जेब में सबूत लेकर घूम रहा हूं , शुभेंदुर की चेतावनी

Suvendu Adhikari

बाकिबुर मामले में पार्थ भौमिक और शुवेंदु अधिकारी टार्जा। बाकिबू की गिरफ्तारी के बाद एक के बाद एक राशन भ्रष्टाचार की जानकारी सामने आ रही है. इस दिन राज्य के विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले में हिडको शामिल है. इसमें कुछ मंत्री शामिल हैं. फिरहाद हकीम ने खुद फ्लैट दिया, मैं जेब में सबूत लेकर घूम रहा हूं. मैं 2 दिन के अंदर सब कुछ सामने लाऊंगा. कोई भी मंत्री नहीं बच सकता।

वैसे, पहले उन्होंने खाद्य विभाग के दो मंत्रियों के बीच संबंध की बात कही थी. इस दिन राज्य के एक अन्य मंत्री पार्थ भौमिक ने कहा कि मुझे ऐसा कुछ नहीं पता. मुझे नहीं पता कि शुभेदु अधिकारी को सीबीआई में नौकरी मिली या नहीं. नौकरी मिल जाये तो बात अलग है. और अगर आप नहीं समझे हैं तो मैं कहूंगा, ये सब कहकर वो सीबीआई को नीचा दिखा रहे हैं. वह ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे वह सीबीआई चला रहे हैं. पार्थ भौमिक ने यह भी कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र की सीट को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। मुझे उम्मीद है कि सीबीआई अधिकारी पढ़े-लिखे लोग होंगे। इनकी रीढ़ की हड्डी सीधी होती है. पढ़ाई के बाद उन्हें नौकरी मिल गई. मेरा मानना है कि वे ऐसे अशिक्षित लोगों की बातों से निर्देशित नहीं होंगे।

फिरहाद, मदन के घर पर सीबीआई की तलाशी से अभिषेक खुश: सुकान्त

sukanta mazumdar

भर्ती भ्रष्टाचार मामले में फिरहाद हकीम, मदन मित्रा के घरों पर सीबीआई की तलाशी से तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी खुश हैं. यह बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने रविवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी के साथ राजनीति करने वालों को हटा दिया जाए तो अभिषेक बनर्जी पार्टी संभालने में खुश हैं. इस दिन सुकांत ने कहा कि मुझे खबर है कि अभिषेक बनर्जी फिरहाद के घर पर सीबीआई सर्च से खुश हैं. हकीम और मदन मित्रा. ये चीजें दिखाकर वह आसानी से टीम को मैदान से बाहर भेजकर उस पर नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।

अब तृणमूल के अंदर 2 पार्टियां बन गयी हैं. एक गुट ममता बनर्जी के साथ राजनीति करने वालों के साथ है, दूसरा अभिषेक और उनके समर्थकों के साथ है. कोई भी अभिषेक को नेता के रूप में स्वीकार नहीं करेगा यदि वह करुणा के साथ राजनीतिकरण को दूर नहीं कर सकते। इसलिए पार्टी के पोस्टर बैनर से ममता बनर्जी की तस्वीर गायब है. यहां तक कि अभिषेक के धरना मंच पर ममता का पसंदीदा नीला और सफेद रंग भी छूट गया है. इस दिन सुकांत ने सवाल उठाया, सुबह से कई घंटे से मदन, फिरहाद के घर पर सीबीआई सर्च चल रही है. अभिषेक बनर्जी मंच पर हैं. उन्होंने अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया? क्योंकि वह मन ही मन प्रसन्न है. नियुक्ति में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए रविवार सुबह 9 बजे से सीबीआई फिरहाद और मदन के अलावा राज्य के कई नगर निगमों के घरों की तलाशी ले रही है। सीबीआई का दावा है कि 2014 से अब तक 68 नगर पालिकाओं में 6000 में से 5000 नियुक्तियां फर्जी हैं.

मंत्री फिरहाद हकीम के आवास पर सीबीआई की छापेमारी

Firhad Hakim

सीबीआई ने सुबह सात बजे मेयर और राज्य निकाय मंत्री फिरहाद हकीम के घर पर छापेमारी की. रविवार सुबह सीबीआई की एक टीम फिरहाद के चेतला स्थित घर पहुंची. वे घर के अंदर तलाशी ले रहे हैं. घर के बाहर केंद्रीय बलों के हथियारबंद जवान खड़े हैं. किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है.

उनके अनुयायी फिरहाद के घर के सामने जमा हो गए. कई लोगों ने घर के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. केंद्र सरकार विरोधी नारे लग रहे हैं. उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से सीबीआई ने हमला किया. बताया गया है कि फिरहाद घर पर है। जब उनके सुरक्षा गार्डों ने अंदर घुसने की कोशिश की तो सीआरपीएफ जवानों ने उन्हें रोक दिया. किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी. पूर्ण भर्ती मामले में मंत्री से घर पर ही हो सकती है पूछताछ.सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, रविवार सुबह सात बजे केंद्रीय अधिकारी बड़ी संख्या में सीआरपीएफ जवानों के साथ निज़ाम पैलेस से निकले. सीधे फिरहाद के घर में।

दूसरी ओर, कमरहटी विधायक मदन मित्रा के भवानीपुर स्थित घर पर भी सीबीआई की टीम ने छापेमारी की. कुछ अन्य नगर पालिकाओं के चेयरमैन के घर भी सीबीआई गई। कांचरापाड़ा नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सुदामा राय के घर पर छापा मारा गया. सीबीआई ने हालीशहर नगरपालिका के पुर्व चेयरमैन अंशुमान राय के घर पर छापा मारा गया.

Kolkata: করোনা রুখতে দোকানে একবারে একজন ক্রেতা নিয়ম

Kolkata: A one-time buyer rule at the store to stop corona

রাজ্যে করোনা আক্রান্তের সংখ্যা বাড়ছে। জেলাগুলির মধ্যে কলকাতায় সর্বাধিক করোনা আক্রান্তের খোঁজ মিলছে। সংক্রমণ নিয়ন্ত্রণে শহরে মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনের সংখ্যা ২৫ থেকে বেড়ে দাঁড়িয়েছে ৪৫। এবার এক নয়া নিয়ম জারি করল প্রশাসন। এখন থেকে দোকান বাজারে বিক্রেতা পিছু একজন করে ক্রেতাকেই প্রবেশের অনুমতি দেওয়া হবে। অর্থাৎ, একসাথে একের বেশী লোক কেনাকাটা করতে পারবে না।

বৃহস্পতিবার কলকাতা পুরসভার মেয়র ফিরহাদ হাকিম ও রাজ্যের মুখ্যসচিব হরে কৃষ্ণ দ্বিবেদির একটি বৈঠকের পর এই সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

এদিনের বৈঠকে করোনা পরিস্থিতি সংক্রান্ত একটি বৈঠক হয়। বৈঠকে ফিরহাদ হাকিম, দ্বিবেদি ছাড়াও উপস্থিত ছিলেন কলকাতা পুলিশের উচ্চ আধিকারিক, স্বাস্থ্যদফতরের কর্তারা।

বৈঠকে ঠিক করা হয়, সংক্রমণ রুখতে বাজারে ভিড় কমাতে হবে। তাই এখন থেকে বিক্রেতা পিছু একজন ক্রেতা থাকবে। অর্থাৎ বাজারে যতসংখ্যক বিক্রেতা হয়েছেন, ঠিক তত সংখ্যক ক্রেতাই বাজারে ঢুকতে পারবেন। দ্রুতই সিদ্ধান্ত কার্যকর করা হবে এবং এই নিয়ম সঠিকভাবে পালন হচ্ছে কিনা তা দেখার দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে কলকাতা পুলিশকে।

বৃহস্পতিবার ভার্চুয়াল সাংবাদিক বৈঠকে রাজ্যের করোনা পরিস্থিতি নিয়ে উদ্বেগ প্রকাশ করেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। তিনি আরও কড়াভাবে বিধিনিষেধ পালন করার কথা জানান। সংক্রমণ যাতে ছড়িয়ে না পড়ে তার জন্য সকলকে সচেতন হতে অনুরোধ জানিয়েছেন।

কিছুদিন আগেই মেয়র তথা রাজ্যের মন্ত্রী ফিরহাদ হাকিম ঘোষণা করেন কোনও এলাকায় ৪-৫ জন ব্যক্তি করোনা আক্রান্ত হলেই সেখানে মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোন তৈরি করা হবে। মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনের এলাকাগুলিকে ব্যারিকেড করে দেওয়া হয়েছে। ছোট ছোট আবসনগুলিতে করোনার সংক্রমণ ছড়িয়ে পড়ার আশঙ্কা বেশী, তাই আগামী দিনে এগুলিকেও মাইক্রো কনটেইনমেন্ট জোনে রূপান্তরিত করা হতে পারে বলে জানা গিয়েছে।

Firhad Hakim: আজ ফের কলকাতার মেয়র হিসেবে শপথ নেবেন ফিরহাদ হাকিম

Firhad Hakim

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা : আজ কলকাতার ৩৯তম মেয়র হিসেবে শপথ নেবেন ফিরহাদ হাকিম। সেই সঙ্গে চেয়ারপার্সন এবং মেয়র পারিষদরাও শপথ নেবেন। শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানটিকে স্মরণীয় করতে পুরভবনের ভিতরের লনেই তৈরি হয়েছে মঞ্চ। মূল মঞ্চে থাকছে প্রায় ৩০টি আসন।

মঞ্চের সামনে ৫০০ অতিথির জন্য চেয়ারের ব্যবস্থা রাখা হয়েছে। শপথবাক্য পাঠ করাবেন প্রোটেম চেয়ারম্যান রাম পেয়ারি রাম। দুপুর ১টায় শপথগ্রহণ অনুষ্ঠান হবে। প্রসঙ্গত, এই প্রথমবার পুরভবনের লনে হবে শপথগ্রহণ অনুষ্ঠান।

২০১৫ সালে শোভন চ্যাটার্জি টাউন হলে শপথ নিয়েছিলেন। তাঁর আগে সব মেয়র পুরভবনের ভেতরে সভাকক্ষে শপথ নিয়েছিলেন। এবার অন্য ব্যবস্থা। মঞ্চ এবং অন্যান্য সাজসজ্জায় গত ২ দিন ধরেই সাজো সাজো রব।

নতুন করে মেয়রের অফিস সাজানো হয়েছে। নতুন কার্পেট, দেওয়ালে নতুন ওয়ালপেপার, নতুন আলোকসজ্জা বসানো হয়েছে। আসবাবপত্র নতুনের মতো করে পালিশ করা হয়েছে। জানা গেছে, আজ শপথগ্রহণের পরেই মেয়র সহ প্রত্যেকের ঘরের নামের ফলক লাগিয়ে দেওয়া হবে। শুধু মেয়রই নয়, তাঁর পারিষদবর্গের ঘরও নতুন করে সাজানো চলছে। পারিষদদের ঘরেও লাগানো হয়েছে নতুন ওয়ালপেপার।

জানা গেছে, আজকের শপথগ্রহণ অনুষ্ঠানে উপস্থিত থাকতে পারেন কলকাতার সমস্ত বিধায়ক, সাংসদ এবং মন্ত্রীরা। একাধিক বিশিষ্ট চিকিত্‍সকও সেই অনুষ্ঠানে থাকতে পারেন। আজ মেয়রের শপথ অনুষ্ঠান উপলক্ষে পুরভবনে থাকবে আঁটোসাঁটো নিরাপত্তা ব্যবস্থা।

KMC: ববিতেই ভরসা মমতার, ফের মেয়র

Firhad Hakim

News Desk: কলকাতার মেয়র ফিরহাদ হাকিম হলেন। ডেপুটি মেয়র অতীন, মেয়র ইন কাউন্সিল পদে ১৩ জনের নাম ঘোষণা মুুুুুখ্যমন্ত্রীর। 

পুরনিগমের ভোটে বিপুল জয় এসেছে। লেগেছে ছাপ্পা ভোটের তকমা। তবে তৃণমূল কংগ্রেস সব অভিযোগ উড়িয়ে দিয়েছে। জয়ের পর ববি হাকিম যে ফের মেয়র পদে বসছেন তা স্পষ্ট হয়ে যায়। কারণ তিনি ছাড়া আর কেউই এই মুহূর্তে তৃণমূল কংগ্রেসের হাতে নেই।

গত ২০১৮ সালের ডিসেম্বর মাসে ফিরহাদ হাকিমকে মেয়র করেছিলেন তৃণমূল সুপ্রিমো মমতা। প্রাক্তন মেয়র শোভন চট্টোপাধ্যায়ের তৃণমূল ত্যাগ, বিবাহবহির্ভূত সম্পর্ক নিয়ে বিরক্ত মুখ্যমন্ত্রীর কাছে পুর ও নগরোন্নয়ন মন্ত্রী হিসেবে ববি হাকিম ছাড়া আর কেউ ছিলেন না। ফলে অ্যাক্সিডেন্টাল মেয়র হিসেবে ববি আবির্ভূত হন।

তাঁকে সামনে রেখেই পুর নির্বাচন লড়াই করেছে তৃণমূল কংগ্রেস। তবে ববি হাকিমের দাবি, মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের নেতৃত্বেই সব হয়েছে।

KMC: মমতার পছন্দ ‘অ্যাক্সিডেন্টাল মেয়র’ ববি, শিলমোহরের অপেক্ষা

Firhad Hakim

News Desk: শিলমোহরের অপেক্ষা। শপথ ৩১ জানুয়ারি। কলকাতা পুরনিগমের মেয়র পদেই থাকতে চলেছেন ফিরহাদ হাকিম (ববি)। মহারাষ্ট্র ভবনে বৈঠকে দলনেত্রী তথা মুখ্যমন্ত্রীর ইচ্ছাকে মর্যাদা দিতে আনুষ্ঠানিক বৈঠকের পর ঘোষণা শুধু বাকি আছে।

পুরনিগমের ভোটে বিপুল জয় এসেছে। লেগেছে ছাপ্পা ভোটের তকমা। তবে তৃণমূল কংগ্রেস সব অভিযোগ উড়িয়ে দিয়েছে। জয়ের পর ববি হাকিম যে ফের মেয়র পদে বসছেন তা স্পষ্ট হয়ে যায়। কারণ তিনি ছাড়া আর কেউই এই মুহূর্তে তৃণমূল কংগ্রেসের হাতে নেই।

গত ২০১৮ সালের ডিসেম্বর মাসে ফিরহাদ হাকিমকে মেয়র করেছিলেন তৃণমূল সুপ্রিমো মমতা। প্রাক্তন মেয়র শোভন চট্টোপাধ্যায়ের তৃণমূল ত্যাগ, বিবাহবহির্ভূত সম্পর্ক নিয়ে বিরক্ত মুখ্যমন্ত্রীর কাছে পুর ও নগরোন্নয়ন মন্ত্রী হিসেবে ববি হাকিম ছাড়া আর কেউ ছিলেন না। ফলে অ্যাক্সিডেন্টাল মেয়র হিসেবে ববি আবির্ভূত হন।

তাঁকে সামনে রেখেই পুর নির্বাচন লড়াই করেছে তৃণমূল কংগ্রেস। তবে ববি হাকিমের দাবি, মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের নেতৃত্বেই সব হয়েছে।

কে মেয়র, মমতার রহস্যের আড়ালে ববির মুচকি হাসি

mamata banerjee

News Desk, Kolkata: মঙ্গলবার কলকাতা পুরসভায় সবুজের ঝড় তুলেছে তৃণমূল কংগ্রেস। এরপর থেকেই নতুন মেয়র কে হবে তা নিয়ে জল্পনা শুরু হয়েছে। অন্যদিকে, মঙ্গলবার অসমের কামাখ্যা মন্দিরে দর্শনে গিয়েছেন রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়।

এদিন কলকাতা বিমানবন্দরে দাঁড়িয়ে তিনি জানিয়েছেন, আগামী ২৩ ডিসেম্বর দুপুর ২ টোয় মহারাষ্ট্র ভবনে সকল জয়ী প্রার্থীদের উপস্থিতিতে নতুন মেয়রের নাম প্রস্তাব করা হবে এবং আলোচনার মাধ্যমে এবং সকলের মত নিয়ে চূড়ান্ত সিদ্ধান্ত নেওয়া হবে।

কলকাতা পুরসভার প্রাক্তন মেয়র ফিরহাদ হাকিম পুরভোটে জয়লাভ করেছেন। ফলে আগামী মেয়র হিসেবে তাঁর নামই অগ্রাধিকার পেয়েছে। যদিও ফিরহাদ হাকিম নিজেকে দলের ‘অনুগত সৈনিক’ হিসেবে সম্বোধন করেছেন। তাঁর কথায়, দলের হয়ে যেকোনো কাজই নিষ্ঠার সাথে করতে রাজি তিনি। নতুন মেয়রের পদের জন্য উঠে এসেছে ৪৪ নং ওয়ার্ডের জয়ী প্রার্থী মালা রায়ের নামও। তবে জল্পনার অবসান ঘটিয়ে নতুন মেয়রের নাম জানতে এখনও আরও একটি দিন অপেক্ষা করতে হবে বলে মন্তব্য করেন মুখ্যমন্ত্রী।

KMC Election: দুর্নীতির হিমালয় প্রমাণ অভিযোগ নিয়েও TMC ‘নিশ্চিন্ত’, বিরোধীরা ওয়ার্ড খুঁজছে

Firhad Hakim

News Desk: বিরোধী দল বিজেপি কি জমি ছেড়ে দিচ্ছে ? দলীয় নেতাদের ভোটে গা ছাড়া মনোভাব নিয়ে তেমননই প্রশ্ন সমর্থকদের মধ্যে। ‘ধসাতঙ্কে’ ভূগছে বিজেপি। তবে বিরোধী দলনেতা হুঙ্কার ছেড়েছেন। কলকাতা পুরনিগম (KMC Election) ভোটে দল জয়ী হলে বিপুল কর ছাড় প্রতিশ্রুতি দেওয়া হয়েছে। তৃতীয় পক্ষ বামফ্রন্ট মিছিলে আছে। তবে ভোটে নেই তা বিগত নির্বাচনগুলিতেই স্পষ্ট।

শাসক তৃণমূল কংগ্রেস ‘নিশ্চিন্ত’। বিধানসভা নির্বাচন থেকে পরপর জয়। উপনির্বাচনে জয়ের ধারা অটুট। সর্বপোরি, বিরোধী দল বিজেপি থেকে ফের তৃণমূলে প্রত্যাবর্তনের ধারা বইছে। টিএমসির বিরুদ্ধে আছে হিমালয় প্রমাণ দুর্নীতির অভিযোগ। চাপে নেই মমতা শিবির। ছোট লালবাড়ির ‘ভোট করাতে’ ওয়ার্ডস্তরে দলনেত্রীর বিশেষ নির্দেশ পৌঁছে গেছে।

কলকাতা পুরনিগমের (KMC) আদুরে নাম. ‘ছোট লালবাড়ি’। পূর্বতন রাজ্য প্রশাসনিক কেন্দ্র মহাকরণের ডাক নাম ‘বড় লালবাড়ি’। এই নামের সঙ্গে তাল মিলিয়ে কে যে পুরনিগম (পুরসভা) ‘ছোট লালবাড়ি’ রেখেছিল তার খোঁজ পাওয়া জল জমা সমস্যা সমাধানের থেকেও কঠিন।

রবিবার ভোট। ‘একুশের ভোট’ নামে ২০২১ সালের বহু আলোচিত পশ্চিমবঙ্গের বিধানসভা নির্বাচনের পর বছরটির সর্বশেষ ভোট যুদ্ধে নামছেন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। পুরনিগমের বিদায়ী মেয়র তথা প্রশাসক ফিরহাদ হাকিম ফের মেয়র?

বিধানসভায় শূন্য হয়ে গেলেও বামফ্রন্টোর কটাক্ষ, নারদা মামলার সেই বিতর্কিত ফুটেজে অভিযুক্ত টিএমসির ফিরহাদ হাকিম ছাড়া মমতার গতি নেই। ঠিক যেমন নারদা ঘুষ কাণ্ডের অভিযুক্ত তৎকালীন মমতা ছায়াসঙ্গী শুভেন্দু অধিকারী বিজেপি হয়ে গিয়ে রাজ্যের বিরোধী দলনেতা।

প্রদেশ কংগ্রেসের অভিযোগ। টিএমসি বিজেপি সেটিং স্পষ্ট। তবে ভোট লড়াই হবে। কংগ্রেস ভাঙানোর খেলায় মমতা নিজের বিপদ ডেকে আনছেন বলেও সতর্কতা দিতে শুরু করেছেন দলটির সর্বভারতীয় নেতারা।

মুখ্যমন্ত্রী হিসেবে বিজেপি বিরোধী মুখ হওয়ার তীব্র প্রচারের জন্য গোয়া, মহারাষ্ট্রে দৌড়েছেন। ব্যর্থতা এসেছে। উত্তর প্রদেশেও যেতে মরিয়া চেষ্টা করছেন। ডাক পাচ্ছেন না। আবার মেঘালয়ে কংগ্রেস ভাঙিয়ে প্রধান বিরোধী দলের মর্যাদায় টিএমসিকে তুলেছেন। ত্রিপুরার পুর ভোটে শূন্য থেকে ১৬ শতাংশে পৌঁছে গেছেন।

সফলতা ব্যর্থতার মিশেলে টানা তিনবার রাজ্যে মুখ্যমন্ত্রী হয়েছেন। ছোট লালবাড়ি দখল না হলে বৃত্ত সম্পূর্ণ হবে না। মমতা খুব ভালো করে জানেন সেটা।

বিএসএফের আওতা বাড়িয়ে মোদি সরকার রাজ্যের অধিকারে হস্তক্ষেপ করছে: ফিরহাদ হাকিম

Firhad Hakim

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: পশ্চিমবঙ্গ, অসম এবং পাঞ্জাবে আন্তর্জাতিক সীমানার অভ্যন্তরে সীমান্তরক্ষী বাহিনী বা বিএসএফের এর আওতা ১৫ কিলোমিটার থেকে বাড়িয়ে ৫০ কিলোমিটার করার সিদ্ধান্ত নিল নরেন্দ্র মোদি সরকার।

কেন্দ্রীয় সরকার এক বিজ্ঞপ্তিতে জানিয়েছে, মণিপুর, মিজোরাম, ত্রিপুরা, নাগাল্যান্ড, মেঘালয় কেন্দ্রশাসিত জম্মু কাশ্মীর ও লাদাখ এবং বাংলা পাঞ্জাব, অসম ও রাজস্থানে আন্তর্জাতিক সীমানার অভ্যন্তরে ৫০ কিলোমিটার পর্যন্ত এলাকা বিএসএফ-এর আওতায় থাকবে। কেন্দ্রের এই সিদ্ধান্তের কড়া সমালোচনা করেছে পশ্চিমবঙ্গ ও পাঞ্জাব সরকার। রাজ্যের শাসক দল তৃণমূল কংগ্রেস কেন্দ্রের এই সিদ্ধান্তের তীব্র প্রতিবাদ জানিয়েছে। রাজ্যের পরিবহণ মন্ত্রী ও তৃণমূল কংগ্রেস নেতা ফিরহাদ হাকিম মোদি সরকারের এই সিদ্ধান্তকে অগণতান্ত্রিক ও স্বৈরাচারী পদক্ষেপ বলে উল্লেখ করেছেন।

কেন্দ্রের নতুন নির্দেশিকা অনুযায়ী, এবার পশ্চিমবঙ্গ, অসম, পাঞ্জাবে আন্তর্জাতিক সীমান্ত থেকে ভারতীয় ভূখণ্ডের ৫০ কিলোমিটার এলাকা পর্যন্ত বিএসএফ প্রয়োজনে যেকোনও কাউকে গ্রেফতার করতে পারবে। শুধু গ্রেফতার নয়, চালাতে পারবে তল্লাশি অভিযান এবং যেকোন জিনিসপত্র বাজেয়াপ্ত করতে পারবে কেন্দ্রীয় বাহিনী।

নরেন্দ্র মোদি সরকারের এই একতরফা সিদ্ধান্তের তীব্র প্রতিবাদ জানিয়েছেন পশ্চিমবঙ্গের পরিবহণ মন্ত্রী তথা তৃণমূল কংগ্রেস নেতা ফিরহাদ হাকিম। মন্ত্রী বলেছেন, কেন্দ্রীয় সরকার দেশে যুক্তরাষ্ট্রীয় কাঠামোকে অস্বীকার করছে। আইন-শৃঙ্খলা সম্পূর্ণ রাজ্য সরকারের বিষয়। কিন্তু নরেন্দ্র মোদি সরকার কেন্দ্রীয় সংস্থার মাধ্যমে রাজ্যের কাজেও হস্তক্ষেপ করার চেষ্টা করছে। এটা অন্যায় ও অনৈতিক। মোদি সরকার অগণতান্ত্রিক উপায়ে দেশ চালাতে চাইছে। মোদি সরকার যে স্বৈরাচারী মনোভাব নিয়ে চলে কেন্দ্রের এই সিদ্ধান্তে সেটাই আরও একবার স্পষ্ট হয়ে গিয়েছে। কিন্তু সরকারের এই সিদ্ধান্ত কোনওভাবেই মেনে নেওয়া যায় না। আমরা কেন্দ্রকে এই সিদ্ধান্ত প্রত্যাহার করার আর্জি জানাচ্ছি। মোদি সরকার যদি আমাদের দাবি মেনে না নেয়, তাহলে আমরা কেন্দ্রের বিরুদ্ধে পথে নেমে লড়াই করব।

ফিরহাদ সুরে সুর মিলিয়ে একই কথা বলেছেন পাঞ্জাবের মুখ্যমন্ত্রী চরণঞ্জিৎ সিং চান্নি। তিনি বলেছেন, কেন্দ্রের এই সিদ্ধান্ত অযৌক্তিক। তাই কেন্দ্রকে অবিলম্বে এই সিদ্ধান্ত প্রত্যাহার করতে হবে।

অন্যদিকে কেন্দ্রের দাবি, সম্প্রতি কাশ্মীর সীমান্তে প্রকৃত নিয়ন্ত্রণরেখা পেরিয়ে বেশ কয়েকবার ড্রোনের মাধ্যমে অস্ত্র পৌঁছে দিয়েছে জঙ্গিরা। এ ধরনের ঘটনা ঠেকাতেই কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক বিএসএফ-এর আওতাধীন এলাকা বাড়ানোর সিদ্ধান্ত নিয়েছে। অমিত শাহর স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক মনে করছে, বিএসএফের ক্ষমতা বৃদ্ধি পেলে জঙ্গিদের এ ধরনের কার্যকলাপ প্রতিরোধ করা সম্ভব হবে।

সে কারণেই পাকিস্তান ও বাংলাদেশের সঙ্গে আন্তর্জাতিক সীমান্ত রয়েছে এমন ৩ রাজ্য বাংলা, অসম ও পাঞ্জাবে সীমান্তরক্ষী বাহিনী বা বিএসএফের ক্ষমতা বাড়ানো হয়েছে। তবে কেন্দ্রের এই সিদ্ধান্তকে নিন্দনীয় বলেছে পশ্চিমবঙ্গ ও পাঞ্জাব সরকার। দুই রাজ্যের পক্ষ থেকে বলা হয়েছে, তাদের সঙ্গে কোনও রকম আলোচনা না করেই মোদি সরকারের এই সিদ্ধান্ত নিয়েছে। আসলে মোদি সরকার সরাসরি পেরে উঠতে না পেরে ঘুরিয়ে রাজ্যের অধিকারে হস্তক্ষেপ করতে চাইছে। এটা কখনওই মানা যায় না।

ধপাস! বাংলার মাটি থেকে পা সরে গেল বিজেপির: ফিরহাদ

নিউজ ডেস্ক: আগামী ৩০ সেপ্টেম্বর ভবানীপুর কেন্দ্রে উপনির্বাচনের ঘোষণা করেছে নির্বাচন কমিশন। মুখ্যমন্ত্রী থাকতে হলে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে এই আসনে জয় পেতেই হবে। নির্বাচন কমিশন জানিয়েছে, ভোট গণনা হবে ৩ অক্টোবর। এ ছাড়া একই সময়ে নির্বাচন ও ভোট গণনা হবে রাজ্যের আরো দুই আসন সমশেরগঞ্জ এবং জঙ্গিপুরে। ভবানীপুর-সহ বাকি ৭টি বিধানসভা আসনে ভোট করানোর দাবিতে বার বার কমিশনের দ্বারস্থ হয়েছিল তৃণমূল কংগ্রেস। তাদের দাবি ছিল, রাজ্যো করোনা সংক্রমণ অনেকটাই কম। তাই ভোট করানো যেতে পারে।

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তারপরেই মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের (Mamata Banerjee) সমর্থনে দেওয়াল লিখন করতে নামলেন ফিরহাদ হাকিম (Fihad Hakim)। ফিরহাদ বলেন, “মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় ভবানীপুরের ঘরের মেয়ে। কারণ তিনি জন্মেছেন ভবানীপুরে, বড় হয়েছেন ভবানীপুরে এবং দীর্ঘদিন ধরে ভবানীপুরে বিধায়ক ছিলেন। এবারও এই কেন্দ্রের বিধায়ক হতে চলেছেন।”

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নির্বাচনের দিন ঘোষণা করার জন্য কমিশনকেও ধন্যবাদ জানিয়েছেন তিনি। ফিরহাদ হাকিম বলেন, “ধন্যবাদ জানাই কমিশনকে। দেরিতে হলেও ন‍্যায়ের বিচার হয়েছে। বিজেপি গণতন্ত্রের দোহাই নিয়ে রাজনীতি চেষ্টা করে। আর তৃণমূল কংগ্রেস গণতন্ত্র রক্ষা করে। বিজেপি ভেবেছিল বাংলার মাটিতে পা পড়বে। বাংলার মাটি থেকে বিজেপির পা সরে গিয়েছে।”

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তৃণমূল মোট ২১৩ টি সিট পেয়ে ক্ষমতায় এসেছিল বিধানসভা নির্বাচনে। তারপরেও ভারতীয় জনতা পার্টি থেকে প্রায় ছ’জন বিধায়ক যোগ দিয়েছেন রাজ্যের শাসকদলে। সেই সংখ্যাটাও আরও বাড়তে পারে। এবার উপনির্বাচনে সেই আসন সংখ্যা আরও বাড়ানোর সুযোগ এসেছে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের দলের কাছে।