महाराष्ट्र सरकार ने खोला खजाना, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये

कोलकाता : महाराष्ट्र की एनडीए सरकार ने चुनावी सीजन में पेश बजट में बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री अजित
पवार की ओर से पेश बजट में मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना तर्ज पर महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देने का ऐलान किया है। इस स्कीम का फायदा 21 से 60 साल तक की उम्र की महिलाओं को मिलेगा। इस स्कीम का नाम ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ रखा गया है। इस स्कीम को 1 जुलाई से ही लागू कर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि अगले महीने से राज्य की महिलाओं को 1500 रुपये मिलने शुरू हो जाएंगे। इस स्कीम के लिए 46 हजार करोड़ रुपये का सालाना बजट तय किया गया है।

एकनाथ शिंदे सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले यह फैसला लिया है। ऐसे में इसे चुनावी दांव के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुंबई क्षेत्र में वैट में कटौती की गई है और इसके चलते पेट्रोल एवं डीजल के दामों में भी कमी आई है। एक और कल्याणकारी योजना का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 5 सदस्यों वाले परिवार को हर साल तीन सिलेंडर फ्री में दिए जाएंगे। इसे मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना का नाम दिया गया है। एकनाथ शिंदे सरकार ने किसानों को भी साधने की कोशिश करते हुए बकाया बिजली बिल माफ करने का ऐलान किया है। इससे 44 लाख किसानों को फायदा मिलेगा।

इन स्कीमों के अलावा वैट कम होने से पेट्रोल की कीमत में 65 पैसे की कमी आई है। इसके अलावा डीजल भी 2.07 रुपये कम हुआ है। बता दें कि यह कटौती पूरे राज्य नहीं बल्कि अकेले मुंबई क्षेत्र में ही लागू की जाएगी। डीजल की कीमत में कटौती करने से किसानों को भी फायदा होगा। राज्य सरकार के इस बजट से उम्मीद की जा रही थी कि कुछ कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान होगा क्योंकि अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने हैं। एकनाथ शिंदे सरकार ने अपने बजट इन चर्चाओं को सही साबित किया है।

मंत्रालय बंटवारे पर बोले- बिहार को मिला झुनझुना : तेजस्वी यादव

पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ी आशंका जतायी है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं, लेकिन इस बार वो देश के सबसे कमजोर प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि इस बार की जो सरकार है, वह बैसाखी पर है। वहीं मंत्रिमंडल में विभाग के बंटवारे पर बिहार को लेकर उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को झुनझुना दे दिया गया है। वैसे मेरा मानना है मंत्रालय किसी को भी मिले काम होना चाहिए। तेजस्वी ने एक्स पर प्रतिक्रिया जाहिर की. साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल के नवनियुक्त सदस्यों को शुभकामनाएं भी दीं।

तेजस्वी यादव ने जेडीयू भाजपा और एनडीए सहयोगियों को विभाग आवंटन को ‘झुनझुना’ बताया है और कहा है कि बिहार के नए मंत्रियों को दिए गए विभाग उतने महत्वपूर्ण नहीं थे जितना कि राज्य की भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के गठन में सहयोगी दल अहम विभागों पर सौदेबाजी कर सकते थे। मुझे लगता है कि बिहार के मंत्रियों को सिर्फ झुनझुना दिया गया है। नई सरकार के गठन में बिहार ने बड़ी भूमिका निभाई है। बेशक, विभागों का बंटवारा करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है।

बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व करनेवाले राजद नेता तेजस्वी ने कहा कि लोकसभा नतीजों के बाद विपक्ष मजबूत हो गया है, क्योंकि भाजपा संसद में बहुमत से पीछे रह गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह सरकार संकट में है क्योंकि भाजपा अपने दम पर बहुमत हासिल करने में विफल रही है। यह तीसरी बार पीएम मोदी के नेतृत्व वाली एक कमजोर सरकार है। तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू जो 12 सांसदों के साथ एनडीए में एक प्रमुख सहयोगी है, उसे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार के विशेष दर्जे की मांग उठाई और कहा, बिहार इस बार मजबूत स्थिति में इसलिए मोदी जी से विशेष राज्य का दर्जा जैसे मुद्दे पर बात करनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने देश में जाति गणना की मांग भी की। तेजस्वी ने कहा कि नरेंद्र मोदी 2019 के पहले बार-बार यह वादा करते रहे हैं। हालांकि इस चुनाव में उन्होंने एक बार भी इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की, लेकिन बिहार इस बार मजबूत स्थिति में है, उसे केंद्र सरकार से इस मसले पर बात जरूर करनी चाहिए।

पार्टी और गठबंधन के लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव ने कहा कि पिछले बार हमें जीरो सीट आया था। इस बार बढ़कर आया है और अगली बार चार गुना सीट बढ़ेगा। 2019 के चुनाव में बिहार से विपक्ष का मात्र एक सांसद था, लेकिन इस बार बिहार में 9-9 सांसद विपक्ष को दिए हैं। हम भी राज्य में विपक्षी दलों में सबसे बड़ी पार्टी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार विपक्ष बहुत मजबूत है और सरकार को निष्पक्ष रहना पड़ेगा, नहीं तो पार्लियामेंट में इस बार ईंट से ईंट बजेगा।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद हरियाणा में आंदोलनकारी किसानों से मिलेंगे

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को हरियाणा का दौरा करेगा और किसानों से मुलाकात करेगा। ये किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी शामिल है।

पार्टी ने सोमवार को एक बयान में कहा, “दीदी (टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी) का संदेश उन्हें देंगे कि हम आपके साथ हैं और केंद्र में मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए।”

टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, सागरिका घोष और साकेत गोखले की पांच सदस्यीय टीम हरियाणा और पंजाब की सीमा पर खनौरी के पास आंदोलनकारी किसानों से मिलने की संभावना है।
सुरक्षा बलों ने 13 फरवरी को खनौरी में किसानों को उनके आंदोलन के तहत दिल्ली की ओर मार्च करने से रोक दिया था। उसके बाद यहां फिर से नए सारा से प्रदर्शन शुरू हुए हैं।

स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी…मोदी 3.0 में इन 20 मंत्रियों का कटा पत्ता, कैबिनेट से हो गई छुट्टी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून) को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं । जिस तरह से नरेंद्र मोदी की चर्चा हो रही है, उसी तरह उनकी नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि इस बार किन चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी के साथ 65 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

इस बार बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वह एनडीए के सहयोगियों के दम पर तीसरी बार सरकार बना रही है। ऐसे में एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दी जा रही है। यही वजह है कि इस बार कुछ बड़े बीजेपी नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक जैसे नेताओं के नाम हैं। ऐसे में आइए उन नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाली है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर सरीखे नेताओं को अहम मंत्रालयों का जिम्मा दिया गया था। इसी तरह से अनुराग ठाकुर भी खेल मंत्रालय संभाल रहे थे. हालांकि, मोदी 3.0 में अब कुल मिलाकर 20 नेताओं की एंट्री नहीं होने वाली है, क्योंकि पीएम आवास पर संभावित मंत्रियों की बैठक हो चुकी है, जिसमें ये नेता नहीं पहुंचे हैं। इससे ये साफ हो गया कि इन्हें इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उसमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, राजीव चंद्रशेखर, अजय मिश्रा टेनी, जनरल वीके सिंह, अश्विनी चौबे और नारायण राणे का नाम शामिल है। इसी तरह से अजय भट्ट, साध्वी निरंजन ज्योति, मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार, जॉन बारला, भारती पंवार, रावसाहेब दानवे, कपिल पाटिल, नारायण राणे और भगवत कराड को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

हालांकि, इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्हें चुनावी हार मिली है, जबकि कुछ को इस बार बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें टिकट भी मिला और वह चुनाव भी जीते, लेकिन कैबिनेट से उन्हें दूर रखा गया है।

जीतने वाले नेता: अजय भट्ट, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे ऐसे नेता हैं, जो अपनी-अपनी सीटों से भारी मतों से जीतकर आए हैं. इसके बाद भी उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा गया है ।

हारने वाले नेता: साध्वी निरंजन, आर के सिंह, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, राजीव चंद्रशेखर, निशीथ प्रमाणिक, अजय मिश्र टेनी, सुभाष सरकार, भारती पंवार, राव साहेब दानवे और कपिल पाटिल को इस बार चुनाव में हार मिली।

टिकट कटा: मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, जनरल वीके सिंह, जॉन बारला और अश्विनी चौबे को इस बार टिकट नहीं दिया गया था।

नरेंद्र मोदी तीसरी बार लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

नई दिल्ली :  लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बहुमत हासिल करने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया है। आज, यानी 9 जून की शाम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

देश के निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, यानी 9 जून को तीसरी बार देश की सत्ता संभालने जा रहे हैं। 9 जून को प्रधानमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेने के साथ ही वह पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद ऐसा करनेवाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। इस ऐतिहासिक समारोह का गवाह बनने के लिए विदेश से भी प्रतिनिधि आ रहे हैं। इनमें मालदीव, श्रीलंका, बांग्लादेश सहित कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हैं. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आप इस ऐतिहासिक पल के कैसे साक्षी बन सकते हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित कर दिया है। इस बार पीएम मोदी की कैबिनेट में एनडीए गठबंधन दलों के नेताओं को भी वरीयता मिलेगी। इस गठबंधन में बीजेपी के अलावा टीडीपी, जेडीयू, एनसीपी, शिवसेना, एलजेपी रामविलास, समेत अन्य पार्टी और निर्दलीय सांसद भी शामिल हैं। सबने मिलकर नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है. नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण की तारीख 9 जून की रखी गई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, यानी 9 जून को शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। पीएम मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए ऐतिहासिक शपथ लेने वाले हैं।

 

मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में सात विदेशी मेहमान पहुंच रहें हैं इंडिया

नई दिल्ली : एनडीए के नेता नरेन्द्र मोदी रविवार को राष्ट्रपति भवन में शपथ लेंगे। उनके शपथ ग्रहण समारोह में पड़ोसी देशों के नेता भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि समारोह में नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, मॉरीशस और सेशल्स के नेता शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति डॉ मोहम्मद मुइज्जू, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जुगनुथ, नेपाल के प्रधान मंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे इस समारोह में शामिल होंगे। इन नेताओं का आज से दिल्ली पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना आज दोपहर नई दिल्ली पहुंच गईं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नेबरहुड फर्स्ट और सागर विजन क्रियान्वित करते हुए
विदेशी मेहमान प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के अलावा ये नेता कल रात राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में भी हिस्सा लेंगे।

I-N-D-I-A ने नीतीश कुमार को दिया था प्रधानमंत्री पद का ऑफर!

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद एनडीए को सरकार बनाने का प्रस्ताव राष्ट्रपति से मिला है। एनडीए शपथ ग्रहण की तैयारी में जुटा है। इस बीच जदयू के खेमे से बड़ी जानकारी सामने आ रही है। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने एक न्यूज चैनल पर दिए इंटरव्यू में दावा किया है कि इंडी गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद ऑफर किया गया था। उन्होंने बताया कि जदयू ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और एनडीए के साथ ही पार्टी मजबूती से नयी सरकार चलाएगी।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने एक न्यूज चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद इंडी गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का ऑफर मिला था। लेकिन हमलोगों ने उसे ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि जब हम साथ थे तो नीतीश कुमार को ये संयोजक बनाने के लिए तैयार नहीं हुए। आज प्रधानमंत्री पद का प्रस्ताव दे रहे हैं। केसी त्यागी ने एनडीए में मजबूती से होने की बात कही।

गौरतलब है कि शुक्रवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक हुई जिसमें एनडीए के सभी जीते हुए सांसद व पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए। नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। सभी ने प्रधानमंत्री पद के नरेंद्र मोदी के नाम पर अपनी सहमति दी। इस दौरान अपने संबोधन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वो मजबूती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देते रहेंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम पर सहमत है और देश में लगातार तीसरी बार एकजुट रहकर सभी एनडीए की सरकार चलाएंगे।

सीएम नीतीश कुमार ने संसद के सेंट्रल हॉल में शुक्रवार को आयोजित एनडीए की बैठक में कहा कि नरेद्र मोदी की अगुवाई मे बनने वाली एनडीए की नयी सरकार से बिहार और देश को बड़ी उम्मीदें है। नयी सरकार देश और बिहार के
सभी बाकी कामो को पूरा करेगी। सीएम नीतीश ने कहा कि हम सब इस सरकार और इसके नेता नरेद्र मोदी के साथ रहेंगे। पीएम के कामकाज की तारीफ भी नीतीश कुमार ने की। बता दें कि इसबार लोकसभा चुनाव परिणाम में जनादेश एनडीए को जरूर मिला है लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार अकेले भाजपा को बहुमत नहीं मिल सका। जिसके बाद विपक्ष की ओर से तरह-तरह के दावे किए जाने लगे।

JDU के केसी त्यागी बोले- “अग्निवीर योजना में कमियों पर चर्चा होनी चाहिए”, एनडीए को बिना शर्त समर्थन की पेशकश की

नई दिल्ली : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तीसरा कार्यकाल आसान नहीं होने वाला है। इसके संकेत अभी से ही मिलने लगे है। जी हां, दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने जिस बेबाकी से फैसले लिए है, शायद ऐसा तीसरे टर्म ने होता नहीं दिख रहा है।

इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला, जब NDA के सहयोगी दल जदयू के नेता केसी त्यागी ने कहा कि वो पीएम मोदी से सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की अग्निपथ योजना की समीक्षा की मांग करेगी।

बीजेपी की सहयोगी जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और उसके प्रमुख नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक केसी त्यागी ने कहा है कि कई राज्यों में इस योजना के खिलाफ नाराजगी है। उन्होंने कहा, “नाराजगी है, इसलिए हम अग्निवीर की समीक्षा की मांग करेंगे। हम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं।”

बिहार चुनाव की तैयारी में नीतीश, 3 बड़े मंत्रालय की डिमांड

रांची: चुनावी नतीजों के बाद दिल्ली सियासी हलचल बुधवार को तेज़ रही । NDA तीसरी बार सत्ता की कुर्सी संभालने जा रही है। 7 जून को BJP मुख्यालय में बैठक होगी. जिसमें नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना जायेगा। बैठक में बीजेपी शासित राज्यों के सीएम भी शामिल होंगे.

8 जून की शाम को नरेंद्र मोदी तीसरी बार राष्ट्रपति भवन में पीएम पद की शपथ ले सकते हैं. लेकिन शपथ ग्रहण से पहले दिल्ली में प्रेशर पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है।

16 सीटों वाली TDP ने समर्थन के बदले 3 कैबिनेट पद और 2 राज्यमंत्री पद की मांग रखी है तो वहीं12 सीटों वाली JDU ने 3 कैबिनेट पद और 2 राज्यमंत्री पदों की इच्छा जताई है। JDU ने भी पसंद के मंत्रालयों की लिस्ट दे दी है। एक मांग पर दोनों में खींचतान हो सकती है, क्योंकि स्पीकर का पद TDP और JDU दोनों ने ही मांगा है।

NDA संसदीय दल की बैठक 7 जून की सुबह 11 बजे

नई दिल्ली : केंद्र में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसी क्रम में सात जून को एनडीए संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। संसदीय दल की बैठक सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हाॅल में आयोजित की जाएगी। अबतक प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ या फिर नौ जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं।

दिल्ली में पीएम आवास पर बुधवार शाम एनडीए के घटक दलों की बैठक हुई। इस बैठक में जेडीयू नेता नीतीश कुमार, ललन सिंह, टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू और हम के नेता जीतन राम मांझी भी उपस्थित थे और सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन दिया और जल्दी सरकार बनाने की बात कही।

ज्ञात हो कि एनडीए गठबंधन को केंद्र में बहुमत मिला है. लोकसभा चुनाव में एनडीए को 292 सीटों पर जीत हासिल हुई है. वहीं इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं. चूंकि बीजेपी को अकेले बहुमत प्राप्त नहीं है, इसलिए सरकार गठन में जेडीयू और टीडीपी की भूमिका अहम हो गई है. सूत्रों के हवाले से इस तरह की जानकारी सामने आ रही है कि नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू अभी दिल्ली में ही रहेंगे और सरकार गठन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे.

कल होगी NDA के घटक दलों की बैठक : सूत्र की खबर

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों में एनडीए करीब 300 सीटों पर तो इंडिया गठबंधन 230 सीटों पर आगे चल रहे हैं। देश भर में जारी मतगणना के बीच कांग्रेस के तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कल दिल्ली में एनडीए नेताओं की बड़ी बैठक हो सकती है. सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली में बुधवार को एनडीए नेताओं की एक बैठक होने जा रही है। इस बैठक में नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू सहित कई बड़े नेता शामिल होंगे। बैठक में बीजेपी नेता अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।

बुधवार को दिल्ली में आयोजित एनडीए की बैठक में नेता आगे की रणनीति तय करेंगे। साथ ही मंत्रीमंडल के गठन को लेकर चर्चा संभव है। एनडीए समर्थित हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और पार्टी उम्मीदवार जीतन राम मांझी को निर्णायक बढ़त मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई दी है।

वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन की बुधवार को दिल्ली में बैठक होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव की जारी मतगणना और अब तक प्राप्त रुझानों को ध्यान में रखते हुए पवार ने कहा, ‘‘आश्वस्त नहीं हूं कि ‘इंडिया’ गठबंधन सरकार बना पाएगा या नहीं।”