तेजस्वी के लेख पर शाहनवाज का तंज, नीतीश पर भरोसा!

Shahnawaz Hussain Slams Tejashwi, Praises Nitish Kumar’s Leadership in Bihar

गया, बिहार: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने शनिवार को गया सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के एक लेख पर तंज कसते हुए कहा, “तेजस्वी यादव इतने पढ़े-लिखे नहीं हैं कि वे खुद से लेख लिख सकें।” उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी हमेशा अपने और अपने परिवार के लिए आरक्षण की वकालत करते रहे हैं।

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शाहनवाज हुसैन ने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा, “नीतीश कुमार ने 1994 में संसद में आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार ढंग से अपनी बात रखी थी। सरकार बनते ही उन्होंने पिछड़े और दलित वर्गों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया।” उन्होंने आरजेडी की आलोचना करते हुए कहा, “तेजस्वी और लालूजी हमेशा नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर सवाल उठाते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि नीतीशजी सुबह 9 बजे से रात तक बिहार और बिहार के लोगों के लिए निरंतर काम करते हैं।”

एनडीए की एकता और नीतीश के नेतृत्व पर भरोसा
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आगामी 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) एकजुट होकर मैदान में उतरेगा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और नीतीश कुमार के नेतृत्व में हम बिहार में सरकार बनाएंगे। बीजेपी, जेडी(यू), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम), और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा मिलकर चुनाव लड़ेगी।” उन्होंने जोर देकर कहा, “बिहार की जनता का भरोसा केवल एनडीए पर है। चुनाव आते ही नई-नई पार्टियां मैदान में उतरेंगी, लेकिन जनता जानती है कि उनके लिए कौन काम करता है।”

नीतीश कुमार के हालिया फैसले की सराहना
शाहनवाज हुसैन ने नीतीश कुमार के एक हालिया फैसले की सराहना करते हुए कहा, “नीतीशजी ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। गरीबों, असहायों, वृद्धजनों, और दिव्यांगों के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले ने तेजस्वी यादव की घोषणाओं की हवा निकाल दी।” उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार के लोगों के लिए नीतीश कुमार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गया के विकास पर जोर
गया के विकास पर बोलते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा, “गया का नाम गयाजी करने के लिए मैं नीतीश कुमार और एनडीए को धन्यवाद देता हूं। गयाजी और बोधगया में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकार की कई ऐतिहासिक योजनाएं यहां लागू हो रही हैं। ये केवल वादे नहीं हैं, बल्कि जमीन पर उतर चुकी हैं।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेता अशोक सिंह, संतोष सिंह, पूर्व मीडिया प्रभारी संतोष ठाकुर, डॉ. जेड खान, इमरान नबी आदि मौजूद थे। शाहनवाज हुसैन का यह बयान बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर एनडीए और आरजेडी के बीच चल रहे तनाव के संदर्भ में।

4 जून के बाद नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, तेजस्वी यादव के नए दावे से हलचल तेज

पटना : तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी को बचाने के लिए 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल  के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है।

तेजस्वी ने कहा कि उनके चाचा यानी सीएम नीतीश 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला ले सकते हैं। नीतीश अपनी पार्टी बचाने और पिछड़ों की राजनीति के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं। तेजस्वी के इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। उनके दावे से बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट भी बढ़ने लगी है, हालांकि, सीएम नीतीश कुमार कई बार कह चुके हैं कि वह बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंगलवार को बड़ा दावा किया। तेजस्वी से पत्रकारों ने पूछा कि क्या नीतीश उनके साथ आएंगे? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि 4 जून तक इंतजार कीजिए। जब सीएम नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेंगे, तब देखेंगे।

आप को बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने इसी साल लोकसभा चुनाव से पहले आरजेडी का साथ छोड़कर एनडीए में वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई रैलियां कीं। इन सभाओं में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया कि वह बीच में दो बार भटक गए थे, अब बीजेपी का साथ छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

वहीं, दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के कर्ता-धर्ता रहे नीतीश कुमार के जाने के बाद भी तेजस्वी ने उनके लिए आरजेडी के दरवाजे खुले रखे। तेजस्वी अक्सर अपने बयानों में कहते हैं कि उनके चाचा नीतीश कुमार अभिभावक जैसे हैं। वह पहले भी उनका सम्मान करते थे और आगे भी करते रहेंगे। पिछले दिनों पटना में पीएम नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान सीएम नीतीश द्वारा बीजेपी का सिंबल थामे जाने पर भी तेजस्वी ने कहा था कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री को हाइजैक कर लिया है।

तेजस्वी यादव को ईडी ने फिर जारी किया समन

Tejashwi Yadav

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शनिवार को एक नया समन भेजा है। उन्हें रेलवे में नौकरी के बदले जमीन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।तेजस्वी यादव को पांच जनवरी को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी विदेश यात्रा करने की मांग वाली याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है। गौरतलब है, अक्तूबर में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद सांसद मीसा भारती को राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में चारों को जमानत दे दी थी। तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है। बता दें, इससे पहले ईडी ने तेजस्वी यादव को 22 दिसंबर और उनके पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 27 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर के समन को तेजस्वी ने नजरअंदाज कर दिया और एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।तेजस्वी यादव ने अदालत से अगले साल छह से 18 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करने की अनुमति मांगी है। बता दें, इससे पहले ईडी ने तेजस्वी यादव को 22 दिसंबर और उनके पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 27 दिसंबर को एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 दिसंबर के समन को तेजस्वी ने नजरअंदाज कर दिया और एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए।

Tejashwi Yadav: রাজধানীতে লালু-রাবড়ির উপস্থিতিতে বাগদান তেজস্বীর

Tejashwi Yadav

নিউজ ডেস্ক: শুক্রবার সাত পাকে বাঁধা পড়তে চলেছেন বলিউড তারকা ক্যাটরিনা কাইফ ও ভিকি কৌশল। গ্ল্যামারওয়ার্ল্ডের এই হাইপ্রোফাইল বিয়ে নিয়ে ইতিমধ্যেই হৈচৈ শুরু হয়েছে সংবাদমাধ্যমে। এরই মধ্যে আরও এক ভিভিআইপি তরুণের (Tejashwi Yadav) বাগদানের পর্ব সামনে এল। এই এলিজেবল তরুণের বাগদানের খবরে খুশির হাওয়া রাজনৈতিক মহলে।

বৃহস্পতিবার, রাজধানীতে বাগদান সম্পন্ন হল লালু-পুত্র তেজস্বী যাদবের (Tejaswi Yadav)। ৩২ বছর বয়সি তেজস্বীর বাগদানের খবর টুইট (Tweet) করে জানিয়েছেন তাঁর দিদি রোহিণী আচার্য (Rohinini Acharya)। লালুর নয় ছেলে-মেয়ের মধ্যে একমাত্র তেজস্বীর বিয়েই বাকি ছিল। এবার সেই কাজটি সম্পন্ন হতে চলেছে। যাদব পরিবারের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, বাগদান পর্ব মেটার অল্প কিছুদিনের মধ্যেই বিয়েও সেরে ফেলবেন তেজস্বী।

বর্তমানে বড় মেয়ে তথা রাজ্যসভার সাংসদ মিসা ভারতীর সঙ্গে দিল্লিতেই থাকেন লালুপ্রসাদ ও রাবড়ি দেবী (Laluprasad Yavad- Rabri Devi)। মিসার বাড়িতেই তেজস্বীর আশীর্বাদ মিটেছে বৃহস্পতিবার।

প্রশ্ন হল কার সঙ্গে বিয়ে হচ্ছে তেজস্বীর? দিদি রোহিণী জানিয়েছেন, দীর্ঘদিনের বন্ধু রাজশ্রীর সঙ্গেই সাত পাকে বাঁধা পড়তে চলেছেন বিহারের বিরোধী দলনেতা। তেজস্বী ও রাজশ্রী দুজনেই দিল্লির আর কে পুরম দিল্লি পাবলিক স্কুলে একসঙ্গে পড়তেন। রাজশ্রীরা (Rajarshree) হরিয়ানার বাসিন্দা। তবে হরিয়ানার পাট চুকিয়ে তাঁরা এখন থাকেন দিল্লির ফ্রেন্ডস কলোনিতে। তাঁদের পারিবারিক ব্যবসা রয়েছে।

২০১৬-তে আরজেডির তরুণ নেতা তেজস্বী যাদব যখন পূর্তমন্ত্রী ছিলেন তখন রাস্তা নিয়ে অভিযোগ জানানোর জন্য একটি হোয়াটস অ্যাপ নম্বর চালু করেছিলেন তিনি। কিন্তু সেখানে রাস্তা নিয়ে অভিযোগের তুলনায় তেজস্বীকে ফ্রেন্ডস রিকোয়েস্টই পাঠান হত বেশি। যার বেশিরভাগই আসত মেয়েদের কাছ থেকে। বেশিরভাগ মেয়েই বিয়ের প্রস্তাব পাঠাতেন তেজস্বীকে। দলীয় সূত্রে এমনটাই জানা গিয়েছে। বিষয়টি নিয়ে রীতিমতো চর্চা হত বিহারের রাজনীতিতে। যদিও তেজস্বী কখনও এ বিষয়ে কোনও কথা বলতেন না।

শেষ পর্যন্ত প্রায় পাঁচ পর বিয়ের কথা পাকা হল লালু পুত্রের। ২০২২-এর ফেব্রুয়ারিতেই বিয়ে হতে পারে তেজস্বীর। বাগদান পর্ব মিটেছে। এবার বিয়ের চূড়ান্ত দিন ঠিক করার পালা। জানা গিয়েছে, বৃহস্পতিবার লালু ও রাবড়ি দুজনে পুত্র তেজস্বী ও কন্যা রাজশ্রীকে সোনার অলঙ্কার দিয়ে আশীর্বাদ পর্ব সেরেছেন। বাগদান পর্বের অনুষ্ঠানে লালু-রাবড়ি ঘনিষ্ঠ জনা ৫০ আরজেডি নেতা উপস্থিত ছিলেন 

উল্লেখ্য, তেজস্বী রাঘোপুর কেন্দ্রের বিধায়ক। বিহার বিধানসভার বিরোধী দলনেতা তিনি। ২০১৫  থেকে ২০১৭ পর্যন্ত তিনি বিহারের উপমুখ্যমন্ত্রীও ছিলেন। রাজনীতির পাশাপাশি তিনি একজন রাজ্যস্তরের ক্রিকেটার। আইপিএলে দিল্লি ডেয়ার ডেভিলস দলের হয়ে খেলেওছেন। প্রসঙ্গত, ২০১৮ সালে লালু যাদবের বড়ছেলে তেজপ্রতাপ যাদবের খুব ঘটা করে বিয়ে হয়েছিল। কিন্তু তেজপ্রতাপের সেই বিয়ে বেশিদিন টেঁকেনি। এখন বিবাহ বিচ্ছেদের প্রক্রিয়া চলছে। এই পরিস্থিতিতে যাদব পরিবার তাই ছোট ছেলে তেজস্বীর বিয়ে নিয়ে খুব একটা হইচই করতে রাজি নয়। তবে তেজস্বীর বাগদান পর্ব সামনে আসতেই দেশের রাজনৈতিক মহল একটি বড়সড় ভোজের আশায় দিন গুনতে শুরু করেছে। তেজস্বীর বাগদানের খবর সামনে আসতেই আরজেডি নেতারা বিহারের বিভিন্ন এলাকায় মিষ্টি বিতরণ করেন।