25 साल बाद चुनाव हारते ही Adhir Ranjan हुए ‘अधीर’ कहा ,मेरा राजनीतिक भविष्य कैसा होगा, नहीं जानता

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल के बहरमपुर संसदीय क्षेत्र से हार के एक दिन बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वह नहीं जानते कि उनका राजनीतिक भविष्य कैसा होगा। पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख अधीर चौधरी को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने 85,000 से अधिक मतों के अंतर से हरा दिया। चौधरी की पराजय के साथ ही कांग्रेस ने बहरमपुर पर अपनी राजनीतिक पकड़ खो दी, जो राज्य में कांग्रेस का अंतिम गढ़ था। पार्टी को केवल एक सीट मालदा दक्षिण पर जीत मिली है।अपने बहरमपुर आवास पर एक निजी चैनल से बात करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि उन्हें आशंका है कि आने वाला समय उनके लिए कठिन होगा।

अधीर ने कहा कि इस सरकार से लड़ने के प्रयास में मैंने अपनी आय के स्रोतों की अनदेखी की है। मैं खुद को बीपीएल सांसद कहता हूं। राजनीति के अलावा मेरे पास कोई और कौशल नहीं है। इसलिए आने वाले दिनों में मेरे लिए मुश्किलें खड़ी होंगी और मुझे नहीं पता कि उनसे कैसे पार पाया जाये। चौधरी ने पुष्टि की कि वह अपना सांसद आवास खाली करने के लिए जल्द ही राजधानी जायेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी एक छात्रा है और कभी-कभी अपनी पढ़ाई के लिए इस जगह का इस्तेमाल करती है। मुझे वहां एक नया घर ढूंढना होगा, क्योंकि मेरे पास कोई घर नहीं है।

चुनाव के बाद ममता बनर्जी की ‘I.N.D.I‌.A’ गठबंधन के साथ निकटता पर बात करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि उन्होंने गठबंधन में तृणमूल की मौजूदगी पर कभी आपत्ति नहीं जतायी. हालांकि श्री चौधरी ने इस बात से सहमति जतायी कि उन्होंने ममता बनर्जी के साथ गठबंधन का विरोध करते हुए पार्टी हाईकमान के समक्ष अपनी बात रखी है, क्योंकि उनका मानना है कि यह राजनीतिक आत्महत्या के समान होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के पद पर बने रहेंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैंने चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है और पहले अपने नेताओं से इस पद के लिए मुझसे ज्यादा योग्य व्यक्ति को खोजने का आग्रह करते हुए अपना पद छोड़ना चाहता था। मैं सोनिया गांधी के अनुरोध पर रुका रहा, मुझे अभी तक अपने नेताओं की ओर से कोई फोन नहीं आया है। फोन आने पर मैं एक बार फिर पार्टी को अपनी इच्छा से अवगत कराऊंगा।

चौधरी ने कहा कि बहरमपुर में प्रचार के लिए किसी नेता को न भेजना पार्टी का विवेकाधिकार है और इस बारे में वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, ‘जब राहुल गांधी की ‘पूरब-पश्चिम भारत जोड़ो यात्रा’ मुर्शिदाबाद पहुंची, तो हमने उसमें हिस्सा लिया। हमारे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार मालदा में प्रचार किया, लेकिन बहरमपुर कभी नहीं आये। यह हमारे केंद्रीय नेतृत्व का फैसला था, जिसके बारे में मुझे कुछ नहीं कहना है.’ साल 1999 से बहरमपुर से सांसद चौधरी के लिए यह शायद सबसे कठिन चुनावी मुकाबला था, जिसमें उन्हें गुजरात के रहने वाले तृणमूल उम्मीदवार पठान से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

Adhir Ranjan chowdhury: ‘मैं जीत रहा हूं’, सातसाकाले में अधीर का बड़ा दावा

Adhir Ranjan chowdhury

लोकसभा चुनाव को लेकर सोमवार को कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने बड़ा दावा किया. साथ ही इस दिन सत्ताधारी पार्टी तृणमूल (TMC) ने कड़े शब्दों में…

लोकसभा चुनाव को लेकर सोमवार को कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने बड़ा दावा किया. साथ ही इस दिन बहरामपुर के कांग्रेस उम्मीदवार ने सत्ताधारी पार्टी तृणमूल (TMC) पर कड़े शब्दों में हमला बोला.

इस दिन अधीर की आंखों में आत्मविश्वास के भाव दिखे. पार्टी उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ”हम जीतने जा रहे हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है. मैं बहुत आश्वस्त हूं. करीब 4-5 जगहों पर कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं. हम आयोग में भी शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं.’ मैं किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि भाजपा और तृणमूल से चुनाव लड़ रहा हूं।’ तृणमूल को यहां से यूसुफ पठान को उम्मीदवार नहीं बनाना चाहिए था, यह व्यर्थ है।’

हिम्मत है तो 2024 से पहले पीओके छीनकर दिखाओ : अधीर

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पाक अधिकृत कश्मीर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। दरअसल, जम्मू कश्मीर से जुड़े एक विधेयक पर हुए चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा था कि जवाहरलाल नेहरू की गलतियों की वजह से पीओके का जन्म हुआ। अब इसको लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा पर जबरदस्त तरीके से निशाना साथ रही है। इन सबके बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भाजपा को चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि अगर हिम्मत है तो 2024 से पहले पीओके को हासिल करके दिखाओ, पूरा देश आपको वोट करेगा।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को सत्ता में आए 10 साल हो गए, अटल बिहारी वाजपेयी 6 साल तक सत्ता में रहे। तो, भाजपा को कौन रोक रहा है? उन्होंने साफ तौर पर कहा कि 2024 चुनाव से पहले पीओके वापस लो। पूरे भारत का सारा वोट आपको मिलेगा।अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान में कहा कि इस मामले पर सदन में पूरे दिन चर्चा होनी चाहिए। ये कोई छोटी बात नहीं है। भारत का इतिहास सिर्फ अमित शाह ही नहीं जानते, और भी होंगे। ताकि, देश के लोगों को पता चले…जब 2019 में अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तो अमित शाह ने कहा था कि पीओके वापस लाएंगे।

ममता कभी हमें वोट देने की अपील नहीं की : अधीर

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन पार्टियों की एक बैठक की घोषणा की थी। आज इंडिया गठबंधन पार्टियों के सांसदों के साथ मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक बुलाई। वहीं बुधवार को इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं के साथ कांग्रेस बैठक करेगी। छह दिसंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नाराजगी जताई थी।ममता बनर्जी के बैठक में शामिल होने से इनकार करने पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी भड़क गए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘उसका घमंड चुनाव से पहले भी ऐसा ही था। पांच राज्यों में चुनाव थे, लेकिन उसने भाजपा को हराने के लिए लोगों से विपक्षी पार्टियों को वोट देने की अपील तक नहीं की।भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी एक बयान जारी किया है। उन्होंने अपने बयान में नीतीश कुमार से लेकर ममता बनर्जी को निशाने पर लिया। भाजपा सांसद ने कहा, ‘यह उनका आंतरिक मुद्दा है। इंडिया गठबंधन कहां है? उन्होंने एक साथ तीन बार चाय पी और गठबंधन बना लिया? इसका नेतृत्व नीतीश कुमार ने संभाला, लेकिन आज वह कहां है? वह खुद इस बैठक में शामिल नहीं होते हैं।

पूर्व नौसेना को कतर से वापस लाने की कोशिश होनी चाहिए : अधीर

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से मांग की है कि कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व कर्मियों को वापस लाने के लिए हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए। बता दें कि कतर की अदालत ने बीती 26 अक्तूबर को भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी। कतर ने आरोपों का खुलासा नहीं किया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोप में नौसेना कर्मियों को यह सजा सुनाई गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से मांग की है कि कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व कर्मियों को वापस लाने के लिए हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए। बता दें कि कतर की अदालत ने बीती 26 अक्तूबर को भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी। कतर ने आरोपों का खुलासा नहीं किया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोप में नौसेना कर्मियों को यह सजा सुनाई गई है।

कर्नाटक और हिमाचल के समय ज्ञान कहां गायब था: अधीर

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कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधानसभा चुनाव में हार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जब भाजपा कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश चुनाव हार गई तो उनका ‘ज्ञान’ (सलाह) गायब हो गया। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले, पीएम मोदी ने विपक्ष को “हताशा निकालने” के बजाय छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हार से सबक लेने की सलाह दी। इसी को लेकर प्रधानमंत्री पर कांग्रेस की ओर से पलटवार किया गया है।इसके जवाब में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बेहतर होगा कि पीएम हमारे भविष्य के बारे में सोचना बंद कर दें। क्योंकि जब बीजेपी कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश हार गई तो सब ज्ञान गायब हो गया था।अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कुछ दिन पहले कर्नाटक-हिमाचल प्रदेश में चुनाव हुए थे उस समय मोदी जी का ज्ञान कहां था? वे समय-समय पर अपने ज्ञान निकालते हैं।मोदी ने सोमवार को विपक्षी दलों से आग्रह किया कि संसद के शीतकालीन सत्र में वे विधानसभा चुनावों में मिली पराजय का ‘गुस्सा’ ना निकालें बल्कि उससे सीख लेते हुए पिछले नौ सालों की नकारात्मकता को पीछे छोड़ें और सकारात्मक रूख के साथ आगे बढ़ें, तभी उनके प्रति लोगों का नजरिया बदल सकता है।

मुझे यकीन है कोई अन्याय नहीं होगा : अधीर

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लोकसभा में कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ आचार समिति की कार्यवाही के मुद्दे पर लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा। अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन की मुख्य रूप से सदस्यों के अधिकारों से संबंधित संसदीय समिति प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा का आग्रह किया है। विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता में आचार समिति ने 9 नवंबर को एक बैठक के दौरान रिपोर्ट को अपनाया, जिसमें छह सदस्यों ने मोइत्रा के निष्कासन का समर्थन किया और चार विपक्षी सदस्यों ने असहमति नोट प्रस्तुत किए। चौधरी ने पत्र में कहा कि यह भी स्पष्ट रूप से ज्ञात नहीं है कि व्यवसायी ने लॉग इन क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके प्रश्न पूछने के माध्यम से स्पष्ट रूप से अपने हितों की पूर्ति के बावजूद सदस्य के खिलाफ जाने का फैसला क्यों किया।

ममता के पीछे जरूर कोई रहस्य होगा : अधीर

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लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को हराने के लिए बने इंडिया गठबंधन में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच समन्वय को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने देश के पांच चुनावी राज्यों में बीजेपी के स्टार प्रचारक के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ममता की चुप्पी के पीछे कुछ राज है।उन्होंने यह सिलसिला जारी रखा है कांग्रेस को गाली दे रहे हैं। उस दौरान ममता बनर्जी चुप रहीं। उनकी चुप्पी देखकर मुझे लगता है कि इसके पीछे जरूर कोई रहस्य होगा।अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान में कहा कि मुझे आश्चर्य है कि जब पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं और कड़ा मुकाबला चल रहा है, तो कांग्रेस और पूरे विपक्ष को हराने के लिए, पीएम मोदी हर दिन चुनाव वाले राज्यों में जाने के लिए दिल्ली छोड़ चुके हैं।

मुझे अंधेरे में रखा गया: अधीर रंजन

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सूचना आयुक्त हीरालाल सामरिया ने छह नवंबर को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के प्रमुख के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 63 वर्षीय सामरिया को राष्ट्रपति भवन में एक समारोह के दौरान मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में शपथ दिलाई। अब इस नियुक्ति पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति में विपक्ष के सदस्य एवं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। साथ ही आरोप लगाया है कि चयन के बारे में उन्हें ‘पूरी तरह से अंधेरे’ में रखा गया। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘अत्यंत दुख और भारी मन से मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि केंद्रीय सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के चयन के मामले में सभी लोकतांत्रिक मानदंडों, रीति-रिवाजों और प्रक्रियाओं को ताक पर रख दिया गया।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने चयन के बारे में न तो उनसे सलाह ली और न ही उन्हें जानकारी दी।

बाइपास पर बिना हेलमेट के अधीर रंजन का बाइक स्टंट लेकर सवाल उठाता

बहरामपुर बाइपास पर बिना हेलमेट के अधीर का बाइक स्टंट

गेरुआ शर्ट और टोपी पहने हुए. एनफ़ील्ड बाइक की ड्राइवर सीट पर अधीर। कोई हेलमेट नहीं. उन्होंने दोनों हाथ छोड़कर पक्षी की मुद्रा में बाइक कब चलाई। कभी-कभी वह बाइक चलाते हुए सैल्यूट भी करते थे। रविवार सुबह कई लोगों ने अधीर को सड़क किनारे खड़े होकर बाइक स्टंट करते देखा. स्थानीय लोगों का कहना है कि अधीर तीन दशक पहले के दौर में चले गये हैं.

कांग्रेस सांसद अधीर चौधरी ने बहरामपुर में बाईपास सड़क का उद्घाटन करते हुए मोटरसाइकिल चलाई। यह बाईपास बहरामपुर में 34 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग एक विकल्प है। रविवार सुबह उद्घाटन समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मौजूद रहे। उन्होंने पूजा से पहले बहरामपुर शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए इस सड़क का उद्घाटन किया। हालांकि, अब तक भागीरथी नदी पर 9 किमी लंबी डुलेन सड़क का काम अधूरा है.

उन्होंने कहा कि यह काम दिसंबर तक पूरा हो जायेगा. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘सेफ ड्राइव, सेव लाइव’ अभियान पर जोर दिया गया है. हालाँकि, अधीर के बिना हेलमेट के बाइक स्टंट से विवाद स्वाभाविक है। अधीर का लापरवाह व्यवहार स्वाभाविक रूप से सवाल उठाता है। सुनने में आ रहा है कि पुलिस इस मामले पर कार्रवाई करने जा रही है.

অধীর তোপ : কেন্দ্রের জেদের জন্যই পেগাসাস নিয়ে আলোচনা হচ্ছে না

Pegasus spyware: National security is under threat; will raise the issue in House, says Adhir Ranjan Chowdhury

নয়াদিল্লি: পেগাসাস ইস্যুতে বৃহস্পতিবার দিনভর উত্তপ্ত সংসদের দুই কক্ষ। “জেদ ধরে বসে আছে কেন্দ্রীয় সরকার”। তাই পেগাসাস নিয়ে সংসদে আলোচনা হচ্ছে না৷” বৃহস্পতিবার লোকসভায় মোদি সরকারকে বিঁধে তোপ দাগলেন কংগ্রেসের দলনেতা অধীর চৌধুরী।

পেগাসাস ইস্যুতে প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি ও কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রী অমিত শাহের বিবৃতি দাবি করেছে বিরোধী শিবির।এ ফোনে আড়িপাতা নিয়ে গত কয়েকদিন ধরেই দফায় দফায় উত্তপ্ত হচ্ছে সংসদের দুই কক্ষের অধিবেশন। আজও তার অন্যথা হল না। সংসদের বিক্ষোভের আঁচ ছড়িয়ে পড়ে বাইরেও। সংসদের বাইরে গান্ধী মূর্তির সামনে এসে বিক্ষোভ দেখাতে শুরু করেন বিরোধী সাংসদরা।

সুপ্রিম কোর্টের নজরদারিতে পেগাসাস নিয়ে তদন্ত হওয়া উচিত বলে দাবি তুলেছেন বিরোধী নেতারা। বৃহস্পতিবার সংসদ কক্ষের বাইরে গান্ধী মূর্তির পাদদেশের সামনে গিয়ে বিক্ষোভ দেখিয়েছেন একাধিক বিরোধী দলের সাংসদরা।

ইজরায়েলী স্পাইওয়্যার পেগাসাস।উদ্দেশ্যপ্রণোদিতভাবে পেগাসাস ব্যবহার করে ফোনে আড়িপাতা হয়েছে বলে অভিযোগ বিরোধী শিবিরের। বিজেপি বিরোধী একাধিক দলের নেতার ফোনে আড়িপাতা হয়েছে। শুধুমাত্র রাজনৈতিক ব্যক্তিত্ব নন। পেগাসাস নিশানায় ছিলেন সাংবাদিক, বিচারপতি, ব্যবসায়ী থেকে শুরু করে তাবড় ব্যক্তিত্ব। এমনকি মোদি সরকারের একাধিক মন্ত্রী ফোনেও আড়ি পাতা হয়েছে পেগাসাস ব্যবহার করে। পেগাসাস নিয়ে মোদি সরকারকে কাঠগড়ায় তুলেছে বিরোধীরা। ‘গণতন্ত্রের কণ্ঠরোধ করছে কেন্দ্রীয় সরকার’, এমনই অভিযোগ বিরোধীদের।