आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युवाओं के जॉब रहेंगे सिक्योर

नई दिल्ली : AI या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे आधुनिक युग के महान अविष्कारों में से एक है। AI की उन्नति ने स्वास्थ्य सेवा, व्यवसाय, शिक्षा और समाज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति ला दी है और वैश्विक स्तर पर इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे कही न कही संभावित नौकरी छूटने की चिंता भी बढ़ रही है। युवा वर्ग तो इस बात से और भी डरा हुआ है, पर चिंता करने की बात नही है । AI किसी की नौकरी नहीं खाने वाला है, उल्टा नई नौकरियां लाने वाला है, ऐसा कहना है Deloitte के रोहित टंडन का।

इस विषय के ऊपर अनेक जानकारों के अलग अलग मत हैं। कुछ लोगो का अनुमान है कि AI भविष्य में कई नौकरियों को खत्म कर देगा, वहीं बहुत से लोगो का मत है कि ये नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। AI के पक्ष में बोलने वालों में अब डेलॉइट कंपनी के कार्यकारी रोहित टंडन का भी नाम जुड़ गया है . युवाओं को आने वाले समय में AI से डरने की जरूरत नहीं है, क्युकी कृत्रिम मेधा भविष्य में लोगो के लिए और नए नौकरी के अवसर लेके आ सकती है।

मीडिया से बातचीत के दौरान डेलॉइट एलएलपी के एआई प्रभाग के एमडी रोहित टंडन ने बताया कि एआई नौकरियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि कुछ सरल कार्यों का स्थान लेगा और नई नौकरियों के अवसर पैदा करेगा। टंडन ने बताया कि उन्हें भविष्य में ऐसा लगता है कि एआई इंसानों के साथ मिलकर काम करेगा, उन पर कब्ज़ा नही।

युवाओं के लिए खुलेंगे रास्ते : मोदी

PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकसित भारत 2047 को लॉन्च करने वाले हैं। विकसित देश बनने की दौड़ में जुटे भारत के लिए यह एक बड़ा कदम है। भारत कुछ ही समय में पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने वाली है जिसके बाद यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। इसी लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को विकसित भारत 2047 लॉन्च करने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण कांची योजना है जिसकी जरिए आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर भारत को विकसित बनाया जाना मुख्य उद्देश्य है।देश के युवाओं को सक्रियता के साथ इस कार्यक्रम में जोड़ने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा है। विकसित भारत 2047 मिशन के तहत युवाओं को राष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्राथमिकताओं और लक्ष्य निर्धारण में शामिल करना मूल रूप से जरूरी है। बता दें कि इस दौरान आर्थिक बढ़ोतरी, सामाजिक, पर्यावरण संरक्षण और गुड गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर न सिर्फ चर्चा होगी बल्कि इसके उच्चतम लक्षण को हासिल करने के लिए अपनाए जाने वाले विकल्पों पर विचार भी किया जाएगा। यह सभी विकास के विभिन्न पहलू हैं जिन्हें विकसित राष्ट्र बनाने के लिए इस दृष्टिकोण में शामिल किया गया है।

युवाओं को चलाना चाहिए वेड इन इंडिया मूवमेंट : मोदी

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दो दिवसीय उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आकर मन धन्य हो जाता है. कुछ वर्ष पहले जब मैं बाबा केदार के दर्शन के लिए निकला था अचानक मेरे मुंह से निकला था की 21वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक है.उन्होंने कहा कि मैं देश के धन्ना सेठ, अमीरों से कहना चाहता हूं कि जब भगवान जोड़ियां बनाते हैं तो आप लोग भगवान के चरणों के बजाय बाहर विदेश में जाकर क्यों शादी करती हो. युवाओं को वेड इन इंडिया मूवमेंट चलाना चाहिए.उन्होंने आगे कहा कि बीते दिनों उत्तरकाशी में टनल से हमारे श्रमिक भाईयों को सुरक्षित निकालने का जो सफल अभियान चला, उसके लिए मैं राज्य सरकार समेत सभी का अभिनंदन करता हूं. उत्तराखंड वो राज्य है, जहां आपको देवत्व और विकास दोनों का अनुभव एक साथ होता है और मैंने तो उत्तराखंड की भावनाओं और संभावनाओं को निकट से देखा है. मैंने उसे जिया है, अनुभव किया है.

नशीली दवा से युवाओं को अंधा बना रही केंद्र सरकार: कन्हैया

मुंबई कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कन्हैया कुमार ने कहा कि देश के कई बंदरगाहों पर ड्रग्स पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को अंधा करने के कई साधन हैं। उनमें से एक है नशा।कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के युवाओं को अंधा बनाने के लिए नशीली दवाओं का इस्तेमाल एक उपकरण के रूप में कर रही है। कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे की भी आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि हजारों लोगों की अनदेखी क्यों की जा रही है? कन्हैया ने पूछा कि धारावी के पुनर्विकास की प्रक्रिया में लोगों को उनके अधिकारों से दूर रखा जा रहा है ।कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर पीएम ने जो वादे किए थे उनमें से पांच प्रतिशत भी पूरे कर दिए जाते तो भी देश की जनता काफी बेहतर स्थिति में होती।

J&K: কাশ্মীরি যুবকদের সঙ্গে আলোচনার আগে বুলেটপ্রুফ শিল্ড সরালেন শাহ

Amit Shah Removes Bulletproof shield

National Desk: কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী অমিত শাহর তিনদিনের কাশ্মীর সফরের সোমবার ছিল শেষ দিন। এদিন অচেনা অমিত শাহকে দেখতে পেলেন কাশ্মীরের মানুষ।

শ্রীনগরে শের-ই কাশ্মীর ইন্টারন্যাশনাল কনভেনশন সেন্টারে অনুষ্ঠানে ভাষণ দিতে উঠে শাহ প্রথমেই বলেন, তিনি সরাসরি কাশ্মীরের যুব সম্প্রদায়ের সঙ্গে কথা বলবেন। তাই মাঝে কোনও আড়াল রাখতে চান না। শাহর এই বক্তব্যের পর পোডিয়াম থেকে বুলেটপ্রুফ শিল্ড সরিয়ে নেওয়া হয়।

অমিত শাহ বলেন, রাজ্যের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী ফারুক আবদুল্লা আমাকে পাকিস্তানের সঙ্গে কথা বলতে পরামর্শ দিয়েছেন। পাকিস্তানের সঙ্গে পরে কথা বলব। সবার আগে আমি কাশ্মীরের যুব সম্প্রদায়ের সঙ্গে কথা বলতে চাই। জানতে চাই তাদের সুবিধা অসুবিধার কথা সবার আগে কাশ্মীর ও লাদাখের উন্নয়ন করাই কেন্দ্রের লক্ষ্য।

কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী বলেন কাশ্মীরের উন্নয়নের লক্ষ্য পূরণের জন্যই ৩৭০ ধারা বিলোপ করেছেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী। এরপরই শাহ যুব সম্প্রদায়ের সঙ্গে আলাপচারিতায় মেতে ওঠেন।

শাহ তাঁর ভাষণে বলেন, কাশ্মীরকে এখন আর অন্য রাজ্যগুলির থেকে কোনওভাবেই আলাদা করে দেখা হয় না। প্রধানমন্ত্রীর হৃদয়ে কাশ্মীরের স্থান। কাশ্মীরের উন্নয়নই সরকারের একমাত্র লক্ষ্য।

সফরের শেষ দিনে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী ক্ষীর ভবানী মন্দিরে পুজো দেন। গান্দেরবাল জেলায় রাগণ্যা দেবীর মন্দিরেও পুজো দিয়েছেন তিনি। একটি ৫০০ শয্যা বিশিষ্ট হাসপাতালের উদ্বোধন করেন তিনি। ১১৫ কোটি টাকা খরচ করে এই হাসপাতালটি তৈরি করা হয়েছে।

হাসপাতালের উদ্বোধন করে শাহ বলেন, আগে এই রাজ্যে মাত্র তিনটি মেডিকেল কলেজ ছিল। কিন্তু প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী এখানে আরও সাতটি মেডিকেল কলেজ তৈরির অনুমোদন দিয়েছেন। এর ফলে ৫০০ নয়, এখন কাশ্মীরের ২০০০ যুবক-যুবতী ডাক্তারি পড়ার সুযোগ পাবেন। শুধু তাই নয় এখন আর ডাক্তারি পড়ার জন্য কাউকে অন্য রাজ্যে যেতে হবে না।

কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী এদিন একটি চার হাজার কোটি টাকার সড়ক প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করেন। ওই ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন অনুষ্ঠানে তিনি বলেন, কাশ্মীরের যুবক সম্প্রদায়ের কর্মসংস্থানে সরকার সবচেয়ে বেশি জোর দিচ্ছে। কর্মসংস্থান হলেই এ রাজ্যের উন্নয়ন ঘটবে। ভূ-স্বর্গে উন্নয়নের জন্য অর্থের কোনও অভাব হবে না। রাজ্যের উন্নয়নে স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী আরও একবার যুব সম্প্রদায়কে এগিয়ে আসার আহ্বান জানান। অমিত শাহ বলেন যুবসম্প্রদায়ই পারে কাশ্মীরকে উন্নতির শিখরে পৌঁছে দিতে।

অন্যদিকে, বিজেপির সাধারণ সম্পাদক তরুণ চুঘ এদিন কংগ্রেসকে তীব্র কটাক্ষ করেছেন। তিনি বলেছেন, কংগ্রেস আমলে কাশ্মীর চলত পাথর নিক্ষেপকারীদের কথায়। রাজ্যের অভ্যন্তরীণ নিরাপত্তা বলতে কিছুই ছিল না। এখন কাশ্মীরের মানুষ ভালভাবেই বুঝতে পারছেন কংগ্রেস আমলে রাজ্যের কী অবস্থা ছিল আর ৩৭০ ধারা প্রত্যাহারের পর কোন জায়গায় তাঁরা পৌঁছেছেন। নরেন্দ্র মোদীর হাত ধরে কাশ্মীরে উন্নয়নের নতুন যুগের সূচনা হয়েছে। কাশ্মীরের এই উন্নয়নকে জোর কদমে এগিয়ে নিয়ে যাওয়াই কেন্দ্রের মূল লক্ষ্য।

পেপার কাটিংয়ে বীরেন্দ্রকৃষ্ণকে শ্রদ্ধা সিঙ্গুরের যুবকের

A paper art on birendrakrishna bhadra

বিশেষ প্রতিবেদন: মহালয়া মানেই ভোরবেলায় বীরেন্দ্রকৃষ্ণ ভদ্রের চণ্ডীপাঠ। অন্যদিনের থেকে আজকের সকালটা এভাবেই শুরু হয়েছে বাঙালির। কাক পক্ষী নয়। নেসাল টোনের ওই উদ্দীপ্ত কণ্ঠে।শুনে। রেডিও সারা বছর না বেরোলেও এই মানুষটার জন্য একদিন হলেও প্রত্যেক বাঙালি বাড়িতে বেরোয় রেডিও। এর কোনও পরিবর্তন নেই। আদি অনন্তকাল ধরে যেন মহালয়ার ভোরটা এমনই করে দিয়েছেন বীরেন্দ্রকৃষ্ণ ভদ্র। তাঁরই অবয়ব পেপার কাটিংয়ের মাধ্যমে ফুটিয়ে তুলে শ্রদ্ধা জানাল হুগলি জেলার সিঙ্গুর গ্রামের যুবক সৌরভ আদক।

সূক্ষ্ম হাতের কাজ করেন সৌরভ। কীভাবে এই কাজ করেন? তিনি বলেন , ‘আগে ছবিটা হাতে এঁকে নিই। তারপরে আসল কাজটা করি। জালের উপর ট্রেনের টিকিট রেখে তার উপরে ফর্ক দিয়ে কাটি। তবে বেশি কাজটা হয় কাঁচি আর ব্লেড দিয়ে’।

এমন পেপার কাটিংয়ের কাজ সৌরভ গত বছর আটেক ধরেই করছেন। পেপার কাটিংয়ের জন্য কাজ বেছে নিয়েছেন ট্রেনের টিকিটকেই। এর উপরেই হাতের সমস্ত কারিকুরি তার। তিনি বলেন , ‘ট্রেনের টিকিটের কাগজ অত্যন্ত ভাল মানের হয়। তাই কাজ করতে সুবিধা হয়। আর ট্রেনের টিকিট মানুষ কাজ হয়ে গেলে স্বাভাবিকভাবেই ফেলে দেয়। এতে পরিবেশের ক্ষতি হয়। ফেলে দেওয়া টিকিট পুনরায় ব্যবহারের ফলে প্রকৃতির উপকার হয়।’

সাড়ে তিন ইঞ্চি থেকে ছয় ইঞ্চির সমস্ত রেল টিকিটের উপর কাজ করেন সৌরভ। হাতের কারিকুরিতে ফুটিয়ে তুলেছেন মমতা, মোদি, মেসি, রোনাল্ডো থেকে শুরু করে মহম্মদ রফি , সোনু নিগম, রুপম ইসলাম ,উত্তম কুমার, ধোনি, সৌরভ, মাইকেল জ্যাকসন, স্কারলেট জোহানসন, কেট উইনস্লেটদের।

ভবিষ্যৎ ভাবনা কি ? সৌরভ জানিয়েছেন, ‘এই পেপার কাটিং আমার প্যাশন। সেটাকে পেশা করার জন্য পরিকল্পনা এখনই নেই তবে পেশার দিকে ভাবনা এগোচ্ছে কারণ কিছু উপার্জনও হচ্ছে এই কাজ থেকে। প্রদর্শনী করেছি। সেখান থেকেও কিছু অর্থ আসে। তবে ইঞ্জিনিয়ারিংয়ের ছাত্র আপাতত মন দিয়ে প্যাশনটাকে ধরে রাখতে চাইছেন। এটাই প্রাথমিক পরিকল্পনা।