चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के विरोध में अलीपुरद्वार में प्रदर्शन

Chinmoy Krishna Das Arrest Sparks Outrage in Alipurduar

बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी और हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अलीपुरद्वार (Alipurduar) में सनातन जागरण समिति ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार को दोपहर चार बजे बीएमसी क्लब मैदान से यह विरोध मार्च शुरू हुआ। मार्च अलीपुरद्वार की विभिन्न सड़कों से होते हुए प्रशासनिक भवन, डुआर्स कन्या के सामने समाप्त हुआ।

मार्च के अंत में समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी आर बिमला को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की गई।

इस विरोध प्रदर्शन में लगभग सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में सनातन जागरण समिति के स्थानीय नेता और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ अत्याचार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, और इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करना बेहद जरूरी है।

समिति के सदस्यों ने कहा, “हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह सभ्य समाज के लिए एक शर्मनाक स्थिति है। हम इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के समक्ष उठाना चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी एक धार्मिक नेता और शांति के दूत हैं। उनकी गिरफ्तारी और उन पर अत्याचार पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। बांग्लादेश सरकार को तुरंत इस अन्याय को खत्म कर हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, “हिंदू उत्पीड़न बंद करो”, “चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को रिहा करो”, और “धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करो।” मार्च शांति पूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन इसका संदेश बिल्कुल स्पष्ट था।