कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार

कर्नाटक:  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी नागेंद्र को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि विधायक को रात करीब साढ़े दस बजे एजेंसी के दफ्तर में हिरासत में लिया गया। उनसे 13 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। उन्हें सुबह उनके आवास से ईडी कार्यालय ले जाया गया था।

नागेंद्र को शनिवार को विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किए जाना है। जहां ईडी पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगेगी। इस मामले में बृहस्पतिवार को कर्नाटक समेत चार राज्यों में छापेमारी की थी और अब तक करीब 50 लाख रुपये नकद और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं।

घोटाले के सिलसिले में अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री नागेंद्र ने छह जून को इस्तीफा दे दिया था। ईडी ने पिछले दो दिनों में कर्नाटक के पूर्व मंत्री नागेंद्र और सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक बसनगौड़ा दद्दल के परिसरों सहित कई स्थानों पर तलाशी ली है।

सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में करीब 20 स्थानों पर छापेमारी की। कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में पैसों के हेरफेर का मामला तब सामने आया था जब इसके लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली थी।

घटनास्थल से चंद्रशेखरन द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि निगम के बैंक खाते से 187 करोड़ रुपए का अनधिकृत हस्तांतरण किया गया है। उसमें से 88.62 करोड़ रुपए अवैध रूप से विभिन्न खातों में भेजे गए। ये बैंक खाते कथित रूप से प्रसिद्ध आईटी कंपनियों और हैदराबाद में स्थित एक सहकारी बैंक के हैं। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) में आर्थिक अपराध के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनीष खरबीकर की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने मंगलवार को इस मामले की जांच के सिलसिले में नागेंद्र और दद्दल से पूछताछ की थी।

यौन शोषण मामले में बीएस येदियुरप्पा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

बेंगलुरु : हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को बड़ी राहत देते हुए पॉक्सो मामले में उन्हें गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है और येदियुरप्पा को जांच में सहयोग करने को कहा है। साथ ही हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को पॉक्सो मामले में 17 जून को सीआईडी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है।

ज्ञात हो कि . फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो केस में गैर जमानती वारंट जारी किया था। बता दें कि बीएस यदियुरप्पा पर एक नाबालिग से यौन शोषण करने का आरोप है। इस प्रकरण में वारंट जारी होने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। इसके साथ ही उन्होंने केस को भी रद्द करने की मांग की थी। जिसपर आज सुनवाई हुई।

फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा पॉक्सो एक्ट के तहत येदियुरप्पा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया किया है। बता दें यह पूरा मामला 2 फरवरी 2024 की है। जब एक महिला अपनी 17 साल की बेटी के साथ येदियुरप्पा के निवास पर रेप केस में मदद मांगने गई थी। उस दौरान आरोप है कि यदियुरप्पा के घर में लड़की से छेड़छाड़ की घटना हुई।

इस मामले में पीड़िता नाबालिग लड़की की मां ने 14 मार्च को बेंगलुरु के सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर में येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो और धारा 354 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक डीआईजी ने मामले को सीआईडी को सौंप दिया था. बुधवार को सीआईडी ने येदियुरप्पा को पेश होने के लिए समन भेजा था। इसपर जवाब देते हुए उनके वकील ने एक हफ्ते का वक्त मांगा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यदियुरप्पा ने 17 जून को पूछताछ में शामिल होने की बात कही, लेकिन CID फास्ट ट्रैक कोर्ट से वारंट ले आई। इन आरोपों को खारिज करते हुए बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वे कानूनी रूप से लड़ेंगे।

हाल ही में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसे हिन्दी में बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम भी कहा जाता है। दरअसल पॉक्सो एक्ट का पूरा नाम प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट होता है।

बता दे यह एक्ट नाबालिग लडकी और लड़के दोनों में से किसी के भी खिलाफ़ हुई यौन हिंसा के खिलाफ़ लागू होता है। इस कानून को 2012 में लाया गया था। पॉक्सो एक्स के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजाओं का भी प्रावधान किया गया है। इस एक्ट को लाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य था नाबालिग बच्चों को यौन उत्पीड़न के मामलों में संरक्षण देना। इस एक्ट के तहत दोषी पाए जाने वाले अपराधी के खिलाफ उम्रकैद जैसी सजा का भी प्रवधान है।

वर्तमान समय में यौन शोषण के आरोपी कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा दक्षिण के कद्दावर नेता है। भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में इनका नाम लिया जाता है। बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के 19वें मुख्यमंत्री है, इन्होंने 30 मई 2008 को शपथ ग्रहण किया था। अभी येदियुरप्पा कर्नाटक राज्य की विधानसभा में शिकारीपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं।

बता दें कि भाजपा संगठन में येदियुरप्पा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया था. लेकिन राज्य की राजनीति में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हे राज्य का अध्यक्ष बना दिया गया। ये कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2008 में जीत के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे। साथ ही साल 2007 में जद(एस) के साथ गठबंधन टूटने से पहले भी थोड़े समय के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे। बताते चलें येदियुरप्पा किसी भी दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं।

10 राज्यों में मुंह के बल गिरी बीजेपी,  पार्टी के 400 पार का सपना रह गया अधूरा

नई दिल्ली :  लोकसभा चुनावों 2024 के नतीजे आ रहे है। ऐसे में कई रात्यों में बीजेपी की जीत हो रही है तो वही कई राज्यों में बीजेपी मुंह के बल गिरती नजर आ रही है। दरअसल 10 राज्यों के रुझानों में पार्टी बहुत ज्यादा सीटों पर आगे नहीं दिख रही है। यहां स्थानीय पार्टियों की पकड़ मजबूत नजर आ रही है, जबकि दो राज्यों में राहत है।

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बीजेपी का खेल बिगड़ता दिख रहा है। वहीं, हरियाणा और बंगाल में भी बीजेपी उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश की वीआईपी सीट अमेठी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भारी वोटों के अंतर से पीछे चल रही हैं। यहां कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा बढ़त बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 34 सीटों पर बीजेपी, जबकि समाजवादी पार्टी 35 सीटों पर आगे चल रही है।

इसके अलावा सात सीटों पर कांग्रेस आगे है। इस तरह हिसाब से INDIA गठबंधन राज्य की 80 में से 44 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, एनडीए 35 सीटों पर आगे चल रहा है।

बिहार की बात करें तो राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से एनडीए 34 सीटों पर आगे है, जबकि 4 पर INDIA गठबंधन आगे चल रहा है और दो पर अन्य दल आगे हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 17 सीटें जीती थीं और 16 पर जनता दल (यूनाइटेड) के पास गई थीं।

हरियाणा में बीजेपी को 5 सीटों पर का नुकसान हो सकता है। 10 लोकसभा सीटों में से पांच पर बीजेपी और पांच पर कांग्रेस आगे चल रही है। पिछले चुनाव के नतीजे देखें तो बीजेपी को राज्य की 10 की 10 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी का जादू चलता दिख रहा है। एक बार फिर से सत्तारूढ़ कांग्रेस 30 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीजेपी सिर्फ 11 सीटों पर ही लीड करती दिख रही है।

मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है।
गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से एक पर कांग्रेस आगे चल रही है।
राजस्थान में भी बीजेपी को 10 सीटों पर नुकसान हो सकता है।
कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटों पर जो रुझान सामने आए हैं, उनमें बीजेपी 16 सीटों पर आगे चल रही है।
पंजाब में 2019 में बीजेपी को दो सीटें मिली थीं। इसके अलावा तेलंगाना और ओडिशा में बीजेपी को राहत है।
ओडिशा की 21 में से 18 पर और तेलंगाना की 17 में से 8 पर बीजेपी आगे है।

कर्नाटक और हिमाचल के समय ज्ञान कहां गायब था: अधीर

Adhir-Ranjan-Chowdhury

कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधानसभा चुनाव में हार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब भाजपा कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश चुनाव हार गई तो उनका ‘ज्ञान’ (सलाह) गायब हो गया। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले, पीएम मोदी ने विपक्ष को “हताशा निकालने” के बजाय छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हार से सबक लेने की सलाह दी। इसी को लेकर प्रधानमंत्री पर कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है।इसके जवाब में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बेहतर होगा कि पीएम हमारे भविष्य के बारे में सोचना बंद कर दें। क्योंकि जब बीजेपी कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश हार गई तो सब ज्ञान गायब हो गया था।अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कुछ दिन पहले कर्नाटक-हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए थे उस समय मोदी जी का ज्ञान कहां था? वे समय-समय पर अपने ज्ञान निकालते हैं।मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों से आग्रह किया कि संसद के शीतकालीन सत्र में वे विधानसभा चुनावों में मिली पराजय का ‘गुस्सा’ ना निकालें बल्कि उससे सीख लेते हुए पिछले नौ सालों की नकारात्मकता को पीछे छोड़ें और सकारात्मक रूख के साथ आगे बढ़ें, तभी उनके प्रति लोगों का नजरिया बदल सकता है।

Karnataka : গেরুয়া রাজ্যে ফের অনিশ্চিত মুখ্যমন্ত্রীর পদ

Karnataka

কর্নাটকে (Karnataka) ফের অনিশ্চিত মুখ্যমন্ত্রীর পদ। স্থানীয় নির্বাচনের পর প্রশ্ন উঠেছে বাসবরাই বোম্মাই- এর ভবিষ্যৎ নিয়ে৷ বিজেপি কেন্দ্রীয় নেতৃত্বের হাতের পুতুলে পরিণত হয়েছেন তিনি, এ কথা শোনা যাচ্ছে দলেরই অন্দরে।

নাম প্রকাশে অনিচ্ছুক এক বিজেপি নেতা সর্বভারতীয় সংবাদমাধ্যমে জানিয়েছেন, ‘বোম্মাই যথেষ্ট গুরুত্ব রয়েছে। আবার অনেকের কাছেই কোনো গুরুত্ব নেই।’ জুলাইয়ের ২৮ তারিখে বিএস ইয়েদুরাপ্পার পরিবর্তে বাসবরাইকে বসানো হয়েছিল কর্নাটকের মুখ্যমন্ত্রীর চেয়ারে। তিনি আর ক’দিন সেই আসনে থাকবেন সে ব্যাপারে দেখা দিয়েছে সংশয়। জানা যাচ্ছে, আরএসএস এবং বিজেপির একাংশ আর পছন্দ করছেন না তাঁকে।

গত বিধানসভা নির্বাচনের পর থেকেই কর্নাটকের মুখ্যমন্ত্রীর আসন বহুবার উঠে এসেছিল আলোচনায়। ঘোড়া কেনা-বেচার রাজনীতিকে কেন্দ্র করে উত্তাল হয়েছিল জাতীয় রাজনীতি। কংগ্রেসকে সরিয়ে ক্ষমতায় এসেছিল বিজেপি। মুখ্যমন্ত্রী হয়েছিল বিএস ইয়েদুরাপ্পা। অনেক পরে বাসবরাই বোম্মাই।

সম্প্রতি কর্নাটকের ৫৮ টি শহরে স্থানীয় নির্বাচনে কংগ্রেস একক বৃহত্তম দল হিসাবে উঠে এসেছে। মুখ্যমন্ত্রীর এলাকাতেও হাত শিবিরের উত্থান। ভোট হয়েছিল মোট ১ হাজার ১৮৪ টি ওয়ার্ডে। যার মধ্যে কংগ্রেস জিতেছে ৪৯৮ টি আসনে এবং বিজেপি জয় পেয়েছে ৪৩৭ টি আসনে। অন্যদিকে জেডিএস মাত্র ৪৫ টি আসনে এবং নির্দল প্রার্থীরা জিতেছেন ২০৪ টি আসনে। মোট ভোটের নিরিখে ৪২.০৬ শতাংশ ভোট এসেছে কংগ্রেসের ঝুলিতে। বিজেপির খাতায় ৩৬.৯০ শতাংশ ভোট।

Karnataka: তালিকায় নয়া রাজ্য, ফের পুরভোটে পিছিয়ে পড়ল মোদীর দল

Karnataka: New state on the list, again Modi's party fell behind in the polls

News Desk: একের পর এক রাজ্যে ধাক্কা খাচ্ছে বিজেপি। এবার কর্ণাটকে ও পিছিয়ে গেল ওই রাজ্যের শাসক দল। পুরভোটে বিজেপিকে টপকে অনেকটাই এগিয়ে এল কংগ্রেস।

তথ্য অনুযায়ী, বিজেপি শাসিত কর্ণাটকে র ২০ টি জেলায় ৫৮ টি পুরসভার মোট ১ হাজার ১৮৪ টি আসনে ভোট হয়েছিল। সেখানে কংগ্রেস জয় পেয়েছে ৫০১ টি আসনে। দ্বিতীয় স্থানে বিজেপি, জয় পেয়েছে ৪৩৩ টি আসনে, জেডি(এস) পেয়েছে ৪৫ টি আসন, নির্দল ও অন্যেরা ২০৫ টি আসনে জয় পেয়েছে।

কমপক্ষে ২৫ টি পুরসভায় সংখ্যাগরিষ্ঠতা পেয়েছে কংগ্রেস। পাশাপাশি, একাধিক পুরসভায় একক বৃহত্তম দল হিসেবে মাথা তুলেছে কংগ্রেস।

চলতি বছরের শুরুর দিকেই কর্ণাটকের পঞ্চায়েত ভোটেও বিজেপিকে পরাস্ত করেছিল কংগ্রেস। পুরভোটে একবার ফের সেই একই দৃশ্য। এদিকে, ২০২৩ সালে কর্ণাটকে বিধানসভা নির্বাচন রয়েছে। তার আগেই এই ধরনের ফলাফল কেন্দ্রীয় নেতৃত্বের চিন্তা বাড়াবে বলেই মনে করছে ওয়াকিবহাল মহল।

সূত্রের খবর, প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী কুমারস্বামীর দল জেডি(এস) ত্রিশঙ্কু পুরসভাগুলিতে বিজেপির সঙ্গে জোট বাঁধতে পারে।

Earthquake: পরপর ২টি ভূমিকম্প, সাতসকালে কেঁপে উঠল বেঙ্গালুরু

earthquake

নিউজ ডেস্ক : বুধবার সাতসকালে ভূমিকম্পে কেঁপে উঠল দেশের অন্যতম তথ্যপ্রযুক্তি নগরী বেঙ্গালুরু। এক কম্পনে তীব্র আতঙ্ক ছড়িয়ে পড়ে। রীতিমত বহুতল থেকে আতঙ্কে মানুষজন নীচে নেমে আসেন। জানা যাচ্ছে, রিখটার স্কেলে কম্পনের মাত্রা ৩.৩।

এদিন পরপর ২টি ভূমিকম্পে কেঁপে ওঠে দক্ষিণের রাজ্য কর্ণাটক। কম্পন অনুভূত হয় রাজ্যের রাজধানী বেঙ্গালুরুতেও। তবে জানা গিয়েছে, কম্পনের মাত্রা কম হওয়ায় কোনও বড়সড় ঘটনা ঘটেনি।

ন্যাশনাল সেন্টার ফর সিসমোলজির তথ্য অনুযায়ী, বেঙ্গালুরুতে রিখটার স্কেলে ৩.৩ মাত্রায় কম্পন অনুভূত হয়। এদিকে কর্ণাটক রাজ্য প্রাকৃতিক দুর্যোগ পর্যবেক্ষণ কেন্দ্র জানায়, আজ সকালে চিক্কাবল্লাপুর জেলায় ২.৯ ও ৩ মাত্রার ২টি ভূমিকম্প রেকর্ড করা হয়েছে। ন্যাশনাল সেন্টার ফর সিসমোলজি এদিন টুইটারে জানিয়েছে, সকাল ৭টা ১৪ মিনিট নাগাদ একটি ভূমিকম্প অনুভূত হয়। ২৩ কিলোমিটার গভীরে এটি হানা দেয়। ভূমিকম্পের কেন্দ্রস্থল কর্ণাটকের রাজধানী থেকে ৬৬ কিলোমিটার দূরে ছিল। এর ৫ মিনিট আগেই প্রথম ভূমিকম্পটি হয়।

টুইট করে ন্যাশনাল সেন্টার ফর সিসমোলজি জানায়, ‘ভূমিকম্পের মাত্রা: ৩.৩, ২২-১২-২০২১, ভারতীয় সময় ৭টা ১৪ মিনিট ৩২ সেকেন্ড, অক্ষাংশ: ১৩.৫৫ এবং দীর্ঘ: ৭৭.৭৬, গভীরতা: ২৩ কিমি, অবস্থান: বেঙ্গালুরু, কর্ণাটকের ৬৬ কিমি উত্তর উত্তর-পূর্বে।’ এর আগের ভূমিকম্প নিয়ে টুইটে ন্যাশনাল সেন্টার ফর সিসমোলজি লেখে, ‘ভূমিকম্পের মাত্রা: ৩.১, ২২-১২-২০২১, ভারতীয় সময় ৭টা ৯ মিনিট ৩৬ সেকেন্ড, অক্ষাংশ: ১৩.৫৯ এবং দীর্ঘ: ৭৭.৭৩, গভীরতা: ১১ কিমি, অবস্থান: বেঙ্গালুরু, কর্ণাটকের ৭০ কিমি উত্তর উত্তর-পূর্বে।’

Karnataka: শিক্ষককে ডাস্টবিন দিয়ে পেটাচ্ছে ছাত্ররা, ভিডিও ভাইরাল সোশ্যাল মিডিয়ায়

Students misbehave with teacher in school

নিউজ ডেস্ক: ক্লাস চলাকালীন এক শিক্ষককে (teacher) মারধর করছে পাঁচ ছাত্র। চেয়ারে বসে থাকা ওই শিক্ষককে ডাস্টবিন দিয়ে পেটাচ্ছে তারা। চাঞ্চল্যকর ওই ঘটনাটির ভিডিয়ো সোশ্যাল মিডিয়ায় ভাইরাল হতেই বিষয়টি সামনে এসেছে। নেটিজেনরা প্রায় সকলেই ওই ছাত্রদের উপযুক্ত শাস্তির দাবি জানিয়েছে। কর্নাটকের নেল্লোরের (Karnataka) এক সরকারি স্কুলে এই ঘটনাটি ঘটেছে। শুক্রবার ওই ঘটনার ভিডিও সোশ্যাল মিডিয়ায় (social media) ছড়িয়ে পড়ে।

ওই ভিডিয়োতে দেখা গিয়েছে, প্রকাশ নামে এক শিক্ষককে ক্লাস রুমে ঢোকার শুরু থেকেই তীব্র হেনস্তা করছে পাঁচ ছাত্র। ওই শিক্ষক যখন তাঁর চেয়ারে গিয়ে বসেন তখন এক ছাত্র তাঁকে ডাস্টবিন তুলে মারতে যায়। এরপর ওই শিক্ষক যখন ক্লাসে পড়ানো শুরু করেন তখন এক ছাত্র আচমকাই গিয়ে ডাস্টবিনটি ওই শিক্ষকের মাথায় চাপিয়ে দেয়। এ ঘটনায় ওই স্কুলের অন্যান্য অভিভাবক ও গ্রামবাসীরা চরম ক্ষোভ প্রকাশ করেছেন। সকলেই ওই ছাত্রদের উপযুক্ত শাস্তির দাবি তুলেছেন। কিন্তু প্রশ্ন হল কেন ওই শিক্ষকের উপর চড়াও হল ছাত্ররা।

জানা গিয়েছে, ৩ নভেম্বর প্রকাশ নামে ওই শিক্ষক ছাত্রদের বকাঝকা করেছিলেন। কারণ ক্লাসরুমে বেশ কিছু খালি গুটখার প্যাকেট পড়েছিল। ছাত্রদের প্রকাশ বলেছিলেন, এভাবে কখনওই ক্লাসরুম নোংরা করা উচিত নয়। প্রত্যেকের উচিত নিয়ম মেনে চলা। ক্লাসের মধ্যে গুটকা খাওয়া অত্যন্ত লজ্জাজনক ঘটনা।

প্রকাশ জানিয়েছেন বকুনি দেওয়ার কারণেই তাঁকে ৫ ছাত্রের হাতে আক্রান্ত হতে হয়েছে। কেন তিনি পুলিশের কাছে অভিযোগ জানাননি? এই প্রশ্নের জবাবে ওই শিক্ষক বলেছেন, পুলিশে অভিযোগ জানালে ওই ছাত্ররা তাঁর উপর আরও বড় ধরনের হামলা করতে পারত। সেই আশঙ্কায় তিনি পুলিশকে বিষয়টি জানাননি।

তবে বিষয়টি সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়ার পর ওই স্কুলে যান স্থানীয় বিধায়ক মাদল বিরুপাক্ষাপ্পা। বিধায়কের সঙ্গে ছিলেন জেলা প্রশাসনের শিক্ষা দফতরের এক আধিকারিক। স্কুলে গিয়ে তাঁরা শিক্ষকদের কাছ থেকে বিষয়টি জানেন। তবে পড়ুয়াদের ভবিষ্যতের কথা ভেবে তাদের বিরুদ্ধে আইনি ব্যবস্থা নেওয়া হয়নি। যদিও ওই ছাত্রদের লিখিতভাবে ক্ষমা চাওয়ার কথা বলা হয়েছে। ভবিষ্যতে তারা এ ধরনের আচরণ করবে না, তার লিখিত প্রতিশ্রুতি দিতে বলা হয়েছে। তবে অন্য অভিভাবকদের দাবি, ওই ছাত্রদের অবিলম্বে স্কুল থেকে বরখাস্ত করতে হবে। তাদের কড়া শাস্তি দেওয়া না হলে ভবিষ্যতে তাদের আচরণ পাল্টাবে না। সহকারি জেলাশাসক মহান্তেশ বিলাগী জানিয়েছেন, তিনি ঘটনাটি সম্পর্কে বিস্তারিত জেনে পরবর্তী সিদ্ধান্ত নেবেন।

Omicron: বিপদ বাড়িয়ে ভারতেও ঢুকে পড়ল করোনার নতুন ভেরিয়েন্ট

Omicron also entered India

নিউজ ডেস্ক, বেঙ্গালুরু: করোনার নতুন ভেরিয়েন্ট ওমিক্রন (Omicron) রুখতে সময় থাকতেই একাধিক ব্যবস্থা নিয়েছিল কেন্দ্রীয় সরকার। কিন্তু তাতেও শেষ রক্ষা হল না। ভারতেও ঢুকে পড়ল ওমিক্রন। এখনও পর্যন্ত কর্নাটকের (Karnataka) দুই ব্যক্তির শরীরে ওমিক্রন ভেরিয়েন্টের হদিশ মিলেছে বলে স্বাস্থ্যমন্ত্রক জানিয়েছে।
বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় কেন্দ্রীয় স্বাস্থ্য মন্ত্রকের সচিব লব আগরওয়াল এই খবর জানিয়েছেন।

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ওমিক্রন প্রতিরোধ করতে নির্দিষ্ট কয়েকটি দেশ থেকে আসা যাত্রীদের উপর বিশেষ নজরদারি চালানো হচ্ছিল। ওই সমস্ত দেশ থেকে আসা যাত্রীদের জেনোম সিকোয়েন্সিংয়ের উপর সর্বাধিক গুরুত্ব দেওয়া হয়েছিল। জেনোম সিকোয়েন্সিংয়েই দুজনের শরীরে ওমিক্রনের সন্ধান মিলেছে। আক্রান্ত দুইজনের একজনের বয়স ৪৬ অন্য জনের ৬৬। তবে নিরাপত্তার কারণে ওই দুইজন কোথা থেকে এসেছেন এবং তাঁদের পরিচয় জানায়নি স্বাস্থ্যমন্ত্রক।

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লব আগরওয়াল এদিন জানিয়েছেন, আক্রান্ত ব্যক্তির শরীরে মৃদু উপসর্গ রয়েছে। তাই আতঙ্কিত হওয়ার কোনও কারণ নেই। তবে এই ভাইরাসের হাত থেকে বাঁচতে প্রত্যেককেই করোনাবিধি মেনে চলতে হবে। যথাসম্ভব এড়িয়ে চলতে হবে ভিড়। অন্যদিকে করোনা সংক্রান্ত টাস্ক ফোর্সের প্রধান ভিকে পল জানিয়েছেন, ওমিক্রন রুখতে নতুন করে আর কোনও বিধি-নিষেধ তৈরি করার কথা এখনই ভাবা হচ্ছে না। তবে যে নিয়মগুলি বর্তমানে চালু রয়েছে সেগুলি মানুষকে মেনে চলতে হবে।

উল্লেখ্য, বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থাও ওমিক্রনকে উদ্বেগজনক ভাইরাস বলে চিহ্নিত করেছে। যে সমস্ত দেশে এই ভাইরাসের সংক্রমণ ছড়িয়েছে সেই দেশগুলিকে ঝুঁকিপূর্ণ দেশ হিসেবে চিহ্নিত করেছে কেন্দ্র। ওমিক্রন রুখতে দেশের প্রতিটি বিমানবন্দর কর্তৃপক্ষকে উপযুক্ত সর্তকতা অবলম্বনের নির্দেশ দিয়েছে স্বাস্থ্যমন্ত্রক।

Syed Mostaq Ali T20 Tournament: হেভিওয়েট কর্ণাটককে উড়িয়ে নক আউটে বাংলা

Bengal Team

স্পোর্টস ডেস্ক: কর্নাটককে ৭ উইকেটে হারিয়ে গ্রুপ চ্যাম্পিয়ন হয়ে সৈয়দ মুস্তাক আলি টি টোয়েন্টি টুর্নামেন্টের নকআউটে চলে গেল বাংলা দল।

টসে জিতে তারকা খচিত কর্ণাটক ব্যাটিং’র সিদ্ধান্ত নেয়। শক্তিশালী কর্ণাটকের বিরুদ্ধে বাংলা বোলাররা দাপটের সঙ্গে বোলিং করে এবং ১৩৪ রানে আটকে রাখে কর্ণাটককে। প্রথম ওভারেই মুকেশ কুমারের দুই ডেলিভারিতে ময়াঙ্ক আগারওয়াল এবং দেবদত্ত পাদিক্কালকে হারিয়ে কর্ণাটক ব্যাকফ্রুটে চলে যায়।

এরপর বাংলার স্পিনারদের আটোসাটো বোলিং’র মুখে পড়ে ম্যাচে কর্ণাটক দল নিজেদের স্বাভাবিক ক্রিকেট খেলতে পারেনি। সাহবাজ আহমেদ ৪ ওভারে ১৫ রান দিয়ে একটি উইকেট কর্ণাটক অধিনায়ক মনীশ পাণ্ডে (৩২) উইকেট নেয়। এরপরেই প্রদীপ্ত প্রামানিক পরপর দুই বলে ২ উইকেট নেয়। প্রথমে আকাশদীপের হাতে ক্যাচ দিয়ে ফেরে করুন নায়ার (৪৪) এবং পরের বলে কাইফ আহমেদের হাতে ক্যাচ দিয়ে অনিরুদ্ধ (১২)প্যাভিলিয়নে ফিরে আসে। কর্ণাটক তখন ৫ উইকেটে ১০১ রান তুলেছে।

বাংলার বোলারদের মধ্যে মুকেশ কুমার ৩, প্রদীপ্ত প্রামাণিক ২, আকাশদীপ এবং সাহবাজ একটি করে উইকেট পেয়েছে। বাংলার হয়ে অভিমন্যু ঈশ্বরণ ৪৯ বলে ৫১ রানে নট আউট থাকেন। ঋদ্ধিমান সাহা ২৭,কাইফ আহমেদ ৩৪ রানে অপরাজিত থাকে। বাংলার অধিনায়ক সুদীপ চ্যাটার্জী (৪), ঋতিক চ্যাটার্জী(১৮) রান করে।বাংলা ১৮ ওভারে ৩ উইকেটে জয়ের লক্ষ্যমাত্রায় পৌছে যায়, ১৩৮ রানে।

রাস্তার গর্ত বন্ধ করতে মুখ্যমন্ত্রীর কাছে আর্জি দ্বিতীয় শ্রেণির ছাত্রীর

Dhavani N

News Desk: দু’বছর আগে রাস্তার গর্তে পড়ে গিয়ে পা ভেঙে গিয়েছিল এন ধাবানি নামে এক শিশুর মায়ের। কয়েকদিন আগে পশ্চিম বেঙ্গালুরুতে ৬৩ বছরের এক প্রতিবন্ধী ব্যক্তির তিন চাকার সাইকেলটি গর্তের কারণে রাস্তায় উল্টে পড়ে। ওই ঘটনায় প্রতিবন্ধী মানুষটি প্রাণ হারান। এই দুটি ঘটনা সাত বছরের ছোট্ট ধাবানির মনকে নাড়া দিয়ে যায়। সঙ্গে সঙ্গেই নিজের ইতিকর্তব্য ঠিক করে ফেলে ধাবানি। 

রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী বাসবরাজ বোম্বাইকে একটি চিঠি দিয়ে অবিলম্বে রাজ্য তথা শহরের সব গর্ত মেরামত করার আবেদন জানিয়েছে সে। শুধু আবেদন জানানোই নয়, বড়দের কাছ থেকে বিভিন্ন সময়ে সে যেসব টাকা পেয়েছে সেই জমানো টাকাও গর্ত বোঝানোর জন্য মুখ্যমন্ত্রীকে দেওয়ার কথাও জানিয়েছে এই ছোট্ট শিশু। কর্নাটকের হেগান্নাহাল্লির এক সরকারি স্কুলের দ্বিতীয় শ্রেণীতে পড়ে সে।

কর্নাটকের টুমকুর জেলার এক দরিদ্র পরিবারের সন্তান ধাবানি। তার বাবা নির্মাণ শ্রমিকের কাজ করেন। ধাবানি মুখ্যমন্ত্রীকে দেওয়া চিঠিতে তাঁকে দাদু বলে সম্বোধন করছে। চিঠিতে সে লিখেছে, একজন প্রতিবন্ধী মানুষ রাস্তার গর্তে পড়ে গিয়ে প্রাণ হারালেন। এটা কত বড় দুঃখজনক ঘটনা আপনি একবার ভেবে দেখুন। রাস্তায় গর্তর কারণে প্রতিদিন কত দুর্ঘটনা ঘটছে। তাতে বহু মানুষ প্রাণ হারান। কেউবা গুরুতর আহত হন। এটা ঠিক নয়। দাদু আপনি অবিলম্বে রাস্তার সব গর্ত বুজিয়ে দেওয়ার ব্যবস্থা করুন। আমি অল্প কিছু টাকা জমিয়েছি। রাস্তার গর্ত বোজানোর জন্য আপনার খরচ হবে। তাই আমি এই জমানো টাকাও আপনাকে দিতে চাই।

দ্বিতীয় শ্রেণীর এই ছাত্রী স্কুলেও সকলের কাছে খুবই প্রিয়। খেলাধুলা, গান-বাজনা নাটকেও সে বেশ দক্ষ। এজন্য স্কুল থেকে সে অনেক পুরস্কারও পেয়েছে। সম্প্রতি ধাবানি বিদেশের একটি ভিডিয়োয় দেখে, সেখানে তার মতই একটি ছোট শিশু রাস্তার খানাখন্দগুলি নিজের হাতে মাটি দিয়ে ভরাট করছে। এরপরই ধাবানি তার মা-বাবাকে জানায় তাদেরও উচিত এভাবে শহরের রাস্তাগুলির খানাখন্দ বুজিয়ে দেওয়া। এরপর তার মা ধাবানিকে পরামর্শ দেয়, সে বরং একটি ভিডিয়ো বানিয়ে মুখ্যমন্ত্রীর কাছে আবেদন করুক। মায়ের কথা শুনে ধাবানি মুখ্যমন্ত্রীকে চিঠি লেখার পাশাপাশি একটি ভিডিয়ো তৈরি করে সোশ্যাল মিডিয়ায় পোস্ট করেছে। এই ছোট্ট শিশুটির স্বপ্ন, দেশের রাষ্ট্রপতি হয়ে সে সকলের মাথার উপর ছাদের বন্দোবস্ত করবে।

দলে আসতে প্রচুর টাকার টোপ দিয়েছিল, কর্ণাটকের বস্ত্রমন্ত্রীর দাবিতে অস্বস্তিতে পদ্মশিবির

Srimanta

নিউজ ডেস্ক: ঘোড়া কেনাবেচায় উত্‍সাহিত করে কংগ্রেস শাসিত বহু রাজ্যে বিজেপি অস্থিরতা তৈরি করেছে বলে শিবসেনার মুখপত্র সামনা’র সম্পাদকীয়তে মন্তব্য করা হয়েছিল কয়েকদিন আগে। রাজস্থান, কর্ণাটক-সহ বহু রাজ্যে ভারতীয় জনতা পার্টি টাকার লোভ দেখিয়ে বিধায়ক কিনছেন বলে অভি্যোগ করেছিলেন বিরোধীরা। বেশিরভাগ ক্ষেত্রেই বিরোধীদের নিশানায় ছিলেন গেরুয়া শিবিরের সেকেন্ড-ইন-কমান্ড অমিত শাহ। 

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বিরোধীদের সেই অভিযোগ যে খুব একটা মিথ্যা নয় তা প্রকাশ পেয়েছে প্রাক্তন কংগ্রেস নেতা্র কথা থেকে। কর্ণাটকের বিধায়ক শ্রীমন্ত পাতিল শনিবার বলেছেন, কংগ্রেস ছাড়ার সময় বিজেপি সরকারের পক্ষ থেকে তাঁকে অর্থের প্রস্তাব দেওয়া হয়েছিল। যদিও সেই প্রস্তাবে তিনি রাজি হননি বলেই জানান। এই কথা সামনে আসার পরেই রাজনৈতিক মহলে জোর চর্চা শুরু হয়েছে।

২০১৯ সালে কংগ্রেসের ১৬ জন বিধায়ক পদত্যাগ করে বিজেপিতে যোগ দিয়েছিলেন। তার পর আস্থা ভোটে হেরে পদত্যাগ করেন মুখ্যমন্ত্রী কুমারস্বামী। ভেঙে যায় কংগ্রেস-জেডিএস জোটও। তারপরে বিজেপি সরকার গড়লেও  কয়েক দিন আগে বিজেপি সরকারের মুখ্যমন্ত্রী বি এস ইয়েদুরাপ্পাও পদত্যাগ করেন। 

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কাগওয়াড়ের বিধায়ক তথা প্রাক্তন মন্ত্রী শ্রীমন্ত পাতিল সেই সময় কংগ্রেস ছেড়ে বিজেপিতে যোগ দেন। এবার বিস্ফোরক অভিযোগ তুলে তিনি জানিয়েছেন, বিশাল অঙ্কের টাকার বিনিময়ে তাঁকে কংগ্রেস থেকে বিজেপিতে আসার প্রস্তাব দেওয়া হয়। কর্ণাটকের বিধায়ক শ্রীমন্ত পাতিলের মন্তব্যের পরেই রাজনীতিতে ঝড় উঠেছে। তাঁর এহেন মন্তব্যেকে রাজনৈতিক মহল বিজেপির বিরুদ্ধে একটি জোরাল অস্ত্র হিসাবেই মনে করছে।