स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी…मोदी 3.0 में इन 20 मंत्रियों का कटा पत्ता, कैबिनेट से हो गई छुट्टी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून) को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं । जिस तरह से नरेंद्र मोदी की चर्चा हो रही है, उसी तरह उनकी नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि इस बार किन चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी के साथ 65 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

इस बार बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वह एनडीए के सहयोगियों के दम पर तीसरी बार सरकार बना रही है। ऐसे में एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दी जा रही है। यही वजह है कि इस बार कुछ बड़े बीजेपी नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक जैसे नेताओं के नाम हैं। ऐसे में आइए उन नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाली है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर सरीखे नेताओं को अहम मंत्रालयों का जिम्मा दिया गया था। इसी तरह से अनुराग ठाकुर भी खेल मंत्रालय संभाल रहे थे. हालांकि, मोदी 3.0 में अब कुल मिलाकर 20 नेताओं की एंट्री नहीं होने वाली है, क्योंकि पीएम आवास पर संभावित मंत्रियों की बैठक हो चुकी है, जिसमें ये नेता नहीं पहुंचे हैं। इससे ये साफ हो गया कि इन्हें इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उसमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, राजीव चंद्रशेखर, अजय मिश्रा टेनी, जनरल वीके सिंह, अश्विनी चौबे और नारायण राणे का नाम शामिल है। इसी तरह से अजय भट्ट, साध्वी निरंजन ज्योति, मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार, जॉन बारला, भारती पंवार, रावसाहेब दानवे, कपिल पाटिल, नारायण राणे और भगवत कराड को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

हालांकि, इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्हें चुनावी हार मिली है, जबकि कुछ को इस बार बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें टिकट भी मिला और वह चुनाव भी जीते, लेकिन कैबिनेट से उन्हें दूर रखा गया है।

जीतने वाले नेता: अजय भट्ट, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे ऐसे नेता हैं, जो अपनी-अपनी सीटों से भारी मतों से जीतकर आए हैं. इसके बाद भी उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा गया है ।

हारने वाले नेता: साध्वी निरंजन, आर के सिंह, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, राजीव चंद्रशेखर, निशीथ प्रमाणिक, अजय मिश्र टेनी, सुभाष सरकार, भारती पंवार, राव साहेब दानवे और कपिल पाटिल को इस बार चुनाव में हार मिली।

टिकट कटा: मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, जनरल वीके सिंह, जॉन बारला और अश्विनी चौबे को इस बार टिकट नहीं दिया गया था।

Loksabha Election2024 : स्मृति ईरानी ने अपना वादा पूरा किया – अब वह अमेठी की निवासी और मतदाता हैं

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election2024) की पहले स्मृति ईरानी अमेठी को अपना परिवार मानती हैं। उन्होंने कहा, उन्होंने अमेठी परिवार के बीच रहने के लिए यहां अपना आवास बनाया है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने निर्वाचन क्षेत्र से पारिवारिक संबंध स्थापित करने के वादे को पूरा करते हुए अमेठी की मतदाता बन गई हैं।
सांसद प्रतिनिधि विजय गुप्ता के मुताबिक, स्मृति ईरानी ने गौरीगंज के मेदन मवई गांव में अपने लिए घर लेने के बाद वोटर बनने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा, वह अब गांव की मतदाता हैं।
स्मृति ईरानी अमेठी को अपना परिवार मानती हैं। उन्होंने कहा, उन्होंने अमेठी परिवार के बीच रहने के लिए यहां अपना आवास बनाया है।

घर के निर्माण के साथ ही उन्होंने खुद को अमेठी से वोटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. श्री गुप्ता ने कहा, औपचारिकताएं अब पूरी हो चुकी हैं।

उन्होंने कहा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी, ​​अमेठी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली गौरीगंज विधानसभा सीट के मेदान मवई गांव में बूथ संख्या 347 की मतदाता बन गई हैं।

स्मृति ईरानी ने 22 फरवरी, 2024 को मैदान मवई गांव में अपने नवनिर्मित घर में प्रवेश किया।
बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए इस सीट से स्मृति ईरानी को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है. 2019 में, सुश्री ईरानी ने इस सीट पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लगभग 55,000 मतों के अंतर से हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

कांग्रेस ने अभी तक अमेठी से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल गांधी इस सीट से चुनाव लड़ेंगे या नहीं।अमेठी में पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होना है।

स्मृति ने लगाया गांधी परिवार पर अमेठी के किसानों को लूटने का आरोप

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गांधी परिवार पर 2019 के आम चुनाव में राहुल गांधी को हराने तक पूर्व पारिवारिक गढ़ रहे अमेठी में जमीन हड़पने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने सिर्फ 600 रुपये में 30 एकड़ जमीन किराए पर ली। एएनआई की स्मिता प्रकाश के साथ उनके पॉडकास्ट पर बातचीत में अमेठी से भाजपा के लोकसभा सांसद ईरानी ने कहा कि गांधी परिवार ने औद्योगीकरण के नाम पर किसानों और अन्य लोगों से जमीन हथिया ली। मुझे लोगों को यह बताने में थोड़ा समय लगा कि वास्तव में मुझ पर विश्वास करें कि गांधी परिवार द्वारा लोगों से उनकी जमीनें लूटी जा रही थीं। मंत्री स्मृति ईरानी ने आगे आरोप लगाया कि जमीन का एक टुकड़ा, जिसका उपयोग अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए किया जाना था, गांधी परिवार ने एक कार्यालय के लिए हड़प लिया। ईरानी ने दावा किया कि जो लड़कियां परिवार (गांधी) के खिलाफ गईं और उनके खिलाफ धरना दिया, उन्हें जेल में डाल दिया गया। 2014 के आम चुनाव में स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के अमेठी में राहुल गांधी से हार गईं। उन्होंने 2019 में गांधी से सीट छीनकर उस हार का बदला लिया। 47 वर्षीय ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल की सबसे युवा सदस्य हैं।

एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है : स्मृति ईरानी

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में संसद में महिलाओं के मासिक धर्म को लेकर एक बयान दिया। ईरानी ने कहा कि पीरियड के दौरान महिलाओं के लिए पेड लीव की कोई जरुरत नहीं हैं। यह महिलाओं के जीवन का हिस्सा है न की कोई बाधा। ऐसे में स्मृति ईरानी के इस बयान को जहां ज्यादातर लोगों ने समर्थन किया है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो उनकी अलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है। उन्होंने पीरियड में होने वाली तमाम दशा के बारे में बात करते हुए ये तर्क दिया।ईरानी ने कहा, “एक मासिक धर्म वाली महिला के रूप में, मासिक धर्म और मासिक धर्म चक्र कोई बाधा नहीं है, यह महिलाओं की जीवन यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा है।” यह चेतावनी देते हुए कि मासिक धर्म की छुट्टी से कार्यबल में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव हो सकता है, उन्होंने कहा, “हमें ऐसे मुद्दों का प्रस्ताव नहीं देना चाहिए जहां महिलाओं को समान अवसरों से वंचित किया जाता है, सिर्फ इसलिए कि जो कोई मासिक धर्म नहीं करता है उसका मासिक धर्म के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण है।”