विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया डेरेक का मामला

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संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करते हुए वेल तक पहुंचने की कोशिश करना और निलंबन के बाद भी सदन से बाहर न जाना टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को भारी पड़ गया। सभापति धनखड़ ने इसके लिए उन्हें निलंबित कर दिया और उनका मामला विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेज दिया। इस दौरान धनखड़ ने कहा कि डेरेक का सदन में बने रहना आदेश का गंभीर उल्लंघन और जानबूझकर की गई अवहेलना है। वहीं, अपने निलंबन को लेकर टीएमसी सांसद सहित सभी निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया है। कुल 15 सांसदों को शीतकालीन सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित या। इसमें 14 लोकसभा से और 1 राज्यसभा से हैं। हालांकि बाद में लोकसभा से निलंबित सांसदों में एक का निलंबन वापस ले लिया गया। धनखड़ ने कहा कहा कि ओ’ब्रायन का सदन में बने रहना आदेश का गंभीर उल्लंघन और जानबूझकर की गई अवहेलना है। इसके बाद, सदन के नेता पीयूष गोयल ने इस मुद्दे को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजने के लिए नियम 192 के तहत एक प्रस्ताव पेश किया। जिसे सभापति ने तुरंत स्वीकार कर लिया और ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके बाद सभापति धनखड़ ने डेरेक ओ ब्रायन के मामले को जांच करने के लिए राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजे जाने की घोषणा की। उन्होंने समिति को रिपोर्ट के लिए तीन महीने का वक्त भी दिया है। बता दें कि सदन से निलंबन और प्रस्ताव पारित करने के बाद भी ओ’ब्रायन ने सदन नहीं छोड़ा तब सभापति ने उनसे दोबारा आग्रह किया। लेकिन जब वह न माने तो सदन को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

Derek O’Brien: তৃণমূলের বিপুল জয়ের দিন সাসপেন্ড সাংসদ ডেরেক

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News Desk: বিশৃঙ্খল আচরণ ও সংসদের রুলবুক ছোড়ার অভিযোগে সাসপেন্ড করা হল তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদ ডেরেক ও’ব্রায়েনকে (Derek O’Brien)। তিনি যখন সাসপেন্ড হলেন তখন তাঁর দল কলকাতা পুর নিগম ভোটে বিপুল জয় পেয়েছে।

মঙ্গলবার রাজ্যসভায় নির্বাচনী আইনি সংশোধনী বিল, ২০২১ পাশ করানোর বিপক্ষে সরব হয় বিরোধীরা। তৃণমূল সাংসদ এই বিল ও ১২ জন সাংসদকে সাসপেন্ড করার প্রতিবাদে রাজ্যসভা থেকে ওয়াকআউট করার সময় রুলবুকটি সাংবাদিকদের টেবিলের দিকে ছুঁড়ে ফেলেন। তাঁর এই আচরণের জন্যই ফের একবার সাসপেন্ড করা হল তাঁকে।

শীতকালীন অধিবেশনের বাকি দিনগুলির জন্য রাজ্যসভা থেকে সাসপেন্ড করা হয়েছে ডেরেক ওব্রায়েন কে।
তৃণমূল সাংসদ ডেরেক ও’ব্রায়েন টুইটে লিখেছেন, শেষবার যখন রাজ্যসভা থেকে সাসপেন্ড হয়েছিলাম তখন কেন্দ্রীয় সরকার কৃষি আইন পাশ করিয়েছিল। তারপর কি হয়েছিল তা আমাদের সকলেরই জানা। আজ নির্বাচনী আইনি সংশোধনী বিল, ২০২১ একইভাবে পাশ করানো হল। আশা করি এই বিলটিও দ্রুত বাতিল করা হবে।’

উল্লেখ্য, সোমবার লোকসভায় নির্বাচনী আইনি সংশোধনী বিল, ২০২১ পাশ করিয়েছে মোদী সরকার। মঙ্গলবার রাজ্যসভায় এই বিল পাশ করায় কেন্দ্রীয় সরকার। এই আইন অনুসারে ভোটার কার্ডের সঙ্গে আধার কার্ডের সংযুক্তিকরণ আইনত হবে। তবে বিরোধীদের দাবি, এই আইনের মাধ্যমে সাধারণ মানুষের ব্যক্তি স্বাধীনতায় হস্তক্ষেপ করার চেষ্টা করছে কেন্দ্র।