टीएमसी सांसद द्वारा मजाक उड़ाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने एक बयान में कहा है कि वह पीड़ित हैं, जिन्हें लगातार अपमान झेलना पड़ता है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने आधिकारिक आवास पर इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस के प्रोबेशनर्स के बैच को संबोधित करते हुए यह बात कही। बता दें कि बीते दिनों विपक्षी सांसदों द्वारा राज्यसभा सभापति की मिमिक्री करने पर खूब विवाद हुआ था। सरकार ने इसे लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया था।उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘मैं एक पीड़ित हूं! एक ऐसा पीड़ित, जिसे पता है कि इससे कैसे जूझना है और सारे अपमान को झेलते हुए भारत माता की सेवा करनी है।’ उपराष्ट्रपति ने प्रोबेशनर अधिकारियों को सलाह दी कि वह भी आलोचना झेलने के लिए तैयार रहें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘जब मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, राज्यसभा का सभापति हूं और उपराष्ट्रपति हूं, उसके बाद भी लोग मुझे नहीं बख्शते! लेकिन क्या इससे मेरी मानसिकता बदलनी चाहिए? क्या ये मुझे मेरे पथ से डिगा सकता है? नहीं! मैं सच्चाई के रास्ते पर हूं और हमें हमेशा आगे बढ़ते रहना है।’
विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया डेरेक का मामला
संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करते हुए वेल तक पहुंचने की कोशिश करना और निलंबन के बाद भी सदन से बाहर न जाना टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को भारी पड़ गया। सभापति धनखड़ ने इसके लिए उन्हें निलंबित कर दिया और उनका मामला विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेज दिया। इस दौरान धनखड़ ने कहा कि डेरेक का सदन में बने रहना आदेश का गंभीर उल्लंघन और जानबूझकर की गई अवहेलना है। वहीं, अपने निलंबन को लेकर टीएमसी सांसद सहित सभी निलंबित सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया है। कुल 15 सांसदों को शीतकालीन सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित या। इसमें 14 लोकसभा से और 1 राज्यसभा से हैं। हालांकि बाद में लोकसभा से निलंबित सांसदों में एक का निलंबन वापस ले लिया गया। धनखड़ ने कहा कहा कि ओ’ब्रायन का सदन में बने रहना आदेश का गंभीर उल्लंघन और जानबूझकर की गई अवहेलना है। इसके बाद, सदन के नेता पीयूष गोयल ने इस मुद्दे को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजने के लिए नियम 192 के तहत एक प्रस्ताव पेश किया। जिसे सभापति ने तुरंत स्वीकार कर लिया और ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसके बाद सभापति धनखड़ ने डेरेक ओ ब्रायन के मामले को जांच करने के लिए राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजे जाने की घोषणा की। उन्होंने समिति को रिपोर्ट के लिए तीन महीने का वक्त भी दिया है। बता दें कि सदन से निलंबन और प्रस्ताव पारित करने के बाद भी ओ’ब्रायन ने सदन नहीं छोड़ा तब सभापति ने उनसे दोबारा आग्रह किया। लेकिन जब वह न माने तो सदन को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
महुआ के निष्कासित पर लोकसभा में चर्चा की मांग : सुदीप
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं ने शनिवार को सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित करने की आचार समिति (एथिक्स पैनल) की सिफारिश पर चर्चा कराने की मांग की। आचार समिति ने ‘सवाल के बदले पैसा’ मामले में मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की है।टीएमसी नेता के निष्कासन की सिफारिश करने वाली लोकसभा समिति की रिपोर्ट सत्र के पहले दिन सदन में पेश करने के लिए सूचीबद्ध है। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने शनिवार को सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में दावा किया कि समिति की रिपोर्ट को सदन में पेश किए जाने से पहले सार्वजनिक किया गया।
लोकसभा और राज्यसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन ने बैठक में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। सूत्रों के मुताबिक,बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ सांसद पहले से ही संदेह में हैं। उन्होंने मीडिया में खबरें देखी हैं कि टीएमसी के एक सदस्य को जल्द ही निष्कासित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि चर्चा के बाद सदन को फैसला करना चाहिए। नियमों के मुताबिक मोइत्रा को तभी निष्कासित किया जा सकता है जब सदन समिति की सिफारिश के पक्ष में मतदान करे।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में बंद्योपाध्याय और ओ’ब्रायन ने सरकार पर समय की बर्बादी के लिए सर्वदलीय बैठकें कम करने का भी आरोप लगाया।
मुझे डर है कि कहीं तेजस विमान भी क्रैश न हो जाए : शांतनु
बंगलुरू में तेजस विमान से उड़ान भरने को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं शांतनु सेन और कुणाल घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उनपर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि कुछ ही समय में यह विशेष विमान दुर्घटनाग्रस्त न हो जाए। सेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब इसरो गए तो चंद्रयान-2 विफल हो गया। जब (अभिनेत्री) कंगना रनौत उनसे मिलीं तो उनकी फिल्म सुपर फ्लॉप हो गई। जब (क्रिकेटर) विराट कोहली ने उनसे हाथ मिलाया तो उन्हें लगातार तीन साल तक शतक नहीं मिला। हाल ही में हुए विश्व कप में लगातार दस मैच जीतने के बाद भारत फाइनल में इसलिए हार गया, क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री उस स्टेडियम में गए।शांतनु सेन की टिप्पणी पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, (पीएम) मोदी और भाजपा से नफरत करते-करते आप सेना और वायुसेना से इतनी नफरत करने लगे हैं कि आप उनके मरने की कामना क रहे हैं। आप तेजस लड़ाकू विमान के क्रैश होने की कामना कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस को यह क्या हो गया है।
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने आचार समिति पर कसा तंज
कैश फॉर क्वेरी’ के आरोपों का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर लोकसभा की आचार समिति से अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। आरोपों की जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंप दी है।मोइत्रा ने शुक्रवार को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक कार्टून पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, ‘जब तक आप दूसरी तरफ न हों, नैतिकता बनाए रखें। इसे आचार समिति पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है जिसने उनके कथित दुराचारों पर रिपोर्ट को स्वीकार किया था। लोकसभा की आचार समिति ने ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले के संबंध में मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली अपनी मसौदा रिपोर्ट शुक्रवार को अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी।तृणमूल सांसद समिति की बैठक से उस समय बाहर चली गई थीं जबकि बयान दर्ज कराने के दौरान उनसे जिरह की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सदस्य उनसे ‘व्यक्तिगत’ सवाल पूछ रहे थे।महुआ मोइत्रा की ओर से गंभीर दुर्व्यवहार किया गया है इसलिए उन्हें बड़ी सजा दी जानी चाहिए।
महुआ पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर विपक्ष ने जताई आपत्ति
सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश करने वाली लोकसभा आचार समिति में विपक्षी सदस्यों ने अपने असहमति नोट में कहा कि पैनल ने अपनी जांच अनुचित जल्दबाजी और संपूर्णता की कमी के साथ की। कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों की जांच को कंगारू कोर्ट द्वारा फिक्स्ड मैच बताते हुए विपक्षी नेताओं ने एथिक्स कमेटी के जनादेश पर सवाल उठाए और कहा कि मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश पूरी तरह से राजनीतिक कारणों से की गई थी और यह एक खतरनाक स्थिति पैदा करेगी। अपने असहमति नोट में बसपा के दानिश अली, कांग्रेस के वी वैथीलिंगम और उत्तम कुमार रेड्डी, सीपीआई (एम) के पीआर नटराजन और जेडी (यू) के गिरिधारी यादव ने कहा कि मोइत्रा को व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह करने का मौका नहीं दिया गया। उन पर अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड साझा करने का आरोप है। रेड्डी, जो गुरुवार की बैठक में उपस्थित नहीं थे, ने अपना असहमति नोट ईमेल द्वारा भेजा।
महुआ दो नवंबर को आचार समिति के सामने पेश होंगी
संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने के मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा दो नवंबर को लोकसभा की आचार समिति के सामने पेश होंगी। तृणमूल सांसद ने मंगलवार को कहा कि वह दो नवंबर को लोकसभा आचार समिति के सामने पेश होंगी।
इससे पहले मोइत्रा ने पांच नवंबर के बाद सुनवाई की तारीख की मांग की थी, लेकिन समिति ने दो नवंबर से आगे की तारीख देने से इनकार कर दिया गया था।उन्होंने कहा कि अपना विरोध दर्ज कराते हुए मैं आपको बताना चाहती हूं कि मैं समन का सम्मान करूंगी और 2 नवंबर 2023 को सुबह 11 बजे समिति के सामने पेश होऊंगी।
मोइत्रा ने मंगलवार को सवाल किया कि क्या एथिक्स कमेटी कथित आरोपों की जांच करने के लिए उचित मंच है।
दुबई में हुआ था संसदीय लॉगिन आईडी का इस्तेमाल : निशिकांत दुबे
तृणमूल कांग्रेस के सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ संसद में सवाल के बदले पैसे के गंभीर आरोपों के बीच, लोकसभा सदस्य निशिकांत दुबे ने शनिवार को दावा किया कि जब वह भारत में थीं तो उनकी संसदीय आईडी का इस्तेमाल दुबई में किया गया था। दुबे ने दावा किया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने जांच एजेंसियों को जानकारी का खुलासा किया है। इसको लेकर दूबे ने एक एक्स पोस्ट लिखा है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कुछ पैसे के लिए एक सांसद ने देश की सुरक्षा को गिरवी रखा। दुबई से संसद के आईडी खोले गए, उस वक़्त कथित सांसद भारत में ही थे।हालांकि, अपने पोस्ट में, भाजपा सांसद ने मोइत्रा का नाम भी नहीं लिया, जिन पर उन्होंने अदानी समूह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए संसद में प्रश्न पूछने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेने और लाभ उठाने का आरोप लगाया है।
सवाल के लिए पैसे मामले में हाईकोर्ट पहुंचीं महुआ
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के सनसनीखेज आरोपों के बीच तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, एक वकील और कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और मीडिया हाउसों को अपने खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने से रोकने की अपील की।महुआ की अपील है कि उनके खिलाफ किसी भी कथित फर्जी पोस्ट करने, प्रसारित या प्रकाशित करने से रोका जाए। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ में होने की संभावना है। अदालत तृणमूल सांसद के मामले की सुनवाई इस सप्ताह के अंत में कर सकती है।


