कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार

कर्नाटक:  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी नागेंद्र को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि विधायक को रात करीब साढ़े दस बजे एजेंसी के दफ्तर में हिरासत में लिया गया। उनसे 13 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। उन्हें सुबह उनके आवास से ईडी कार्यालय ले जाया गया था।

नागेंद्र को शनिवार को विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किए जाना है। जहां ईडी पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगेगी। इस मामले में बृहस्पतिवार को कर्नाटक समेत चार राज्यों में छापेमारी की थी और अब तक करीब 50 लाख रुपये नकद और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं।

घोटाले के सिलसिले में अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री नागेंद्र ने छह जून को इस्तीफा दे दिया था। ईडी ने पिछले दो दिनों में कर्नाटक के पूर्व मंत्री नागेंद्र और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक बसनगौड़ा दद्दल के परिसरों सहित कई स्थानों पर तलाशी ली है।

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में करीब 20 स्थानों पर छापेमारी की। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में पैसों के हेरफेर का मामला तब सामने आया था जब इसके लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली थी।

घटनास्थल से चंद्रशेखरन द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि निगम के बैंक खाते से 187 करोड़ रुपए का अनधिकृत हस्तांतरण किया गया है। उसमें से 88.62 करोड़ रुपए अवैध रूप से विभिन्न खातों में भेजे गए। ये बैंक खाते कथित रूप से प्रसिद्ध आईटी कंपनियों और हैदराबाद में स्थित एक सहकारी बैंक के हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) में आर्थिक अपराध के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष खरबीकर की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने मंगलवार को इस मामले की जांच के सिलसिले में नागेंद्र और दद्दल से पूछताछ की थी।

अरविंद केजरीवाल को मिली अंतरिम जमानत, रहेंगे सीबीआई की कस्टडी में

नई दिल्ली :  दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी बेंच को भेज दिया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुनाया। 17 मई को केजरीवाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।

ईडी मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल ने 90 दिनों से ज्यादा वक्त जेल में गुजारा है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि केजरीवाल निर्वाचित नेता हैं और यह उन्हें तय करना है कि क्या वह दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं।

अरविंद केजरीवाल फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। फिलहाल वह सीबीआई की कस्टडी में हैं। उनको जमानत ईडी केस में मिली है। ऐसे में अभी वह जेल में ही रहेंगे। दिल्ली सीएम के वकील विवेक जैन ने जानकारी दी कि सीबीआई मामले में 18 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई है। मामले में फैसला आने के बाद ही पता चल सकेगा कि केजरीवाल जेल से बाहर आएंगे या नहीं?

सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर ईडी से जवाब मांगा था। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक ने दिल्ली हाई कोर्ट के नौ अप्रैल के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए कहा था कि इसमें कोई अवैधता नहीं है। जांच में उनके शामिल होने से बार-बार इनकार करने के बाद ईडी के पास कोई विकल्प नहीं बचा था. उनको ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।

ॉएक निचली अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर मामले में अरविंद केजरीवाल को 20 जून को जमानत दी थी। इसके बाद ईडी ने अगले दिन दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। दलील दी गई थी कि केजरीवाल को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश एकतरफा और गलत था। केजरीवाल को कथित शराब नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में 26 जून को सीबीआई ने भी गिरफ्तार किया था।

ED दफ्तर पहुंची अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता

कोलकाता : बंगाल की मशहूर अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय के कोलकाता स्थित दफ्तर पहुंची। जहां राशन घोटाले मामले में उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में उसे दूसरी बार समन किया गया था। बता दें कि इस अभिनेत्री का नाम उस वक्त सामने आया जब ईडी अधिकारी राशन भ्रष्टाचार मामले के दस्तावेज की जांच कर रहे थे।

बता दें कि ईडी ने दूसरी बार अभिनेत्री रितुपर्णा सेन गुप्ता को समन भेजा था। जहां पूछताछ के लिए आज की तिथि निर्धारित की गयी थी। जांच एजेंसी के सवालों का जबाव देने के लिए ही यह अभिनेत्री बुधवार को प्रर्वतन निदेशालय के कोलकाता स्थित दफ्तर पहुंची। जहां उनसे जांच के दौरान राशन घोटाले मामले से संबंधित हुए लेनदेन पर पूछताछ कर रही है।

बता दें कि रितुपर्णा सेनगुप्ता ईडी के पहले समन पर प्रर्वतन निदेशालय के सामने हाजिर नहीं हो सकी थी। उन्होंने ईमेल के जरिये कहा था कि वह देश से बाहर है। इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकती। उन्होंने जांच एजेंसियों को पत्र लिखकर दूसरी तारीख निर्धारित करने को कहा था। ईडी अधिकारियों ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया और 19 जून यानी आज की तिथि दी।

ईडी की टीम इससे पहले भी अभिनेत्री से पूछताछ कर चुकी है। वैली चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में वर्ष 2019 में उनसे पूछताछ हो चुकी है। उन्हें रोज वैली समूह की कुछ फिल्म प्रोजेक्ट में शामिल होने की वजह से तलब किया गया था। बता दें कि इस अभिनेत्री का नाम बंगाली सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिना जाता है।

रितुपर्णा सेनगुप्ता को फिर ईडी ने किया अगले सप्ताह तलब

कोलकाता: राशन वितरण भ्रष्टाचार मामले में ईडी ने अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता को फिर तलब किया है। ईडी ने एक्ट्रेस को पिछले बुधवार सुबह 11 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स में बुलाया था. लेकिन एक्ट्रेस के विदेश में होने के कारण वह शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने एक मेल भेजकर बताया कि अभी उनके लिए सीजीओ कॉम्प्लेक्स जाना संभव नहीं है। रितुपर्णा ने देश लौटने पर उनसे संपर्क करने का आश्वासन भी दिया था। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने उस ईमेल के आधार पर एक्ट्रेस को अगले हफ्ते दोबारा सीजीओ कॉम्प्लेक्स आने का आदेश दिया है।

ईडी के एक अधिकारी ने दावा किया कि जांचकर्ताओं को राशन भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार एक आरोपी के साथ रितुपर्णा के वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली है। हालांकि ईडी ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा है। इस पर रिएक्ट करते हुए रितुपर्णा ने पहले ही कहा था, ”मैं यह सुनकर बहुत हैरान हूं, मैं सचमुच इस बारे में कुछ नहीं जानता. राशन भ्रष्टाचार क्या है? मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

इसके बाद रितुपर्णा ने फिर कहा, मेरी कई फिल्में रिलीज होनी हैं। ऐसी खबरें मेरे लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं। मैं जीवन भर काम करती रही हूं, मेरे नाम पर अचानक ऐसा कहना बहुत अनुचित है। उन्होंने कहा कि वह वकील से सलाह लेने के बाद फैसला लेंगे कि उन्हें ईडी के समक्ष पेश होना है या नहीं। गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2019 में अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता से जांच एजेंसी ईडी ने रोज वैली मामले में पूछताछ की थी. अब राशन भ्रष्टाचार मामले में उनका नाम सामने आने लगा है।

Abhishek Banerjee: आमने-सामने ईडी और अभिषेक बनर्जी

Abhishek Banerjee

राजधानी दिल्ली में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है. मनरेगा और आवास योजना पर टीएमसी के नेता जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना देंगे. दूसरी ओर आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए बुलाया है.

हालांकि उन्होंने एजेंसी के सामने पेश होने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके बाद भारी बवाल होना तय है.टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को ईडी ने पश्चिम बंगाल में स्कूल में नौकरी के लिए करोड़ों रुपए के नकद लेन देने के केस में तीन अक्टूबर यानी आज पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि मैं दिल्ली में पार्टी के कार्यक्रम में व्यस्त होने की वजह से ईडी के कोलकाता कार्यालय में पेश नहीं होऊंगा.

अभिषेक बनर्जी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, ”दुनिया की कोई भी ताकत बंगाल के लोगों और उनके मौलिक अधिकारों के लिए लड़ने के मेरे समर्पण में बाधा नहीं बन सकती. मैं दो और तीन अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाऊंगा, अगर रोक सको तो मुझे रोक लो.

Job scam case: नौकरी घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी हुए तलब

Abhishek Banerjee

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में स्कूल नौकरी घोटाला मामले (Job scam) में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को तीन अक्टूबर को तलब किया है. बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संयोग से इसी दिन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत राज्य का बकाया रोकने के केंद्र के फैसले के खिलाफ दिल्ली में पार्टी विरोध प्रर्दशन करने वाली है जिसका नेतृत्व उन्हें करना है.

टीएमसी नेता ने दावा किया कि इससे भाजपा का डर उजागर हो गया है. टीएमसी सांसद ने केंद्रीय एजेंसी द्वारा उन्हें भेजे गए पत्र को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया. अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘इस महीने की शुरुआत में, ईडी ने मुझे दिल्ली में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक के दिन तलब किया था. मैंने समन का पालन किया और उपस्थित हुआ था.’

Enforcement Directorate: অফিসারদের অন্তর্বর্তী স্বস্তি দেওয়ার বিষয়ে কোনও প্রতিশ্রুতি মিলল না

ED abhisek

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট বা ইডির (Enforcement Directorate) আধিকারিকদের এই মুহূর্তে কোনওরকম অন্তর্বর্তী সুবিধা দেওয়া যাবে না। এই দাবি জানিয়ে একটি আবেদন করেছিলেন তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদ অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় (Avishek Banerjee)। ওই মামলায় মঙ্গলবার দিল্লি হাইকোর্টে (Delhi high court) পশ্চিমবঙ্গ সরকারের পক্ষ থেকে স্পষ্ট জানিয়ে দেওয়া হয়েছে, ইডি অফিসারদের অন্তর্বর্তী স্বস্তি দেওয়ার বিষয়ে তারা কোনও রকম পাকা কথা দিতে পারছে না।

এদিন দিল্লি হাইকোর্টে বিচারপতি রজনীশ ভাটনগরের (justice Rajnush Bhatnagar) এজলাসে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের কৌঁসুলি বলেন, এই মুহূর্তে মামলাটির তদন্ত এক গুরুত্বপূর্ণ পর্যায়ে রয়েছে। এর আগে ইডি অফিসারদের একাধিকবার তলব করা হয়েছে। কিন্তু বারেবারেই তাঁরা সেই সমন এড়িয়ে গিয়েছেন। এই অবস্থায় যে কোন কিছুই হতে পারে। তাই সংশ্লিষ্ট অফিসারদের অন্তর্বর্তী স্বস্তি দেওয়ার ব্যাপারে তিনি এখনই কোনও কথা দিতে পারছেন না।

উল্লেখ্য, অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় ইডির বেশ কয়েকজন অফিসারের বিরুদ্ধে এফআইআর দায়ের করেছেন। অভিষেকের দায়ের করা ওই সমস্ত অভিযোগ খারিজ করার আর্জি জানিয়ে ইডির পক্ষ থেকে দিল্লি হাইকোর্টে আবেদন করা হয়। হাইকোর্টের বিচারপতি রজনীশ ভাটনগরের এজলাসে ওই আবেদনের শুনানি চলছে।
এদিন আইনজীবীদের বক্তব্য শোনার পর বিচারপতি জানিয়ে দেন এই মামলার পরবর্তী শুনানি হবে আগামী মাসে অর্থাৎ ২০২২- এর জানুয়ারিতে।

একই সঙ্গে বিচারপতি পশ্চিমবঙ্গ সরকারের কৌঁসুলির কাছে জানতে চান, পরবর্তী শুনানি হওয়ার আগে পর্যন্ত এই মামলায় ইডির অফিসারদের বিরুদ্ধে কোনও রকম ব্যবস্থা নেওয়া হবে না, তিনি কি এমন কোনও প্রতিশ্রুতি দিতে পারেন? বিচারপতির এই প্রশ্নের উত্তরে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের আইনজীবী সিদ্ধার্থ লুথরা বলেন, এই মুহূর্তে ইডি অফিসারদের বিরুদ্ধে যে তদন্ত চলছে তা এক গুরুত্বপূর্ণ পর্যায় রয়েছে। তাই এখনই তাঁদেরকে অন্তর্বর্তী সুবিধা দেওয়া যায়, এমন কোনও প্রতিশ্রুতি তিনি দিতে পাচ্ছেন না।

উল্লেখ্য, চলতি বছরের এপ্রিল মাসে তৃণমূল সাংসদ অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় ইডির আধিকারিকদের বিরুদ্ধে পশ্চিমবঙ্গে একটি এফআইআর দায়ের করেছিলেন। ওই এফআইআরে অভিষেক অভিযোগ করেন, অফিসাররা রাজ্য সরকারের সঙ্গে একাধিক অনৈতিক কাজ করেছেন। ইডির অফিসাররা কার্যত প্রতারণা করেছেন। শুধু তাই নয়, সংশ্লিষ্ট অফিসাররা তাঁদের ক্ষমতা ও আইনের অপব্যবহার করছেন। অভিষেকের আইনজীবী লুথরা আরও বলেন, অভিষেক অফিসারদের বিরুদ্ধে এই মামলাটি দায়ের করলেও ইডি তাঁকে কোনও পার্টি করেনি।

পশ্চিমবঙ্গ সরকারের আইনজীবীর বক্তব্যের প্রেক্ষিতে ইডির আইনজীবী বলেন, এই মামলায় অভিষেককে পার্টি হিসেবে চিহ্নিত করার কোনও প্রয়োজন নেই। এই মামলায় পশ্চিমবঙ্গ পুলিশ যদি তদন্ত চালাতে চায় সেটা চালাতেই পারে। কিন্তু তাঁরা চাইছেন তদন্তের নামে ইডি অফিসারদের যেন অযথা হেনস্তা করা না হয়। কয়লা কেলেঙ্কারির ঘটনায় অভিষেকেই এফআইআর দায়ের করেছেন।

একইসঙ্গে ইডির আইনজীবী দাবি করেন, পশ্চিমবঙ্গ পুলিশ নিজেদের ক্ষমতার বাইরে গিয়ে এই মামলার তদন্ত করছে। নিজেদের এক্তিয়ারের বাইরে গিয়ে তারা নতুন করে অফিসারদের বিরুদ্ধে অক্টোবর মাসে ফের সমন জারি করেছে। ইডির আইনজীবী আরও জানান অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের বিরুদ্ধে কয়লা কেলেঙ্কারির ঘটনায় যে তদন্ত চলছে সে ব্যাপারে কেন্দ্রীয় সরকার কখনওই অভিষেকের বিরুদ্ধে ইডির অফিসারদের কোনও প্রতিহিংসামূলক আচরণের নির্দেশ দেয়নি।

বরং অভিষেক এই মামলায় অনৈতিক সুবিধা ভোগ করছেন। কারণ তিনি পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের ভাইপো।পশ্চিমবঙ্গ পুলিশ সবদিক থেকেই তাঁকে আড়াল করার চেষ্টা করছে। পশ্চিমবঙ্গ পুলিশ ইডি অফিসারদের বিরুদ্ধে ২২ জুলাই ও ২১ আগস্ট যে সমন জারি করেছে তা কার্যত অবৈধ। উভয় পক্ষের বক্তব্য শোনার পর বিচারপতি ভাটনগর এদিন শুনানি স্থগিত রাখেন। এই মামলার পরবর্তী শুনানি হবে ২০২২- এর জানুয়ারিতে।

কয়লা কেলেঙ্কারির তদন্তের জেরায় ইডি দফতরে অভিষেক

TMC General Secretary Abhishek Banerjee

নিউজ ডেস্ক: কয়লা কেলেঙ্কারির মামলায় অর্থ পাচারের অভিযোগে তৃণমূল সাধারণ সম্পাদক এবং মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের ভাউপো অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় (Abhishek Banerjee) এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট অফিসে পৌঁছলেন৷ নয়াদিল্লির ইডি কার্যালয়ে পৌঁছে সংবাদমাধ্যমকে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, জিজ্ঞাসাবাদের জন্য ইডির জারি করা নোটিশের ভিত্তিতে সোমবার তিনি হাজির হয়েছেন। অভিষেক বলেন, তদন্তে তিনি কেন্দ্রীয় সংস্থাকে পুরোপুরি সহযোগিতা করবেন।

দিল্লি যাওয়ার আগে অভিষেক বলেছিলেন, তিনি যেকোনও ধরনের তদন্তের জন্য প্রস্তুত। তবে কবে থেকে তদন্ত শুরু হবে, সে বিষয়ে কোনও তথ্য প্রকাশ করা হয়নি। বলা হচ্ছে, অভিষেককে দ্বিতীয়ার্ধে জিজ্ঞাসাবাদ করা হবে। এর আগে তাঁর স্ত্রীকেও এজেন্সি ডেকেছিল৷ কিন্তু তিনি করোনা মহামারীর কথা উল্লেখ করে বাড়িতে জিজ্ঞাসাবাদের জন্য অনুরোধ করেছিলেন।

ডায়মন্ড হারবারের সাংসদ অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেছেন, যদি কোনও কেন্দ্রীয় সংস্থা তাঁর বিরুদ্ধে মানি লন্ডারিংয়ের অভিযোগে কোনও অবৈধ লেনদেনে জড়িত থাকার প্রমাণ দেয়, তবে তিনি নিজেকে ফাঁসিতে ঝুলিয়ে দেবেন। একই সঙ্গে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বিজেপিকে আক্রমণ করে বলেন, রাজ্য বিধানসভা নির্বাচনে পরাজয়ের পর বিজেপি রাজনৈতিক প্রতিশোধ নিচ্ছে।

তদন্তের বিষয়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বলেন, আমি যেকোন তদন্তের মুখোমুখি হতে প্রস্তুত। যদি তারা আমার বিরুদ্ধে প্রমাণ দিতে পারে, তাহলে ইডি এবং সিবিআই ব্যবহার করার দরকার নেই। অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় বিজেপির বিরুদ্ধে অভিযোগ করেছিলেন, তারা টিএমসির সঙ্গে রাজনৈতিকভাবে লড়াই করতে পারে না, তাই এখন তারা প্রতিহিংসার রাজনীতিতে এসেছে। তারা তাদের রাজনৈতিক স্বার্থকে আরও এগিয়ে নিতে তদন্তকারী সংস্থাগুলোকে ব্যবহার করছে।

এর আগে পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় অভিযোগ করেছিলেন, কেন্দ্রীয় সরকার তাঁর ভাইপো অভিষেকের বিরুদ্ধে কয়লা কেলেঙ্কারির মামলায় তদন্ত সংস্থা ব্যবহার করছে৷ যাতে বিজেপির পরাজয়ের প্রতিশোধ নেওয়া যায়।

Drugs Case: রকুল প্রীত সিং, রানা দাগ্গুবতীসহ ১০ অভিনেতাকে তলব করল ইডি

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নিউজ ডেস্ক: চার বছর পুরোনো একটি মাদক মামলায় (Drugs Case) শীর্ষ অভিনেতা রাকুল প্রীত সিং (Rakul preet Singh), রানা দাগ্গুবতী ( Rana Daggubati ) এবং আরও ১০ অভিনেতাকে জিজ্ঞাসাবাদ করা হবে। সুত্রের খবর, এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট ৬ সেপ্টেম্বর রাকুল প্রীত সিং, ৮ সেপ্টেম্বর বাহুবলী অভিনেতা রানা দাগ্গুবতী, ৯ সেপ্টেম্বর তেলেগু অভিনেতা রবি তেজা এবং ৩১ সেপ্টেম্বর পরিচালক পুরী জগন্নাথকে তলব করেছে।

তদন্তকারী সংস্থার পদস্থ এক কর্মকর্তারা বলেছেন, রাকুল প্রীত সিং, রানা দগ্গুবতী, রবি তেজা বা পুরী জগন্নাথকে আসামি করা হয়নি। তারা অর্থ পাচারের (মানি লন্ডারিং) সঙ্গে জড়িত কিনা তা এখনই বলা উচিত হবে না৷

২০১৭ সালে তেলেঙ্গানা আবগারি ও নিষেধাজ্ঞা বিভাগ ৩০ লক্ষ মূল্যের ওষুধ বাজেয়াপ্ত করার পর ১ টি মামলা নথিভুক্ত করেছিল। ১১টি মামলায় চার্জশিট দাখিল করা হয়েছে। পরে এনফোর্সমেন্ট ডিরেক্টরেট আবগারি দফতরের ক্ষেত্রে অর্থ পাচারের দিক থেকে তদন্ত শুরু করে। তেলেঙ্গানা আবগারি বিভাগ মাদক মামলায় এখনও পর্যন্ত ৩০ জনকে গ্রেফতার করেছে ৷ ৬২ জনকে জিজ্ঞাসাবাদ করেছে। জিজ্ঞাসাবাদ করা ১০ জন চলচ্চিত্র শিল্পের সঙ্গে জড়িত৷

গত কয়েক বছরে হায়দরাবাদে মাদক চোরাচালানের বেশ কয়েকটি ঘটনা প্রকাশ্যে এসেছে। সবচেয়ে বড় পাচারের ঘটনাটি ধরা পড়ে ২০১৭ জুলাই মাসে৷ ওই অভিযানে কমপক্ষে ১৩ জনের কাছ থেকে প্রচুর পরিমাণে এলএসডি এবং কোকেন উদ্ধার করা হয়েছিল।

আবগারি বিভাগ জানিয়েছে, স্কুল-কলেজের অধিকাংশ শিক্ষার্থী মাদক ব্যবহার করে থাকে৷ কমপক্ষে ২৬টি স্কুল এবং ২৭টি কলেজ এবং অভিভাবকদেরও বিষয়টি জানান হয়েছে।

গ্রেপ্তার হওয়া ব্যক্তিরা গোয়া ও হায়দ্রাবাদের পাব, শিক্ষা প্রতিষ্ঠান এবং রেভ পার্টিগুলিতে নিষিদ্ধ ওষুধের প্রধান সরবরাহকারী বলে জানা যায়৷ যাদের পুনে, মুম্বই এবং দিল্লির সঙ্গেও যোগাযোগ রয়েছে। কর্মকর্তারা জানান, ডিলাররা সুশিক্ষিত এবং তাদের কেউ কেউ শীর্ষ কোম্পানিতে কাজ করছেন। গ্রেপ্তারকৃতদের মধ্যে ছয়জন ইঞ্জিনিয়ারের স্নাতক।