दिल्ली-NCR में बादला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और लू की मार झेल रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर मानसून आने से पहले ही मौसम काफी मेहरबान हो रही है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजाद मिली। IMD ने दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना जाहिर की थी। ऐसे में पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में बरसात हुई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून इस महीने के आखिरी में दस्तक देगा। लेकिन इससे पहले ही दिल्ली में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। आईएमडी के मुताबिक, 23 से 29 जून क गरज चमक के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं। इतना ही नहीं, 24 और 25 जून को भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

14 साल में पहली बार दिल्ली का तापमान लगातार 40 दिनों तक 40 डिग्री से ऊपर रहा। इस दौरान 12 दिन तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचा। इस साल दिल्ली में हीट स्ट्रोक से मौतों की खबरें आ रही हैं। पिछले 22 दिनों में हीट स्ट्रोक से करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है। हीट स्ट्रोक के मरीजों का सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया और लोक नायक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अच्छी बात यह है कि सभी मरीज अब स्थिर हैं और खतरे से बाहर हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के राज्यों में मानसून का असर देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में प्री-मानसून बारिश हो रही है। भारत के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी मानसूनी बारिश देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी आज अच्छी बारिश हुई है। अगले 3-4 दिनों में मानसून के गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में छा जाने की उम्मीद है।

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के आखिर में मानसून दस्तक दे सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने अभी तक मॉनसून के आने की कोई ऑफिशियल डेट नहीं बताई है। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि राजधानी में मॉनसून 30 जून को आ सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में हुई राहत की बारिश, अधिकतम तापमान में आई गिरावट

नई दिल्ली : गाजियाबाद और नोएडा में शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने अधिकतम तापमान को कुछ कम कर दिया है। सड़कों पर सबसे ज्यादा समय बिताने वाले दुकानदार, कैब, ऑटो, रिक्शा चालक और अन्य लोगों को भी मौसम के बदलाव से राहत मिली है।

मौसम विभाग ने पहले ही पूर्वानुमान जताया था कि 20 और 21 जून को एनसीआर के मौसम में बदलाव के चलते तेज हवा और बूंदाबांदी से अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

मौसम विभाग के मुताबिक 21 जून को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। शुक्रवार को तेज हवा और बारिश की संभावना भी आईएमडी ने जताई थी। 22 जून को भी अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक 23 जून को भी मौसम ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 24 और 25 जून से तापमान फिर बढ़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। उसके बाद तापमान में फिर गिरावट से लोगों को राहत मिलेगी।

आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के चलते अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहाड़ी इलाकों में भी हो रही बारिश का असर दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिलेगा। 30 जून के बाद एनसीआर में मानसून के दस्तक देने का पूर्वानुमान जताया गया है। इसके बाद लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिलेगी।

इस बार दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और कुछ जगह अधिकतम तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। वहीं, दिल्ली में जल संकट बरकरार है, जिससे लोग काफी परेशान हैं। नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में बिजली कटौती भी लोगों के लिए परेशानी का बड़ा सबब है।

सप्लाई पानी से गाड़ी धोने पर लगेगा 5,000 रुपये का जुर्माना

दिल्ली :  गुड़गांव में अब घर पर सप्लाई वाटर से गाड़ी धोने पर भारी जुर्माना लग सकता है। गुड़गांव नगर निगम (एमसीजी) ने सुबह 5 बजे से सुबह 9 बजे के बीच पानी की आपूर्ति के दौरान उस पानी से अपने वाहन को धोते हुए पाए जाने वाले लोगों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की है।

इसके साथ ही, अगर कोई व्यक्ति इस अपराध को दोहराता हुआ पाया जाता है, तो एमसीजी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिसमें उनके घरों में सप्लाई वाटर कनेक्शन काट देना भी शामिल है. जुर्माने के साथ ही पानी की आपूर्ति फिर से शुरू करवाने के लिए अतिरिक्त 1,000 रुपये का शुल्क भी लगेगा।

यह सख्त कदम गुरुग्राम के पानी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए उठाया गया है। घर पर गाड़ी धोना, खासकर नल से बहते पानी की पाइप से धोना, पानी की बर्बादी का एक बड़ा कारण है। साथ ही, गाड़ी धोने से निकलने वाला साबुन का पानी जमीन में रिसकर भूजल संसाधनों को दूषित कर सकता है। यह नालियों को भी ब्लॉक सकता है, जिससे अस्वच्छ स्थितियां पैदा हो सकती हैं।