संसद में सुरक्षा चूक का मामला अब राजनीतिक रूप से गंभीर होता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दल लगातार इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे हैं। दोनों ही सदनों में आज जबरदस्त तरीके से हंगामा हुआ जिसके बाद सदन के कार्यवाही को स्थगित करनी पड़ी।शीतकालीन सत्र में यह लगातार दूसरा दिन था जब दोनों सदनों के कार्यवाही नहीं हो सकी। इन सब के बीच कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह पूरे मामले को लेकर बयान नहीं देते, संसद चलने की संभावना बेहद ही कम है।कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि जब तक गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में आकर बयान नहीं देंगे, तब तक बहुत कम संभावना है कि संसद चलेगी।उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र के अभी भी 4 दिन बचे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, इंडिया एलायंस के सभी फ्लोर नेताओं ने राज्यसभा के अध्यक्ष को इस मांग के बारे में सूचित किया है। गृह मंत्री को आना चाहिए, सदन में बोलना चाहिए, ऐसे सवाल होंगे जिनका उन्हें जवाब देना होगा। उसके बाद सदन की कार्यवाही चल सकेगी।
लूट नहीं, करोड़ों भारतीयों की जेब से चोरी : जयराम रमेश
हजारों करोड़ रुपये की हेराफेरी के आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा, ताजा खुलासों से संकेत मिलता है कि दो वर्षों में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम देश से बाहर निकाली गई होगी। पार्टी ने अदाणी मामले से जुड़े इन आरोपों को लेकर इसे आधुनिक भारत का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।
लूट नहीं, करोड़ों भारतीयों की जेब से चोरी
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को अदाणी प्रकरण पर एक बयान में कहा कि भाजपा ने अदाणी ग्रुप को संपत्ति जुटाने में मदद की है। उन्होंने दावा किया कि यह रूपक लूट नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की जेब से चोरी है।रमेश ने कहा, यह आधुनिक भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। इसमें लालच और हृदयहीनता के साथ-साथ भारत के लोगों के प्रति उदासीनता साफ देखी जा सकती है। जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा के पास चुनावी बॉन्ड से जमा फंड भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास इतने पैसे हैं जिससे उसे अपनी इच्छा के मुताबिक विधायक खरीदने और विपक्षी दलों को तोड़ने का अवसर मिलता है।


