नेतन्याहू के खिलाफ सड़कों पर फिर उतरी इजरायल की जनता, विशाल जुलूस

गाजा : गाजा में हमास आतंकियों के खिलाफ जंग में उतरी इजरायली सेना एक तरफ कड़ा संघर्ष कर रही है। उधर, इजरायलियों की रक्षा कर पाने में नाकाम पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर आम इजरायली भड़के हुए हैं। पिछले दिनों महिला इजरायली सैनिकों के वीडियो सामने आए थे, जिसमें दावा किया गया कि हमास आतंकियों ने इन महिला इजरायलियों के साथ हैवानियत कीहै। वीडियो सामने के बाद इजरायल में एक बार फिर नेतन्याहू के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है। राजधानी तेल अवीव पर हजारों की संख्या में इजरायली नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन करते नजर आए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच खूनी झड़प भी हो गई।

इजरायली सेना और हमास आतंकियों के बीच युद्ध निर्णायक मोड़ ले चुका है। उत्तरी गाजा में कहर बरपाने के बाद आईडीएफ अब दक्षिण गाजा में अपने ऑपरेशन तेज कर रही है। यहां राफा में इजरायली सेना रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुकी है। इजरायली सेना को लगता है कि उत्तरी गाजा के बाद दक्षिणी गाजा के शहर राफा में हमास आतंकियों की बची खुची सेना है। ऐसे में इजरायल इस मौके को नहीं छोड़ना चाहता। इजरायली सेना पूरे दम से इस इलाके में भी हमास के खिलाफ ऑपरेशन क्लीन चला रही है। हमास आतंकियों पर लगातार हमले कर रही इजरायली सेना के निशाने में आम लोग भी आ रहे हैं। गाजा में इजरायली हमलों में 35 हजार फिलिस्तीनियों को मार डाला गया, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे।

फिलिस्तीनियों के खिलाफ लगातार जंग कर रहे नेतन्याहू के खिलाफ अपने ही देश में भारी विरोध हो रहा है। नेतन्याहू पर इजरायलियों की रक्षा न कर पाने के आरोप लग रहे हैं। आठ महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है और अभी तक 200 से अधिक बंधकों का कोई पता नहीं चल पाया है। इजरायल लगातार उन्हें ढूंढने का दावा कर रहा है और उनके परिजन उनके वापस की उम्मीद खो रहे हैं। शनिवार शाम को एक बार फिर हजारों की संख्या में आम इजरायली सड़कों पर उतरे और नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग की।

शनिवार को तेल अवीव में हजारों लोग पीएम बेंजामिन के खिलाफ प्रदर्शन करने उतरे। हमास द्वारा बंधक बनाए लोगों की वापसी के लिए लोगों ने नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारे लगाए। इस दौरान पुतलों को आग के भी हवाले किया गया। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा हालिया वीडियो पर था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

वीडियो में महिला इजरायली सैनिकों के फुटेज सामने आए जो हमास के बंधन में हैं। अब हमास ने शनिवार को एक बार फिर दावा करके सनसनी मचा दी कि उत्तरी गाजा में इजरायली सैनिकों के साथ उनकी अल कसम ब्रिगेड के सैनिकों के साथ जंग हुई। जिसमें कई इजरायली सैनिक मारे गए और कुछ को उन्होंने बंधक बना लिया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद इजरायल में आम लोग एक बार फिर नेतन्याहू सरकार पर आक्रोशित हैं और नेतन्याहू के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से खूनी झड़प भी हुई। सैंकड़ों की संख्या में आम लोग घायल हुए हैं।

इजरायल में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन के बीच एक छोटा अमेरिकी सैन्य जहाज और डॉकिंग क्षेत्र की एक पट्टी दक्षिणी इजरायली शहर अशदोद के पास समुद्र तट पर बहकर आ गया। यह अमेरिका द्वारा निर्मित उस घाट से ज्यादा दूर नहीं है, जिसके बारे में इजरायली सेना ने कहा था कि फिलिस्तीनी क्षेत्र में मानवीय सहायता पहुंचाई जा रही है।

ইজরায়েলি সংস্থা এনএসওকে কালো তালিকাভুক্ত করল আমেরিকা

US blacklisted the Israeli company NSO

News Desk: শেষ পর্যন্ত ইজরায়েলি স্পাইওয়্যার নির্মাণকারী সংস্থা এনএসও গ্রুপকে কালো তালিকাভুক্ত করল আমেরিকা। জো বাইডেন প্রশাসনের এই সিদ্ধান্তে আমেরিকার নিষিদ্ধ সংস্থার তালিকায় থাকবে ইজরায়েলের এই সংস্থার নাম। ইজরায়েলি সংস্থা এনএসও আমেরিকার বৈদেশিক নীতি এবং জাতীয় নিরাপত্তার পরিপন্থী কাজ করছে বলেই এই সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে।

উল্লেখ্য ইজরায়েলের এই সংস্থা এমন একটি স্পাইওয়্যার তৈরি করেছে যার মাধ্যমে যে কোনও মানুষের ফোনে আড়িপাতা যায়। এমনকী, যার ফোনে আড়িপাতা হবে তিনি বিষয়টি টেরও পাবেন না। ইতিমধ্যেই ভারতেও পেগাসাস স্পাইওয়্যার নিয়ে যথেষ্ট বিতর্ক তৈরি হয়েছে। অভিযোগ উঠেছে, নরেন্দ্র মোদি সরকার বিরোধী রাজনৈতিক দলের নেতানেত্রী থেকে শুরু করে বিচার বিভাগের শীর্ষকর্তা, এমনকী, শিল্পপতিদের ফোনেও আড়ি পেতেছে। মোদি সরকার এই অভিযোগ স্বীকার করেনি। তবে, দেশের নিরাপত্তাকে অগ্রাধিকার দিয়ে সুপ্রিমকোর্ট বিষয়টি তদন্ত করে দেখার জন্য তিন সদস্যের একটি কমিটি গঠন করেছে। ওই কমিটি এই অভিযোগের তদন্ত শুরু করেছে।

আমেরিকার প্রতিরক্ষা দফতর এক বিবৃতিতে জানিয়েছে, বিভিন্ন দেশের সরকারকে স্পাইওয়্যার বিক্রি করে থাকে ইজরায়েলের সংস্থা এনএসও গোষ্ঠী। এই স্পাইওয়্যারকে কাজে লাগিয়ে বিভিন্ন গুরুত্বপূর্ণ ব্যক্তিদের গতিবিধির ওপর নজরদারি চালানো হয়। এটা আমেরিকার নিরাপত্তার পক্ষে অত্যন্ত উদ্বেগজনক। এই ধরনের পদক্ষেপ অবশ্যই একজন মানুষের ব্যক্তি স্বাধীনতার অধিকারের পরিপন্থী। দেশের গণতান্ত্রিক পরিকাঠামোর উপর কুঠারাঘাত। তাই দেশের নাগরিকদের ডিজিটাল নিরাপত্তা সুরক্ষিত করতে, সাইবার হানার মোকাবিলা করার লক্ষ্যে এবং মানুষের উপর নজরদারি চালান বন্ধ করার জন্যই এনএসও গোষ্ঠিকে নিষিদ্ধের তালিকায় আনা হচ্ছে।

বাইডেন প্রশাসনের এই সিদ্ধান্তে এনএসও সংস্থা কোনও মার্কিন সংস্থার কাছ থেকে যন্ত্রাংশ বা অন্য কোনও উপাদান কিনতে পারবে না। পাশাপাশি আমেরিকার এই সিদ্ধান্তের ফলে গোটা বিশ্বের বাজারে তাদের স্পাইওয়্যার বিক্রির ক্ষেত্রেও চরম সমস্যায় পড়বে। এনএসও-র বিরুদ্ধে অভিযোগ ওঠার পরই আমেরিকার প্রতিরক্ষা দফতর অন্তর্দেশীয় তদন্ত শুরু করে। সেখানেই দেখা গিয়েছে, এই ইজরায়েলি সংস্থা বিভিন্ন দেশের সরকারকে তাদের স্পাইওয়্যার বিক্রি করেছে। ওই সমস্ত দেশের সরকার সেই স্পাইওয়্যার কাজে লাগিয়ে সরকারি আধিকারিক থেকে শুরু করে শিল্পপতি, সমাজকর্মী, মানবাধিকারকর্মী ও বিরোধী রাজনৈতিক দলের নেতা-নেত্রীদের উপর নজরদারি চালিয়েছে।

তবে ইজরায়েলি সংস্থার দাবি, তারা সরকার ছাড়া কোনও বেসরকারি সংস্থাকে স্পাইওয়্যার বিক্রি করে না। অপরাধমূলক কাজকর্ম বন্ধ করতেই তারা এই স্পাইওয়্যার তৈরি করেছে। আমেরিকা অবশ্যই এনএসও-র ওই বক্তব্য খারিজ করে দিয়েছে।