CISF ने संभाला RG Kar मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा का जिम्मा

कोलकाता :  सुप्रीम कोर्ट की ओर से आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को तैनात करने के आदेश के बाद गुरुवार को सीआईएसएफ के जवान अस्पताल पहुंचे। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है। 

सीआईएसएफ जवनों में महिलओं की संख्या भी काफी है।गौरतलब है कि हाल ही में आरजी अस्पताल में भीड़ का फायदा उठाकर दंगाइयों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद पुलिस को भी अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा था।

जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने अस्पताल में तोड़फोड़ के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने CISF को सौंपी आरजी कर मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा

कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर से दरिंदगी की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आरजी कर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने का आदेश दिया है। अभी तक सुरक्षा कोलकाता पुलिस के हाथों में थी।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेने के बाद मंगलवार को पहली सुनवाई की थी। इसमें चीफ जस्टिस की बेंच ने पश्चिम बंगाल सरकार से कड़े सवाल पूछे थे। सीजेआई ने पूछा था कि हॉस्पिटल में 7000 लोग कैसे घुस गए? कोलकाता पुलिस क्या कर रही थी?

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त की रात को लेडी डॉक्टर से दरिंदगी की घटना के बाद स्टॉफ ने केंद्रीय सुरक्षा की मांग की थी। 14 अगस्त की रात को हॉस्पिटल पर भीड़ के हमले ने कोलकाता पुलिस की लापरवाही को उजागर कर दिया था। जब भीड़ इमरजेंसी वार्ड को तोड़ा डाला था और सेमिनार हॉल तक पहुंचने की कोशिश की।

 

पूर्व अग्निवीरों को नौकरियों में मिलेगा 10 फ़ीसदी आरक्षण

नई दिल्ली :  2022 में सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की गई थी। इसके तहत सेना में आए 75 फ़ीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद रिटायर होना था। विपक्षी कांग्रेस का आरोप था कि सरकार अग्निवीरों को यूज़ एंड थ्रो मज़दूर मान रही है। बीते साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संकेत दिए थे कि ज़रूरत पड़ने पर सरकार इस योजना में बदलाव के लिए तैयार है। भारत सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों की भर्ती में 10 फ़ीसदी सीटें आरक्षित करने का फ़ैसला लिया है।

इनमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ़), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) और रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ़) जैसे सुरक्षाबलों में होने वाली भर्तियां शामिल है। इसके तहत अग्निवीर की सेवा से रिटायर हुए जवानों को उम्र सीमा और शारीरिक दक्षता में भी छूट मिलेगी।साल 2022 में सेना के तीन अंगों में जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए सरकार अग्निपथ योजना लेकर आई थी।

इस योजना के तहत सेना में शामिल ‘अग्निवीर’ का कार्यकाल चार साल का है, जिसके बाद इनमें से 25 फ़ीसदी आगे सेना में काम करते रहेंगे जबकि 75 फ़ीसदी को सेना से रिटायर होना होगा। इस योजना को लेकर विपक्ष ने सरकार से कई सवाल किए थे और कहा था कि ट्रेनिंग ले चुके अग्निवीर सेना से रिटायर होने के बाद क्या करेंगे इसे लेकर कोई योजना होनी चाहिए।

हाल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में विपक्ष का नेता बनने के बाद अग्निवीर के मुद्दे पर फिर से चर्चा छेड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर अग्निवीर योजना को ख़त्म कर दिया जाएगा। जहां कुछ युवाओं को इससे उम्मीद जगी है, वहीं कुछ युवा कहते हैं कि इससे कितना फायदा होगा, ये देखना होगा।

सीआईएसएफ़ की महानिदेशक नीना सिंह ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों के केंद्रीय सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। उन्होंने कहा, “इसके अनुसार सीआईएसएफ़ ने भी पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए सारी तैयारी कर ली है. सीआईएसएफ़ ने कांस्टेबल पद की भर्ती में उनके लिए 10 फ़ीसदी सीटें आरक्षित की गई हैं।”

“पूर्व अग्निवीरों को पीईटी यानी फ़िज़िकल एफ़िशिएंसी टेस्ट में छूट दी गई है और शुरू में अधिकतम उम्र की सीमा में 5 साल (पहले साल में) और बाद के सालों में 3 साल की छूट दी जाएगी।” उनका कहना है कि सीआईएसएफ़ सुनिश्चित करेगी कि पूर्व अग्निवीर इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

सीआईएसएफ़ के अलावा सीमा सुरक्षा बल या बीएसएफ़ के महानिदेशक नितिन अग्रवाल ने भी भारत के सरकारी समाचार चैनल दूरदर्शन को बताया है कि बीएसएफ़ की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फ़ीसदी पद आरक्षित होंगे। उन्होंने पूर्व अग्निवीरों के लिए कहा, “चार साल इन्होंने मशक्कत की है, नौकरी की है और अनुभव हासिल किया है। ये कड़े अनुशासन में रहे हैं और बीएसफ़ के लिए अनुरुप हैं. हमें एक तरह से तैयार सैनिक मिल रहे हैं।” “हम इन्हें कम ट्रेनिंग देने के बाद सीमा पर तैनात कर सकते हैं. हम इनके आने का इंतज़ार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बीएसएफ़ की कुल रिक्तियों में से इनके लिए 10 फ़ीसदी इनके लिए आरक्षित होगा।

सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने इसके बारे में और जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नियुक्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 फ़ीसदी का कोटा निर्धारित है. सशस्त्र सीमा बल में नियुक्ति से जुड़े नियमों में ये बदलाव कर दिया गया है।” “पहले बैच के लिए उम्र में पांच साल का रिलेक्सेशलन होगा। उनके लिए कोई फ़िज़िकल एफ़िशिएंसी टेस्ट नहीं किया जाएगा “

रेलवे पुलिस बल के महानिदेशक मनोज यादव ने कहा, “भविष्य में जो भी भर्ती कांस्टेबल यानी आरक्षक के लेवल पर होगी उसमें भी सभी श्रेणियों में 10 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा. न सिर्फ आरक्षण दिया जाएगी बल्कि उम्र की सीमा में छूट भी दी जाएगी।”

“दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 में अग्निवीरों का जो पहला बैच सेना से रिटायर होगा उनके लिए छूट पांच साल की होगी, वहीं उसके बाद के बैचों के लिए आयुसीमा तीन साल की होगी।”  “उनके आने से आरपीएफ़ को नई गति, नई उर्जा और नया मनोबल मिलेगा।”

वहीं सीआरपीएफ़ के महानिदेशक अनीष दयाल सिंह ने कहा कि इससे सीआरपीएफ़ को फायदा होगा क्योंकि सैनिक के तौर पर उन्हें सेना से प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमने इसके लिए तैयारी कर ली है और नियुक्ति से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा चुका है।”

স্পোর্টস কোটার অধীনে হেড কনস্টেবল পদে CISF-এর কর্মী নিয়োগ

Recruitment of CISF personnel to the post of Head Constable under Sports Quota

সম্প্রতি সেন্ট্রাল ইন্ডাস্ট্রিয়াল সিকিউরিটি ফোর্সের (Central Industrial Security Force) তরফে এক বিজ্ঞপ্তি জারি করে হেড কনস্টেবল পদে নিয়োগের জন্য (Job Vacancy) আবেদনপত্র গ্রহণের কাজ শুরু হয়েছে। প্রার্থীদের আবেদনপত্র জমা দিতে হবে আগামী ৩১ মার্চ, ২০২২ তারিখের মধ্যে। অনলাইনে আবেদন করতে হবে। সে ক্ষেত্রে প্রার্থীরা আবেদনপত্র পেয়ে যাবেন প্রতিষ্ঠানের অফিসিয়াল ওয়েবসাইটেই ।

এক নজরে দেখে নেওয়া যাক নিয়োগ সংক্রান্ত সম্পূর্ণ তথ্য:
সংস্থা: সেন্ট্রাল ইন্ডাস্ট্রিয়াল সিকিউরিটি ফোর্স (Central Industrial Security Force)
পদের নাম: স্পোর্টস কোটার অধীনে হেড কনস্টেবল পদ
শূন্যপদের সংখ্যা : ২৪৯

আবেদনের যোগ্যতা : প্রার্থীদের দ্বাদশ শ্রেণি উত্তীর্ণ হতে হবে স্বীকৃত বোর্ড থেকে। এছাড়াও থাকতে হবে রাজ্য/দেশীয় ও আন্তর্জাতিক স্তরে প্রার্থীদের খেলাধুলোয় সার্টিফিকেট । বিশদে যোগ্যতা, বয়সসীমা ও বেতনক্রম ইত্যাদি বিষয় সম্পর্কে জানতে প্রার্থীরা এই লিঙ্কটি দেখতে পারেন- http://davp.nic.in/WriteReadData/ADS/eng_19113_5_2122b.pdf

আবেদন ফি : প্রার্থীদের জন্য ১০০ টাকা ধার্য করা হয়েছে আবেদন ফি বাবদ। আবেদন ফি জমা দিতে হবে স্টেট ব্যাঙ্ক অফ ইন্ডিয়ার ডিমান্ড ড্রাফট বা পোস্টাল অর্ডারের মাধ্যমে । আবেদন ফি বাবদ কোনও অর্থ দিতে হবে না তফসিলি জাতি ও উপজাতি এবং মহিলা প্রার্থীদের ক্ষেত্রে।

‘এখানে দাবাংগিরি চলবে না’, CISF অফিসারের ধমক খেলেন সলমন খান

নিউজ ডেস্ক: বছর কয়েক আগের ঘটনা, কৃষ্ণসার হরিণ হত্যা মামলায় সলমন খানকে তলব করা হয়েছিল যোধপুরের পুলিশ স্টেশনে। সেখানে উচ্চপদস্থ অফিসারদের সামনে তাঁর প্রায় পা’য়ে পা তুলে বসে থাকার ছবি এখনও ঘুরে বেড়ায় সোশ্যাল মিডিয়ায়। তারপরেও থানা থেকে শুরু করে কোর্ট, বেশিরভাগ জায়গাতেই ভিআইপি ট্রিটমেন্ট পেয়ে এসেছেন তিনি।

নেটিজেনরা বলছেন, এতদিনে সলমন খানের উচিত শিক্ষা হল। সব জায়গায় যে তাঁর ‘দাবাং’গিরি চলে না, সেটাই হাতেনাতে প্রমাণ পেয়ে গেলেন সলমন খান। কিসের শিক্ষা? মুম্বই বিমানবন্দরে এক CISF অফিসারের কাছে ধমক খেয়েছেন তিনি। সব জায়গায় যে তিনি তারকার মতো ব্যবহার পাবেন, তা যেন আশা না করেন। তাই বুঝিয়েছেন ওই অফিসার। আর তা নিয়েই এখন জোর আলোচনা সোশ্যাল মিডিয়া জুড়ে।

ক্যাটরিনা কাইফকে সঙ্গে নিয়ে টাইগার ৩ এর শুটিংয়ে রাশিয়া যাচ্ছিলেন সলমন খান। মুম্বই এয়ারপোর্টে সলমন ও ক্যাটরিনার ছবি তুলতে বিমানবন্দরে হাজির হয়েছেন পাপারাৎজিরা। তাঁদের ক্যামেরার সামনে সলমন পোজ দিয়েই চলেছেন। ফলে বিমানবন্দরে ঢোকার নিরাপত্তা বিধি ঠিকমতো পালন করতেই ভুলে যাচ্ছিলেন তিনি। সাধারণ নিয়ম ছাড়াও করোনা সংক্রমণের পর থেকেই নিয়ম কঠোর হয়েছে দেশের বিমানবন্দরগুলিতে। ফলে গোটা কাণ্ড দেখে বিরক্তিতে চিৎকার করে উঠলেন দায়িত্বে থাকা CISF অফিসার। সলমনকে বললেন, আগে নিয়ম মানুন, তারপর এসব হবে। কার্যত তারকা বলে যে সলমন নিয়মের ঊর্ধ্বে নয়, তা স্পষ্টই বুঝিয়ে দিলেন তিনি।

‘এক থা টাইগার’, টাইগার জিন্দা হ্যায়’র পর এবার শুরু হতে চলেছে টাইগার থ্রি’র শুটিং। প্রায় সাড়ে তিন বছর পর ফিরছে সলমন-ক্যাটরিনা জুটি। এই সিনেমায় গুরুত্বপূর্ণ চরিত্রে দেখা যাবে ইমরান হাসমিকেও।