10 राज्यों में मुंह के बल गिरी बीजेपी,  पार्टी के 400 पार का सपना रह गया अधूरा

नई दिल्ली :  लोकसभा चुनावों 2024 के नतीजे आ रहे है। ऐसे में कई रात्यों में बीजेपी की जीत हो रही है तो वही कई राज्यों में बीजेपी मुंह के बल गिरती नजर आ रही है। दरअसल 10 राज्यों के रुझानों में पार्टी बहुत ज्यादा सीटों पर आगे नहीं दिख रही है। यहां स्थानीय पार्टियों की पकड़ मजबूत नजर आ रही है, जबकि दो राज्यों में राहत है।

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में बीजेपी का खेल बिगड़ता दिख रहा है। वहीं, हरियाणा और बंगाल में भी बीजेपी उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश की वीआईपी सीट अमेठी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भारी वोटों के अंतर से पीछे चल रही हैं। यहां कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा बढ़त बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में 34 सीटों पर बीजेपी, जबकि समाजवादी पार्टी 35 सीटों पर आगे चल रही है।

इसके अलावा सात सीटों पर कांग्रेस आगे है। इस तरह हिसाब से INDIA गठबंधन राज्य की 80 में से 44 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, एनडीए 35 सीटों पर आगे चल रहा है।

बिहार की बात करें तो राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से एनडीए 34 सीटों पर आगे है, जबकि 4 पर INDIA गठबंधन आगे चल रहा है और दो पर अन्य दल आगे हैं। 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 17 सीटें जीती थीं और 16 पर जनता दल (यूनाइटेड) के पास गई थीं।

हरियाणा में बीजेपी को 5 सीटों पर का नुकसान हो सकता है। 10 लोकसभा सीटों में से पांच पर बीजेपी और पांच पर कांग्रेस आगे चल रही है। पिछले चुनाव के नतीजे देखें तो बीजेपी को राज्य की 10 की 10 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी का जादू चलता दिख रहा है। एक बार फिर से सत्तारूढ़ कांग्रेस 30 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बीजेपी सिर्फ 11 सीटों पर ही लीड करती दिख रही है।

मणिपुर की दोनों लोकसभा सीटों पर भी कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है।
गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से एक पर कांग्रेस आगे चल रही है।
राजस्थान में भी बीजेपी को 10 सीटों पर नुकसान हो सकता है।
कर्नाटक की 28 लोकसभा सीटों पर जो रुझान सामने आए हैं, उनमें बीजेपी 16 सीटों पर आगे चल रही है।
पंजाब में 2019 में बीजेपी को दो सीटें मिली थीं। इसके अलावा तेलंगाना और ओडिशा में बीजेपी को राहत है।
ओडिशा की 21 में से 18 पर और तेलंगाना की 17 में से 8 पर बीजेपी आगे है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा विधानसभा चुनावों में सरकार बदलने के मिल रहे संकेत

नई दिल्ली :  चार जून को जहां एक तरफ लोकसभा की 542 सीटों के लिए मतों की गिनती का काम चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश की 175 और ओडिशा की 147 विधानसभा चुनावों के लिए भी मतगणना हो रही है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार आंध्र प्रदेश की 175 सीटों में से 133 पर तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) आगे चल रही है । वहीं पवन कल्याण की जनसेना पार्टी 20 सीटों पर आगे चल रही है और 15 सीटों पर वाईएसआरसीपी (युवजन श्रमिक रयतु कांग्रेस पार्टी) आगे चल रही है जबकि बीजेपी सात सीटों पर आगे है।

वाईएसआरसीपी मौजूदा मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी की पार्टी है। और मतों के रुझान इशारा कर रहे हैं कि यहां अब सरकार टीडीपी बना सकती है। वहीं ओडिशा की 147 सीटों में से बीजेपी 74 सीटों पर आगे चल रही है जबकि सत्तारूढ़ बीजेडी 57 सीटों पर और कांग्रेस 14 सीटों पर आगे चल रही है. यहां एक सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

यहां भी संकेत मिल रहे हैं कि अगर मतों की गिनती ख़त्म होने तक नतीजा यही रहा तो पहली बार बीजेडी नेता नवीन पटनायक को विपक्ष में बैठना पड़ सकता है और प्रदेश में पहली बार बीजेपी सरकार बना सकती है।

राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति ने पुरी में पटाखा विस्फोट में मरने वालों पर दुख जताया

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को पुरी में भगवान जगन्नाथ की चंदन यात्रा उत्सव के दौरान पटाखों में हुए विस्फोट में हुई मौत की घटना पर दुख जताया है।

राष्ट्रपति ने अपने शोक संदेश में कहा कि पुरी, ओडिशा में चंदन यात्रा के दौरान पटाखों में विस्फोट के कारण आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार बहुत दुःखदाई है। मैं शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ओडिशा के पुरी में चंदन यात्रा के दौरान पटाखा विस्फोट की घटना में हुई दुःखद मौत से व्यथित हूं। दुख की इस घड़ी में मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

उल्लेखनीय है कि ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की चंदन यात्रा उत्सव के दौरान पटाखों के ढेर में विस्फोट होने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग घायल हैं।

DRDO ने किलर मिसाइल Rudram II का किया सफल परीक्षण

नई दिल्ली :  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बुधवार को 11:30 बजे ओडिशा तक पर अपने नए लड़ाकू मिसाइल रूद्रम-II का सफल परीक्षण कर दिया है। ये एंटी रेडिएशन मिसाइल हवा से जमीन पर वार करने के लिए बनाई गई एक ऐसी मिसाइल पलक झपकते दुश्मन पर तेजी से वार करने में सक्षम है।

मिसाइल लॉन्च होने की जानकारी डीआरडीओ ने मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर शेयर कर दी है। डीआरडीओ ने अपने पोस्ट में लिखा है कि इस उड़ान परीक्षण में परीक्षण के सारे उद्देश्य पूरे हुए हैं।

मिसाइल के लॉन्च होने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है, “इस परीक्षण से भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत कई गुणा बढ़ जाएगी। उन्होंने वायु सेना, डीआरडीओ समेत उद्योग जगत को बधाई दी है.”

155 किग्रा वजनी इस मिसाइल की लंबाई 18 फुट है, यह पलक झपकते तेज रफ्तार से दुश्मन के पूरे इलाके को ध्वस्त कर सकती है, ये मिसाइल आवाज की स्पीड से 5 गुना तेजी से उड़ान भरने में सक्षम है।

बता दें 15 किमी तक की ऊंचाई तक जानेवाली इस मिसाइल की रेंज 300 किमी है। ये मिसाइल 6791.4 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन पर वार करने में सक्षम है इसलिए इसे हाइपर सोनिक मिसाइल की कैटेगरी में रखा गया है।

डीआरडीओ के साथ इस मिसाइल को डिजाइन करने और बनाने में भारत इलेक्ट्रानिक्स डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ अदाणी डिफेन्स एंड एयरोस्पेस का भी योगदान रहा है। इससे पहले रुद्रम 1 का परीक्षण आज से चार साल पहले फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई द्वारा किया गया था।

লন্ডনে তৈরি হচ্ছে পুরীর আদলে জগন্নাথ মন্দির, ওড়িশা থেকে গেল নিম কাঠ

Jagannath temple

News Desk, Kolkata: পুরীর জগন্নাথদেবের (Jagannathan) মন্দিরের আদলে আর এক বিশাল মন্দির তৈরি হতে চলেছে লন্ডনে (London)। ইতিমধ্যেই জগন্নাথ বলরাম (Balarama) ও সুভদ্রার (Suvadra) মূর্তি তৈরির জন্য ওড়িশা (Odisha) থেকে পৌঁছে গিয়েছে নিম কাঠ। ২০২৪ সালের মধ্যেই এই মন্দির তৈরির কাজ শেষ হবে। মন্দির তৈরির কাজ করছে ব্রিটেনের জগন্নাথ সোসাইটি।

মন্দির তৈরি শুরু না হলেও ইতিমধ্যেই লন্ডনের সাউথহলের রাম মন্দিরে জগন্নাথ দেবের পূজার্চনা শুরু হয়ে গিয়েছে। জগন্নাথ সোসাইটির কোষাধ্যক্ষ ভক্তবৎসল পান্ডা (panda) জানিয়েছেন, প্রায় ৪০ একর জমি নিয়ে পুরীর মন্দিরের আদলে লন্ডনেও জগন্নাথ দেবের মন্দির তৈরি হচ্ছে। তবে তাঁরা এখনও ব্রিটেন সরকারের কাছ থেকে জমি হাতে পাননি।

আগামী বছরের শুরুতেই তাঁরা এই জমি পাবেন। জমি পেলেই জোরকদমে শুরু হবে নির্মাণ কাজ। তবে মন্দির তৈরির কাজ শুরু না হলেও ইতিমধ্যেই জগন্নাথ বলরাম ও সুভদ্রা তিন দেবতার মূর্তি গড়ার কাজ শুরু হয়ে গিয়েছে। মূর্তি গড়ার জন্য ওড়িশা থেকে আনা হয়েছে নিম কাঠ। পুরীর মতোই এখানেও মন্দির চত্বরে তৈরি করা হবে তুলসী বন। পাশাপাশি লাগানো হবে বিভিন্ন ধরনের ফুল ও ফলের গাছ।

মন্দির নির্মাণের পর শুরু হবে রথযাত্রা উৎসব। এমনকী, তৈরি করা হবে জগন্নাথ দেবের মাসির বাড়িও। মন্দির তৈরির জন্য ইতিমধ্যেই ভক্তরা অর্থ সংগ্রহের কাজ শুরু করেছেন। আগামী দিনে ভারত থেকে আসা পুণ্যার্থীরা যাতে জগন্নাথ মন্দির চত্বরে থাকতে পারেন তার ব্যবস্থা করা হবে বলেও ভক্তবৎসল জানিয়েছেন। তিনি আরও জানিয়েছেন, সবকিছু ঠিকঠাক হলে ২০২৪ সালের মধ্যেই মন্দির নির্মাণের কাজ শেষ হবে।