अब हम आतंक को मजबूती से कुचल रहे हैं : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिये देशवासियों से बात करेंगे। 26 नवंबर को सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ का प्रसारण किया जाएगा। आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 107वां एपिसोड है।

मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ‘आज 26 नवंबर है और इस दिन को हम कभी नहीं भूल सकते। आज ही के दिन देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने मुंबई और पूरे देश को थर्रा कर रख दिया था। लेकिन ये भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौंसले से आतंक को कुचल रहे हैं। मुंबई हमले में अपना जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं।’पीएम मोदी ने कहा कि मैंने वोकल फॉर लोकल की अपील की थी और बीते कुछ दिनों में त्योहारों पर देश में चार लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। वोकल फॉर लोकल अभियान समृद्ध भारत के द्वार खोल रहा है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

पीएम ने कहा सूरत में युवाओं की एक टीम ने प्रोजेक्ट सूरत की शुरुआत की है जिसका लक्ष्य सूरत को सफाई और सस्टेनेबल विकास की मिसाल बनाना है। इसके तहत युवा सार्वजनिक जगहों की सफाई करते हैं और आज इन लोगों की संख्या 50 हजार से ज्यादा हो गई है। डॉ. अंबेडकर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकार किया था। जब साल 2015 में हम बाबा साहेब आंबेडकर की 125वीं जयंती मना रहे थे, उसी समय 26 नवंबर को संविधान दिवस के तौर पर मनाने का विचार आया था। उसके बाद से हर साल हम इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं।

वही सामान खरीदें, जिसमें देशवासी का पसीना हो : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात का रविवार को 106वां एपिसोड प्रसारित हुआ। रविवार सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री देश को संबोधित किया। आकाशवाणी पर मन की बात का सीधा प्रसारण किया गया।पीएम मोदी ने कहा कि इस बार त्योहारों पर हम ऐसे ही उत्पाद खरीदें जिसमें देशवासी के पसीने की महक हो, देश के युवा का टैलेंट हो। इससे देशवासियों को रोजगार मिलेगा। भारत आज बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है और कई बड़े ब्रांड भारत में अपने उत्पाद तैयार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने त्योहारों पर स्वदेशी सामान ही खरीदने की अपील की ताकि सभी देशवासियों को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को गोविन्द गुरु जी की पुण्यतिथि भी है। हमारे गुजरात और राजस्थान के आदिवासी और वंचित समुदायों के जीवन में गोविन्द गुरु जी का बहुत विशेष महत्व रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने पिछले दिनों देश के हर गांव से, हर घर से मिट्टी संग्रह करने का आग्रह किया गया था। हर घर से मिट्टी संग्रह करने के बाद उसे कलश में रखा गया और फिर अमृत कलश यात्राएं निकाली गईं।