मंत्रालय बंटवारे पर बोले- बिहार को मिला झुनझुना : तेजस्वी यादव

पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ी आशंका जतायी है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, लेकिन इस बार वो देश के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार की जो सरकार है, वह बैसाखी पर है। वहीं मंत्रिमंडल में विभाग के बंटवारे पर बिहार को लेकर उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को झुनझुना दे दिया गया है। वैसे मेरा मानना है मंत्रालय किसी को भी मिले काम होना चाहिए। तेजस्वी ने एक्स पर प्रतिक्रिया जाहिर की. साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएं भी दीं।

तेजस्वी यादव ने जेडीयू भाजपा और एनडीए सहयोगियों को विभाग आवंटन को ‘झुनझुना’ बताया है और कहा है कि बिहार के नए मंत्रियों को दिए गए विभाग उतने महत्वपूर्ण नहीं थे जितना कि राज्य की भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के गठन में सहयोगी दल अहम विभागों पर सौदेबाजी कर सकते थे। मुझे लगता है कि बिहार के मंत्रियों को सिर्फ झुनझुना दिया गया है। नई सरकार के गठन में बिहार ने बड़ी भूमिका निभाई है। बेशक, विभागों का बंटवारा करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।

बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व करनेवाले राजद नेता तेजस्वी ने कहा कि लोकसभा नतीजों के बाद विपक्ष मजबूत हो गया है, क्योंकि भाजपा संसद में बहुमत से पीछे रह गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह सरकार संकट में है क्योंकि भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रही है। यह तीसरी बार पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एक कमजोर सरकार है। तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू जो 12 सांसदों के साथ एनडीए में एक प्रमुख सहयोगी है, उसे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार के विशेष दर्जे की मांग उठाई और कहा, बिहार इस बार मजबूत स्थिति में इसलिए मोदी जी से विशेष राज्य का दर्जा जैसे मुद्दे पर बात करनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने देश में जाति गणना की मांग भी की। तेजस्वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी 2019 के पहले बार-बार यह वादा करते रहे हैं। हालांकि इस चुनाव में उन्होंने एक बार भी इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की, लेकिन बिहार इस बार मजबूत स्थिति में है, उसे केंद्र सरकार से इस मसले पर बात जरूर करनी चाहिए।

पार्टी और गठबंधन के लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले बार हमें जीरो सीट आया था। इस बार बढ़कर आया है और अगली बार चार गुना सीट बढ़ेगा। 2019 के चुनाव में बिहार से विपक्ष का मात्र एक सांसद था, लेकिन इस बार बिहार में 9-9 सांसद विपक्ष को दिए हैं। हम भी राज्य में विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार विपक्ष बहुत मजबूत है और सरकार को निष्पक्ष रहना पड़ेगा, नहीं तो पार्लियामेंट में इस बार ईंट से ईंट बजेगा।

स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी…मोदी 3.0 में इन 20 मंत्रियों का कटा पत्ता, कैबिनेट से हो गई छुट्टी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून) को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं । जिस तरह से नरेंद्र मोदी की चर्चा हो रही है, उसी तरह उनकी नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि इस बार किन चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी के साथ 65 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

इस बार बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वह एनडीए के सहयोगियों के दम पर तीसरी बार सरकार बना रही है। ऐसे में एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दी जा रही है। यही वजह है कि इस बार कुछ बड़े बीजेपी नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक जैसे नेताओं के नाम हैं। ऐसे में आइए उन नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाली है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर सरीखे नेताओं को अहम मंत्रालयों का जिम्मा दिया गया था। इसी तरह से अनुराग ठाकुर भी खेल मंत्रालय संभाल रहे थे. हालांकि, मोदी 3.0 में अब कुल मिलाकर 20 नेताओं की एंट्री नहीं होने वाली है, क्योंकि पीएम आवास पर संभावित मंत्रियों की बैठक हो चुकी है, जिसमें ये नेता नहीं पहुंचे हैं। इससे ये साफ हो गया कि इन्हें इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उसमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, राजीव चंद्रशेखर, अजय मिश्रा टेनी, जनरल वीके सिंह, अश्विनी चौबे और नारायण राणे का नाम शामिल है। इसी तरह से अजय भट्ट, साध्वी निरंजन ज्योति, मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार, जॉन बारला, भारती पंवार, रावसाहेब दानवे, कपिल पाटिल, नारायण राणे और भगवत कराड को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

हालांकि, इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्हें चुनावी हार मिली है, जबकि कुछ को इस बार बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें टिकट भी मिला और वह चुनाव भी जीते, लेकिन कैबिनेट से उन्हें दूर रखा गया है।

जीतने वाले नेता: अजय भट्ट, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे ऐसे नेता हैं, जो अपनी-अपनी सीटों से भारी मतों से जीतकर आए हैं. इसके बाद भी उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा गया है ।

हारने वाले नेता: साध्वी निरंजन, आर के सिंह, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, राजीव चंद्रशेखर, निशीथ प्रमाणिक, अजय मिश्र टेनी, सुभाष सरकार, भारती पंवार, राव साहेब दानवे और कपिल पाटिल को इस बार चुनाव में हार मिली।

टिकट कटा: मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, जनरल वीके सिंह, जॉन बारला और अश्विनी चौबे को इस बार टिकट नहीं दिया गया था।

नरेंद्र मोदी के साथ अमित शाह, ललन सिंह, मोहन नायडू, सहित ये मंत्री लेंगे शपथ

नई दिल्ली :  नरेंद्र मोदी आज शाम 7:15 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी शपथ लेंगे। शपथ लेने वाले मंत्रियों की संभावित सूची जारी हो गई है। वहीं टीडीपी के नेता जयदेव गल्ला ने ट्‌वीट करके यह बताया है कि उनकी पार्टी के नेता राम मोहन नायडू मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेंगे जबकि पार्टी के एक अन्य सांसद चंद्रशेखर पेम्मासानी राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

जानकारी के अनुसार संभावित मंत्री शपथ लेने से पहले प्रधानमंत्री के साथ चाय पीने पहुंचे हैं। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार बीजेपी गृह, वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालय अपने पास रखेगी, जबकि सहयोगियों को अन्य विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद वे बीजेपी और सहयोगी दलों के दिग्गज नेताओं से मुलाकात की । उनके आवास पर पहुंचने वाले नेताओं में अमित शाह, शिवराज सिंह चौहान, राजनाथ सिंह, किरन रिजिजू, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मनोहरलाल खट्टर, जयंत चौधरी जैसे नेता शामिल रहे।

सूत्रों के हवाले से यह बताया जा रहा है कि जिन्हें आज शपथ लेना है, उन्हें फोन आना शुरू हो गया थे। जेडीयू से ललन सिंह, जीतनराम मांझी, लोजपा से चिराग पासवान जैसे नेताओं का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल है।

मंत्रियों की सूची

अमित शाह बीजेपी
राजनाथ सिंह बीजेपी
नितिन गडकरी बीजेपी
पीयूष गोयल बीजेपी
ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी
रक्षा खडसे बीजेपी
जितेंद्र सिंह बीजेपी
सर्बानंद सोनोवाल बीजेपी
शिवराज सिंह चौहान बीजेपी
एस जयशंकर बीजेपी
किरन रिजिजू बीजेपी
जी किशन रेड्डी बीजेपी
राजीव रंजन सिंह जेडीयू
रामनाथ ठाकुर जडीयू
जीतन राम मांझी हम
चिराग पासवान लोजपा
मोहन नायडू टीडीपी
चंद्रशेखर पेम्मासानी टीडीपी
राव इंद्रजीत सिंह बीजेपी
अनुप्रिया पटेल अपना दल
अन्नपूर्णा देवी बीजेपी
अश्विनी वैष्णव बीजेपी
प्रताप राव जाधव शिवसेना
रामदास अठावले बीजेपी
मनसुख मांडविया बीजेपी

I-N-D-I-A ने नीतीश कुमार को दिया था प्रधानमंत्री पद का ऑफर!

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद एनडीए को सरकार बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रपति से मिला है। एनडीए शपथ ग्रहण की तैयारी में जुटा है। इस बीच जदयू के खेमे से बड़ी जानकारी सामने आ रही है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने एक न्यूज चैनल पर दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि इंडी गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद ऑफर किया गया था। उन्होंने बताया कि जदयू ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और एनडीए के साथ ही पार्टी मजबूती से नयी सरकार चलाएगी।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद इंडी गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का ऑफर मिला था। लेकिन हमलोगों ने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि जब हम साथ थे तो नीतीश कुमार को ये संयोजक बनाने के लिए तैयार नहीं हुए। आज प्रधानमंत्री पद का प्रस्ताव दे रहे हैं। केसी त्यागी ने एनडीए में मजबूती से होने की बात कही।

गौरतलब है कि शुक्रवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें एनडीए के सभी जीते हुए सांसद व पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए। नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। सभी ने प्रधानमंत्री पद के नरेंद्र मोदी के नाम पर अपनी सहमति दी। इस दौरान अपने संबोधन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वो मजबूती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देते रहेंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम पर सहमत है और देश में लगातार तीसरी बार एकजुट रहकर सभी एनडीए की सरकार चलाएंगे।

सीएम नीतीश कुमार ने संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार को आयोजित एनडीए की बैठक में कहा कि नरेद्र मोदी की अगुवाई मे बनने वाली एनडीए की नयी सरकार से बिहार और देश को बड़ी उम्मीदें है। नयी सरकार देश और बिहार के
सभी बाकी कामो को पूरा करेगी। सीएम नीतीश ने कहा कि हम सब इस सरकार और इसके नेता नरेद्र मोदी के साथ रहेंगे। पीएम के कामकाज की तारीफ भी नीतीश कुमार ने की। बता दें कि इसबार लोकसभा चुनाव परिणाम में जनादेश एनडीए को जरूर मिला है लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार अकेले भाजपा को बहुमत नहीं मिल सका। जिसके बाद विपक्ष की ओर से तरह-तरह के दावे किए जाने लगे।

JDU के केसी त्यागी बोले- “अग्निवीर योजना में कमियों पर चर्चा होनी चाहिए”, एनडीए को बिना शर्त समर्थन की पेशकश की

नई दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तीसरा कार्यकाल आसान नहीं होने वाला है। इसके संकेत अभी से ही मिलने लगे है। जी हां, दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने जिस बेबाकी से फैसले लिए है, शायद ऐसा तीसरे टर्म ने होता नहीं दिख रहा है।

इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला, जब NDA के सहयोगी दल जदयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि वो पीएम मोदी से सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की अग्निपथ योजना की समीक्षा की मांग करेगी।

बीजेपी की सहयोगी जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और उसके प्रमुख नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक केसी त्यागी ने कहा है कि कई राज्यों में इस योजना के खिलाफ नाराजगी है। उन्होंने कहा, “नाराजगी है, इसलिए हम अग्निवीर की समीक्षा की मांग करेंगे। हम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं।”

बिहार चुनाव की तैयारी में नीतीश, 3 बड़े मंत्रालय की डिमांड

रांची: चुनावी नतीजों के बाद दिल्ली सियासी हलचल बुधवार को तेज़ रही । NDA तीसरी बार सत्ता की कुर्सी संभालने जा रही है। 7 जून को BJP मुख्यालय में बैठक होगी. जिसमें नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना जायेगा। बैठक में बीजेपी शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे.

8 जून की शाम को नरेंद्र मोदी तीसरी बार राष्ट्रपति भवन में पीएम पद की शपथ ले सकते हैं. लेकिन शपथ ग्रहण से पहले दिल्ली में प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है।

16 सीटों वाली TDP ने समर्थन के बदले 3 कैबिनेट पद और 2 राज्यमंत्री पद की मांग रखी है तो वहीं12 सीटों वाली JDU ने 3 कैबिनेट पद और 2 राज्यमंत्री पदों की इच्छा जताई है। JDU ने भी पसंद के मंत्रालयों की लिस्ट दे दी है। एक मांग पर दोनों में खींचतान हो सकती है, क्योंकि स्पीकर का पद TDP और JDU दोनों ने ही मांगा है।

Bihar: দুধেল গাই ছিল রেল, তাকে বেচে দিয়েছে মোদী, ময়দানে চিৎকার লালুর

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News Desk: চুটকুলা আন্দাজ, মুচকি হাসির সেই লালু ফের ময়দানে, রাজনীতি সরগরম। বিহারে ফের আবির্ভাব লালুপ্রসাদ যাদবের। রাজনৈতিক মঞ্চে পশুখাদ্য কেলেঙ্কারিতে জেল খাটা আরজেডি প্রধানের রঙ্গিলা এন্ট্রিতে মাতোয়ারা বিহার ও পুরো দেশ।

বিহারে মাত্র দুটি আসনে উপনির্বাচন। সেটা ঘিরেই বিহার তপ্ত হয়ে গিয়েছে। লালুপ্রসাদ যাদব বিশেষ আইনি প্রক্রিয়ায় জেল থেকে বিহারে ফিরেছেন। উপনির্বাচন প্রচারে নেমেই প্রধানমন্ত্রী মোদীকে কটাক্ষ করে লালুপ্রসাদের কটাক্ষ, দেশের রেল ব্যবস্থা ছিল দুধেল গাই। তাকেই বেচে দিয়েছেন প্রধানমন্ত্রী। প্রবল আলোড়ন পড়েছে এই ভাষণে।

ভাষণে লালুপ্রসাদ বলেন, তিনি যখন রেলমন্ত্রী ছিলেন এক টাকা ভাড়া বাড়িয়ে দেননি। এখন রেল আর সাধারণ মানুষের নয়।

পশুখাদ্য কেলেঙ্কারির মামলায় লালুপ্রসাদ যাদব ঝাড়খণ্ডের রাঁচি জেলে বন্দি ছিলেন। অসুস্থ হয়ে দিল্লির এইমসে চিকিৎসাধীন হন। সেখান থেকেই বিহারে ফের এন্ট্রি নিলেন। আসন্ন ছট পুজোর আগে রাজনৈতিক মহলে চমক লেগেছে লালুপ্রসাদের এন্ট্রিতে।

বিহারের তারাপুর কেন্দ্রের উপনির্বাচনে প্রচার করলেন লালুপ্রসাদ যাদব। সেখানেই তিনি মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমারকে ফের কটাক্ষ করেন। লালুপ্রসাদ বলেন, গুলি করে মারব না তোমাকে। তুমি তো এমনিই মরে যাবে। আগেই লালুপ্রসাদের আগমন ও তার সরকারের সময় ‘জঙ্গলরাজ’ পরিস্থিতি টেনে কটাক্ষ করে নীতীশ কুমার বলেছিলেন, ও আমাকে গুলি করে মারতে পারে। নীতীশের বিস্ফোরক মন্তব্যের জবাব চুটকি দিয়ে উড়িয়েছেন লালুপ্রসাদ। পুরনো জোট প্রসঙ্গ টেনে লালু বলেছেন, আমি নীতীশকে মুখ্যমন্ত্রী করেছিলাম। ও এখন মোদীর কোলে দোল খাচ্ছে।

নীতীশ কুমারের জেডিইউ ও বিজেপি জোট বিহারে ক্ষমতাসীন। গত নির্বাচনে তারা সরকার ধরে রাখে। আরজেডির মহাজোট হয়েছে বিরোধী। ঝাড়খণ্ডের মতো বিহারেও লালুপ্রসাদ যাদব ছিলেন মহাজোটের মুখিয়া। তবে ঝাড়খণ্ডে তিনি সফল হলেও নিজ রাজ্য বিহারে পাশ করতে পারেননি। নির্বাচনের সময় জামিন নিয়ে বিস্তর জট কাটিয়েও প্রচারে আসতে পারেননি। আইনি প্রক্রিয়ায় বিহারে এসেই লালপ্রসাদ শুরু করেছেন তাঁর পুরনো আন্দাজের চুটকি রাজনীতি।

Bihar: আমাকে গুলি করে মারার ছক করেছেন লালু, বিস্ফোরক নীতীশ

nitish kumar vs lalu prasad yadav

News Desk: নীতীশ কুমারের আশঙ্কা তিনি খুন হতে পারেন। তাঁকে খুন করাতে পারেন লালুপ্রসাদ যাদব। চাঞ্চল্যকর মন্তব্য করেছেন বিহারের মুখ্যমন্ত্রী। পাটনায় তিনি বলেছেন, লালু যাদব চাইলে গুলি করে মারানোর ছক করতে পারেন। তিনি তো আর কিছুই পারেন না।

সম্প্রতি পশুখাদ্য কেলেঙ্কারির মামলায় জেলবন্দি লালুপ্রসাদ যাদব অসুস্থ হয়ে দিল্লিতে চিকিৎসাধীন ছিলেন। তিনি বিশেষ আইনি প্রক্রিয়ায় বিহারে ফিরেছেন। আরজেজি প্রধান ও প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী লালুপ্রসাদ ফিরতেই বিহারের রাজনৈতিক মহল নতুন করে সরগরম।

পাটনায় ফিরে লালুপ্রসাদ বলেন, এসেছি নীতীশ কুমারের বিসর্জন করাতে। তাঁর এই মন্তব্যের প্রতিক্রিয়ায় খুন হয়ে যাওয়ার আশঙ্কা করছেন মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমার।

রাজ্যে দুটি কেন্দ্র তারাপুর ও কুশেশ্বরস্থানে উপনির্বাচন আসন্ন। এই উপনির্বাচন ঘিরেই বিহারের রাজনীতি সরগরম। সরকারপক্ষ এনডিএ এর দিকে চ্যালেঞ্জ ছুঁড়েছেন লালুপুত্র তেজস্বী যাদব। তিনি বলেছেন, দুটি আসনে জয়লাভ করলেই বিহারে আরজেডি নেতৃত্বে মহাজোট সরকার গঠন হবে। একই কথা বলছেন লালু প্রসাদ যাদব। প্রশ্ন উঠছে, বিহারে কি সরকারপক্ষে ভাঙন ধরাচ্ছেন লালু।

তবে আরজেজি মহাজোট থেকে কংগ্রেস বেরিয়ে গেছে। লালুপ্রসাদ পাটনায় ফিরতেই তাঁর সঙ্গে কথা বলেন কংগ্রেস সভানেত্রী সোনিয়া গান্ধী। জোট ফের হবে বলেই মনে করা হচ্ছে। নির্বাচনে মহাজোট থেকে কংগ্রেস ১৯ টি আসন পায়। আর জোটের বাম শরিকরা বিহারে অভাবনীয় ফল করে। তবে সরকার গড়ে বিজেপি-জেডিইউ সহ শরিকদের এনডিএ জোট।