सियालदह मंडल के प्रशासनिक कामकाज में हिंदी पर बल

कोलकाता : दीपक निगम, मंडल रेल प्रबंधक ने राजभाषा हिंदी की समीक्षा बैठक में मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक काम हिंदी में करने का निदेश दिया। अध्यक्षीय संबोधन में दीपक निगम ने प्रसन्‍नता व्यक्त करते हुए कहा कि सियालदह मंडल में राजभाषा का कार्य संवैधानिक अधिनियम एवं नियम के अनुरुप हो रहा है।

सभी रेलकर्मियों द्वारा हिंदी में काम करना न केवल संवैधानिक अपितु हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी हैं। राजभाषा अधिनियम 1963 (यथा संशोधित 1967) एवं राजभाषा नियम 1976 के प्रावधानों को लागू कराने के लिए हम कटिबद्ध है। राजभाषा हिंदी भारत की सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता एवं तकनीकी विकास की परिचायक है।

बैठक के दौरान स्‍वास्‍थ्‍य जागरुकता के मद्देनज़र ‘आयुर्वेद जागरुकता’ विषय पर एक मेडिकल सेमिनार भी हुआ। इस बैठक में मंडल के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे एवं बी.आर. सिंह अस्पताल के आयुर्वेद चिकित्सक ने निरोग रहने का मूलमंत्र बताया भारतीय जड़ी बुटियों का समुचित सेवन कर ।

दीपक निगम ने सियालदह मंडल से रेलवे बोर्ड स्तर पर मैथिलीशरण गुप्‍त पुरस्‍कार पुरस्‍कार प्राप्त कार्मिक को मोमेन्टो प्रदान कर उत्साहवर्धन किया।

सियादह में जुलाई से सभी 1-5 प्लेटफॉर्म पर चलेंगी ट्रेनें

कोलकाता: सियालदह के प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 से 12 कोच की ट्रेनें चलने लगीं हैं। प्लेटफार्म 1, 2 और 5 से भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। अब 12 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनें 5 प्लेटफॉर्म से रवाना होगी। यानी सियालदह से खुलने वाली सभी लोकल ट्रेनें अब 12 कोच की होंगी। इसलिए यात्रियों को लोकल ट्रेन में यात्रा करने में पहले जैसी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

बताया गया कि जुलाई से सियालदह के प्लेटफॉर्म 1 से 5 तक 12 कोच वाली EMU लोकल चलेगी। लेकिन, उससे पहले ही 3-4 प्लेटफॉर्म से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाने से यात्री खुश हैं। रेलवे के मुताबिक, यार्ड संशोधन और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम 9 जून को पूरा हो गया था, लेकिन सियालदह प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 के दमदम लाइन पर कुछ निर्माण कार्य बाकी था। उन कार्यों को यात्रियों को ध्यान में रखते हुए बिना किसी रुकावट के धीरे-धीरे पूरा किया गया है। इसलिए सियालदह के प्लेटफॉर्म नंबर 3 और 4 से 12 कोच वाली ईएमयू के साथ, 12 कोच की लोकल ट्रेनें अब सियालदह के 1 से 5 तक सभी प्लेटफॉर्म पर चल सकेंगी।

सियालदह डिवीजन पर प्रतिदिन लगभग 892 लोकल ट्रेनें चलती हैं। लेकिन, अब तक सियालदह सब अर्बन प्लेटफॉर्म की लंबाई कम होने के कारण सियालदह मेन और नॉर्थ ब्रांच पर सभी 12 कोच वाली ट्रेनों को चलाना मुश्किल था। अब वह समस्या दूर हो गई है, सियालदह मेन ब्रांच पर अधिक संख्या में 12 कोच वाली लोकल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। 9 डिब्बों की बजाय 12 डिब्बों वाली यह लोकल ट्रेन प्रति यात्रा लगभग 1000 अतिरिक्त यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। सियालदह मेन और नॉर्थ ब्रांच के बिधाननगर, दमदम, बिड़ाटी, बारासात, सोदपुर, बराकपुर, नैहाटी आदि अत्यधिक आबादी वाले इलाकों की आबादी लगातार बढ़ रही है। 12 कोच वाली ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को कई फायदे मिलेंगे।

सियालदह में 12 कोच वाली इस ट्रेन को चलाने से आम यात्री खुश हैं। क्योंकि, पहले वे भीड़भाड़ वाली ट्रेन में नहीं चढ़ पाते थे, अब आसानी से यात्रा कर सकते हैं। पूर्व रेलवे के जनसंपर्क प्रवक्ता श्री कौशिक मित्रा ने पहले कहा, ‘पूर्व रेलवे विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्लेटफॉर्म पर 12 कोच वाली ट्रेन शुरू होने से यात्री अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।’

बढ़ती भीड़ के चलते मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या रेलवे ने बढ़ाई

कोलकाता : रेलवे आए दिन यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए नए- नए उपाय करती हैं, इसी क्रम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को समायोजित करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में जनरल कोचों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया है।

यह यात्रियों को सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके तहत अतिरिक्त 2500 जनरल कोचों का उत्पादन कर 1250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लगाने का फैसला लिया गया है।

इस योजना के अनुसार जिन ट्रेनों में दो जनरल कोच है, उनमें इनकी संख्या चार की जाएगी तथा जिनमें कोई भी जनरल कोच नहीं है, उनमें दो जनरल कोच लगाए जाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य बढ़ती भीड़ को कम करना तथा आम जनता को निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करना है। इस योजना के तहत निश्चित रूप से प्रतिदिन लाखों आम यात्री सुगम यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

सियालदह डिवीजन ने सफाई कर्मचारियों के सर्वांगीण कल्याण के लिए अहम बैठक

कोलकाता : भारत सरकार हमेशा सफाई कर्मचारियों के व्यापक सामाजिक-आर्थिक विकास और कल्याण के बारे में चिंतित रहती है, क्योंकि वे हमारे सपने – स्वच्छ भारत की रीढ़ हैं । इस सतत प्रयास के एक हिस्से के रूप में, एम वेंकटेशन, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने शनिवार सियालदह में “मैनुअल स्कैवेंजर के रूप में रोजगार का निषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013” के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए डिवीजनल अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में मंडल रेल प्रबंधक दीपक निगम, मंडल रेल प्रबंधक एवं संबंधित शाखा अधिकारियों के साथ-साथ मंडल के सफाई कर्मचारी भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान अध्यक्ष वेंकटेशन ने अधिकारियों से सफाई कर्मचारियों एवं मैनुअल स्कैवेंजरों के सर्वांगीण सामाजिक-आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करने के लिए स्थापित राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम योजना तथा मंडल में इसके समग्र कार्यान्वयन के बारे में जानकारी ली।

इसके अलावा उन्होंने आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली बीमा सुविधाओं जैसे वर्दी, टूलकिट, स्वास्थ्य, स्वच्छता आदि के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी शिकायतों का समाधान किया।

इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ काम करने तथा सियालदह मंडल के सफाई कर्मचारियों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। मंडल अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद अध्यक्ष  वेंकटेशन ने सियालदह स्टेशन परिसर तथा सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने जमीनी हकीकत को समझने के लिए सफाई कर्मचारियों से बातचीत की। बाद में, उन्होंने इस संबंध में सियालदह डिवीजन द्वारा की गई पहल पर संतोष व्यक्त किया।

मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को पीछे से टक्कर मारी, ट्रेन के परखच्चे उड़े

न्यू जलवाईगुड़ी :  असम से कोलकाता आ रही 13176 कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन उत्तर बंगाल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। पश्चिम बंगाल के रांगापानी और निजबाड़ी स्टेशनों के बीच हुई दुर्घटना में कम से कम 8 लोगों की मौत गई है जबकि 25 लोग घायल हुए हैं।  रेलवे की ओर से कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। पूर्व रेलवे के सीपीआरओ ने कहा है कि कंचनजंगा एक्सप्रेस के यात्रियों को जल्द से जल्द कोलकाता लाने की व्यवस्था की जा रही है।

नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (एनएफ रेलवे) के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सव्यसाची डे ने कहा है कि हमारे पास जो प्रारंभिक सूचना है, उसके मुताबिक 8 लोगों की मौत हुई है। करीब 25 लोग इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। सभी को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चल रहा है और हम जल्द से जल्द इसे खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

बंगाल में हुए इस रेल हादसे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुखद बताया है। कहा है कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि जो लोग इस दुर्घटना में घायल हुए हैं, जल्द स्वस्थ हों। अधिकारियों से इस हादसे के बारे में जानकारी ली। रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्ण‍व स्वयं दुर्घटनास्थल पर जा रहे हैं।

रेलवे की ओर से जारी हुए कई हेल्पलाइन नंबर

सियालदह
033-23508794
033-23833326
गुवाहाटी स्टेशन
03612731621
03612731622
03612731623
लुमडिंग जंक्शन
03674263958
03674263831
03674263120
03674263126
03674263858
कटिहार
6287801805
09002041952
9771441956

दुर्घटना के बाद कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन की कई बोगियां छिटक कर इधर-उधर हो गईं हैं। ट्रेन 11:35 बजे असम के सिलचर से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित सियालदह स्टेशन के लिए छूटती है। ट्रेन अगले दिन शाम को 7:20 बजे सियालदह पहुंचती है। रेलवे के बड़े अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी यात्रियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने को दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन को दार्जीलिंग जिले में एक मालगाड़ी ने ठोकर मार दी है। आपदा राहत के लिए टीमों को दुर्घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है।

न्यू जलपाईगुड़ी से निकलने के बाद निजबाड़ी स्टेशन के पास हुई दुर्घटना बताया गया है कि एक मालगाड़ी ने सियालदह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन को उस वक्त ठोकर मार दी, जब ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से निकली थी। दो डिब्बे बेपटरी हो गए और इसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। सोमवार को सुबह यह ट्रेन अपने नीयत समय से करीब आधा घंटा विलंब से न्यू जलपाईगुड़ी से चली थी और रांगापानी को पार किया। लेकिन, निजबाड़ी स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले ही इस ट्रेन को मालगाड़ी ने ठोकर मार दी। डीएम, एसपी और रेस्क्यू टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। खबर है कि दो स्लीपर कोच बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पूर्व रेलवे ने सियालदह और नैहाटी स्टेशन पर विशेष यात्री सहायता बूथ बना दिया है। सियालदह डीआरएम दीपक निगम ने कहा है कि वे लोग यात्रियों की हरसंभव मदद करने को तैयार हैं। यात्री सुविधा उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। घटना में पांच लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है। टक्कर के फलस्वरूप 2 कोच एक दूसरे पर चढ़ गए हैं।

बताया जा रहा है कि मालगाड़ी के चालक ने सिग्नल की अनदेखी की, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ है। कंचनजंगा में दो पार्सल वैन और एक गार्ड का डिब्बा है। एनडीआरएफ, डिवीजनल टीम और 15 एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. मंत्री वार रूम से स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। कहा है कि नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे जोन में हुआ हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है। रेलवे, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें आपसी समन्वय के साथ काम कर रहीं हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि कंचनजंगा एक्सप्रेस के यात्रियों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन सियालदह स्टेशन के लिए जल्द रवाना होगी. इसका इंतजाम किया जा रहा है। कहा कि देर रात तक इस स्पेशल ट्रेन के सियालदह पहुंचने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्रेन हादसे में हुई मौत पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि दार्जीलिंग में हुए ट्रेन हादसे में हुई मौतों की सूचना मिली। यह बेहद संकट की घड़ी है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन हादसे पर पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि हादसे के कारणों के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन, आधुनिक युग में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। मेरा अनुमान है कि संभवत: इस ट्रेन में ‘कवच’ नहीं लगा होगा, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए उचित कदम उठाएगी।

 

पूर्व रेलवे के सियालदह डिवीजन की तरफ से मतदान कर्मियों के लिएने विशेष ट्रेन

कोलकाता : आखिरी चरण के मतदान का संचालन करने वाले चुनाव कर्मियों की सुविधा के लिए पूर्व रेलवे के सियालदह डिवीजन में विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे सूत्रों के अनुसार, नामखाना-सियालदह के लिए विशेष ट्रेन एक जून की रात 11.45 बजे नामखाना से रवाना होगी और दो जून को दोपहर 2.20 बजे सियालदह पहुंचेगी।

डायमंड हार्बर-सियालदह स्पेशल दो जून को दोपहर एक बजे डायमंड हार्बर से रवाना होगी और 2.27 बजे सियालदह पहुंचेगी। कैनिंग-सियालदह स्पेशल दो जून को दोपहर एक बजे कैनिंग से रवाना होगी और 2.05 बजे सियालदह पहुंचेगी। स्पेशल ट्रेनें हॉल्ट और फ्लैग स्टेशनों समेत सभी स्टेशनों पर रुकेंगी।

इसके अलावा, 34165 अप बजबज-सियालदह ईएमयू दो जून को दोपहर 12.05 बजे के बजाय दोपहर 12.30 बजे बजबज से रवाना होगी।