‘मैं पीड़ित हूं और मुझे अपमान झेलना पड़ता है : धनखड़

टीएमसी सांसद द्वारा मजाक उड़ाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने एक बयान में कहा है कि वह पीड़ित हैं, जिन्हें लगातार अपमान झेलना पड़ता है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने आधिकारिक आवास पर इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस के प्रोबेशनर्स के बैच को संबोधित करते हुए यह बात कही। बता दें कि बीते दिनों विपक्षी सांसदों द्वारा राज्यसभा सभापति की मिमिक्री करने पर खूब विवाद हुआ था। सरकार ने इसे लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया था।उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘मैं एक पीड़ित हूं! एक ऐसा पीड़ित, जिसे पता है कि इससे कैसे जूझना है और सारे अपमान को झेलते हुए भारत माता की सेवा करनी है।’ उपराष्ट्रपति ने प्रोबेशनर अधिकारियों को सलाह दी कि वह भी आलोचना झेलने के लिए तैयार रहें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘जब मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, राज्यसभा का सभापति हूं और उपराष्ट्रपति हूं, उसके बाद भी लोग मुझे नहीं बख्शते! लेकिन क्या इससे मेरी मानसिकता बदलनी चाहिए? क्या ये मुझे मेरे पथ से डिगा सकता है? नहीं! मैं सच्चाई के रास्ते पर हूं और हमें हमेशा आगे बढ़ते रहना है।’

राज्यपाल ने अभिषेक को भविष्य का नेता बताया: कल्याण

लंबी खींचतान के बाद आखिरकार राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दार्जिलिंग राजभवन में तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. शनिवार शाम को तृणमूल के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दार्जिलिंग राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की. पार्टी में राज्य के पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार, सांसद कल्याण बनर्जी और 1 अन्य महिला सांसद शामिल थीं.

कल्याण ने बैठक के बाद कहा कि राज्यपाल ने अभिषेक बनर्जी की तारीफ की है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राज्य का दावा उचित था.इस दिन कल्याण ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा है कि हम शिष्टाचार मुलाकात के लिए आये हैं. राज्य के 21 लाख लोगों को 100 दिन काम करने के बाद भी पैसा नहीं मिला. हमारा मुख्य प्रतिनिधिमंडल अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता में है. 30 लोगों के उस समूह में पीड़ित भी शामिल हैं. वे आपसे मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं. वे आपको 50 लाख पत्र भी सौंपना चाहते हैं.’ कल्याणने दावा किया कि ‘राज्यपाल ने अभिषेक बनर्जी की तारीफ की है. उन्हें भविष्य का नेता बताया.

उन्होंने कहा, राज्यपाल ने हमसे कहा है कि वह जल्द ही कोलकाता लौटेंगे और तृणमूल प्रतिनिधियों से मिलेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री से बात की है. वह उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट हैं। वह इस संबंध में केंद्र से आवश्यक अनुरोध करेंगे. हालांकि, बकाए के भुगतान में कोई राजनीतिक बाधा आने पर वह अपनी जिद पर अड़े हैं.इस मुलाकात को लेकर राज्यपाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

বন্ধ হয়ে যাওয়া রাষ্ট্রয়ত্ত সংস্থার কর্মীদের জন্য কেন্দ্রের কোন চিন্তাভাবনাই নেই

Dr Bhagwat Kishanrao Karad

News Desk, New Delhi:  যে সমস্ত রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থা (public sector unit) সম্প্রতি বন্ধ হয়ে গিয়েছে সেই সমস্ত সংস্থার কর্মীরা চরম আর্থিক সমস্যায় পড়েছেন। এই সমস্ত রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থার কর্মীদের বিষয়ে কেন্দ্রীয় অর্থমন্ত্রীর (Finance Minister) কাছে একাধিক প্রশ্ন রাখেন তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদ কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায় (Kalyan Banerjee )।

তৃণমূল কংগ্রেস (Trinamul congress) সাংসদ জানতে চান, বন্ধ হয়ে যাওয়া রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থাগুলির কর্মীদের আর্থিক পরিস্থিতি এতটাই খারাপ যে তাঁরা তাঁদের ছেলে মেয়েদের স্কুলের বেতন দিতে পারছেন না। এজন্য তাঁরা মানুষের কাছ থেকে সাহায্য চাইছেন, এই অভিযোগ কি ঠিক? যদি এই অভিযোগ ঠিক হয়, তবে তা দূর করার জন্য কেন্দ্র কি ব্যবস্থা নিয়েছে।

একইসঙ্গে তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদ জানতে চান, ২০২১-২২ অর্থবর্ষে কেন্দ্র আর কোন কোন রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থা বিলগ্নীকরণের সিদ্ধান্ত নিয়েছে? যে সমস্ত রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থার বিলগ্নীকরণ হতে চলেছে সেই সমস্ত সংস্থার স্থায়ী এবং চুক্তিভিত্তিক কর্মীদের স্বার্থ রক্ষার জন্য কেন্দ্রের পরিকল্পনা কি? আগামী পাঁচ বছরের জন্য কেন্দ্রের বিলগ্নীকরণ পরিকল্পনার কথাও জানতে চান কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায়।

তৃণমূল কংগ্রেস সাংসদের ওই প্রশ্নের উত্তরে কেন্দ্রীয় অর্থমন্ত্রকের প্রতিমন্ত্রী ভাগবত কৃষ্ণরাও কারাড বলেন, যে সমস্ত রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থা বিলগ্নীকরণ হয়েছে সেই সমস্ত সংস্থার কর্মীদের ভিআরএস ও ভিএসএস নীতি মেনে সব ধরনের ক্ষতিপূরণ দেওয়া হয়েছে। বন্ধ হয়ে যাওয়া ওই সব সংস্থার কর্মীদের জন্য যাতে বিকল্প কোনও কাজের ব্যবস্থা করা যায় সরকার সে ব্যাপারেও আলোচনা করছে।

অর্থপ্রতিমন্ত্রী কারাড আরও বলেন, ২০১৬ সাল থেকে মোট ৩৫ টি রাষ্ট্রয়ত্ত সংস্থাকে বিলগ্নীকরণ করার সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে। এই ৩৫টি সংস্থার মধ্যে রয়েছে ব্রিজ অ্যান্ড রুফ, বিইএমএল লিমিটেড, দুর্গাপুর স্টিল প্ল্যান্ট, পবন হংস লিমিটেড, এয়ার ইন্ডিয়া এবং তার অধিনস্ত আরও পাঁচটি সংস্থা। এছাড়াও বিলগ্নিকরণের তালিকায় আছে ভারত পেট্রোলিয়াম কর্পোরেশন লিমিটেড, শিপিং কর্পোরেশন অফ ইন্ডিয়া লিমিটেড, নীলাচল ইস্পাত নিগম, রাষ্ট্রীয় ইস্পাত নিগম বেঙ্গল কেমিক্যালস অ্যান্ড ফার্মাকিউটিক্যালস লিমিটেড, হিন্দুস্থান নিউজপ্রিন্ট লিমিটেড, হিন্দুস্থান পেট্রোলিয়াম কর্পোরেশন লিমিটেড, রুরাল এলেক্ট্রিফিকেশন কর্পোরেশন লিমিটেড প্রভৃতি।

কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায়ের প্রশ্নের উত্তরে এদিন বন্ধ হয়ে যাওয়া রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থার কর্মীদের তাৎক্ষণিক সাহায্যের জন্য কেন্দ্রীয় অর্থমন্ত্রকের পক্ষ থেকে কোনও আশ্বাস দেওয়া হয়নি। কেন্দ্রের পক্ষ থেকে বলা হয়েছে, বন্ধ হয়ে যাওয়া রাষ্ট্রায়ত্ত সংস্থাগুলির কর্মীদের পুনর্নিয়োগের জন্য চিন্তাভাবনা করছে সরকার। কিন্তু কবে পুনর্নিয়োগের প্রক্রিয়া বাস্তবায়ন হবে সে বিষয়ে কেন্দ্রের পক্ষ থেকে কোনও কিছুই বলা হয়নি।

Suvendu Adhikari: শুভেন্দু কি ফিরছেন মমতা শিবিরে? তীব্র জল্পনা

Suvendu Adhikari

News Desk: উপনির্বাচনে বিজেপির জামানত খুইয়ে দিশেহারা পরিস্থিতি। এক ডজন বিধায়ক দলত্যাগে প্রস্তুত। তারা সবাই তৃণমুল কংগ্রেসে ঢুকছেন বলেই রাজ্য সরগরম। এর মাঝে টিএমসি সাংসদ কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায়ের একটি ব্যাঙ্গাত্মক গান ও সংবাদ মাধ্যমের মন্তব্যের জেরে তীব্র গুঞ্জন বিরোধী দলনেতা শুভেন্দু অধিকারী (Suvendu Adhikari) বিজেপি ত্যাগ করতে চলেছেন।

কল্যাণ বন্দ্যোপাধ্যায় তাঁর মন্তব্যে শুভেন্দু অধিকারীকে ভাই বলে ডেকেছেন। তাঁকে ফিরে আসার বার্তা দিয়েছেন। এর পরেই গুঞ্জন শুভেন্দুবাবুর দলত্যাগ নিয়ে ছড়াতে শুরু করেছে। তবে শুভেন্দুবাবু নিরুত্তর।

বিজেপির প্রাক্তন রাজ্য সভাপতি দিলীগ ঘোষের দাবি, দলে এমন অনেকেই আছে যারা চায় না রাজ্যে বিজেপির শক্তি বাড়ুক। তাদের তাড়ানোর প্রক্রিয়া শুরু হবে বলেই তিনি ইঙ্গিত দিয়েছেন।

বিধানসভা ভোটের আগে তৃণমূল কংগ্রেস ত্যাগ করে বিজেপিতে যোগ দেন শুভেন্দু অধিকারী ও তাঁর পিতা শিশির অধিকারী। পূর্ব মেদিনীপুরের নন্দীগ্রাম কেন্দ্রে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে পরাজিত করেন শুভেন্দু। যদিও টিএমসি বিপুল শক্তি নিয়ে সরকার গড়েছে। আর পরপর উপনির্বাচনে বিজেপির ভরাডুবি হতে শুরু করেছে।

বিজেপি সরকার দখল করতে না পারায় বিধানসভা নির্বাচনের পর দলত্যাগের হিড়িক লেগেছে বিরোধী দলে। সম্প্রতি দলত্যাগ করেন রাজীব বন্দ্যোপাধ্যায়।আবার তৃণমূলে ফিরেছেন। রাজীব বলেছেন, বিজেপি দলটাই সাইনবোর্ড হয়ে যাবে।