে রেখে গিয়েছেন পাওনাদারদের নাম। একই সঙ্গে তাঁরা লিখেছেন, “আমরা বিচার চাই (we want justice)। আমরা ভীত (affraid) নই, কিন্তু কোনও উপায় না থাকায় আমরা বাধ্য হয়ে আত্মঘাতী হচ্ছি।” গত সপ্তাহে চাঞ্চল্যকর এই ঘটনাটি ঘটেছে মধ্যপ্রদেশের ভোপালে (Bhopal)।

পুলিশ জানিয়েছে, রীতিমতো পরিকল্পনা করেই বৃহস্পতিবার সকালে ভোপালের ওই পরিবারের ৫ সদস্য আত্মহত্যা করেছেন। প্রথমে তাঁরা পোষ্য দুই সারমেয়কে বিষ খাইয়ে মেরে ফেলেন। এরপর তাঁরা নিজেরাও বিষ পান করেন। পাওনাদারদের হাতে হেনস্তা হওয়ার কারণেই তারা এই চরম সিদ্ধান্ত নিয়েছেন। মৃত্যুর আগে পরিবারের সকলে মিলে একটি সেলফিও তোলেন। এই ঘটনায় পুলিশ এখনও পর্যন্ত চারজনকে গ্রেফতার করেছে। ওই পরিবারটির আত্মহত্যার ঘটনায় রবিবার একটি ভিডিও সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়ে।

আত্মঘাতী পরিবারটির কর্তার নাম সঞ্জীব জোশী। সঞ্জীবের স্ত্রী অর্চনা। ওই ভিডিয়োতে অর্চনা জানিয়েছেন, তাঁদের বসতবাড়িটি ছাড়াও আরও তিনটি জমি রয়েছে। তাঁরা চেয়েছিলেন জমি-বাড়ি বেচে ঋণ পরিশোধ করে দেবেন। কিন্তু তাদের সেই সুযোগ ও সময় দেওয়া হয়নি। অর্চনা বলেছেন, তাঁদের বাড়িটির দাম ছিল ৫২ লক্ষ টাকা। কিন্তু দ্রুত ঋণ পরিশোধ করার জন্য তাঁরা ২২ লাখ টাকায় বাড়ি বিক্রির জন্য চুক্তিও করে ফেলেছিলেন। কিন্তু বাড়ির সামনে প্রতিদিনই পাওনাদাররা এসে ঝামেলা করতো, তাই তাঁরা বাধ্য হয়ে আত্মহত্যার সিদ্ধান্ত নিয়েছেন।

ওই ভিডিয়োয় অর্চনা আরও বলেছেন, তাঁরা প্রথমে ভেবেছিলেন তিনি এবং তাঁর স্বামী সঞ্জীব আত্মঘাতী হবেন। কিন্তু পরে তাঁরা ভেবে দেখেন যে, তাঁদের মৃত্যুর পর ছেলে মেয়েরা চরম কষ্টে পড়বে। সে কারণেই পরবর্তী ক্ষেত্রে তিন ছেলে-মেয়েকেও মেরে ফেলার সিদ্ধান্ত নেন। ইতিমধ্যেই মৃত পরিবারটির আত্মীয়রা পাওনাদারদের নামে পালানি থানায় একটি অভিযোগ দায়ের করেছেন।

পুলিশ এই ঘটনার তদন্ত শুরু করেছে। পুলিশ জানিয়েছে, যদি দেখা যায় পাওনাদারদের হাতে নিগৃহীত হওয়ার কারণেই ওই পরিবারটি চরম সিদ্ধান্ত নিয়েছে তবে অভিযুক্তদের কাউকেই ছাড়া হবে না।

ভোপালের হাসপাতালে ভয়াবহ আগুন, পুড়ে মৃত ৪ শিশু

bhupal

News Desk: ভয়াবহ আগুন ভোপালের কমলা নেহরু (kamala nehru child hospital) শিশু হাসপাতালে। অগ্নিকাণ্ডের এই ঘটনায় এখনও পর্যন্ত চারজন শিশুর মৃত্যু হয়েছে বলে জানা গিয়েছে।

আগুন লাগার খবর ছড়িয়ে পড়তেই হাসপাতাল চত্বরে তীব্র আতঙ্ক ছড়ায়। অনেক রোগীই ভয় পেয়ে ছুটোছুটি শুরু করেন। খবর পেয়ে রাতেই ঘটনাস্থলে পৌঁছন রাজ্যের মন্ত্রী বিশ্বাস সরং (biswas sarang)। কী কারণে এই আগুন লাগল তা এখনও জানা যায়নি। তবে দমকলের অনুমান, খুব সম্ভবত শর্ট সার্কিট থেকে আগুন লেগেছে।

মন্ত্রী বিশ্বাস সরং জানিয়েছেন, সোমবার রাতে ভোপালের (bhopal) কমলা নেহরু হাসপাতালের স্পেশাল নিউবর্ন ওয়ার্ডে আগুন লাগে। ওই আগুনে ৪ সদ্যজাত শিশুর পুড়ে মৃত্যু হয়েছে। মনে করা হচ্ছে শর্টসার্কিট থেকেই আগুন লেগেছে। এই অগ্নিকাণ্ডের ঘটনায় উচ্চপর্যায়ের তদন্তের নির্দেশ দিয়েছেন মধ্যপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ সিং চৌহান (shibraj sing chouan)।

স্থানীয় সংবাদমাধ্যম জানিয়েছে ওই হাসপাতালের শিশু বিভাগের কমপক্ষে ৬০ জন শিশু ভর্তি ছিল। সোমবার রাতের ওই অগ্নিকাণ্ডের ঘটনায় পুড়ে মৃত্যু হয়েছে চারটি শিশুর। বেশ কয়েক জন জখম হয়েছে। তবে ওই ওয়ার্ডে ভর্তি থাকা অন্য শিশুদের অত্যন্ত দ্রুততার সঙ্গেই সরিয়ে নেয় হাসপাতাল কর্তৃপক্ষ মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ সিং চৌহান এদিন বলেছেন, ভোপালের কমলা নেহরু হাসপাতালে আগুন লেগে চারটি শিশুর মৃত্যুর ঘটনা অত্যন্ত দুঃখজনক। কী কারণে এই আগুন লাগল তা জানতে উচ্চ পর্যায়ের তদন্ত করা হবে। একইসঙ্গে

মুখ্যমন্ত্রী মৃতদের পরিবারকে ৪ লাখ টাকা করে ক্ষতিপূরণ দেওয়ার কথা ঘোষণা করেছেন।
মঙ্গলবার সকালে ফতেহগড় ফায়ার স্টেশনের ইনচার্জ জুবের খান জানান, সোমবার রাত সাড়ে নটা নাগাদ প্রথম আগুন লাগে। আগুন নেভাতে ঘটনাস্থলে যায় দমকলের ১০টি ইঞ্জিন। বেশ কয়েক ঘণ্টার চেষ্টায় আগুন নিয়ন্ত্রণে আসে। কী কারণে এই আগুন লাগল তা এখনও স্পষ্ট নয়। তবে অনুমান করা হচ্ছে শর্টসার্কিট থেকে আগুন লেগে থাকতে পারে। উল্লেখ্য, গত সপ্তাহেই আমেদাবাদ সিভিল হাসপাতালে আগুন লেগে ১১ জন করোনা রোগী প্রাণ হারিয়েছিলেন। জখম হয়েছিলেন আরও আটজন।

MP: প্রকাশ্যে মহিলার বোরখা খুলিয়ে ‘ধর্ম পরিচয়’ নিশ্চিত করল যুবকরা

Mob forces woman to remove burqa in Bhopal

নিউজ ডেস্ক: বিতর্কিত একটি ভিডিও ভাইরাল হতে শুরু করেছে। সেই ভিডিওতে দেখা যাচ্ছে এক মহিলার বোরখা প্রকাশ্যে খুলিয়ে তাঁর ‘ধর্ম পরিচয়’ নিশ্চিত করতে চাইছে কয়েকজন যুবক। ঘটনার কেন্দ্র মধ্যপ্রদেশের রাজধানী ভোপালের।

এনডিটিভি প্রতিবেদনে বলা হয়েছে, শনিবার ভোপালের ইসলাম নগর এলাকায় ওই মহিলা আর একজনের বাইকে চেপে যাচ্ছিলেন। স্থানীয় কয়েকজন তাদের আটকে জানতে চান, ওই মহিলা কি আদৌ মুসলমান? বারবার মহিলা দাবি করেন তিনি মুসলমান।

ভিডিওতে স্পষ্ট উঠে এসেছে, যুবকরা বলছেন, মহিলা আদৌ তাঁদের ধর্মাবলম্বী নয়। বাদানুবাদের মাঝে মহিলাকে জবরদস্তি বোরখা খুলতে বাধ্য করা হয়। প্রকাশ্যেই মহিলা বোরখা খুলে দিতে বাধ্য হন। এরপর তাঁর মুখ থেকে হিজাবের অংশটি খুলতে বলা হয়। মহিলা রাজি হননি। তখন শুরু হয় ধমক। একসময় মহিলা কেঁদে ফেলেন।

এনডিটিভি আরও জানাচ্ছে,স্থানীয় কয়েকজন মহিলা এসে বাইক আরোহী মহিলারা সঙ্গে তর্ক জুড়ে দেন। এই ভিডিও ভাইরাল হতে শুরু করেছে। অভিযোগ, ভোপালের ইসলাম নগর এলাকার কয়েকজন যুবক দাবি করেন, ওই মহিলা বোরখা পরে তাদের ধর্মকে অপমান করছেন। ভিডিওতে শোনা যাচ্ছে সেকথা। মহিলার সঙ্গী বাইক চালক বারবার বলছেন যে তারা মুসলমান। তবে তাঁর কথা শুনছেন না ঘেরাওকারীরা। অভিযোগ, নীতি পুলিশের দাপট চলছে এমনই। তবে এই ঘটনায় কোনও পুলিশি অভিযোগ হয়নি।

কোভিডে মৃতদের চিতাভস্ম দিয়ে পার্ক তৈরি হচ্ছে ভোপালে

নিউজ ডেস্ক: করোনার দ্বিতীয় ঢেউ আছড়ে পড়তেই লাশের স্তূপ জমা হয়েছিল ভোপাল-সহ মধ্যপ্রদেশের বিভিন্ন জায়গায়। শুধু মধ্যপ্রদেশই নয়, দেশের বিভিন্ন জায়গাতেও করোনায় মৃতদের অন্ত্যেষ্টি করতে রীতিমতো ঝক্কি পোহাতে হয়েছে পরিবার-পরিজনদের। এমনই পরিস্থিতি তৈরি হয়, যে কবরস্থানে জায়গা সঙ্কুলান হচ্ছিল না। শ্মশানে দিন–রাত চুল্লি জ্বালিয়েও দাহ শেষ করা যায়নি। ১৯৮৪ সালে ঘটে যাওয়া ভোপাল গ্যাস দুর্ঘটনার সঙ্গে যেই পরিস্থিতির ভয়ঙ্কর মিল রয়েছে বলে দাবি করেছিলেন মধ্যপ্রদেশের বাসিন্দারা। অনেকেই জানিয়েছিলেন ভোপাল গ্যাস ট্রাজেডির পর এই প্রথম এভাবে সারি সারি মৃতদেহের শেষকৃত্য হচ্ছে।

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ভোপালের ভাদভাদা বিশ্রাম ঘাটে মার্চ থেকে জুন, এই তিন মাসে ৬ হাজার দেহ পোড়ানো হয়েছে। সেই সময় ভোপালের ভাদভদা শ্মশানের এক কর্মী জানিয়েছিলেন, প্রত্যেক দিন ১০০-১৫০ কুইন্টাল কাঠ কেটেও পরিস্থিতি সামাল দিতে পারছেন না তাঁরা। কাঠ কেটে হাতে ফোস্কা পড়ে গিয়েছে তাদের। ‘শারীরিক এবং মানসিক ভাবে দুর্বল হয়ে পড়েছেন। এত দেহ আসছে যে খাওয়ার সময় পর্যন্ত পাচ্ছেন না।’’ একইসঙ্গে অভিযোগ উঠেছিল, মধ্যপ্রদেশ সরকারের তরফে সেখানকার করোনা আক্রান্ত ও তাতে মৃত্যুর পরিসংখ্যান গোপন করা হচ্ছে।

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অন্যদিকে অন্ত্যেষ্টির পর কোভিড বিধির কারণে অনেক পরিবারই চিতাভস্ম নিয়ে নিয়ে জলে ভাসাতে পারেনি। ভাদভাদা শ্মশানেই জমে রয়েছে প্রায় ২১ ট্রাক চিতাভস্ম। এই চিতাভস্মকেই এবার কাজে লাগাতে চায় মধ্যপ্রদেশ প্রশাসন। সেই চিতাভস্মের সঙ্গে মাটি, গোবর, কাঠের গুঁড়ো, বালি মিশিয়ে কোভিডে মৃতদের স্মৃতিতে এবার তৈরি হবে পার্ক। মৃতের পরিবার চাইলে প্রিয়জনের স্মৃতিতে চারা রোপণ করতে পারবেন সেই পার্কে।