ईस्ट बंगाल की नजर में उज़्बेक डिफेंडर बाबुरबेक यूलदाशेव

Boburbek Yuldashev: The Potential Solution to East Bengal’s Defensive Woes

पिछले सीजन में इमामी ईस्ट बंगाल (East Bengal) ने ट्रांसफर मार्केट में कुछ बड़े कदम उठाए थे। कई हाई-प्रोफाइल खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया, जिससे प्रशंसकों में नए जोश का संचार हुआ। लेकिन मैदान पर यह उम्मीदें पूरी नहीं हो पाईं। डूरंड कप के क्वार्टर फाइनल में आई-लीग टीम के खिलाफ हार और इंडियन सुपर लीग में शुरुआती छह मैचों में हार ने टीम के प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए। इस समय टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे है और इसे फिर से उठाने के लिए बड़े बदलावों की जरूरत है।

स्पैनिश कोच कार्लेस कुआड्रेट के टीम छोड़ने के बाद उनकी जगह ऑस्कर ब्रूज़न को नियुक्त किया गया। उनके आने के बाद टीम ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के खिलाफ पहली जीत हासिल की। हालांकि यह जीत प्रशंसकों को थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन टीम के कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल बने हुए हैं।

खासतौर पर, स्पैनिश डिफेंडर हेक्टर युस्ते और ब्राजीलियन स्टार क्लेटन सिल्वा का प्रदर्शन कोच की आलोचना का केंद्र बना हुआ है। युस्ते ने पहले एएफसी चैलेंज लीग में चोटिल होने के बाद टीम से बाहर रहकर वापसी की थी। हालांकि, उनकी मौजूदा फॉर्म संतोषजनक नहीं है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने उन्हें विंटर ट्रांसफर विंडो में रिलीज़ करने का फैसला किया है।

Boburbek Yuldashev: The Potential Solution to East Bengal’s Defensive Woes

युस्ते की जगह टीम उज़्बेकिस्तान के डिफेंडर बाबुरबेक यूलदाशेव को टीम में शामिल करने पर विचार कर रही है। 31 वर्षीय यह सेंटर बैक वर्तमान में बुनीयादकोर ताशकंद क्लब के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने वहां की लीग में 11 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2 गोल और 1 असिस्ट किया है। उनकी शारीरिक क्षमता, अनुभव और खेल में प्रभाव डालने की क्षमता ईस्ट बंगाल की रक्षा पंक्ति को मजबूती दे सकती है।

हालांकि, बाबुरबेक के साथ अनुबंध अभी तक अंतिम नहीं हुआ है। टीम प्रबंधन इस पर विचार कर रहा है। उनकी प्राथमिकता टीम की डिफेंस को मजबूत करना और आईएसएल में बेहतर प्रदर्शन करना है। प्रशंसकों को उम्मीद है कि नए खिलाड़ी के जुड़ने और नए कोच की रणनीति से टीम फिर से वापसी करेगी।

गोवा ने केरल को हराकर ISL के टॉप 6 में अपनी स्थिति मजबूत की

FC Goa Triumphs Over Kerala Blasters with 1-0 Win, Moves Up in ISL Standings

आईएसएल 2024-25 सीज़न के नौवें मैच में एफसी गोवा (FC Goa) ने गुरुवार को कोच्चि में खेले गए मैच में केरल ब्लास्टर्स को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ गोवा ने 9 मैचों में 15 अंक प्राप्त कर इंडियन सुपर लीग के पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर कब्जा कर लिया है। यह जीत गोवा के लिए बेहद अहम है, खासकर तब जब वे एक महत्वपूर्ण अवे मैच खेल रहे थे।

मैच की शुरुआत से ही गोवा ने आक्रमण का रुख अपनाया। कोच राहुल केपी की अगुवाई में गोवा की टीम ने कई हमले किए, लेकिन पहला गोल संभव नहीं हो पा रहा था। केरल ब्लास्टर्स भी मौके बना रही थी, लेकिन गोवा की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने इन हमलों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया। पहले हाफ के दौरान, केरल के मोरक्को के स्ट्राइकर नोआ सादाउ ने एक आसान गोल का मौका गंवा दिया, जो उनके लिए दुर्भाग्यपूर्ण था।

गोवा की टीम का निर्णायक पल तब आया जब मैच के 40वें मिनट में बॉरिस सिंग ने एक शानदार गोल किया। गोवा के सीनियर खिलाड़ी ने केरल की रक्षापंक्ति में घुसकर पहले पोस्ट की दिशा में एक लंबा शॉट मारा, जो गोलकीपर सचिन सुरेश के प्रयास के बावजूद गोल में तब्दील हो गया। इसके साथ ही गोवा ने 1-0 की बढ़त बनाई, जो पहले हाफ तक बनी रही।

दूसरे हाफ की शुरुआत में, केरल ब्लास्टर्स ने फिर से आक्रमण करने की कोशिश की। कोरो सिंग, क्वामी पेपर और नोआ सादाउ ने गोल के कई मौके बनाए, लेकिन गोवा की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर ने इन्हें नाकाम कर दिया। इसके बाद, केरल को एक फ्री-किक से गोल बनाने का मौका मिला, लेकिन आद्रियन लूना उस मौके को भुना नहीं पाए। मैच के अंतिम क्षणों में, केरल के डिफेंडर संदीप सिंह ने एक आसान गोल का मौका गंवा दिया, जिसके बाद गोवा की जीत सुनिश्चित हो गई।

गोवा के कोच मैनोलो मार्क्वेज़ ने जीत के बाद कहा, “यह जीत हमारे आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और हमें आने वाले मैचों के लिए तैयार करेगी। हम लगातार सुधार कर रहे हैं और यह एक महत्वपूर्ण कदम है।”

यह जीत गोवा की टीम के लिए एक बड़ा मनोबल है, खासकर क्योंकि उन्होंने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी स्थिति को मजबूत किया है।

किशोर भारती में छेत्री का जलवा, पिछड़ने के बाद बेंगलुरु की शानदार जीत

Bengaluru FC Triumphs 2-1 Over Mohun Bagan with Sunil Chhetri's Magic

किशोर भारती स्टेडियम में बुधवार शाम बेंगलुरु एफसी (Bengaluru FC) ने अपने अनुभव और स्टार खिलाड़ियों के दम पर मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब (Mohammedan SC) को हराकर एक शानदार जीत दर्ज की। इंडियन सुपर लीग (ISL) के नौवें मैच में बेंगलुरु ने 2-1 से जीत हासिल की। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें बेंगलुरु के कप्तान और भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री (Sunil Chhetri) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मैच का पहला हाफ: मोहम्मडन की तेज शुरुआत
मैच की शुरुआत से ही मोहम्मडन स्पोर्टिंग आक्रामक खेल दिखा रही थी। खेल के आठवें मिनट में लबी मंजोकी ने एक शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। मोहम्मडन के मिडफील्डर फ्रांका और एलेक्सिस गोमेज़ ने कई आक्रामक मूव बनाए, लेकिन बेंगलुरु के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने उन्हें गोल करने से रोकने में कामयाबी पाई।

पहले हाफ के खत्म होने तक मोहम्मडन 1-0 की बढ़त बनाए हुए थी। घरेलू दर्शकों की उत्साहवर्धक उपस्थिति ने सुभाषिश बोस की अगुवाई वाली मोहम्मडन टीम को ऊर्जा दी।

दूसरे हाफ में बेंगलुरु की वापसी
दूसरे हाफ में बेंगलुरु एफसी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। कोच गेरार्ड जरागोजा ने मैदान पर स्टार स्ट्राइकर सुनील छेत्री को उतारा। छेत्री के मैदान पर आते ही बेंगलुरु का खेल पूरी तरह बदल गया। उनके अनुभव और नेतृत्व ने टीम को ऊर्जा दी।

मैच के 81वें मिनट में बेंगलुरु को पेनल्टी किक मिली, जब मोहम्मडन के एक डिफेंडर ने बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया। इस मौके को भुनाते हुए सुनील छेत्री ने शानदार पेनल्टी गोल किया और अपनी टीम को बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक आत्मघाती गोल
मैच का नाटकीय मोड़ अतिरिक्त समय में आया। बेंगलुरु ने आक्रामक खेल जारी रखा, और सुनील छेत्री ने विपक्षी डिफेंडरों पर दबाव बनाना शुरू किया। अतिरिक्त समय के नौवें मिनट में मोहम्मडन के डिफेंडर फ्लोरेंट ओगियर ने गलती से गेंद को अपने ही गोल पोस्ट में मार दिया, जिससे बेंगलुरु को 2-1 की बढ़त मिल गई।

बेंगलुरु की रणनीति का कमाल
बेंगलुरु की जीत में उनकी रणनीति और सुनील छेत्री की उपस्थिति निर्णायक रही। छेत्री ने न केवल गोल किया, बल्कि अपने अनुभव का उपयोग कर टीम को संकट से बाहर निकाला। गुरप्रीत सिंह संधू की गोलकीपिंग भी प्रशंसनीय रही, जिन्होंने पहले हाफ में मोहम्मडन के कई आक्रमणों को नाकाम किया।

मोहम्मडन की कोशिशें बेकार
मोहम्मडन स्पोर्टिंग ने मैच के शुरुआती मिनटों में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन दूसरे हाफ में उनकी रक्षात्मक कमजोरियां उजागर हो गईं। कोच आंद्रे चेरनिशेव की टीम ने बेंगलुरु के आक्रमण को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुनील छेत्री जैसे अनुभवी खिलाड़ी को रोक पाना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ।

जीत के मायने
इस जीत के साथ बेंगलुरु एफसी ने महत्वपूर्ण तीन अंक अर्जित किए। यह जीत न केवल उन्हें अंक तालिका में ऊपर ले जाएगी, बल्कि टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी। दूसरी ओर, मोहम्मडन स्पोर्टिंग को अपनी रक्षात्मक रणनीति पर फिर से काम करना होगा।

छेत्री का प्रदर्शन: उम्र को चुनौती
सुनील छेत्री ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र उनके लिए सिर्फ एक संख्या है। उन्होंने मैदान पर जिस ऊर्जा और कौशल का प्रदर्शन किया, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।

फैंस का उत्साह
किशोर भारती स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी। हालांकि घरेलू टीम की हार से स्थानीय प्रशंसक निराश हुए, लेकिन सभी ने सुनील छेत्री की खेल भावना और कौशल की तारीफ की।

अगले मुकाबलों पर नजर
बेंगलुरु एफसी अब अपनी इस जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी। वहीं, मोहम्मडन स्पोर्टिंग को अपनी कमजोरियों पर ध्यान देकर अगले मैचों में सुधार करना होगा।

सुनील छेत्री की लीडरशिप और बेंगलुरु एफसी की रणनीति ने एक बार फिर उन्हें विजेता बना दिया। मोहम्मडन स्पोर्टिंग ने शुरुआती बढ़त तो हासिल की, लेकिन सुनील छेत्री के अनुभव के आगे उनकी चुनौती कमजोर पड़ गई।

हाइलाइट्स:
लबी मंजोकी ने मोहम्मडन को शुरुआती बढ़त दिलाई।
सुनील छेत्री ने 81वें मिनट में पेनल्टी के जरिए बराबरी का गोल किया।
फ्लोरेंट ओगियर के आत्मघाती गोल ने बेंगलुरु को जीत दिलाई।

क्या कहते हैं आंकड़े:
मैच का स्कोर: बेंगलुरु एफसी 2-1 मोहम्मडन स्पोर्टिंग
बेंगलुरु के लिए छेत्री का गोल निर्णायक रहा।
आत्मघाती गोल ने मैच का पासा पलटा।

बेंगलुरु एफसी अब अपनी नजरें आगामी मैचों पर टिकाए हुए है, जबकि मोहम्मडन को अपनी गलतियों से सीखने की जरूरत है।

आईएसएल पर अपने विचार साझा करते हुए अलाउद्दीन अजारेई

Northeast United Star Alaaeddine Ajaraie Talks About ISL’s Growing Impact

नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के मोरक्कन खिलाड़ी अलाउद्दीन अजारेई (Alaaeddine Ajaraie) ने इस बार आईएसएल में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। डूरंड कप जीतकर सीज़न की शुरुआत करने वाली इस टीम ने आईएसएल में भी अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी है। पहले मैच में मोहम्मडन स्पोर्टिंग को हराने के बाद, नॉर्थईस्ट ने जमशेदपुर, ओडिशा, और बेंगलुरु एफसी जैसी मजबूत टीमों को हराकर टेबल पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

आईएसएल में अब तक नॉर्थईस्ट यूनाइटेड ने 9 मैचों में 15 पॉइंट्स हासिल किए हैं और पॉइंट टेबल में तीसरे स्थान पर है। अलाउद्दीन अजारेई ने टीम के लिए अहम योगदान दिया है। उन्होंने पहले मैच में निर्णायक गोल करने से लेकर अब तक टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है।

29 नवंबर को कोलकाता के युबा भारती स्टेडियम में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड का मुकाबला इमामी ईस्ट बंगाल से होगा। इस मैच में सभी की नजरें अलाउद्दीन अजारेई और जीथिन एमएस पर होंगी। ईस्ट बंगाल के मजबूत डिफेंस के सामने अलाउद्दीन का प्रदर्शन कैसा रहता है, यह देखने लायक होगा।

इस बीच, अलाउद्दीन अजारेई ने एक इंटरव्यू में आईएसएल और मोरक्को के फुटबॉल सिस्टम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “आईएसएल भारतीय खिलाड़ियों के विकास के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। यहां खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और अपनी स्किल्स को निखारने का भरपूर मौका मिलता है।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत और मोरक्को की आर्थिक स्थिति में ज्यादा अंतर नहीं है। लेकिन मोरक्को में खिलाड़ियों को अपनी फुटबॉल स्किल्स को सुधारने का उतना मौका नहीं मिलता, जितना यहां। मैं इंडियन सुपर लीग की तुलना कतर और सऊदी अरब की फुटबॉल लीग से कर सकता हूं।”

अलाउद्दीन अजारेई ने यह भी कहा, “मैं यहां खेलने का आनंद ले रहा हूं। टीम, सपोर्ट स्टाफ और प्रशंसकों ने मुझे बेहतरीन तरीके से स्वागत किया है।”

नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के शानदार प्रदर्शन और अलाउद्दीन जैसे खिलाड़ियों की सक्रिय भूमिका ने न सिर्फ टीम को मजबूत बनाया है, बल्कि पूरे आईएसएल की प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ाया है।

पंजाब से हारकर किसे दोष दे रहे हैं पेट्रो क्राटकी?

Mumbai City FC Struggles Against Punjab FC: Coach Petr Kratky Criticizes Team's Performance"

मंगलवार शाम को मुंबई एरिना में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के एक रोमांचक मुकाबले में मुंबई सिटी एफसी और पंजाब एफसी का आमना-सामना हुआ। इस मैच में पंजाब एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से जीत हासिल की। यह जीत नॉरबर्टो इजे़कुइल विडाल, लुका माजसेन और मुशागालुसा बकेंगा के गोलों की बदौलत संभव हुई।

इस जीत के साथ पंजाब एफसी ने 8 मैचों में 15 अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया है। दूसरी ओर, मुंबई सिटी एफसी 8 मैचों में केवल 10 अंकों के साथ 10वें स्थान पर बनी हुई है। पिछले सीज़न में शानदार प्रदर्शन कर चैंपियन बनी मुंबई सिटी इस सीज़न में अपने खेल से काफी संघर्ष करती नज़र आ रही है।

मैच का विश्लेषण
पंजाब एफसी ने शुरुआत से ही आक्रामक फुटबॉल खेली। पहले हाफ में नॉरबर्टो इजे़कुइल विडाल ने एक बेहतरीन गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में लुका माजसेन और मुशागालुसा बकेंगा के गोलों ने पंजाब की जीत को पक्का कर दिया।

मुंबई सिटी एफसी पूरे मैच में असंगठित खेल दिखाती रही। मिडफील्ड पर नियंत्रण खो देना और बार-बार गलत पास देना उनकी हार का मुख्य कारण बना।

पेट्रो क्राटकी (Petr Kratky) की प्रतिक्रिया
मैच के बाद मुंबई सिटी एफसी के कोच पेट्रो क्राटकी ने टीम की हार के लिए खिलाड़ियों की गलती और डिफेंस की कमजोरियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा,

“मैं कोई बहाना नहीं बनाना चाहता। हम सब एक साथ ट्रेनिंग करते हैं और हर कोई अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है। लेकिन आज मैदान पर बहुत सारी मिस पास और गलत फैसले हुए।”

उन्होंने आगे कहा,

गोल खाने की समस्या हमारी टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हमें कड़ी मेहनत करनी होगी और हर मैच से सीखना होगा।”

मुंबई का भविष्य
टीम अब अपने अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। हालांकि इस हार ने प्रशंसकों को निराश किया है, लेकिन मुंबई सिटी एफसी की टीम जल्दी ही वापसी करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोच क्राटकी और उनका प्रबंधन अब अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं।

Chennaiyin FC: चोट के बाद चेन्नईयिन के अभ्यास सत्र में लौटे लाल-हलू के पूर्व डिफेंडर

Ankit Mukherjee, Chennaiyin FC, Kerala Blasters , ISL,

आईएसएल अभियान की शुरुआत कर चुकी है चेन्नईयिन एफसी (Chennaiyin FC)। पिछले सत्र में कई मजबूत टीमों को हराकर यह क्लब भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) की टॉप 6 टीमों में पहुंच गया था। लेकिन फाइनल सफलता हासिल नहीं हुई। इसके बाद, एक और मैच में हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। अब वह सभी पिछले समय की बात है। इस नए सत्र में अंतिम सफलता हासिल करना मुख्य लक्ष्य है कोच वेन क्वील का। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने अपनी टीम को तैयार किया है। और इसी क्रम में टीम में एक के बाद एक मजबूत फुटबॉलर शामिल हो गए हैं।

हालांकि, केवल नए फुटबॉलर ही नहीं, चेन्नईयिन प्रबंधन ने टीम के कई पुराने खिलाड़ियों के साथ भी करार किया। उनमें से एक थे भारतीय डिफेंडर अंकित मुखर्जी। पिछले सत्र की शुरुआत में, उन्हें ईस्ट बंगाल फुटबॉल क्लब से चेन्नईयिन एफसी में लाया गया था। तब से जब भी उन्हें अवसर मिला, उन्होंने आईएसएल चैंपियन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश की।

लेकिन, पिछले अक्टूबर में, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के खिलाफ एक मैच के दौरान चोटिल हो गए। उस मैच में पूरे अंक के साथ चेन्नईयिन लौटे, लेकिन अंकित की चोट की स्थिति ने कोच और उनके साथियों को चिंता में डाल दिया। इसके परिणामस्वरूप, वह अगले मैचों में मैदान में नहीं उतर पाए। लेकिन अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और टीम के साथ अभ्यास सत्र में शामिल हो गए हैं।

गुरुवार से, वह चेन्नईयिन के अभ्यास सत्र का हिस्सा बन रहे हैं। अगर सब कुछ ठीक रहता है, तो वह 24 नवंबर को केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ एक मैच में खेलते नजर आ सकते हैं। वर्तमान में, 8 मैचों में 12 अंकों के साथ चेन्नईयिन एफसी आईएसएल की तालिका में चौथे स्थान पर है। मुंबई सिटी के खिलाफ पिछले मैच में अंक बांटने के बाद, केरला ब्लास्टर्स के खिलाफ मैच जीतने का लक्ष्य है ताकि टीम तालिका के शीर्ष पर पहुंच सके।

पार्थिव गोगोई के प्रदर्शन पर बेंली की नज़र, आईएसएल जीतने का सपना

NorthEast United Coach Juan Pedro Benali Aims for ISL Glory with Emerging Talent Parthib Gogoi

इस बार नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी (NorthEast United) ने इंडियन सुपर लीग (ISL) में एक शानदार प्रदर्शन के साथ शुरुआत की है। पिछले सीजन में मिली सफलताओं का सिलसिला बरकरार रखते हुए टीम ने इस बार ऐतिहासिक डुरंड कप का खिताब भी अपने नाम किया। खासतौर पर शक्तिशाली मोहन बागान सुपर जाइंट को हराकर नॉर्थईस्ट यूनाइटेड ने यह पहली बार जीता है, जिसने उन्हें लीग के अन्य टीमों के बीच अलग पहचान दिलाई है। डुरंड कप के बाद भी बेंली की टीम ने आईएसएल में अपने पहले ही मैच में मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब को हराकर तीन अंक हासिल किए, जिसमें अलाउद्दीन अजारी ने एकमात्र गोल किया।

टूर्नामेंट के बीच में उन्हें एक झटका मोहन बागान के खिलाफ हार के रूप में मिला, लेकिन इस हार के बाद भी टीम ने हौसला नहीं खोया। लगातार तीन मैचों में थोड़ी गिरावट के बाद, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड ने जमशेदपुर एफसी के खिलाफ धमाकेदार वापसी की और आसान जीत हासिल की। इस प्रदर्शन ने उन्हें पॉइंट्स टेबल में पाँचवें स्थान पर पहुंचा दिया है, जहाँ उन्होंने अब तक खेले गए ६ मैचों में ८ अंक अर्जित किए हैं।

नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की इस सफलता का श्रेय कोच पेड्रो बेंली के मार्गदर्शन और युवा भारतीय फारवर्ड पार्थिव गोगोई (Parthib Gogoi) को भी जाता है। मात्र २१ वर्ष के पार्थिव ने अब तक ५ मैचों में २ गोल और १ असिस्ट देकर खुद को साबित किया है। उनका प्रदर्शन पिछले सीजन से ही निरंतर सुधार पर है और उन्हें राष्ट्रीय टीम में भी कुछ मौकों पर बुलाया गया है।

बेंली का पार्थिव पर भरोसा और आईएसएल जीत का सपना
स्पेनिश कोच पेड्रो बेंली पार्थिव को लेकर काफी सकारात्मक हैं और उन्हें टीम की सफलता में महत्वपूर्ण मानते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में बेंली ने कहा, “मुझे पार्थिव पर गर्व है। वह मैदान पर लगातार सुधार कर रहा है और उसके प्रदर्शन से मैं खुश हूँ। जो लोग आँकड़ों को लेकर चिंता करते हैं, वे कुछ समय के लिए शांत रहें। हम आगे के मैचों में और भी बेहतरीन प्रदर्शन देखेंगे।”

जमशेदपुर के खिलाफ मैच में पार्थिव के दो गोल और शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी मिला। बेंली के इस विश्वास और पार्थिव के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के आईएसएल खिताब के सपने को और मजबूत किया है।

East Bengal FC bounced back: পুরোনো ছন্দে লাল-হলুদ ব্রিগেড

East-Bengal-FC

গুয়াহাটির ইন্দিরা গান্ধী অ্যাথলেটিক স্টেডিয়ামে নর্থইস্ট ইউনাইটেড এফসিকে ১-৩ গোলে উড়িয়ে দিয়ে ২০২২-২৩ ইন্ডিয়ান সুপার লিগের (ISL) প্রথম জয় পেল ইস্টবেঙ্গল এফসি (East Bengal FC)। টানা দুম্যাচ হেরে খাঁদের কিনারায় থাকা একটা দল যেন জ্বলে উঠলো মশাল হাতে। আর এই জয়ের সঙ্গেই গুটি কয়েক লাল হলুদ সমর্থক,যারা অনেক আশা নিয়ে পাহাড়ে পা রেখেছিলেন আজ তাদের […]

সংবাদটি বিস্তারিত পড়তে ক্লিক করুন East Bengal FC bounced back: পুরোনো ছন্দে লাল-হলুদ ব্রিগেড

ISL: এফসি গোয়ার কাছে হেরে গেল ইস্টবেঙ্গল

East Bengal lost to FC Goa

ISL: ঘরের মাঠে এফসি গোয়ার বিরুদ্ধে হোম অ্যাডভান্টেজ নিতে পারলো না ইস্টবেঙ্গল এফসি। ১-২ গোলে হেরে গেল লাল হলুদ ব্রিগেড।

৭ মিনিটে ব্র‍্যান্ডন ফার্নান্ডেজের গোলে এগিয়ে যায় এফসি গোয়া। বক্সের মাঝখান থেকে নেওয়া ব্র‍্যান্ডনের ডান পায়ের শট ইস্টবেঙ্গলের জালে জড়িয়ে যায়।৬৪ মিনিটে ইস্টবেঙ্গল পেনাল্টি পায় এবং ক্লেইটন সিলভার গোলে ইস্টবেঙ্গল এফসি ১-১ গোলের সমতাতে ফিরে আসে।৯৫ মিনিটে এদু বেইতিয়ার গোলে শেষ মুহুর্তে গোল করে এফসি গোয়া ম্যাচ জিতে যায়।

এফসি গোয়া কলকাতার যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে লাল হলুদ সমর্থকদের সামনে থেকে তিন পয়েন্ট পকেটে পুরে নিলেও প্রচুর গোলের সুযোগ হাতছাড়া করেছে।এদিনের ম্যাচে ইস্টবেঙ্গলের বিরুদ্ধে এফসি গোয়ার স্কোরার ব্র‍্যান্ডন, রিডিম ত্লাং, আইবনভা দোহলিং , নূহ সাদাউই প্রত্যেকেই গোলের সুযোগ পেয়েও কাজে লাগাতে পারেনি।অন্যদিকে, ঘরের মাঠ যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে লাল হলুদ সমর্থকদের নিরাশ করেছে ইস্টবেঙ্গল এফসির ফুটবলারেরা। অ্যালেক্স, সুমিত পাসি, জর্ডন, ক্লেইটন সিলভারা গোলের সুযোগ হাতছাড়া করে।যা দেখে স্বভাবতই হতাশ লাল হলুদ ভক্তরা।

Stephen Constantine: গোয়া ম্যাচের আগে সমর্থকদের উদ্দ্যেশে বার্তা ইস্টবেঙ্গল কোচের

stephen constantine

গত ISL’র ‘লাস্ট বয়’ ইস্টবেঙ্গল মাত্র চার সপ্তাহের প্রস্তুতিতে ইন্ডিয়ান সুপার লিগ (ISL) খেলতে নেমেছে,তাই পাশে পেলে তিনি অনেক ভাল কিছু করে দেখাতে পারেন এবং ইস্টবেঙ্গলের হৃত গৌরব ফিরিয়েও আনতে পারেন। কিন্তু সে জন্য সমর্থকদের ধৈর্য্যশীল হতে হবে।

মঙ্গলবার প্রি ম্যাচ প্রেস কনফারেন্সে এসে এমনটাই শোনালেন স্টিফেন কনস্টাটাইন (Stephen Constantine)। বুধবার,২০২২-২৩ ISL মরসুমে প্রথম ঘরের মাঠ যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে খেলতে নামছে লাল হলুদ ব্রিগেড, প্রতিপক্ষ এফসি গোয়া।

ইতিমধ্যেই, এফসি গোয়া কোচ কার্লোস পেনা বলেই দিয়েছে,যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে লাল হলুদ সমর্থকদের সামনে পারফর্ম করাটাই চ্যালেঞ্জিং। কতকটা একই সুর শোনা গেল লাল হলুদ কোচের মুখে। বুধবারের ম্যাচে লাল হলুদ জনতা এক্স ফ্যাক্টর হতে চলেছে তা প্রতিপক্ষ দু’দলের কোচের কথাতেই পরিষ্কার।

ইস্টবেঙ্গল এফসি’র ব্রিটিশ কোচ স্টিফেন কনস্টান্টাইন প্রি ম্যাচ প্রেস কনফারেন্সে এসে সমর্থকদের উদ্দ্যেশে স্পষ্ট বার্তা ছুঁড়ে দিয়ে বলেন,”গত চার সপ্তাহ ধরে আমরা একসঙ্গে আছি। কেরালা ব্লাস্টার্সের বিরুদ্ধে ৭০ মিনিটের কথা ভাবছি। ওরা তো গত দু’বছর ধরে একসঙ্গে খেলছে। আমার মনে হয় আমরা ভালই খেলেছি। অন্য দল হলে হয়তো আত্মসমর্পণ করত ও চার-পাঁচ গোল খেয়ে নিত। কিন্তু আমাদের দল সে রকম নয়। তা ছাড়া আমাদের তুহীন দাস ও লালচুঙনুঙ্গা এই প্রথম আইএসএল খেলছে।”

লাল হলুদের বৃটিশ কোচের কথায়, ” দু’সপ্তাহের মধ্যে একটা দল তৈরি করে ফেলা ঠিক নয়। সব বিভাগেই উন্নতি করতে হবে আমাদের। প্রতি ম্যাচেই উন্নতি করতে হবে আমাদের। আমাদের দলটা এখন নতুন করে তৈরি হওয়ার প্রক্রিয়ার মধ্যে দিয়ে চলছে। গত দুবছরে লিগ তালিকার একেবারে নীচের দিকে ছিল আমাদের দল। এ বারে আমাদের ছেলেদের বুঝতে হবে, ওদের কী করতে হবে। আমাদের ছ’জন ভাল বিদেশি রয়েছে এবং একঝাঁক প্রতিভাবান ভারতীয় ফুটবলার আছে। ওরা সবাই কঠিন পরিবেশের মধ্যে পরিশ্রম করে চলেছে। এটা আমাদের করে যেতেই হবে। কারণ, আমাদের নিজেদের প্রমাণ করতে হবে।”

টিমের প্রতি সমর্থকদের ভরসা অনেকটাই ঠুনকো, এই স্কোয়াড চলতি ISL টুর্নামেন্টে কতটা দৌড়তে পারবে তা নিয়ে লাল হলুদ সমর্থকদের মধ্যেও সংশয় রয়েছে। এমন অবস্থায় দলের প্রতি আস্থা বজায় রাখার প্রেক্ষিতে ইস্টবেঙ্গল কোচ স্টিফেন কনস্টাটাইন বলেন,”আশা করি, কাল এফসি গোয়ার বিরুদ্ধে আমরা তিন পয়েন্ট পাব।”

গত ISL’র লাস্ট বয় ইস্টবেঙ্গল এফসি, বুধবার এফসি গোয়ার বিরুদ্ধে খেলতে নামার আগে যথেষ্ট চাপে রয়েছে এবং ঘরের ভিতর থেকে উঠে আসা চাপ সামলাতে নাজেহাল অবস্থা। এই কারণে কোচ স্টিফেন কনস্টাটাইন এফসি গোয়া ম্যাচের আগে প্রি ম্যাচ প্রেস কনফারেন্সে এসে ঠারেঠোরে বলেই দিয়েছে,সমর্থকদের কাছে সময় চান তিনি।

East Bengal: মাঠে দর্শক টানতে অভিনব উদ্যোগ লাল-হলুদ শিবিরের

East-Bengal

ইস্টবেঙ্গল এফসি (East Bengal) বনাম এফসি গোয়া (FC Goa) ম্যাচে ইস্ট বেঙ্গল ক্লাব দর্শকদের জন্য কিছু আয়োজন করেছে। প্রতিটি দর্শককে একটি করে হ্যান্ড ফ্ল্যাগ, একটি করে হেড ব্যান্ড এবং ফেস কালার, একটি করে হুইসেল,প্রতিটি দর্শকদের জন্য পানীয় জলের ব্যবস্থা থাকছে এবং তা থাকছে বিনামূল্যে। এরই সঙ্গে প্রতিটি র‍্যাম্পে একটি করে ডেডিকেটেড ভলেন্টিয়ার থাকবে, তাদের কাছ থেকে ওই ম্যাচ কিটিসগুলো সংগ্রহ করা যাবে।

মঙ্গলবার, এফসি গোয়ার বিরুদ্ধে প্রি ম্যাচ প্রেস মিটে এসে লাল হলুদ হেডকোচ স্টিফেন কনস্টাটাইন বলেন,”ঘরের মাঠে হোক বা বাইরে, আমরা তিন পয়েন্টের জন্যই মাঠে নামব। এই ম্যাচে জেতার জন্যই নামব আমরা।” সঙ্গে ইস্টবেঙ্গল টিমের হেডকোচের সাফ কথা “মাত্র চার সপ্তাহের প্রস্তুতিতে বিশাল কিছু করে দেখানো তাঁর দলের পক্ষে সম্ভব নয়। সমর্থকদের কাছে সময় চান তিনি।”

সব মিলিয়ে, ইস্টবেঙ্গল টিম এফসি গোয়ার বিরুদ্ধে খেলতে প্রস্তুত ,অন্যদিকে লাল হলুদ জনতাও প্রিয় দলের খেলা ঘরের মাঠ যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গনে দেখতে মুখিয়ে রয়েছে। এদিন যুবভারতী ক্রীড়াঙ্গন কানায় কানায় ভরে উঠবে তা বলাই চলে।

ISL : করোনা জুজুতে আধবোজা জানুয়ারির ট্রান্সফার উইন্ডো

ISL

ফুটবল দুনিয়ায় অন্যতম আলোচিত বিষয় জানুয়ারির ট্রান্সফার উইন্ডো। এই সময় কম-বেশি প্রতি দলই নিজেদের দলকে গুছিয়ে নিতে চায় আরও একটু৷ সই করানো হয় নতুন ফুটবলার। কারও-বা বেজে যায় বিদায় ঘন্টা। কিন্তু এবারের জানুয়ারির ট্রান্সফার উইন্ডো একটু আলদা৷ নিয়ম মেনে উইন্ডো খুলেছে বটে। কিন্তু তা দিয়ে যাতায়াত অত্যন্ত শ্লথ।

ইন্ডিয়ান সুপার লিগেও (ISL) জানুয়ারির ট্রান্সফার উইন্ডো নিয়ে আলোচনা। কিন্তু কোনো ক্লাবই অতটা আগ্রহী নয়। অনেকটা পেটে খিদে থাকলেও মুখে রা কাটছে না অনেকে। তার কারণ করোনার উৎপাত। ইতিমধ্যে একাধিক ক্লাব থেকে এসেছে রিপোর্ট। এটিকে মোহনবাগান, কেরল ব্লাস্টার্স শিবিরে হানা দিয়েছে করোনা। দুই ক্লাবের পক্ষ থেকে রিপোর্ট দেওয়া হয়েছে টুর্নামেন্ট আয়োজকদের কাছে। ফলে আগামী দিনের বেশ কিছু ম্যাচ হয়ে পড়েছে অনিশ্চিত। স্থগিত করে দেওয়া হয়েছিল ওডিশার বিরুদ্ধে বাগানের ম্যাচ। আসন্ন কলকাতা ডার্বি নিয়েও রয়েছে প্রশ্ন।

ক্রোয়েশিয়া থেকে সন্দেশ ঝিঙ্গানকে নিয়ে এসেছে এটিকে মোহনবাগান। তারপরেই ক্লাবে অতিমারির ছায়া। জৈব বলয়ে থাকার পরেও সংক্রমণ। শোনা যাচ্ছে, সন্দেশের করোনা টেস্ট করানো হয়েছিল আগে। রিপোর্ট ছিল নেগেটিভ। তারপরেই তিনি প্রবেশ করেছিলেন বাগানের জৈব বলয়ে৷ এরপরেই একাধিক ফুটবলারের দেহে করোনা৷

অন্যান্য ক্লাবের ভয়ও ঠিক এই জায়গাতেই৷ জৈব বলয়ের বাইরে থেকে কাউকে আনার ঝুঁকি নিতে সাহস পাচ্ছেন না কেউ। টুর্নামেন্টের ভিতরকার কাউকে নেওয়ার ব্যাপারেও উদাসীনতা দেখাচ্ছে ক্লাব কর্তৃপক্ষগুলো। খাতায় কলমে হয়তো অনেক কিছুই কষে রেখেছিল আইএসএল-এর ক্লাবগুলো। কিন্তু করোনা জুজু কাবু করেছে ফ্রাঞ্চাইজিদের।

SC East Bengal : জবির সঙ্গে জুটি বাঁধতে পারেন এক ব্রাজিলিয় তারকা

SC East Bengal

জানুয়ারির ট্রান্সফার উইন্ডোর দিকে তাকিয়ে ছিলেন আপামর ইস্টবেঙ্গল (SC East Bengal) ভক্তরা। এখনও পর্যন্ত ক্লাবের পক্ষ থেকে সরকারিভাবে কোনো ঘোষণা করা হয়নি। তবে বেশ কিছু ফুটবলারের নাম শোনা যাচ্ছে ইতিমধ্যে। যার মধ্যে অন্যতম, জবি জাস্টিন।

লাল-হলুদ জার্সিতে জবি জাস্টিনের উত্থান। আলেজান্দ্রো মেনেন্দেজ গার্সিয়ার আমলে চমকে দিয়েছিলেন তিনি। এরপর ক্লাব বদল। চলে গিয়েছিলেন এটিকে-তে। লোপেস হাবাস তাঁকে দলে নিলেও সুযোগ পাননি খুব বেশি। এরপর আইএসএল- এর একাধিক ক্লাবে নাম লিখিয়েছিলেন জবি। কিন্তু ইস্টবেঙ্গল ছাড়া কোনো দলের প্রথম একাদশে জায়গা করে নিতে পারেননি প্রথম একাদশে৷ এখন রয়েছেন চেন্নাইয়ান এফসিতে। সেখানেও একই হাল৷ সাইড লাইনের ধারেই কাটাতে হচ্ছে বেশি সময়৷ ভারতীয় ফুটবল মানচিত্র থেকে একপ্রকার হারিয়েই গিয়েছেন তিনি। সেই জবি জাস্টিনকেই এবার আনতে চাইছে এসসি ইস্টবেঙ্গল। কথা বেশ কিছুটা এগিয়েছে বলেই গুঞ্জন ভারতীয় ফুটবল মহলে।

শোনা যাচ্ছে এসসি ইস্টবেঙ্গলের নতুন কোচ মারিও রিভেরা চাইছে আক্রমণ ভাগকে মজবুত করতে। একজন বল বাড়ানোর লোক এবং একজন স্ট্রাইকারের কথা ক্লাব কর্তৃপক্ষকে জানিয়েছেন বলে খবর। ড্যানিয়েল চিমার বিদায় নিশ্চিত বলেই ধরে নেওয়া হচ্ছে। সূত্রের খবর, বিদেশি স্ট্রাইকার নিয়েও ভাবছে ক্লাব কর্তৃপক্ষ। সেক্ষেত্রে ব্রাজিল থেকে একজন স্ট্রাইকারকে আনা হতে পারে। ইতিমধ্যে কথা বার্তাও এগিয়েছে। তবে এখনই কিছু নিশ্চিত নয়।

অন্যদিকে অন্তবর্তী কোচ রেনেডি সিং চাইছেন অভিজ্ঞ এক ডিফেন্ডার। সুযোগ পেয়ে প্রতি মুহূর্তে তা কাজে লাগাচ্ছে৷ আদিল খান। তাঁর সঙ্গে আনাসের খেলার সম্ভাবনা তৈরি হয়েছিল সম্প্রতি। চোটের কারণে আনাসও ছিটকে গিয়েছিলেন মাঠের বাইরে। তবে আনাসের আসার সম্ভাবনা ক্ষীণ বলেই মনে করছেন অনেকে। আপাতত শিকে ছিঁড়তে পারে জবির ভাগ্যে।

ATK Mohun Bagan : সন্দেশের সঙ্গে করোনার আগমন সবুজ-মেরুন তাবুতে

ATK Mohun Bagan

এটিকে মোহনবাগানে (ATK Mohun Bagan) করোনা (Covid19) সংক্রমণ। শনিবার স্থগিত হয়েছে ইন্ডিয়ান সুপার লিগের ম্যাচ। খেলা ছিল ওড়িশা এফসির বিরুদ্ধে। জৈব বলয়ে থাকা সত্বেও শিবিরে কী করে করোনা প্রবেশ, সেটাই এখন লাখ টাকার প্রশ্ন।

ওড়িশার বিরুদ্ধে ম্যাচ আপাতত স্থগিত৷ লিগ আয়োজকদের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে পরে দেওয়া হবে বিকল্প তারিখ। কিন্তু বাগানে করোনা এলো কী করে, এই প্রশ্নের উত্তর এখন খুঁজছেন ক্রীড়াপ্রেমীদের একাংশ৷ আইএসএল- এর প্রতিটা দল রয়েছে জৈব সুরক্ষা বলয়ে। সংক্রমণ এড়াতে ফাঁকা মাঠে হচ্ছে খেলা। দর্শক প্রবেশ নিষিদ্ধ। তবুও ফুটবলাররা আক্রান্ত হলেন করোনায়।

কেউ কেউ অনুমান করছেন সন্দেশ ঝিঙ্গানের (Sandesh Jhingan) সঙ্গে সবুজ-মেরুন তাঁবুতে করোনা আগমণ। সুদূর ক্রোয়েশিয়া থেকে এসেছেন সন্দেশ। দক্ষিণ ভারতীয় এক সংবাদমাধ্যমের খবর অনুযায়ী, ভারতীয় এই ডিফেণ্ডারের করোনা রিপোর্টও পজিটিভ। সেখান থেকেই ভাইরাস ছড়িয়ে পড়েছে বাকিদের দেহে। রয় কৃষ্ণা, শুভাশিষ বসু, কার্ল ম্যাকহিউ-রা আক্রান্ত বলে মনে করা হচ্ছে।

দলের ডিফেন্স মজবুত করতে নিয়ে আসা হয়েছে সন্দেশকে। গত মরশুমে কলকাতার ক্লাবেই ছিলেন তিনি। সেখান ভাগ্য পরীক্ষা করতে গিয়েছিলেন ক্রোয়েশিয়ায়। নতুন টিমের সঙ্গে গা ঘামালেও প্রথম একাদশে সুযোগ পাচ্ছিলেন না তিনি। চোট সমস্যাও যথেষ্ট ভুগিয়েছে তাঁকে। অন্য দিকে লোপেজ হাবাসের অন্যতম ইউএসপি শক্তপোক্ত রক্ষণভাগ। এবার কাজে আসছিল তা কোচের এই পরিকল্পনা। দল যেমন বিপক্ষের জালে বল পাঠিয়েছে, তেমনই হজমও করেছে। ফলত এখনও শেষ চার নিশ্চিত করতে পারেনি এটিকে মোহনবাগান। হাবাস বিদায় নিয়েছেন। নতুন কোচ হিসেবে আনা হয়েছে জুয়ান ফেরান্দোকে। তিনিও ডিফেন্স নিয়ে চিন্তিত। তাই ভাবা হয়েছিল সন্দেশের কথা।

অতিমারির বিধিনিষেধকে ঠেঙ্গা দেখিয়ে বহাল তবিয়ৎ’এ চলছে ISL

Sports desk:কোভিড -১৯’র নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের থাবায় বোর্ড অফ কন্ট্রোল ফর ক্রিকেট ইন ইন্ডিয়া (BCCI) ঘরোয়া ক্রিকেটের ২০২১-২২ মরসুমে রঞ্জি ট্রফি, কর্ণেল সিকে নাইডু ট্রফি এবং সিনিয়র উইমেনস টি২০ লিগ সাময়িকভাবে স্থগিত করে দিয়েছে,প্রেস বিবৃতি প্রকাশ করে।

অন্যদিকে, ২০২১-২২ মরসুমে আই লিগ কলকাতায় ম্যাচ অনুষ্ঠিত হওয়ার কথা থাকলেও শেষ মুহুর্তে লিগ কমিটি সিদ্ধান্ত নেয় ওমিক্রন ভেরিয়েন্টের বাড়বাড়ন্তের কারণে আই লিগ (I-League) সাময়িক ভাবে স্থগিত করার।

সর্বভারতীয় ফুটবল ফেডারেশনে’র(AIFF) সিনিয়র ভাইস প্রেসিডেন্ট সুব্রত দত্ত জানান, AIFF লীগ কমিটির সভায় ভিডিও কনফারেন্সের মাধ্যমে সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে আই লিগ সাময়িক ভাবে স্থগিত করার।

কোভিড-১৯’র নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের বাড়বাড়ন্তের আবহে ভারতের মাটিতে চলছে ইন্ডিয়ান সুপার লিগ(ISL)। এই টুর্নামেন্টের সংগঠক সর্বভারতীয় ফুটবল ফেডারেশনে’র(AIFF) এবং ফুটবল স্পোর্টস ডেভেলপমেন্ট লিমিটেড (FSDL)। গত শনিবারের ঘটনা, ATK মোহনবাগানের একজন ফুটবলারের কোভিড-১৯ টেস্ট করা হয় এবং ওই টেস্ট রিপোর্ট পজিটিভ আসে। এর জেরে গত শনিবারের ম্যাচ, যা মোহনবাগান বনাম ওডিশা এফসি’র মধ্যে অনুষ্ঠিত হওয়ার ছিল তা, স্থগিত হয়ে যায়। ম্যাচ স্থগিতকরণের বিষয়টি টুইটারে আনুষ্ঠানিক ভাবে ঘোষণা করা হয়।

অতিমারির ভয়াল আতঙ্কে যেখানে সংক্রমণের গতি ক্রমেই ওপরের দিকে পশ্চিমবঙ্গ সহ বেশ কয়েকটি রাজ্যে নতুন করে নাইট কাফিউ এবং লকডাউনের মতো পরিস্থিতি সৃষ্টি হয়েছে,জনজীবন স্বাভাবিক ছন্দে এগোতে পারছে না কোভিড-১৯ প্রটোকলের বিধিনিষেধের জন্য। এমন এক বিপর্যয়ের মুখে দাঁড়িয়েও দায়িত্বজ্ঞানহীন ভাবে এবং চরম উদাসীনতার পরিচয় রেখে চলেছে AIFF এবং FSDL কর্তৃপক্ষ।

টুর্নামেন্টে চলাকালীন ATK মোহনবাগানের ফুটবলার কোভিড-১৯ পজিটিভ চিহ্নিত হওয়ার পরেও আইএসএল (ISL) বহাল তবিয়ৎ’এ চলছে। রাষ্ট্রীয় প্রতিষ্ঠানের ওপরে কোনও ব্যক্তি এবং প্রতিষ্ঠানের একক, চরম, চূড়ান্ত ক্ষমতা নেই। ভারত রাষ্ট্রের নির্দেশ মেনেই BCCI এবং আই লিগ কমিটি টুর্নামেন্ট স্থগিতের সিদ্ধান্ত নিতে বাধ্য হয়েছে।

তাহলে কোন ক্ষমতা বলে সর্বভারতীয় ফুটবল ফেডারেশন (AIFF) এবং ফুটবল স্পোর্টস ডেভেলপমেন্ট লিমিটেড (FSDL) ইন্ডিয়ান সুপার লিগ (ISL) টুর্নামেন্ট স্থগিত না করে তা আয়োজিত করে চলেছে। রবিবার সন্ধ্যে ৭.৩০ মিনিটে আইএসএলের ম্যাচ রয়েছে,কেরালা ব্লাস্টার্স বনাম হায়দরাবাদ এফসি’র মধ্যে।

মানুষের জীবন জীবিকা কোভিড-১৯’র নতুন প্রজাতি ওমিক্রনের দাপটের মুখে পড়ে ওষ্ঠাগত, আর নির্বোধের মতো ভারতের মাটিতে চলছে ইন্ডিয়ান সুপার লিগ (ISL)। দেশের স্বাস্থ্য মন্ত্রক,ক্রীড়া মন্ত্রক,স্বরাষ্ট্র মন্ত্রক কারোর কোনও হেলদোল নেই, অতিমারির আবহে ISL টুর্নামেন্ট স্থগিতকরণ নিয়ে।

ISL: করোনার জেরে ATK মোহনবাগান- ওডিশা এফসি ম্যাচ স্থগিত

ATK Mohun Bagan-Odisha FC match postponed due to corona

আজ, শনিবার চলতি আইএসএলে (ISL) ATK মোহনবাগানের (ATK Mohun Bagan) খেলা ছিল ওডিশা এফসি’র বিরুদ্ধে। কিন্তু এই স্থগিত ঘোষণা করা হয়েছে। আইএসএলের টুইটার পোস্টে এই ঘোষণা করা হয়েছে।
অসমর্থিত সূত্রে খবর, ATK মোহনবাগানের এক ফুটবলারেরা কোভিড-১৯ টেস্ট করা হয় এবং ওই টেস্টের ফল পজিটিভ আসে এরপর তড়িঘড়ি আইএসএলের ৫৩ তম ম্যাচ স্থগিতের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়।

এই ম্যাচ স্থগিতের জেরে ATK মোহনবাগান নিজেদের টুইটার হ্যাণ্ডেলে পোস্ট করেছে, “হিরো ইন্ডিয়ান সুপার লিগ (আইএসএল) ফাতোর্দার পিজেএন স্টেডিয়ামে আজ, 8 জানুয়ারী, 2022, শনিবার, ATK মোহনবাগান এবং ওড়িশা FC-এর মধ্যে ম্যাচ নম্বর 53 স্থগিত করার সিদ্ধান্ত নিয়েছে৷ এই স্থগিত ম্যাচের পরবর্তী তারিখের ফিক্সচারটি পুনরায় নির্ধারণ করা হবে”।

আইএসএল টুইটার হ্যান্ডেলের পোস্টে বলা হয়েছে, “ATK মোহনবাগানের একজন খেলোয়াড়কে কোভিড -19 টেস্ট করা হয় এবং ওই টেস্ট রিপোর্ট পজিটিভ আসার পরে লীগের মেডিকেল টিমের সাথে পরামর্শ করে সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

ওই টুইট পোস্টে এও বলা হয়েছে,”লিগ স্কোয়াডের সমস্ত খেলোয়াড় এবং সহযোগী স্টাফ এবং জড়িত অন্যান্যদের জীবনের নিরাপত্তা নিয়ে পর্যবেক্ষণ ও চিকিৎসা নিশ্চিত করতে বিশেষজ্ঞদের সাথে ঘনিষ্ঠভাবে কাজ করা হবে”।

জানা গিয়েছে, ATK মোহনবাগানের একজন খেলোয়াড় কোভিড -19 টেস্টে পজিটিভ আসার পর লীগের মেডিকেল টিমের সাথে পরামর্শ করে এই ম্যাচ স্থগিতের সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

East Bengal: কথা বলছে ইতিহাস, দেখিয়ে দিচ্ছে ইস্টবেঙ্গল, বাকিরা শিখবে কবে?

আইএসএল-এ (ISL) এখনও জয় আসেনি বটে। কিন্তু ইস্টবেঙ্গল (East Bengal) দেখিয়ে দিচ্ছে এভাবেও লড়াইয়ে ফিরে আসা যায়। দেওয়ালে পিঠ ঠেকে যাওয়ার পরেও ফের লড়াই। ইস্টবেঙ্গলের ইতিহাস ঘাঁটলে এমন উদাহর

মিলবে অনেক। ঘুরে দাঁড়ানোর প্রবল ইচ্ছা। তাও একজন স্বদেশী কোচের হাত ধরে।

মুম্বই সিটি এফসির (Mumbai City FC) বিরুদ্ধে হাইপ্রোফাইল ম্যাচে গোলশূন্য ড্র। এসেছে এক পয়েন্ট। শতবর্ষ প্রাচীন ক্লাবের জন্য এই ফলাফল অবশ্যই গৌরবের। কিন্তু চলতি মরশুমের নিরিখে অবশ্যই বলার মতো। ভাঙাচোরা টিম নিয়েও অরিন্দমরা রুখে দিয়েছেন লিগ টেবল টপারদের।

দলের জঘন্য ফর্ম, দল গঠন নিয়ে প্রশ্ন, কোচ-ফুটবলারের মধ্যে দুরত্ব ইত্যাদি সমস্যায় জর্জরিত এসসি ইস্টবেঙ্গল। সামনেএ মরশুমে ইনভেস্টর থাকবে কি না জানা নেই। এতোকিছুর মধ্যে নিজের কাজটুকু করে চলেছেন রেনেডি সিং। মানালো দিয়াজের ফেলে যাওয়া ভগ্নাংশের মধ্যেও যিনি কষে চলেছেন অংক। দলের মধ্যে বাঁধার চেষ্টা করছেন সুর। তথকথিত ফ্লপ ফুটবলারদের নিয়ে করতে চাইছেন বাজিমাত। আপাতত তিনি সফল। রেনেডির দায়িত্বে খেলা দু’টি ম্যাচ থেকেই পয়েন্ট পেয়েছে ইস্টবেঙ্গল। প্রতিটা বলের জন্য ঝাঁপানোর চেষ্টা করছেন ফুটবলাররা৷ ম্যাচের পর ম্যাচ বেঞ্চে বসে থাকা আদিল খান এদিন বুঝিয়ে দিলেন, কেন তাঁকে নেওয়া হয়েছে দলে। ড্যানিয়াল চিমার মতো বিদেশেকেও সামালাচ্ছেন রেনেডি। কে বলে ভারতীয় কোচ পারবেন না?

সুব্রত ভট্টাচার্য, সুভাষ ভৌমিকরা বারংবার সওয়াল করেছেন স্বদেশী কোচের কাঁধে দায়িত্ব তুলে দেওয়ার জন্য। কিন্তু কেউ কর্ণপাত করলে তো? কর্পোরেট ফুটবলের জমানায় কলকাতা ময়দানেও বিদেশি কোচেদের রমরমা। রিয়াল মাদ্রিদের মানালো দিয়াজ যে কাজটা করতে ব্যর্থ হয়েছিলেন, সেখান থেকেই নতুন করে কাজ শুরু করে করেছেন রেনেডি সিং। যিনি একজন ভারতীয় কোচ।

ATK Mohun Bagan: ঘুরে দাঁড়ানোর বার্তা সমর্থকদের উদ্দেশ্যে ডিফেন্ডার সন্দেশ ঝিঙ্গানের

ভারতীয় ফুটবল দলের ডিফেন্ডার সন্দেশ ঝিঙ্গান আবার ATK মোহনবাগানে (ATK Mohun Bagan) যোগ দিয়েছেন। ২৮ বছর বয়সী ডিফেন্ডার পারস্পরিকভাবে ক্রোয়েশিয়ান শীর্ষ-স্তরের লিগ ক্লাব HNK সিবেনিকের সাথে তার চুক্তি বাতিল করার পরে বৃহস্পতিবার সবুজ মেরুন বিগ্রেডে যোগদানের বিষয়টি ঘোষণা করেছেন।

ATK মোহনবাগান দলে পুনরায় যোগদান প্রসঙ্গে ফুটবলার সন্দেশ ঝিঙ্গান টুইটারে নিজের প্রতিক্রিয়ায় পোস্ট করেন, “ATK মোহনবাগান এফসিতে ফিরে আসতে পেরে আমি খুব খুশি৷ তারা আমার কাছে একটি পরিবারের মতো এবং আমাকে সমর্থন করেছে বিশেষ করে গত কয়েক মাস ধরে যখন আমি এবং আমার পরিবার উভয়ই আমার চোটের কারণে এবং ফিল্ডের ব্যর্থতার কারণে অনেক সংগ্রাম করেছি৷এটা আপনাকে মনে করিয়ে দেয় যে আপনার কাজ যতই কঠিন হোক না কেন,আপনার পরিকল্পনাগুলি যত বড়ই হোক না কেন, আপনি কখনই নিশ্চিত নন যে এটি আপনার পথে যাবে বা না হবে তবে এটি আপনাকে প্রতিদিন প্রচেষ্টা করা এবং আপনার স্বপ্ন থেকে শিক্ষা দিতে বাধা দেবে না।
আমি নিজে এবং নিজের পরিবার নিয়ে গর্বিত আমরা ওই পথে এগোতে পেরেছি।এটারর জন্য অনেক সাহস লাগে এবং এটাকে কখনও শট না দিয়ে চেষ্টা করা সর্বদা ভাল”৷

ঝিঙ্গান ওই টুইট বার্তায় লেখেন,”আমিও ধন্যবাদ দিতে চাই HNK সিবেনিকে দলকে আমায় সুযোগ দেওয়ার জন্য এবং বাকি মরসুমের জন্য আমার সমস্ত সতীর্থদের শুভ কামনা করি”।

টুইটের ওই পোস্টে সদ্য সবুজ মেরুন শিবিরে যোগ দেওয়া ডিফেন্ডার বলেন,”অবশেষে, আমি আমার পরিবারে ফিরে এসেছি এবং বড় একটা মরসুমের জন্য তেতে রয়েছি এবং শুরুটা করতে চাই জয় দিয়ে প্রিয় সমর্থকদের উদ্দ্যেশ্যে।
শুভ নববর্ষ এবং নিজের মনের মানুষের খেয়াল রেখো।

প্রসঙ্গত, গত বুধবার হায়দরাবাদ এফসি’র বিরুদ্ধে ম্যাচে ATK মোহনবাগান ২-২ গোলে ড্র করেছে। ATK মোহনবাগান হায়দরাবাদ এফসির বিরুদ্ধে ড্র করাতে সবুজ মেরুন শিবিরের টাইটেলশিপের প্লে অফে যাওয়ার রাস্তায় বাধা পড়েছে। জানুয়ারি ৮ তারিখ হুয়ান ফেরান্দোর ছেলেদের ওডিশা এফসির বিরুদ্ধে খেলতে হবে এবং জিততেই হবে।

আর এমন টাইটেলশিপ সিচুয়েশন হল ATK মোহনবাগানের কাছে ম্যাচের শেষ মুহুর্তে গোল হজম করায়। শেষ মুহুর্তে গোল না খেলে সবুজ মেরুন বিগ্রেড শুধু পয়েন্ট টেবিলের শীর্ষে উঠে যেত তাইই নয়, প্লে অফের টিকিটও পকেটে পুড়ে ফেলতো। কিন্তু হল উলটপূরাণ। শেষ মুহুর্তে হুয়ান ফেরান্দোর ছেলেরা হায়দরাবাদ এফসির বিরুদ্ধে ২-২ গোলে ড্র করে নিজেদের কাজটা নিজেরাই কঠিন করে তুললো।

SC East Bengal: আজই বিদায়-বেলা, লাল-হলুদের সঙ্গে সম্পর্ক ছিন্ন হচ্ছে চিমার!

নাম শুনে অনেকেই হয়ে পড়েছিলেন নস্টালজিয়া। লাল হলুদ জার্সি উঠতে চলেছে চিমার গায়ে৷ দল গঠনের সময় ইস্টবেঙ্গল (SC East Bengal) সমর্থকদের সমর্থকরা আশায় বেঁধেছিলেন বুক। পরের ঘটনাবলী এখন সকলেরই কম-বেশি জানা।

এই চিমা অবশ্য সেই নন। এনার নাম ড্যানিয়াল চিমা চুকু। বয়স খুব বেশি নয়; ৩০। ক্যারিয়ারের শুরুর দিকে ছিলেন প্রতিশ্রুতিবান এক ফুটবলার। করেছেন প্রচুর বল। চিনা লীগে খেলেছেন বহু ম্যাচ। অর্থাৎ এশিয়ান ফুটবল সম্পর্কে রয়েছে সম্যক ধারণা। আইএসএল-এর চলতি মরশুমে তাঁকেই বেছে নিয়েছিলেন এসসি ইস্টবেঙ্গলের কর্মকর্তারা। সর্মথকরা আশা করেছিলেন এই চিমাও ইস্টবেঙ্গলের জার্সিতে বওয়াবে গোলের বন্যা।

এ সবই যেন এখন কোনও গল্প কথা। বল রিসিভ করতেই যেন ভুলে গিয়েছেন এই চিমা। নয়টি ম্যাচ খেলা হয়ে গিয়েছে ইস্টবেঙ্গলের জার্সিতে। করেছেন মাত্র দু’টি গোল। প্রতিপক্ষের গোলরক্ষককে একা পেয়েও তাঁর নেওয়া শট কাঁপাতে পারেনি প্রতিপক্ষের জাল। তাই ক্লাবে চিমার ভবিষ্যৎ নিয়ে উঠে গিয়েছিল প্রশ্ন। সমর্থকরাও বীতশ্রদ্ধ।

আর কিছুক্ষণ পরেই মুম্বই সিটি এফসি বিরুদ্ধে খেলতে নামবে এসসি ইস্টবেঙ্গল। তার আগে শোনা যাচ্ছে একটি জল্পনা। লাল হলুদ জার্সিতে আজই নাকি শেষ ম্যাচ। এরপর বাজবে বিদায় ঘন্টা৷ শুক্রবার দুপুরে পাওয়া সূত্রের খবর, ড্যানিয়েল চিমার বিদায় নিশ্চিত৷ আর হয়তো দেখা যাবে না মশাল বাহিনীর দলে৷

SC East Bengal: দল না হাসপাতাল! ‘শাস্তি’র আশঙ্কায় রেনেডি

আবার চোট। মুম্বই ম্যাচে নামার আগে কপালে চওড়া হয়েছে চিন্তার ভাঁজ। আরও এক বিদেশি দু-তিন সপ্তাহের জন্য মাঠের বাইরে। বিদেশিদের মধ্যে কার্যত একা চিমা।

এসসি ইস্টবেঙ্গলকে বিদায় জানিয়েছেন হাইপ্রোফাইল কোচ মানালো দিয়াজ৷ আপাতত অন্তবর্তী কোচের ভূমিকায় রেনেডি সিং। তাঁর তত্তাবধানে খেলা প্রথম ম্যাচে আশার আলো দেখছেন লাল-হলুদ সমর্থকদের কেউ কেউ। হায়দরাবাদের বিরুদ্ধে পয়েন্ট ভাগাভাগি করলেও আগের তুলনায় প্রতিশ্রুতিবদ্ধ ফুটবল খেলতে পেরেছিল ইস্টবেঙ্গল। সামনে এবার মুম্বই সিটি এফসি।

চোট এবং নির্বাসনের জন্য একাধিক বিদেশিকে পাচ্ছেন না সিং। আন্তোনিয়ো পেরোসেভিচ নির্বাসিত। চোটের তালিকায় টমিস্লাভ মার্সেলাও সদ্য নাম লিখিয়েছেন। তাই ভারতীয় ব্রিগেডের ওপরেই আস্থা রাখতে হবে রেনেডিকে। মুম্বইয়ের বিরুদ্ধে নামার আগে তিনি বলেছেন, ‘হায়দরাবাদের বিরুদ্ধে আমরা যতটা খেলেছিলাম তাতে এটা বুঝতে পেরেছি যে আমরাও ভাল খেলতে পারি। সমস্যা একটা রয়েছে। পায়ে বল থাকার সময় আরও একটু আত্মবিশ্বাসী হতে হবে আমাদের।’

‘আইএসএল-এর অন্যতম কঠিন প্রতিপক্ষ মুম্বই। তাদের ক্ষমতা সম্পর্কে আমরা সকলেই ওয়াকিবহাল৷ আমাদের একটা টিম হিসেবে মাঠে খেলতে হবে। মুম্বই নিজের মতো খেলতে শুরু করলে মুশকিল। তখন আমাদেরকেই শাস্তি ভোগ করতে হবে।’ ন’টা ম্যাচ খেলে হয়ে গিয়েছি ইস্টবেঙ্গলের। এখনও লিগের লাস্টবয়। জয় আসেনি একটি ম্যাচেও। ড্র ৫ ম্যাচে। হার ৪ ম্যাচে। প্রাপ্ত পয়েন্ট পাঁচ।