टीएमसी सांसद द्वारा मजाक उड़ाए जाने के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने एक बयान में कहा है कि वह पीड़ित हैं, जिन्हें लगातार अपमान झेलना पड़ता है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने आधिकारिक आवास पर इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस के प्रोबेशनर्स के बैच को संबोधित करते हुए यह बात कही। बता दें कि बीते दिनों विपक्षी सांसदों द्वारा राज्यसभा सभापति की मिमिक्री करने पर खूब विवाद हुआ था। सरकार ने इसे लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया था।उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘मैं एक पीड़ित हूं! एक ऐसा पीड़ित, जिसे पता है कि इससे कैसे जूझना है और सारे अपमान को झेलते हुए भारत माता की सेवा करनी है।’ उपराष्ट्रपति ने प्रोबेशनर अधिकारियों को सलाह दी कि वह भी आलोचना झेलने के लिए तैयार रहें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘जब मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, राज्यसभा का सभापति हूं और उपराष्ट्रपति हूं, उसके बाद भी लोग मुझे नहीं बख्शते! लेकिन क्या इससे मेरी मानसिकता बदलनी चाहिए? क्या ये मुझे मेरे पथ से डिगा सकता है? नहीं! मैं सच्चाई के रास्ते पर हूं और हमें हमेशा आगे बढ़ते रहना है।’
न कानून पढ़ा, न पद की मर्यादा रखी : धनकड़
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बिना नाम लिए इशारों-इशारों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की क्लास लगाई. लक्ष्मणगढ़ में एक सभा को संबोधित रते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री को मेरा राज्य में आना पसंद नहीं. वो मुझसे कहते हैं कि क्यों आते हो बार-बार. राष्ट्रपति ने जवाबी हमला करते हुए अपने अंदाज में कहा कि अगर संविधान को थोड़ा पड़ लेते तो यह सवाल नहीं पूछते. कुछ दिन पहले अशोक गहलोत ने एक जनसभा के दौरान उपराष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे पर कहा था कि बार-बार यहां आने का कोई तुक नहीं है.
उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने इसपर कहा कि मैं पहले भी कई जगह गया हूं, पर कुछ लोगों ने कहा कि आप क्यों आते हो बार-बार. मैं थोड़ा अचंभित हो गया क्योंकि कहने वाले ने न तो संविधान को पड़ा, न कानून को पढ़ा और न अपने पद की मर्यादा रखी. कानून को अगर झांक लेते तो उन्हें पता लग जाता कि भारत के उपराष्ट्रपति की कोई भी यात्रा अचानक नहीं होती. बड़े सोच-विचार और मंथन चिंतन के बाद होती है. बस कह दिया कि आपका आना ठीक नहीं है.
নিজেকে ভারপ্রাপ্ত প্রেসিডেন্ট ঘোষণা করলেন ভাইস প্রেসিডেন্ট আমরুল্লাহ সালেহ
নিউজ ডেস্ক: তালিবান ক্ষমতা লাভের সঙ্গে সঙ্গে আফগানিস্তানের রাজনীতিতে নতুন মোড়৷ দেশের প্রথম ভাইস প্রেসিডেন্ট আমরুল্লাহ সালেহ মঙ্গলবার সন্ধ্যায় দেশের সংবিধানের উদ্ধৃতি দিয়ে নিজেকে আফগানিস্তানের ভারপ্রাপ্ত রাষ্ট্রপতি ঘোষণা করেছেন।
২০ বছর ধরে ক্ষমতা থেকে ক্ষমতাচ্যুত হওয়ার পর তালিবানরা আবারও আফগানিস্তানের নিয়ন্ত্রণ ফিরে পেয়েছে। কিন্তু, আফগানিস্তানে ক্ষমতা পরিবর্তনের এই সংকটের মধ্যে মঙ্গলবার সন্ধ্যায় দেশের প্রথম ভাইস প্রেসিডেন্ট আমরুল্লাহ সালেহ একটি বড় ঘোষণা করেছেন৷ সালেহ নিজেকে আফগানিস্তানের তত্ত্বাবধায়ক রাষ্ট্রপতি ঘোষণা করেছেন। তিনি বলেন, আমি দেশের সব নেতাদের সহযোগিতা ও সমর্থনের জন্য যোগাযোগ করছি।
Read More: পঞ্জশির: আফগান এই উপত্যকা এখনও তালিবানরা দখল করতে পারেনি
আমরুল্লাহ সালেহ একটি টুইটে লিখেছেন, “আফগানিস্তানের সংবিধান অনুসারে রাষ্ট্রপতির অনুপস্থিতি, তার দেশ থেকে পালিয়ে যাওয়া, পদত্যাগ বা মৃত্যু হলে প্রথম ভাইস প্রেসিডেন্ট ভারপ্রাপ্ত রাষ্ট্রপতি। আমি বর্তমানে দেশে আছি এবং বৈধ ভারপ্রাপ্ত রাষ্ট্রপতি। আমি সব নেতাদের কাছে তাদের সমর্থন ও সহযোগিতার জন্য পৌঁছাচ্ছি। এটি লক্ষণীয় যে, এখন পর্যন্ত আমরুল্লাহ সালেহের এই ঘোষণার বিষয়ে তালিবানের পক্ষ থেকে কোন প্রতিক্রিয়া পাওয়া যায়নি।
Clarity: As per d constitution of Afg, in absence, escape, resignation or death of the President the FVP becomes the caretaker President. I am currently inside my country & am the legitimate care taker President. Am reaching out to all leaders to secure their support & consensus.
— Amrullah Saleh (@AmrullahSaleh2) August 17, 2021
চিন-পাকিস্তান তালিবানের সঙ্গে নতুন করে সম্পর্ক তৈরি করবে
আফগানিস্তানে 20 বছরের দীর্ঘ মার্কিন মিশন শেষ হওয়ার ঘোষণার সঙ্গে সঙ্গে অনেক দেশ কাবুলে তাদের দূতাবাস থেকে কূটনীতিকদের প্রত্যাহার করতে শুরু করে। আফগানিস্তানে নতুন শাসনের সঙ্গে প্রথম দিকে সম্পর্ক পুনরায় শুরু করার বিষয়ে অনেক কর্মকর্তা সন্দেহ প্রকাশ করেছেন, অন্য কয়েকটি দেশও তালিবান শাসনের সঙ্গে নতুন সম্পর্কের ঘোষণা করে এটির প্রশংসা করে। এই তালিকায় প্রথম নাম রয়েছে পাকিস্তান এবং চিনের।


