बलौदा बाजार में बड़ा बवाल, कलेक्टर ऑफिस फूंका, पुलिस और लोगों के बीच झड़प

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में सतनामी समाज के लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे। इस दौरान अचाकन प्रदर्शन उग्र हो गया है जिसके बाद हजारों लोगों ने कलेक्टर ऑफिस को घेर लिया और आग के हवाले कर दिया।

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार के कलेक्टर ऑफिस को हजारों सतनामी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए घेर लिया. सतनामी समाज का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया जिसके बाद बेकाबू भीड़ ने कलेक्टर कार्यालय को ही आग के हवाले कर दिया।

इस दौरान कलेक्टर ऑफिस, जिला पंचायत भवन और तहसील ऑफिस में आगजनी की गई है. पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो उन्हें पुलिस के साथ ही मारपीट की है। इस मारपीट में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

मत पड़ो अखबार-टीवी चैनल वाले नामों के चक्कर में : मोदी

PM Modi

राजस्थान में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद धड़कनें बढ़ गई हैं। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए नए चेहरे मोहन यादव का नाम सामने आया जबकि छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय को सीएम की कमान मिली। यह नाम न तो मुख्यमंत्री की रेस में था, न मीडिया में। यह नाम दूर-दूर तक सियासत में नही था। लेकिन पीएम मोदी ने सभी को चौंकाते हुए ऐसा नाम घोषित किया जिसकी किसी को आशा नहीं थी। इन सब के बीच पीएम मोदी का 2019 का एक भाषणा वायरल हो रहा है। जिसमें पीएम मोदी मंत्री और सरकार से जुड़ी मीडिया की अटकलों पर भरोसा नहीं करने और किसी भी तरह के सिफारिश वाले नाम के चक्कर में नहीं पड़ने की बात कहते नजर आते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि मुझे तो याद है कि मैं गुजरात में सीएम था, छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी गए अहमदाबाद , मैं पहले छत्तीसगढ़ का प्रभारी था। परिचय बहुत था। मैंने पूछा कैसे आना हुआ। उन्होंने कहा कि कल आपका फोन आया था। मैंने कहा कि मैंने तो कोई फोन नहीं किया। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे कहने का तात्पर्य है कि ऐसे बहुत लोग होंगे जो आपको गुमराह करेंगे और आपको इससे बचकर रहना है।उन्होंने कहा कि कल आपका फोन आया था। मैंने कहा कि मैंने तो कोई फोन नहीं किया। उन्होंने कहा कि आपका फोन आया था इसलिए मैं आया। वहां तो सरकार बन रही है। पता चला है कि मोदी जी बुला रहे हैं और मोदी जी जो कहेंगे वही सरकार बनने वाली है।

Telengana Encounter: তেলেঙ্গানা-ছত্তিশগড় সীমানায় খতম ৬ মাওবাদী

নিউজ ডেস্ক : সোমবার তেলেঙ্গানা-ছত্তিশগড় সীমান্তে কিস্তরাম থানা এলাকার জঙ্গলে মাওবাদীদের ডেরার খোঁজ মেলে। তারপরই অভিযানে নামে ২ রাজ্যের পুলিশ ও সিআরপিএফয়ের একটি যৌথবাহিনী। সূত্রের খবর, ওই অভিযানে অংশ নেয় মাওবাদী দমনের জন্য তেলেঙ্গানা পুলিশের বিশেষ প্রশিক্ষণপ্রাপ্ত গ্রে-হাউন্ড বাহিনী।

এরপরই তেলেঙ্গানা ও ছত্তিশগড়ের সীমান্ত এলাকায় কিস্তরাম থানা এলাকার জঙ্গলে নিরাপত্তাবাহিনীর এনকাউন্টারে ৬ মাওবাদী নিহত হয়। লাল সন্ত্রাস দমনে তেলেঙ্গানা পুলিশ, ছত্তিশগড় পুলিশ ও সিআরপিএফের একটি যৌথ অভিযান চলে। তেলেঙ্গানার ভদ্রদ্রি কোথাগুদেম জেলার এসপি সুনীল দত্ত এক সর্বভারতীয় সংবাদসংস্থাকে এমনই তথ্য দিয়েছেন ৷ 

https://twitter.com/ANI/status/1475322744950689795?s=20

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p style=”text-align: justify;”>পুলিস সূত্রে খবর, তেলেঙ্গানা গ্রে হাউন্ডস এবং নকশালদের মধ্যে গুলির লড়াই চলে। ছত্তিশগড়ের নারায়ণপুর জেলায় পুলিশ ২টি ইম্প্রোভাইজড এক্সপ্লোসিভ ডিভাইস (আইইডি) উদ্ধার করে। এর কয়েক ঘণ্টার মধ্যেই এনকাউন্টার শুরু হয়। রিপোর্ট অনুযায়ী, সকাল ১০টা পর্যন্ত নকশাল বিরোধী অভিযান অব্যাহত ছিল এবং পুলিশ এলাকার উপর নজর রাখছিল। বাহিনীর দেখা পেতেই গুলি চালাতে শুরু করে মাওবাদীরা। নিরাপত্তারক্ষীরা পালটা হামলা চালালে শুরু হয় তুমুল লড়াই। বেশ কিছুক্ষণ সংঘর্ষ চলার পর ৬ জন মাওবাদীর মৃতদেহ উদ্ধার হয়। এদিনের অভিযানে কোনও নিরাপত্তারক্ষীর মৃত্যু হয়নি বলেই জানা গিয়েছে।