दिल्ली में मकान का सपना होगा पूरा, रेलवे बेच रही है जमीन, लेना चाहेंगे?

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में हर कोई अपना मकान बनाना या खरीदना चाहते हैं। लेकिन यहां अब रेसिडेंसयल न्यू प्रोजेक्ट आ ही नहीं रहे हैं। इसकी वजह यह है कि दिल्ली में खाली जमीन बहुत कम बची है। लेकिन आप चाहें तो दिल्ली के पंजाबी बाग में आपके मकान का सपना पूरा हो सकता है। इस इलाके में 46 हजार वर्गमीटर से भी ज्यादा जमीन रेलवे 99 साल की लीज पर बेचने वाली है। इस जमीन का उपयोग रेसिडेंसियल उद्देश्य के लिए होगा।

हम जिस जमीन की बात कर रहे हैं, उसका मालिकाना हक रेलवे का है। यह जमीन उत्तर रेलवे में दिल्ली डिवीजन के पंजाबी बाग (पश्चिम) में शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन के पास है। इस जमीन का अनुमानित क्षेत्रफल 46,313.39 वर्गमीटर (4.63 हैक्टेयर) है। इसी जमीन के लिए रेल मंत्रालय के संगठन रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बोली मंगाई है। इस जमीन को फिलहाल 99 साल के लीज पर दिया जाएगा।

 रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी से मिली जानकारी के अनुसार इस जमीन का रिजर्व प्राइस 1,100 करोड़ रुपये रखा गया है। मतलब कि जमीन लेने वालों को कम से कम इतनी की तो बोली लगानी ही होगी। इसके ऊपर तो बोली लगाने वालों पर निर्भर करेगा कि कितना दाम लगाया जाता है। इस जमीन पर अधिकतम स्वीकार्य फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) 200 है।

रेलवे की इस जमीन को लेने के इच्छुक व्यक्ति या फर्म को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बिडिंग करनी होगी। रेलवे ने ई-बिड करने की अंतिम तिथि 22.11.2024 तय की है। उस दिन दोपहर बाद 15:00 तक बोली लगाई जा सकेगी।

रेलवे की यह महीन एनएच 9 यानी रोहतक रोड से लगती है। इस जमीन के दक्षिण में ओल्ड रोहतक रोड है। जमीन के उत्तर में शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन है। इसके पूर्व में रेलवे की ही खाली जमीन है। जमीन की पश्चिम दिशा में भी रेलवे की ही खाली जमीन है जो पार्किंग क्षेत्र से घिरा हुआ है।

यह साइट ओल्ड रोहतक रोड से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इस प्रमुख राजमार्ग के साथ जमीन का शानदार फ्रंट मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यह जमीन दिल्ली के रिंग रोड या महात्मा गांधी रोड के बिल्कुल पास है। इस साइट के आसपास कई मेट्रो स्टेशन हैं। जैसे मादीपुर मेट्रो स्टेशन से जमीन की दूरी महज 350 मीटर है तो शिवाजी पार्क मेट्रो स्टेशन से साइट की दूरी 800 मीटर है।

দীর্ঘ ৮৭ বছর পর ফের কোশী- কমলাপুরের মধ্যে রেল যোগাযোগ চালু হতে চলেছে

indian railway

নিউজ ডেস্ক: ৮৭ বছর আগে ১৯৩৪ সালের ১৫ জানুয়ারি এক ভয়াবহ ভূমিকম্পে (Earth Quake) কেঁপে উঠেছিল উত্তর বিহার (North Bihar)। ওই কম্পনের ঢেউ পৌঁছে গিয়েছিল দক্ষিণ নেপালেও (South Nepal)। ওই ভূমিকম্প ভারত ও নেপালে প্রায় ১০ হাজার মানুষ প্রাণ হারিয়েছিলেন।

কোশী ও কমলার মধ্যে রেল যোগাযোগ (Rail Communication ) পুরোপুরি ধ্বংস হয়ে গিয়েছিল। ৮৭ বছর আগে সেই ধ্বংস হয়ে যাওয়া রেললাইন ফের চালু হতে চলেছে। সবকিছু ঠিকঠাক থাকলে আগামী বছরই কোশী ও কমলার মধ্যে রেল যোগাযোগ চালু হয়ে যাবে।

সেদিনের সেই ভূমিকম্পের সাক্ষী আজ হয়তো আর কেউ নেই। থাকলেও হাতেগোনা হয়তো দু’ একজন আছেন। তবে এই রেলপথ চালু হওয়ার খবর পেয়ে নতুন প্রজন্মের মানুষও যথেষ্টই খুশি। শুক্রবার আসানপুর কুফা ও নির্মালির মধ্যে ট্রেন চলাচলের মহড়া হয়ে গিয়েছে। ইতিমধ্যেই ব্রডগেজ রেললাইন পাতার কাজ প্রায় শেষের পথে। বেশ কিছুদিন ধরেই রেলের পদস্থ আধিকারিকরা এই রেলপথ চালু করার ব্যাপারে সব ধরনের উদ্যোগ নিয়েছেন।

সমস্তিপুরের ডিভিশনাল রেলওয়ে ম্যানেজার অলোক আগরওয়াল জানিয়েছেন, তাঁদের পরীক্ষামূলক রেল চলাচল সফল হয়েছে। তাঁরা আশা করছেন, সবকিছু ঠিকঠাক থাকলে দীর্ঘ ৮৭ বছর পর কোশী ও কমলার মধ্য রেল চলাচল শুরু হবে। রেলের একাধিক পদস্থ আধিকারিক ইতিমধ্যেই এই রেল চলাচলের মহড়ায় উপস্থিত ছিলেন।

উল্লেখ্য, ২০০৩ সালের ৬ জুন তৎকালীন প্রধানমন্ত্রী অটল বিহারী বাজপেয়ী কোশি নদীর উপর একটি সেতুর শিলান্যাস করেছিলেন। গত বছর সেই সেতুর উদ্বোধন করেছেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী সবকিছু ঠিকঠাক থাকলে ২০২২ সালেই কোশি ও কমলার মধ্যে রেল চলাচল শুরু হবে। জানা গিয়েছে ১৮৮৭ সালে ব্রিটিশ সরকার এই পথে রেল যোগাযোগ ব্যবস্থা গড়ে তুলেছিল।

এই রেলপথটি তখনও ছিল যথেষ্ট জনপ্রিয়। কিন্তু ১৯৩৪- এর ভয়াবহ ভূমিকম্প সবকিছু তছনছ করে দেয়। তারপর দীর্ঘদিন এই রেলপথের কথা ভুলেছিল সরকার। শেষ পর্যন্ত প্রধানমন্ত্রী থাকাকালীন অটল বিহারী বাজপেয়ী এই রেলপথ চালু একটা উদ্যোগ নিয়েছিলেন। দীর্ঘ ৮৭ বছর পর বাজপেয়ীর সেই স্বপ্ন বাস্তবায়িত হতে চলেছে।

UP: বারাণসী, হরিদ্বার সহ ৪৬ স্টেশনে লস্কর জঙ্গি নাশকতার হুমকি

commando in Urrar pradesh railway station

News Desk: প্রধানমন্ত্রী মোদীর সংসদীয় আসনের অন্তর্গত বারাণসী সহ উত্তর প্রদেশের ৪৬টি স্টেশনে নাশকতার হুমকি দিল জঙ্গি সংগঠন লস্কর ই তৈবা। হুমকির পরেই পুরো রাজ্য জুড়ে জারি হয়েছে সতর্কতা।

যে সব স্টেশন জঙ্গিদের লক্ষ্যবস্তু বলে চিহ্নিত সেখানে চলছে বিশেষ সতর্কতা। দীপাবলি উৎসবের আগেই লস্কর জঙ্গিদের হুঁশিয়ারিতে চিন্তিত উত্তর প্রদেশ সরকার ও রেল মন্ত্রক।

জানা গিয়েছে, লস্কর জঙ্গিদের নিশানায় আছে রাজধানী লখনউ, বারাণসী, কানপুর, প্রয়াগরাজ (এলাহাবাদ), কানপুর, হরিদ্বার, মুরাদাবাদ, অযোধ্যা সহ উত্তর প্রদেশের ৪৬টি স্টেশন বা জংশন।

সতর্কতা হিসেবে জিআরপি, আরপিএফকে বিশেষ নজরদারি চালানোর নির্দেশ দিয়েছে রেল মন্ত্রক। সেই মতো বিভিন্ন স্টেশনে চলছে তল্লাশি ও নজরদারি।

গোয়েন্দা বিভাগের জারি করা সতর্কতা মেনে সিসিটিভি নজরদারিতে বিশেষ জোর দেওয়া হচ্ছে। এছাড়াও কমান্ডো বাহিনী প্রস্তুত। যে কোনওরকম হামলা পরিস্থিতি রুখতে জঙ্গি দমন বিভাগ (এটিএস) তৈরি। উত্তর প্রদেশ রাজ্য পুলিশকে বিশেষ নজরদারি চালানোর নির্দেশ দেওয়া হয়েছে।

উত্তর প্রদেশে জঙ্গি হামলা হতে পারে এমন সতর্কতা আগেই দিয়েছে গোয়েন্দা বিভাগ। উৎসবের ভিড় বা বড় জমায়েতে থাকছে কড়া নজর।