छात्रों पर लाठीचार्ज से नाराज BJP ने 12 घंटे बंगाल बंद का किया ऐलान

कोलकाता : भाजपा ने मंगलवार को राज्य सचिवालय नब्बाना तक मार्च में भाग लेने वालों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में 28 अगस्त को पश्चिम बंगाल में 12 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया है।

पुलिस ने नबान्ना की ओर बढ़ रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियों, आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया, जिससे बीजेपी नाराज दिखी। बीजेपी इस महीने की शुरुआत में एक सरकारी अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “हमें आम हड़ताल का आह्वान करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि यह निरंकुश शासन लोगों की आवाज़ों को अनसुना कर रहा है, मृतक डॉक्टर बहन के लिए न्याय की मांग कर रहा है। न्याय के बजाय, ममता बनर्जी की पुलिस राज्य के शांतिप्रिय लोगों पर हमला कर रही है, जो केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल चाहते थे।”

पुलिस ने मंगलवार को हावड़ा ब्रिज के पास और कोना एक्सप्रेसवे पर संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, पानी की बौछारें छोड़ी और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। संतरागाछी में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके जिसमें कई अधिकारियों को चोट आईं, वहीं प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई में भी कई छात्र घायल हो गए।

प्रदर्शनकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य सचिवालय पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि जब कुछ जगहों पर आंदोलनकारियों ने अवरोधकों को पार करने का प्रयास किया और सुरक्षा कर्मियों पर हमला किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े।

इस बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोलकाता और हावड़ा में ‘नबन्ना अभिजन’ रैली में शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने वालों पर ‘बर्बर कार्रवाई’ का सहारा लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार द्वारा ‘बर्बरता’ नहीं रोकी गई तो पश्चिम बंगाल को ‘ठप’ कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता ने नबन्ना की सुरक्षा की खबर ली

Mamata Sarkar instructs to reduce the cost of pots in the treasury

राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह 11:30 बजे घर से निकलना था. मुख्यमंत्री का काफिला वैसे ही तैयार था. लेकिन कम से कम 1 घंटे पहले ममता बनर्जी अचानक घर से निकल गईं. मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह 10.35 बजे केवल अपने सुरक्षा गार्ड के साथ कालीघाट आवास से निकले. वह 10:50 बजे नवान्न पहुंचे. फिर वह अपने कार्यालय में दाखिल हुआ और आश्चर्यचकित रह गया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कार्यालय में जाकर देखा तो वहां सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला कोई अधिकारी नहीं था. बुधवार को संसद हमले की घटना में सुरक्षा का सवाल उठने पर मुख्यमंत्री ममता ने अभय नबन्ना की सुरक्षा की खबर ली.सूत्रों के मुताबिक, उत्तर बंगाल के दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री बुधवार को नबन्ना नहीं गईं. लेकिन गुरुवार को वह नवान्न गये.

मुख्यमंत्री ने जाकर देखा तो 11 बजे के करीब होने के बावजूद ओसी, एसी नवान्न सहित सुरक्षा प्रभारी अधिकारी उपस्थित नहीं थे. इसके बाद उन्होंने अपने सुरक्षा निदेशक को पूरे मामले को देखने के लिए कहा। मुख्यमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा सुरक्षा निदेशक के पास है. संसद की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर सवाल उठने के अगले दिन नबन्ना के अंदर फुसफुसाहट सुनाई दे रही है, क्या मुख्यमंत्री सुरक्षा स्थिति देखने के लिए अपने कार्यालय जल्दी पहुंच गए? हालांकि, मुख्यमंत्री का इस तरह अचानक कार्यालय पहुंचने की एक मिसाल है. उन्हें नवान्न के विभिन्न मंजिलों पर स्थित सरकारी कार्यालयों में भी जाते देखा गया है। गौरतलब है कि इस दिन नवान्न की सुरक्षा को लेकर बैठकों का दौर चला . सभी गेटों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस बीच, बुधवार की घटना के बाद विधानसभा में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बताया गया है कि आगंतुकों को जारी किए जाने वाले पास की वैधता को घटाकर 2 घंटे किया जा रहा है. विधानसभा में प्रवेश के लिए सभी को पहचान पत्र दिखाना होगा.

पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा में मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कैबिनेट ने चुनाव के दौरान राजनीतिक झड़पों में मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला शुक्रवार को नबन्ना में राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने पिछले जुलाई में नवान्न में एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की थी.

शुक्रवार को उस फैसले पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई. राज्य प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव में मृतकों के परिवार के एक सदस्य को होम गार्ड की नौकरी दी जाएगी. संयोग से, पंचायत चुनाव के पूर्ण परिणाम जारी होने के बाद, ममता ने 19 जुलाई को नबन्ना में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वोट-हिंसा में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के लिए दुख है. मैं हमदर्द हूं. मैं पुलिस को खुली छूट दे रहा हूं. उचित कार्रवाई करें. हम दो लाख रुपये की आर्थिक मदद कर रहे हैं. मतदान हिंसा में 19 मरे. उनमें से 10-12 हमारे हैं. मतदान के दिन सात लोगों की मौत हो गयी. उनमें से चार जमीनी स्तर के हैं. बाकी तीन अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता या समर्थक हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया, सहायता के मामले में सीपीएम, कांग्रेस और बीजेपी के बीच कोई अंतर नहीं किया जाएगा.

हम मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये देंगे. होम गार्ड की नौकरियां भी दी जाएंगी. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में 19 नहीं, बल्कि 35 लोगों की मौत हुई है. 19 अक्टूबर को कलकत्ता हाई कोर्ट में संबंधित मामले में राज्य सरकार ने कहा कि पंचायत चुनाव से जुड़ी हिंसा में मारे गए 32 लोगों के परिवारों को मुआवजा दिया गया है.

Mamata Banerjee : করোনা আক্রান্তদের ঝুড়ি ভর্তি সুস্থতার বার্তা পাঠাচ্ছেন মমতা

Mamata Banerjee

অভিনব উদ্যোগ শুরু করল পশ্চিমবঙ্গ সরকার। রাজ্যজুড়ে করোনা আক্রান্তদের পাশে দাঁড়াচ্ছে নবান্ন। পাঠানো হচ্ছে উপহার। সঙ্গে মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের (Mamata Banerjee) বার্তা।

করোনা (Covid19)  আক্রান্তদের সুস্থতা কামনায় প্রস্তুত করা হয়েছে ফলের ঝুড়ি। ফলের সঙ্গে থাকছে মুখ্যমন্ত্রীর বার্তা, ‘গেট ওয়েল শুন’। অর্থাৎ, সুস্থ হয়ে উঠুন তাড়াতাড়ি। ইতিমধ্যে এমন ১০,০০০ ফলের ঝুড়ি প্রস্তুত করা হয়েছে বলে জানা গিয়েছে সংবাদমাধ্যম সূত্রে। প্রাথমিকভাবে শহর কলকাতা রমধ্যে নেওয়া হয়েছে এই উদ্যোগ। গুরু দায়িত্ব দেওয়া হয়েছে স্থানীয় প্রশাসনের ওপর। উপহার যাতে সঠিক প্রাপকের হাতে পৌঁছায়, সে ব্যাপারে তদারকি করতে হবে কাউন্সিলরদের।

জানা গিয়েছে, করোনা আক্রান্তদের বাড়ি বাড়ি গিয়ে দেওয়া হবে উপহার। যেখানে আক্রান্তের সংখ্যা বেশি, সেখানে প্রবেশ করবেন না প্রশাসনের প্রতিনিধিরা। বাড়ি কিংবা অ্যাপার্টমেন্টের গেটের বাইরে রেখে আসবেন ফলের ঝুড়ি। উপহার পৌঁছে দেওয়ার পর ফোন করে তাঁরা জানাবেন প্রাপকদের। প্রাথমিক স্তরে এভাবেই নেওয়া হচ্ছে উদ্যোগ।

বৃহস্পতিবার পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় জানিয়েছিলেন, এখনও পর্যন্ত ২ হাজার ৭৫ জন করোনা আক্রান্ত রোগীকে হাসপাতালে ভর্তি করা হয়েছে। বর্তমানে মোট ৪০৩ টি কনটেনমেন্ট জোন রয়েছে রাজ্যে। পজিটিভি রেট ২৩.১৭ শতাংশ, মৃত্যুর হার ১.১৮ শতাংশ এবং ১৯ হাজার ৫১৭ টি বেড এখনও খালি রয়েছে। আন্তঃরাজ্য যাতায়াতের জন্য আবশ্যক করে দেওয়া হয়েছে আরটি-পিসিআর টেস্ট। ভীষণ গুরুত্বপূর্ণ হতে চলেছে আগামী ১৫ দিন। প্রয়োজনে আরও বাড়তে আরে বিধিনিষেধ। আভাস দিয়ে রেখেছেন মমতা।

 

Gangasagar : ‘নোনা জলে করোনা হবে না’ থিওরিতে চরম কটাক্ষের মুখে মমতা সরকার

mamata banerjee drinking

করোনা আবহে কতোই না ‘থিওরি’ আবিষ্কার হয়েছে। ফ্যাক্ট চেক করতে গিয়ে বোধহয় হিমশিম খেয়েছেন বিশেষজ্ঞরা৷ হয়তো অনেকের মনে পড়েছে ‘গল্পের গরু গাছে ওঠে’। যুক্তিকে থোড়াই কেয়ার! প্রসঙ্গে গঙ্গাসাগর (Gangasagar)।

এবার আলোচনায় ‘নোনা জলে করোনা’। মানে? ওমিক্রন আতঙ্কের মধ্যে এবার গঙ্গাসাগর মেলায় আয়োজনের ব্যাপারে কলকাতা হাইকোর্টে চলেছে মামলা। আদালতে রাজ্য সরকারের আইনজীবীর যুক্তি- নোনা জলে করোনা ছড়ায় না।

নেট দুনিয়ায় এ প্রসঙ্গে হচ্ছে আলোচনা৷ নেট নাগরিকরা কেউ পক্ষে, কেউ বিপক্ষে৷ নোনা জলে করোনা প্রসঙ্গে বিজ্ঞানের কী যুক্তি? বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থা ‘হু’- জানিয়েছে, জলের করোনা ছড়ায় এমন প্রমাণ আপাতত মেলেনি। সাঁতার কাটার মতো কাজও নিরাপদে চলতে পারে। তবে বিপত্তি হতে পারে অল্প জায়গায় একাধিক ব্যক্তি উপস্থিতি। জলে থাকলেও শারীরিক দুরত্ব মেনে চলার ব্যাপারে সজাগ থাকতে বলেছে হু। এমনকি কাশি, হাঁচি ইত্যাদি ক্ষেত্রে কনুই দিয়ে মুখ ঢাকা দেওয়ার উপদেশ দিয়েছেন বিশেষজ্ঞরা।

মমতা-সরকারের যুক্তি কি একেবারে যথার্থ?

হু-এর পক্ষ থেকে মিষ্টি জল কিংবা নোনা জলের কথা আলাদাভাবে বলা হয়নি৷ বলা হয়েছে জলে করোনা ছড়ায় এমন প্রমাণ মেলেনি। অর্থাৎ আইনজীবীর ‘নোনা জল’ যুক্তি ফেলে দেওয়ার মতো নয়। সমস্যাটা জমায়েত নিয়ে।

ভারতবর্ষের সিংহভাগ মানুষ ধর্মের ব্যাপারে কীরূপ উৎসাহী এ কথা প্রত্যেকের জানা৷ জলে হোক বা ডাঙ্গায়, ভিড় বা জমায়েত এড়ানোই চ্যালেঞ্জ। সরকারের পক্ষ থেকে দাবি করা হয়েছে সাগর এলাকার প্রত্যেকেই প্রতিষেধক পেয়ে গিয়েছেন। তাতেও কি করোনা রোধ করা সম্ভব? সম্প্রতি যারা কোভিডে আক্রান্ত হচ্ছেন তাদের অনেকেরই ডবল ডোজ নেওয়া ছিল। তার পরেও রিপোর্ট পজিটিভ।

স্রেফ ‘নোনা জলে করোনা ছড়ায় না’ যুক্তি কি তাহলে যথার্থ? ভিড় প্রতিহত করার ব্যাপারে আদালতে প্রতিশ্রুতি দিয়েছে সরকার৷ প্রতিশ্রুতি পুরোপুরি বাস্তবায়ন করা কি সম্ভব হবে? কুম্ভমেলা ২০২১-এর স্মৃতি চাইছেন না সাধারণ মানুষ।

কোষাগারে হাঁড়ির হাল, খরচ কমাতে নির্দেশ মমতা সরকারের

Mamata Sarkar instructs to reduce the cost of pots in the treasury

করোনার জেরে ফের আংশিক লকডাউন শুরু হয়েছে রাজ্যজুড়ে। এই পরিস্থিতিতে খরচ কমাতে রাজ্যের বিভিন্ন সরকারি দফতরগুলিকে নির্দেশিকা দিল নবান্ন। এই নিয়ে দ্বিতীয়বার নির্দেশ দিল রাজ্য সরকার।

করোনার কোপ পড়েছে রাজ্যের কোষাগারে। করোনা নিয়ন্ত্রণে প্রচুর খরচ হচ্ছে। তাই নবান্ন নির্দেশিকা দিয়ে জানিয়েছে, কোনও সরকারি দফতর পরবর্তী নির্দেশিকা না আসা পর্যন্ত গাড়ি, টিভি, পর্দা বা কোনও দামি সরঞ্জাম কিনতে পারবে না। জরুরী কারণে কোনও জিনিস কিনতে হলে প্রথমে অর্থ দফতরের অনুমতি নিতে হবে। অনুমতি ছাড়া একটি জিনিসও কেনা যাবেনা।

গত বছর দ্বিতীয় ঢেউয়ের সময় জুন মাসে খরচ কমানোর নির্দেশিকা দিয়েছিল রাজ্য সরকার। সেই সময় অর্থমন্ত্রী ছিলেন অমিত মিত্র। কিন্তু তিনি বিধানসভা নির্বাচনে লড়াই করেননি। এরপর কয়েকমাস আগে অর্থমন্ত্রী হিসেবে তাঁর মেয়াদ ফুরোলে অর্থ দফতরের দায়িত্ব নিজের হাতে নেন বাংলার মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়।

রাজ্য সরকার এই মুহূর্তে বেশ কয়েকটি প্রকল্প চালাচ্ছে। এর মধ্যে লক্ষ্মীর ভাণ্ডার প্রকল্পের টাকা জোগাতে রাজ্যকে যে সমস্যার সম্মুখীন হতে হচ্ছে সেকথা আগেই জানিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী। এর মধ্যেই করোনার বেলাগাম সংক্রমণ খরচে রাশ টানতে বাধ্য করছে।

উল্লেখ্য, বৃহস্পতিবার সাংবাদিক বৈঠকে মুখ্যমন্ত্রী হাত জোর করে সকলকে মাস্ক পড়ার অনুরোধ জানিয়েছেন। তিনি বলেন, আগামী ১৫ দিন যথেষ্ট গুরুত্বপূর্ণ। করোনার বিধিনিষেধ না মানলে কড়া ব্যবস্থা নেওয়া হবে বলেও হুঁশিয়ারি দেন তিনি।

Omicron: সংক্রমণ ঠেকাতে কড়া নির্দেশিকা নবান্নের

Covid 19: 6 thousand infected in one day in the country, 351 deaths in Corona

News Desk: বিশ্বজুড়ে দাপট দেখাচ্ছে করোনাভাইরাসের নতুন ভ্যারিয়েন্ট ওমিক্রন। ব্রিটেনে একদিনে আক্রান্তের সংখ্যা ১ লাখের গণ্ডি পেরিয়েছে। ভারতেও লাফিয়ে লাফিয়ে বাড়ছে আক্রান্তের সংখ্যা। রাজ্যেও‌ বিদেশ ফেরত দুজনের শরীরে মিলেছে ওমিক্রনের হদিশ। রাজ্যে ওমিক্রনের সংক্রমণ ঠেকাতে নয়া নির্দেশিকা জারি করল নবান্ন। পরিস্থিতির নাগালের মধ্যে রাখতে করা গাইডলাইন প্রকাশ রাজ্য সরকারের। গোটা দেশজুড়ে ওমিক্রন সংক্রমণ ঠেকাতে ছটি আন্তর্জাতিক বিমানবন্দরে কড়া ব্যবস্থা নেওয়া হয়েছে।

 

রাজ্য সরকারের প্রকাশিত নয়া নির্দেশিকা অনুযায়ী, বিদেশ থেকে এরাজ্যে এলে ১৪ দিনের আইসোলেশনে থাকতেই হবে যাত্রীদের। বিমান যাত্রীদের ক্ষেত্রে rt-pcr টেস্ট বাধ্যতামূলক। এই টেস্টের জন্য প্রি বুকিং করতে হবে যাত্রীদের। দিল্লি, কলকাতা, মুম্বই, চেন্নাই, হায়দরাবাদ এবং বেঙ্গালুরুতে সোমবার থেকেই যাত্রীদের সুবিধার্থে সরকারের তরফ থেকে “এয়ার সুবিধা” নামে অনলাইন পোর্টালে প্রি-বুকিংয়ের ব্যবস্থা করা হয়েছে। বর্তমানে করোনায় আক্রান্ত রোগীদের আইসোলেশনে রাখার ক্ষেত্রেও বেশ কিছু নয়া নিয়মের কথা বলা রয়েছে এই গাইডলাইনে।

 

রাজ্য স্বাস্থ্য দপ্তরের তরফ থেকে জানানো হয়েছে, বিদেশ ফেরত যাত্রীদের rt-pcr টেস্ট করাতে হবে এবং রিপোর্ট পজিটিভ হলে ১৪ দিনের কোয়ারেন্টাইনে থাকতে হবে। এক্ষেত্রে বিভিন্ন প্রোটোকল মেনে চিকিৎসা হবে সেখানে এবং তাদের জন্য আলাদা আইসোলেশন ওয়ার্ডের ব্যবস্থাও করা হবে। বিদেশ ফেরত যাত্রীদের নমুনা সংগ্রহ করে জিনোম সিকোয়েন্সিংয়ের জন্য পাঠানো হবে। রিপোর্ট আসা পর্যন্ত যাত্রীদের আলাদা ঘর বা আইসোলেশন ওয়ার্ডে থাকতে হবে। সংক্রমনের সামান্য উপসর্গ থাকলেও একই নিয়ম লাগু হবে। করোনাই আক্রান্ত যাত্রীদের জন্য আইসোলেশন ওয়ার্ড থেকে শুরু করে টয়লেট ও বাথরুম সবই থাকবে আলাদা। পিপিই কি করে তবেই আইসোলেশন ওয়ার্ডে ঢুকতে পারবেন চিকিৎসক ও কেয়ারগিভাররা।

 

কোনভাবেই যাতে সংক্রমণ না ছড়ায় তার জন্য প্রয়োজনীয় পদক্ষেপ আগেভাগেই গ্রহণ করতে হবে। ১৪ দিন আইসোলেশনের থাকার পর ফের নমুনা সংগ্রহ করে করোনা পরীক্ষা করা হবে রিপোর্ট নেগেটিভ আসলেই তবে রোগীকে তার গন্তব্যস্থানে যাওয়ার অনুমতি দেওয়া হবে। অমিক্রণ এ আক্রান্ত ব্যক্তিদের সম্পূর্ণ আলাদা ভাবে চিকিৎসার ব্যবস্থা করা হবে। সেক্ষেত্রে সংক্রমণ কমে গেলে ৪৮ ঘণ্টার ব্যবধানে দুটি রিয়েল টাইম rt-pcr টেস্ট করা হবে এবং রিপোর্ট নেগেটিভ আসলে তবেই যাত্রীকে যাওয়ার অনুমতি প্রদান করা হবে।