ओडिशा में सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर के साथ बदसलूकी के बाद सेना आक्रोशित

नई दिल्ली: बीते 14-15 सितंबर की दरमियानी रात ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के भरतपुर थाने में एक सैन्य अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार और उनकी मंगेतर के साथ पुलिस द्वारा की गई हिंसा, बदसलूकी, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न को भारतीय सेना ने गंभीरता से लिया है।

पीड़ित सैन्य अधिकारी सेना की सिख रेजिमेंट में मेजर के पद पर सेवारत हैं, जबकि उनकी मंगेतर सेना के पूर्व ब्रिगेडियर की बेटी है। मामले में 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने पुलिस हिरासत में सैन्य अधिकारी की मंगेतर के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

भुवनेश्वर में रेस्टोरेंट चलाने वाली महिला, जो एक वकील भी हैं, अपना रेस्टोरेंट बंद करके अपने मंगेतर के साथ रविवार देर रात कार से घर लौट रही थी। इसी दौरान तीन कारों में सवार कुछ युवकों ने उनका पीछा किया. घटना के बाद सामने आए कथित तौर पर घटना से संबंधित कुछ वीडियो में महिला और उसके मंगेतर के साथ कुछ युवकों को उलझते हुए देखा जा सकता है।

इसके बाद महिला और सैन्य अधिकारी घटनास्थल से अपनी गाड़ी लेकर निकल गए और घटना की शिकायत के लिए भरतपुर पुलिस थाने पहुंचे। इसके बाद उनके साथ थाने में जो हुआ, वह रोंगटे खड़े करने वाला था। गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए महिला ने बताया, ‘किसी तरह हम वहां (युवकों के झुंड से) से भागने में कामयाब रहे और मामला दर्ज कराने के लिए भरतपुर थाने गए। वहां रिसेप्शन पर बैठी एक महिला पुलिस कॉन्स्टेबल के अलावा कोई नहीं था। हमने उनसे शिकायत दर्ज करने का अनुरोध किया. हालांकि, मेरी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्होंने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया।’

ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी का व्यवहार कथित तौर पर तब और भी आक्रामक हो गया जब उसे पता चला कि पीड़िता एक वकील है। इस बीच, पुलिस की एक गश्ती गाड़ी, जिसमें कुछ महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, थाने पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके मंगेतर को हवालात में बंद कर दिया, जब इसके खिलाफ आवाज उठाई कि वे सेना के किसी अधिकारी को हिरासत में नहीं रख सकते, यह गैरकानूनी है, तो दो महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित महिला ने बताया, ‘दो महिला अधिकारियों ने मेरे बाल खींचना शुरू कर दिया और मुझे पीटना शुरू कर दिया। जब मैंने उनसे रुकने की गुहार लगाई, तो उन्होंने मुझे थाने के गलियारे में घसीटा। मैंने उनमें से एक का हाथ काट लिया। उन्होंने मेरी जैकेट उतार दी और मेरे दोनों हाथ उससे बांध दिए. उन्होंने मेरे दोनों पैरों को दुपट्टे से बांध दिया। बाद में, एक पुरुष अधिकारी आया और मेरी ब्रा उतारने के बाद लगातार मेरी सीने पर लात मारने लगा। फिर थाना इंस्पेक्टर आया और अपनी पैंट की जिप खोल गुप्तांग दिखाकर मुझसे शारीरिक संबंध बनाने की पूछने लगा। उसने मेरे साथ छेड़छाड़ भी की।’

महिला के मंगेतर सेना के मेजर ने भी राज्य पुलिस महानिदेशक (अपराध शाखा) अरुण बोथरा को लिखित शिकायत में दंपत्ति के साथ पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों का विवरण दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की और उसका यौन उत्पीड़न किया।

उन्होंने बताया, ‘मैं 30 मिनट तक चीखें सुनता रहा। इसके बाद मेरी मंगेतर को अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत भेज दिया गया।’

उन्होंने आगे बताया कि जब वह थाने में बैठकर अपनी शिकायत लिख रहे थे तो चार पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और घसीटते हुए एक कोठरी में ले गए, जहां उन्होंने उनकी पैंट उतार दी और उनका सारा सामान ले लिया, जिनमें पर्स, मोबाइल, सेना का पहचान पत्र और कार की चाबियां शामिल थीं। उनके मुताबिक, इस दौरान दो महिला पुलिसकर्मी उनकी मंगेतर के साथ मारपीट करने लगीं।

मेजर ने थाने में मौजूद कॉन्स्टेबल से थाना प्रभारी को बुलाने का अनुरोध किया ताकि वह वह उन्हें एक सैन्य अधिकारी को हिरासत में लेने संबंधी प्रोटोकॉल समझा सकें, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। मेजर ने उन्हें अवैध हिरासत में रखने, उनका उत्पीड़न करने और उन्हें मानसिक यातना देने का आरोप लगाया। उन्होंने साथ ही बताया कि जब उनकी मंगेतर वकील ने गिरफ्तारी से जुड़ा वॉरंट दिखाने की मांग की तो उसे घसीटा गया, मारा-पीटा गया और निर्वस्त्र कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मेजर को रिहा कर दिया गया। वहीं, अस्पताल में उनकी मंगेतर की मेडिकल जांच कराई गई, जहां रिपोर्ट में बताया गया कि उनके साथ गंभीर मारपीट की गई थी।

घटना की भनक लगते ही भारतीय सेना ने सक्रियता दिखाई। घटना के अगले ही दिन एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, जिसमें राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई की बात कही। वहीं, 18 सितंबर को मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मामले में कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया और उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की।

जानकारी के मुताबिक, जस्टिस चक्रधारी चरण सिंह को लिखे पत्र में लेफ्टिनेंट जनरल शेखावत ने लिखा, ‘एक सेवारत सैन्य अधिकारी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई और उनकी मंगेतर, जो एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की बेटी भी है, की गरिमा पर पुलिसकर्मियों द्वारा हाथ डाला गया।’ उन्होंने कहा कि जब दंपत्ति शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने गए तो पुलिस अधिकारियों ने ‘अपने पद के अनुरूप काम नहीं किया।’

जनरल ने आगे लिखा, ‘उन्होंने न केवल महिला को अपमानित किया, बल्कि उसके साथ छेड़छाड़ भी की और सेना अधिकारी को बिना किसी आरोप के लगभग 14 घंटे तक हिरासत में रखकर उनका भी अपमान किया।’

उन्होंने पुलिस थाने में सीसीटीवी न होने की बात उठाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करार दिया। साथ ही लिखा कि पुलिसकर्मियों की कार्रवाई ने दंपति और साथ ही सैन्य बिरादरी के कानून प्रवर्तन प्रणाली में विश्वास को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सेना का मानना ​​है कि कई मामलों में कानून का उल्लंघन किया गया है, जहां एक सेवारत सैन्य अधिकारी को बगैर कोई अपराध दर्ज किए और सेना के अधिकारियों को सूचित किए बिना हिरासत में रखा गया था।

जनरल ने मुख्य न्यायाधीश से घटना का स्वत: संज्ञान लेने और बिना किसी देरी के महिला को जमानत देने का अनुरोध किया। साथ ही, लिखा कि अपराध शाखा द्वारा निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए और दोषी पुलिसकर्मियों को उनके पदों से हटाया जाए और उन्हें उचित सजा दी जाए।

संभवत: जनरल के पत्र का असर भी हुआ। पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई पीड़ित महिला को उसी दिन हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। वहीं, 17 सितंबर को राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया और ओडिशा पुलिस के डीजीपी से 3 दिन में घटना के संबंध में रिपोर्ट मांगी और मामले में तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा।

मेजर की शिकायत के आधार पर मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर सड़क पर बदसलूकी करने वाले युवकों के खिलाफ और दूसरी एफआईआर दंपति की अवैध हिरासत और हिरासत में दी गई यातनाओं से संबंधित है।

इससे पहले, भरतपुर पुलिस ने सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर के खिलाफ मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उनके हमले में चार कॉन्स्टेबल और एक महिला सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। बहरहाल, पुलिस ने मामले में भरतपुर के थाना प्रभारी दिनकृष्णा मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर बैशालिनी पांडा, सहायक उपनिरीक्षक सलिलमई साहू और सागरिका रथ और कॉन्स्टेबल बलराम हांडा को निलंबित किया है। इससे पहले, डीजीपी ने मामले की जांच ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा से कराने के निर्देश दिए थे। अपराध शाखा ने भी पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं, सड़क पर मेजर और पीड़ित महिला के साथ बदसलूकी करने वाले 12 युवकों की पुलिस ने पहचान की, जिनमें से 7 को गिरफ्तार भी किया गया, हालांकि अदालत से उन्हें जमानत मिल गई है। वहीं, ओडिशा सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन मांझी द्वारा न्यायिक जांच के आदेश के बाद मेजर, उनकी मंगेतर और पूर्व सैन्यकर्मियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की. न्यायिक आयोग 60 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।

इस बीच, ओडिशा पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि रविवार देर रात लगभग 01:30 बजे मेजर और उनकी मंगेतर अपने वाहन में जा रहे थे, जब उन्हें तीन वाहनों में सवार 12-13 व्यक्तियों द्वारा परेशान किया गया, जो लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे। उन्होंने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और हाथापाई की. मेजर और उनकी मंगेतर किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।

पुलिस ने बयान में कहा कि दंपति ने आरोपी युवकों की एक कार का नंबर ले लिया था, जिसके बाद वे थाने पहुंचे और पुलिस से तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मी बहाने बनाते रहे और दंपति से अपना मेडिकल कराने के लिए कहा।

ओडिशा पुलिस ने भी अपने बयान में इसके बाद दंपति के साथ घटित वाकये की पुष्टि की। साथ ही बताया कि पीड़ित महिला किसी तरह सुबह 5 बजे अपनी कार तक पहुंचने में कामयाब हुई और अपना फोन मेजर को दिया, जिससे वह मदद के लिए सेना के अधिकारियों को फोन लगा सके।

पुलिस ने बयान में यह भी कहा कि सेना की ओर से 120 टीए बटालियन से एक जूनियर कमीशन अधिकारी और तीन अन्य रैंक के अधिकारियों की एक टीम को मेजर की मदद के लिए पुलिस थाने भी भेजा गया था। बयान में कहा गया, ‘दंपति को अस्पताल ले जाया गया। महिला का जबड़ा अपनी जगह से खिसक गया था, नाक टूट गई थी और शरीर पर कई अन्य घाव के निशान थे। फिर दोनों को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।’

हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस दंपति को ही कुसूरवार ठहरा रही थी। ओडिशा टीवी के मुताबिक, भुवनेश्वर के एडिशनल डीसीपी सुरेश चंद्र पात्रा ने कहा था कि मेजर और उनकी मंगेतर ने पुलिस के साथ बदसलूकी की थी। पात्रा ने कहा था कि जब वे थाने आए तो सही हालत में नहीं थी। पुलिस ने जब उनसे औपचारिक शिकायत दर्ज कराने कहा तो पुलिस से बहस करने लगे। उन्होंने महिला अधिकारी समेत पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी की।

वहीं, निलंबित थाना प्रभारी दीनाकृष्ण मिश्रा ने दंपति के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने नशे की हालत में थाने पहुंचने के बाद स्टाफ के साथ बदसलूकी की।

ओडिशा रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सेना के अधिकारियों को संबोधित एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें पूछा गया है कि क्या मेजर के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, पत्र में कहा गया है कि दंपति नशे में थे और मेजर ने इस हालत में कार चलाई। महिला ने कार में बैठे हुए कुछ इंजीनियरिंग छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की।

पत्र में कहा गया है, ‘युवा इंजीनियरिंग छात्रों को आपके (सेना) दबाव में अदालत भेज दिया जाएगा और महिला के अत्याचारी व्यवहार के कारण उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा।’ इससे पहले, पूर्व सैन्य कर्मियों के संगठन ने ओडिशा के कमिश्नरेट पुलिस भवन के पास प्रदर्शन किया था और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। कई पूर्व सैन्यकर्मियों ने घटना के खिलाफ सोशल मीडिया का भी रुख किया था।

भारतीय सेना के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सेना इस मामले को लेकर बहुत चिंतित हैं और उसे उम्मीद है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सेना के अधिकारियों के साथ ऐसी घटनाएं देश के लोगों का भी मनोबल तोड़ती हैं।

Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस 50 लोकसभा सीटें भी नहीं जीत पाएगी, चुनाव के बाद विपक्षी दल का दर्जा नहीं मिलेगा: PM Modi

PM Narendra Modi at Odisha

ओडिशा में एक चुनावी (Lok Sabha Election 2024) रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार बनेगी और ‘उड़िया भाषा और संस्कृति को समझने वाले मिट्टी के बेटे या बेटी’ को भाजपा सरकार का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) में कांग्रेस ५० सीटें भी नहीं जीत पाएगी और चुनाव के बाद विपक्षी दल का दर्जा भी नहीं पा सकेगी।

कंधमाल और बोलांगीर लोकसभा सीटों पर चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए, मोदी ने दावा किया कि ओडिशा की ‘अस्मिता’ (गौरव) खतरे में है और भाजपा इसकी रक्षा करेगी, साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में भगवा पार्टी की “डबल इंजन” सरकार बनेगी। और “मिट्टी का बेटा या बेटी जो उड़िया भाषा और संस्कृति को समझता है” को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

बीजद पर मौखिक हमला करते हुए उन्होंने राज्य में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन होने के बावजूद लोगों को गरीब बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों को सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया।

मोदी ने दावा किया, “लोकसभा में प्रमुख विपक्ष बनने के लिए कांग्रेस को 10 प्रतिशत सीटें भी नहीं मिल पाएंगी। वे ५० सीटें भी नहीं जीत पाएंगी।”

राहुल गांधी के स्पष्ट संदर्भ में उन्होंने कहा, “कांग्रेस के ‘शहजादे’ 2014 के चुनावों के बाद से वही स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं…मेरे शब्दों पर ध्यान दें, एनडीए सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा और इस बार 400 से अधिक सीटें जीतेगा।” केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार की उपलब्धियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 26 साल पहले आज ही के दिन पोखरण परीक्षण ने दुनिया भर में देश की छवि को बढ़ाया था।

उन्होंने ने कहा कि उनकी सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करके लोगों के ५०० वर्षों के इंतजार को समाप्त कर दिया।

उन्होंने जोड़ा , ”भाजपा ने ओडिशा की एक आदिवासी बेटी को भारत का राष्ट्रपति बनाया, जो सशस्त्र बलों की कमांडर-इन-चीफ है।”

उन्होंने राज्य की बीजेडी सरकार पर मौखिक हमला बोलते हुए कहा कि ओडिशा एक अमीर राज्य है लेकिन ज्यादातर लोग गरीब हैं।

पटनायक ने ओडिशा की स्वास्थ्य योजना के तीसरे चरण की शुरुआत

Naveen Patnaik

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुक्रवार को राज्य की प्रमुख स्वास्थ्य योजना – बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (बीएसकेवाई) के तीसरे चरण की शुरुआत की, जो अब राज्य की लगभग 90% आबादी को कवर करेगी। यह योजना पहली बार पांच साल से अधिक समय पहले शुरू की गई थी, शुरुआत में केवल गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को कवर किया गया था, जो सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्राप्त कर सकते थे। इसे सरकारी कर्मचारियों और आयकर दाताओं को छोड़कर पूरी आबादी तक बढ़ा दिया गया है।राज्य की लगभग 90% आबादी को कवर करने वाले 1.10 करोड़ से अधिक परिवारों को बीएसकेवाई के तहत स्वास्थ्य आश्वासन प्रदान किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ओडिशा में कोई भी परिवार गंभीर बीमारियों के लिए उच्च व्यय को पूरा करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण असुरक्षित नहीं रहेगा। इस प्रकार ओडिशा के लोगों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का वादा पूरा हुआ। पटनायक ने लाभार्थियों के लिए नया ‘बीएसकेवाई नबीन कार्ड’ लॉन्च करते हुए कहा कि ओडिशा के लोगों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना मेरा सपना रहा है, जहां स्वास्थ्य सेवा एक अधिकार है।

जनता से लूटे गए पैसे की पाई-पाई लौटानी होगी : मोदी

PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ओडिशा और झारखंड में कर छापे के दौरान पार्टी के एक सांसद धीरज प्रसाद साहू ठिकानों से करोड़ों रुपये नकद जब्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला। एक्स को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री ने कहा देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के ‘भाषणों’ को सुनें…। जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है।लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए विपक्षी दलों पर निशाना साधना तेज कर दिया है। मोदी ने पिछले दिनों आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे अपने अहंकार, झूठ, निराशावाद और अज्ञानता की खुशफहमी में रह सकते हैं, लेकिन लोगों को उनके विभाजनकारी एजेंडे से सावधान रहना चाहिए क्योंकि 70 साल की पुरानी आदत इतनी आसानी से नहीं जा सकती। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में यह बात कही थी।

ATK Mohun Bagan: ওডিশার বিপক্ষে পুরো ৯০ মিনিট ফোকাস ধরে রাখতে হবে: হেডকোচ ফেরান্দো

শনিবার চলতি আইএসএলে ATK মোহনবাগান (ATK Mohun Bagan) খেলতে নামছে ওডিশা এফসি’র বিরুদ্ধে। ওডিশা নিজেদের গত ম্যাচে মুম্বই সিটি এফসিকে ৪-২ গোলে হারিয়ে টাইটেলশিপ জমিয়ে দিয়েছে। এমন পরিস্থিতিতে সবুজ মেরুন বিগ্রেডের হেডস্যার হুয়ান ফেরান্দো ওডিশা এফসি দলের শক্তি নিয়ে সতর্ক তা স্পষ্ট বোঝা গেল কথায়। হুয়ানের কথায়,”এই ম্যাচ কঠিন হতে চলেছে।কেননা বিপক্ষ দলের ডিফেন্স এবং আক্রমণ বিভাগ পরিষ্কারভাবে দুরন্ত পারফর্ম করছে”।

মুম্বই সিটি এফসি ম্যাচে ওডিশা এফসির পারফরম্যান্স যে ATK মোহনবাগান হেডস্যারকে চিন্তায় ফেলছে সেটা হুয়ান ফেরান্দোর কথা থেকেই বোঝা যায়। মুম্বই’র বিরুদ্ধে ওডিশা পুরো ৯০ মিনিট ধরে লড়ে জয় ছিনিয়ে নিয়েছিল,পিছিয়ে থেকেও। এই প্রসঙ্গে হুয়ান ফেরান্দো বলেন,”আমাদের এই ম্যাচে পুরো ৯০ মিনিট ম্যাচে ফোকাস ধরে রাখতে হবে। কেননা ২-১ গোলে পিছিয়ে থাকার পর ওডিশা এফসি টিম তিন গোল দিয়ে ম্যাচ জিতে যায়। তাই আগের ম্যাচে ওডিশার পারফরম্যান্স দেখিয়ে দিয়েছে তারা পুরো ৯০ মিনিট ধরে লড়াই করতে জানে,তাই আমাদেরও পুরো ৯০ মিনিট ম্যাচে ফোকাস ধরে রাখতে হবে”।

নিজের দলের ডিফেন্স প্রসঙ্গে সবুজ মেরুন হেডস্যারের সাফ কথা,”দলের ডিফেন্স নিয়ে তার কোনও অভিযোগ নেই। ম্যাচ সিচুয়েশনে কিভাবে পরিস্থিতি সামলাতে হবে তা নিয়ে আমরা পরিকল্পনা মাফিক কাজ করে চলেছি।অবশ্যই আমরা নিজেদের পরিকল্পনাতে উন্নতিও করছি। ফুটবলারদের চোট পরিস্থিতিকে কঠিন করে তুললেও আমার টিমের প্রতি একশো শতাংশ আস্থা রয়েছে এবং আমি তাদের সাহায্য করতে উদ্যোগী।

ওডিশা এফসি নিজেদের গত ম্যাচে মুম্বই এফসি’র বিরুদ্ধে ৭৭ এবং ৮৯ মিনিটে যেভাবে গোল করে ৪-২ গোলের ব্যবধানে জিতেছে এই শেষ মুহুর্তের দুই গোল নিয়ে হুয়ান ফেরান্দো বলেন,”আমি তাদের শেষ ম্যাচের পারফরম্যান্স নিয়ে অবগত। ওডিশা গেমের নার্ভ ধরে রেখেছিল শেষ মুহুর্ত পর্যন্ত। শেষ মুহুর্তে দুই গোল করে ওডিশা মুম্বই’র বিরুদ্ধে, যা ম্যাচের ট্রান্সজ্যাকসন পিরিয়ডে ওডিশা দুর্দান্ত ভাবে কাজে লাগায়। তাই আমাদেরও ম্যাচে প্রয়োজন ৯০ মিনিট ফোকাস ধরে রাখা”।

Odisha: করোনা হামলায় সোমবার থেকে বন্ধ জগন্নাথ মন্দির

Puri  Jagannath temple

ফের বন্ধ হচ্ছে পুরীর বিখ্যাত জগন্নাথ মন্দির। ওডিশা (Odisha) সরকার দর্শনার্থীদের নিরাপত্তা ও করোনা (coronavirus) সংক্রমণ গতি দেখে এমন সিদ্ধান্ত নিয়েছে।

করোনার তৃতীয় ঢেউতে ভারত তথৈবচ। পুরীর জগন্নাথ মন্দির কর্তৃপক্ষ দর্শনার্থীদের ভিড় এড়াতে চলতি মাস জুড়ে মন্দির বন্ধ রাখার সিদ্ধান্ত নিয়েছে। সোমবার থেকে দর্শনার্থীদের জন্য ফের বন্ধ হচ্ছে মন্দির৷ তবে পুজো হবে। দর্শনার্থীদের জন্য দরজা বন্ধ থাকবে৷

বাড়তে থাকা করোনা সংক্রমণ দেখে চিন্তিত ওডিশা সরকার। পুরীর জেলাশাসক জানিয়েছেন, আগামী ১০ জানুয়ারি থেকে ৩১ জানুয়ারি পর্যন্ত বন্ধ থাকবে মন্দির৷ ৩১ জানুয়ারির পর করোনা পরিস্থিতির উন্নতি হলে পুনরায় খোলা হতে পারে জগন্নাথ মন্দিরের দরজা৷

করোনার প্রথম ও দ্বিতীয় ঢেউয়ে জগন্নাথ মন্দির বন্ধ হয়েছিল। গত ৩১ ডিসেম্বর থেকে ২ জানুয়ারি পর্যন্ত জগন্নাথ দর্শন করতে পারেননি দর্শনার্থীরা।

সফল‌ভাবে পরীক্ষা করা হল সারফেস টু সারফেস ব্যালিস্টিক ক্ষেপণাস্ত্র ‘প্রলয়’

নিউজ ডেস্ক: ডিফেন্স রিসার্চ অ্যান্ড ডেভেলপমেন্ট অরগানাইজেশনের তরফ আজ থেকে সারফেস টু সারফেস ব্যালিস্টিক ক্ষেপণাস্ত্র প্রলয় সফলভাবে পরীক্ষা করা হল। ওড়িশা উপকূলে এই পরীক্ষা করা হয়েছে। এই ক্ষেপণাস্ত্রটি সফলভাবে সমস্ত উদ্দেশ্য এবং এটি তৈরির লক্ষ্যমাত্রাকে স্পর্শ করেছে। DRDO এর তরফ থেকে টুইট করে প্রলয় ক্ষেপণাস্ত্রের সফলভাবে পরীক্ষার কথা জানিয়েছেন আধিকারিকরা। অত্যাধুনিক সারফেস টু সার্ভিস ব্যালিস্টিক ক্ষেপণাস্ত্রের সফল ভাবে উৎক্ষেপণে উচ্ছ্বসিত DRDO এর কর্মকর্তা থেকে শুরু করে প্রতিরক্ষামন্ত্রী রাজনাথ সিং।

‘প্রলয়’ একটি আধা ব্যালিস্টিক সারফেস টু সারফেস মিসাইল। এমনভাবে উন্নত ক্ষেপণাস্ত্রটি তৈরি করা হয়েছে যা ইন্টারসেপ্টর মিসাইলকে পরাস্ত করতে সক্ষম। মধ্যবায়ুতে একটি নির্দিষ্ট পরিসীমায় লক্ষ্যবস্তুতে আঘাত করে নিজের পথ পরিবর্তন করার ক্ষমতা আছে এই মিসাইলের। প্রলয় ১৫০ কিলোমিটার থেকে ৫০০ মিটার পর্যন্ত লক্ষ্যবস্তুতে আঘাত হানতে সক্ষম। ক্ষেপণাস্ত্রটি কঠিন প্রপেলান্ট রকেট মোটর দ্বারা চালিত এবং এর মধ্যে একাধিক নতুন প্রযুক্তি রয়েছে‌। একাধিক উন্নত প্রযুক্তির ক্ষেপণাস্ত্রটি আধা ব্যালিস্টিক ট্র্যাজেক্টোরি অনুসরণ করে উচ্চ মাত্রার নির্ভুলতা,নিয়ন্ত্রণ, নির্দেশিকা এবং মিশন অ্যালগরিদমগুলিকে বৈধ করে নির্ধারিত লক্ষ্যে পৌঁছেছে।

DRDO তরফ থেকে জানানো হয়েছে, সমস্ত সাব-সিস্টেম সন্তোষজনকভাবে সঞ্চালিত হয়েছে। সমস্ত সেন্সর পূর্ব উপকূল জুড়ে ইমপ্যাক্ট পয়েন্টের কাছাকাছি মোতায়েন করা হয়েছে, ডাউনরেঞ্জ জাহাজ সহ, ক্ষেপণাস্ত্রের গতিপথ ট্র্যাক করা হয়েছে এবং সমস্ত ঘটনা ক্যাপচার করা হয়েছে। ক্ষেপণাস্ত্রটি ১৫০-৫০০ কিমি রেঞ্জ বিশিষ্ট হলেও এটি একটি মোবাইল লঞ্চার থেকে উৎক্ষেপণ করা যায়। এর মিসাইল গাইডেন্স সিস্টেমের মধ্যে রয়েছে অত্যাধুনিক নেভিগেশন সিস্টেম এবং ইন্টিগ্রেটেড এভিওনিক্স।

DD R&D সেক্রেটারি এবং DRDO চেয়ারম্যান ডঃ জি সতীশ রেড্ডি প্রলয় ক্ষেপণাস্ত্র তৈরিতে নিযুক্ত দলের প্রশংসা করে বলেছেন, এই ক্ষেপণাস্ত্রটি একটি নতুন প্রজন্মের সারফেস-টু-সারফেস ক্ষেপণাস্ত্র যা আধুনিক প্রযুক্তিতে সজ্জিত এবং এই অস্ত্র ব্যবস্থার অন্তর্ভুক্তি সশস্ত্র বাহিনীকে প্রয়োজনীয় গতি দেবে।

প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং এই প্রথম ডেভেলপমেন্ট ফ্লাইট ট্রায়ালের জন্য DRDO এবং সংশ্লিষ্ট দলকে অভিনন্দন জানিয়েছেন। তিনি দ্রুত ট্র্যাক উন্নয়ন এবং আধুনিক সারফেস-টু-সারফেস মিসাইলের সফল উৎক্ষেপণের জন্য ডিআরডিওর প্রশংসা করেছেন।

DRDO: সুপারসনিক টর্পেডো স্মার্ট মিসাইলের সফল উৎক্ষেপণ করল ডিআরডিও

DRDO successfully launches supersonic torpedo smart missile

নিউজ ডেস্ক: চিন ও পাকিস্তানের উদ্বেগ আরও বাড়িয়ে সোমবার সুপারসনিক মিসাইল (Supersonic Missile Assisted Torpedo System) ‘অ্যাসিসটেড টর্পেডো স্মার্টে’র সফল উৎক্ষেপণ করল ভারত (India)। জানা গিয়েছে, নেক্সট জেনারেশন (next generation) প্রযুক্তিতে তৈরি এই অত্যাধুনিক স্মার্ট টর্পেডো মিসাইল সিস্টেমটি সোমবার ওড়িশার হুইলার দ্বীপে (Odisha cost) সফল উৎক্ষেপণ করে ডিআরডিও (DRDO)।

এদিন ডিআরডিওর পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, এই ক্ষেপণাস্ত্রটি সর্বোচ্চ পাল্লার সফল উৎক্ষেপণ হয়েছে আজ। প্রচলিত মিসাইলগুলির থেকে এই অত্যাধুনিক স্মার্ট টর্পেডো মিসাইলটি অনেক দূরের লক্ষ্যবস্তুতে আঘাত হানতে পারবে। জলপথে যুদ্ধের জন্য টর্পেডো বহনকারী মিসাইলটি বিশেষ ভাবে প্রস্তুত করা হয়েছে। নেক্সট জেনারেশন স্মাট টর্পেডো সিস্টেম এই মিসাইলটি ডিআরডিও সম্পূর্ণ দেশীয় প্রযুক্তিতে তৈরি করেছে। খুব শীঘ্রই এই মিসাইলটি সেনাবাহিনীর হাতে তুলে দেওয়া হবে।

এই অত্যাধুনিক মিসাইল হাতে পেলে দেশের নৌসেনার শক্তি যে এক ধাক্কায় অনেকটাই বাড়বে তা না বললেও চলে। সম্প্রতি দক্ষিণ চিন সাগরে চিনের আগ্রাসন ক্রমশই বাড়ছে। এরই মধ্যে চিনের দোসর হয়েছে পাকিস্তান। চিনের আগ্রাসন রুখতে নৌসেনার হাতে এ ধরনের অত্যাধুনিক মিসাইল থাকা যথেষ্টই তাৎপর্যপূর্ণ বলে প্রতিরক্ষা বিশেষজ্ঞরা মনে করছেন।

এদিন এই মিসাইলের সফল উৎক্ষেপণের পর ডিআরডিওর প্রত্যেক বিজ্ঞানীকে অভিনন্দন জানিয়েছেন প্রতিরক্ষামন্ত্রী রাজনাথ সিং। উল্লেখ্য, গত সপ্তাহে পোখরানে পিনাকা রকেট লঞ্চার সিস্টেমেরও সফল উৎক্ষেপণ করেছে ডিআরডিও। চলতি বছরেই অগ্নি-৫ ব্যালিস্টিক মিসাইলেরও সফল পরীক্ষা করেছে প্রতিরক্ষা মন্ত্রক।

অগ্নি-৫ প্রায় ৫ হাজার কিলোমিটার দূরের লক্ষ্যবস্তুতে নির্ভুলভাবে আঘাত হানতে সক্ষম। বলা যায় এই মুহূর্তে চিনের অধিকাংশ এলাকাই চলে এসেছে অগ্নির পাল্লার মধ্যে। সর্বোপরি অগ্নি-৫ পারমাণবিক অস্ত্র বহনেও সক্ষম। অগ্নি-৫ সম্পূর্ণ দেশীয় প্রযুক্তিতে তৈরি করেছে ডিআরডিও।

Cyclone Jawad: শক্তিক্ষয় হলেও জাওয়াদের প্রভাবে আজ অতিভারী বৃষ্টির পূর্বাভাস

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নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: সমুদ্রে থাকাকালীনই শক্তি হারিয়ে নিম্নচাপে পরিণত হয়েছে ঘূর্ণিঝড় জওয়াদ (Cyclone Jawad)। আজ দুপুর নাগাদ তা ওড়িশা (Odisha) উপকূলে পৌঁছবে। বর্তমানে বিশাখাপত্তনম থেকে ১৮০, গোপালপুর থেকে ২০০, পুরী থেকে ২৭০ ও পারাদ্বীপ থেকে ৩৬০ কিলোমিটার দূরে অবস্থান করছে। ওড়িশা উপকূল ধরে বাংলার দিকে এগোলেও আগামী ১২ ঘণ্টায় ক্রমশ দুর্বল হবে নিম্নচাপ।

জাওয়াদ শক্তি হারালেও দুর্যোগের হাত থেকে রেহাই পাবে না বঙ্গবাসী। ইতিমধ্যে এর প্রভাবে শনিবার থেকেই কলকাতা-সহ দক্ষিণবঙ্গের বেশ কয়েকটি জেলায় বৃষ্টি শুরু হয়েছে। নিম্নচাপের প্রভাবে রবিবার সকাল থেকেই দক্ষিণবঙ্গের অধিকাংশ জেলায় হালকা বৃষ্টি শুরু। বেলা যত বাড়বে বৃষ্টির প্রকোপ ততই বাড়বে। আজ কলকাতা-সহ দুই ২৪ পরগনা, দুই মেদিনীপুরে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টির সতর্কতা জারি করেছে আলিপুর আবহাওয়া দফতর। ঝাড়গ্রামেও আজ প্রবল বৃষ্টির আশঙ্কা। কোনও কোনও জেলায় আজ বজ্রবিদ্যুত্‍-সহ বৃষ্টির সম্ভাবনাও রয়েছে।

আলিপুর আবহাওয়া দফতর জানিয়েছে, সোমবারও কলকাতা-সহ গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গে বৃষ্টি হবে। মত্স্যজীবীদের সমুদ্রে যেতে নিষেধ করা হয়েছে। প্রাকৃতিক এই দুর্যোগ মোকাবিলায় তৈরি রাজ্য সরকার। পরিস্থিতি পর্যালোচনায় আগামী মঙ্গলবার পর্যন্ত সেচ, বিদ্যুত্‍ ও বিপর্যয় মোকাবিলা দফরের কর্মীদের ছুটি বাতিল করা হয়েছে। প্রতিনিয়ত আবহাওয়ার পরিস্থিতি ও তার মোকাবিলায় নেওয়া একাধিক ব্যবস্থা সম্পর্কে খোঁজখবর নিচ্ছেন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। রাজ্যের উপকূলবর্তী এলাকাগুলির সমুদ্র সৈকতে কড়া নজরদারি রাখা হচ্ছে। শনিবার রাত থেকেই সমুদ্র উত্তাল। পর্যটকদের সমুদ্রে নামতে নিষেধ করা হয়েছে। দিঘা, কাকদ্বীপ থেকে কলকাতায় সকাল থেকে শুরু হয়েছে বৃষ্টি। উপকূলবর্তী এলাকায় চলছে মাইকে প্রচার। 

Odisha: জাওয়াদের হামলা হবে সৈকত শহর পুরীতে, ফেনিল ঢেউয়ে দুলছে সাগর

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News Desk: পশ্চিম-মধ্য বঙ্গোপসাগরে ঘনীভূত গভীর নিম্নচাপ সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হয়ে ওডিশা (Odisha)ও অন্ধ্রপ্রদেশের দিকে অগ্রসর হচ্ছে।

পিআইবি জানাচ্ছে, উত্তর-পশ্চিম দিকে অগ্রসর হয়ে জাওয়াদ নামে এই ঘূর্ণিঝড়টি উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ ও দক্ষিণ ওডিশা উপকূলের কাছাকাছি গিয়ে পৌঁছবে। উত্তর ও উত্তর-পূর্ব দিকে বাঁক নিয়ে, ওডিশা উপকূল বরাবর বাঁক নিয়ে, রবিবার দুপুর নাগাদ এটি পুরীর কাছে গিয়ে পৌঁছবে বলে, আবহাওয়া বিভাগের পূর্বাভাস।

জাওয়াদ হামলার কারণে ৪ ডিসেম্বর থেকে ৬ ডিসেম্বর পর্যন্ত বঙ্গোপসাগর উপকূলের পশ্চিমবঙ্গের জেলাগুলিতে জারি সতর্কতা। দক্ষিণবঙ্গের জেলাগুলিতে মাঝারি থেকে ভারী বৃষ্টির পূর্বাভাস দেওয়া হয়েছে। উপকূলবর্তী জেলাগুলিতে ভারী থেকে অতিভারী বৃষ্টি হতে পারে।

পড়ুন: Asani cyclone: জাওয়াদের পর জন্ম নেবে অশনি, সাগর দানবের মরণ নেই

পিআইবি জানাচ্ছে, ঘূর্ণিঝড়-জাওয়াদ উপকূলের দিকে এগিয়ে আসার সঙ্গে সঙ্গে ঝোড়ো হাওয়ার পাশাপাশি সমুদ্র উত্তাল হতে পারে। ঝড়ের গতি ঘণ্টায় ৮০ কিলোমিটার পর্যন্ত হতে পারে। মৎস্যজীবীদের ৫ তারিখ পর্যন্ত সমুদ্রে যেতে নিষেধ করা হয়েছে। যারা গেছেন, তাঁদের দ্রুত ফেরার নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

সাইক্লোন জাওয়াদ সতর্কতার প্রেক্ষিতে দক্ষিণ পূর্ব এবং দক্ষিণ মধ্য রেলের বেশ কিছু এক্সপ্রেস ও সুপার ফাস্ট ট্রেন শনিবার থেকে সোমবার পর্যন্ত বাতিল থাকবে। দক্ষিণ পূর্ব রেল সূত্রে এই খবর।

Cyclone Jawad Updates: এগোচ্ছে জাওয়াদ, জেনে নিন এর বর্তমান অবস্থান

Cyclone Jawad

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: দ্রুত উপকূলের দিকে এগোচ্ছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ (Cyclone Jawad)। উত্তর-মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থিত সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড় “জাওয়াদ” গত ৬ ঘন্টায় ২২ কিমি/ঘঃ বেগে উত্তর -উত্তরপশ্চিম অভিমুখে অগ্রসর হয়েছে। এটি এখন পশ্চিম-মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থান করছে। এর কেন্দ্রবিন্দু ১৫.০ ডিগ্রী উত্তর অক্ষাংশ এবং ৮৫.৩ ডিগ্রী পূর্ব দ্রাঘিমাংশে অবস্থিত।

বিশাখাপত্তনম (অন্ধ্রপ্রদেশ ) থেকে দক্ষিণ -দক্ষিণপূর্ব দিকে প্রায় ২২০ কিমি দূরে , গোপালপুর থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপূর্ব দিকে ৪৪০ কিমি দূরে , পুরী (ওড়িশা ) থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপশ্চিম দিকে ৪০০ কিমি দূরে এবং পারাদ্বীপ (ওড়িশা ) থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপশ্চিম দিকে ৬০০ কিমি দূরে অবস্থিত। এরপর এটি উত্তর-উত্তরপশ্চিম অভিমুখে অগ্রসর হয়ে আরও শক্তিশালী হয়ে উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ- দক্ষিণ ওডিশা উপকূলের অদূরে পশ্চিম মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থান করবে আগামী কাল, ৪ডিসেম্বর সকালে।

এরপর এর গতির অভিমুখ পরিবর্তন করে ওডিশা উপকূল বরাবর উত্তর-উত্তরপূর্ব দিকে অগ্রসর হয়ে আগামী ৫ ডিসেম্বর দুপুরে পুরীর (ওডিশা ) নিকট অবস্থান করার সম্ভাবনা আছে। তারপর ঘূর্ণিঝড় টি উত্তর-উত্তরপূর্ব অভিমুখে অগ্রসর হয়ে পশ্চিমবঙ্গ উপকূলে অবস্থান করার সম্ভাবনা আছে।

Matilda Kullu: ফোর্বসের প্রভাবশালীদের তালিকায় ঠাঁই পেলেন ওড়িশার আশাকর্মী মাতিলদা কুল্লু

Odisha ASHA worker Matilda Kullu

News Desk: চলতি বছরে ফোর্বসের (forbs) প্রকাশ করা দেশের সবচেয়ে প্রভাবশালী মহিলাদের তালিকায় রয়েছে একটি বড়সড় চমক। কারণ এই তালিকায় ঠাঁই পেয়েছেন ওড়িশার (odisha) আদিবাসী আশাকর্মী মাতিলদা কুল্লু (Matilda Kullu)।

বছর ৪৫-এর এই আদিবাসী মহিলাকে অভিনেত্রী রসিকা দুগ্গল, নিউজ অ্যাঙ্কার অরুন্ধতী ভট্টাচার্যের সঙ্গে একই আসনে বসাল ফোর্বস। ফোর্বসের এই স্বীকৃতি এটাই প্রমাণ করে যে, ক্ষেত্রটি যতই ছোট হোক না কেন নিজের মতো করে নিজের কাজটা করে গেলে একদিন গোটা বিশ্বের কাছেই তার স্বীকৃতি মেলে।

১৫ বছর আগে ওড়িশার সুন্দরগড় জেলার গর্গডবহল গ্রামে আশা কর্মী হিসেবে চাকরি পেয়েছিলেন মাতিলদা। তিনি যখন চাকরি পেয়েছিলেন সে সময় গর্গডবহল গ্রামটি ছিল সম্পূর্ণভাবে কুসংস্কারের চাদরে মোড়া। গোটা গ্রামের মানুষ কালা জাদু, তুকতাকে বিশ্বাস করত। কিন্তু সেই পরিস্থিতি আজ আমূল বদলে দিয়েছেন এই আশা কর্মী। এক সামাজিক অভিশাপ থেকে এই পিছিয়ে পড়া গ্রামকে মুক্ত করতে পেরেছেন তিনি। তবে মাতিলদার এই কাজটা আদৌ সহজ ছিল না। এই কাজ করতে গিয়ে একাধিকবার কঠিন বিপদের সামনেও পড়েছেন তিনি। কিন্তু তাতেও মাতিলদা নিজের লক্ষ্য থেকে কখনও সরে আসেননি।

Odisha ASHA worker Matilda Kullu

মাতিলদা জানিয়েছেন, তিনি যখন চাকরি পেয়েছিলেন তখন ওই গ্রামের মানুষ অসুস্থ হলে কেউ চিকিৎসকের কাছে বা হাসপাতালে যেতে চাইত না। তারা ওঝার কাছে রোগ সারানোর জন্য ছুটত। ছিল জাতপাতের তীব্র লড়াই। তিনি যখন মানুষের সেই অন্ধ বিশ্বাস ভেঙে দিতে চেয়েছিলেন তখন তাঁকে নানাভাবে উত্ত্যক্ত করা হয়েছে। দেওয়া হয়েছে হুমকি। কিন্তু দীর্ঘদিন ধরে তিনি ওই গ্রামে মাটি কামড়ে পড়ে থেকে মানুষকে আজ অনেকটাই কুসংস্কারের কবল থেকে বের করে আনতে পেরেছেন। এটাই তাঁর চাকরি জীবনের বড় সাফল্য। মানুষের মনের এই অন্ধকার দূর করতে মাতিলদার প্রয়াসকে স্বীকৃতি দিল ফোর্বসের মত আন্তর্জাতিক সংস্থা।

মাতিলদা জানিয়েছেন, করোনা পরিস্থিতিতে তাঁর কাজের দায়িত্ব আরও অনেক বেড়েছে। কারণ প্রতিদিন তিনি কমপক্ষে ৫০ টি বাড়িতে গিয়ে মানুষকে করোনা পরীক্ষার কথা, করোনার হাত থেকে বাঁচতে কী ধরনের ব্যবস্থা নেওয়া উচিত তা বোঝানোর কাজ করেছেন। নিজে আক্রান্ত হতে পারেন, সেই বুঝেও ঝুঁকি নিয়েও তিনি এই কাজ চালিয়ে গিয়েছেন। এই কঠিন গুরু দায়িত্ব পালনের জন্য মাতিলদার মত আশা কর্মীরা যে খুব একটা বেশি বেতন পান তা নয়। বরং তাঁদের মাসিক বেতন এতটাই কম যে তা দিয়ে একজন মানুষেরও ভালোভাবে পেট চলতে পারে না। তবে দেশের সরকার এ ধরনের মানুষগুলিকে যথাযথ সম্মান না দিলেও মাতিলদার মতো আশাকর্মীদের গুরুত্ব বুঝতে ভুল করেনি ফোর্বস। সে কারণেই দেশের প্রভাবশালী মহিলাদের মধ্যে মাতিলদাকেও বেছে নেওয়া হল।

Odisha: পুরীর মন্দিরে পুজো দিতে গিয়ে পুরোহিতের লালসার শিকার নাবালিকা

Puri  Jagannath temple

নিউজ ডেস্ক: মুম্বইয়ের পর এবার পুরী। এবার পুরীর জগন্নাথ মন্দিরের ভিতরেই এক নাবালিকাকে যৌন হেনস্থার অভিযোগ উঠল মন্দিরের পুরোহিতের বিরুদ্ধে। অভিযুক্ত পুরোহিতকে গ্রেফতার করেছে পুলিশ। নির্যাতিতা নাবালিকা হায়দরাবাদের বাসিন্দা। পরিবারের সদস্যদের সঙ্গে সে পুরীর মন্দিরে গিয়েছিল।

সন্ধ্যারতির সময় ওই নাবালিকা জগন্নাথ মন্দিরের ভিতর বামন মন্দিরে বসে প্রার্থনা করছিল। পরিবারের অন্য সদস্যরা ছিল কিছুটা দূরে। সে সময় নাবালিকাকে একা পেয়ে এই কাজটি করে অভিযুক্ত পুরোহিত। ঘটনার পর নাবালিকা কাঁদতে কাঁদতে মন্দির থেকে বেরিয়ে আসে। পরিবারের সদস্যদের সে পুরো ঘটনা খুলে বলে। অভিযুক্ত পুরোহিতের বিরুদ্ধে সিংহদ্ধার থানায় অভিযোগ দায়ের করা হয়। নির্যাতিতা নাবালিকাও ম্যাজিস্ট্রেটের কাছে ঘটনার বিবরণ দেয়। নাবালিকার বক্তব্যের ভিত্তিতে ওই পুরোহিতকে গ্রেফতার করে পুলিশ।

পুরীর জগন্নাথ মন্দিরের ভিতর ছোটো-বড় মিলিয়ে মোট ১৩৬টি মন্দির রয়েছে। তারই একটি হল বামন মন্দির। মন্দিরের পূজারী বা পুরোহিতের বিরুদ্ধে ধর্ষণের অভিযোগ নতুন কিছু নয়। কয়েকদিন আগেই দিল্লির ক্যান্টমেন্ট এলাকায় এক কিশোরীকে নৃশংসভাবে ধর্ষণ ও হত্যার ঘটনায় অভিযুক্তদের মধ্যে ছিল এক পুরোহিত।

এধরনের একটি ধর্ষণের মামলায় মন্দিরের পূজারীর পৌরহিত্য নিয়ে প্রশ্ন তুলেছিল কেরল হাইকোর্ট। এক কিশোরীকে তার দুই বোনের সামনেই নিয়মিত ধর্ষণ ও নৃশংস অত্যাচারের ঘটনায় অভিযোগ উঠেছিল এক পূজারীর বিরুদ্ধে। সেই মামলায় বিচারপতি বলেন, ‘কোন দেবতা এমন পুরোহিতের পুজো গ্রহণ করেন।’ পকসো আইনে মামলা দায়ের হয় ওই পুরোহিতের বিরুদ্ধে। শেষ পর্যন্ত ওই মামলায় পুরোহিতের যাবজ্জীবন কারাদণ্ডের নির্দেশ দেয় হাইকোর্ট।

কেরলের ইদুক্কির এক ব্যক্তি তাঁর স্ত্রী ও তিন সন্তানকে ছেড়ে চলে গিয়েছিলেন। অসহায় ওই মহিলা নিজের তিন সন্তানের জন্য একটু আশ্রয় খুঁজছিলেন। নিরাশ্রয়, অসহায় মহিলার কথা জানতে পেরে তাঁদের আশ্রয় দিয়েছিলেন ওই পূজারী। এ পর্যন্ত সব ঠিকই ছিল। কিন্তু এরপর সামনে আসে ওই পুরোহিতের আসল চেহারা। মহিলার বড় মেয়েকে দিনের পর দিন ধর্ষণ করতে থাকে ওই পুরোহিত। অন্য দুই মেয়ের সামনেই চলত যৌন নির্যাতন। প্রায় এক বছর ধরে এই অত্যাচার সহ্য করতে হয় ওই নিবালিকাকে।

সেই মামলার শুনানিতে বিচারপতি বলেন, স্ত্রী ও সন্তানদের ছেড়ে যখন স্বামী চলে যায়, তখন তিনি খুবই অসহায় হয়ে পড়েন। পূজারি সেই অসহায় মহিলাকে আশ্রয় দিয়েছিল শুধুমাত্র ধর্ষণ ও যৌন নির্যাতনের জন্য। এটা ভাবা যায় না।’ এমন পুরোহিতের পুজো কোন দেবতা গ্রহণ করেন সেটাই জানতে ইচ্ছে করে।

হাফ সেঞ্চুরি বয়সে মাধ্যমিক পাস করলেন শাসক দলের বিধায়ক

Odisha MLA Purna Chandra Swain

নিউজ ডেস্ক: কথায় আছে, ‘পড়াশোনার কোন বয়স হয় না৷ আর তা আক্ষরিক অর্থেই প্রমাণ করে দিলেন ওডিশার শাসক দল বিজু জনতা দলের বিধায়ক পূর্ণ চন্দ্র সোয়াইন৷ ৪৯ বছর বয়সী পূর্ণচন্দ্র সোয়াইন মাধ্যমিক বোর্ডের পরীক্ষা দিয়েছিলেন৷ তাতে তিনি ৬৮ শতাংশ নম্বর পেয়ে পেয়ে পাস করেছেন৷ না! তিনি অনলাইনে পরীক্ষা দেয়নি৷ পরীক্ষায় বসেছিলেন অফলাইন মোডেই৷

করোনা মহামারীর কারণে ওডিশা মাধ্যমিক শিক্ষা বোর্ড শিশুদের জন্য অনলাইন বোর্ড পরীক্ষা নিয়েছিল৷ যেখানে দশম শ্রেণির অনেক শিক্ষার্থী ফেল করে৷। এই অকৃতকার্য শিক্ষার্থীরা অফলাইন পরীক্ষা নেওয়ার দাবি করেছিল৷ তাদের দাবি মেনেই বোর্ড অফলাইন পরীক্ষা নেওয়ার সিদ্ধান্ত নেয়। গঞ্জাম জেলার সুরাদা থেকে বিজেডি বিধায়ক সোয়াইনও এই অফলাইন পরীক্ষায় বসেছিলেন৷

Odisha MLA Purna Chandra Swain

বি -২ গ্রেড পেয়ে এমএলএ পাস করেছেন
বোর্ডের পরীক্ষায় বিজু জনতা দলের সুরদা বিধানসভার বিধায়ক বি-২ গ্রেড নিয়ে পাস করেছেন। তিনি ৫০০-এর মধ্যে ৩৪০ নম্বর পেয়েছেন। তিনি পেইন্টিংয়ে ৮৫, হোম সায়েন্সে ৮৩, ওডিয়া ভাষায় ৬৭, সামাজিক বিজ্ঞানে ৬১ এবং ইংরেজিতে ৪৪ নম্বর পেয়েছেন। সামগ্রিকভাবে তিনি দশম শ্রেণির পরীক্ষায় ৬৮শতাংশ নম্বর পেয়েছেন। পরীক্ষায় উত্তীর্ণ হওয়ার পর বিজেডির বিধায়ক সংবাদ শিরোনামে চলে এসেছেন৷

মাধ্যমিকে ফেল করা অসন্তুষ্ট ছাত্রদের জন্য অফলাইন পরীক্ষা নেওয়া হয়েছিল৷ ৫ অগস্ট ওড়িশা বোর্ড সেই ছাত্রদের অফলাইন পরীক্ষা করেছিল৷ তারা অনলাইন পরীক্ষার নম্বর নিয়ে খুশি ছিল না। এই অফলাইন পরীক্ষায় ৫২২৩ জন শিক্ষার্থী পাস করেছে৷ আর ১৪১ জন ফেল করেছে৷ বিজেডির বিধায়ক পূর্ণচন্দ্র সোয়াইনও পাশ করা শিক্ষার্থীদের মধ্যে একজন৷

বিজেডির বিধায়ক পূর্ণচন্দ্র সোয়াইন ওডিশার একজন প্রভাবশালী নেতা। তিনি তিনবার বিধানসভা নির্বাচনে জয়ী হয়ে বিধায়ক হয়েছেন। তিনি এর আগেও মাধ্যমিক পরীক্ষা দিয়েছেন, কিন্তু তিনি তখন পাস করেননি।