दरभंगा के शोभन में जल्द शुरू होगा एम्स का निर्माण

रांची :  दरभंगा में एम्स का निर्माण बहुत जल्द ही शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शोभन स्थित प्रस्तावित भूमि पर एम्स के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा शोभन-एकमी बाईपास के निकट प्रस्तावित भूमि का 18-19 मार्च 2024 को केंद्र सरकार की तकनीकी टीम ने सर्वेक्षण कर अपनी रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में इस जमीन को एम्स निर्माण के लिए उपयुक्त बताया गया है. इस बात की जानकारी जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य संजय झा ने सोशल मीडिया पर दी है।

संजय झा ने सोशल मीडिया पे इस मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी और मिथिलावासियों की ओर से आभार जताया है। साथ ही कहा है कि हमें विश्वास है कि दरभंगा में एम्स का निर्माण अब जल्द शुरू होगा।

शोभन में एम्स निर्माण को लेकर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार मंत्रालय ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को एक पत्र लीक कर जानकारी दी है। इस पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि शोभन बाइपास की जमीन एम्स के लिए उपयुक्त पायी गयी है। पत्र में मंत्रालय ने एम्स बनाने के लिए जमीन हस्तांतरण सहित वहां बिजली, सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

लोन के नाम पर रांची में फोन, नोएडा से नौ महिलाएं गिरफ्तार

नई दिल्ली : फर्जी बैंक लोन और बीमा पॉलिसी बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। नोएडा पुलिस ने बताया कि सेक्टर 51 में एक कमरे से गिरोह काम को अंजाम देता था। फर्जी कॉल सेंटर से दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉमर्स के छात्र और 10 अन्य लोगों जिनमें नौ महिलाएं हैं । पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। 

रैकेट के पीछे का मास्टर माइंड आशीष कुमार उर्फ ​​अमित का हाथ है। पुलिस को उसने बताया कि वह बीकॉम है और 2019 से कुछ वर्षों तक सह-आरोपी जितेंद्र कुमार वर्मा उर्फ ​​अभिषेक के साथ पब्लिक सेक्टर के बैंक के लिए जीवन बीमा पॉलिसी बेच रहा था।

डीसीपी (क्राइम) शक्ति अवस्थी ने मामले को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी ने मिलकर फर्जी कॉल सेंटर का जाल तैयार किया था। वे एनसीआर से बाहर रहने वाले लोगों को फर्जी बीमा और लोन का लालच देते थे। इन्होंने पिछले साल एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस से केवल 2,500 रुपये में करीब 10,000 लोगों की निजी जानकारी हासिल की। आरोपियो ने नौ महिलाओं की भर्ती की। उन्हें फर्जी पॉलिसी बेचने या लोन देने के लिए कॉल करने की ट्रेनिंग दी गई. ये महिलाएं कमीशन पर काम करती थीं।

पुलिस ने बताया कि जब कोई व्यक्ति पॉलिसी खरीदने या लोन लेने के लिए सहमत हो जाता था, तो इसके बाद वह भुगतान कर देता था। पैसा कर्नाटक के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में ट्रांसफर हो जाता था। यह खाता आशीष के नाम पर था। पुलिस ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है। एक ‘ब्लैक डायरी’ बरामद की गई है। फर्जी कॉल सेंटर से अन्य चीजों के अलावा 25 मोबाइल फोन, 81 डेटा शीट, एक रजिस्टर और दो फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए गए।

पुलिस ने कहा कि गिरोह के खिलाफ झारखंड के रांची में भी एक मामला मिला है। एक खुफिया सूचना के बाद सीआरटी और सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त अभियान चलाया गया और ये गिरफ्तारियां की गईं।

रांची स्टेशन पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में गिरी युवती

रांची : रांची रेलवे स्टेशन पर एक युवती चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान रेलगाड़ी और प्लेटफॉर्म के बीच में गिर गई। युवती धनबाद-अलप्पुझा एक्सप्रेस ट्रेन जब चल पड़ी थी, तब उसमें चढ़ने की कोशिश कर रही थी. कुछ दूर तक दौड़ लगाने के बाद ट्रेन पर चढ़ने के लिए छलांग लगाई, लेकिन वह चढ़ नहीं पाई। 1 मिनट 5 सेकेंड के वीडियो में देखें, इसके बाद क्या हुआ।

देखते ही देखते वह चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच में गिर गई। वहां मौजूद आरपीएफ के जवानों ने तुरंत गार्ड को इसकी सूचना दी। गार्ड ने ड्राइवर के साथ समन्वय बनाते हुए ट्रेन को स्टेशन पर ही रुकवा दिया। इसके बाद ट्रेन से नीचे गिरी युवती को उसमें से बाहर निकाला गया।

घटना शुक्रवार शाम में करीब 4 बजे रांची रेलवे स्टेशन पर हुई। जैसे ही युवती ट्रेन के नीचे गिरी ऑपरेशन सेवा के तहत आरपीएफ के कर्मचारी तत्काल उसकी मदद के लिए पहुंच गए। आरपीएफ के कर्मचारियों ने ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच रेलवे लाइन के किनारे गिरी युवती को किसी तरह खींचकर बाहर निकाला।

आरपीएफ के कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी. स्टेशन मास्टर की पहल पर रेलवे के डॉक्टरों ने युवती का प्राथमिक उपचार किया. डॉक्टरों ने कहा कि उसके पैरों में मामूली खरोंचें आईं हैं। किसी तरह की कोई गंभीर चोट नहीं है. चिंता की भी बात नहीं है. इस बीच युवती के पिता को इस घटना की सूचना दे दी गई।

प्राथमिक चिकित्सा के बाद युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। युवती ने अपना नाम मोनिका कुमारी बताया है। उसकी उम्र 21 वर्ष है। उसके पिता का नाम बिरसा उरांव है। युवती रांची जिले के चान्हो थाना क्षेत्र के डाकघर ताला गांव की रहने वाली है। उसे 13351 धनबाद-अलप्पुझा एक्सप्रेस से तमिलनाडु जाना था।

उसने बताया कि उसे तमिलनाडु जाना था। स्टेशन पहुंचने में देरी हो गई। जब तक वह स्टेशन पर पहुंची, ट्रेन खुल चुकी थी। उसे लगा कि वह भागकर ट्रेन पकड़ लेगी। इसी कोशिश के दौरान वह ट्रेन से गिर गई और रेलवे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच में जा गिरी। अच्छा रहा  कि उसकी जान बच गई।

गिरिडीह से चार साइबर अपराधी गिरफ्तार, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर गर्भवती महिलाओं से करते थे ठगी

रांची : गिरिडीह से चार साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. इनके पास से पुलिस ने चार पहिया वाहन समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर मातृत्व लाभ की राशि दिलाने के नाम पर गर्भवती महिलाओं से ठगी करते थे। प्रतिबिंब पोर्टल पर इसकी खबर मिलने के बाद छापेमारी की गयी और साइबर अपराधियों को दबोचा गया। गिरिडीह के एसपी दीपक कुमार शर्मा ने प्रेस वार्ता कर शुक्रवार को जानकारी दी।

गिरिडीह पुलिस ने जिन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें बेंगाबाद थाना क्षेत्र के रघाईडीह का सनफराज अंसारी, हीरोडीह थाना क्षेत्र के करमाटांड़ का कमरूद्धीन अंसारी, ताराटांड़ थाना क्षेत्र के जबरदाहा का रंजीत कुमार मंडल और प्रमेश्वर कुमार मंडल शामिल हैं. इन चारों साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 6 मोबाइल, 8 सिमकार्ड, 1 पासबुक, 2 एटीएम कार्ड, एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार, 1 पैनकार्ड और 1 आधार कार्ड बरामद किया है।

गिरिडीह के एसपी ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से साइबर क्राइम की खबर मिली कि गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र में कुछ साइबर अपराधी आम लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में टीम गठित की गयी। इस टीम में पुनि रोहित कुमार महतो, पुअनि पुनित कुमार गौतम, सअनि गुंजन कुमार, संजय मुखियार, घनश्याम बिरुआ, मनोज कुमार शामिल किए गए. बेंगाबाद थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इन चारों शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

साइबर अपराधियों से जब पूछताछ की गयी तो उन्होंने बताया कि अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर मातृत्व लाभ की राशि दिलाने के नाम पर गर्भवती महिलाओं से ठगी करते थे। फर्जी सिमकार्ड और फर्जी बैंक खाता उपलब्ध कराने का भी काम करते थे। साइबर थाने में कांड सं-26/2024 दिनांक-27.06.2024 दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया गया है. गिरफ्तार साइबर अपराधियों में एक पुराना शातिर साइबर अपराधी शामिल है, जिसका नाम प्रमेश्वर कुमार मंडल है। इसके खिलाफ ताराटांड़ थाना कांड सं. 24/2023, दिनांक-13.08.2023, धारा-411/413/ 419/420/467/468/471/120बी/34 भादवि एवं 66बी/66सी/66डी आईटी एक्ट 2000 में प्राथमिकी अभियुक्त है. इसके अलावा दिल्ली के स्पेशल सेल थाना कांड सं-221/2022 दर्ज है. दिल्ली स्पेशल सेल थाना कांड सं-254/2022 दर्ज है।

एसपी दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ गिरिडीह पुलिस का अभियान जारी है। पिछले 9 माह में 242 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 587 मोबाइल, 770 सिमकार्ड, 268 एटीएम/पासबुक, 10 चेकबुक, 38 पैनकार्ड, 66 आधार कार्ड, 43 वाहन, 3 आईपैड, 4 लैपटॉप और 14,58,310 रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं।

मुंबई में प्रवासी मजदूर की मौत, साथियों ने चंदा इकट्ठा कर शव भिजवाया बोकारो

रांची : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र की लोधी पंचायत के तिसरी गांव के प्रवासी मजदूर भुनेश्वर यादव (42 वर्ष) की मुंबई में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी है। साथियों ने चंदा जमा कर उसके शव को बोकारो स्थित उसके परिवार वालों तक भिजवाया। मौत की खबर सुनते ही गांव में शोक की लहर है। शव सोमवार को उसके गांव पहुंचा। 

मृतक की पत्नी सविता देवी ने बताया कि उसके पति पहले गांव में ही स्कूल वैन चलाते थे। इससे बहुत कम आमदनी होती थी। घर-परिवार ठीक से नहीं चल पाता था। अच्छी आय और रोजगार की तलाश में 15 दिन पहले मुंबई के वर्ली गये हुए थे। अचानक पति की मौत की खबर सुनकर दंग रह गयी। उनके घर में पति ही एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।

बताया जा रहा है कि मुंबई में प्रवासी मजदूर की मौत के बाद आनन-फानन में उनके साथ मंबई में रहने वाले साथियों ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर पार्थिव शरीर को साथियों को सौंप दिया। जिसके बाद मृतक के शव को घर भेजने का विचार किया गया। मृतक का परिवार काफी गरीब है। इस कारण मुंबई में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों ने चंदा इकट्ठा कर किसी तरह पार्थिव शरीर को फ्लाइट से रांची तक भिजवाया।

सामाजिक कार्यकर्ता लोधी व आजसू मीडिया प्रभारी (गोमिया) मनोज महतो ने घटना की जानकारी गोमिया विधायक डॉक्टर लम्बोदर महतो को दी। विधायक ने तत्परता दिखाते हुए एंबुलेंस का इंतजाम कर पार्थिव शरीर को घर तक भिजवाया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि श्रम विभाग से मृतक परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।

इस संबंध में गोमिया के बीडीओ महादेव कुमार ने कहा कि मृतक के आश्रित परिवार को पारिवारिक लाभ के अलावा विधवा पेंशन दिलायी जाएगी। श्रम विभाग से मिलने वाली राशि भी दिलायी जाएगी। पंचायत की मुखिया जुवैदा खातून के निर्देश पर मुखिया प्रतिनिधि राजू अंसारी ने पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने और मदद का भरोसा दिया।