स्कूल पुस्तकालयों में मुख्यमंत्री की लिखी किताबें अनिवार्य, प्रत्येक स्कूल को 1 लाख रुपये का अनुदान

Mamata Banerjee Books Made Compulsory in West Bengal School Libraries with ₹1 Lakh Funding

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूलों में पुस्तकालय व्यवस्था को और सशक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब से राज्य के प्रत्येक स्कूल के पुस्तकालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) द्वारा लिखी गई किताबें रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल को लागू करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक स्कूल को पुस्तकालय अनुदान के रूप में 1 लाख रुपये प्रदान कर रही है। इस राशि का उपयोग स्कूलों को निर्धारित किताबों के सेट खरीदने के लिए करना होगा, जिनमें मुख्यमंत्री की लिखी किताबें शामिल हैं।

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राज्य शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, पुस्तकालयों के लिए किताबें खरीदने की सूची तैयार की गई है। इस सूची में पांच अलग-अलग सेट शामिल हैं, जिनमें ममता बनर्जी की लिखी 18 से 19 किताबें शामिल हैं। इन किताबों में प्रमुख हैं—दुआरे सरकार, शिशु मन, कलम, हमारा संविधान और कुछ बातें, कोलकाता का दुर्गा उत्सव, जागरण का बंगाल, और आमी। ये किताबें मुख्यमंत्री के राजनीतिक दर्शन, सामाजिक दृष्टिकोण, शिक्षा और संस्कृति से संबंधित विचारों राज्य के विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का विवरण प्रस्तुत करती हैं।

राज्य सरकार का इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें राज्य की शासन व्यवस्था, संस्कृति और सरकारी योजनाओं के बारे में गहरी जानकारी प्रदान करना है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है, उनका मानना है कि इससे छात्रों को राज्य के नेतृत्व के दृष्टिकोण और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। उदाहरण के लिए, दुआरे सरकार किताब में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत विवरण है, जो छात्रों के लिए शिक्षाप्रद हो सकता है।

दूसरी ओर, कुछ शिक्षाविदों और आलोचकों ने इस निर्णय की आलोचना की है। उनका कहना है कि पुस्तकालय में किताबों के चयन में और विविधता होनी चाहिए थी। केवल एक व्यक्ति की लिखी किताबों पर इतना जोर देना छात्रों के ज्ञान के दायरे को सीमित कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया है कि विश्व साहित्य, विज्ञान, इतिहास या अन्य विषयों की किताबों के बजाय मुख्यमंत्री की किताबों पर इतना ध्यान देना कितना उचित है।

राज्य के दिशानिर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि किताबें किन प्रकाशन संस्थानों से खरीदनी होंगी, यह भी निर्दिष्ट कर दिया गया है। इन प्रकाशकों में कुछ प्रसिद्ध संस्थान शामिल हैं, जो मुख्यमंत्री की किताबें प्रकाशित करते हैं। सरकार का दावा है कि इस नियम से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। हालांकि, कुछ शिक्षक और स्कूल प्रबंधन का मानना है कि विशिष्ट प्रकाशकों से किताबें खरीदने की बाध्यता स्कूलों की स्वतंत्रता को कुछ हद तक सीमित करती है।

अनुदान राशि के उपयोग के लिए भी विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल को 1 लाख रुपये में किताबें खरीदनी होंगी और शेष राशि का उपयोग पुस्तकालय की अन्य जरूरतों, जैसे—शेल्फ, अलमारी या पढ़ने की मेज खरीदने के लिए किया जा सकता है। इस राशि का हिसाब रखना होगा और इसे शिक्षा विभाग में जमा करना होगा।
इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार छात्रों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना चाहती है। हालांकि, यह पहल कितनी सफल होगी और इसका छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह समय ही बताएगा।

West Bengal Flood Alert: तूफान की संभावना, मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए

West Bengal CM Orders Immediate Action as Heavy Rain and Cyclone Threat Trigger Flood Alerts Across Districts

West Bengal Flood Alert: पिछले कुछ दिनों से बंगाल में भारी बारिश हो रही है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में यह स्थिति सबसे गंभीर है, और इस पर नबान्न ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ की संभावना और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।

बारिश और बाढ़ का खतरा
पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नबान्न ने सभी जिलाधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे अपनी-अपनी जिलों में बाढ़ की स्थिति की निगरानी रखें और सभी उपायों को तेज़ी से लागू करें। पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है, और इसीलिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

निम्नदाब के कारण स्थिति और बिगड़ी
राज्य में लगातार बारिश और एक निम्नदाब क्षेत्र के निर्माण के कारण बाढ़ की स्थिति और भी विकट हो गई है। इस निम्नदाब से बरसात की तीव्रता और बढ़ गई है। इसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जो आगे आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकती है।

पश्चिम बंगाल में जलस्तर का बढ़ना और दुर्घटनाएं
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी भरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। असनसोल जैसे स्थानों में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण माटी की दीवार गिर गई और एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान उमापद मंडल के रूप में हुई है। यह घटना असनसोल के नगर निगम के 3 नंबर वार्ड की है।

नबान्न की तैयारी
नबान्न ने इस बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह से तैयार रहने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी रखें और बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी संभावित उपायों को अपनाएं।

जलाशय से पानी छोड़ने की स्थिति
डिवीसी द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। राज्य सरकार ने इस बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी जताई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन ने सभी को तैयार रहने का निर्देश दिया है।

West Bengal Sales Tax Bill : बकाया राशि वसूलने के लिए सेल्स टैक्स संशोधन बिल विधानसभा में पारित

West Bengal Assembly Passes Sales Tax Amendment Bill 2025 to Recover ₹8,000 Crore in Arrears

विक्रय कर, सेंट्रल सेल्स टैक्स (CST) और एंट्री टैक्स के बकाए को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण राज्य सरकार (West Bengal ) के कोषागार में लगभग 8-9 हजार करोड़ रुपये का बकाया पड़ा हुआ है। इन पैसे को प्राप्त करने के लिए सरकार को विभिन्न कदम उठाने थे और इसी कारण विधानसभा में गुरुवार को ‘द वेस्ट बंगाल सेल्स टैक्स (सेटलमेंट ऑफ डिस्प्यूट) अमेंडमेंट बिल-2025’ पारित किया गया। राज्य सरकार का मानना है कि इस बिल के माध्यम से राज्य कोषागार में एक महत्वपूर्ण राशि वापस आ सकेगी।

इस बिल के तहत, उन करदाताओं को ‘वन टाइम सेटलमेंट’ का अवसर प्रदान किया जा रहा है जो लंबे समय से बकाए करों को लेकर विवादित हैं। इसके अनुसार, बकाए कर की 75 प्रतिशत राशि का भुगतान करने पर करदाता अपने बाकी बकाए पर से ब्याज और जुर्माना माफ करा सकते हैं। इससे उन करदाताओं को नए तरीके से बकाया कर चुका कराने का अवसर मिलेगा जो पहले भुगतान करने में अनिच्छुक थे।

राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि वर्तमान में 5,469 करोड़ रुपये का वैट, 1,040 करोड़ रुपये का एंट्री टैक्स और 966 करोड़ रुपये का सेंट्रल सेल्स टैक्स बकाया है। राज्य सरकार का मानना है कि यदि इन बकाए में से कुछ भी वसूला जा सके, तो उस पैसे का उपयोग राज्य के विकासात्मक कार्यों में किया जा सकता है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि 2023 में जब इस प्रकार के टैक्स विवादों के समाधान के लिए संशोधन लाया गया था, तब करीब 20,000 मामले थे। उस समय, 50 प्रतिशत बकाया कर का भुगतान करने पर सेटलमेंट की सुविधा दी गई थी। उन 20,000 मामलों से राज्य सरकार को 907 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

राज्य सरकार का मानना है कि इस संशोधन बिल के तहत अधिक बकाया कर वसूला जा सकेगा। इससे राज्य के विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आवश्यक धन प्राप्त हो सकेगा। राज्य सरकार का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से केंद्रीय योजनाओं जैसे 100 दिन के काम, आवास योजना और ग्रामीण सड़क परियोजना के लिए आवंटित धन में लगातार कमी आई है और यह अब लगभग बंद हो चुका है।

राज्य सरकार के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा क्योंकि अगर बकाया राशि वापस आ जाती है तो इससे राज्य के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को पुनः चालू किया जा सकेगा और लोगों को लाभ होगा।

पावर स्टेशन में भीषण आग, बिजली गुल होने से कोचबिहारवासी गर्मी में बेहाल

Massive Fire at Khagrabari Power Station Leaves Cooch Behar in DarknessKhagrabari power station fire

अयान दे, कोचबिहार | कोचबिहार के खागड़ाबाड़ी पावर स्टेशन में सोमवार शाम एक भीषण अग्निकांड (Power Station) की घटना ने पूरे शहर को अंधेरे में डुबो दिया। शाम सात बजे के आसपास पावर स्टेशन के एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई, जिसकी तीव्रता इतनी थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका काले धुएं से भर गया। इस हादसे के बाद कोचबिहार शहर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिसके चलते भीषण गर्मी में स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद आग को आंशिक रूप से नियंत्रित किया गया, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने में अभी कुछ समय लगेगा। इस घटना के कारण शहर के अस्पतालों, बाजारों और महत्वपूर्ण इलाकों में भारी असुविधा उत्पन्न हो गई। डर के मारे कई लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सौभाग्यवश, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।

बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होने से पंखे, कूलर, और फ्रिज बंद हो गए हैं, जिसके कारण घरों से लेकर दुकानों तक हर जगह परेशानी का माहौल है। कई परिवारों में पीने के पानी की कमी भी देखी जा रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस स्थिति में सबसे ज्यादा कठिनाई हो रही है।

स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से बात करने पर पता चला कि भीषण गर्मी में बिना बिजली के रहना असहनीय हो गया है। एक दुकानदार ने कहा, “इस गर्मी में बिना बिजली के दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। व्यवसाय पूरी तरह ठप हो रहा है।” एक राहगीर ने बताया, “घर में बैठना संभव नहीं हो रहा, इसलिए थोड़ी हवा लेने के लिए सड़क पर निकल आया।”

बिजली विभाग ने बताया कि वे जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि बिजली कब तक पूरी तरह बहाल हो पाएगी। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस समस्या के त्वरित समाधान की मांग की है। यह घटना कोचबिहार के जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल रही है, और अगर जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। कोचबिहार के लोग अब बेसब्री से बिजली सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

 

कोचबिहार में अरण्य सप्ताह के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

Van Mahotsav 2025: Green Initiative Launched in Dwauaguri, Cooch Behar

अयान दे, कोचबिहार | कोचबिहार जिले के डाउयागुड़ी क्षेत्र में अरण्य सप्ताह के अवसर पर एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम (Van Mahotsav) का आयोजन किया गया। पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और हरित विश्व बनाने के उद्देश्य से कोचबिहार 1 नंबर ब्लॉक के डाउयागुड़ी ग्राम पंचायत की पहल पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम में कोचबिहार जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक, कोचबिहार 1 बी ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर हक, कोचबिहार कोतवाली थाने के आईसी तपन पाल, और डाउयागुड़ी क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेता उपस्थित थे।

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इस कार्यक्रम में नेताओं और स्थानीय निवासियों ने मिलकर वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस पहल के माध्यम से स्थानीय समुदाय को वृक्षारोपण का महत्व और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। अरण्य सप्ताह का यह आयोजन न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और हरित विश्व बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कोचबिहार जिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अभिजीत दे भौमिक ने कहा, “प्रकृति को बचाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आज वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। हमें एकजुट होकर इस कार्य में हिस्सा लेना होगा। तृणमूल कांग्रेस हमेशा पर्यावरण संरक्षण के इस आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पहल न केवल पर्यावरण जागरूकता फैलाती है, बल्कि स्थानीय समुदाय को एकजुट भी करती है।

कोचबिहार 1 बी ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल कादर हक ने कहा, “आज का वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल प्रतीकात्मक नहीं है, यह हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और स्वस्थ विश्व छोड़ने की जिम्मेदारी हम सभी की है।” उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम केवल डाउयागुड़ी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले एक सप्ताह तक जिले के विभिन्न हिस्सों में वृक्षारोपण जारी रहेगा।

स्थानीय नेतृत्व ने जानकारी दी कि इस पहल के तहत स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों के बीच पौधों का वितरण और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य कोचबिहार जिले को और अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदाय में एकता और सहयोग का संदेश फैलाने में सफल रहा है। निवासियों ने इस पहल का स्वागत किया है और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। अरण्य सप्ताह का यह आयोजन कोचबिहार में पर्यावरण जागरूकता का एक नया अध्याय शुरू करता है।

पैराड ग्राउंड विवाद पर पर्यावरण अदालत पहुंचे कार्यकर्ता संगठन

Storm Over Alipurduar Parade Ground: TMC vs BJP as Green Court Action Looms

अयान डे अलीपुरद्वार: पैरेड ग्राउंड (Alipurduar Parade Ground) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। इस ऐतिहासिक मैदान में हरियाली को नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के आरोपों के बीच विभिन्न स्वयंसेवी संगठन अब पर्यावरण न्यायालय का रुख करने की योजना बना रहे हैं। यह जानकारी अलीपुरद्वार के विधायक सुमन कांजिलाल ने दी है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर इस मुद्दे को लेकर ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप लगाया है। इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक दलों और आम जनता के बीच तीखी चर्चा को जन्म दिया है।

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पिछले 29 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीपुरद्वार के पैरेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस जनसभा के बाद एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मैदान की स्थिति अब भी खराब है। लगातार बारिश के कारण मैदान के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया है। इसके अलावा, जनसभा के लिए बनाए गए पेवर ब्लॉक की सड़कें, कंक्रीट के ढांचे और अन्य अस्थायी निर्माण अब तक हटाए नहीं गए हैं। इन परिस्थितियों ने मैदान की हरियाली पर गंभीर प्रभाव डाला है। स्थानीय निवासी और स्वयंसेवी संगठन इस नुकसान के लिए प्रशासन पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

अलीपुरद्वार के विधायक सुमन कांजिलाल ने इस मुद्दे पर कहा, “पैरेड ग्राउंड हमारे लिए एक भावनात्मक स्थान है। यह मैदान सिर्फ एक खुली जगह नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और विरासत का हिस्सा है। हम चाहते हैं कि यह मैदान अपनी पुरानी हरियाली वापस पाए। भविष्य में इस मैदान को और नुकसान न हो, इसके लिए विभिन्न स्वयंसेवी संगठन और आम लोग पर्यावरण न्यायालय का रुख कर सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया कि मैदान की हरियाली को बहाल करने के लिए पुनर्वनीकरण की पहल की जाएगी और इस संबंध में प्रशासन के साथ चर्चा चल रही है।

वहीं, बीजेपी नेतृत्व का दावा है कि टीएमसी इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। एक बीजेपी नेता ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस पैरेड ग्राउंड के मुद्दे पर गंदी राजनीति कर रही है, सिर्फ अपनी राजनीतिक मौजूदगी दिखाने के लिए। कोई भी इस मैदान को नुकसान नहीं चाहता, लेकिन इसे राजनीतिक लाभ के लिए हथियार बनाना गलत है।” उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन मैदान को बहाल करने के लिए काम शुरू कर चुका है और जल्द ही इसे पुरानी स्थिति में लाया जाएगा।

स्थानीय स्वयंसेवी संगठन, जो लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं, ने बताया कि पैरेड ग्राउंड की हरियाली को हुए नुकसान का स्थानीय पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। एक संगठन के प्रतिनिधि ने कहा, “यह मैदान सिर्फ खेलकूद या जनसभाओं के लिए नहीं है, बल्कि यह स्थानीय जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनसभा के लिए किए गए निर्माण कार्यों ने मैदान की मिट्टी और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया है। हम इस मुद्दे को पर्यावरण न्यायालय में ले जाने की सोच रहे हैं।”

अलीपुरद्वार जिला, जो 2014 में जलपाईगुड़ी से अलग होकर बना था, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन संपदा के लिए जाना जाता है। पैरेड ग्राउंड इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्थल है, जो न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। हालांकि, जनसभा के बाद मैदान की मौजूदा स्थिति ने स्थानीय लोगों में रोष पैदा किया है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह मैदान हमारा गर्व है। इसे इस हालत में देखकर हम दुखी हैं। प्रशासन को तुरंत कदम उठाकर मैदान को बहाल करना चाहिए।”

पर्यावरण न्यायालय की भूमिका इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है। हाल ही में, पर्यावरण संरक्षण कानून में संशोधन की मांग करते हुए कई संगठनों और विशेषज्ञों ने नागरिकों को सीधे मुकदमा दायर करने का अधिकार देने की वकालत की है। इस संदर्भ में, पैरेड ग्राउंड के नुकसान का मुद्दा यदि पर्यावरण न्यायालय में पहुंचता है, तो यह एक मिसाल कायम कर सकता है।

पैरेड ग्राउंड की मौजूदा स्थिति ने अलीपुरद्वार के स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं में गहरी चिंता पैदा की है। स्वयंसेवी संगठनों का पर्यावरण न्यायालय का रुख करने का फैसला और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालता है और मैदान की हरियाली को बहाल करने के लिए क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार पूजा के बाद शुरू करेगा उद्यम शिविर

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल में आरजी कर कांड की वजह से राज्य सरकार अपनी एक महत्वपूर्ण पहल शुरू नहीं कर सकी। वह सभी जिलों में निवेश बढ़ाने के लिए ‘दुआरे उद्यम’ नामक नया अभियान शुरू करने वाली थी। राज्य सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, अगर सब कुछ ठीक रहा तो दुर्गापूजा के बाद दुआरे उद्यम शुरू हो सकता है।

इस अभियान के नवंबर के अंत में शुरू करने की बात हो रही है। यह शिविर लगाने का मुख्य उद्देश्य बंगाल के छोटे, लघु और मध्यम उद्यमों को ‘उद्यम’ वेबसाइट पर नामांकित करना है।

इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर सरकारी सब्सिडी या लोन की सुविधा नहीं मिलेगी। यहां तक कि केंद्र और राज्य (पश्चिम बंगाल सरकार) की सुविधाओं से वंचित रहे जायेंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार ने दुआरे उद्यम को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्राइस वाटर हाउस कूपर्स को नियुक्त किया है।

बताया जा रहा है कि यह शिविर अगस्त और सितंबर में लगने वाला था, लेकिन उस समय स्थिति अनुकूल नहीं थी। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। दुर्गा पूजा के बाद नवंबर की शुरुआत से दिसंबर अंत के बीच ब्लॉक स्तर पर दुआरे उद्यम शिविर लगाये जायेंगे।

बेपटरी हुई मालगाड़ी की बोगियां, ट्रेनों को किया गया डायवर्ट

जलपाईगुड़ी: मंगलवार सुबह न्यू मयनागुड़ी रेलवे स्टेशन पर एक खाली मालगाड़ी के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए। सुबह 6:20 बजे हुई इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। ओवरहेड बिजली के तार और कुछ खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और दोपहर तक ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

बता दें कि इस घटना के कारण कई ट्रेनों को दूसरे रूट से डायवर्ट किया गया है, जो पूर्वोत्तर राज्यों को अन्य हिस्सों से जोड़ता है। एनएफआर के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। घटना के कारणों की जांच की जाएगी।

हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन ओवरहेड बिजली के तार और खंभों के क्षतिग्रस्त होने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्य में तेजी लाई जा रही है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पर नही भरोसा, आंदोलनरत डॉक्टरों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कोलकाता :  रेप और मर्डर केस की न्याय की मांग कर रहे कोलकाता के जूनियर डॉक्टरों ने अब राष्ट्रपति द्रौपदी से हस्तक्षेप करने की फरियाद की है। उन्होंने राष्ट्रपति पत्र लिखा है और पत्र की प्रति उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजी है।

कोलकाता रेप केस में न्याय की मांग को लेकर जूनियर्स डॉक्टर्स पिछले 34 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन और हड़ताल समाप्त करने को लेकर राज्य की सीएम ममता बनर्जी और डॉक्टरों के बीच बातचीत के प्रयास फेल हो चुके हैं। गुरुवार को नबान्न में बैठक नहीं होने के बाद ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों ने माफी मांगी थी और इस्तीफा देने तक की पेशकश कर दी थी। वहीं, डॉक्टर्स भी आंदोलन पर अड़े हैं और न्याय की मांग को लेकर इस बार प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

बता दें कि नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की रेप और मर्डर मामले में न्याय की मांग पर जूनियर डॉक्टर्स लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में डॉक्टरों से अपील की थी कि वे काम पर लौट आएं। उसके बाद से लगातार राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के बीच बातचीत की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक बातचीत के प्रयास सफल नहीं हुए हैं।

गुरुवार को भी राज्य सचिवालय नबान्न में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जूनियर डॉक्टरों की बैठक विफल रही। परिणामस्वरूप फिर से प्रदर्शनकारी डॉक्टर साल्टलेक लौट गए और स्वास्थ्य भवन के सामने प्रदर्शन जारी रखा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि न्याय की मांग पर वे लोग अगले 33 दिनों तक और भी प्रदर्शन कर सकते हैं।

डॉक्टरों को जब उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने वैकल्पिक रास्ता अपनाया है। उन्होंने गतिरोध तोड़ने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजा है।

आंदोलनकारियों ने न सिर्फ राष्ट्रपति को, बल्कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र की प्रतियां भेजी हैं। यहां तक ​​कि पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भी गया है। इस पत्र को भेजने के संबंध में जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि वे नबान्न गये थे। हालांकि, गुरुवार शाम को अपने अनुभव के आधार पर, उन्हें लगता है कि गतिरोध को तोड़ने के लिए राष्ट्रपति से संपर्क करना नितांत आवश्यक है।

इस दिन डॉक्टरों ने चार पन्नों का पत्र भेजा. जूनियर डॉक्टरों ने पत्र में नौ अगस्त को लेडी डॉक्टर की मौत की घटना के बाद से अब तक जो कुछ भी हुआ, उसका जिक्र किया है. डॉक्टरों ने अपने पत्र में कहा है कि भले ही आरजी कर मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा सुरक्षित है, लेकिन राज्य के बाकी मेडिकल कॉलेजों (सागरदत्त, एसएसकेएम) की तरह अस्पतालों में भी हमले होते रहते हैं.

डॉक्टरों के संगठन के नेता उत्पल बनर्जी ने कहा, ”हमने राष्ट्रपति को पहले भी पत्र लिखकर सूचित किया है कि आपको इस मामले को देखना चाहिए. दोबारा जूनियर डॉक्टरों ने दोबारा पत्र भेजा. यह सच है कि राज्य प्रशासन की भूमिका से जूनियर डॉक्टर पूरी तरह निराश हैं. और अगर उन्हें निराशा हुई तो वे राष्ट्रपति के पास जाएंगे. यह सामान्य है.”

वहीं वरिष्ठ वकील और कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर विकासरंजन भट्टाचार्य ने कहा, ”कोई भी केंद्र से लेकर राष्ट्रपति तक आवेदन कर सकता है. लेकिन डॉक्टरों के आंदोलन की मांगें जनहित संबंधों से जुड़ी हैं. और राज्य सरकार को इस मुद्दे का समाधान करना होगा. हालांकि, राज्य सरकार की अक्षमता के कारण यह आंदोलन लंबा खिंचता जा रहा है. इस कारण डॉक्टरों को पूरा अधिकार है कि वे इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की फरियाद करें

बंगाल के तट पर बन रहा है निम्न दबाव, भारी बारिश का अलर्ट!

कोलकाता : कोलकाता और पश्चिम बंगाल के लिए मौसम की ताजा अपडेट चिंता बढ़ाने वाली है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया और शक्तिशाली डिप्रेशन बन रहा है, जो अगले कुछ दिनों में भयानक रूप ले सकता है। इस डिप्रेशन के प्रभाव से क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी पर तेज हवाओं की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तट पर समुद्री हालात 31 अगस्त तक असामान्य बने रहेंगे।

गुजरात में पहले से ही भारी बारिश हो रही है, जो हाल के दिनों में अप्रत्याशित रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बारिश का पैटर्न बदल रहा है, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी भारी से अत्यधिक बारिश हो चुकी है, और अब सूखे क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला जारी है। राजस्थान के एक जिले और गुजरात के तटीय जिलों में पानी भर गया है

सामान्यतः बंगाल के तट पर बने निम्न दबाव उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हैं, लेकिन इस बार यह दिशा बदल गई है। अब यह डिप्रेशन मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन इस दिशा में बदलाव का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने वर्षा के पैटर्न को प्रभावित किया है। पिछले चार-पांच वर्षों से बारिश पश्चिमी मार्ग पर होने लगी है, जिससे शुष्क क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक वर्षा हो रही है। पश्चिम बंगाल में कई डिप्रेशन बनने से भी बेतरतीब बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक सोमा सेन रॉय का कहना है कि अगस्त में सामान्य से अधिक वर्षा होती है, जो इस बार भी देखने को मिल रही है।

पश्चिम बंगाल की चार सीटों पर छिटपुट हिंसा के साथ मतदान जारी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के तहत बुधवार को वोटिंग शुरू हो गई। बंगाल की जिन सीटों पर वोटिंग शुरू हुई है, उनमें मानिकतला, रायगंज, राणाघाट दक्षिण और बागदा शामिल है। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक हो गया है। मतदान से एक दिन पहले कुछ इलाकों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आई हैं।  मतदान के लिए कुल 1097 बूथ बनाये गये हैं। शांतिपूर्णवक निष्पक्ष तरीके से मतदान संपन्न कराने को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किये हैं। केंद्रीय पुलिस बल की 70 कंपनियों के साथ राज्य पुलिस के कुल 3650 जवान तैनात रहेंगे।

पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में लोकसभा चुनाव की तरह ही सभी मतदान केंद्रों की वेब कास्टिंग की व्यवस्था की गई है। बात की जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की तरफ से मंगलवार को दी गयी। चार सीटों पर 34 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। उत्तर कोलकाता की मानिकतला सीट से नौ उम्मीदवार अपनी  किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें पांच निर्दलीय हैं।

पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने मानिकतला सीट पर कब्जा जमाया था, जबकि भाजपा ने रायगंज, राणाघाट दक्षिण और बगदाह में जीत हासिल की थी। भाजपा विधायक बाद में पार्टी छोड़कर टीएमसी में चले गए थे।

फरवरी 2022 में टीएमसी विधायक साधन पांडे की मौत के कारण मानिकतला विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। टीएमसी ने पांडे की पत्नी सुप्ती को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। सत्तारूढ़ पार्टी ने रायगंज से कृष्णा कल्याणी और रानाघाट दक्षिण से मुकुट मणि अधिकारी को अपना प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे को मानिकतला, मनोज कुमार विश्वास को राणाघाट दक्षिण, बिनय कुमार विश्वास को बगदाह और मानस कुमार घोष को रायगंज से चुनाव मैदान में उतारा है।

शाहजहां के घर पर मौजूद थे हथियार, दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए हुआ था ED पर हुआ था हमला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में पांच जनवरी को उत्तर 24 परगना के संदेशखाली  में प्रवर्तन निदेशालय  की टीम पर हुए हमले के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता शेख शाहजहां और छह अन्य के खिलाफ पहली चार्जशीट स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पहले ही दायर कर चुकी है।

सूत्रों की माने, तो केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में यह आरोप लगाया है कि शाहजहां के आवास में हथियारों का जखीरा छिपाकर कर रखा गया था। इसी बीच ईडी ने वहां अभियान चलाया और सीबीआई को अंदेशा है कि हथियारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के इरादे से केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला व लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया।

आरोप यह भी है कि शाहजहां के भाई शेख आलमगीर व उसके साथियों ने हथियार अबू तालेब नामक शख्स के ठिकाने पर रखवाया था। वह भी शाहजहां के करीबी माने जाने वालों में से एक है। उक्त मामले को लेकर सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई ने अप्रैल में संदेशखाली के सड़बेड़िया में अलग-अलग जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। छापेमारी में विदेश निर्मित पिस्तौल सहित कई हथियार, बम और गोला-बारूद बरामद किये गये। शाहजहां के करीबी माने जाने वाले हफीजुल खान के रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी अभियान चलाया गया था।

इनमें अबू तालेब मोल्ला के ठिकानों से तीन विदेशी रिवॉल्वर, एक देशी आग्नेयास्त्र, एक सरकारी रिवॉल्वर, एक विदेशी पिस्तौल, एक देशी पिस्तौल, 9 एमएम के 120 कारतूस, .45 कैलिबर के 50 कारतूस, 9 एमएम कैलिबर के 120 कारतूस, .380 कैलिबर के 50 कारतूस, .32 कैलिबर के आठ कारतूस जब्त किये गये। साथ ही शेख शाहजहां से संबंधित कुछ दस्तावेज व अन्य सामान भी बरामद हुए थे. इडी की टीम पर पांच जनवरी को संदेशखाली में उस समय हमला किया गया था, जब वह कथित राशन घोटाले के सिलसिले में शाहजहां के परिसर पर छापा मारने गयी थी। उस दिन करीब एक हजार लोगों की भीड़ ने टीम पर हमला कर दिया था, जिसमें इडी के तीन अधिकारी घायल हो गये थे।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद दिल्ली जाएगी ममता बनर्जी

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण करने के बाद सीएम ममता बनर्जी एक दिन के दिल्ली दौरे पर जाएंगी। हालांकि उनके दिल्ली दौरे की तारीख तय नहीं है। सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी सांसदों और शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं अभी दिल्ली नहीं जा रही हूं लेकिन अपने सांसदों के शपथ ग्रहण के बाद मैं उन्हें कुछ जरूरी निर्देश और सलाह देने के लिए एक दिन के लिए भी दिल्ली जा सकती हूं। फिलहाल उनके दिल्ली जाने की तारीख तय नहीं हुई है। हालाँकि, मुख्यमंत्री ने इंडिया एलायंस के प्रतिनिधियों को कोलकाता आमंत्रित किया।

सीएम ने कहा कि हमारे दरवाजे हमेशा सबके लिए खुले हुए हैं। मैं इंडिया गठबंधन को कोलकाता में आमंत्रित करती हूं। दरअसल मुख्यमंत्री संसद सत्र चालू रहने के दौरन दिल्ली जाना पसंद करती हैं। सूत्रों का मानना ​​है आनेवाले मानसून सत्र में भी वे एक दो दिन के लिए दिल्ली जा सकती हैं। ममता बनर्जी को सर्वसम्मति से संसदीय समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया, जिसके लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया। नामों का ऐलान करने के साथ ही पार्टी सुप्रीमो ममता ने संसद की रणनीति भी तय की। उन्होंने कहा, हम संसद में बैठने नहीं जा रहे हैं। हम सीएए, एनआरसी को रद्द करने की मांग को लेकर मुखर रहेंगे।

हम अपना बकाया भुगतान की मांग करेंगे, इसे पूरा करना ही होगा। ममता ने कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य का जो भी बकाया है, वह पहले चुकाया जाए। इस बार हमारे पास ज्यादा ताकत है। संसद में पार्टी को दो तीन जरूरी काम करने होंगे। पहल यह कि डेरेक-डोला-नदीमुल-सागरिका किशन परिवार से मिलने हरियाणा जाएंगे। वे अपनी दैनिक मजदूरी की मांग संसद में उठाएंगे। दूसरा यह कि शेयर बाजार इतना कैसे बढ़ गया? जरूर दाल में कुछ काला है। मतदान के दिन, नतीजे के दिन जो कुछ भी हुआ, वह एक बड़ा घोटाला है। हम इसकी जांच की मांग करंगे। राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए भी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि मैं सभी सांसदों से कहूंगी कि आप अपनी पार्टी को मजबूत करें। बीजेपी ने फिर से पार्टी को तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी है। उन्हें समझना होगा कि पार्टी को तोड़ना ठीक नहीं है। अगर आप ऐसे ही चलते रहे तो, आपकी अपनी पार्टी टूट जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मैं अलोकतांत्रिक, गैरकानूनी तरीके से बनी इस सरकार को बधाई नहीं दे सकती, मुझे खेद है।

रानीगंज में सोने की दुकान पर लूटपाट, पहुंची पुलिस तो जमकर हुई गोलीबारी

रानीगंज : पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बड़ी घटना देखने को मिली है। यहां रानीगंज इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित सोने की कंपनी के शोरूम में डकैती की गई। भारी हथियारों से लैस बदमाश बैंक में घुसे और हथियार लहराने लगे। इस दौरान घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस बल भी पहुंच गई। इसके बाद शोरूम में मौजूद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से खूब फायरिंग हुई। हालांकि मौके का फायदा उठाते हुए बदमाश बाइक पर सवार होकर वहां से भाग निकलने में सफल हो गए।

स्थानीय लोगों की मानें तो इस गोलीबारी में एक डकैत को गोली भी लगी है। सूत्रों की मानें तो डकैत सोने की दुकान से कुछ जेवरात भी ले जाने में सफल हो गए हैं। घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस अधिकारी और आम लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। पुलिस ने चारों और नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

हालांकि अबतक बदमाशों का कुछ पता नहीं चल सका है। स्थानीय लोगों की मानें तो करीब सात लोग डकैती के इरादे से शोरूम में घुसे थे। इस दौरान शोरूम पर तैनात सुरक्षाकर्मी की उन्होंने बंदूक तक छीन ली।लोगों ने बताया कि सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनकर सभी बदमाश शो रूम के अंदर घुसे। इसके बाद बदमाश वहां काफी समय तक रहे और लूटपाट की। घटना को लेकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।

पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालने में जुटी हुई है। वीडियो को देखकर साफ पता चलता है कि करीब 7 लोग चेहरे पर मास्क लगाकर शोरूम के अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने तमंचा लहराना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस की टीम वहां पहुंची तो गोलीबारी शुरू हो गई और फिर वहां मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गई और स्थानी लोगों को भीड़ भी पहुंच गई।

बंगाल के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

कोलकाता : जून की शुरुआत से ही बंगाल में मॉनसूनी बारिश का असर दिख रहा है। महीने की शुरुआत से ही राज्य में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और दक्षिण बंगाल में लगातार अभी कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस जिले में बारिश होगी।

उत्तर बंगाल: आज यानी 02 जून, 2024 – उत्तर बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल: आज यानी 02 जून, 2024 – दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तर बंगाल

कूच बिहार, अलीपुरद्वार जिला: आज यानी 02.06.2024 (ऑरेंज अलर्ट: सावधान रहें) एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है।
जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, उत्तरी दिनाजपुर जिला: आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट) एक या दो स्थानों पर लगातार भारी बारिश (7-11 सेमी) होने की संभावना है।

दक्षिण बंगाल

पूर्व और पश्चिम बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, हुगली जिला: आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट): एक या दो स्थानों पर तेज हवाएं (गति 40-50 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है।

अन्य जिलों में आज यानी 02.06.2024 (येलो अलर्ट) एक या दो स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं (गति 30-40 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है।

 

बंगाल चुनाव : एग्जिट पोल में टीएमसी से बीजेपी काफी आगे

कोलकाता : पूरे देश के साथ पश्चिम बंगाल में भी लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान पूरा होने के साथ शनिवार देर रात तक एग्जिट पोल आया। अधिकतर एग्जिट पोल में केंद्र में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में भी भाजपा की आंधी दिख रही है। अधिकतर एग्जिट पोल में भाजपा को राज्य में 42 में से 17 से 28 सीटें मिलती दिख रही हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद सभी पोल्स में लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने का अनुमान जताया गया है। कम-से-कम दो एग्जिट पोल में एनडीए को 400 से ज्यादा सीटें दी गई हैं। तमाम एग्जिट पोल्स में पश्चिम बंगाल में भाजपा को बड़ी बढ़त दिख रही है।

एक्सिस माय इंडिया के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा 26-31 सीटें जीत सकती है, जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सिर्फ 11-14 सीटें मिलने का अनुमान है। टुडेज चाणक्य की बात करें तो उसने भी पश्चिम बंगाल में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बताया है।

राज्य में भाजपा 24 सीटें जीत सकती है, जबकि तृणमूल कांग्रेस के खाते में 17 सीटें आने का अनुमान है। इसके अलावा, अन्य पोल्स में भी भाजपा तृणमूल कांग्रेस की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है। बात करें एबीपी न्यूज़ सी वोटर के सर्वे की तो पश्चिम बंगाल में भाजपा को 42 में से 17 से 27 सीटें मिल सकती हैं। बाकी 13 से 17 सीटों पर तणमल का कब्जा होगा और एक से तीन सीटें कांग्रेस गठबंधन को मिल सकती है।

बंगाल में सातवें चरण के मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा, वोट जारी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में शनिवार को नौ लोकसभा सीटों पर हो रही वोटिंग के दौरान जगह-जगह से हिंसा की खबरें आ रही हैं। इस बीच तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव और डायमंड हार्बर से तृणमूल उम्मीदवार अभिषेक बनर्जी ने मतदान किया है।

मतदान के बाद उन्होंने कहा, ”मैं तीन महीने से सड़कों पर हूं। आज गर्मी अपेक्षाकृत कम है। मुझे उम्मीद है कि लोग बड़ी संख्या में मतदान के अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। पिछले पांच वर्षों में बंगाल को जिस तरह से वंचित रखा गया है, उसका जवाब जनता देगी। चार तारीख को आपको इसका रिफ्लेक्शन दिखेगा। केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश झलकेगा।

इसी तरह से कोलकाता उत्तर से तृणमूल उम्मीदवार सुदीप बनर्जी ने अपनी पत्नी के साथ वोट डाला है। वोट डालने के बाद उन्होंने कहा, ”मैं पहले जितने वोटों से जीता था, उससे ज्यादा वोट मुझे मिले हैं। इस वर्ष लक्ष्य अधिक है। मतदान शांतिपूर्ण है।वइतने बड़े मतदान में एक-दो घटनाएं हो भी जाएं तो उसका समाधान किया जा रहा है। चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्वक तरीके से हो रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में चक्रवात रेमाल ने उजाड़े हजारों घर, 6 की मौत

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान रेमल तबाही के निशान छोड़ गया। इस तूफान के
कहर में छह लोगों की जान चली गई। राज्य के 24 प्रखंड और 79 नगरपालिका वार्ड में करीब 29 हजार 500 घर
आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से अधिकतर दक्षिणी तटीय इलाकों में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के
एक अधिकारी ने आज यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में दो हजार 140 से अधिक पेड़ उखड़ गए और लगभग
एक हजार 700 बिजली के खंभे गिर गए। शुरुआती आकलन है कि 27 हजार घर आंशिक रूप से और दो हजार
500 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अभी आकलन जारी है। इसलिए यह आंकड़े बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया
कि प्रशासन ने दो लाख सात हजार 60 लोगों को एक हजार 438 सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाया। वर्तमान में वहां 77
हजार 288 लोग हैं। इस समय 341 रसोई के माध्यम से उन्हें खाना पहुंचाया जा रहा है। तटीय और निचले इलाकों
में प्रभावित लोगों को 17 हजार 738 तिरपाल वितरित किए गए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में काकद्वीप, नामखाना, सागर द्वीप, डायमंड हार्बर, फ्रेजरगंज, बक्खली और मंदारमनी शामिल हैं।
चक्रवात के कारण तटबंधों में मामूली दरारें आ गई थीं। उनकी मरम्मत कर दी गई। इस अधिकारी ने कहा कि अब
तक तटबंध टूटने की कोई सूचना नहीं मिली है। चक्रवात के कारण अब तक छह लोग जान गंवा चुके हैं।

कोलकाता में एक, दक्षिण 24 परगना जिले में दो महिलाएं, उत्तर 24 परगना जिले में एक और पूर्व मेदिनीपुर में
पिता-पुत्र की मौत हो चुकी है। तटीय क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पश्चिम बंगाल और पड़ोसी बांग्लादेश
दोनों जगहों पर महत्वपूर्ण बुनियादी संरचनाओं को क्षति पहुंची है।

Coal Scam: बंगाल में नाटकीय घटना, कोयला तस्करी मामले के मुख्य आरोपी अनूप माझी ने किया सरेंडर

Anup Majhi - Coal Scam

 लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के अगले दिन बंगाल में एक नाटकीय घटना घटी. लंबे समय से पर्दा डाले पड़े कोयला घोटाले( Coal Scam) का मुख्य आरोपी है अनुप…

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के अगले दिन बंगाल में एक नाटकीय घटना घटी. लंबे समय से छुपे चल रहे कोयला घोटाले (Coal Scam) के मुख्य आरोपी अनूप माझी उर्फ ​​लाला ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. जी हां आपने सही सुना.

इस घटना को लेकर काफी उत्तेजना फैल गई है. मंगलवार को लाला जमानत याचिका के साथ आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश हुए।

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Weather: दक्षिण बंगाल के 4 जिलों में भारी बारिश की आशंका, कोलकाता भी भीगेगा

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देशभर में सोमवार को लोकसभा चुनाव का चौथा चरण शुरू हो गया। बंगाल में भी कई केंद्रों पर छिटपुट गड़बड़ी के साथ मतदान प्रक्रिया जारी है. लेकिन आज बंगाल में मतदान का दिन है…

देशभर में सोमवार को लोकसभा चुनाव का चौथा चरण शुरू हो गया। बंगाल में भी कई केंद्रों पर छिटपुट गड़बड़ी के साथ मतदान प्रक्रिया जारी है. लेकिन क्या आप आज मतदान के दिन बंगाल के मौसम के बारे में कुछ जानते हैं? क्या आज बारिश होगी? पता लगाना

अलीपुर मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार को दक्षिण बंगाल के मुख्य रूप से चार जिलों में बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. दक्षिण बंगाल के तटीय जिलों में आज 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इस दिन सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की भी संभावना है. आज पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना में तूफानी बारिश जारी रहेगी. इसके अलावा हावड़ा, हुगली, कोलकाता, पुरुलिया, झाड़ग्राम, बांकुरा, पश्चिम बर्दवान, पूर्वी बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नादिया में भी बारिश होगी.

मौसम विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ”बंगाल की खाड़ी से नमी के तेज प्रवाह के कारण समुद्र तल से डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. हल्की से मध्यम बारिश होगी” सोमवार के बाद कम से कम मंगलवार तक इन जिलों में रहने की संभावना है।”

वहीं उत्तरी जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है. ये जिले हैं दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार और अलीपुरद्वार। हालांकि, मंगलवार से पश्चिमी जिलों में पारा एक बार फिर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. वहीं, कोलकाता के लोगों के पसीने छूट सकते हैं.