केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने मंगलवार असम सहित पूर्वोत्तर को बड़ी सौगात दी। उन्होंने गुवाहाटी में 17,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ 26 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि एनएच-37 दिमा हसाओ क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाएगा और पश्चिमी मणिपुर के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा। पाइकन से गुवाहाटी हवाईअड्डा खंड जोगीघोपा में मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, नए पुलों के निर्माण से भीड़भाड़ कम होगी और क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक प्रगति बढ़ेगी।
नितिन गडकरी का ऐलान, साल के अंत तक गड्ढा-मुक्त हो जाएंगे देश के सभी राजमार्ग
देश में एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाने में जुटे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार इस साल के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्गों को गड्ढा-मुक्त करने की नीति पर काम कर रही है.
इसके साथ ही सड़कों का निर्माण बीओटी माध्यम से करने को भी प्राथमिकता दी जा रही है. इस साल दिसंबर के अंत तक राष्ट्रीय राजमार्गों को गड्ढों से मुक्त करने के लक्ष्य के साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय प्रदर्शन-आधारित रखरखाव और अल्पकालिक रखरखाव अनुबंधों को सशक्त बनाने में भी जुटा हुआ है.
आमतौर पर सड़कों का निर्माण तीन तरह से किया जाता है. इनमें ‘बनाओ-चलाओ-सौंप दो’ (बीओटी) के अलावा इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) और हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) शामिल हैं. गडकरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईपीसी माध्यम से बनाई जाने वाली सड़कों के रखरखाव की जरूरत काफी पहले पड़ने लगती है वहीं बीओटी माध्यम से सड़कें बेहतर बनती हैं क्योंकि ठेकेदार भी जानता है कि उसे अगले 15-20 वर्षों तक रखरखाव की लागत वहन करनी होगी.
इसलिए हमने बड़े पैमाने पर बीओटी माध्यम से ही सड़कें बनाने का फैसला किया है.बीओटी परियोजनाओं में निजी साझेदार 20-30 वर्षों की अवधि में परियोजनाओं के वित्तपोषण, निर्माण और संचालन का जिम्मा उठाते हैं. फिर वे राजमार्ग का इस्तेमाल करने वालों से शुल्क या टोल के जरिये अपने निवेश की वसूली करते हैं. उन्होंने कहा कि बारिश की वजह से राजमार्गों को नुकसान होने और गड्ढे बनने की आशंका को देखते हुए मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों का सुरक्षा ऑडिट कर रहा है.


