जादू-टोने के शक में दो आदिवासी महिलाओं की निर्वस्त्र कर पीट-पीट कर हत्या

रामपुरहाट :पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के हरिसारा गांव में हुई एक चौंकाने वाली घटना में दो आदिवासी महिलाओं को जादू-टोना करने के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला गया। घटना आदिवासी समुदाय के त्यौहार करम पूजा से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को हुई। महिलाओं के शव हमले के एक दिन बाद पास की नहर से बरामद किए गए।

इस हमले से संबंधित एक वीडियो, जो हमलावरों में से एक के द्वारा बनाया गया है, में देखा जा सकता है कि महिलाओं को निर्वस्त्र कर बार-बार लाठियों से पीटा गया, जब तक कि उन्होंने दम नहीं तोड़ दिया। मृत महिलाओं की पहचान 54 वर्षीय लोदगी किस्कू और 40 वर्षीय डॉली सोरेन के रूप में की गई है।

लोदगी किस्कू के परिवार ने गांव के स्थानीय नेता लक्ष्मीराम किस्कू पर उन्हें जबरन घर से ले जाने और ग्रामीणों को उन पर हमला करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। दूसरी मृत महिला पड़ोसी गांव की डॉली सोरेन थीं, जो लोदगी से मिलने आई थीं, जहां वह भी उनके साथ हिंसा की शिकार बन गईं।

इस मामले को लेकर लोदगी की बेटी रानी किस्कू ने कहा, ‘गांव के नेता लक्ष्मीराम मेरी मां को हमारे घर से ले गए। हमें नहीं पता था कि मेरी मां ने क्या गलत किया है। बाद में, हमने सुना कि उन्होंने मां को मार डाला। अब हमें डर है कि वे लोग हमें भी मार सकते हैं।’

लक्ष्मीराम की पत्नी ने दावा किया, ‘मेरे पति एक देवांशी (स्वयंभू आध्यात्मिक नेता) हैं। वो सो रहे थे, जब मेरा बच्चा लोदगी को देखकर बेहोश हो गया। लोदगी ने कहा कि वह सबका खून पी जाएगी। मेरी चीख सुनकर सब लोग लोदगी को खींचकर दूर ले गए। वह एक राक्षसी थी और उसने हमारे गांव में कई लोगों को नुकसान पहुंचाया था। पूरे गांव ने उसे मार डाला।’

गांव की कई अन्य महिलाओं ने भी इस बात को दोहराया और आरोप लगाया कि दोनों पीड़ित महिलाएं जादू टोना करने के लिए जानी जाती थीं। एक ग्रामीण शर्मिला किस्कू ने कहा, ‘ऐसा माना जाता है कि वे अपने कर्म-कांड़ों के माध्यम से दूसरों को नुकसान पहुंचाती थीं।’

मालूम हो कि इन दोनों महिलाओं पर बेरहमी से हमला किया गया, उन्हें निर्वस्त्र कर बांध दिया गया और उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। उनके मरने के बाद, उनके शवों को अवपित्र मान सिंचाई नहर में फेंक दिया गया। इस हमले में कथित तौर पर कई ग्रामीण, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं,

हाल के वर्षों में बीरभूम में कई बार ऐसी हिंसा की खबरें आई हैं, जिसमें महिलाओं को अक्सर जादू-टोना करने का आरोप लगाकर मार दिया जाता है या घर से निकाल दिया जाता है। वहीं, शांतिनिकेतन के पास के गांवों में डायन-बिसाही के नाम पर परिवारों को घरों को छोड़कर जाते हुए देखा गया, जिसके बाद उनके घरों पर कब्जा कर लिया गया। कुछ आदिवासी क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति बढ़ते देखी जा रही है।

गौरतलब है कि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई वह मयूरेश्वर पुलिस थाने के अंतर्गत आता है, जो लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का संगठनात्मक गढ़ रहा है। दशकों से हिंदुत्ववादी समूह यहां सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जो कथित तौर पर आदिवासी आबादी के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए जादू-टोना जैसी प्रथाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। वनवासी कल्याण आश्रम और सरस्वती शिशु मंदिर जैसे संगठन, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के साथ, 30 वर्षों से अधिक समय से इस क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं।

इस संबंध में, आदिवासी अधिकार मंच के एक स्थानीय आदिवासी नेता सुफल मुर्मू ने कहा, ‘इस तरह की हिंसा पहले आम नहीं थी, लेकिन अब इन क्षेत्रों में यज्ञ और पूजा अनुष्ठान जैसी हिंदू प्रथाएं तेजी से प्रचलित हो रही हैं। इसके पीछे राजनीतिक मंशा स्पष्ट है। ऐसी क्रूर हत्याओं से आदिवासी समुदायों को न्याय कैसे मिल सकता है, जब वास्तव में फैसले कहीं और से लिए जाते हों?’

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता धीरेंद्र नाथ बंदोपाध्याय ने कहा, ‘यहां ‘देवांशी’ जैसी कोई चीज नहीं है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गांवों में इन चीजों को रोका नहीं जा रहा है।’ बहरहाल, मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है।

उत्तर बंगाल में हाल बेहाल, दक्षिण बंगाल में आज से होगी मूसलाधार बारिश

कोलकाता: आज 14 जून है। कैलेंडर के मुताबिक मॉनसून आ चुका है, लेकिन मौसम में अभी कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। कई जिलों में लू जैसी स्थिति है। तापमान 40 डिग्री के पार जा रहा है। ऐसे समय में, मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल में बारिश से राहत की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार(14 जून) से दक्षिण के कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

अलीपुर मौसम विभाग के अनुसार कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा भी चल सकती है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। लेकिन गर्मी से राहत पाने में अभी दो दिन और लगेंगे। क्योंकि, शुक्रवार को सात जिलों में बारिश के साथ-साथ लू चलने की भी आशंका है। पश्चिमी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्वी बर्दवान, पश्चिमी बर्दवान और बीरभूम में लू चल सकती है। इनमें से कुछ जिलों में शनिवार को भी लू चल सकती है।

हालांकि, मौसम विभाग ने कहा कि दिन में लू चलने के बावजूद कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि शनिवार के बाद राज्य में कहीं और लू चलने की संभावना नहीं है। जबकि रविवार से उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है।

एक तरफ दक्षिण बंगाल जहां गर्मी से बेहाल है, वहीं उत्तर बंगाल में बारिश से इलाके सराबोर हैं। वहां मॉनसून प्रवेश कर चुका है। उत्तरी जिलों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका है।

भारी बारिश के कारण पहाड़ों में भूस्खलन हुआ है। सिक्किम में कई पर्यटकों के तेज बारिश में फंसने की खबर आ रही है। तीस्ता नदी उफान पर है। इस बीच, मौसम विभाग के मुताबिक आज शुक्रवार को भी अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कलिम्पोंग में भारी बारिश होने की संभावना है। इन तीनों जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इसके अलावा दार्जिलिंग और कूचबिहार में भी भारी बारिश का अनुमान है। अगले मंगलवार तक उत्तर बंगाल के इन पांच पहाड़ी जिलों में बारिश जारी रहेगी। हालांकि कई जिलों में 7 से 20 सेमी तक बारिश हो सकती है। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

TMC: ‘মমতার আশ্বাসে বিশ্বাস নেই’ দেউচা-পাঁচামি কয়লাখনির বাসিন্দাদের ক্ষোভ বাড়ছে

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News Desk: ‘মুখ্যমন্ত্রী মমতার আশ্বাসবাণীতে আমাদের বিশ্বাস নেই। তিনি অনেক কিছু বলেন, কিন্তু হয় না।’ শাসকদল তৃণমূল কংগ্রেসে বিরাট ঘাঁটি বীরভূম থেকে ভেসে আসছে এমন ক্ষোভের বার্তা।

রাজ্য সরকার যে দেউচা-পাঁচামি কয়লা খনি প্রকল্প রূপায়ণে পুনর্বাসন পরিকল্পনা ঘোষণা করেছে তাতে বিশ্বাস নেই এলাকার বহুলাংশ বাসিন্দাদের। তাঁদের অনেকেই অভিযোগ, যেভাবে ‘বিরোধী নেত্রী থাকার সময় মমতা সিঙ্গুর থেকে টাটা মোটরসকে তাড়িয়েছিলেন’ তার পরে তাঁর কোনও শিল্প পরিকল্পনা বিশ্বাসযোগ্যতা হারিয়েছে।

দেশের সবথেকে বড় কয়লা ব্লকগুলির একটি বীরভূমের দেউচা পাঁচামি খনি। এটি খোলামুখ খনি। এখানে সরকারি প্রকল্পের ঘোষণা করেছেন মুখ্যমন্ত্রী। তাঁর ঘোষণার পরেই ক্ষোভ পুঞ্জিভূত হতে শুরু করেছে।

সরকারিভাবে জানানো হয়েছে, বীরভূমের মহম্মদবাজার ব্লকের প্রস্তাবিত এলাকায় ৩ হাজার ৪০০ একর জমিতে ১১৯৮ মিলিয়ন টন কয়লা মজুত আছে। এই বিপুল পরিমাণ কয়লা উত্তোলন ও তার জন্য জমি অধিগ্রহণ করবে সরকার।পুনর্বাসন প্রকল্প ঘোষণা করেন মুখ্যমন্ত্রী।

সরকারিভাবে জানানো হয়, মোট ৩৫ হাজার কোটি টাকা বিনিয়োগ হবে। স্থানীয় ১০টি গ্রামের ২১ হাজারের বেশি বাসিন্দাদের পুনর্বাসন, মডেল টাউন ও চাকরি বাবদ ১০ হাজার কোটি টাকা বরাদ্দ করা হয়েছে।

পুনর্বাসন প্রকল্পের কথা স্থানীয় বাসিন্দারা শুনেছেন। তাঁদের দাবি, কলকাতা থেকে প্যকেজ ঘোষণা করলে হবে না। এলাকার প্রত্যেকের সঙ্গে সরাসরি আলোচনা করতে হবে। তাঁদের দাবি ‘ক্ষতিপূরণ কে কতটা পাবেন তার সন্তোষজনক সমাধান চাই। তবেই শিল্প হবে। না হলে আন্দোলন হবে।’

দেউচা পাঁচামি কয়লা খনি গড়তে নোডাল এজেন্সি হিসেবে দায়িত্ব পেয়েছে পিডিসিএল। প্রকল্প গড়তে জমিদাতাদের বিভিন্ন স্বার্থ লঙ্ঘিত হচ্ছে কিনা তার জন্য ৯ সদস্যের কমিটি গঠন হয়েছে। এই কমিটির একজন অভিনেতা পরমব্রত। এলাকাবাসীদের অভিযোগ, কয়লা খনি কী বস্তু তার ধারণা কতটুকু অভিনেতার। সে কী করে আমাদের সমস্যা বুঝতে পারবে? 

বিক্ষোভ জমা হচ্ছে। যে জমি আন্দোলন মমতাকে কুর্সিতে বসিয়েছে। সরকারে থেকে তিনিই এখন জমি আন্দোলনের মুখে পড়ছেন। রাজনৈতিক বিতর্ক চড়তে শুরু করেছে।

Birbhum: ‘তৃণমূলীরাই খুন করেছে’ অভিযোগ মৃত CPIM সমর্থক বাদল শেখের স্ত্রীর

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News Desk: তৃণমূল কংগ্রেসের কয়েকজন এসে ডেকে নিয়ে মারধর করেছিল। হাসপাতালে চিকিৎসা করাতে দেয়নি। তৃণমূলীরাই খুনের জন্য দায়ি। এমনই অভিযোগ করলেন নানুরে খুন হওয়া সিপিআইএম সমর্থক বাদল শেখের স্ত্রী জরিনা বিবি।

বাদল শেখ খুনের ঘটনায় বীরভূম জেলা সিপিআইএমের তরফে তীব্র ক্ষোভ জানানো হয়েছে। দলের রাজ্য সম্পাদক সূর্যকান্ত মিশ্র বলেছেন, নভেম্বর বিপ্লবের বার্ষিকীতে রক্তপতাকা তুলেছিল বলে বাদল শেখকে খুন করা হলো। এই হত্যাকাণ্ডের প্রতিবাদ হবে রাজ্যের সর্বত্র।

উল্লেখ্য বীরভূমের নানুর বিধানসভাটি এবার তৃণমূল কংগ্রেসের দখলে। পরাজিত হন গতবারের বিধায়ক সিপিআইএমের শ্যামলী প্রধান। নির্বাচনী প্রচারে প্রকাশ্যে নির্বাচন কমিশনের ক্যামেরার সামনেই শ্যামলী প্রধানের হাত কেটে নেওয়ার হুমকি দেয় স্থানীয় তৃণমূল কংগ্রেস নেতা। সেই ঘটনায় রাজ্য জুড়ে প্রবল আলোড়ন পড়েছিল। টিএমসি জেলা সভাপতি অনুব্রত মণ্ডল নানুর জয় করতে মরিয়া ছিলেন। জানিয়েছিলেন নানুর তাঁর প্রেস্টিজ আসন। ভোটে বামেরা রাজ্যে শূন্য হয়ে গিয়েছে।

ভোটে পরাজয় হলেও বীরভূম জুড়ে ক্ষেতমজুর সংগঠনের মাধ্যমে কেন্দ্রের বিজেপি সরকারের কৃষি আইনের বিরোধিতা করে আন্দোলন চালাচ্ছে সিপিআইএম। রাজনৈতিক সংঘর্ষ কবলিত নানুর বারবার উত্তপ্ত হয়েছে।

নিহত বাদল শেখ নানুরের পরিচিত বাম সমর্থক। জানা গিয়েছে তিনি প্রতিবছর ১ নভেম্বর নিজের বাড়িতে নভেম্বর বিপ্লব দিবসে দলীয় পতাকা তুলতেন। তাঁর স্ত্রী জরিনা বিবির অভিযোগ, দিনটি পালন না করার হুমকি দিয়েছিল তৃণমূলীরা। সেকথা শোনেনি তার স্বামী।

অভিযোগ, সোমবার সকালে নানুরের বালিগুনি বাসস্ট্যান্ডে বাদল শেখকে ঘিরে নেয় স্থানীয় তৃণমূল কংগ্রেস সমর্থকরা। তারা কৈফিয়ত চায়, কেন বাড়িতে সিপিএমের পতাকা তোলা হয়েছে। বাদল শেখের সঙ্গে শুরু হয় বচসা ও হাতাহাতি। মারধরে অসুস্থ হয়ে পড়েন বাদল শেখ।

জরিনা বিবির আরও অভিযোগ, অসুস্থ স্বামীকে হাসপাতালে নিয়ে যেতে দেয়নি তৃ়ণমূলীরা। বিনা চিকিৎসায় তার মৃত্যু হয়েছে। অভিযোগের জবাবে নিরুত্তর জেলা তৃণমূল কংগ্রেস নেতারা।