प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज, ऐतिहासिक पल के साक्षी होंगे कई राष्ट्राध्यक्ष

नई दिल्ली : अठारहवीं लोकसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने जा
रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता नरेन्द्र मोदी के सप्ताहांत होने वाले
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। पड़ोसी देशों के कई राष्ट्राध्यक्ष इस ऐतिहासिक पल के साक्षी
होंगे। अभी तक नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के बीच बताया गया है कि आमंत्रित किए जाने वाले विदेशी नेताओं में बांग्लादेश,
श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मॉरीशस के शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं। इस बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल
विक्रमसिंघे के मीडिया विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित
किया है और विक्रमसिंघे ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात हुई है। राजनयिक सूत्रों का कहना है
कि इस बातचीत में मोदी ने हसीना को भी शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल के
प्रधानमंत्री से भी बातचीत हुई और उन्हें औपचारिक निमंत्रण आज भेजा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि 2014 में
नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों के नेता उपस्थित हुए थे। द्वितीय कार्यकाल के श्रीगणेश पर
2019 के शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के नेता शामिल हुए थे।

इस बीच भाजपा के शीर्ष नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 18वीं लोकसभा के चुनाव में जीत हासिल करने पर
विश्व के नेताओ से बधाई संदेश मिलने का सिलसिला जारी है। वह लगातार शुभकामनाओ के लिए एक्स हैउल पर
आभार भी ज्ञापित कर रहे है। उन्होने लातविया के राष्ट्रपति का आभार जताते तुए कहा है कि आपके गर्मजोशी भरे
संदेश के लिए धन्यवाद। हम लातविया के साथ अपनी दोस्ती को महत्व देते है और इस साझेदारी को और गहरा
करने के लिए तत्पर है।

मॉरीशस गणराज्य के प्रधानमंत्री प्रविद कुमार जगन्नाथ की एक्स पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
‘प्रधानमंत्री प्रविद कुमार जगन्नाथ जी आपके हार्दिक सदेश के लिए धन्यवाद। मोरीशास हमारी पड़ोसी प्रथम नीति,
विजन सागर और ग्लोबल साउथ के लिए हमारी प्रतिबद्धता के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मै हमारी विशोष
साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।”

भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग तोबगे की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे मित्र प्रधानमंत्री त्सेरिग तोबगे
आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद। भारत-भूटान संबंध निरतर मजबूत होते रहेगे।” नेपाल के प्रधानमंत्री
प्रचठ की पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री कॉमरेउ प्रचंड जी आपकी शुभकामनाओ के
लिए धन्यवाद। भारत-नेपाल मैत्री को मजबूत करने के लिए निरतर सहयोग की आशा है।” श्रीलका के राष्ट्रपति
रानिल विक्रमसिचे की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद, श्री रानिल विक्रमसिघे। मै भारत-श्रीलका
आर्थिक साझेदारी पर हमारे निरंतर सहयोग की आशा करता हूं।” श्रीलका के कार्यकारी राष्ट्रपति महिदा राजपक्षे
की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद, मेरे मित्र महिंदा राजपक्षे। जैसे-
जैसे भारत-श्रीलका साझेदारी नई ऊचाइयों को छ रही है, मै आपके निरतर सहयोग की आशा करता हूं।”

श्रीलका के फील्ल मार्शल सरथ फोन्सेका की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद श्री सरथ फोन्सेका।
श्रीलका के साथ हमारे संबंध विशेष है। हम इसे और प्रगाढ़ तथा मजबूत बनाने के लिए श्रीलका की जनता के साथ
मिलकर काम करना जारी रखेंगे।” इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने
कहा. “आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद प्रधानमत्री जियोर्जिया मेलोनी। हम भारत-इटली रणनीतिक
साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो साझा मूल्यों और हितो पर आधारित है। वैश्विक कल्याण
के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।”

मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइजू की पोस्ट का जवाब देते तुए प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद राष्ट्रपति
मोहम्मद मुहजू। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में हमारा मूल्यवान साझेदार और पड़ोसी है। मै भी अपने द्विपक्षीय
संबंधो को और मजबूत करने के लिए निकट सहयोग की आशा करता हू।” जमैका के प्रधानमंत्री एड्यू होल्नेस की
पोस्ट के जवाब मे प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री एड्यू होल्नेस, आपका धन्यवाद। भारत-जमैका संबंधो की
पहचान सदियो पुराने लोगो के आपसी संबंधो से है। मै अपने लोगो के कल्याण के लिए आपके साथ मिलकर काम
करने के लिए उत्सुक हू।” बारबाउोस की प्रधानमंत्री सुश्री मिया अमोर मोटली की पोस्ट का जवाब देते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली, आपका धन्यवाद। मै अपने लोगो के कल्याण के लिए भारत
और बारबाडोस के बीच एक मजबूत साझेदारी के लिए आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

Mohit Raina marries Aditi: নববর্ষে নতুন ভাবে পথচলা শুরু অভিনেতা মোহিতের

Actor Mohit Raina tied the knot with Aditi

টিভিতে ভোলেনাথের চরিত্রে অভিনয় করে ঘরে ঘরে জনপ্রিয় হওয়া অভিনেতা মোহিত রায়না (Mohit Raina) বছরের শুরুতেই ফ্যানেদের চমকে দিলেন। শনিবার আচমকাই পোস্ট করলেন বিয়ের ছবি। মাত্র গুটিকতক মানুষই হয়তো জানেন যে মোহিতেরও একজন বান্ধবী আছে। আর তার বান্ধবী অদিতি এখন তার স্ত্রী হয়েছেন। বিয়ের সময়কার ছবি সোশ্যাল মিডিয়ায় ক্রমশ ভাইরাল হচ্ছে।

কাশ্মীরি আচার রীতি মেনে বিয়ে করেন মোহিত রায়না ও অদিতি। বিয়ের ছবি পোস্ট করে অভিনেতা লেখেন,’ভালোবাসা কোন বাধা বোঝে না, সমস্ত বাধা টপকে এগিয়ে চলে। দেওয়াল ভেদ করে এগিয়ে চলে গন্তব্যের দিকে। ‘মোহিতের কথায়,’বাবা মায়ের আশীর্বাদ নিয়ে আমরা দুই থেকে এক হয়েছি। আমাদের নতুন জার্নিতে তোমার ভালোবাসা ও আশীর্বাদ চাই। অদিতি ও মোহিত।’বিয়ের জন্য সাদা শেরওয়ানি বেছে নিয়েছিলেন মোহিত আর অদিতি পরেছিলেন প্যাস্টেল পিঙ্ক রঙের লেহেঙ্গা। মোহিত ও অদিতিকে বিয়ের শুভেচ্ছা জানিয়েছেন ম্রুণাল ঠাকুর ও দিয়া মির্জা।

টেলিভিশনে ‘দেবো কে দেব মহাদেব’ করে বিপুল জনপ্রিয়তা পেয়েছেন অভিনেতা মোহিত রায়না (Mohit Raina Marriage)। তার পর একের পর এক বলিউডের ছবি ও ডিজিটাল প্ল্যাটফর্মের কাজে দর্শকের মনে পাকাপাকি জায়গা করে ফেলতে সময় লাগেনি। এবার সেই মোহিতের বিয়ের এমন সুন্দর ছবি দেখে স্বাভাবিক ভাবেই কমেন্টবক্সে শুভেচ্ছাবার্তায় ভরে গিয়েছে।

Bharat Milap: করোনা বিধিকে বুড়ো আঙুল দেখিয়ে ধুমধামের সঙ্গে পালিত হল ভরত মিলাপ

Bharat Milap ceremony

নিউজ ডেস্ক: গোটা দেশে করোনার তৃতীয় ঢেউয়ের আশঙ্কা ক্রমেই বাড়ছে। চলতি করোনা পরিস্থিতির মধ্যেই দেশজুড়ে চলছে উৎসবের মরসুমে। কেন্দ্র ও রাজ্য সরকারের পক্ষ থেকে একাধিকবার মানুষকে করোনা বিধি মেনে উৎসবে সামিল হওয়ার পরামর্শ দিয়েছে। কেন্দ্র জানিয়েছে, ঘরে বসে উৎসব পালন করুন।

কিন্তু কেন্দ্রের সেই নির্দেশিকা বা করোনা বিধিকে বুড়ো আঙুল দেখিয়ে শনিবার দিনভর বেনারসে ধুমধামের সঙ্গে পালিত হল ‘ভরত মিলাপ’ অনুষ্ঠান। হাজার হাজার মানুষ এই অনুষ্ঠানে যোগ দেন। অধিকাংশের মুখেই মাস্ক ছিল না। সামাজিক দূরত্ব বজায় রাখার কথা তো চিন্তাই করা যায় না। তবে বিশেষজ্ঞরা অনেকেই মনে করছেন, বেনারসবাসীকে এই ঘটনার জন্য কড়া মাসুল চোকাতে হবে।

চিরাচরিত প্রথা অনুযায়ী প্রতিবছরই দশমীর পরের দিন বেনারসে পালিত হয় এই অনুষ্ঠান। দীর্ঘ ১৪ বছর বনবাসে কাটিয়ে একাদশীর দিন রামচন্দ্র অযোধ্যায় ফিরেছিলেন। রামচন্দ্র এবং সীতাকে সসম্মানে অযোধ্যায় ফিরিয়ে এনেছিলেন ভাই ভরত। তাই এই দিনটি পবিত্র দিন হিসেবে উদযাপন করা হয়। এই দিনের অনুষ্ঠানকেই ‘ভরত মিলাপ’ বলা হয়ে থাকে। সেই অনুষ্ঠানে যোগী সরকারের কোনও নিয়ন্ত্রণ ছিল না। বিশেষজ্ঞরা মনে করছেন, বিধানসভা নির্বাচনের দিকে তাকিয়েই যোগী সরকার এভাবে অনুষ্ঠানের ওপর কোনও বিধিনিষেধ জারি করেনি। কিন্তু যোগী সরকারের এই প্রশাসনিক ব্যর্থতা আগামী দিনে মানুষের পক্ষে বিপদের কারণ হয়ে উঠতে পারে।

বিশেষজ্ঞরা স্পষ্ট জানিয়েছেন, যেভাবে শনিবার বেনারসের নাতি ইমালি মাঠে হাজার হাজার ভক্তের ঢল নেমেছিল তার যথেষ্টই উদ্বেগের। সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়া ভিডিয়োতে দেখা গিয়েছে, একটি রথকে কাঁধে নিয়ে ওই মাঠের চারদিকে প্রদক্ষিণ করছেন ভক্তরা। তাদের কারও মুখেই মাস্ক নেই। সামাজিক দূরত্ব বজায় রাখার কথা তো চিন্তাই করা যায় না। গোটা এলাকায় তিল ধারনের জায়গা নেই। বেনারসের বাইরে থেকেও বহু মানুষ এই অনুষ্ঠানে যোগ দিয়েছেন। বেনারসের প্রতিটি হোটেলেই ঠাঁই নেই ঠাঁই নেই রব।

কেন্দ্রের করোনা বিধিকে উপেক্ষা করে যোগী সরকার কীভাবে এই অনুষ্ঠানের অনুমতি দিলো তা নিয়ে ইতিমধ্যেই বিভিন্ন মহলে প্রশ্ন উঠেছে। অনেকেই মনে করছেন, বিধানসভা নির্বাচনের দিকে তাকিয়ে যোগী সরকার সস্তায় কিস্তিমাত করতে চাইছে। সে কারণেই এই অনুষ্ঠানে জনসমাগমের উপর কোনও বিধিনিষেধ আরোপ করা হয়নি।