अगर रविवार तक नहीं सुलझा केस तो, ममता बनर्जी ने बंगाल पुलिस को दिया अल्टीमेटम

कोलकाता : कोलकाता के आरजी कर सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए जूनियर डॉक्टर की हत्या के मामले में अब बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया है। ममत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल पुलिस को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि अगर बंगाल पुलिस रविवार तक गुनहगार को गिरफ्तार नहीं करती है तो यह केस सीबीआई को सौंप देगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने मुझे जिस दिन से केस के बारे में बताया उसी समय मैंने उनसे कहा कि यह दुखद घटना है और इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट जल्द बनाए जाएंगे जिससे कि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

सीएम ममता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में इतने चिकित्सक, नर्सेस और सुरक्षाकर्मी हैं लेकिन ताज्जुब की बात है कि यह घटना कैसे हो गई। मैं हैरान हूं और अबतक समझ नहीं पा रही हूं कि यह घटना कैसे घटी। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस ने मुझे बताया है कि अस्पताल के अंदर का कोई हो सकता है।

ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर लगाया बड़ा आरोप

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार 20 जून को पीएम मोदी को पत्र लिखकर तीन आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को स्थगित करने का आग्रह किया है। आपको बता दें कि नए कानून एक जुलाई से लागू होंगे। ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा है कि संसद में पास तीनों कानूनों पर नए सिरे से समीक्षा होनी चाहिए। ये तीनों कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि नए सांसदों के समक्ष इसकी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कम से कम इसके लागू होने की तिथि को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। संसद में नए कानून पास कर न्याय प्राणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से ये कानून लागू किए गए थे।

पत्र में ममता बनर्जी ने पीएम मोदी और सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि आपकी पिछली सरकार ने तीन अहम विधेयकों को बिना किसी बहस के सदन में पारित कर दिया। पीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा में कुल 100 सांसदों को निलंबित कर के कानून को पास किया गया।

वहीं दोनों सदनों को मिलाकर कुल 146 संसद सदस्यों को बाहर निकाला गया. पीएम पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र के लिए वह काला दिन था जिस दिन ये तीनों विधेयक सदन में पास किए गए।

ममता ने पीएम से आग्रह किया है कि नए सांसदों को इसपर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए जल्दबाजी से इन कानूनों को पास किया गया है जिससे बड़ी संख्या में आपत्ति व्यक्त की गई है. इसे देखते हुए नए सिरे से समीक्षा होनी चाहिए जिससे कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शिता बनी रहेगी.

जमाई षष्ठी पर ममता ने जमाईयों को दी छुट्टी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में 12 जून यानी बुधवार को जमाई षष्ठी का त्यौहार है. परंपरानुसार इस दिन जमाइयों के आदर-सत्कार करने की परंपरा है. जमाई षष्ठी पर्व के मद्देनजर ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य सरकार के सभी कार्यालय, शहरी और ग्रामीण निकाय, निगम और शैक्षिणक संस्थानाओं और पश्चिम बंगाल सरकार के नियंत्रण वाले संस्थानों में बुधवार को आधे समय से अवकाश की घोषणा की है.

राज्य सरकार 12 जून यानि जमाई षष्ठी को आधे दिन की छुट्टी दे रही है. इसके चलते सरकारी स्कूलों, दफ्तरों में ‘आधी छुट्टी’ हो जाएगी. ऐसे में बता दें कि सरकार ने 2021 में जमाई षष्ठी के मौके पर पूरे दिन की छुट्टी दी थी. लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है. इस बार राज्य सरकार ने आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है.

अक्षया तृतीया के बाद जमाई षष्ठी मनाई जाती है. सास दामाद की आवभगत में व्यस्त हो गई. इस दिन जमाई की सेवा और खातिरदारी की जाती है. परंपरा के अनुसार सास सुबह जल्दी नहाकर षष्ठी देवी की पूजा करती हैं और दामाद के लिये खाना बनाती है. लेकिन अगर दामाद को ऑफिस से छुट्टी न मिले तो सारी व्यवस्था चौपट हो जाती है. इसलिए दामाद को पहले ही छुट्टी लेनी पड़ती है. अन्यथा ‘आपातकाल’ का हवाला देकर छुट्टी लेनी पड़ेगी. इसके चलते कार्यालय में सार्वजनिक अवकाश की स्थिति है.राज्य सरकार ने ‘जमाईयों’ के बारे में सोचकर नया फैसला लिया है. सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी ‘आधी’ छुट्टी तो प्राइवेट नौकरी करने वाले दामादों का क्या होगा?