पश्चिम बंगाल में चक्रवात रेमाल ने उजाड़े हजारों घर, 6 की मौत

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान रेमल तबाही के निशान छोड़ गया। इस तूफान के
कहर में छह लोगों की जान चली गई। राज्य के 24 प्रखंड और 79 नगरपालिका वार्ड में करीब 29 हजार 500 घर
आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से अधिकतर दक्षिणी तटीय इलाकों में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के
एक अधिकारी ने आज यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में दो हजार 140 से अधिक पेड़ उखड़ गए और लगभग
एक हजार 700 बिजली के खंभे गिर गए। शुरुआती आकलन है कि 27 हजार घर आंशिक रूप से और दो हजार
500 पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अभी आकलन जारी है। इसलिए यह आंकड़े बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया
कि प्रशासन ने दो लाख सात हजार 60 लोगों को एक हजार 438 सुरक्षित आश्रयों में पहुंचाया। वर्तमान में वहां 77
हजार 288 लोग हैं। इस समय 341 रसोई के माध्यम से उन्हें खाना पहुंचाया जा रहा है। तटीय और निचले इलाकों
में प्रभावित लोगों को 17 हजार 738 तिरपाल वितरित किए गए हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में काकद्वीप, नामखाना, सागर द्वीप, डायमंड हार्बर, फ्रेजरगंज, बक्खली और मंदारमनी शामिल हैं।
चक्रवात के कारण तटबंधों में मामूली दरारें आ गई थीं। उनकी मरम्मत कर दी गई। इस अधिकारी ने कहा कि अब
तक तटबंध टूटने की कोई सूचना नहीं मिली है। चक्रवात के कारण अब तक छह लोग जान गंवा चुके हैं।

कोलकाता में एक, दक्षिण 24 परगना जिले में दो महिलाएं, उत्तर 24 परगना जिले में एक और पूर्व मेदिनीपुर में
पिता-पुत्र की मौत हो चुकी है। तटीय क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पश्चिम बंगाल और पड़ोसी बांग्लादेश
दोनों जगहों पर महत्वपूर्ण बुनियादी संरचनाओं को क्षति पहुंची है।

ममता बनर्जी ने राज्य प्रशासन की सराहना की

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भीषण चक्रवर्ती तूफान रुमल के 135 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार के बावजूद बहुत कम संख्या में जनहानि को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य प्रशासन की सराहना की है। सोमवार अपराह्न चक्रवात के कमजोर पड़ जाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा है, “पश्चिम बंगाल बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित एक नदी राज्य है। हर साल हमें विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है। इस बार चक्रवात रेमल के प्रभाव से हमारे राज्य को काफी नुकसान हुआ है। लेकिन सबसे ऊपर मानव जीवन है। सौभाग्य से और निश्चित रूप से राज्य प्रशासन के कार्यों के कारण, इस बार जानमाल की हानि अपेक्षाकृत कम है।”

मारे गए लोगों और घायलों के परिजनों को वित्तीय मदद का आश्वासन देते हुए ममता ने लिखा, “मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना, उनके प्रियजनों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। फसलों और घरों को हुए नुकसान के मुआवजे के वितरण को प्रशासन कानून के मुताबिक देखेगा और चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद हम इन सभी मुद्दों पर अधिक गंभीरता से विचार करेंगे।”

ममता ने आगे लिखा, “चुनावी निपटारे की व्यस्तता के बावजूद हमारा प्रशासन हर स्तर पर आपदा से निपटने के लिए तैयार था। मुख्य सचिव से लेकर मेरे राज्य के पूरे सचिवालय तक, जिला प्रशासन से लेकर ब्लॉक प्रशासन तक – हर कोई आपदा से निपटने में हमेशा एकजुट होकर लोगों के साथ खड़ा रहा है, और भविष्य में भी ऐसा करता रहेगा। करीब दो लाख लोगों को 1400 शिविरों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का श्रेय भी हमारी नगर पालिकाओं-पंचायतों को है। इसके लिए मैं सभी राज्य और स्थानीय प्रशासन को हृदय से धन्यवाद देती हूं।”

ममता ने कहा, “मुझे विश्वास है कि सबके सहयोग से हम इस तूफान पर विजय पा लेंगे। मैं जानती हूं कि आप इस विपत्ति से चिंतित हैं। हम भी चिंतित हैं। लेकिन डरिए मत, चिंता मत करिए। स्थिति से निपटने के लिए जो भी जरूरी होगा हम करेंगे।”

रेमल चक्रवात से सबसे तेज हवाएं दममम में चली, कोलकाता में भी हुई भारी बारिश

कोलकाता : रेमल चक्रवात की वजह से कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में लगातार बारिश जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार को जारी बयान में बताया है कि चक्रवात के समय सबसे अधिक तेज हवाएं दमदम में चली थीं। इसके अलावा
पूरे महानगर के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग परिमाण में बारिश हुई है।

मौसम कार्यालय की ओर से जारी बुलेटिन में कहा गया कि रात साढ़े 11 बजे तक दमदम में तूफान अपनी अधिकतम गति पर था। जहां 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। बांग्लादेश में तूफ़ान की रफ़्तार 100 से भी ज़्यादा थी।

IMD के अनुसार, रविवार रात को कैनिंग में 78 किमी प्रति घंटे, बारुईपुर में 67 किमी प्रति घंटे, निमपिथ में 63 किमी प्रति घंटे, डायमंड हार्बर में 69 किमी प्रति घंटे, सागर द्वीप और रायदिघी में 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

रविवार रात से कोलकाता में 144 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा दमदम में 85 मिमी, साल्टलेक में 97 मिमी, हल्दिया में 119 मिमी, दीघा में 69 मिमी, डायमंड हार्बर में 94 मिमी और कैनिंग में 91 मिमी बारिश हुई।

Cyclone Sitrang: ঘূর্ণিঝড়ের মুখ বাংলাদেশের দিকে: মৌসম ভবন

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উৎসবের মরশুমে বিরাট দুর্যোগের আশঙ্কা ছিল দক্ষিণবঙ্গে। সামুদ্রিক ঘূর্ণির (cyclone) অভিমুখ সরেছে বাংলাদেশের (Bangladesh) দিকে৷ মৌসম ভবন (Mausam Bhawan) জানাচ্ছে বঙ্গোপসাগরের বাংলাদেশের (Bangladesh) উপকূলেই জমি স্পর্শ করবে সিত্রাং (Sitrang)। ফলে পশ্চিমবঙ্গের উপকূলে ভারি বৃষ্টির সম্ভাবনা থাকছে। উত্তর আন্দামান সাগর ও তৎসংলগ্ন এলাকায় সৃষ্ট নিম্নচাপ অঞ্চলটির ঘূর্ণিঝড়ে ঘনীভূত হওয়ার সম্ভাবনা। দক্ষিণ ২৪ পরগণা ও পূর্ব মেদিনীপুর […]

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Sitrang Update: আলোর উৎসবে বঙ্গে আঁধার আনবে সিত্রাং

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ঘনীভূত হচ্ছে সিত্রাং(Sitrang)। আমফান,ইয়াসের পর দিপাবলীতেই বঙ্গে আছড়ে পড়বে এই সাইক্লোন। সবরকম পরিস্থিতি সামলাতে প্রস্তুতি তুঙ্গে রাজ্য সরকারের। নবান্নে ইতিমধ্যেই কয়েকদফা বৈঠক করা হয়েছে। কর্মীদের কালীপুজোর ছুটিও বাতিল করা হয়েছে। আগাম প্রস্তুতি, বৈঠক, তবে কি আসন্ন ঘূর্ণিঝড় অনেকটাই প্রভাবশালী? কোথায় কোথায় আঘাত আনবে এই সাইক্লোন? রইলো সিত্রাং এর লেটেস্ট আপডেট। মূলত দক্ষিণবঙ্গের জেলাগুলিতে ঘূর্ণিঝড়ের প্রভাবে […]

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Cyclone Jawad Updates: শক্তি হারিয়ে গভীর নিম্নচাপে পরিণত হয়েছে জাওয়াদ

Cyclone Jawad Updates

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদের (Cyclone Jawad) দাপটে শনিবার থেকেই ওড়িশা (orisha) এবং অন্ধপ্রদেশের (Andhra Pradesh) উপকূলবর্তী এলাকাগুলিতে অতিভারী বৃষ্টি শুরু হয়েছে। রবিবারও একটানা বৃষ্টি হয়ে চলেছে। তবে আশার কথা, এই প্রবল ঘূর্ণিঝড় (cyclone) জাওয়াদ তার শক্তি হারিয়ে গভীর নিম্নচাপে (deep depression) পরিণত হয়েছে।

রবিবার বিকেলের দিকে জাওয়াদ গোপালপুর থেকে ৯০ কিলোমিটার, পুরী থেকে ১২০ কিলোমিটার এবং পারাদ্বীপ থেকে ২১০ কিলোমিটার দূরে অবস্থান করছে। জাওয়াদ ক্রমশ পুরী থেকে উত্তর-পশ্চিমে পশ্চিমবঙ্গের দিকে সরে যাচ্ছে। জাওয়াদের প্রভাবে আগামীকাল অর্থাৎ সোমবারও ওড়িশা, অন্ধ্র এবং পশ্চিমবঙ্গের উপকূলবর্তী জেলাগুলিতে ভারী বৃষ্টিপাত হবে।

মৌসম ভবন জানিয়েছে, জাওয়াদের প্রভাবে সোমবার উত্তর ওড়িশা, গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গ এবং অন্ধপ্রদেশের একাংশে বৃষ্টিপাত চলবে। পাশাপাশি অসম, মেঘালয় এবং ত্রিপুরাতেও সোমবার পর্যন্ত ভারী বৃষ্টিপাতের সম্ভাবনা রয়েছে। মৌসম ভবন আরও জানিয়েছে, জাওয়াদের কারণে ঘণ্টায় ৪৫ থেকে ৫৫ কিলোমিটার বেগে উপকূলবর্তী এলাকায় ঝড়ো হাওয়া বইবে। সতর্কতামূলক বার্তা হিসেবে আগামী ২৪ ঘণ্টা মৎস্যজীবীদের সমুদ্রে না যাওয়ার পরামর্শ দেওয়া হয়েছে।

জাওয়াদের কারণে অন্ধপ্রদেশেও শনিবার বিকেল থেকেই চলছে প্রবল ঝড় বৃষ্টি। ইতিমধ্যেই রাজ্যের শ্রীকাকুলাম, বিজয়নগরম ও বিশাখাপত্তনম থেকে প্রায় ৫৫ হাজার মানুষকে নিরাপদ জায়গায় সরিয়ে নিয়ে যাওয়া হয়েছে। প্রতিকূল আবহাওয়ার কারণে অন্ধ্রপ্রদেশ এবং ওড়িশা দুই রাজ্যেই বাতিল করা হয়েছে একাধিক লোকাল ও দূরপাল্লার ট্রেন। রবিবার দুই রাজ্যেই রাস্তায় সেভাবে যানবাহন চলাচল করতে দেখা যায়নি। এদিন সকাল থেকেই আকাশ ছিল মেঘাচ্ছন্ন। একটানা চলছে বৃষ্টি।

ঘটনার জেরে পথে লোকজনও তেমন ছিল না। খুব জরুরি কোনও প্রয়োজন ছাড়া মানুষকে বাইরে না আসার পর সতর্কবার্তা দিয়েছিল প্রশাসন। একটানা প্রবল বৃষ্টির কারণে অন্ধপ্রদেশের বেশ কয়েকটি মাটির ঘর ভেঙে পড়েছে। এ ঘটনায় ৪ জন জখম হলেও প্রাণহানির কোন খবর নেই। আবহাওয়া দফতর জানিয়েছে, সম্ভবত মঙ্গলবার থেকে পরিস্থিতি কিছুটা স্বাভাবিক হবে।

Cyclone Jawad Updates:ঝড় নেই নিম্নচাপের বিপুল বৃষ্টিতে কাবু শহর কলকাতা

Heavy rains with low pressure in the city of Kolkata

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: জাওয়াদ (Jawad) শক্তি ক্ষয় করেছে আগেই , সে আর ঝড় নেই। পরিণত হচ্ছে নিম্নচাপে। সেই হিসাবেই বাংলায় পৌঁছাবে। আর তাঁর প্রভাবেই নাগাড়ে বৃষ্টি শুরু হয়েছে সর্বত্র। বৃষ্টি কখনও বাড়ছে, কখনও কমছে কিন্তু থামার লক্ষন নেই। পূর্বাভাস মেনেই হচ্ছে বৃষ্টি।

রবিবার দুপুরে পুরীর কাছ দিয়ে যাবে ঘূর্ণিঝড় জওয়াদ। পশ্চিমবঙ্গ এবং পশ্চিমবঙ্গ উপকূলে ঘূর্ণিঝড়ের সম্ভাবনা নেই। আজ ভোর ৪টে থেকে উপকূলবর্তী এলাকায় ঝোড়ো হাওয়া বইবে। পশ্চিমবঙ্গ উপকূলে হাওয়ার গতি হবে ঘণ্টায় ৪৫-৫৫ কিমি। পূর্ব মেদিনীপুর, দক্ষিণ ২৪ পরগনায় ভারী বৃষ্টি। আজ দুই মেদিনীপুর, দুই ২৪ পরগনা, হাওড়া, পূর্ব বর্ধমানে ভারী বৃষ্টি। ৬ ডিসেম্বর নদিয়া, মালদা, মুর্শিদাবাদে ভারী বৃষ্টি হবে।

ঘূর্ণিঝড় জওয়াদের সঙ্গী অমাবস্যার ভরা কটাল। দুইয়ের জেরে পশ্চিমবঙ্গের উপকূলবর্তী জেলাগুলিতে প্রবল জলোচ্ছ্বাসের আশঙ্কা। বাঁধ উপচে ঢুকতে পারে জল। এদিকে, ক্রমশ এগোচ্ছে ঘূর্ণিঝড় জওয়াদ। আজই উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ ও দক্ষিণ ওড়িশা উপকূলের কাছাকাছি পৌঁছে যেতে পারে। তারপর আরও কিছুটা উত্তর ও উত্তর-পূর্ব দিকে বাঁক নিয়ে ওড়িশা উপকূল বরাবর সরে আগামীকাল দুপুর নাগাদ পুরী উপকূলের কাছে পৌঁছবে।

আবহাওয়া দফতর সূত্রে খবর, এরপর ঘূর্ণিঝড়ের অভিমুখ বাংলার দিকে হলেও, আলিপুর আবহাওয়া দফতর জানিয়েছে, জওয়াদের স্থলভাগে আছড়ে পড়ার সম্ভাবনা নেই। পুরীর কাছে পৌঁছেই শক্তি হারাবে ঘূর্ণিঝড়। বাংলায় ঢোকার আগে তা পরিণত হবে নিম্নচাপে। সেই নিম্নচাপ সুন্দরবনের উপর দিয়ে বাংলাদেশে চলে যাবে। তবে এর প্রভাবে কলকাতা-সহ দক্ষিণবঙ্গের বেশ কয়েকটি জেলায় সকাল থেকে শুরু হয়েছে বৃষ্টি। আজ ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হবে দুই মেদিনীপুর, দুই ২৪ পরগনা, ঝাড়গ্রাম, হাওড়া ও হুগলিতে। আগামীকাল কলকাতাতেও ভারী বৃষ্টির পূর্বাভাস। সমুদ্র উত্তাল থাকায় মত্স্যজীবীদের জন্য জারি হয়েছে নিষেধাজ্ঞা।

Cyclone Jawad Updates: জাওয়াদ আতঙ্কে পিছিয়ে দেওয়া হল ইউজিসির নেট পরীক্ষা

UGC's net test was postponed

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: রবিবার ৫ ডিসেম্বর ইউজিসি নেট পরীক্ষা (ugc net exam) হওয়ার কথা ছিল। কিন্তু সেই পরীক্ষা পিছিয়ে দিল ন্যাশনাল টেস্টিং এজেন্সি(national testing agency)। তবে করোনাজনিত কারণে নয়, পরীক্ষা পিছান হয়েছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদের (Cyclone Jawad) আতঙ্কের কারণে।

তবে গোটা দেশেই যে পরীক্ষা পিছিয়ে দেওয়া হয়েছে তা নয়। পরীক্ষা পিছানো হয়েছে সেই সমস্ত জায়গায় যেখানে জাওয়াদের সর্তকতা (jaoad alert) জারি করা হয়েছে। যে সমস্ত এলাকায় পরীক্ষা পিছানোর সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে সেখানে কবে এই পরীক্ষা নেওয়া হবে তা এদিন জানানো হয়নি।

উল্লখ্য, মৌসম ভবনের (mousam bhavan) সতর্কবার্তার প্রেক্ষিতে ওড়িশা ও অন্ধপ্রদেশে ৪ থেকে ৬ ডিসেম্বর পর্যন্ত লাল সতর্কতা জারি করা হয়েছে। ইউজিসি নেট পরীক্ষা হওয়ার কথা ছিল ৫ ডিসেম্বর রবিবার। স্বাভাবিকভাবেই এ ধরনের দুর্যোগের মধ্যে পরীক্ষার্থীদের পক্ষে নির্দিষ্ট সময় মেনে পরীক্ষা কেন্দ্রে যাওয়া সম্ভব নয়। কারণ অন্ধ্র এবং ওড়িশা দুই রাজ্যে বাতিল হয়েছে একাধিক ট্রেন। রাস্তাতেও সেভাবে যানবাহন চলছে না। তাই পরীক্ষার্থী এবং যাঁরা পরীক্ষা নেবেন তাঁরা সকলেই চরম সমস্যায় পড়বেন। সে কারণেই পরীক্ষা পিছানোর সিদ্ধান্ত নেওয়া হয়েছে বলে ন্যাশনাল টেস্টিং এজেন্সি এক বিজ্ঞপ্তিতে জানিয়েছে।

ওই বিজ্ঞপ্তিতে জানানো হয়েছে, ওড়িশার কটক, ভুবনেশ্বর, পুরী এবং অন্ধ্রের বিশাখাপত্তনম, বিজয়নগরম, শ্রীকাকুলাম, মছলিপত্তনম-সহ দক্ষিণ অন্ধপ্রদেশের আরও কিছু শহরে পরীক্ষা স্থগিত রাখা হয়েছে। তবে দুই রাজ্যে অন্যান্য শহরগুলিতে নির্ধারিত সূচি মেনেই রবিবার পরীক্ষা নেওয়া হবে। যে কেন্দ্রগুলিতে পরীক্ষা বাতিল করা হয়েছে সেখানেও পরীক্ষার দিনক্ষণ শীঘ্রই জানিয়ে দেওয়া হবে বলে জানানো হয়েছে।

এদিন ন্যাশনাল টেস্টিং এজেন্সির পক্ষ থেকে পরীক্ষা সংক্রান্ত যাবতীয় প্রশ্নের উত্তরের জন্য একটি একটি হেল্পডেস্ক চালু করা হয়েছে। ওই হেল্পডেস্কের ফোন নম্বর হল (০১১) ৪০৭৫৯০০০। ফোন নম্বরের পাশাপাশি একটি ই-মেইল আইডিও দেওয়া হয়েছে। ওই ইমেইল আইডিটি হল. ugcnet@ nta.ac.in.

উল্লেখ্য, ২০ নভেম্বর থেকে ইউজিসির নেট পরীক্ষা শুরু হয়েছে। ৫ ডিসেম্বর ছিল শেষ দিনের পরীক্ষা। কিন্তু ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদের কারণেই পরীক্ষা পিছিয়ে দেওয়ার সিদ্ধান্ত।

Cyclone Jawad Updates: জাওয়াদের জের, সকাল থেকেই শুরু বৃষ্টি

weather update in Kolkata

নিউজ ডেস্ক, কলকাতা: এগোচ্ছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ (Cyclone Jawad)। আলিপুর আবহাওয়া দফতরের পূর্বাভাস মিলিয়ে তার জের শুরু হয়ে গিয়েছে বৃষ্টিও। হাওয়া অফিস জানিয়েছে উপকূলীয় এলাকায় আজ বেশি বৃষ্টির সম্ভাবনা আছে। কলকাতা হাওড়ায় আজ প্রথমে হালকা বৃষ্টি হবে পরে বাড়বে বৃষ্টি। রবিবার দিনভর ভারী থেকে অতিভারী বৃষ্টি হতে পারে বলে জানাচ্ছে হাওয়া অফিস।

বেড়েছে কলকাতার তাপমাত্রাও। ১৮ থেকে লাফিয়ে কলকাতার তাপমাত্রা হয়ে গিয়েছে ২১.০ ডিগ্রি সেলসিয়াস, যা স্বাভাবিকের থেকে পাঁচ ডিগ্রি বেশি। আর্দ্রতার পরিমান সর্বোচ্চ ৯২ সর্বনিম্ন ৪৬ শতাংশ। বৃষ্টিতে দ্রুত কমবে দিনের তাপমাত্রা ২৯ থেকে কমে তা ২৬এ নেমে আসতে পারে বলে জানিয়েছে হাওয়া অফিস।

উত্তর-মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থিত সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড় “জাওয়াদ” গত ৬ ঘন্টায় ২২ কিমি/ঘঃ বেগে উত্তর -উত্তরপশ্চিম অভিমুখে অগ্রসর হয়েছে। এটি এখন পশ্চিম-মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থান করছে। এর কেন্দ্রবিন্দু ১৫.০ ডিগ্রী উত্তর অক্ষাংশ এবং ৮৫.৩ ডিগ্রী পূর্ব দ্রাঘিমাংশে অবস্থিত।

বিশাখাপত্তনম (অন্ধ্রপ্রদেশ ) থেকে দক্ষিণ -দক্ষিণপূর্ব দিকে প্রায় ২২০ কিমি দূরে , গোপালপুর থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপূর্ব দিকে ৪৪০ কিমি দূরে , পুরী (ওড়িশা ) থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপশ্চিম দিকে ৪০০ কিমি দূরে এবং পারাদ্বীপ (ওড়িশা ) থেকে দক্ষিন -দক্ষিণপশ্চিম দিকে ৬০০ কিমি দূরে অবস্থিত। এরপর এটি উত্তর-উত্তরপশ্চিম অভিমুখে অগ্রসর হয়ে আরও শক্তিশালী হয়ে উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ- দক্ষিণ ওডিশা উপকূলের অদূরে পশ্চিম মধ্য বঙ্গোপসাগরের উপর অবস্থান করবে আগামী কাল, ৪ডিসেম্বর সকালে।

এরপর এর গতির অভিমুখ পরিবর্তন করে ওডিশা উপকূল বরাবর উত্তর-উত্তরপূর্ব দিকে অগ্রসর হয়ে আগামী ৫ ডিসেম্বর দুপুরে পুরীর (ওডিশা ) নিকট অবস্থান করার সম্ভাবনা আছে। তারপর ঘূর্ণিঝড় টি উত্তর-উত্তরপূর্ব অভিমুখে অগ্রসর হয়ে পশ্চিমবঙ্গ উপকূলে অবস্থান করার সম্ভাবনা আছে।

Asani cyclone: জাওয়াদের পর জন্ম নেবে অশনি, সাগর দানবের মরণ নেই

Asani cyclone

News Desk: শুধু নাম পাল্টে বারবার আসে। কখনও দূর্বল তো কখনও ভয়াবহ আকার নিয়ে। আসলে সাগর দানবের মরণ নেই। সাগরের এই দানব সাইক্লোন হলো প্রকৃতির রূদ্র রূপ। এর পোশাকি দুটি গোত্র হারিকেন ও টাইফুন।

আটলান্টিক মহাসাগর এলাকা তথা উত্তর ও দক্ষিণ আমেরিকার আশেপাশে ঘূর্ণিঝড়ে বাতাসের গতিবেগ যখন ঘণ্টায় ১১৭ কি.মি.-এর বেশি হয়, তখন বুঝাতে হারিকেন শব্দটি ব্যবহার করা হয়। প্রাচীন মায়া সভ্যতার দেবতা হুরাকান চিহ্নিত ঝড়ের প্রতীক হিসেবে। তার নাম থেকেই হারিকেন শব্দটি এসেছে।

প্রশান্ত মহাসাগরীয় এলাকার চিন, জাপান, সহ পূর্ব ও দক্ষিণ পূর্ব এশিয়া হয়ে দক্ষিণ এশিয়ায়  টাইনো শব্দটি ব্যবহূত হয়। ধারণা করা হয় চিনা শব্দ টাই-ফেং, যার অর্থ প্রচন্ড বাতাস সেখান থেকেই টাইফুন নামকরণ।

সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড়ের নামকরণ তালিকা পূর্বে ঠিক করা থাকে। এশিয়া ও ভারত মহাসাগরীয় এলাকায় নির্দিস্ট তালিকা মেনে জাওয়াদের নাম রেখেছে সৌদি আরব। এর অর্থ মহান। ঠিক জাওয়াদ যখন শেষ হবে তারপর আসবে অশনি। এই ঘূর্ণিঝড়ের নাম রেখেছে শ্রীলংকা।

ঝড়ের তালিকায় পরবর্তী নামগুলি হলো, সিতরং নাম রেখেছে থাইল্যান্ড, মান্দোস নাম রেখেছে সংযুক্ত আরব আমিরশাহি, মোচা নাম রেখেছে ইয়েমেন।

Cyclone Jawad: সপ্তাহান্তে ধেয়ে আসছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ

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নিউজ ডেস্ক: ইয়াসের পর এবার ধেয়ে আসছে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ (Cyclone Jawad)। সপ্তাহের শেষে কলকাতা সহ উপকূল সংলগ্ন জেলায় ঝোড়ো হাওয়ার সঙ্গে অতিভারী বৃষ্টির সর্তকতা জারি করা হয়েছে।

আবহাওয়া দফতর সূত্রের খবর, দক্ষিণ থাইল্যান্ডের ঘূর্ণাবর্ত নিম্নচাপে পরিণত হয়েছে। সেটি ক্রমশ দক্ষিণ আন্দামান সাগরের দিকে ঢুকবে। শক্তি সঞ্চয় করে এই গভীর নিম্নচাপ সেখানেই ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হবে। নাম হবে জাওয়াদ।

শনিবার সকালে এটির উত্তর অন্ধ্রপ্রদেশ অথবা ওড়িশা উপকূলে আছড়ে পড়ার সম্ভাবনা রয়েছে। এর প্রভাবে শনিবার সকালে পশ্চিমবঙ্গের সমুদ্র উপকূলে বাতাসের গতিবেগ ৬৫ থেকে ৮০ কিলোমিটার হতে পারে। আবহাওয়া দফতর শুক্রবার থেকে রবিবার পর্যন্ত মৎস্যজীবীদের সমুদ্রে মাছ ধরতে যেতে নিষেধ করেছে। যারা সমুদ্রের রয়েছেন তাঁদের বৃহস্পতিবার সন্ধ্যার মধ্যে ফিরে আসতে বলা হয়েছে।

এই ঘূর্ণিঝড়ের প্রভাবে কলকাতা সহ দক্ষিণবঙ্গের একাধিক জেলায় বৃষ্টি, উপকূল ও সংলগ্ন জেলাগুলিতে ঝড়বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। শনি ও রবিবার ঝোড়ো হাওয়ার সঙ্গে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হতে পারে। শুক্রবার উপকূলের দুই জেলা দুই মেদিনীপুরে ও দক্ষিণ ২৪ পরগনার কিছু অংশে হালকা বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। শনিবার বৃষ্টির সঙ্গে ঝোড়ো হাওয়ার দাপট বাড়বে।

শুক্রবার থেকে কলকাতাতেও আবহাওয়ার পরিবর্তন হবে। মেঘলা আকাশ সঙ্গে হালকা পূবালী বাতাস থাকবে। বজ্রগর্ভ মেঘ থেকে হালকা বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। রবিবার কলকাতায় বৃষ্টি ও ঝড়ের ব্যাপকতা বাড়বে। উল্লেখ্য, বুধবার কলকাতায় সর্বনিম্ন তাপমাত্রা ১৭.৭ ডিগ্রি।

 

 

Bangladesh: বঙ্গোপসাগরে নিম্নচাপে ঘূর্ণিঝড় জাওয়াদ জন্মের আশঙ্কা

cyclone Jawad

News Desk: আসবে কি তেড়ে ঘূর্ণিঝড়? বঙ্গোপসাগরে তৈরি হওয়া নিম্নচাপ শক্তিশালী হওয়ার একটা আশঙ্কা করছে বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর।

বাংলাদেশের আবহাওয়া অধিদফতরের দীর্ঘমেয়াদি পূর্বাভাস অনুযায়ী আগামী ১৫ থেকে ১৬ নভেম্বরের ভেতর বঙ্গোপসাগরে এই ঘূর্ণিঝড় সৃষ্টি হওয়ার আশঙ্কা রয়েছে। যদি তেমন হয়, সেক্ষেত্রে আগামী ১৮ থেকে ১৯ নভেম্বর ভারতের উপকূলে সেই ঝড় আঘাত হানতে পারে।

পরবর্তী ঘূর্ণিঝড়ের নাম ঠিক করা আছে জাওয়াদ। এটি সৌদি আরবের দেওয়া নাম। চলতি বছর সেপ্টেম্বরে ভারতের ওডিশা উপকূলে আঘাত হানে ঘূর্ণঝড় ‘গুলাব’। আর মে মাসে ‘ইয়াস’ হামলা করেছিল।

বাংলাদেশ ও ভারতের উপকূল থেকে দুই দেশের উপকূলরক্ষী বাহিনীর দেওয়া তথ্য, উপগ্রহ ছবি বিশ্লেষণ করছেন আবহাওয়া বিশেষজ্ঞরা।

বাংলাদেশের আবহাওয়াবিদরা ঢাকার সংবাদ মাধ্যমে জানাচ্ছেন, বঙ্গোপসাগরে যদি শক্তিশালী হয়ে নিম্নচাপ তৈরি হয় তাহলে একটি ঘূর্ণিঝড়ে রূপ নেওয়ার আশঙ্কাও রয়েছে।

দুই দেশের আবহাওয়া বিভাগ জানাচ্ছে, ভারতের উত্তর তামিলনাড়ু ও আশেপাশের এলাকায় অবস্থারত নিম্নচাপটি দুর্বল হয়েছে। একটি নিম্নচাপ রেখা হিমালয় সংলগ্ন পশ্চিমবঙ্গ ও আশেপাশের এলাকা পর্যন্ত বিস্তৃত রয়েছে।

বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, দক্ষিণ পশ্চিম বঙ্গোপসাগর থেকে আগত নিম্নচাপটির বর্ধিতাংশ উত্তর বঙ্গোপসাগর পর্যন্ত বিস্তৃত রয়েছে। দক্ষিণ আন্দামান সাগর এবং এর আশেপাশের এলাকায় একটি নিম্নচাপ বলয় সৃষ্টি হয়েছে। এর প্রভাবে রাজশাহী, খুলনা, বরিশাল, চট্টগ্রাম, ময়মনসিংহ, ঢাকা ও সিলেট বিভাগের দু’এক জায়গায় হালকা থেকে মাঝারী ধরনের বৃষ্টি হতে পারে।

Cyclone Gulab Live Updates: গভীর রাতে হানা দিয়ে নিম্নচাপে পরিণত গুলাব

Cyclone Gulab Live Updates

বিশেষ প্রতিবেদন: রবিবার দুপুরে যে আশঙ্কার মেঘ গুলাব (Cyclone Gulab) নিয়ে তৈরি হয়েছিল তা কাটল। রবিবার গভীর রাতে ঘূর্ণিঝড় গুলাব শক্তি কমিয়ে গভীর নিম্নচাপে পরিণত হয়েছে। এমনটাই জানাল আবহাওয়া দফতর।

রবিবার বেশি রাতে অন্ধপ্রদেশের সান্থাগুড়ায় আছড়ে পড়ে ঘূর্ণিঝড় গুলাব। ঝড়ের বলি শ্রীকাকুলামের মৃত ২ মৎসজীবী। বাংলার উপকূলে দিল ঝড়ো হাওয়া। এতটুকুই। অথচ রবিবার দুপুরে শহর ও শহরতলির আকাশ কালো হয়ে আসে মেঘে। শুরু হয় বৃষ্টি। ঝেঁপে টানা ঘণ্টা দুয়েক বৃষ্টি হয়। বিকেল থেকে আকাশ পরিস্কার হয়। তারপর থেকে তেমন দুর্যোগের বৃষ্টি দেখা যায়নি। অবশ্য এমনটাই জানিয়েছিল আলিপুর আবহাওয়া দফতর। সেটাই হল, ভোগাবে ঘূর্ণাবর্তের বৃষ্টি।

সকালের আপডেট বলছে, গত কয়েক ঘণ্টায় গুলাব আরও পশ্চিম দিকে সরে গিয়েছে। আবহাওয়া দফতরের পূর্বাভাসে জানিয়েছে, ঝড় বা ওই সিস্টেমের প্রভাবে ঝড় বৃষ্টি চলবে অন্ধ্র ও ওডিশায়। তাই এই দুই রাজ্যে উপকূল এলাকায় রয়েছে কড়া সুরক্ষা ব্যবস্থা।

নয়াগড়, কালাহান্ডির মত জেলাগুলিতে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হতে পারে। হলুদ সর্তকতা জারি রয়েছে ভদ্রক, কেন্দ্রপাড়া, বালাসোর, কটক, সোনপুর, নোয়াপাড়া এলাকায়। এই অঞ্চলগুলিতে ভারী বৃষ্টি হবে।

এ রাজ্যের উপর এর প্রভাব নেই। আলিপুর আবহাওয়া দফতরের অধিকর্তা গণেশ কুমার দাস জানিয়েছেন, “পূর্ব মধ্য বঙ্গোপসাগরে একটু ঘূর্ণাবর্ত তৈরি হবে ২৭ সেপ্টেম্বর। এর জেরে উত্তর-পূর্ব বঙ্গোপসাগরে একটি নিম্নচাপ তৈরি হবে। সেটি ধীরে ধীরে উত্তর পশ্চিম দিকে এগিয়ে গিয়ে ২৯ তারিখ এসে পৌঁছাবে বাংলার উপকূলে। এর জেরে ঝড়ো হাওয়া এবং প্রচুর বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে দক্ষিণবঙ্গে।”

২৮ ও ২৯ তারিখ কমলা সতর্কতা জারি করা হয়েছে। ২৮ সেপ্টেম্বর কলকাতায় সর্বোচ্চ ৫০ কিলোমিটার গতিতে ঝড়ো হাওয়া বইতে পারে। ভারী বৃষ্টি হতে পারে কলকাতা, পূর্ব মেদিনীপুর, পশ্চিম মেদিনীপুর, উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণা, হাওড়া, পূর্ব বর্ধমান ও পশ্চিম বর্ধমানে। ২৯ সেপ্টেম্বরেও একই রকম।গতিতে শহরে বইবে ঝড়ো হাওয়া। ভারী বৃষ্টি হতে পারে কলকাতা, পূর্ব মেদিনীপুর, পশ্চিম মেদিনীপুর, ঝাড়গ্রাম, বাঁকুড়া, পুরুলিয়া, উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণা, হাওড়া, পূর্ব বর্ধমান ও পশ্চিম বর্ধমানে। বৃষ্টি হতে পারে ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার। এই দুই দিনেই পূর্ব মেদিনীপুর,উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণায় সর্বোচ্চ ৬৫ কিলোমিটার বেগে ঝড় বইতে পারে।

Cyclone Gulab Live Updates: ৯৫-১০০ কিমি গতি নিয়ে গুলাব ঢুকছে রাতেই

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নিউজ ডেস্ক: পশ্চিম- মধ্য বঙ্গোপসাগরের ওপর সৃষ্ট ঘূর্ণিঝড় গুলাব (Cyclone Gulab) অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনম উপকূলের দিকে তীব্র গতিতে আসছে। উপকূলের মাটি ছোঁয়ার সময় এই ঘূর্নিঝড়ের গতিবেগ ঘন্টায় ৯৫ কিমি থেকে ১০০ কিলোমিটার পর্যন্ত হওয়ার আশঙ্কা। অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনমের উপরেই আছড়ে পড়বে গুলাব।

পিআইবি জানাচ্ছে, এই ঝড় ঘণ্টায় ৭৫ থেকে ৮৫ কিলোমিটার বেগে ওডিশার গোপালপুর ও অন্ধ্রের কলিঙ্গপত্তনমের মাঝামাঝি স্থলভাগে প্রবেশ করবে। সেই সময় ঝড়ের গতি ৯৫ কিলোমিটার পর্যন্ত হতে পারে।

গুলাবের প্রত্যক্ষ প্রভাব গাঙ্গেয় পশ্চিমবঙ্গে না পড়লেও উপকূল এলাকায় ভারী বৃষ্টির সম্ভাবনা। আলিপুর আবহাওয়া দফতরের পূর্বাঞ্চলীয় উপ মহানির্দেশক ডক্টর সঞ্জীব বন্দ্যোপাধ্যায় জানিয়েছেন, ২৮ তারিখ মঙ্গলবার কলকাতা, সহ দক্ষিণবঙ্গের বিভিন্ন জেলায় ভারি বৃষ্টি হতে পারে।

ঘূর্ণিঝড় গুলাবের প্রভাবে বঙ্গোপসাগর উপকূলের ওডিশা, অন্ধ্রপ্রদেশ এবং তেলেঙ্গানার বিভিন্ন অংশে ভারি থেকে অতি ভারি বৃষ্টির সতর্কতা জারি করা হয়েছে। প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী অন্ধ্রপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী জগনমোহন রেড্ডির সঙ্গে দুর্যোগ মোকাবিলার বিষয়ে কথা বলেন। কেন্দ্রের তরফে সবরকম সাহায্যের আশ্বাস দেন। পিআইবি জানাচ্ছে, ওডিশার মুখ্যমন্ত্রী নবীন পট্টনায়ক বিপর্যয় মোকাবিলার প্রস্তুতি খতিয়ে দেখেছেন।

অন্যদিকে গুলাব ঝড়ের দাপটে বঙ্গোপসাগর উত্তাল। সাগরের বাংলাদেশ উপকূলে জারি হয়েছে সতর্কতা। বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, খুলনা ও বরিশাল বিভাগের উপকূলীয় এলাকায় বিশেষ নজরদারি চলছে। চট্টগ্রাম বিভাগেও সতর্কতা আছে। তবে গুলাব ঘূর্ণিঝড়ের মুখ ভারতীয় উপকূলের দিকে থাকায় বাংলাদেশের উপকূল এলাকায় তেমন বিপদ নেই।

Cyclone Gulab Live Updates: কলকাতায় বৃষ্টির সঙ্গী হবে ঝড়ও, সতর্কতা হাওয়া অফিসের

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নিউজ ডেস্ক: গুলাবের জেরে শহরে শুরু হল বৃষ্টি। ১১.৫৬ মিনিটে আবহাওয়া দফতর জানায়। এই গুলাবের (Cyclone Gulab) প্রভাব তেমনভাবে না পড়লেও ঘূর্ণাবর্ত বিপুল বৃষ্টি তো দেবেই সঙ্গে ঝড়ের সম্ভাবনাও রয়েছে এমনটাই জানিয়ে আলিপুর আবহাওয়া দফতর।

আবহাওয়া দফতরের বিশেষ নজর গুলাবের পিছু পিছু আসা ঘূর্ণাবর্ত। আলিপুর আবহাওয়া দফতরের অধিকর্তা গণেশ কুমার দাস জানিয়েছেন, “পূর্ব মধ্য বঙ্গোপসাগরে একটু ঘূর্ণাবর্ত তৈরি হবে ২৭ সেপ্টেম্বর। এর জেরে উত্তর-পূর্ব বঙ্গোপসাগরে একটি নিম্নচাপ তৈরি হবে। সেটি ধীরে ধীরে উত্তর পশ্চিম দিকে এগিয়ে গিয়ে ২৯ তারিখ এসে পৌঁছাবে বাংলার উপকূলে। এর জেরে ঝড়ো হাওয়া এবং প্রচুর বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে দক্ষিণবঙ্গে।”

২৮ ও ২৯ তারিখ কমলা সতর্কতা জারি করা হয়েছে। ২৮ সেপ্টেম্বর কলকাতায় সর্বোচ্চ ৫০ কিলোমিটার গতিতে ঝড়ো হাওয়া বইতে পারে। ভারী বৃষ্টি হতে পারে কলকাতা, পূর্ব মেদিনীপুর, পশ্চিম মেদিনীপুর, উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণা, হাওড়া, পূর্ব বর্ধমান ও পশ্চিম বর্ধমানে। ২৯ সেপ্টেম্বরেও একই রকম।গতিতে শহরে বইবে ঝড়ো হাওয়া। ভারী বৃষ্টি হতে পারে কলকাতা, পূর্ব মেদিনীপুর, পশ্চিম মেদিনীপুর, ঝাড়গ্রাম, বাঁকুড়া, পুরুলিয়া, উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণা, হাওড়া, পূর্ব বর্ধমান ও পশ্চিম বর্ধমানে। বৃষ্টি হতে পারে ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার। এই দুই দিনেই পূর্ব মেদিনীপুর,উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণায় সর্বোচ্চ ৬৫ কিলোমিটার বেগে ঝড় বইতে পারে।

এদিকে গুলাবের জেরে আজ ২৬ তারিখ ৭০ থেকে ১১০ মিলিমিটার বৃষ্টি হবে পূর্ব মেদিনীপুরে। ২৭ সেপ্টেম্বর পূর্ব মেদিনীপুরের পাশাপাশি, উত্তর ২৪ পরগণা, দক্ষিণ ২৪ পরগণায় ভারী বৃষ্টি হতে পারে। উপকূলে কখনও কখনও ঝড়ের গতিবেগ ঘন্টায় ৯০ কিলোমিটার প্রতি ঘণ্টায় পৌঁছে যাবে, এমনটাই জানাচ্ছে হাওয়া অফিস।

সন্ধেয় অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনমের কাছে আছড়ে পড়বে ‘গুলাব’। শেষ আপডেট জানাচ্ছে যে, গোপালপুর থেকে ৩০০ কিমি দূরে অবস্থান করছে এই ঘূর্ণিঝড়। কলিঙ্গপত্তম থেকে দূরত্ব ৩৭০ কিমি। ঝড় ক্রমেই তা পশ্চিম দিকে এগাচ্ছে। আজ বিকেলেই যা কলিঙ্গপত্তনম ও গোপালপুরের মধ্য দিয়ে প্রবেশ করার কথা।

আইএমডি-র তরফে কমলা সর্তকতা জারি করা হয়েছে পুরি, নয়াগড়, কালাহান্ডির মত জেলাগুলিতে। অর্থাৎ এই এলাকাগুলিতে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হতে পারে। হলুদ সর্তকতা জারি রয়েছে ভদ্রক, কেন্দ্রপাড়া, বালাসোর, কটক, সোনপুর, নোয়াপাড়া এলাকায়। এই অঞ্চলগুলিতে ভারী বৃষ্টি হবে।

অনুমান করা হচ্ছে আজ সন্ধ্যের সময় সর্বোচ্চ ৯৫ কিলোমিটার বেগে ঘূর্ণিঝড় বইতে পারে। পুরী, কেন্দ্রপাড়া, কোরাপুট অঞ্চলে ঘূর্ণিঝড়ের গতি হতে পারে ৬৫ থেকে ৭৫ কিলোমিটার। বাংলা, ওড়িশা, অন্ধ্র তিন রাজ্যেরই মৎস্যজীবীদের সমুদ্রে যেতে না করা হয়েছে।

Cyclone Gulab Live Updates: সন্ধ্যাবেলাতেই হানা ‘গুলাব’ গ্যাঙের

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বিশেষ প্রতিবেদন: আর কিছু ঘন্টা। সন্ধেয় অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনমের কাছে আছড়ে পড়বে ‘গুলাব’ (Cyclone Gulab)। শেষ আপডেট জানাচ্ছে যে, গোপালপুর থেকে ৩০০ কিমি দূরে অবস্থান করছে এই ঘূর্ণিঝড়। কলিঙ্গপত্তম থেকে দূরত্ব ৩৭০ কিমি।

রাজ্য়ে সরাসরি প্রভাব না পড়লেও আজ থেকে শুরু হয়েছে বৃষ্টি। উপকূলবর্তী জেলাগুলিতে ভারী বৃষ্টির সঙ্গে ঝড়ো হাওয়ার সম্ভাবনা রয়েছে। দক্ষিণবঙ্গে অতি ভারী বৃষ্টির সতর্কতা রয়েছে মঙ্গল ও বুধবার। ঝড় ক্রমেই তা পশ্চিম দিকে এগাচ্ছে। আজ বিকেলেই যা কলিঙ্গপত্তনম ও গোপালপুরের মধ্য দিয়ে প্রবেশ করার কথা।

আইএমডি-র তরফে কমলা সর্তকতা জারি করা হয়েছে পুরি, নয়াগড়, কালাহান্ডির মত জেলাগুলিতে। অর্থাৎ এই এলাকাগুলিতে ভারী থেকে অতি ভারী বৃষ্টি হতে পারে। হলুদ সর্তকতা জারি রয়েছে ভদ্রক, কেন্দ্রপাড়া, বালাসোর, কটক, সোনপুর, নোয়াপাড়া এলাকায়। এই অঞ্চলগুলিতে ভারী বৃষ্টি হবে।

অনুমান করা হচ্ছে আজ সন্ধ্যের সময় সর্বোচ্চ ৯৫ কিলোমিটার বেগে ঘূর্ণিঝড় বইতে পারে। পুরী, কেন্দ্রপাড়া, কোরাপুট অঞ্চলে ঘূর্ণিঝড়ের গতি হতে পারে ৬৫ থেকে ৭৫ কিলোমিটার। বাংলা, ওড়িশা, অন্ধ্র তিন রাজ্যেরই মৎস্যজীবীদের সমুদ্রে যেতে না করা হয়েছে।

দুর্যোগের দিনে কলকাতা পুরসভার স্কুল বাড়ি ব্যবহারের পরামর্শ দিচ্ছে কলকাতা পুরসভা। বিপদজনক বা কাঁচা বাড়িতে যারা আছেন প্রয়োজনে তাদের পুরসভার স্কুলের সরানো হবে, এজন্য নির্দেশিকা জারি করেছে পুরসভা।

Cyclone Gulab: বিকেলের পর গুলাব আসছে, উপকূলে সতর্কতা

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নিউজ ডেস্ক: বঙ্গোপসাগরে তৈরি হওয়া সামুদ্রিক ঘূর্ণিঝড় গুলাব (Cyclone Gulab) পশ্চিমবঙ্গের উপকূল পেরিয়ে নিজের গতিপথ নির্দিষ্ট করেছে ওডিশা ও অন্ধ্রপ্রদেশের দিকে। আবহাওয়া বিভাগের সতর্কতা এই ঘূর্ণিঝড় রবিবার সন্ধে নাগাদ ওডিশার গোপালপুর ও অন্ধ্রপ্রদেশের বিশাখাপত্তনমের মাঝে ভূমিতে আছড়ে পড়বে। গুলাব প্রথমেই আঘাত করবে অন্ধ্রপ্রদেশের কলিঙ্গপত্তনমে।

গুলাব পশ্চিমবঙ্গে না ঢুকলেও এই রাজ্যের দুই উপকূলীয় জেলা দক্ষিণ ২৪ পরগনা ও পূর্ব মেদিনীপুরের সর্বত্র জারি বিশেষ সতর্কতা। একইভাবে উত্তর ২৪ পরগনার সুন্দরবন সংলগ্ন নদী তীরবর্তী অঞ্চলেও প্রশাসনিক তৎপরতা রয়েছে।

ঘূর্ণিঝড় গুলাব ও ঘূর্ণাবর্তের জোড়া হামলা মোকাবিলায় দক্ষিণ ২৪ পরগনা জেলা প্রশাসন তৈরি। কাকদ্বীপ, নামখানা, সাগর,পাথরপ্রতিমা, রায়দিঘি, গোসাবা, কুলতলি, ক্যানিং, বাসন্তী এলাকায় পুলিশ, মৎস্যদপ্তর, পঞ্চায়েতের পক্ষ থেকে লাগাতার মাইক প্রচার চলছে। পিআইবি সূত্রে এই খবর। শনিবার দুপুরে সুন্দরবন উন্নয়ন মন্ত্রী বঙ্কিমচন্দ্র হাজরা বেশ কিছু বাঁধ পরিদর্শন করেন। সেচ, বিদুৎ ও জনস্বাস্থ্য কারিগরি দপ্তরের আধিকারিকদের বিশেষভাবে সজাগ থাকার নির্দেশ দিয়েছেন জেলাশাসক পি উলগানাথন।

অন্যদিকে পূর্ব মেদিনীপুরের তাজপুর, মন্দারমনি, দিঘা সব বিস্তির্ণ বেলাভূমি ও সৈকত পর্যটন এলাকায় চলছে নজরদারি। পর্যটকদের সমুদ্রে নামতে নিষেধাজ্ঞা জারি হয়েছে। উত্তর ২৪ পরগনার জেলার সুন্দরবন এলাকায় চলছে বিশেষ নজরদারি।

এদিকে বঙ্গোপসাগরে অন্যদিকে বাংলাদেশের উপকূলেও জারি সতর্কতা। তিনটি উপকূলীয় বিভাগ চট্টগ্রাম, খুলনা, বরিশালের সব সমুদ্র বন্দরে দেখানো হয়েছে সতর্ক চিহ্ন। বাংলাদেশ আবহাওয়া অধিদফতর জানাচ্ছে, রাতেই গুলাব পূর্ণাঙ্গ আকার নিয়েছে। এর গতিপথ ভারতীয় উপকূলের দিকে। বাংলাদেশের উপকূলে সাগর ফুঁসছে। বাংলাদেশ নৌ বাহিনী, উপকূলরক্ষী বাহিনী প্রস্তুত উদ্ধারে।

গুলাবের ভয় পাচ্ছেন? শিকারি বাজের মতো ‘শাহিন’ আসছে তেড়ে

Sheen cyclone

নিউজ ডেস্ক: ঝড়ের তালিকা বলে দিচ্ছে গুলাবের পরে শাহিন আসবে তেড়ে ফুঁড়ে। এই সাইক্লোনের গতিপথ কোনদিকে কোন উপকূলে তা নির্দিষ্ট নয়। কারণ, বঙ্গোপসাগর, আরব সাগর, ভারত মহাসাগর, ওমান সাগরের কোথায় শাহিন জন্ম নেবে তারই ঠিক নেই। তবে ঝড় তালিকায় নাম তৈরি হয়ে গিয়েছে। শাহিন নাম রেখেছে কাতার সরকার। 

শাহিন নামের অর্থ শিকারি পাখি। মূলত বাজ, ঈগল, চিল বা শঙ্খ চিল গোত্রের তীক্ষ্ণ চঞ্চুর পাখিদের আরবি, ফারসি, উর্দুতে শাহিন বলা হয়।  বিবিসি জানাচ্ছে,বিশ্ব আবহাওয়া সংস্থা আঞ্চলিক কমিটি একেকটি ঝড়ের নামকরণ করে। যেমন ভারত মহাসাগরের ঝড়গুলোর নামকরণ করে এই সংস্থার আটটি দেশ: বাংলাদেশ, ভারত, পাকিস্তান, মায়ানমার, মালদ্বীপ, শ্রীলঙ্কা, থাইল্যান্ড এবং ওমান, যাদের প্যানেলকে বলা হয় WMO/ESCAP।

এক সময় ঝড়গুলি নম্বর দিয়ে চিহ্নিত করা হতো। কিন্তু সেসব নম্বর সাধারণ মানুষের কাছে দুর্বোধ্য। ফলে সেগুলোর পূর্বাভাস দিলে সাধারণ মানুষের কাছে কঠিন মনে হতো। এই কারণে ২০০৪ সাল থেকে বঙ্গোপসাগর ও আরব সাগরের উপকূলবর্তী দেশগুলোয় ঝড়ের নামকরণ শুরু হয়।

বঙ্গোপসাগর ও আরব সাগর উপকূলের আটটি দেশের প্রস্তাব অনুসারে একটি তালিকা থেকে একটির পর একটি ঝড়ের নামকরণ করা হয়। সেই তালিকা অনুসারে পাকিস্তান নামকরণ করেছে গুলাব। আর পরবর্তী ঘূর্ণিঝড়ের নাম শাহিন নাম রেখেছে কাতার।

শুধু শাহিন নয় পরবর্তী আরও কয়েকটি সামুদ্রিক ঘূর্নিঝড়ের নাম মনে রাখুন। ঝড়ের নামের পাশে নামকরণকারী দেশ দেওয়া হলো।
জাওয়াদ-সৌদি আরব, অশনি-শ্রীলংকা, সিতরাং-থাইল্যান্ড, মানদৌস-সংযুক্ত আরব আমিরশাহি, মোচা-ইয়েমেন, বিপর্যয়-বাংলাদেশ, তেজ-ভারত।

ALERT: রাতেই তৈরি হবে ঘূর্ণিঝড় গুলাবের শক্তি, সতর্কতা বাংলাদেশের

indian coastal side

নিউজ ডেস্ক: বঙ্গোপসাগরে তৈরি হওয়া নিম্নচাপ থেকে ঘূর্ণিঝড় গুলাব জন্ম নিতে চলেছে। এর মুখ ভারতীয় উপকূলের দিকে। তবে লেজের ঝাপটা লাগবে বাংলাদেশ উপকূল এলাকায়। বিবিসি জানাচ্ছে, বঙ্গোপসাগরে সৃষ্ট একটি গভীর নিম্নচাপ ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হতে যাচ্ছে বলে সতর্ক করে দিচ্ছে বাংলাদেশ সরকার।

ঢাকায় আবহাওয়া অধিদফতরের তরফে বলা হয়, তারা মোটামুটি নিশ্চিত যে নিম্নচাপটি ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হতে যাচ্ছে। শনিবার রাতেই এর আকার ধারণ করবে। ইতিমধ্যেই বাংলাদেশের বিস্তির্ণ অংশে শুরু হয়েছে বৃষ্টিপাত। উপকূলবর্তী তিনটি বিভাগ খুলনা, বরিশাল ও চট্টগ্রামে জারি হয়েছে সতর্কতা। কারণ, সাগর ফুঁসে উঠবে। বাংলাদেশ আবহাওয়া বিভাগের দাবি, গুলাব হবে একটি স্বল্প শক্তির ঘূর্ণিঝড়, যার গতিবেগ হবে ঘণ্টায় ৬০ থেকে ৭০ কিলোমিটার পর্যন্ত। ঝড়ের গতি প্রকৃতি ভারতের দিকে।

অন্যদিকে ভারতের আবহাওয়া বিভাগ এরই মধ্যে ঘূর্ণিঝড়ের আগমন সম্পর্কে সতর্ক করেছে। বলা হয়েছে শনিবারের মধ্যেই নিম্নচাপটির ঘূর্ণিঝড়ে পরিণত হওয়ার আশঙ্কা রয়েছে। ঘূর্ণিঝড়টির গতি-প্রকৃতি দেখে মনে হচ্ছে, রবিবার রাত নাগাদ এটি অন্ধ্র প্রদেশের উত্তরাঞ্চল এবং ওডিশার দক্ষিণাঞ্চল অতিক্রম করবে।

গভীর নিম্নচাপের কারণে বাংলাদেশের আবহাওয়া অধিদফতর চট্টগ্রাম, কক্সবাজার, মংলা ও পায়রা সমুদ্রবন্দরকে সতর্ক সঙ্কেত দেখিয়ে যেতে বলেছে।
এর আগে বঙ্গোপসাগরে সবশেষ যে ঘূর্ণিঝড়টি তৈরি হয়েছিল, সেটির নাম ইয়াস। গত মে মাসে এটি ব্যাপক ক্ষয়ক্ষতি করেছিল ভারতের উপকূলে।

Weather update: বঙ্গ উপকূল ভাসাতে প্রস্তুত পাক ঝড় Gulab

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বিশেষ প্রতিবেদন: যে পারছে সে বাংলায় এসে বৃষ্টি ঢেলে দিয়ে যাচ্ছে। ঘটনা হল, চিন যদি রাজ্যে বৃষ্টি দিতে পারে তাহলে বঙ্গোপসাগর তো ‘একান্ত আপন’। আর এই একান্ত আপন সাগরের গহ্বর থেকে উঠে আসছে নতুন ঝড়। নাম গুলাব, যা নামকরণ করেছে পাকিস্তান।

তালিকা অনুযায়ী কথাই ছিল ইয়াসের পরে যে ঘূর্ণিঝড় আসবে তার নাম হবে গুলাব। এবার আবহাওয়াবিদরা জানিয়েছেন সমুদ্রে ঘূর্ণিঝড় তৈরি হওয়ার পরিস্থিতি তৈরি হয়েছে। যার জেরে উপকূল এলাকায় ভারী বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে। এমনটাই পূর্বাভাস আলিপুর আবহাওয়া দফতরের।

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তবে বাংলার এই ঝড় নিয়ে কপালে ভাঁজ বাড়ানোর কোনও ব্যাপার নেই, যা বিরক্তির কারণ হতে পারে তা হল বৃষ্টি। গুলাবের সম্ভাব্য গতিপথ ভুবনেশ্বর থেকে ভাইজ্যাগের দিকে। সোজা কথায় বহু দূর। একটু হাওয়া এসেও পৌঁছবে না, যা সুখের কথা। দুখের কথা হল বৃষ্টি। এর প্রভাবে রবিবার পূর্ব মেদিনীপুরে ভারী বৃষ্টির আশঙ্কা রয়েছে। কলকাতা-সহ বাকি দক্ষিণের জেলায় হালকা থেকে মাঝারি বৃষ্টিপাত হতে পারে। একেই দক্ষিণবঙ্গ জলে টইটুম্বুর হয়ে রয়েছে, তার উপর আবার বৃষ্টি শহর থেকে গ্রামের হালদ খারাপ করবে তা বলাই যায়।

হাওয়া অফিস জানাচ্ছে ঝড় আরও দক্ষিণে সরে যেতে পারে। কিন্তু বৃষ্টি , তা বাংলাকে না দিয়ে সে যাবে না। গুলাব বর্তমানে গভীর নিম্নচাপ রূপে রয়েছে। ক্রমশ তা অতি গভীর নিম্নচাপে পরিণত হবে। এবং শেষে ঘূর্ণিঝড়ের পরিণত হবে। উপকূলে আছড়ে পড়ার সময় হাওয়ার গতিবেগ ঘণ্টায় ঝড়ের গতি হতে পারে সর্বোচ্চ ৮০-৯০ কিলোমিটার। ওই বলা যেতে পারে ছোটখাটো ঘূর্ণিঝড় হানা দেবে বঙ্গোপসাগরের পারে আর বৃষ্টি দেবে বাংলাকে।