तेजस्वी के लेख पर शाहनवाज का तंज, नीतीश पर भरोसा!

Shahnawaz Hussain Slams Tejashwi, Praises Nitish Kumar’s Leadership in Bihar

गया, बिहार: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को गया सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के एक लेख पर तंज कसते हुए कहा, “तेजस्वी यादव इतने पढ़े-लिखे नहीं हैं कि वे खुद से लेख लिख सकें।” उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी हमेशा अपने और अपने परिवार के लिए आरक्षण की वकालत करते रहे हैं।

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शाहनवाज हुसैन ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा, “नीतीश कुमार ने 1994 में संसद में आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार ढंग से अपनी बात रखी थी। सरकार बनते ही उन्होंने पिछड़े और दलित वर्गों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया।” उन्होंने आरजेडी की आलोचना करते हुए कहा, “तेजस्वी और लालूजी हमेशा नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल उठाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि नीतीशजी सुबह 9 बजे से रात तक बिहार और बिहार के लोगों के लिए निरंतर काम करते हैं।”

एनडीए की एकता और नीतीश के नेतृत्व पर भरोसा
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आगामी 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) एकजुट होकर मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम बिहार में सरकार बनाएंगे। बीजेपी, जेडी(यू), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा मिलकर चुनाव लड़ेगी।” उन्होंने जोर देकर कहा, “बिहार की जनता का भरोसा केवल एनडीए पर है। चुनाव आते ही नई-नई पार्टियां मैदान में उतरेंगी, लेकिन जनता जानती है कि उनके लिए कौन काम करता है।”

नीतीश कुमार के हालिया फैसले की सराहना
शाहनवाज हुसैन ने नीतीश कुमार के एक हालिया फैसले की सराहना करते हुए कहा, “नीतीशजी ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। गरीबों, असहायों, वृद्धजनों, और दिव्यांगों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले ने तेजस्वी यादव की घोषणाओं की हवा निकाल दी।” उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार के लोगों के लिए नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गया के विकास पर जोर
गया के विकास पर बोलते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा, “गया का नाम गयाजी करने के लिए मैं नीतीश कुमार और एनडीए को धन्यवाद देता हूं। गयाजी और बोधगया में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकार की कई ऐतिहासिक योजनाएं यहां लागू हो रही हैं। ये केवल वादे नहीं हैं, बल्कि जमीन पर उतर चुकी हैं।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेता अशोक सिंह, संतोष सिंह, पूर्व मीडिया प्रभारी संतोष ठाकुर, डॉ. जेड खान, इमरान नबी आदि मौजूद थे। शाहनवाज हुसैन का यह बयान बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर एनडीए और आरजेडी के बीच चल रहे तनाव के संदर्भ में।

बिहार में पेपर लीक करने वालों पर लगेगा 1 करोड़ रुपये जुर्माना और 10 साल की जेल 

पटना :  बिहार में अब नीतीश कुमार सरकार ने पेपर लीक को बेहद गंभीरता से लेते हुए एक नया कानून बना दिया है। इस कानून के तहत पेपर लीक करने वालों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है। बिहार विधानसभा में एंटी पेपर लीक बिल (बिहार लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण विधेयक) पास हो गया है। इस विधेयक के पास होने के बाद अब राज्य में किसी भी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने वाले को कड़ी सजा का मिलेगी। इसमें दस साल की सजा और 1 करोड़ जुर्माने के अलावा दोषियों की संपत्ति ज़ब्त करने का भी प्रावधान है।

हाल ही में हुए नीट-यूजी पेपर लीक मामले ने सबको चौंका दिया है। इस पेपर लीक मामले के तार दिल्‍ली, बिहार सहित कई राज्‍यों तक जुड़े हैं। बिहार से कई लोगों की गिरफ्तारी इस मामले में हो चुकी है। बिहार विधानसभा में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विधेयक का प्रस्ताव रखा, जो पास हो गया। उन्होंने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि आम तौर पर ऐसी परीक्षाएं नामांकन और सरकारी सेवाओं के लिए आयोजित होती हैं। ऐसे में गड़बड़ी की शिकायतें आती रहती थी।

विजय कुमार चौधरी ने कहा कि हाल के दिनों में आई गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकार इसे लेकर चिंतित थी। उन्होंने बताया कि 1981 में भी ऐसे प्रयास किए गए थे. लेकिन, आज के समय में वह निष्प्रभावी हो गए थे। राज्य सरकार की तरफ से आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं में भी यह कानून लागू होंगे. केंद्र सरकार पहले ही ऐसा कानून बना चुकी है।

बिहार विधानसभा में सदन में जब इस बिल पर चर्चा हो रही थी, तब विपक्ष ने अपने मांगों के समर्थन में बहिष्कार किया था. इस पर नीतीश कुमार काफी खफा नजर आए। विरोधी दलों के नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा. सदन के बाहर प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था और लगातार गिर रहे पुल-पुलियों को लेकर सरकार की तीखी आलोचना की गई।

प्रदर्शन के दौरान पोस्टर लेकर विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सदन में सफाई देने की मांग की। भाकपा माले के विधायक महबूब आलम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह विभाग उनके नियंत्रण में नहीं है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

26 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी। सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं. एक तरफ विपक्ष राज्य में लगातार बढ़ते अपराध, पेपर लीक और एक के बाद एक गिरते पुल पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार राज्य में एंटी पेपर लीक बिल समेत कई अहम बिल को सदन में रखने की तैयारी में है।

नीतीश कुमार हैं महिला प्रेमी…आरजेडी विधायक के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर आरजेडी विधायक का बिगड़े बोल सामने आए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर आरजेडी भाई वीरेंद्र ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। दरअसल सदन के अंदर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्ष के हंगामा के बीच अपनी बात बोल रहे थे। इसी दौरान आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला प्रेमी हैं, इसलिए महिलाओं की बात करते हैं।

दरअसल नीतीश कुमार ने जातीय जनगणना को लेकर कहा कि बिहार में महिलाओं का आरक्षण सबसे अधिक हमारी ही सरकार ने दी है। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार काम करती है जिसको लेकर भाई वीरेंद्र ने कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला प्रेमी हैं। इसलिए महिलाओं की बात करते हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार में जातीय जनगणना की रोक पटना हाई कोर्ट द्वारा लगा दी गई सरकार सुप्रीम कोर्ट में गई है और हम लोगों ने मांग की नीतीश सरकार केंद्र को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पत्र भेजना कि हम लोग मांग कर रहे थे।

बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में विपक्ष के विधायकों पर भड़क गए। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कहा कि सारे पार्टियों के साथ मेरी पहल पर जातिगत गणना करवाया था। आप लोग बैठ कर इस पर चर्चा करते। लेकिन, आप लोग सुनना नहीं चाहते है। सारे पार्टियों ने जातिगत गणना का सपोर्ट किया था। नीतीश कुमार आरजेडी महिला विधायक पर भड़क गए। नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग सुनना नहीं चाहते हैं। 2005 के बाद हमने महिलाओं को आगे बढ़ाया था।

सदन की कार्यवाही के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने विपक्षी विधायकों के हंगामे के बीच कहा कि जातिगत गणना में हमने सब कुछ की जानकारी ली। उसके बाद आरक्षण का दायरा भी बढ़ाया। जातिगत गणना के बाद 94 लाख गरीबो की पहचान की। उनके विकास के लिए सरकार ने तय किया, दो दो लाख रुपया देना शुरू कर दिया. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आरक्षण को लेकर पटना हाईकोर्ट ने रोक लगाई है. लेकिन, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। साथ ही नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए भी आग्रह किया।

बिहार के लालू और नीतीश को मिला अनंत अंबानी की शादी का निमंत्रण

पटना: अनंत अंबानी अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे हैं। वहीं राधिका मर्चेंट एनकोर हेल्थकेयर के सीईओ वीरेन मर्चेंट और उद्यमी शैला मर्चेंट की बेटी हैं। दो प्रमुख उद्योगपति परिवारों का मिलन 12 जुलाई को होने जा रहा है। जिसमें बिहार के दो दिग्गज नेताओं को निमंत्रण मिला है।

मुकेश अंबानी ने अपने पुत्र अनंत अंबानी की शादी में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को आमंत्रित किया है। शादी 12 जुलाई को मुंबई में होनी है।

शादी समारोह के लिए अंबानी परिवार ने देश की लगभग सभी प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया है। जिसमें बिहार के ये दो दिग्गज नेता भी शामिल हैं। लालू प्रसाद से जुड़े करीबी सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य खराब होन के कारणों से वे शायद शादी समारोह में न शामिल हो पाएं. लेकिन ऐसी स्थिति में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समारोह में शामिल हो सकते हैं।

पारंपरिक हिंदू वैदिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, शादी के उत्सव की योजना बनाई गई है। शादी का कार्यक्रम शुक्रवार, 12 जुलाई को सुनिश्चित किया गया है. इस मौके पर अंबानी परिवार की ओर से मेहमानों को पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनकर आने की गुजारिश की गई है।

12 जुलाई को अनंत और राधिका एक दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंध जाएंगे। लेकिन, शादी का कार्यक्रम शनिवार, 13 जुलाई को शुभ आशीर्वाद के साथ जारी रहेगा। अंतिम कार्यक्रम, मंगल उत्सव या शादी का रिसेप्शन, रविवार, 14 जुलाई को निर्धारित की गई है।

4 जून के बाद नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, तेजस्वी यादव के नए दावे से हलचल तेज

पटना : तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी को बचाने के लिए 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल  के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है।

तेजस्वी ने कहा कि उनके चाचा यानी सीएम नीतीश 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। नीतीश अपनी पार्टी बचाने और पिछड़ों की राजनीति के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। उनके दावे से बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट भी बढ़ने लगी है, हालांकि, सीएम नीतीश कुमार कई बार कह चुके हैं कि वह बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंगलवार को बड़ा दावा किया। तेजस्वी से पत्रकारों ने पूछा कि क्या नीतीश उनके साथ आएंगे? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि 4 जून तक इंतजार कीजिए। जब सीएम नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेंगे, तब देखेंगे।

आप को बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने इसी साल लोकसभा चुनाव से पहले आरजेडी का साथ छोड़कर एनडीए में वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई रैलियां कीं। इन सभाओं में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया कि वह बीच में दो बार भटक गए थे, अब बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

वहीं, दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के कर्ता-धर्ता रहे नीतीश कुमार के जाने के बाद भी तेजस्वी ने उनके लिए आरजेडी के दरवाजे खुले रखे। तेजस्वी अक्सर अपने बयानों में कहते हैं कि उनके चाचा नीतीश कुमार अभिभावक जैसे हैं। वह पहले भी उनका सम्मान करते थे और आगे भी करते रहेंगे। पिछले दिनों पटना में पीएम नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान सीएम नीतीश द्वारा बीजेपी का सिंबल थामे जाने पर भी तेजस्वी ने कहा था कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री को हाइजैक कर लिया है।

बीजेपी के दरवाजे नीतीश के लिए बंद : गिरिराज

Giriraj Singh

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने भविष्यवाणी की कि नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, उन्होंने दावा किया कि उनके (कुमार) सामने केवल दो विकल्प बचे हैं। गिरिराज सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब जदयू में बड़ा बदलाव हुआ है। ललन सिंह ने जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। नीतीश कुमार पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं। इसी को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि इसमें क्या बड़ी बात है? नीतीश कुमार पहले भी पार्टी अध्यक्षों को बर्खास्त कर चुके हैं…बीजेपी के दरवाजे नीतीश कुमार के लिए बंद हैं. इतना तो तय है कि वह कुछ दिनों के लिए बिहार के सीएम हैं। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जेडीयू ने कार्यकारिणी की बैठक की और फैसला लिया कि नीतीश कुमार फिर से पार्टी के अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। हालाँकि, मेरा मानना है कि इससे बिहार में राजनीतिक परिदृश्य नहीं बदलने वाला है, और इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने सिंह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें जद(यू) प्रमुख पद से बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के करीबी हो गए थे और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और कुमार दोनों को धोखा दे रहे थे।

खरगे के नाम पर रूठे नीतीश को मनाने की कोशिश: राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक मीटिंग में ‘पीएम के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे’ के आह्वान पर कथित नाराजगी के बाद शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की। जनता दल (यूनाइटेड) के सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रधानमंत्री पद के चेहरे के लिए खड़गे का नाम प्रस्तावित किए जाने पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। बनर्जी और केजरीवाल ने कहा था कि खड़गे देश के पहले दलित प्रधान मंत्री हो सकते हैं, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।राहुल और नीतीश ने फोन पर बातचीत के दौरान गठबंधन की मजबूती पर भी चर्चा की। बिहार कैबिनेट विस्तार पर अपनी बातचीत के दौरान, जहां राहुल ने नीतीश की भूमिका पर जोर दिया, वहीं बिहार के मुख्यमंत्री ने गांधी से कहा कि वह खड़गे के संबंध में प्रस्ताव से अनजान थे। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश ने राहुल गांधी को यह भी आश्वासन दिया कि वह किसी भी समय कैबिनेट में कांग्रेस मंत्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

नीतीश ने बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग

बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक बार फिर से यह मांग की है। साथ ही उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दे दी है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा तो बिहार का विकास होगा। उन्होंने कहा कि अभी हमें विशेष राज्य का दर्जा दे दीजिए। अगर उन्होंने इसमें देरी की तो हम आंदोलन शुरू करेंगे।सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि केंद्र से एकमात्र मांग बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की है, ताकि सभी लोगों का उत्थान हो सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जाति आधारित जनगणना से हर जाति की स्थिति की जानकारी सामने आती है। अब हम सब उठेंगे। लालू काल की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सब कुछ होता था, सब मैं ही करता था। पिछड़ा, अति पिछड़ा और एससी-एसटी के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाने वाले विधेयक पर सीएम ने कहा कि यह अभी राज्यपाल के पास लंबित है। उम्मीद है कि वह आज इस विधेयक को मंजूरी दे देंगे।

जबतक जिंदा हूं तबतक हमारा आपका संबंध रहेगा:नीतीश

बिहार में राहें जुदा करने के करीब दो साल बाद गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भाजपा प्रेम छलक पड़ा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना इशारों-इशारों में इसे जाहिर किया। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह के मंच से संबोधित कर रहे थे।

इसके स्थापना का इतिहास दोहराते हुए सीएम नीतीश कुमार ने एक बड़ा राजनीतिक बयान दे दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम जीवित रहेंगे, हमारा आपका संबंध रहेगा।

Bihar: অপহরণ করে পুড়িয়ে মারা হল তরুণ সাংবাদিককে

News Desk: দেশের সব রাজ্যেই সাংবাদিকদের উপর আক্রমণ যেন এক স্বাভাবিক ঘটনায় পরিণত হয়েছে। কিন্তু সব ধরনের আক্রমণের নজির ছাপিয়ে গেল বিহারে। সেখানে বুদ্ধিনাথ ঝা (buddhinath jha) নামে এক তরুণ সাংবাদিককে অপহরণ করে জীবন্ত পুড়িয়ে দেওয়া হল। বছর ২২-এর এই সাংবাদিকের (journalist) মৃত্যুতে নীতীশ কুমারের (nitish kumar) রাজ্য জুড়ে তীব্র সমালোচনার ঝড় উঠেছে।

বুদ্ধিনাথ স্থানীয় একটি নিউজ পোর্টালের (news portal) রিপোর্টার ছিলেন। কয়েকদিন আগেই নিজের ফেসবুকে রাজ্যের একটি ভুয়ো ক্লিনিকের খবর সামনে এনে ছিলেন তিনি। তাঁর রিপোর্টের কারণে এলাকার বেশ কয়েকটি ভুয়ো ক্লিনিকে তল্লাশি চালায় পুলিশ। বেশ কয়েকটি অবৈধ ক্লিনিক বন্ধ করে দেওয়া হয়। কয়েকটি ক্লিনিককে মোটা টাকা জরিমানা করা হয়। ওই ঘটনার পরেই বুদ্ধিনাথের কাছে একাধিক হুমকি ফোন আসতে থাকে।

প্রতিটা ফোনেই তাঁকে প্রাণনাশের হুমকি দেওয়া হয়। কেউ কেউ আবার বুদ্ধিনাথকে অনুরোধ করেন এ ধরনের খবর না লেখার জন্য। সেই জন্য তাঁকে বিপুল টাকা দেওয়ার প্রস্তাবও দেওয়া হয়। কিন্তু বুদ্ধিনাথ কোনও প্রস্তাব মেনে নেননি। বরং তিনি রাজ্যে এ ধরনের হাজার হাজার ভুয়ো ক্লিনিক চক্রের খবর ক্রমশ সামনে আনতে থাকেন। তার পরিণতিতেই বুদ্ধিনাথকে অপহরণ করে জীবন্ত পুড়িয়ে মারল দুষ্কৃতীরা।

মঙ্গলবার রাতে বিহারের বেনিয়াপট্টির লোহিয়াচকে নিজের বাড়ির সামনে থেকেই দুষ্কৃতীরা বুদ্ধিনাথকে অপহরণ করেছিল। গত পাঁচ দিন ধরে তাঁর কোনও খোঁজ মেলেনি। বুদ্ধিনাথের পরিবার পুলিশের কাছে অভিযোগ দায়ের করলেও পুলিশ তাঁকে উদ্ধার করতে পারেনি। শেষ পর্যন্ত মধুবনী (madhubani) জেলায় এক গ্রামে রাস্তার পাশ থেকে বুদ্ধিনাথের অর্ধদগ্ধ দেহ উদ্ধার হয়। বুদ্ধিনাথের বাড়ির লোকজন দেহটি শনাক্ত করে। ময়নাতদন্তের পর বুদ্ধিনাথের দেহ সৎকার করা হয়।

অন্যদিকে সরকার ও পুলিশের বিরুদ্ধে খবর করার জন্য ত্রিপুরায় (tripura) দুই মহিলা সাংবাদিকের বিরুদ্ধে মামলা দায়ের করল পুলিশ। বিশ্ব হিন্দু পরিষদের অভিযোগের ভিত্তিতেই এই মামলা দায়ের করা হয়েছে। সম্প্রতি ত্রিপুরায় মসজিদ ভাঙচুরের একটি ঘটনা প্রকাশ্যে এনেছেন দুই তরুণী সাংবাদিক। ওই দুই তরুণী সাংবাদিক অভিযোগ করেছিলেন, মসজিদ ভাঙার খবর করার জন্য ত্রিপুরা পুলিশ তাঁদের রীতিমত ভয় দেখাচ্ছে। পুলিশের বিরুদ্ধে আঙুল তোলার পরই দুই সাংবাদিকের নামে এফআইআর দায়ের করল পুলিশ। অন্যদিকে পুলিশের দাবি, মিথ্যা সংবাদ পরিবেশনের জন্যই ওই দুই তরুণী সাংবাদিকের বিরুদ্ধে এফআইআর দায়ের করা হয়েছে। ওই সাংবাদিকের নাম হল সমৃদ্ধি সাকুনিয়া (sakunia) এবং স্বর্ণা ঝা (swarna jha)।

Bihar: নিষিদ্ধ করেও রক্ষে নেই, বিহারে বিষাক্ত মদ গিলে পরপর মৃত্যু

Bihar hooch tragedy

News Desk: বিহারে (Bihar)’শরাববন্দি’ বা মদ নিষিদ্ধ। মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমারের এই কড়া নিয়মে সরাসরি মদ বিক্রি বন্ধ হলেও চোরাপথে চলছে লেনদেন। এমনই অভিযোগ রয়েছে বিস্তর। দীপাবলির আনন্দে এবার বিষাক্ত মদ গিলে পরপর মৃত্যু হতে শুরু করেছে।

বিষাক্ত মদ পান করে বিহারে গত ২৪ ঘন্টায় ১৪ জনের মৃত্যু হয়েছে। আরও অনেকে অসুস্থ। মৃতরা বেশিরভাগ গোপালগঞ্জ ও বেতিয়া জেলার বাসিন্দা। অন্যান্য জেলা থেকে়ও আসছে মৃত্যুর সংবাদ।

এই ঘটনায় রাজ্য সরকার ও মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমারের. (Nitish Kumar) কড়া সমালোচনা করেছে বিরোধী রাষ্ট্রীয় জনতা দল। আরজেডি (RJD) নেতা মনোজ ঝা বলেছেন, এটাই কড়া সত্যি যে রাজ্যে বিষ মদ পান করে মৃত্যু হচ্ছে।

বিহারে মদ কেনাবেচা নিষিদ্ধ করে মু়খ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমার দেশজুড়ে প্রবল আলোচিত হয়েছেন। তবে এও অভিযোগ, প্রতিবেশি পশ্চিমবঙ্গ, ঝাড়খণ্ড, উত্তর প্রদেশ আন্তর্জাতিক সীমান্তের ওপারে নেপাল থেকে অবৈধভাবে মদ কেনা বেচা হয়। সীমান্তবর্তী জেলাগুলির বাসিন্দারা রাজ্য পেরিয়ে বাইরে গিয়ে মদ পান করে। এদিকে দিওয়ালি উৎসবে মদের চাহিদা প্রবল। কিন্তু সরকারি নিয়মে মদ বিক্রি বন্ধ। ফলে বেআইনি মদ বিক্রি চলছে।

গোপালগঞ্জ ও বেতিয়া জেলার গ্রামাঞ্চলে বেআইনি মদের ভাটিতে দেদার ভিড়। সেখানে যারা মদ খেয়েছেন অনেকেই বিষক্রিয়ায় আক্রান্ত। অসুস্থ হয়ে পড়ছেন।

Bihar: দুধেল গাই ছিল রেল, তাকে বেচে দিয়েছে মোদী, ময়দানে চিৎকার লালুর

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News Desk: চুটকুলা আন্দাজ, মুচকি হাসির সেই লালু ফের ময়দানে, রাজনীতি সরগরম। বিহারে ফের আবির্ভাব লালুপ্রসাদ যাদবের। রাজনৈতিক মঞ্চে পশুখাদ্য কেলেঙ্কারিতে জেল খাটা আরজেডি প্রধানের রঙ্গিলা এন্ট্রিতে মাতোয়ারা বিহার ও পুরো দেশ।

বিহারে মাত্র দুটি আসনে উপনির্বাচন। সেটা ঘিরেই বিহার তপ্ত হয়ে গিয়েছে। লালুপ্রসাদ যাদব বিশেষ আইনি প্রক্রিয়ায় জেল থেকে বিহারে ফিরেছেন। উপনির্বাচন প্রচারে নেমেই প্রধানমন্ত্রী মোদীকে কটাক্ষ করে লালুপ্রসাদের কটাক্ষ, দেশের রেল ব্যবস্থা ছিল দুধেল গাই। তাকেই বেচে দিয়েছেন প্রধানমন্ত্রী। প্রবল আলোড়ন পড়েছে এই ভাষণে।

ভাষণে লালুপ্রসাদ বলেন, তিনি যখন রেলমন্ত্রী ছিলেন এক টাকা ভাড়া বাড়িয়ে দেননি। এখন রেল আর সাধারণ মানুষের নয়।

পশুখাদ্য কেলেঙ্কারির মামলায় লালুপ্রসাদ যাদব ঝাড়খণ্ডের রাঁচি জেলে বন্দি ছিলেন। অসুস্থ হয়ে দিল্লির এইমসে চিকিৎসাধীন হন। সেখান থেকেই বিহারে ফের এন্ট্রি নিলেন। আসন্ন ছট পুজোর আগে রাজনৈতিক মহলে চমক লেগেছে লালুপ্রসাদের এন্ট্রিতে।

বিহারের তারাপুর কেন্দ্রের উপনির্বাচনে প্রচার করলেন লালুপ্রসাদ যাদব। সেখানেই তিনি মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমারকে ফের কটাক্ষ করেন। লালুপ্রসাদ বলেন, গুলি করে মারব না তোমাকে। তুমি তো এমনিই মরে যাবে। আগেই লালুপ্রসাদের আগমন ও তার সরকারের সময় ‘জঙ্গলরাজ’ পরিস্থিতি টেনে কটাক্ষ করে নীতীশ কুমার বলেছিলেন, ও আমাকে গুলি করে মারতে পারে। নীতীশের বিস্ফোরক মন্তব্যের জবাব চুটকি দিয়ে উড়িয়েছেন লালুপ্রসাদ। পুরনো জোট প্রসঙ্গ টেনে লালু বলেছেন, আমি নীতীশকে মুখ্যমন্ত্রী করেছিলাম। ও এখন মোদীর কোলে দোল খাচ্ছে।

নীতীশ কুমারের জেডিইউ ও বিজেপি জোট বিহারে ক্ষমতাসীন। গত নির্বাচনে তারা সরকার ধরে রাখে। আরজেডির মহাজোট হয়েছে বিরোধী। ঝাড়খণ্ডের মতো বিহারেও লালুপ্রসাদ যাদব ছিলেন মহাজোটের মুখিয়া। তবে ঝাড়খণ্ডে তিনি সফল হলেও নিজ রাজ্য বিহারে পাশ করতে পারেননি। নির্বাচনের সময় জামিন নিয়ে বিস্তর জট কাটিয়েও প্রচারে আসতে পারেননি। আইনি প্রক্রিয়ায় বিহারে এসেই লালপ্রসাদ শুরু করেছেন তাঁর পুরনো আন্দাজের চুটকি রাজনীতি।

Bihar: আমাকে গুলি করে মারার ছক করেছেন লালু, বিস্ফোরক নীতীশ

nitish kumar vs lalu prasad yadav

News Desk: নীতীশ কুমারের আশঙ্কা তিনি খুন হতে পারেন। তাঁকে খুন করাতে পারেন লালুপ্রসাদ যাদব। চাঞ্চল্যকর মন্তব্য করেছেন বিহারের মুখ্যমন্ত্রী। পাটনায় তিনি বলেছেন, লালু যাদব চাইলে গুলি করে মারানোর ছক করতে পারেন। তিনি তো আর কিছুই পারেন না।

সম্প্রতি পশুখাদ্য কেলেঙ্কারির মামলায় জেলবন্দি লালুপ্রসাদ যাদব অসুস্থ হয়ে দিল্লিতে চিকিৎসাধীন ছিলেন। তিনি বিশেষ আইনি প্রক্রিয়ায় বিহারে ফিরেছেন। আরজেজি প্রধান ও প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী লালুপ্রসাদ ফিরতেই বিহারের রাজনৈতিক মহল নতুন করে সরগরম।

পাটনায় ফিরে লালুপ্রসাদ বলেন, এসেছি নীতীশ কুমারের বিসর্জন করাতে। তাঁর এই মন্তব্যের প্রতিক্রিয়ায় খুন হয়ে যাওয়ার আশঙ্কা করছেন মুখ্যমন্ত্রী নীতীশ কুমার।

রাজ্যে দুটি কেন্দ্র তারাপুর ও কুশেশ্বরস্থানে উপনির্বাচন আসন্ন। এই উপনির্বাচন ঘিরেই বিহারের রাজনীতি সরগরম। সরকারপক্ষ এনডিএ এর দিকে চ্যালেঞ্জ ছুঁড়েছেন লালুপুত্র তেজস্বী যাদব। তিনি বলেছেন, দুটি আসনে জয়লাভ করলেই বিহারে আরজেডি নেতৃত্বে মহাজোট সরকার গঠন হবে। একই কথা বলছেন লালু প্রসাদ যাদব। প্রশ্ন উঠছে, বিহারে কি সরকারপক্ষে ভাঙন ধরাচ্ছেন লালু।

তবে আরজেজি মহাজোট থেকে কংগ্রেস বেরিয়ে গেছে। লালুপ্রসাদ পাটনায় ফিরতেই তাঁর সঙ্গে কথা বলেন কংগ্রেস সভানেত্রী সোনিয়া গান্ধী। জোট ফের হবে বলেই মনে করা হচ্ছে। নির্বাচনে মহাজোট থেকে কংগ্রেস ১৯ টি আসন পায়। আর জোটের বাম শরিকরা বিহারে অভাবনীয় ফল করে। তবে সরকার গড়ে বিজেপি-জেডিইউ সহ শরিকদের এনডিএ জোট।