कोलकाता केस में आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल के कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने फिर से 10 दिन बाद काम बंद करने का ऐलान कर दिया है। इस बीच कोलकाता में जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट ने आरजी कर और सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल घटना के लिए न्याय की मांग को लेकर आरजी कर अस्पताल से श्यामबाजार तक मशाल रैली भी निकाली। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों के अनुसार मुख्य सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, आज आरजीकर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होगी।

पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टरों ने आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद एक बार फिर काम बंद करने का ऐलान किया है. डॉक्टर्स के मुताबिक, उन्होंने काम बंद करने का फैसला कोलकाता के कॉलेज ऑफ मेडिसिन और सागर दत्ता अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद तीन डॉक्टरों पर चिकित्सकों और तीन नर्स पर हुए हमले के विरोध में किया है. ड़ाक्टरों का ये भी कहना है कि राज्य सरकार वादे के बावजूद उन्हें सुरक्षा देने में विफल रही है।

आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो ने कहा, ‘हमारा आंदोलन अब तक सिर्फ एक एजेंडे पर केंद्रित रहा है और वह है रेप की पीड़िता के लिए। अस्पतालों में हमारी सुरक्षा और संरक्षा के बारे में मुख्य सचिव से मिले हुए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन हमारी मांगों के अनुसार मुख्य सचिव की ओर से दिए गए निर्देशों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हमें सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भी ऐसी ही एक और घटना देखने को मिली। अगर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में हमें कुछ सकारात्मक मिलता है, तो हम इस पर पुनर्विचार करेंगे, अन्यथा हम पूरी तरह से बंद की अपील करेंगे। हमने 2 अक्टूबर को एक सामूहिक रैली का आयोजन किया है।’

आरजी कर कॉलेज की डॉक्टर ने कहा, ‘विरोध प्रदर्शन की शुरुआत से ही हमारी मांगें एक जैसी हैं। पांच मांगें हैं जो अब तक पूरी नहीं हुई हैं। हमने यह सोचकर अपनी ड्यूटी जॉइन की कि हमारे मरीजों को हमारी जरूरत है, लेकिन इस दौरान सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भी ऐसी ही एक और घटना घट गई। सीएम और सरकार के साथ हमारी सभी बैठकें बेकार गईं। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि सुरक्षा नहीं तो ड्यूटी नहीं। हमारी नजर सुप्रीम कोर्ट की हर सुनवाई पर है और हमें दबाव बनाए रखना है। हमें भरोसा है कि सीजेआई ऐसा फैसला सुनाएंगे जिससे हमें न्याय मिलेगा। हम जल्द से जल्द न्याय चाहते हैं क्योंकि न्याय में देरी न्याय से वंचित होने के बराबर है।’

दरअसल, कोलकाता के आरजी कर मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा मामले की सुनवाई करेंगे. इससे पहले 17 सितंबर को मामले की सुनवाई हुई थी।

कोलकाता रेप मर्डर केस में CBI जांच से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, जिसके बाद आज भी इस मामले की फिर से सुनवाई हुई. इस याचिका पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जज मनोज मिश्रा की बेंच सुनवाई कर रही है।

वहीं कोलकाता रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में डॉक्टर्स से कहा था कि वो काम पर वापस चले जाए। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई से केस को लेकर नई रिपोर्ट भी मांगी थी। बेंच ने पश्चिम बंगाल पुलिस से ऑटोप्सी के दस्तावेज भी मांगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सीबीआई से इस केस को लेकर नई रिपोर्ट मांगी थी, जिसके चलते आज सीबीआई कोर्ट में सीलकवर में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी। सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट सीजेआई की बेंच के सामने पेश की। सीजेआई ने सीबीआई की पेश की हुई रिपोर्ट पर संतोष जताया। कोर्ट ने कहा, सीबीआई जो जांच कर रही है उसका आज खुलासा करने से प्रक्रिया खतरे में पड़ जाएगी। सीबीआई ने जो लाइन अपनाई है वह सच्चाई सामने लाने के लिए है। एसएचओ को खुद ही गिरफ्तार कर लिया गया है। हमने स्टेटस रिपोर्ट देखी है। हमारे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी गई, जिसमें शामिल है कि क्या चालान दिया गया था, पोस्ट मार्टम की प्रक्रिया क्या थी? क्या सबूत नष्ट कर दिए गए थे? क्या किसी अन्य व्यक्ति की कोई मिलीभगत थी ?

एसजी ने कहा कि मेरी चिंता यह है कि खुलासे आदि से आरोपी व्यक्तियों को मदद नहीं मिलेगी, आरोप पत्र में भी हम बहुत सावधान हैं. कुछ भी हो, उसका लाभ आरोपी व्यक्तियों को नहीं जाना चाहिए।

वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग बंद करने की मांग की है। सिब्बल ने कहा कि मेरे मुवक्किल और मेरी साख को खराब किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं सुनवाई के दौरान कब हंस रहा था, सीजेआई ने कहा कि हम देखेंगे। सिब्बल ने कहा, मेरी 50 साल में कमाई इज्जत धूमिल की जा रही है, जैसे मैं पश्चिम बंगाल सरकार नहीं, बल्कि गुनाहगारों की पैरवी कर रहा हूं। सोशल मीडिया पर साख को तबाह किया जा रहा है। सीजेआई ने कहा कि हम ऐसे लाइव स्ट्रीमिंग नहीं रोक सकते।

वकीोल इंदिरा जयसिंह ने कहा, मैं जूनियर डॉक्टरों की ओर से पेश हुई हूं, हमारे पास ऐसे लोगों के नाम हैं जो घटना स्थल पर थे, जबकि उनका वहां होना जरूरी नहीं था। हम सीलबंद लिफाफे में नाम सीबीआई को सौंप सकते हैं, अदालत ने जो चिंता सामने रखी हैं, उसके तहत मैं इन नामों को सामने नहीं रख रही हूं।

सीजेआई ने कहा कि मृतक के पिता ने उन सुरागों पर कुछ सुझाव दिए हैं जिन्हें जांच लिया जाना चाहिए। हम इसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं, हम कहेंगे कि ये मूल्यवान इनपुट हैं और सीबीआई को इस पर गौर करना चाहिए, 5 दिन की देरी के चलते सीबीआई खुद हैंडीकैप्ट है।

वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि माता-पिता जांच करने के लिए सीबीआई के साथ आए थे, बहुत सारी जानकारी सब जगह घूम रही है, उन्हें नहीं पता कि किस पर विश्वास किया जाए। एसजी ने कहा कि मैं सुझाव स्वीकार करता हूं और उन्हें सूचित किया जाना चाहिए, यह न्यूनतम मांग है जो एक जांच एजेंसी को उस लड़की के लिए करना चाहिए, जिसका बलात्कार और हत्या कर दी गई है।

एसजी ने कहा कि विकिपीडिया में पीड़िता की फोटो और नाम अभी भी है, सीजेआई ने कहा कि हम पहले आदेश दे चुके हैं, हम इस पर आदेश देंगे। सीनियर एडवोकेट गुरुस्वामी ने कहा कि विकिपीडिया ने कहा था कि हम सेंसर होने से इनकार करते हैं। सीजेआई, लेकिन यह कानून द्वारा अनिवार्य है, हम अपने आदेश में उल्लेख करेंगे। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की पहचान से संबंधित सभी फोटोग्राफ को सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया।

एक वकील ने बेंच से कहा कि कोलकाता पुलिस ने 27 मिनट की फुटेज दी, अब क्या उन्होंने किसी उपकरण को ब्लॉक करने के लिए किसी उपकरण का इस्तेमाल किया, ताकि हैश वैल्यू में बदलाव न हो और पीड़िता की जींस आदि को पोस्टमार्टम के दौरान क्यों नहीं भेजा गया?

सीजेआई ने कहा कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में जो खुलासा किया है, वह काफी दुखद है, हमने जो पढ़ा है उससे हम खुद परेशान हैं, सीबीआई ने खुद हमें बताया है।

सीजेआई ने कहा कि एसजी क्या आप कोलकाता पुलिस को नहीं बुला सकते और फुटेज प्राप्त नहीं कर सकते और आपको यह देखने की ज़रूरत है कि हैश वैल्यू बदल गई है या नहीं। सीबीआई को यह सुनिश्चित करना होगा, आपके जांच अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा। वकील ने कहा कि यह देखना होगा कि फुटेज को ओवरराइट किया गया है या नहीं, सेमिनार रूम की एंट्री पर कैमरा भी नहीं लगाया गया था, हो सकता है कि कोई दूसरी तरफ से जाकर चला गया हो।

सीजेआई ने कहा कि कृपया एक संदेश भेजें कि हम कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं कर रहे हैं ताकि इससे किसी ऐसे व्यक्ति पर असर न पड़े जो संदेह में है और खुद की रक्षा कर रहा है, कृपया आश्वस्त रहें कि सीबीआई ने स्टेटस रिपोर्ट में यह सब चिह्नित कर दिया है।

सिब्बल ने कहा कि डीवीआर सौंपे जाने का वीडियो है. सीजेआई ने कहा कि वे कहते हैं कि इसमें केवल 27 मिनट हैं, सिब्बल ने कहा कि सील करके दे दिया, सीजेआई ने कहा कि कोई यह नहीं कह रहा कि सीबीआई ने सबूत नष्ट कर दिए. सिब्बल ने कहा लेकिन, ये गलत है, पूरी बात बता दी गई थी. वकील गुरुस्वामी ने कहा कि स्पॉट मैप, मांग पर्ची, सब जांच एजेंसी को सौंप दिया गया।

सीजेआई ने कहा कि एक तलाशी और जब्ती का वीडियो फुटेज है और सेमिनार रूम के सामने सीसीटीवी का कैमरा फुटेज है, क्या वह डीवीआर सौंपा गया है? सीबीआई का कहना है कि 27 मिनट की तलाशी और जब्ती दी गई। सिब्बल ने कहा कि पेनड्राइव 32 जीबी सौंपा गया है. एसजी ने कहा कि यह सेमिनार रूम के बारे में है,सिब्बल ने कहा कि मुझे बाकी पढ़ने की इजाजत दीजिए. सिब्बल ने कहा कि एक और 32 जीबी पेनड्राइव दी गई जिसमें फुटेज थे। सीजेआई ने कहा, क्या यहआपका बयान है कि कलकत्ता पुलिस के पास कोई और फुटेज नहीं है, सिब्बल ने कहा जी हां, बिल्कुल नहीं, सभी कैमरे के फुटेज दे दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ 9 अगस्त को हुए दुष्कर्म के बाद से ही जूनियर डॉक्टर्स काम पर नहीं जा रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते अब तक राज्य में 9 सितंबर तक 23 मरीजों की मौत हो गई हैं। इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को राज्य सरकार की कार्रवाई से बचने के लिए 10 सितंबर को शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश दिया था, लेकिन कोर्ट के निर्देश के बाद भी डॉक्टर काम पर नहीं लौटे और उनका विरोध-प्रदर्शन जारी है।

बंगाल की CM ने पीएम को लिखा पत्र, दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाने की रखी मांग

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा, जिसमें लिखा है, “मैं आपके ध्यान में लाना चाहती हूं कि देश भर में दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कई मामलों में दुष्कर्म के साथ हत्या भी की जाती है। यह देखना भयावह है कि देश भर में प्रतिदिन लगभग 90 बलात्कार के मामले होते हैं। इससे समाज और राष्ट्र का विश्वास और विवेक डगमगाता है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम इसे समाप्त करें ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।

ऐसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को कठोर केंद्रीय कानून के माध्यम से व्यापक तरीके से संबोधित करने की आवश्यकता है, जिसमें ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान हो।। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना पर भी प्रस्तावित कानून में विचार किया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में सुनवाई अधिमानतः 15 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पूरे देश में दुष्कर्म को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि हमें ऐसा सख्त कानून लाना होगा कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया 50 दिन के अंदर निपट जाए और दोषियों को सजा दी जा सकें।

नौकरी के नाम पर बिहार में ‘अय्याशी गैंग’, 200 लड़कियों से रेप

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए बालिका गृह कांड से भी बड़ी घटना है। सरकार को इस पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराने के बाद इसके आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। इस घटना से परिचित लोग कुछ ऐसा ही कह रहे हैं। मुजफ्फरपुर में नौकरी देने के नाम पर करीब 200 लड़कियों की इज्जत लूट ली गईं। नौकरी का झांसा देकर इज्जत लूटने की घटनाएं तो कई सामने आई हैं। 

मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके का है। जहां 180 लड़कियों को नौकरी देने का झांसा देकर बंधक बनाया गया। उनके साथ मारपीट की गई और साथ उनका यौन शोषण भी किया गया। 

इस पूरे प्रकरण को लेकर छपरा कि एक पीड़िता ने अहियापुर थाने में मामला दर्ज कराया है। पीड़ित ने बताया है कि फेसबुक पर महिलाओं के लिए जॉब ऑफर के पोस्ट के माध्यम से वह डीवीआर संस्था से जुड़ी। जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम बीस हजार रुपये की मांग की गई।

उसने बताया कि पैसा जमा करने के बाद बहुत सारी लड़कियों के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र में ही बखरी के निकट रखा गया। लगभग 3 महीना तक गुजर जाने के बाद भी जब सैलरी नहीं मिली, तो उसने संस्था के सीएमडी तिलक सिंह के समक्ष अपनी बात रखी। तब उसे ये बताया गया कि 50 और लड़कियों को संस्था से जोड़ने पर उसकी सैलरी 50 हजार कर दी जाएगी।

पीड़ित के मुताबिक जब उसने बताया कि वह 50 और लोगों को जोड़ने में असमर्थ है, तो उस पर दबाव बनाया गया और उसके मोबाइल के कांटेक्ट लिस्ट के हिसाब से लोगों को जोड़ने की नसीहत दी गई। उसने बताया कि तब तक वह कंपनी की असलियत से वाकिफ नहीं थी और पैसे की लालच में अपने मोबाइल के कॉन्टेक्ट लिस्ट के हिसाब से लोगों को कंपनी से जोड़ना शुरू किया। इसी बीच अहियापुर स्थित संस्था के कथित दफ्तर और हॉस्टल पर पुलिस की छापेमारी हुई। वहां से बहुत सी लड़कियों को पुलिस ने छुड़ाया भी। लेकिन छापेमारी की भनक मिल जाने से सीएमडी तिलक सिंह ने उसे और अन्य लोगों को हाजीपुर शिफ्ट करा दिया। जहां उसके साथ जबरदस्ती तिलक सिंह ने विवाह कर लिया।

पीड़िता का कहना है कि मुजफ्फरपुर रहते हुए भी तिलक सिंह ने उसके साथ जोर जबरदस्ती कर शारीरिक संबंध बनाया था। उस दौरान वह गर्भवती हुई थी। उसके बाद जबरदस्ती उसका अबॉर्शन करा दिया गया। उसने बताया कि हाजीपुर में रहते हुए जब जब मायके जाने की जिद की तो उसे जबरदस्ती मारपीट कर चुप कर दिया जाता था। बाद में एक बार तिलक सिंह अपने सहयोगियों संग तीन गाड़ी से आया और बैरिया क्षेत्र में दो सौ रुपये का नोट देकर नसीहत दी। तुम मायके जाना चाहती हो तो आजाद हो जाओ। इस बीच कंपनी के फर्जी होने का उसे एहसास हो गया था।

पीड़ित ने कंपनी के फर्जीवाड़े को समझते ही प्राथमिकी दर्ज कराने की सोची। उसका कहना है कि यहां लड़कियों को बंधक बना लिया जाता है। चारों तरफ मुस्टंडों को तैनात रखा जाता है। कोई भी लड़की भाग नहीं पाती है। उनसे फोन करवा कर लड़कियों के रिश्तेदारों में मौजूद युवतियों को बुलाया जाता है। उन्हें भी जॉब का लालच देकर उनका यौन शोषण किया जाता है। पीड़ित का कहना है कि वो नहीं चाहती थी कि जैसे उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया। उस तरह की घटना किसी अन्य लड़की के साथ हो। पीड़िता का आरोप है कि फर्जी संस्था को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद तिलक सिंह ने उसका किडनैप कराया और न्यायालय में जाने से रोकने की कोशिश की। इस क्रम में दहशत बनाने के लिए उसके भाई को पटना बुला कर हत्या कर देने की धमकी भी दी। सवाल सबसे बड़ा है कि आखिर पुलिस प्रशासन के रहते मुजफ्फरपुर जैसे शहर में इस तरह कै रैकेट कैसे चल रहा था?

पहले रेप किया, अब तलवार के दमपर शादी भी नहीं करने दे रहा

मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के अशोक नगर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक 22 साल की लड़की को उसकी शादी के दौरान किडनैप करने की कोशिश की गई। इस घटना से इलाके में  हड़कंप मच गया। किडनैप करने की कोशिश करने वाले आरोपी की पहचान कालू उर्फ सलीम खान के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने कथित तौर पर लड़की के साथ रेप किया। वीडियो बनाकर उसे बदनाम किया और बाद में जब वह किसी और का हाथ थामने लगी तो उसके परिवार पर हमला कर दिया।

घटना गुरुवार शाम करीब छह बजे की है। आरोपी कालू ने अपने साथी जोधा, समीर और शाहरुख के साथ मिलकर लड़की के घर पर धावा बोल दिया। जब उसने विरोध किया, तो उसके परिवार के साथ मारपीट भी की। कालू ने अपने साथियों के साथ मिलकर लड़की के पिता का पैर और भाई का हाथ तोड़ दिया। उसकी मां को भी बेरहमी से पीटा गया। तलवारें और लोहे की रॉड लहराते हुए दबंगों ने लड़की को उसके घर से बाहर खींच लिया।

परिवार के लोग बेटी की मदद के लिए चीख-पुकार मचाने लगा। आवाज सुनते ही मौके पर मौजूद भीड़ इकट्ठा हो गई। दबंगों ने मदद के लिए आगे आने वाली भीड़ को भी धमकाया, लेकिन जैसे ही भीड़ बढ़ने लगी तो मौका देखकर वह वहां से फरार हो गए। दबंगों ने लड़की के घर पर जमकर उत्पात मचाया। इतना ही नहीं आरोपी कालू ने उस लड़के के परिवार को भी धमकाया, जिससे उसकी सगाई हुई थी।

आरोप है कि शुरुआत में पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी। वह पीड़ितों की शिकायत सुनने को राजी ही नहीं थी। बुधवार देर रात एक स्थानीय हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के दखल के बाद ही पुलिस ने लड़की और उसके पिता दोनों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया।

मध्य प्रदेश में हर रोज़ 17 महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है : प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंची हैं। धार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि उज्जैन में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हर रोज़ 17 महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है. महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं.उन्होंने कहा कि मेरी दादी इंदिरा जी, नेहरू जी और राजीव जी ने हमेशा आपकी संस्कृति का सम्मान किया। इन लोगों ने कभी भी आपकी संस्कृति बदलने की कोशिश नहीं की। गांधी ने कहा कि ये पूज्य संत कमलदास जी, राजा श्री देवी सिंह जी और बाबासाहेब जी की धरती है। इस पावन धरा पर आकर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।

Bangladesh: নারী সেজে কিশোরীকে ক্রমাগত ধর্ষণ, তদন্তে চমক

News Desk: নারী গুনিন সেজে এক কিশোরীকে ধর্ষণের ঘটনায় অপরাধ মানসিকতার নতুন দিক উঠে এসেছে। এমন ধরণের ধর্ষণ বিরল বলেই মনে করছেন অপরাধ বিশেষজ্ঞরা। বাংলাদেশের কামরাঙ্গীরচর এলাকার ঘটনা। তদন্তে নেমেছে ঢাকা বিভাগের পুলিশ।

ঢাকার কামরাঙ্গীরচর এলাকায় ওই নারী বেশধারী ধর্ষক নিজেকে গুনিন পরিচয় দিয়েছে। তার নাম আবদুল মান্নান। অভিযুক্তর মেডিকেল টেস্টের পর প্রমাণ হয় আবদুল মান্নান নারী রূপ নিয়ে কিশোরীকে দিনের পর দিন ধর্ষণ করেছে। তার ছদ্ম নাম অ্যানি জাহান।

তদন্তে উঠে এসেছে, মানসিক সমস্যায় ভুগতে থাকা এক কিশোরীকে গুনিনের কাছে নিয়ে যান মা বাবা। অভিযোগ, প্রতি শনি ও মঙ্গলবার রাতে রোগীকে তার বাসায় থাকতে হবে বলে নিদান দেয় গুনিন আবদুল মান্নান ওরফে অ্যানি জাহান। সে ঘোষণা করে, পোষা জিন ডেকে চিকিৎসা করাবে। মেয়েটির অভিভাবক তাতে রাজি হন। প্রায় দেড় বছর চিকিৎসা হলেও রোগ আর সারেনি।

কিশোরীর অসুস্থতা বাড়ে। একপর্যায়ে প্রকাশ্যে আসে ধর্ষণের ঘটনা। অভিযোগ, আবদুল মান্নান নারী ছদ্মবেশে চিকিৎসার নামে কিশোরীকে অচেতন করে ধর্ষণ করেছে দিনের পর দিন। পুরো ঘটনা সামনে আসতেই নিজেকে নারী দাবি করে অভিযোগ খণ্ডানোর চেষ্টা করে আবদুল মান্নান ওরফে অ্যানি জাহান। মামলায় জামিনও মেলে তার। পরে পুলিশের তদন্ত ও ডাক্তারি পরীক্ষায় দেখা যায়, সে আসলে পুরুষ। মেয়েটিও ধর্ষণের শিকার।

কামরাঙ্গীরচর থানার অফিসার সিকদার মহিতুল আলম জানান, ধর্ষণের অভিযোগ ওঠার পর আবদুল মান্নানকে গ্রেফতার করা হয়েছে।

তদন্তে উঠে এসেছে, ধর্ষিতা কিশোরী মানসিক সমস্যার শিকার। তার এক আত্মীয়ার মৃত্যুর পর থেকে সে ভয় পেতে শুরু করেছিল। তার আচরণ অস্বাভাবিক হতে শুরু করে। প্রতিবেশীদের পরামর্শে কামরাঙ্গীরচরের খলিফাঘাট এলাকার গুনিন অ্যানি জাহানের কাছে তাকে নিয়ে যাওয়া হয়। সে জানায়, কিশোরীর ওপর জিনের নজর পড়েছে। জিন ছাড়াতে হলে তার কাছে সপ্তাহে দু রাত থাকতে হবে।

অন্ধ বিশ্বাসের ফলে মেয়েকে গুনিনের কাছে রেখে চলে আসেন মা-বাবা। পরে মেয়ের শরীরে আঁচড়ের দাগ দেখে তারা কারণ জানতে চান। গুনিন ব্যাখ্যা দেয়, রাতে জিন তাকে আঁচড় দিয়েছে। এভাবেই সময় গড়াতে থাকে। কবিরাজের নির্দেশে কিশোরীকে নিয়ে চলতি বছরের জুন মাসে মেয়েটির সিলেটে যায় গুনিন। সেখানে হোটেলে কিশোরীকে ধর্ষণের চেষ্টা করলে তার পরিবারের সদস্যরা বিষয়টি বুঝতে পারেন।

ঢাকায় আসার পর কিশোরীকে নিজের স্ত্রী বলে দাবি করে গুনিন অ্যানি জাহান ওরফে আবদুল মান্নান। এর পরেই মামলার মোড় নেয়। অভিযোগের ভিত্তিতে তার মেডিকেল টেস্ট হয়। আপাতত পুলিশের জালে নারী বলে নিজেকে পরিচয় দেওয়া আসলে পুরুষ ধর্ষক আবদুল মান্নান।

KR Ramesh Kumar: ‘ধর্ষণ অনিবার্য হলে শুয়ে পড়ে উপভোগ করো’, বিতর্কিত মন্তব্য কংগ্রেস নেতার

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নিউজ ডেস্ক : বিধানসভার (Assembly) প্রাক্তন স্পিকার তথা প্রবীণ কংগ্রেস নেতা কে আর রমেশ কুমার (Congress leader KR Ramesh Kumar) কৃষক আন্দোলন নিয়ে কথা বলতে উঠেছিলেন। সেখানেই তিনি  কৃষকদের সমস্যা নিয়ে আলোচনায় অনিচ্ছাকৃত সম্মতির সঙ্গে ধর্ষণকে সমান করে তুলনা করেন।

তাঁর বক্তব্য, ‘যখন ধর্ষণ (Rape) অনিবার্য, তখন শুয়ে পড় এবং উপভোগ করো। সেই পরিস্থিতিতে এটাই একমাত্র করণীয়।’ দেশের রাজনৈতিক নেতার এমন মন্তব্যে নতুন করে বিতর্কের জন্ম নিয়েছে। একটি জাতীয় সংবাদমাধ্যমের খবর অনুযায়ী, নারী স্বাধীনতার প্রশ্নে কংগ্রেস বিধায়কের এমন উদাসীন বক্তব্যে সমালোচনার ঝড় উঠেছে। 

বৃহস্পতিবার বিধানসভায় কৃষকদের সমস্যা নিয়ে আলোচনা করার জন্য অধ্যক্ষের কাছে সময় চেয়েছিলেন বিধায়কেরা। কর্ণাটকে স্পিকার বিশ্বেশরা হেগড়ে কাগেরি দাবি বিধায়কদের বলেন, ‘সবাইকে সময় দিতে গেলে কীভাবে বিধানসভা চলবে।’ তিনি মজা করে বলেন, ‘আপনারা যা সিদ্ধান্ত নেবেন, তাতেই আমি হ্যাঁ বলব। আমার কাছে এখন পরিস্থিতি উপভোগ করা ছাড়া আর কোনও উপায় নেই। আমি সিস্টেমটা নিয়ন্ত্রণ করতে পারছি না। হাউসের পরিস্থিতি নিয়ে উদ্বেগে রয়েছি।’

তবে এই প্রথম নারী বিদ্বেষী মন্তব্য করেননি কংগ্রেস নেতা। আগেও দুর্নীতিতে নাম জড়ানোয় নিজেকে ধর্ষিতার সঙ্গে তুলনা করে বিতর্ক উস্কে দিয়েছিলেন। এদিন কর্ণাটকের বিধায়ক এবং কংগ্রেস বিধায়কের এমন মন্তব্যে হাসির রোল ওঠে বিধানসভায়। 

Diego Maradona: “ধর্ষণের” অভিযোগ প্রয়াত ফুটবল রাজপুত্রের বিরুদ্ধে

Rape allegations against the late football prince Diego Maradona

Sports desk: বছর ৩৭ বয়সী একজন কিউবান মহিলা, যার ২০ বছর আগে নাবালিকা হিসেবে দিয়েগো মারাডোনার (Diego Maradona) সাথে সম্পর্ক ছিল, সোমবার প্রয়াত আর্জেন্টাইন আইডল এবং তার দলবলের বিরুদ্ধে হিংস্রতা ও অপব্যবহারের অভিযোগ এনেছেন। অভিযোগে ওই কিউবান মহিলা ধর্ষণ এবং তাকে তার ইচ্ছার বিরুদ্ধে আটকে রাখার চাঞ্চল্যকর অভিযোগ উঠে এসেছে ফুটবলের রাজপুত্র মারাডোনার বিরুদ্ধে৷

দিয়েগো মারাডোনার বিরুদ্ধে অভিযোগ মানব পাচার, স্বাধীনতার অধিকার বঞ্চিত করা, বলপূর্বক দাসত্ব, হামলা এবং হিংসাত্মক ঘটনা সম্পর্কিত।
অভিযোগকারী মহিলা মাভিস আলভারেজ রেগো বলেছেন যে ২৫ নভেম্বর তার মৃত্যুর প্রথম বার্ষিকীতে মারাডোনা সম্পর্কে একটি টিভি সিরিজে যে গল্পগুলি বলা হয়েছিল তার মধ্যে ভারসাম্য বজায় রাখার জন্য তিনি এত বছর নীরবতা ভেঙে অভিযোগ নিয়ে কথা বলছেন।

মাভিস আলভারেজ রেগো এখন মিয়ামিতে থাকেন, বুয়েনর্স আইরেসে সংবাদমাধ্যমে বলেছেন যে কীভাবে তিনি ১৬ বছর বয়সে মারাডোনার সাথে দেখা করেছিলেন যখন তিনি তারকা ফুটবলার। চল্লিশের দশকে, কিউবায় থাকতেন, যেখানে তিনি মাদকের চিকিৎসাধীন ছিলেন। অভিযোগকারী মহিলার বক্তব্য “আমি হতবাক হয়ে গিয়েছিলাম, তিনি আমাকে জিতেছিলেন… কিন্তু দুই মাস পরে সবকিছু বদলে যেতে শুরু করে”।

তিনি দাবি করেন যে, মারাডোনা যিনি এক বছর আগে ৬০ বছর বয়সে হার্ট অ্যাটাকে মারা গিয়েছেন, তিনিই তাকে কোকেন খাওয়ার দিকে ঠেলে দিয়েছিলেন। পালাক্রমে তাকে নির্ভরশীল করে তোলে মাদক সেবনের প্রতি।
অভিযোগকারি মহিলা আরও বলেছেন, “তাকে ভালোবাসতাম কিন্তু আমিও তাকে ঘৃণা করতাম, এমনকি আমি আত্মহত্যার কথাও ভেবেছিলাম।” মাভিস আলভারেজ রেগো যিনি এখন ১৫ এবং চার বছর বয়সী দুই সন্তানের মা তার দাবি, মারাডোনার সাথে তার সম্পর্ক “চার থেকে পাঁচ বছরের মধ্যে” স্থায়ী হয়েছিল কিন্তু তিনি নির্যাতনের শিকার হন।

তিনি দাবি করেন যে ২০০১ সালে মারাডোনার সাথে বুয়েনস আইরেসে ভ্রমণের সময়, মারাডোনার দল তাকে তার ইচ্ছার বিরুদ্ধে কয়েক সপ্তাহ ধরে একটি হোটেলে আটকে রেখেছিল, একা বাইরে যেতে নিষেধ করেছিল এবং স্তন বৃদ্ধির অপারেশনে বাধ্য করা হয়েছিল।

তিনি আরও দাবি করেছেন যে মারাডোনা হাভানায় তাদের বাড়িতে একটি অনুষ্ঠানে তাকে “ধর্ষণ” করেছিলেন এবং শারীরিক হিংস্রতার আরও কয়েকটি ঘটনার কথা উল্লেখ করেছেন।

আলভারেজ রেগো নিজে কোনও অভিযোগ দায়ের করেননি। তবে এই সপ্তাহে বুয়েনর্স আইরেসে একটি আর্জেন্টিনার আইনজীবীর কাছে একটি আর্জেন্টিনার এনজিও মারফৎ আনা অভিযোগের বিষয়ে প্রমাণ তুলে দিয়েছেন৷ “শান্তির জন্য ফাউন্ডেশন” নামক সংস্থাটি সাম্প্রতিক সপ্তাহে আমেরিকান মিডিয়ায় তার স্বীকারোক্তি দেখার পরে অভিযোগ দায়ের করেছে।

নির্যাতিতা মহিলার বক্তব্য, “আমার যা করার ছিল আমি করেছি, বাকিটা আমি আদালতে ছেড়ে দিচ্ছি।” প্রয়াত কিংবদন্তী ফুটবলার মারাডোনার বিরুদ্ধে অভিযোগ আনা প্রসঙ্গে অভিযোগকারি আলভারেজ রেগোর স্পষ্ট দাবি, “আমি আমার লক্ষ্য অর্জন করেছি: আমার সাথে যা ঘটেছে তা বলার জন্য, অন্যদের সাথে ঘটতে বাধা দিতে বা অন্তত যাতে অন্য মেয়েরা কথা বলার শক্তি, সাহস অনুভব করে।”

মারাডোনার দলের পাঁচ সদস্য যাদের বিরুদ্ধে অভিযোগের তীর তারা সবাই নিজেদের আইনজীবীদের মাধ্যমে অভিযোগ অস্বীকার করেছেন। একজন এনজিওর বিরুদ্ধে কটূক্তির পাল্টা অভিযোগও করেছেন।

ধর্ষণ, খুনের মতো অপরাধ করলেও কম বয়সীদের মৃত্যুদণ্ড নয়, জানাল সুপ্রিম কোর্ট

Supreme Court

News Desk, New Delhi: খুন ধর্ষণের মতো মারাত্মক অপরাধ করলেও কম বয়সিদের মৃত্যুদণ্ড দেওয়া যাবে না। অল্পবয়সীদের ক্ষেত্রে সর্বোচ্চ শাস্তি হবে যাবজ্জীবন কারাদণ্ড। অপরাধ যতই গুরুতর হোক না কেন, শাস্তি দেওয়ার সময় অপরাধীদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখতে হবে। একটি মামলার প্রেক্ষিতে নিজেদের এই মতামত ব্যক্ত করল সুপ্রিম কোর্ট (Supreme Court)।

কর্নাটকের বাসিন্দা ইরাপ্পা সিদাপ্পা (Irapp Sidappa) মরগাুন্নাভার নামে এক ব্যক্তি পাঁচ বছরের নাবালিকাকে ধর্ষণের পর নির্মমভাবে খুন করেছিল। ইরাপ্পা যখন ওই অপরাধ করে তখন তার বয়স ছিল ২৩। দোষী সাব্যস্ত ইরাপ্পাকে মৃত্যুদণ্ড দিয়েছিল কর্নাটক হাইকোর্ট। হাইকোর্টের ওই রায়কে চ্যালেঞ্জ করে সুপ্রিম কোর্টে আবেদন করেন ইরাপ্পা। সেই আবেদনের শুনানিতে নিজেদের এই মতামত প্রকাশ করেছে শীর্ষ আদালত।

বিচারপতি সঞ্জীব খান্না (Sanjib Khanna), বিচারপতি এল নাগেশ্বর রাও (L Nageswar Rao) এবং বিচারপতি আর গাভাইয়ের (R Gavai) বেঞ্চ এই মামলার শুনানিতে বলেন, অপরাধীদের শাস্তি বিধানের আগে তাদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখা দরকার। কর্নাটকের (Karnatak) বাসিন্দা ইরাপ্পা যা করেছে তা অত্যন্ত জঘন্য অপরাধ। কিন্তু এক্ষেত্রে যাবজ্জীবন কারাদণ্ডই তার উপযুক্ত শাস্তি। কারণ এতে কৃতকর্মের জন্য ওই যুবক অনুতপ্ত হওয়ার সুযোগ পাবে। সুযোগ পাবে নিজেকে শুধরে নেওয়ার। আমাদের মনে রাখতে হবে, রায়দানের সময় সব কিছুই মাথায় রাখা দরকার। আমরা জানতে পেরেছি অত্যন্ত গরীব ঘরের সন্তান ইরাপ্পা। তাই তার মধ্যে শিক্ষাদীক্ষার অভাব ছিল।

তিন বিচারপতির বেঞ্চ আরও বলে, গত ৪০ বছরে সুপ্রিম কোর্ট এ ধরনের ৬৭ টি মামলার রায় দিয়েছে। এই মামলাগুলির রায় ঘোষণা করতে গিয়ে অপরাধীর বয়সকেও মাথায় রাখা হয়েছিল। অন্তত পরিসংখ্যান থেকে সেটাই বলা যেতে পারে। কারণ এই ৬৭টি মামলায় দোষী সাব্যস্তরা অত্যন্ত গুরুতর অপরাধ করেছিল। সেক্ষেত্রে এই ৬৭ টি মামলাতেই অপরাধীদের মৃত্যুদণ্ড দেওয়া উচিত ছিল, কিন্তু তা হয়নি। এই ৬৭ টি মামলার মধ্যে ৫১টিতে অপরাধীদের বয়স ছিল ১২ বছরের কম। ৫১ টি মামলার মধ্যে মাত্র ১২ টি মামলায় মৃত্যুদণ্ড দেওয়া হয়েছিল। পরবর্তী ক্ষেত্রে এই ১২ টির মধ্যে তিনটি মামলার রায় বদল হয়েছিল। মৃত্যুদণ্ডের পরিবর্তে তাদের যাবজ্জীবন কারাদণ্ড দেওয়া হয়েছিল। তাই অপরাধীদের সাজা ঘোষণার ক্ষেত্রে অবশ্যই তাদের বয়সের কথাটা মাথায় রাখতে হবে।

Delhi: ৬ বছরের শিশুকে ধর্ষণের ঘটনায় মূল অভিযুক্ত গ্রেফতার

Delhi: Arrest of main accused

News Desk, Delhi: দু’দিন পালিয়ে বেড়ানোর পরেও পুলিশের হাত থেকে রেহাই মিলল না। রবিবার সকালে হরিয়ানার রোহতক থেকে গ্রেফতার করা হল পশ্চিম দিল্লির রঞ্জিত নগরে নাবালিকা ধর্ষণের ঘটনায় মূল অভিযুক্তকে। শুক্রবার রাতে দিল্লিতে প্রতিবেশী এক যুবক ৬ বছরের শিশুকে লজেন্স ও খেলনার লোভ দেখিয়ে বাড়ি থেকে তুলে নিয়ে গিয়ে ধর্ষণ করে বলে অভিযোগ।

ওই নাবালিকার পরিবারের অভিযোগের ভিত্তিতে শেষ পর্যন্ত শুক্রবার সকালে রোহতক থেকে মূল অভিযুক্তকে গ্রেফতার করেছে পুলিশ। পশ্চিম দিল্লির রঞ্জিত নগরে এই ঘটনা ঘটেছে। পুলিশ জানিয়েছে, শুক্রবার সন্ধ্যায় বাড়ির সামনে খেলা করছিল ছয় বছরের একটি নাবালিকা। এলাকার সিসিটিভি ফুটেজে দেখা গিয়েছে, প্রতিবেশী এক যুবক এসে তাকে খেলনা দেওয়ার লোভ দেখায়। খেলনা পাওয়ার জন্য ওই শিশুটি প্রতিবেশী যুবকের পিছন পিছন বাজারের দিকে চলতে থাকে। এরপর একটি নির্জন এলাকায় নিয়ে গিয়ে ওই শিশুটির উপর পাশবিক অত্যাচার চালায় প্রতিবেশী যুবক।

রক্তাক্ত নাবালিকা বাড়ি ফিরে এসে বাবা-মাকে সব কথা জানায়। অসুস্থ হয়ে পড়া ওই শিশুটিকে নিয়ে যাওয়া হয় রাম মনোহর লোহিয়া হাসপাতলে। প্রাথমিক চিকিৎসার পর চিকিৎসকরা জানান, শিশুটিকে ধর্ষণ করা হয়েছে। আপাতত শিশুটি হাসপাতালে চিকিৎসাধীন। ওই শিশুটির পরিবার থানায় অভিযোগ দায়ের করে। পকসো ধারায় ওই যুবকের বিরুদ্ধে অভিযোগ দায়ের হয়। শুরু হয় তদন্ত। তবে প্রায় ২৪ ঘন্টা গা ঢাকা দিয়েছিল ওই যুবক। গোপন সূত্রে খবর পেয়ে শেষ পর্যন্ত রবিবার সকালে হরিয়ানার রোহতক থেকে ওই যুবককে গ্রেফতার করে পুলিশ।

রবিবারই তাকে দিল্লি এনে আদালতে তোলা হতে পারে। ইতিমধ্যেই এই ধর্ষণের ঘটনায় পুলিশের কাছে তদন্ত রিপোর্ট চেয়ে পাঠিয়েছে দিল্লি মহিলা কমিশন।

বিভিন্ন রাজনৈতিক দল ও আমজনতা এই ঘটনায় ফের একবার দিল্লির আইনশৃঙ্খলা পরিস্থিতির অবনতির বিরুদ্ধে সরব হয়েছেন। এলাকার মহিলারাও ধৃত যুবকের দৃষ্টান্তমূলক শাস্তির দাবি জানিয়েছে।

Durga Puja 2021: নারী নির্যাতনের শাস্তি, ধর্ষকের রক্তপান করছেন মহাকালী রূপী মহামায়া

balurghat durga puja

বিশেষ প্রতিবেদন: “ধর্ষণ” বর্তমান সমাজের সবথেকে নিকৃষ্টতম অন্যায়। প্রত্যেকদিন দেশে-বিদেশে কত কত নারীদের ধর্ষণের শিকার হতে হচ্ছে, তা ধারণার বাইরে। কিছু কিছু ঘটনা আমাদের নজরের সামনে আসে, কিছু কিছু ধামাচাপা পড়ে যায়। নারী নির্যাতনের এই গূঢ় বিষয়কেই দুর্গোৎসবের অঙ্গ করেছে বালুরঘাটের স্বর্গধাম ক্লাব।

৭৫ তম বর্ষে এই নিবেদন সমস্ত নারী জাতির উপর উৎসর্গ করা হয়েছে। মা দুর্গা কীভাবে এক নির্যাতককে শাস্তি দিচ্ছেন তা ফুটিয়ে তোলা হয়েছে প্রতিমা সজ্জার মাধ্যমে। প্রতিমা শিল্পী, শিল্পশ্রী যামিনী পালের পৌত্র শিল্পী অসীম পাল। প্রতিমা পরিকল্পনায় সৌমাভ পাল। ক্লাব কর্তৃপক্ষ জানিয়েছে, “নারীর এক রূপ যদি “সৃষ্টি” হয় তবে তারই অন্যরূপ “বিনাশের ইতি”। আমাদের মনে হয়েছে বর্তমান সমাজে দাঁড়িয়ে ধর্ষকের থেকে বড় অসুর আর কেউ নেই। আমাদের মতে অসুর কেবল “মহিষাসুর” নয়,, সে এক “অশুভ” শক্তি। সেই হিসেবে “অশুভ পৈশাচিকশক্তি” হিসেবে আমরা “ধর্ষক” কে তুলে ধরেছি। এদের নির্মমতায় আজ কত মেয়ে তাদের পরিবার হারিয়েছে, মা-বাবারাও হারিয়েছে তাদের মেয়েকে।। এই বর্বরতার থেকে কি নারী সমাজের মুক্তি নেই??

মহাভারতের সময় দ্রৌপদীকে আমরা দেখেছি এই অন্যায়ের শিকার হতে কিন্তু সেখানে শ্রীকৃষ্ণ লজ্জা নিবারণ করেছিলেন,, কিন্তু দুঃখের বিষয় এই যুগে নারীরা সেরম সৌভাগ্যবতী নন।”

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স্বর্গধাম পুজো প্যান্ডেলে আমরা এরকমই একটি দৃশ্য কল্পনা করা হয়েছে, যেখানে গোটা দেশ দুর্গাপুজো নিয়ে মেতে আছেন, সেই উৎসবের মরসুমে বিপদের কালো ছায়ায় ঘেরা এক অসহায় মা তার নির্যাতিতা সন্তানের জন্য মহামায়ার কাছে ভিক্ষা চাইছেন, ন্যায় বিচার চাইছেন। সপরিবারে মর্তে আশা মা দুর্গার কন্যা দেবী সরস্বতীও চোখের জল ধরে রাখতে পারেননি। একটা ছোট মেয়ে, যার পড়াশোনা করার বয়স, হয়তো সে ভবিষ্যতের একজন ভালো ডাক্তার বা ইঞ্জিনিয়ার তাকে এক নর পিশাচরূপী ধর্ষকের জন্য অকালে প্রাণ ত্যাগ করতে হল। এই নির্যাতককে মহামায়া মাতৃরুপে নয়, অন্যতম ভয়ংকরী রক্তবীজঅসুর বিনাশিনী মহাকালী রূপে তার উপযুক্ত শাস্তি দিচ্ছেন। 

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শিল্পী অসীম পাল জানিয়েছেন, “এখানেও আমাদের মনে হয়েছে ধর্ষকের শাস্তি হওয়া উচিত একমাত্র মৃত্যুদণ্ড। এটা যেমন ঠিক, তেমনি একজন ধর্ষককে ঠিক ততটাই কষ্ট দিয়ে মারা উচিত যতটা ধর্ষণের সময় একটা মেয়েকে সহ্য করতে হয়। আমাদের মতে ধর্ষকরূপী অসুর যত কষ্ট পেতে পেতে মারা যাবে হয়তো ঠিক ততই মৃত মেয়েগুলির আত্মার শান্তি ঘটবে। যে চোখ দিয়ে খারাপ নজরে একটি মেয়েকে দেখা হয়, সেই চোখ উপড়ে ফেলা উচিত। যে হাত দিয়ে ধর্ষক একটি মেয়েকে স্পর্শ করে- সেই হাত কেটে ফেলা উচিত। মৃত্যুর সময় যাতে একটি ধর্ষকের প্রাণ বিষের জ্বালায় নিজে থেকে প্রত্যেক মুহূর্তে মৃত্যু ভিক্ষা চাই তার ব্যবস্থা করা উচিত। অবশেষে তাকে মৃত্যুদণ্ড দেয়া উচিত।। তবে যদি এই ধর্ষক রূপী অসুরের সংখ্যা কমে।”

Bangladesh: রাতেই জোড়া ফাঁসি, মৃত্যুভয়ে কাঁপছে ধর্ষক-খুনিরা

Bangladesh approves death penalty for rape

নিউজ ডেস্ক: ধর্ষণ ও খুনে দোষী প্রমাণিত দুই আসামীর মৃত্যুদণ্ড কার্যকর করতে চলেছে বাংলাদেশ সরকার। সোমবার রাতেই হবে ফাঁসি। সময় যত এগিয়ে আসছে তত মৃত্যু ভয়ে কাঁপছে ধর্ষকরা। ফাঁসি হবে আজিজুল ও কাল্টুর। দুজনের বয়স ৫০ বছর। যশোর কেন্দ্রীয় কারাগারের ফাঁসি হবে তাদের।

২০০৩ সালের কমেলা খাতুন ও তার বান্ধবী ফিঙ্গে বেগমকে খুন করা হয়। খুনের আগে তাদের দুজনকে ধর্ষণ করা হয়। এই মামলায় ২০০৭ সালে নারী ও শিশু নির্যাতন দমন ট্রাইব্যুনাল চার আসামীকে মৃত্যুদণ্ড দেয়। পরে আপিল বিভাগ একজনের শাস্তি কমিয়েছে। এক আসামী মৃত। বাকি দুজন আজিজুল ও কাল্টুর ফাঁসির সাজা বহাল রাখেন রাষ্ট্রপতি।

যশোর কেন্দ্রীয় কারাগারের জেলার তুহিন কান্তি খান বলেন, দুই আসামির ফাঁসির রায় কার্যকর করার আইনি প্রক্রিয়া সম্পন্ন। সব প্রস্তুতি গ্রহণ করা হয়েছে। ফাঁসি দিতে পাঁচ জল্লাদ প্রস্তুত রাখা হয়েছে। জেলা প্রশাসন, পুলিশ প্রশাসন ও সিভিল সার্জনের প্রতিনিধিরা উপস্থিত থাকবেন। আসামীদের পরিবারের পক্ষ থেকে শেষ দেখা করে গেছেন অনেকেই।