गौतम गंभीर ने बुमराह को नेतृत्व के लिए सराहा

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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के पहले टेस्ट से बाहर हो सकते हैं। यह मुकाबला 22 नवंबर से पर्थ में शुरू होगा। रोहित और उनकी पत्नी रितिका सजदेह ने अपने दूसरे बच्चे का स्वागत किया है, जिसके चलते रोहित टीम के साथ नहीं हैं। ऐसे में उप-कप्तान जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को कप्तानी सौंपी जाएगी। यह जानकारी भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने दी।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने बुमराह की लीडरशिप स्किल की तारीफ की और उनकी तुलना ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस से की। कमिंस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2023 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे वर्ल्ड कप जीता था।

रैना का बयान
रैना ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “बुमराह के लिए यह एक नई चुनौती और अवसर है। मुझे लगता है कि वह एक अच्छे लीडर हैं और उनका क्रिकेटिंग माइंड बहुत तेज़ है। गौती भाई (गौतम गंभीर) ने भी कहा है कि बुमराह के पास नेतृत्व की क्षमता है, और मैं इससे सहमत हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “पैट कमिंस ने ऑस्ट्रेलिया के लिए वर्ल्ड कप जीता। बतौर खिलाड़ी और कप्तान वह बेहतरीन हैं। बुमराह भी उस स्तर के करीब हैं। अगर वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के पास एक भविष्य का कप्तान होगा।”

गंभीर की पुष्टि
गंभीर ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जसप्रीत बुमराह उप-कप्तान हैं। अगर रोहित पहले टेस्ट में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो बुमराह टीम की कमान संभालेंगे।”

गंभीर ने रोहित की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “फिलहाल रोहित के पहले टेस्ट से बाहर होने की पुष्टि नहीं हुई है। हम सीरीज़ के शुरू होने पर स्थिति स्पष्ट करेंगे। उम्मीद है कि वह उपलब्ध होंगे।”

भारत के लिए सीरीज़ की अहमियत
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर भारत की करारी हार के बाद, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का रास्ता मुश्किल हो गया है। भारत को फाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए 4-0 से सीरीज़ जीतना जरूरी है।

बुमराह के लिए सुनहरा मौका
जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाजी के मजबूत स्तंभ हैं। रैना ने कहा, “यह उनके लिए ‘गोल्डन अपॉर्चुनिटी’ है। अगर वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भारत को टेस्ट क्रिकेट के लिए एक बेहतरीन भविष्य का कप्तान मिलेगा।”

ऑस्ट्रेलिया से मुकाबले की तैयारी
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी हमेशा से कठिन रही है। पर्थ की तेज़ पिच पर भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी कैसे प्रदर्शन करेगी, इस पर सभी की नजर होगी। बुमराह की कप्तानी में भारत की सफलता का यह सफर रोमांचक होने वाला है।

Explosive Sourav Ganguly: কোহলিকে ‘ব্যক্তিগত’ ভাবে অধিনায়কত্ব ছাড়়তে না বলেছিলেন মহারাজ

sourav ganguly and virat kohli

Sports desk: টি টোয়েন্টি বিশ্বকাপে সুপার ১২ স্টেজে পাকিস্তানের বিরুদ্ধে ১০ এবং নিউজিল্যান্ডের বিরুদ্ধে ৮ উইকেটে হেরে গিয়ে টিম ইন্ডিয়া বিশ্বকাপ থেকে ছিটকে যায়। ঘটনা ঘনঘটায় তৎকালীন বিশ্বকাপ অধিনায়ক বিরাট কোহলি অধিনায়কত্ব ছাড়ার সিদ্ধান্ত জানিয়ে দেয়।

হঠাৎ করেই ভারতীয় ক্রিকেটে “ট্রান্সজ্যাকসন পিরিয়ড” শুরু হয়। অনেক জল্পনার মেঘ জমতে থাকে টিম ইন্ডিয়ার নতুন অধিনায়ক কে হবে তাই নিয়ে। শেষমেশ সমস্ত জল্পনায় জল ঢেলে দিয়ে ক্যাপ্টেন কোহলির হাত থেকে রোহিত শর্মার হাতে টি টোয়েন্টি এবং ওডিআই দলের ক্যাপ্টেন আর্ম ব্যাটন তুলে দেয় বিসিসিআই। কিন্তু এতেও বিতর্ক পিছু ছাড়েনি। বিতর্কের জল গড়িয়েই চলেছে।

এমনই আবহে ভারতীয় ক্রিকেট কন্ট্রোল বোর্ডের (বিসিসিআই) সভাপতি সৌরভ গঙ্গোপাধ্যায় (Sourav Ganguly), ভারতীয় দলের বিতর্কিত সীমিত ওভারের অধিনায়কত্ব বিরাট কোহলি থেকে রোহিত শর্মার কাছে অধিনায়কত্ব পরিবর্তন বিষয়ে কথা বলেছেন।

বোর্ড সভাপতি বলেছেন যে তিনি কোহলিকে “ব্যক্তিগতভাবে অনুরোধ করেছিলেন” টি-টোয়েন্টি অধিনায়কত্বের ভূমিকা ছেড়ে না দেওয়ার জন্য। সেপ্টেম্বরে সংক্ষিপ্ততম ফর্ম্যাট থেকে ভারতীয় অধিনায়কের পদ থেকে সরে দাঁড়ান কোহলি। কোহলির টি-টোয়েন্টি অধিনায়ক পদ থেকে সরে যাওয়ার তিন মাস পর, বিসিসিআই তারকা খেলোয়াড়কে ওডিআই অধিনায়কের পদ থেকে বাদ দেয় এবং নতুন পূর্ণ-সময়ের সীমিত ওভারের অধিনায়ক হিসেবে ওপেনার রোহিত শর্মাকে মনোনীত করে।

বোর্ড সভাপতি এই প্রসঙ্গে আরও বলেছেন, “এটা যেমন আমি বলেছি… আমি ব্যক্তিগতভাবে তাকে (কোহলি) টি-টোয়েন্টি অধিনায়কত্ব ছেড়ে না দেওয়ার জন্য অনুরোধ করেছি। স্পষ্টতই, তিনি কাজের চাপ অনুভব করেছিলেন। কোনটা ঠিক, তিনি একজন দুর্দান্ত ক্রিকেটার, তিনি তার ক্রিকেট নিয়ে খুব তীব্র ছিলেন। তিনি (কোহলি) দীর্ঘ সময়ের জন্য অধিনায়কত্ব করেছেন এবং এই ঘটনাগুলি ঘটে। কারণ আমি দীর্ঘ সময় ধরে অধিনায়কত্ব করেছি; অতএব, আমি জানি। এছাড়াও, তারা কেবল একজন সাদা বলের অধিনায়ক চেয়েছিল। আর সেই কারণেই এই সিদ্ধান্ত। আমি জানি না ভবিষ্যতে কি হতে চলেছে। তবে আমি যেমন বলেছি, এটি একটি ভাল দল এবং এতে কিছু দুর্দান্ত খেলোয়াড় রয়েছে এবং আমি আশা করি তারা এটিকে ঘুরিয়ে দেবে।”

প্রসঙ্গত, কোহলি টি-টোয়েন্টি অধিনায়কত্ব ছাড়ার সিদ্ধান্তের পিছনে কাজের চাপ কারণ হিসেবে উল্লেখ করেছিলেন। কোহলি ওই সময়েই বলেছিলেন, “ওয়ার্কলোড বোঝা একটি অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ বিষয় এবং গত 8-9 বছরে আমার বিশাল কাজের চাপ বিবেচনা করে 3 টি ফর্ম্যাটে খেলে এবং গত 5-6 বছর ধরে নিয়মিত অধিনায়কত্ব করার জন্য, আমি মনে করি আমাকে নেতৃত্ব দেওয়ার জন্য পুরোপুরি প্রস্তুত হওয়ার তাগিদে নিজেকে জায়গা দেওয়া দরকার। টেস্ট এবং ওডিআই ক্রিকেটে ভারতীয় দল।”