सैन्य अधिकारी की Girlfriend ने ओडिशा पुलिस पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पुलिस के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार के कारण गिरफ्तार किए गए आर्मी अफसर की महिला मित्र ने गुरुवार को दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ। रविवार रात को भरतपुर थाने के पुलिसकर्मियों द्वारा गिरफ्तार की गई महिला को हाई कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया। महिला ने कहा कि वह अपने दोस्त, आर्मी अफसर के साथ देर रात करीब एक बजे अपना रेस्तरां बंद कर घर लौट रही थी तभी कुछ युवकों ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। उसने कहा कि इसके बाद वे मदद मांगने के लिए भरतपुर थाने गए।

महिला ने आरोप लगाया, ‘जब हम FIR दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे तो वहां एक महिला सिपाही सादी वर्दी में थी। हमने उनसे FIR दर्ज करने और बदमाशों को पकड़ने के लिए एक गश्ती वाहन भेजने के लिए कहा। मेरी मदद करने के बजाय, उसने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया।’ वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित एम्स में इलाज करा रही महिला ने कहा कि कुछ देर बाद और पुलिसकर्मी थाने पहुंचे और उनके दोस्त से शिकायत लिखने को कहा। महिला ने आरोप लगाया, ‘मुझे नहीं पता कि क्या हुआ, उन्होंने उसको (सैन्य अधिकारी को) हवालात में डाल दिया।’

महिला ने आगे कहा, ‘जब मैंने अपनी आवाज तेज करते हुए कहा कि वे (पुलिस) सेना के अधिकारी को हिरासत में नहीं रख सकते तो दो महिला अधिकारियों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।’ महिला ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की और जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसकी गर्दन पकड़ने की कोशिश की तो उसने एक महिला पुलिसकर्मी के हाथ पर काट लिया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ और पैर बांधकर उसे एक कमरे में बैठा दिया।

महिला के मुताबिक, ‘कुछ समय बाद एक पुरुष अधिकारी ने दरवाजा खोला और मेरी छाती पर कई बार लात मारी।’ राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि इस मामले में भरतपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (IIC) सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एक आधिकारिक बयान में, ओडिशा पुलिस ने IIC दीनाकृष्ण मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर बैसालिनी पांडा, ASI सलिलामयी साहू और सागरिका रथ, और कॉन्स्टेबल बलराम हांडा के निलंबन की पुष्टि की।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कार व बस की भीषण टक्कर, 7 की मौत

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक कार बस से टकरा गई। बताया जा रहा है कि कार के चालक को नींद आ गई जिसकी वजह से कार अनियंत्रित होकर अपनी लेन बदलकर दूसरी लेन में चली गई। इसके बाद लखनऊ से आ रही बस से वह टकरा गई।

इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई जबकि 46 यात्री घायल हुए हैं। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में तीन कार सवार जबकि बस के 4 यात्री शामिल हैं।

एसएसपी इटावा संजय कुमार वर्मा ने दुर्घटना को लेकर बताया कि रायबरेली से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस की रात करीब 12:30 बजे एक कार से टक्कर हो गई। बस में 60 लोग सवार थे, जिनमें से 4 लोगों की मौत हो गई। इस में सवार करीब 20-25 लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार में सवार 3 लोगों की भी मौत हो गई। 

सीमाओं पर या आंतरिक सुरक्षा, पुलिस के बिना संभव नहीं’: अमित

Home Minister Amit Shah

आज पुलिस स्मृति दिवस है और इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नई दिल्ली स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल पहुंचे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि किसी भी देश में सीमाओं पर और आंतरिक सुरक्षा बिना चौकन्नी पुलिस के बिना संभव नहीं है। अमित शाह ने नेशनल पुलिस मेमोरियल में दिए अपने संबोधन में ये बात कही। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि मैंने देखा है कि पुलिस की ड्यूटी, देश में सेवारत अन्य लोगों की तुलना में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। किसी भी मौसम, त्योहार में पुलिस के जवान हमेशा ड्यूटी पर तैनात रहते हैं ताकि कानून व्यवस्था को कायम रखा जा सके। चाहे वो आतंकवाद हो, अपराध हो या फिर बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना, पुलिस आम लोगों की सुरक्षा के लिए हमेशा मौजूद रहती है। हमारे देश की पुलिस ने अपने आप को हमेशा साबित किया है।

সারদা-কাণ্ডের বিতর্কিত রাজীব কুমারকে রাজ্য পুলিশের ডিজির পদমর্যাদা

rajiv kumar IPS

News Desk: আজ, শুক্রবার দুপুরেই কলকাতা পুলিশের নতুন কমিশনার হয়েছেন বিনীত গোয়েল। একইদিনে এল আরও একটি বড় খবর। পদোন্নতি হল আইপিএস অফিসার রাজীব কুমারের। সারদা কাণ্ডের বিতর্কিত এই আইপিএস অফিসারকে রাজ্য পুলিশের নতুন ডিজির পদমর্যাদা দেওয়া হয়েছে। তবে, এখনও তাঁকে নতুন কোন দায়িত্ব দেওয়া হয়নি৷

কলকাতা পুলিশের প্রাক্তন কমিশনার ছিলেন রাজীব কুমার। বর্তমানে তিনি অতিরিক্ত ডিজি হিসেবে তথ্য ও প্রযুক্তি বিভাগের প্রধান সচিবের দায়িত্ব পালন করছেন। নতুন ডিজি হিসেবে রাজীবকে আর কোনও দায়িত্ব দেওয়া হবে কিনা তা এখনও জানা যায়নি।

উল্লেখ্য, ২০১৯ সালে সারদা মামলায় নাম জড়ায় রাজীব কুমারের। তাঁর বিরুদ্ধে জোরালো তদন্তে‌ নামে সিবিআই। এর প্রতিবাদে সক্রিয় ভূমিকা নিয়েছিলেন খোদ মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়।

Rohini court explosion: আদালতে বিস্ফোরণের ঘটনায় ধৃত ডিআরডিওর বিজ্ঞানী

Rohini court

News Desk, New Delhi: রাজধানী দিল্লির রোহিণী আদালত (Rohini court) চত্বরে বিস্ফোরণের ঘটনায় অভিযুক্ত সন্দেহে গ্রেফতার করা হল ডিআরডিওর এক বিজ্ঞানীকে। ধৃত বিজ্ঞানী পুলিশের জেরায় নিজের অপরাধ স্বীকার করেছেন। তিনি জানিয়েছেন, এক আইনজীবীকে খুনের উদ্দেশ্যেই তিনি ওই বিস্ফোরণ ঘটিয়েছেন। এমনকী, বিস্ফোরকও তিনি নিজেই তৈরি করেছেন।

ঘটনার তদন্ত শুরু করে পুলিশ সিসিটিভির ফুটেজ এবং পারিপার্শ্বিক নমুনা সংগ্রহ করার পর শনিবারই দিল্লি থেকে ডিআরডিওর ওই বিজ্ঞানীকে গ্রেফতার করে। উল্লেখ্য, চলতি মাসের ৯ তারিখে দিল্লির রোহিণী আদালতের ১০২ নম্বর কক্ষে একটি বিস্ফোরণ ঘটে। অত্যন্ত লঘুমানের ওই বিস্ফোরণে এক নিরাপত্তারক্ষী জখম হয়েছিলেন। আদালতের কাজ সবেমাত্র শুরু হওয়া মাত্র সাড়ে দশটা নাগাদ ওই বিস্ফোরণ ঘটেছিল। ফলে আদালত চত্বরে ছড়িয়ে ছিল তীব্র চাঞ্চল্য। বিস্ফোরণের সঙ্গে সঙ্গেই আদালতের সব কক্ষেই ৯ ডিসেম্বর শুনানি বন্ধ করে দেওয়া হয়। বিস্ফোরণের খবরে আদালত চত্বরে ছুটে আসে পুলিশ ও দমকল বাহিনী। শুরু হয় তদন্ত।

প্রাথমিক তদন্তের পর পুলিশ মনে করেছিল, আদালতের একটি ল্যাপটপ থেকে বিস্ফোরণ ঘটেছে। ব্যাগের ভিতরে থাকা ল্যাপটপের ব্যাটারিতে কোন সমস্যা হওয়ায় সেটি ফেটে গিয়েছে। ওই ল্যাপটপের বিস্ফোরণ নিছকই দুর্ঘটনা নাকি, এর পিছনে কোন গভীর চক্রান্ত রয়েছে তা খতিয়ে দেখতে তদন্ত শুরু করে পুলিশ। প্রাথমিক তদন্তে পুলিশ সিসিটিভির ফুটেজ দেখে সন্দেহ করে যে, বিস্ফোরণ ঘটানোর জন্যই ল্যাপটপটি আদালত কক্ষে রাখা হয়েছিল।

অভিযুক্ত বিজ্ঞানীকে জেরা করে পুলিশ জানতে পেরেছে, এক আইনজীবীর সঙ্গে ওই বিজ্ঞানীর গন্ডগোল ছিল। তাই ওই আইনজীবীকে প্রাণে মারতেই বিজ্ঞানী নিজেই বিস্ফোরক তৈরি করে আদালতের ১০২ নম্বর কক্ষে রেখে গিয়েছিলেন। শেষ পর্যন্ত অবশ্য ওই বিজ্ঞানীর পরিকল্পনা সফল হয়নি। প্রসঙ্গত, ডিআরডিওতে কাজের কারণে ছোটখাটো বিস্ফোরক তৈরির অভিজ্ঞতা রয়েছে ধৃত বিজ্ঞানীর।

Dilip Ghosh: পুলিশ বাধা দিলেও সিঙ্গুরে BJP-র কর্মসূচি হবেই : দিলীপ ঘোষ

Dilip Ghosh

নিউজ ডেস্ক : রাজ্যের (West Bengal) সব পুরভোট (Municipality Vote) কি একসঙ্গে হবে? সব পুরভোট একসঙ্গে না হলেও, ভোটের গণনা কি একসঙ্গে করা সম্ভব? আজ এসব নিয়ে কলকাতা হাইকোর্টে (Kolkata Highcourt) পুরভোট (Municiplity Vote) মামলার রায়। তার আগে বিজেপির (BJP) তরফে দেওয়া লিখিত বক্তব্য গ্রহণ করল না আদালত (Kolkata Highcourt)। নির্দেশনামা তৈরি হয়ে গিয়েছে বলে জানিয়েছে প্রধান বিচারপতির ডিভিশন বেঞ্চ। 

অন্যদিকে, মঙ্গলবার সকালে ইকোপার্কে (Eco Park) প্রাতঃভ্রমণে আসেন রাজ্য বিজেপির (BJP) প্রাক্তন সভাপতি দিলীপ ঘোষ (Dilip Ghosh)। প্রাতঃভ্রমণের শেষে আসন্ন পুর ভোট এবং পশ্চিমবঙ্গের বাইরে তৃণমূলের (TMC) বিস্তার সম্পর্কে সরাসরি আক্রমণ করেন তিনি। নির্বাচন কমিশনকে (Election Commission) তোপ দেগে তিনি বলেন, ‘কমিশনের অনেক মিটিং হয়। কিন্তু নির্বাচন অবাধ করতে হবে নাহলে শুধু মিটিং করে লাভ হবে না।’ তাঁর আরও অভিযোগ, ‘ভোট এলেই এই রাজ্যে একটা আতঙ্কের পরিবেশ তৈরি হয়। এরম পরিবেশ তৈরি হওয়া একদমই কাঙ্ক্ষিত নয়।’ সিঙ্গুরে (Singur) বিজেপির কর্মসূচি প্রসঙ্গে তিনি বলেন, তাদের কর্মসূচি হবেই। পুলিশ বাধা দিলেও হবে এবং তারপর যা হবে তা দেখা যাবে। 

‘বিরোধীরা আন্দোলন করবে। পুলিশ তো আটকাবেই। সরকার কাউকেই ছাড়বে না। আমাদের এর মধ্যেই আন্দোলন করতে হবে। আমরা নিয়ম মেনে অনুমতি নিয়ে আন্দোলন করলেও আটকানো হয়। অবস্থা বুঝে সেই মুহূর্তে ব্যবস্থা নেওয়া হবে।’ আজ সিঙ্গুরে (Singur) বিজেপির (BJP) কিষাণ মোর্চার ডাকে ধর্না অবস্থান প্রসঙ্গে একথা বললেন বিজেপির প্রাক্তন রাজ্য সভাপতি দিলীপ ঘোষ (Dilip Ghosh)।

পাশাপাশি সারা দেশে তৃণমূলের গ্রহণযোগ্যতা নেই এবং অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের (Abhishek Banerjee) ট্যুইট নতুন কিছু নয় বলেও তিনি কটাক্ষ করেন। এদিন দিলীপ ঘোষ বলেন, আগরতলা (Agartala) পুরভোটে তৃণমূল জিততে পারল না কেন তার জবাব আগে দিতে হবে এবং তারপরে তাঁদের গোয়া (Goa) নিয়ে ভাবা উচিত। 

Assam: মারাদোনার চুরি যাওয়া হাতঘড়ি উদ্ধার অসমে

Maradona's stolen watch is recovered in Assam

News Desk: প্রয়াত কিংবদন্তি ফুটবলার দিয়েগো মারাদোনার কয়েক কোটি টাকার হুব্লুট সংস্থার হাত ঘড়ি উদ্ধার করল অসম (Asasm) পুলিশ। দুবাইতে খোয়া গিয়েছিল প্রয়াত মারাদোনার দুর্মূল্য ঘড়ি। দুবাই পুলিশের সহযোগিতায় অসম পুলিশ অভিযান চালিয়ে ঘড়ি উদ্ধার করে।

২০১১ সালে দুবাইয়ের (dubai) একটি ক্লাবে প্রশিক্ষণ দিতে এসেছিলেন ফুটবলের রাজপুত্র মারাদোনা (maradona)। নির্দিষ্ট সময় পর মারাদনা দুবাই থেকে তাঁর দেশে ফিরে যান। দেশে ফিরে যাওয়ার আগে মারাদোনার ব্যবহার করা বেশ কিছু জিনিস স্মারক হিসেবে রেখে দেয় দুবাইয়ের একটি সংস্থা। মারাদোনার ব্যবহার করা জিনিসগুলি তাদের সংগ্রহশালায় রেখেছিল ওই সংস্থা। সেখান থেকেই একটি দামি ‘হুবলট’ ঘড়ি (watch) খোয়া গিয়েছিল। কিছু দিন ধরেই ওই ঘড়িটির খোঁজ চলছিল। শেষ পর্যন্ত তার খোঁজ পাওয়া গেল অসমের শিবসাগরে (shibsagar in assam)। ঘড়ি চুরির এই ঘটনায় ওয়াজিদ হুসেন নামে এক ব্যক্তিকে গ্রেফতার করা হয়েছে। ওই ব্যক্তি দুবাইয়ে নিরাপত্তা রক্ষীর কাজ করতেন। ফুটবলের রাজপুত্র প্রয়াত মারাদোনার ঘড়ি চুরি নিয়ে ইতিমধ্যেই বিশ্বজুড়ে হইচই শুরু হয়েছে।

গত মাসেই ফুটবলের রাজপুত্রর প্রথম মৃত্যুবার্ষিকী পালিত হয়েছে। ২০১০ সালে বিশ্বকাপ ফুটবলের ঠিক পরেই অর্থাৎ ২০১১ সালে দুবাইয়ের একটি ক্লাবে প্রশিক্ষকের দায়িত্ব নিয়ে এসেছিলেন মারাদোনা। সে সময় মারাদোনার ব্যবহার করা বেশ কিছু জিনিস দুবাইয়ের একটি সংস্থার কাছে স্মারক হিসেবে থেকে যায়। সেই সমস্ত জিনিসের মধ্যেই কিছুদিন আগে একটি দামি হুবলট ঘড়ি খোয়া যায়। যার দাম ভারতীয় মুদ্রায় প্রায় কুড়ি লাখ টাকা। ঘড়ি চুরির তদন্ত করছিল দুবাই পুলিশ। সম্প্রতি দুবাই পুলিশ বিষয়টি জানায় অসম পুলিশকে। দুবাই পুলিশের দেওয়া তথ্যের ভিত্তিতেই অসমের শিব সাগর থেকে ওয়াজিদ নামে ওই ব্যক্তিকে গ্রেফতার করা হয়। উদ্ধার করা হয় মারাদোনার ঘড়িটি। ধৃত ব্যক্তি দুবাইয়ের একটি সংস্থায় নিরাপত্তারক্ষীর কাজ করতেন। ওই সংস্থার সংগ্রহেই ছিল মারাদোনার ঘড়িটি। যা পরবর্তী ক্ষেত্রে চুরি হয়ে যায়।

বিষয়টি জানার পর প্রথম থেকেই অসমের শিবসাগরের ওই বাসিন্দার উপর সন্দেহ ছিল দুবাই পুলিশের। কারণ চুরির ঘটনার পর ওই নিরাপত্তারক্ষী দুবাই থেকে হঠাৎই শিবসাগর ফিরে আসেন। কিছুদিন আগে দুবাই পুলিশ বিষয়টি জানায় অসম সরকারকে। শেষ পর্যন্ত দুবাই ও অসম পুলিশ যৌথ অভিযান চালিয়ে শনিবার ভোর চারটে নাগাদ ওই ব্যক্তিকে গ্রেফতার করে। তার বাড়ি থেকেই মিলেছে মারাদোনার ওই ঘড়ি।

অসম পুলিশের ডিজি ভাস্করজ্যোতি মহান্তি ঘড়ি চুরির ঘটনার কথা স্বীকার করেছেন। জেলার পুলিশ সুপার রাকেশ রোশন জানিয়েছেন, ওয়াজিদ নামে ওই ব্যক্তি ২০১৬ সাল থেকে দুবাইয়ের একটি সংস্থায় নিরাপত্তা রক্ষীর কাজ করতেন। তিন দিন আগে তিনি দুবাই থেকে দেশে ফেরেন। সম্ভবত ঘড়ি চুরি করার কারণেই তিনি তড়িঘড়ি দেশে ফিরে আসেন। বিষয়টি আমাদের জানিয়েছিল দুবাই পুলিশ। দুবাই পুলিশের দেওয়া তথ্যের উপর ভিত্তি করে আমরা ওয়াজিদকে গ্রেফতার করেছি। পুলিশ সুপার আরও জানিয়েছেন, এই মুহূর্তে তাঁরা ওয়াজিদকে জিজ্ঞাসাবাদ করছেন। তবে ধৃতকে দুবাই পুলিশের হাতে তুলে দেওয়া হবে কিনা সে বিষয়ে এখনও কোনও সিদ্ধান্ত হয়নি।

উল্লেখ্য, বেঁচে থাকাকালীন মারাদোনা তিনবার ভারতে এসেছেন। যার মধ্যে দু’বার এসেছেন কলকাতায় এবং একবার কেরলে। তিনি কখনও অসমে যাননি। কিন্তু ঘড়ির সুবাদে মারাদোনা পৌঁছে গেলেন অসমেও।

পুলিশের সমস্যা জানতে ডিজি, আইজিদের সঙ্গে বৈঠক মোদি-শাহের

Modi-Shah meeting with DG, IG

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: আইনশৃঙ্খলাজনিত বিভিন্ন বিষয় নিয়ে আলোচনা করতে শনিবার প্রতিটি রাজ্য ও কেন্দ্রশাসিত অঞ্চলের পুলিশের ডিরেক্টর জেনারেল (DG) এবং ইন্সপেক্টর জেনারেলদের (IG) সঙ্গে বৈঠক করলেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি (Narendra Modi) এবং কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী অমিত শাহ (Amit Shah)।

এদিনের বৈঠকে উপস্থিত ছিলেন জাতীয় নিরাপত্তা উপদেষ্টা অজিত ডোভাল (Ajit Doval)। মাওবাদী দমন, মাদক পাচার, জঙ্গি মোকাবিলা, বিভিন্ন সংশোধনাগারের সংস্কার, সাইবার অপরাধের মতো একাধিক গুরুত্বপূর্ণ বিষয় নিয়ে বৈঠকে আলোচনা চলছে। রবিবারও এই আলোচনা চলবে। এবার লখনউতে উত্তরপ্রদেশ পুলিশের সদর দফতরে ৫৬ তম এই সম্মেলনের আয়োজন করা হয়েছে। দু’দিনের এই বৈঠকে কেন্দ্রীয় সশস্ত্র বাহিনীর এবং কেন্দ্রীয় পুলিশ বাহিনীর প্রধানরা সশরীরে উপস্থিত থাকছেন।

পশ্চিমবঙ্গের পক্ষ থেকে এই বৈঠকে যোগ দিয়েছেন ডিজি মনোজ মালব্য (Monoj Malabya)। বৈঠকে যোগ দিতে শুক্রবারই তিনি লখনউয়ে পৌঁছন।

Modi-Shah meeting with DG, IG

গুরুত্বপূর্ণ এই বৈঠক হচ্ছে হাইব্রিড ফরম্যাটে। এই ফরম্যাটে বেশ কয়েকটি রাজ্যের ডিজি এবং আইজিরা যেমন সশরীরে উপস্থিত হয়েছেন তেমনই অনেকেই অনলাইনে (online) এই বৈঠকে যোগ দিয়েছেন। এদিনের বৈঠকে রাজ্য পুলিশের ডিরেক্টর জেনারেলদের কাছ থেকে তাঁদের কাজের সুবিধা অসুবিধা সম্পর্কে জানতে চান প্রধানমন্ত্রী।

২০১৪ সালে প্রধানমন্ত্রীর চেয়ারে বসার পর থেকেই প্রতিবছরই প্রতিটি রাজ্যের পুলিশ প্রধানের সঙ্গে বৈঠক করেন প্রধানমন্ত্রী। মোদি এই বৈঠককে যথেষ্ট গুরুত্বও দিয়ে থাকেন। ডিজি ও আইজিরা যাতে নির্ভয়ে এবং খোলা মনে তাঁর সঙ্গে আলোচনা করতে পারেন সে ব্যাপারেও উৎসাহ দিয়ে থাকেন মোদি। মোদি প্রধানমন্ত্রী হওয়ার আগে এই বৈঠক দিল্লিতে হত। কিন্তু মোদি প্রধানমন্ত্রী হওয়ার পর থেকে এই বৈঠক দিল্লির বাইরে বিভিন্ন রাজ্যে হয়ে থাকে। করোনাজনিত কারণে ২০২০ সালে এই বৈঠক হয়েছিল অনলাইনে।

এবারের বৈঠকে সাইবার অপরাধ দমনকে বিশেষ গুরুত্ব দেওয়া হচ্ছে। বিশেষ করে আমজনতার বিভিন্ন গুরুত্বপূর্ণ ব্যক্তিগত তথ্য যাতে হ্যাকাররা কোনভাবেই হ্যাক করতে না পারে সে বিষয়টি নিয়ে সকলের সঙ্গে মত বিনিময় করতে চাইছেন প্রধানমন্ত্রী। এ দিনের বৈঠকে প্রায় প্রতিটি রাজ্যের পুলিশ কর্তাদের কথা মনোযোগ দিয়ে শোনেন মেদি। তবে, শেষ খবর পাওয়া পর্যন্ত এদিন তিনি নিজে কোনও বক্তব্য রাখেননি। মনে করা হচ্ছে, প্রধানমন্ত্রী ও স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী রবিবার তাঁদের বক্তব্য রাখবেন।

বিজেপি-শাসিত রাজ্যে পুলিশে ভরসা নেই সাধারণ মানুষের: রিপোর্ট

police

News Desk: দেশের বিভিন্ন রাজ্যের মানুষ পুলিশের (police) উপর কতটা ভরসা ও আস্থা রাখে সে ব্যাপারে সম্প্রতি একটি সমীক্ষা চালানো হয়। ইন্ডিয়ান পুলিশ ফাউন্ডেশন (indian police foundation) নামে একটি স্বাধীন সংগঠন এই সমীক্ষাটি চালায়। সেই সমীক্ষাতেই দেখা গিয়েছে, বিহার ও উত্তরপ্রদেশের মানুষ পুলিশের উপর কোনও রকম আস্থাই রাখে না। পুলিশকে তারা কোনওভাবেই বিশ্বাস করে না। এই সমীক্ষায় একেবারেই বিপরীত চিত্র উঠে এসেছে দেশের উত্তর-পশ্চিম ও দক্ষিণাংশের রাজ্যগুলিতে।

সমীক্ষা বলছে, দক্ষিণ ভারত ও উত্তর পশ্চিম ভারতের রাজ্যগুলির মানুষ পুলিশের উপর যথেষ্ট আস্থাবান। দেশের প্রতিটি রাজ্যের পুলিশি ব্যবস্থা কতটা স্মার্ট তা জানতে ‘স্মার্ট পুলিশিং ইন্ডেক্স ২০২১’ প্রকাশ করা হয়েছে। আইপিএফ-এর তৈরি করা ইনডেক্সে দেখা গিয়েছে, পুলিশের উপর ভরসা রয়েছে এমন প্রথম পাঁচ রাজ্য হল অন্ধ্রপ্রদেশ, তেলেঙ্গানা, অসম, কেরল ও সিকিম।

custodial deaths

অন্যদিকে তালিকার একেবারে নিচের দিকে রয়েছে যথাক্রমে বিহার (bihar), উত্তরপ্রদেশ (utterpradesh), ছত্রিশগড়, ঝাড়খন্ড ও পাঞ্জাব। এই সমীক্ষা থেকে জানা গিয়েছে, দেশের ৬৯ শতাংশ মানুষ পুলিশের ভূমিকায় ক্ষুব্ধ। আইপিএফ নামে এই সংগঠনটি ১ লক্ষ ৬১ হাজার মানুষের মতামত নিয়ে দীর্ঘ পাঁচ মাস ধরে এই সমীক্ষাটি চালিয়েছে। এই সমীক্ষায় প্রতিটি রাজ্যকে ১০-এর মধ্যে নম্বর দেওয়া হয়েছে। দশ নম্বরের মধ্যে ৮.১ এক পেয়ে প্রথম স্থানটি দখল করেছে অন্ধপ্রদেশ। বিহার ও উত্তরপ্রদেশ পেয়েছে যথাক্রমে ৫.৭৪ ও ৫.৮১ নম্বর। পশ্চিমবঙ্গের প্রাপ্ত নম্বর ৬.৬৬।

যে কোনও সমস্যায় পুলিশ মানুষকে কতটা সাহায্য করে এই প্রশ্নের উত্তরে দেখা গিয়েছে, সর্বশেষ স্থানটি দখল করেছে উত্তরপ্রদেশ। নিরপেক্ষ পুলিশি তদন্তের ক্ষেত্রে সবথেকে পিছনের রাজ্যটি হল উত্তরপ্রদেশ। বিশ্বাসযোগ্যতার প্রশ্নেও যোগী আদিত্যনাথের পুলিশ একেবারেই কম নম্বর পেয়েছে। এই সমীক্ষা থেকে দেখা যাচ্ছে যে, বিজেপি শাসিত রাজ্যগুলিতেই পুলিশের উপর মানুষের ভরসা সবচেয়ে কম।

শনিবারই উত্তরপ্রদেশের রাজধানী লখনউয়ে রাজ্যের পুলিশ প্রধানের সঙ্গে এক বৈঠকে যোগ দিতে চলেছেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি। তার আগে এই সমীক্ষা রিপোর্ট নিশ্চিতভাবেই মোদিকে চাপে রাখবে। কারণ বিজেপি শাসিত রাজ্যগুলিতেই পুলিশের উপর মানুষের আস্থা, ভরসা, ও বিশ্বাস সবচেয়ে কম।

পুলিশি হেফাজতে মৃত ১৮৮৮, শাস্তি পেয়েছে মাত্র ২৬ জন পুলিশ: NCRB

custodial deaths

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: গোটা দেশে শেষ ২০ বছরে পুলিশি হেফাজতে (police custody) মৃত্যু হয়েছে ১৮৮৮ জনের। এ ঘটনায় পুলিশ কর্মীদের বিরুদ্ধে ৮৯৩ টি মামলা দায়ের হয়েছে। ৩৫৮ জন পুলিশ কর্মীর বিরুদ্ধে পেশ হয়েছে চার্জশিট। কিন্তু শাস্তি পেয়েছে মাত্র ২৬ জন পুলিশ কর্মী। চাঞ্চল্যকর এই তথ্যটি সামনে এনেছে ন্যাশনাল ক্রাইম রেকর্ডস ব্যুরো (NCRB)।

উল্লেখ্য, গত সপ্তাহে উত্তরপ্রদেশে (utterpradesh) পুলিশি হেফাজতে আলতাফ (altaf) নামের এক তরুণের মৃত্যু হয়েছিল। রাজ্যের কাসগঞ্জ এলাকা থেকে এক নাবালিকা নিখোঁজ হওয়ার ঘটনায় আলতাফকে গ্রেফতার করেছিল পুলিশ। পুলিশি হেফাজতেই আলতাফের মৃত্যু হয়েছিল। আলতাফ এর মৃত্যুর পরই দেশে পুলিশি হেফাজতে মৃত্যুর বিষয়টি নিয়ে আলোচনা শুরু হয়। আলতাফের মৃত্যুর ঘটনায় কাসগঞ্জের (kasgang) কোতোয়ালি থানার ৫ পুলিশকর্মীকে সাসপেন্ড করেছেন মুখ্যমন্ত্রী যোগী আদিত্যনাথ (yogi adityanath)।

custodial deaths

যদিও কোতোয়ালি থানার পুলিশ কর্মীদের দাবি, আলতাফ নিজের জ্যাকেটের থেকে দড়ি খুলে কলের পাইপের সঙ্গে ফাঁস দিয়ে আত্মহত্যা করেছে। যদিও ওই কলের পাইপটি মেঝে থেকে মাত্র কয়েক ফুট উঁচুতে ছিল। তাই প্রশ্ন উঠেছে, মাত্র কয়েক ফুট উঁচুতে থাকা কলের পাইপ থেকে দড়ি ঝুলিয়ে কিভাবে ২২ বছরের ৬ ফুট উচ্চতার এক তরুণ আত্মহত্যা করল? আলতাফের মৃত্যুতে প্রবল চাপে পড়ে উত্তরপ্রদেশের বিজেপি সরকার। যে কারণে এই মৃত্যুর একই সঙ্গে পুলিশি ও বিচার বিভাগীয় তদন্তের নির্দেশ দিয়েছেন মুখ্যমন্ত্রী।

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p style=”text-align: justify;”>পুলিশি হেফাজতে মৃত্যু নিয়ে এনসিআর যে পরিসংখ্যান দিয়েছে তা থেকে জানা যাচ্ছে, ২০০৬ সালে পুলিশি হেফাজতে সবচেয়ে বেশি মানুষের মৃত্যু হয়েছিল। বন্দির মৃত্যুর ওই ঘটনায় ২০০৬ সালে উত্তরপ্রদেশে ৭ জন এবং মধ্যপ্রদেশের ৪ জন পুলিশ কর্মী দোষী সাব্যস্ত হয়ে ছিলেন। ২০২০ সালে গোটা দেশে ৭৬ জন পুলিশি হেফাজতে মারা গিয়েছে। সবচেয়ে বেশি মৃত্যু হয়েছে নরেন্দ্র মোদির রাজ্য গুজরাতে। শুধুমাত্র গুজরাতেই ২০২০ সালে পুলিশি হেফাজতে ১৫ জনের মৃত্যু হয়েছিল। গুজরাত ছাড়াও আর যে সমস্ত রাজ্যে পুলিশি হেফাজতে মৃত্যু হয়েছিল সেগুলি হল অন্ধ্রপ্রদেশ, অসম, বিহার, ছত্তিশগড়, হরিয়ানা, কর্ণাটক, মহারাষ্ট্র, মধ্যপ্রদেশ, ওড়িশা, পাঞ্জাব, রাজস্থান, তেলেঙ্গানা প্রভৃতি। তবে ২০২০ সালে পুলিশি হেফাজতে ৭৬জন বন্দির মৃত্যুর ঘটনায় কোনও পুলিশকর্মী দোষী সাব্যস্ত হয়নি।

জামশেদপুরে সস্ত্রীক গ্রেফতার হলেন শীর্ষ মাওনেতা কিষাণদা

Prashanth Bose

নিউজ ডেস্ক: শেষ পর্যন্ত ঝাড়খণ্ড পুলিশের হাতে গ্রেফতার হলেন সিপিআই মাওবাদী সংগঠনের শীর্ষ স্থানীয় নেতা প্রশান্ত বসু (Prashanth Bose) ওরফে কিষানদা (kishan da)। এই শীর্ষ মাও নেতার সঙ্গেই গ্রেফতার করা হয়েছে তাঁর স্ত্রী শীলা মারান্ডিকেও (shila marandi)। জানা গিয়েছে, চিকিৎসার জন্য এই মাওবাদী নেতা শুক্রবার জামশেদপুরে (jamshedpur) এসেছিলেন। সেখানেই একটি বাড়ি থেকে তাঁকে গ্রেফতার করা হয়।

আদতে কলকাতার যাদবপুরের (yadavpur) বাসিন্দা কিষানদা। যদিও পরে তিনি অন্ধ্রপ্রদেশের হায়দরাবাদে (hyderabad) থাকতে শুরু করেন। মাওবাদী ও সিপিআইএম-এর সংযুক্তিকরণের সময় তিনি ছিলেন সংগঠনের মিলিটারি কমিশনের প্রধান। একইসঙ্গে পূর্বাঞ্চলীয় আঞ্চলিক কমিটির সম্পাদক ছিলেন তিনি। কিষানদা সম্পর্কে কোনও খবর দিতে পারলে বা তাঁকে ধরিয়ে দিতে পারলে দু’কোটি টাকা পর্যন্ত পুরস্কার ঘোষণা করা হয়েছিল। পাশাপাশি ঝাড়খণ্ড (jharkhand goverment) সরকারের পক্ষ থেকেও কিষানদা সম্পর্কিত কোনও খবর বা তথ্য দিতে পারলে এক কোটি টাকা পুরস্কার দেওয়ার কথা ঘোষণা করা হয়েছিল।

একাধিক ভাষায় কথা বলার অসাধারণ ক্ষমতা ছিল তাঁর। খুব সহজেই তিনি যুবসমাজের মন জয় করে ফেলতেন। তাই কিষানদার বিশেষ দায়িত্ব ছিল নতুন যুবকদের সংগঠনের কাজে নিয়ে আসা। একসময় লালগড়ে (lalgarh) মাওবাদী নেতা কিষানজির সঙ্গেও তিনি একাধিকবার বৈঠক করেছেন।

শুক্রবার জামশেদপুরের চন্ডেলের কাছে একটি বাড়ি থেকে সস্ত্রীক এই শীর্ষ মাও নেতাকে গ্রেফতার করেছে ঝাড়খণ্ড পুলিশ। কিষানদাকে ধরার ব্যাপারে ঝাড়খণ্ড পুলিশকে সবধরনের সহযোগিতা করেছে অন্ধপ্রদেশের স্পেশাল ইন্টেলিজেন্স ব্যুরো।

প্রশান্ত বসুর গ্রেফতারে পশ্চিমবঙ্গ, বিহার, ঝাড়খণ্ড, ওড়িশা, অন্ধপ্রদেশের মতো বিভিন্ন রাজ্যে মাওবাদী সংগঠনের ক্ষেত্রে বড় ধাক্কা বলেই মনে করা হচ্ছে।

কিষানদার স্ত্রী শীলা ছিলেন সিপিআই মাওবাদী সংগঠনের কেন্দ্রীয় কমিটির একমাত্র মহিলা সদস্য। শেষ পাঁচ বছর ধরে তিনি সংগঠনের মহিলা শাখার দায়িত্ব সামলাতেন। এর আগে ২০০৬ সালে একবার রৌরকেল্লা থেকে শীলাকে গ্রেফতার করা হয়েছিল। যদিও তিনি পরে জামিনে মুক্তি পান। শীলাও সংগঠনের কর্মীদের কাছে একাধিক নামে পরিচিত ছিলেন। অনেকেই শীলাকে বুধানি (budhani), কেউ বা হেমা (hema) নামে চিনতেন। তবে বারবার নাম বদলেও শেষ পর্যন্ত তাঁরা কিছুই করতে পারলেন না।

৭৫ বছর বয়সি কিষানদার আসল নাম প্রশান্ত বসু (prasanta basu) হলেও তিনি একাধিক নামে পরিচিত ছিলেন। অনেকেই কিষানদাকে কাজল (kajal), মহেশ (mahesh), নির্ভয় (nirbhay) মুখোপাধ্যায় নামেও চিনতেন। গোটা উত্তর-পূর্ব ভারতের মাওবাদী সংগঠনের কার্যকলাপ পর্যবেক্ষণের দায়িত্বে ছিলেন তিনি। বয়সজনিত কারণে সম্প্রতি বিভিন্ন রোগে ভুগছিলেন এই মাও নেতা। যে কারণে সম্প্রতি তিনি সংগঠনের সক্রিয় কার্যকলাপের সঙ্গে যুক্ত না থাকলেও ঝাড়খণ্ডের সারান্ডা (saranda) জঙ্গল থেকে সংগঠনের যাবতীয় কাজ পরিচালনা করতেন। শারীরিক সমস্যা বেড়ে চলায় সম্প্রতি তিনি গেরিলা জোন ছেড়ে বেরিয়ে এসেছিলেন লোকালয়ে। চিকিৎসা করানোর জন্যই তিনি জামশেদপুরে এসেছিলেন বলে পুলিশ জানিয়েছে।

পাঁচলার বাজারে পুলিশের অভিযান, বাজেয়াপ্ত বিপুল পরিমাণ বাজি

News Desk: কলকাতা হাইকোর্ট স্পষ্টভাবে জানিয়ে দিয়েছে গত বছরের মতো এবারও দীপাবলিতে বাজি বিক্রি ও বাজি পোড়ানো সম্পূর্ণভাবে বন্ধ থাকবে। তারপরই সক্রিয় হাওড়া গ্রামীণ জেলা পুলিশ।

সূত্র মারফত খবর পেয়ে শনিবার পাঁচলা থানার জয়নগর বাজারে একটি দোকানে হানা দেয় হাওড়া গ্রামীণ জেলা পুলিশের এনফোর্সমেন্ট শাখার আধিকারিকরা। পুলিশ সূত্রে জানা গেছে, অভিযান চালিয়ে সেখান থেকে প্রায় ৩০ কেজি বাজি উদ্ধার করা হয়েছে। শব্দবাজির পাশাপাশি আতসবাজিও রয়েছে বলে জানা গেছে। পুলিশ বাজিগুলিকে বাজেয়াপ্ত করার পাশাপাশি একটি মামলা রুজু করেছে। হাওড়া গ্রামীণ জেলা পুলিশের এক উচ্চপদস্থ আধিকারিক জানান, এই অভিযান জারি থাকবে।

কালীপুজ এবং দীপাবলিতে বাজির উপর নিষেধাজ্ঞা জারি করেছে কলকাতা হাইকোর্ট। প্রথমে গ্রীন বাজি বললেও পরে পরিবর্তন হয় নির্দেশিকা যেকোনও ধরনের বাজি পোড়ানোর উপরেই নিষেধাজ্ঞা জারি করে আদালত।

আদালতের জানিয়েছে, “বেঁচে থাকার অধিকার মৌলিক অধিকার। বৃহত্তর স্বার্থের কথা ভেবে ক্ষুদ্র স্বার্থ উপেক্ষা করতে হয়। পরিবেশ বান্ধব বাজি চিহ্নিত করার কোনও উপায় নেই পুলিসের।পুলিসের পক্ষে বাজি চিহ্নিত করা অসম্ভব। করোনা প্রতিদিন বাড়ছে। যাঁদের শ্বাসযন্ত্রের সমস্যা রয়েছে, তাঁদের আরও বেশি সমস্যা হতে পারে।” পাশাপাশি আদালতের নির্দেশ কোথাও কোনও বাজি বিক্রি করা যাবে না। বাজির বিজ্ঞাপনও দেওয়া যাবে না। শুধুমাত্র প্রদীপ ও মোমবাতি ব্যবহার করা যাবে। এই নজরদারি চালাবে রাজ্য।

কালীপুজয় বাজি ফাটানোর নিয়ম আগেই বেঁধে দিয়েছিল রাজ্য দূষণ নিয়ন্ত্রণ পর্ষদ। পর্ষদের তরফে জানান হয়, পরিবেশবান্ধব বাজি ফাটাতে হবে। বলা হয়েছিল কালীপুজো , দীপাবলিতে মাত্র দু’ঘণ্টা বাজি ফাটানো যাবে। কেবলমাত্র রাত ৮টা থেকে ১০টা পর্যন্ত বাজি ফাটানো যাবে। ছট পুজোর দিন সকালে ২ ঘণ্টা বাজি পোড়ানো যাবে।

অন্যদিকে, ময়দানে নয় রাজ্য সরকারের সহযোগিতায় এবার বাজির বাজার বসবে উত্তর কলকাতা সিঁথির সার্কাস ময়দানে। শনিবারই নবান্নে মুখ্যসচিব ও স্বরাষ্ট্র সচিবের সঙ্গে বৈঠক করেন সারা বাংলা আতশবাজি উন্নয়ন সমিতির চেয়ারম্যান বাবলা রায়। তাঁর দাবি, বাজার বসানোর জন্য দমকলের ছাড়পত্র ও সরকারে অনুমতি মিলেছে।

Delhi violence: তদন্তে ইচ্ছাকৃত দেরির অভিযোগে পুলিশকেই জরিমানার নির্দেশ আদালতের

Delhi violence

নিউজ ডেস্ক: নাগরিকত্ব সংশোধনী আইনকে কেন্দ্র করে ২০২০-র শুরুতে উত্তর-পূর্ব দিল্লিতে দাঙ্গা (Delhi violence) ছড়িয়ে ছিল। সেই দাঙ্গার ঘটনায় একটি মামলার তদন্ত ইচ্ছাকৃত দেরির কারণে এক পুলিশ অফিসারকে ২৫ হাজার টাকা জরিমানার নির্দেশ দিলেন দিল্লির চিফ মেট্রোপলিটন ম্যাজিস্ট্রেট অরুণ কুমার গর্গ।

সোমবার মামলার শুনানি চলাকালীন বিচারক বলেন, তদন্তে দেরি করার কারণে অভিযুক্তরা অকারণ হেনস্তার শিকার হয়েছেন। যে কারণে এখনও দু’জনকে জেল হেফাজতের থাকতে হচ্ছে। একজন পুলিশ অফিসার ইচ্ছাকৃতভাবে তদন্তের কাজে গাফিলতি করবেন এটা মেনে নেওয়া যায় না। তাই সংশ্লিষ্ট পুলিশ অফিসারকে ২৫ হাজার টাকা জরিমানা করা হল। শুধু তাই নয়, বিচারক পুলিশ অফিসারের বেতন থেকে জরিমানার টাকা আদায় করার নির্দেশও দিয়েছেন।

এদিনের শুনানিতে দিল্লির দাঙ্গা মামলার তদন্ত যাতে দ্রুত শেষ করা যায় সেজন্য পুলিশ কমিশনারকে নির্দেশ দিয়েছেন বিচারক। যত শীঘ্র সম্ভব তদন্ত শেষ করার জন্য কি ব্যবস্থা নেওয়া হয়েছে সে বিষয়েও পুলিশ কমিশনারকে সাত দিনের মধ্যে আদালতের কাছে রিপোর্ট দিতে বলেছেন বিচারক।

উল্লেখ্য, দিল্লি দাঙ্গা মামলায় আকিল আহমেদ নামে এক ব্যক্তির বিরুদ্ধে অভিযোগ দায়ের করা হয়েছিল। পরবর্তী ক্ষেত্রে আকিলের বিরুদ্ধে আনা অভিযোগ আলাদা করার নির্দেশ দিয়েছিল দায়রা আদালত। ম্যাজিস্ট্রেট কোর্টে শুনানির সময় স্পেশাল পাবলিক প্রসিকিউটর বলেন, আকিলের মামলা ইতিমধ্যে আলাদা করা হয়েছে। কিন্তু তদন্তকারী অফিসার জানান, তিনি আকিল সম্পর্কে আলাদা করে কোনও তদন্তই করেননি।

পাবলিক প্রসিকিউটর ও তদন্তকারী পুলিশ অফিসারের বক্তব্য আলাদা হওয়ায় বিচারক গর্গ দু’জনকেই তীব্র ভর্ৎসনা করেন। বিচারক বলেন, দেখে শুনে মনে হচ্ছে তদন্তকারী অফিসার জানেন না কীভাবে এই মামলায় এগুতে হবে। সেকারণেই তাঁরা আদালতের কাছে আরও সময় চাইছেন। তবে তদন্তের প্রয়োজনে সময় চাইছেন তা নয়। বরং তাঁরা তদন্ত বানচাল করার জন্যই অতিরিক্ত সময় চাইছেন। তাই এটা মেনে নেওয়া যায় না।

উল্লেখ্য, এর আগে সেপ্টেম্বর মাসে দিল্লির কারকারডুমা আদালতের বিচারক বিনোদ যাদব বলেছিলেন, দিল্লির দাঙ্গার তদন্তকে প্রহসনে পরিণত করেছে পুলিশ। পুলিশের সাক্ষীরা শপথ নিয়ে একের পর এক অসত্য কথা বলে চলেছেন। সোমবার বিনোদ যাদব এর সুরে সুর মিলিয়ে একই কথা বললেন চিফ মেট্রোপলিটন ম্যাজিস্ট্রেট অরুণকুমার গর্গ।

অসমেও বড়সড় হামলা চালাতে পারে আইএসআই, জারি হল সতর্কবার্তা

ISI terror attacks in Assam

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: কাশ্মীরে জঙ্গিদের সক্রিয়তা গত এক মাসে অনেকটাই বেড়েছে। গোয়েন্দা বাহিনী তাদের রিপোর্টে জানাল, শুধু কাশ্মীর নয়, অসমেও বড়সড় হামলা চালানোর পরিকল্পনা করছে পাক গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই। গোটা দেশেই বড় ধরনের নাশকতা চালানোর ষড়যন্ত্র করছে আইএসআই। গোয়েন্দা বাহিনীর এই সতর্কবার্তা পাওয়ার পরই অসমে জারি হয়েছে সতর্কতা।

সোমবার অসম পুলিশের প্রধান এই সতর্কবার্তা জারি করেন। রাজ্য পুলিশের ডিজি বলেছেন, সেনাবাহিনী এবং রাষ্ট্রীয় স্বয়ংসেবক সংঘের কর্মীরাই হামলাকারীদের মূল নিশানা। একসঙ্গে বহু মানুষের প্রাণ নিতে কোনও ধর্মীয় স্থান বা বড় জনসমাবেশে হামলা চালাতে পারে আইএসআই। অসমের সেনাঘাঁটিগুলিও রয়েছে আইএসআইয়ের নিশানায়। জনবহুল জায়গায় তারা আত্মঘাতী বিস্ফোরণ ঘটানোর পরিকল্পনা করছে। শুধু গোয়েন্দাদের সতর্কবার্তাই নয়, এ বিষয়ে আল-কায়দার একটি ভিডিয়ো বার্তার কথাও উল্লেখ করেছেন ডিজি।

আল-কায়দার সেই ভিডিও বার্তায় কাশ্মীরের মত অসমেও জেহাদের ডাক দেওয়া হয়েছে। ঘটনার জেরে যে কোনও ধরনের হামলা রুখতে সব ধরনের ব্যবস্থা নেওয়ার জন্য নির্দেশ দেওয়া হয়েছে রাজ্যের প্রতিটি থানাকে। প্রতিটি জেলার পুলিশ সুপারকেও সতর্ক করে দিয়েছেন ডিজি।

গোয়েন্দা বাহিনী জানিয়েছে, সম্প্রতি পাক অধিকৃত কাশ্মীরের মুজাফফরাবাদে লস্কর-ই-তৈবার সদস্যরা একটি বৈঠকে বসেছিল। ২১ সেপ্টেম্বর জঙ্গি সংগঠনের ওই বৈঠকে হাজির ছিল পাক গুপ্তচর সংস্থা আইএসআইয়ের একাধিক পদস্থকর্তা। ওই গুরুত্বপূর্ণ বৈঠকেই ভারতে কিভাবে নাশকতা চালানো যেতে পারে তার নীল নকশা তৈরি হয়। ওই বৈঠকেই কাশ্মীর-সহ সীমান্তবর্তী অসম, অরুণাচল প্রদেশে বড় ধরনের সন্ত্রাসবাদী হামলা চালানোর সিদ্ধান্ত হয়েছে। জঙ্গিদের নিশানায় রয়েছে রাজধানী দিল্লি ও বাণিজ্যিক রাজধানী মুম্বই।

সাম্প্রতিককালে কাশ্মীরের নিরাপত্তাব্যবস্থা বহুগুণ বৃদ্ধি করা হয়েছে। সেখানে জঙ্গি সংগঠনগুলি তেমন একটা সুবিধা করতে পারছে না। সে কারণেই তারা কাশ্মীর ছাড়া অন্য রাজ্যগুলিকেও নিশানা করতে চাইছে।

New Delhi: বড়সড় নাশকতার ছক ভেস্তে দিল পুলিশ, গ্রেফতার দুই পাক জঙ্গি

suspected terrorists being taken to the Anti-Terror Cell

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: গোয়েন্দারা আগেই সতর্ক বার্তা দিয়েছিলেন যে, উৎসবের সময় দিল্লিতে জঙ্গি হামলা হতে পারে। গোয়েন্দাদের সতর্কবার্তায় সতর্ক ছিল দিল্লি পুলিশ। গোপন সূত্রে খবর পেয়ে সোমবার রাতে দিল্লি পুলিশের বিশেষ সেল রাজধানীজুড়ে তল্লাশি অভিযান শুরু করে। এই তল্লাশি অভিযানে সোমবার রাতে দিল্লির রমেশ পার্ক ও লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে দুই সন্দেহভাজন পাক জঙ্গিকে গ্রেফতার করেছে পুলিশ। ধৃতদের কাছ থেকে বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র উদ্ধার হয়েছে।

পুলিশ জানিয়েছে রমেশ পার্ক এলাকা থেকে ধৃত মহম্মদ আশরাফের জন্ম পাকিস্তানে। ভুয়ো পরিচয় পত্র নিয়ে সে দিল্লিতে বাস করছিল। লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে ওমরউদ্দিন নামে আরও একজনকে ধরা হয়েছে। ওমরের কাছ থেকেও পাকিস্তানের পরিচয় পত্র মিলেছে। ধৃতদের কাছ থেকে একে-৪৭ অ্যাসল্ট রাইফেল, হ্যান্ড গ্রেনেড, পিস্তল ও ৬০ রাউন্ড গুলি মিলেছে।

পুলিশ জানিয়েছে, মহম্মদ আশরাফ আদতে পাকিস্তানের পাঞ্জাব প্রদেশের বাসিন্দা। সে কবে ভারতে ঢুকেছিল তা জানার চেষ্টা চলছে। আশরফ আইএসআইয়ের মত পাক গুপ্তচর সংস্থার কাছে অস্ত্র প্রশিক্ষণ নিয়েছে। জানা গিয়েছে, শুধু তাই নয় আশরফের বিস্ফোরক তৈরির প্রশিক্ষণও আছে। পুলিশের অনুমান, রাজধানী ও সংলগ্ন এলাকায় বিস্ফোরণ ঘটানোর জন্য আশরফকে ভারতে পাঠানো হয়েছিল। ধৃত দুই জঙ্গি কোথা থেকে এই বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র সংগ্রহ করল তা জানার চেষ্টা চলছে।

সম্প্রতি আফগানিস্তান তালিবানের দখলে যাওয়ার পর ভারতে জঙ্গি হামলার প্রবণতা বেশ কিছুটা বেড়েছে। বিশেষত কাশ্মীরে। এরই মধ্যে পাক মদতপুষ্ট জঙ্গিরা ভারতের যেকোনও জায়গাতেই নাশকতা চালাতে পারে বলে গোয়েন্দা রিপোর্টে জানানো হয়েছিল। কার্যত গোয়েন্দাদের সেই সতর্কবার্তাই মিলে গেল সোমবার রাতের ঘটনায়। গোয়েন্দা সতর্কবার্তার কারণে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক নিরাপত্তাবাহিনীকে গোটা দেশজুড়ে আরও সতর্ক থাকার পরামর্শ দিয়েছে।

West Bengal: কোটি টাকা তছরুপ করে ধৃত রাজ্য সরকারি কর্মী

bankura police

নিউজ ডেস্ক, বাঁকুড়া: বিশাল অঙ্কের অর্থ তছরুপের অভিযোগে বাঁকুড়া ফাস্ট ট্র্যাক কোর্টের পেশকার প্রীতম ভকত ও তার বন্ধু অভীক মিত্রকে গ্রেফতার করল পুলিশ। দুই অভিযুক্তকে বুধবার আদালতে তোলা হলে বিচারক তাদের পাঁচ দিনের পুলিশি হেফাজতের নির্দেশ দেন।

গত ২০১৯ সালের ২ এপ্রিল থেকে ২৩ অক্টোবর এবং ২০২০ সালের মধ্যে ২ কোটি ৩৩ লক্ষ ১৯ হাজার ৮৬২ টাকা তছরুপের অভিযোগ ওঠে বাঁকুড়া সিজেএম কোর্টের তদানীন্তন হিসাবরক্ষক প্রীতম ভকতের বিরুদ্ধে। বর্তমানে তিনি বাঁকুড়া আদালতের ফাস্ট ট্র্যাক কোর্টের পেশকার পদে কর্মরত আছেন।

বর্তমান সিজেএম ময়ুখ মুখার্জী এই বিষয়ে বাঁকুড়া সদর থানায় অভিযোগ দায়ের করলে অভিযুক্ত প্রীতম ভকত ও অভীক মিত্রকে গ্রেফতার করে। অভিযুক্ত প্রীতম ভকতের আইনজীবী সায়ন্তন চৌধুরী বলেন, ২ কোটি টাকারও বেশি সরকারী অর্থ তছরুপের দায়ে তাঁর মক্কেল গ্রেফতার হয়েছেন। ঘটনার তদন্ত পুলিশ করছে।

নারীশক্তি: মা মজুর খেটে পিতৃহারা পাঁচ ছেলেমেয়েকেই পুলিশের উর্দি পরালেন

Four real sisters sunita ranjeeta anjali kunti

নিউজ ডেস্ক: উত্তর প্রদেশের মথুরা সীমান্তে আছনেরা জেলার আগ্রার ছোট্ট গ্রাম রায়পুরা আহির। এই গ্রামের বীরেন্দ্র সিংয়ের পরিবারের সব থেকে বড় লড়াই ছিল প্রতিকূলতার মধ্যেও বেঁচে থাকা৷  কঠোর পরিশ্রমের মধ্যে শিক্ষা লাভ এবং সাফল্য পাওয়ার বড় উদাহরণ হয়ে দাঁড়াল এই পরিবার৷ শৈশবে বাবাকে হারানো পাঁচজন প্রকৃত ভাই-বোন উত্তরপ্রদেশ পুলিশের কনস্টেবল হল৷ তারমধ্যে চারজনই মেয়ে৷

ইউপির কয়েকটি পরিবারের মধ্যে এমন একটি পরিবার, যাদের শিশুরা চরম দারিদ্র্য দেখেছে৷ তারপরেও দিনরাত কঠোর পরিশ্রম করেছে। দেখেছে সাফল্যের মুখ৷ একে অপরকে অনুসরণ করে চার বোন এবং এক ভাই ইউপি পুলিশে যোগ দিয়েছেন। এই বোনদের মধ্যে একজন এখন অবশ্য পুলিশ কনস্টেবল পদ থেকে পদত্যাগ করেছেন৷ পুলিশের চাকরি ছেড়ে শিক্ষকতা করছেন৷

ইউপি পুলিশ কনস্টেবল ভাইবোনদের বড় বোন সুনীতা সংবাদমাধ্যমের সঙ্গে কথপোকথনে জানিয়েছেন, তাঁর পরিবারের কঠিন সংগ্রাম এবং তাঁর ভাই-বোনদের সাফল্যের পুরো গল্প বর্ণনা৷ যা অনেকের জন্য অনুপ্রেরণাদায়ক৷ যাদের ছোটবেলাতেই পিতৃহারা হতে হয়েছে এবং কঠোর পরিশ্রম করার পরিবর্তে, তারা ভাগ্যকে অভিশাপ দিতে থাকে।

সুনীতা কনস্টেবল, পুলিশ লাইন বেরেলি
এই পুলিশ কনস্টেবল ভাইবোনদের মধ্যে বড়৷ সুনিতা ২০১৬ সালে ইউপি কনস্টেবল নিয়োগ পরীক্ষায় উত্তীর্ণ হয়েছিল। বিবিএ পর্যন্ত শিক্ষা গ্রহণ করা সুনীতা অতীতে বেরেলি জেলার কিলা থানায় কর্মরত৷ এখনও বরেলি পুলিশ লাইন্সে কর্মরত।

রঞ্জিতা: প্রথমে কনস্টেবল, এখন শিক্ষক
দ্বিতীয় বোন রঞ্জিতা৷ বিএড এবং বিএসসি ডিগ্রি পেয়েছেন৷ তাঁর দুই ছোট বোন কুন্তি এবং অঞ্জলির সঙ্গে ২০১৯ সালের ইউপি পুলিশ কনস্টেবল নিয়োগ পরীক্ষায় পাস করেন। রঞ্জিতা ইউপির মালওয়া থানায় পোস্টিং পেয়েছিলেন। পুলিশ কনস্টেবল হওয়ার পরও তিনি প্রতিযোগিতামূলক পরীক্ষার প্রস্তুতি অব্যাহত রাখেন। সম্প্রতি তিনি শিক্ষক নিয়োগে নির্বাচিত হন এবং পুলিশ কনস্টেবল থেকে পদত্যাগ করেন। বর্তমানে শিক্ষক প্রশিক্ষণ নিচ্ছেন।

অঞ্জলি এবং কুন্তী কনস্টেবল, হুসাইনগঞ্জ
তৃতীয় ও চতুর্থ বোন অঞ্জলি এবং কুন্তীও৷ তাঁরাও বড় বোনের পদাঙ্ক অনুসরণ করে ২০১৯ সালের ইউপি পুলিশ কনস্টেবল নিয়োগ পরীক্ষা পাস করেছে। অঞ্জলি ইন্টার এবং কুন্তী বিএ প্রথম বর্ষ পর্যন্ত পড়াশোনা করেছেন৷ এই দুই বোনই বর্তমানে ফতেহপুর জেলার হুসাইনগঞ্জ থানায় কর্মরত। এটি তাঁদের প্রথম পোস্টিং।

ধীরাজ পিএসি’তে প্রশিক্ষণরত
চার বোন ছাড়াও সম্প্রতি তাঁদের ভাই ধীরাজও সফল হয়েছে। তিনি পিএসি’তে কনস্টেবল পদে নির্বাচিত হয়েছেন। বর্তমানে তিনি পিএসিতে প্রশিক্ষণ নিচ্ছেন। ধীরজ বিএ দ্বিতীয় বর্ষে পড়াশোনার সময়ই এই সাফল্য পেয়েছেন৷

বড় বোন সুনীতা জানান, ২০০২ সালে একটি সড়ক দুর্ঘটনায় তাঁদের বাবা মারা যান৷ তাঁর মৃত্যুর খবরও এক সপ্তাহ পরে তাঁদের পরিবার পেয়েছিল। দুর্ঘটনার পরিচয় না পাওয়ার পর পুলিশ তাঁদের বাবার মৃতদেহ দাহ করেছিল। এরপর সংবাদপত্রে প্রকাশিত সংবাদের ভিত্তিতে পরিবার তাকে পোশাকের মাধ্যমে চিহ্নিত করে৷।

স্বামীর মৃত্যুর পর মা মছলা দেবী সাত সন্তানের দেখাশোনা করেন। স্বামীর মৃত্যুর সময় ছোট মেয়ে অঞ্জলির বয়স ছিল মাত্র ১০ মাস। সুনীতার বয়স ছিল আট বছর, রঞ্জিতা ছয় বছর, কুন্তী দুই বছর, ধীরজ চার বছর, দ্বিতীয় ভাই সুধীর কুমারের বয়স ছিল ১৪ বছর। বড় বোন শশীর বিয়ে দিয়েছিলেন তাঁদের বাবা৷

সুনীতা জানান, তাঁদের কিছু জমি আছে। এছাড়াও তাঁর বাবার মৃত্যুর পর তারা মহিষ পালন শুরু করেন। গবাদি পশু এবং কৃষিকাজের মাধ্যমে মাছলা দেবী সব ছেলেমেয়ে পড়াশোনা করিয়েছেন৷ প্রত্যেকই সফল করেছেন৷ সুনীতা এবং তাঁর বোনরা তাঁদের মাকে সবচেয়ে বড় শক্তি বলে মনে করেন৷

কাশ্মীর: ভোর থেকে ভূস্বর্গে সেনা-জঙ্গি গুলির লড়াই

encounter in sopore

নিউজ ডেস্ক: আফগানিস্তানে তালিবানরাজ কায়েম হতেই ভারতের জম্মু-কাশ্মীরে পাক-মদতপুষ্ট জঙ্গিরা বেশ সক্রিয় হয়ে উঠেছে৷ মঙ্গলবার ভোরে জম্মু ও কাশ্মীরের সৌপোরে ভারতীয় নিরাপত্তা বাহিনী এবং জঙ্গিদের মধ্যে এনকাউন্টার শুরু হয়েছে৷ এ গুলির লড়াইয়ে এক জঙ্গি খতম হয়েছে৷

একই সঙ্গে দুই থেকে তিনজন জঙ্গিকে ঘিরে রেখেছে ভারতীয় সেনা জওয়ানরা৷ জম্মু ও কাশ্মীর পুলিশ জানিয়েছে, নিরাপত্তা বাহিনী জঙ্গিদের ঘেরাও করেছে৷ তবে আপাতত জঙ্গিদের দিক থেকে গুলি বন্ধ হয়েছে। নিরাপত্তা বাহিনী তল্লাশি অভিযান চালাচ্ছে।

প্রসঙ্গত, সোমবার এসওজি’র ১০ জন কমান্ডো ছদ্মবেশে ক্রিকেট মাঠ ঘিরে ফেলে এবং দ্য রেজিস্ট্যান্স ফ্রন্ট (টিআরএফ) নেতা আব্বাস শেখ এবং উপপ্রধান সাকিব মঞ্জুরকে এনকাউন্টারে হত্যা করে। দু’জনেই দীর্ঘদিন ধরে পুলিশের রাডারে ছিলেন। নিহত জঙ্গিদের কাছ থেকে প্রচুর অস্ত্রও উদ্ধার করা হয়েছে। দুজনেই বেশ কয়েকজন সাধারণ নাগরিক হত্যায় জড়িত ছিল। তারা স্থানীয় যুবকদের নিয়োগের ক্ষেত্রেও ভূমিকা পালন করছিল। পুলিশের মতে, এটি তাদের একটি বড় সাফল্য।

আইজিপি বিজয় কুমার বলেছিলেন, দুই জঙ্গির সম্পর্কে সুনির্দিস্ট ইনপুট পেয়ে শ্রীনগর পুলিশের ১০ জন কর্মী সাদা পোশাকে গিয়েছিলেন। সেখানে তারা এলাকাটি ঘিরে ফেলে এবং তাদের চ্যালেঞ্জ জানায়। সতর্কবার্তা দেওয়ার পর সেখান থেকে গুলি চালানো হয়৷ যার জবাব দেওয়া হয়।

আব্বাস সন্ত্রাস ছড়িয়েছিলেন এবং নতুন যুবকদের জঙ্গিবাদে যোগ দিতে উদ্বুদ্ধ করতেন৷ যার কারণে শিশুদের বাবা -মা খুবই বিরক্ত হয়েছিলেন। তিনি অভিভাবকদের কাছে আবেদন করেন যেন তাদের সন্তানরা এই পথে না যায়। যারা চলে গিয়েছে তাদের ফিরিয়ে আনার চেষ্টা করুন, আমরা তাদের স্বাগত জানাব।

বিজয় কুমার জানান, আব্বাস শেখের নির্দেশেই সাকিব মঞ্জুর শ্রীনগরে অনেক হত্যাকাণ্ড ঘটিয়েছিলেন। আরও চারজন জঙ্গি রয়েছে, যারা শীঘ্রই খতম হবে। কয়েক মাস আগে সাকিবের একটি ভিডিও ভাইরাল হয়েছিল৷ যাতে তাকে ফিরানে AK 47 বের করতে এবং দুই পুলিশ সদস্যকে আক্রমণ করতে দেখা যায়। এই হামলায় দুই পুলিশ সদস্যই শহীদ হন।

করোনাবিধি অমান্য করে রমরমিয়ে চলছে হুক্কা বার, পুলিশের জালে একাধিক

hookah bar

নিউজ ডেস্ক: করোনাবিধির তোয়াক্কা না করে ভবানীপুরের ১৩ নম্বর এলগিন রোড ও ৫ নম্বর এডসন রোডে দুইটি হুক্কা বার চলছিল রমরমিয়ে। সেই দুটি হুক্কা বার থেকে ভবানীপুর থানার পুলিশ গ্রেফতার করল ১০ জনকে।একটা হুক্কা বার থেকে তিনজন এবং আরেকটি হুক্কা বার থেকে সাত জনকে ভবানীপুর থানার পুলিশ গ্রেপ্তার করে ।

পুলিশ সূত্রে জানা যাচ্ছে স্থানীয় সূত্রের মাধ্যমে তাদের কাছে খবর আসে করণাভিরুস করে বেশ কিছুদিন ধরেই এই হুক্কা বার চলছে খদ্দেরদের যাতায়াত জোরকদমে চলছে এই হুক্কা বার গুলিতে মধ্যরাতে প্রায় জলসার আয়োজন হচ্ছিল এখানে। সেই সূত্র ধরেই হঠাৎ মধ্যরাতে এই দুটি হুক্কা বারে হানা দেয় পুলিশ।

দেশে কোভিডের আতঙ্ক এখনও কমেনি।রাত ৯টা থেকে ভোর ৫টা পর্যন্ত বহাল থাকছে নাইট কার্ফু। কেবল জরুরি পরিষেবায় ছাড়। এরই মধ্যে হুক্কা বাড়িতে কোন লাগাম নেই। সরকারি নিয়ম গুলি কে বুড়ো আঙুল দেখিয়ে দেদার চলছে এই হুক্বাবর গুলি।

চলতি মাসেই শিলিগুড়িতে কোভিড বিধি অমান্য করে পার্টির আয়োজন করায় বার-কাম-রেস্তোরাঁয় হানা দিয়েছিল পুলিশ ।এক কর্মী-সহ ১০ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছিল। বিপর্যয় মোকাবিলা আইনে বার-কাম-রেস্তোরাঁর মালিক সহ প্রত্যেকের বিরুদ্ধে বিরুদ্ধে স্বতঃপ্রণোদিত হয়ে অভিযোগ দায়ের করেছিল পুলিস। তবে ইতিমধ্যেই শহরে ব্যাঙের ছাতার মত গজিয়ে ওঠা এই হুক্কা বার গুলির বিষয়ে সরকারের ভূমিকা নিয়ে প্রশ্ন তুলছেন আমজনতা।

শহর কলকাতায় ভুয়ো পুলিশ গ্রেফতার করল লালবাজারের গোয়েন্দারা

fraud police

নিউজ ডেস্ক: লালবাজার গোয়েন্দাদের ফাঁদে ভুয়া পুলিশ ।পুলিশ সেজে প্রতারণার অভিযোগ ধৃত সুমন ভৌমিকের বিরুদ্ধে। সাব ইন্সপেক্টর পরিচয় দিয়ে হরিদেবপুরের রাজদেও সিং নামের এক ব্যক্তির থেকে 48 লক্ষ টাকা প্রতারণা করার অভিযোগ রয়েছে এই অভিযুক্ত বিরুদ্ধে । এই অভিযুক্ত প্রাক্তন সিভিক ভলেন্টিয়ার ছিল বলে জানা যাচ্ছে। এর আগে একটি প্রতারণার মামলায় তার নাম জড়ায় এবং তার সেই চাকরি চলে যায় বলে জানা যাচ্ছে। তারপরে সে ভুয়ো সাব-ইন্সপেক্টর পরিচয় দিয়ে আবারও প্রতারণা জাল বিস্তার করে।

প্রতারণার শিকার হওয়া হরিদেব পুরের রাজ দেও সিং নামের ব্যক্তি দ্বারস্থ হয় লালবাজারে। চারু মার্কেট থানাতেও একটি অভিযোগ দায়ের করেন। লাল বাজার তদন্তে নেমে সুমন ভৌমিক নামের ভুয়ো পুলিশ পরিচয় ব্যক্তি কে গ্রেফতার করে।