दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने Honey Trap गैंग का पर्दाफाश किया

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दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक हनी ट्रैप गैंग (Honey Trap Gang) का पर्दाफाश किया है, जो पुलिसकर्मियों का रूप धारण करके आम लोगों से पैसे वसूलते थे। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके नाम नीरज त्यागी, दीपक और आशीष हैं। इनमें से दो आरोपी पहले से ही एक हनी ट्रैप मामले में वांछित थे, जो अगस्त 2024 में बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।

यह सफलता 24 दिसंबर को मिली, जब क्राइम ब्रांच को गैंग की गतिविधियों के बारे में गुप्त जानकारी मिली। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया और एक जाल बिछाया गया। पुलिस की टीम बुढ़ विहार नाला, कंझावला रोड के पास एक स्थान पर जाल बिछाने के लिए पहुँची। उसी दौरान एक कार वहां आई, जिसमें एक व्यक्ति दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल की वर्दी में था। आरोपियों ने फर्जी पुलिस पहचान पत्र भी पेश किए। उनकी हरकतों को देखकर क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अपनी ऑफिस में लाने के लिए कहा। आरोपी भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्हें पकड़ लिया गया।

तफ्तीश के दौरान आरोपी पहले तो जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया। आगे की पूछताछ में यह पता चला कि नीरज त्यागी और दीपक पहले से ही एक हनी ट्रैप मामले में वांछित थे, जो बिंदापुर पुलिस स्टेशन में अगस्त 2024 में दर्ज हुआ था। उस मामले में 60 वर्षीय डॉक्टर इन ठगों का शिकार बने थे। डॉक्टर को पहले एक अज्ञात महिला ने फोन किया था। कुछ समय बाद, उस महिला ने डॉक्टर को अपने घर बुलाया और कहा कि उसकी माँ बीमार है, उसे इलाज की जरूरत है।

डॉक्टर जब वहां पहुंचे, तो महिला ने उन्हें खाना पेश किया और बातचीत में व्यस्त हो गई। लेकिन कुछ ही समय बाद, महिला ने डॉक्टर पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। तभी दो पुलिसकर्मी वर्दी में और दो अन्य लोग सादे कपड़ों में कमरे में घुसते हैं और डॉक्टर को गिरफ्तार करने का दावा करते हैं। इसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर से 9 लाख रुपये की मांग की ताकि मामला सुलझ सके। घटना के बाद डॉक्टर ने बिंदापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, और मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, नीरज त्यागी और दीपक फरार हो गए थे, जिन्हें अब पकड़ा गया है।

ऑपरेशन के दौरान क्राइम ब्रांच ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए, जिनमें तीन फर्जी दिल्ली पुलिस पहचान पत्र, एक पुलिस हेड कांस्टेबल की वर्दी, एक कार और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। जांच अभी भी जारी है, और अधिकारियों का ध्यान गैंग के अन्य सदस्यों और उनके अभियानों की जानकारी जुटाने पर है।

यह घटना यह दर्शाती है कि किसी भी व्यक्ति को ठगने के लिए पुलिस की पहचान का इस्तेमाल करना कितना खतरनाक हो सकता है। क्राइम ब्रांच की यह सफल कार्रवाई इस प्रकार के अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अभी तक इस गैंग के सदस्य विभिन्न अपराधों में शामिल हो सकते हैं। इसलिए क्राइम ब्रांच उनकी गहन जांच कर रही है और अन्य अपराधों की जानकारी निकालने की कोशिश कर रही है। इस घटना से पुलिस ने यह सबक लिया है कि उन्हें और अधिक सतर्क रहना होगा और लोगों को इस प्रकार के अपराधों से जागरूक करने के लिए काम करना होगा।

इस सफल ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की तत्परता और समय पर कदम उठाने की क्षमता फिर से साबित हुई है। पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई के कारण, और भी कई लोग इस प्रकार के धोखाधड़ी से बच पाए हैं।

Newsclick case: न्यूजक्लिक केस में सीताराम येचुरी के घर भी पहुंची दिल्ली पुलिस

Delhi Police's Investigation in Newsclick Case Extends to Sitaram Yechury's Residence

चीन से कथिक फंडिंग लेने के आरोप में मंगलवार (3 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ऑनलाइन पोर्टल न्यूजक्लिक (Newsclick case) से जुड़े 30 परिसरों पर छापेमारी की। इसके साथ ही पुलिस ने न्यूजक्लिक से जुड़े पत्रकारों के घरों में भी तलाशी ली। इसी केस के सिलसिले में सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी के घर भी दिल्ली पुलिस पहुंची।

येचुरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करके बताया कि उनके घर पुलिस क्यों आई थी।वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस की छापेमारी में सीपीआई (एम) का कोई हाथ नहीं है। येचुरी ने कहा कि दिल्ली पुलिस हमारे घर पहुंची है क्योंकि हमारी पार्टी के साथी हमारे साथ रहते हैं जिनका बेटा न्यूजक्लिक में काम करता है। यह छापा क्यों मार रहे, इसका कारण क्या है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

येचुरी ने आगे कहा कि पुलिस बता भी नहीं रही है कि यह सब क्यों कर रहे हैं? हम चाहते हैं कि पुलिस स्पष्टिकरण दें। यह मीडिया, अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। इन्हीं वजह से दुनिया के प्रेस इंडेक्स में (भारत की) लगातार गिरावट होती जा रही है। दूसरी तरफ से प्रचार होता है कि हम लोकतंत्र की जननी है।

Delhi: নৃশংসভাবে মাথা থেঁতলে খুন, জখম আরও এক

delhi-police

News Desk: এক নারকীয় ঘটনার সাক্ষী হল রাজধানী দিল্লি। রাস্তার উপর পিটিয়ে মারা হল বছর কুড়ির এক তরুণকে। গণপ্রহার গুরুতর জখম অবস্থায় হাসপাতালে চিকিৎসাধীন আরও একজন।

সোমবার রাতে দিল্লির সঙ্গম বিহারে (sangam bihar) এই চাঞ্চল্যকর ঘটনা ঘটে। ওই মারধরের ঘটনাটি স্থানীয় সিসিটিভি ফুটেজে ধরা পড়েছে। সিসিটিভি ফুটেজ ভাইরাল হতেই বিষয়টি নিয়ে তদন্ত শুরু করেছে পুলিশ। ইতিমধ্যেই রমজান আলি নামে একজনকে এই ঘটনায় জড়িত থাকার অভিযোগে গ্রেফতার করা হয়েছে।

দিল্লি পুলিশ জানিয়েছে, সোমবার রাতে পঙ্কজ ও যতীন নামে দুই বন্ধু তাদের এক বন্ধুর জন্মদিনের পার্টি থেকে বাড়ি ফিরছিল। যতীন এবং পঙ্কজ দুজনেরই বয়স ২০-২১ এর মধ্যে। সঙ্গম বিহার এলাকায় তাদের কয়েকজন ঘিরে ধরে। এরপর তাদের ওপর চলে কিল-ঘুসি। পঙ্কজ ও যতীন রাস্তার উপর পড়ে গেলে তাদের মাথা পাথর দিয়ে থেঁতলে দেওয়া হয়।

গুরুতর জখম দুই যুবককে রাস্তার পাশে নর্দমায় ফেলে দিয়ে অভিযুক্তরা সকলেই চম্পট দেয়। ওই দুই তরুণের পকেটে থাকা হাজার তিনেক টাকাও ছিনিয়ে নেয় অভিযুক্তরা।

সোমবার রাতে এই ঘটনা ঘটলেও পুলিশ খবর পায়ে মঙ্গলবার বিকেলের দিকে। দুষ্কৃতীদের মারে গুরুতর জখম পঙ্কজ থানায় গিয়ে অভিযোগ দায়ের করেন। যতীনকে হাসপাতালে ভর্তি করা হলেও তাকে বাঁচানো যায়নি। গুরুতর জখম পঙ্কজ এইমসের ট্রমা কেয়ার সেন্টারে ভর্তি।

যতীনের মৃত্যুতে পুলিশ এই ঘটনায় একটি খুনের মামলা দায়ের করেছে। সঙ্গম বিহারের এই গণপিটুনির কথা স্বীকার করে নিয়েছেন দিল্লির অতিরিক্ত ডেপুটি পুলিশ কমিশনার হর্ষবর্ধন মন্ডব্য। তিনি বলেছেন, সিসিটিভির ফুটেজ দেখে অভিযুক্তদের শনাক্ত করার চেষ্টা চলছে। ওই ঘটনায় ৮ জন জড়িত রয়েছে বলে দেখা গিয়েছে। ওই ওই ঘটনায় জড়িতদের খুঁজে বের করতে তল্লাশি চলছে।

ইতিমধ্যেই রমজান আলি নামে একজনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। তাকে জিজ্ঞাসাবাদ করে বাকিদের খোঁজার চেষ্টা চলছে। আশা করছি খুব শীঘ্রই এই ঘটনায় জড়িত সকলেই গ্রেফতার হবে। সঙ্গম বিহারের এই ঘটনা আরও একবার দিল্লির আইন-শৃঙ্খলা পরিস্থিতি বেআব্রু করে দিল বলে অভিযোগ।

Delhi: ধৃত পাক জঙ্গি আশরাফের টার্গেট দিল্লি পুলিশ কার্যালয়, জম্মুতে বিস্ফোরণ ঘটায়

Pakistani terrorist arrested in delhi

নিউজ ডেস্ক: দিল্লিতে ধৃত জঙ্গি (Terrorist) আশরাফের স্বীকারোক্তি ২০০৯ সালে জম্মুর বাসস্ট্যান্ডে বিস্ফোরণে জড়িত পাকিস্তানের গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই। সোমবার আশরাফকে পূর্ব দিল্লির লক্ষ্মীনগর থেকে গ্রেফতার করেছে দিল্লি পুলিশের বিশেষ সেল।

দিল্লি পুলিশের দাবি, জেরায় আশরফ স্বীকার করেছ শুধু জম্মু নয় ২০১১ সালের দিল্লি হাই কোর্টের বাইরে যে বিস্ফোরণ ঘটানো হয় তাতেও সে জড়িত। ঘটনাস্থল দেখে সবকিছু ঠিক করেছিল আশরাফ। দিল্লি পুলিশের প্রধান কার্যালয়েবিস্ফোরণের ছক করেছিল এই জঙ্গি।

সোমবার ডিসিপি স্পোশাল সেল প্রমোদ কুশওয়ার চাঞ্চল্যকর দাবি করেন। তিনি জানান জঙ্গি আশরাফকে বাংলাদেশ থেকে শিলিগুড়ি হয়ে দিল্লিতে পাঠায় পাক গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই। আশরাফ শিলিগুড়ি থেকে দিল্লি আসে।

গোপন সূত্রে খবর পেয়ে সোমবার রাতে দিল্লি পুলিশের বিশেষ সেল রাজধানীজুড়ে তল্লাশি অভিযান শুরু করে। এই তল্লাশি অভিযানে সোমবার রাতে দিল্লির রমেশ পার্ক ও লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে দুই সন্দেহভাজন পাক জঙ্গিকে গ্রেফতার করেছে পুলিশ। ধৃতদের কাছ থেকে বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র উদ্ধার হয়েছে।

পুলিশ জানিয়েছে রমেশ পার্ক এলাকা থেকে ধৃত মহম্মদ আশরাফের জন্ম পাকিস্তানে। ভুয়ো পরিচয় পত্র নিয়ে সে দিল্লিতে বাস করছিল। লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে ওমরউদ্দিন নামে আরও একজনকে ধরা হয়েছে। ওমরের কাছ থেকেও পাকিস্তানের পরিচয় পত্র মিলেছে। ধৃতদের কাছ থেকে একে-৪৭ অ্যাসল্ট রাইফেল, হ্যান্ড গ্রেনেড, পিস্তল ও ৬০ রাউন্ড গুলি মিলেছে।

পুলিশ জানিয়েছে, মহম্মদ আশরাফ আদতে পাকিস্তানের পাঞ্জাব প্রদেশের বাসিন্দা। সে কবে ভারতে ঢুকেছিল তা জানার চেষ্টা চলছে। আশরফ আইএসআইয়ের মত পাক গুপ্তচর সংস্থার কাছে অস্ত্র প্রশিক্ষণ নিয়েছে। জানা গিয়েছে, শুধু তাই নয় আশরফের বিস্ফোরক তৈরির প্রশিক্ষণও আছে। পুলিশের অনুমান, রাজধানী ও সংলগ্ন এলাকায় বিস্ফোরণ ঘটানোর জন্য আশরফকে ভারতে পাঠানো হয়েছিল। ধৃত দুই জঙ্গি কোথা থেকে এই বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র সংগ্রহ করল তা জানার চেষ্টা চলছে।

সম্প্রতি আফগানিস্তান তালিবানের দখলে যাওয়ার পর ভারতে জঙ্গি হামলার প্রবণতা বেশ কিছুটা বেড়েছে। বিশেষত কাশ্মীরে। এরই মধ্যে পাক মদতপুষ্ট জঙ্গিরা ভারতের যেকোনও জায়গাতেই নাশকতা চালাতে পারে বলে গোয়েন্দা রিপোর্টে জানানো হয়েছিল। কার্যত গোয়েন্দাদের সেই সতর্কবার্তাই মিলে গেল সোমবার রাতের ঘটনায়। গোয়েন্দা সতর্কবার্তার কারণে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক নিরাপত্তাবাহিনীকে গোটা দেশজুড়ে আরও সতর্ক থাকার পরামর্শ দিয়েছে।

Delhi: ধৃত পাক জঙ্গি আশরফকে বাংলাদেশ থেকে শিলিগুড়ি দিয়ে ঢুকিয়েছিল ISI

Mohammad Ashraf, a Pakistani terrorist

নিউজ ডেস্ক: শারোদোৎসবে মাঝে দিল্লিতে বড়সড় নাশকতার ছক বানচাল করা হয়েছে। দুই পাক জঙ্গিকে বিপুল আগ্নেয়াস্ত্র সমেত গ্রেফতারের পর ডিসিপি স্পোশাল সেল প্রমোদ কুশওয়ার চাঞ্চল্যকর দাবি, জঙ্গি আশরফকে বাংলাদেশ থেকে শিলিগুড়ি হয়ে দিল্লিতে পাঠায় পাক গুপ্তচর সংস্থা আইএসআই।

আশরফ শিলিগুড়ি থেকে দিল্লি আসে। বাংলাদেশ থেকে গোপনে ভারতে ঢুকে আইএসআই ‘কোড নেম’ নাসির বলে বাকিদের সঙ্গে পরিচিত হয় আশরফ। দিল্লি পুলিশের স্পেশাল ব্রাঞ্চের ডিসিপি আরও জানান, আশরফকে জেরা করে আরও তথ্য সংগ্রহ করা হচ্ছে।

গোপন সূত্রে খবর পেয়ে সোমবার রাতে দিল্লি পুলিশের বিশেষ সেল রাজধানীজুড়ে তল্লাশি অভিযান শুরু করে। এই তল্লাশি অভিযানে সোমবার রাতে দিল্লির রমেশ পার্ক ও লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে দুই সন্দেহভাজন পাক জঙ্গিকে গ্রেফতার করেছে পুলিশ। ধৃতদের কাছ থেকে বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র উদ্ধার হয়েছে।

পুলিশ জানিয়েছে রমেশ পার্ক এলাকা থেকে ধৃত মহম্মদ আশরাফের জন্ম পাকিস্তানে। ভুয়ো পরিচয় পত্র নিয়ে সে দিল্লিতে বাস করছিল। লক্ষ্মীনগর এলাকা থেকে ওমরউদ্দিন নামে আরও একজনকে ধরা হয়েছে। ওমরের কাছ থেকেও পাকিস্তানের পরিচয় পত্র মিলেছে। ধৃতদের কাছ থেকে একে-৪৭ অ্যাসল্ট রাইফেল, হ্যান্ড গ্রেনেড, পিস্তল ও ৬০ রাউন্ড গুলি মিলেছে।

পুলিশ জানিয়েছে, মহম্মদ আশরাফ আদতে পাকিস্তানের পাঞ্জাব প্রদেশের বাসিন্দা। সে কবে ভারতে ঢুকেছিল তা জানার চেষ্টা চলছে। আশরফ আইএসআইয়ের মত পাক গুপ্তচর সংস্থার কাছে অস্ত্র প্রশিক্ষণ নিয়েছে। জানা গিয়েছে, শুধু তাই নয় আশরফের বিস্ফোরক তৈরির প্রশিক্ষণও আছে। পুলিশের অনুমান, রাজধানী ও সংলগ্ন এলাকায় বিস্ফোরণ ঘটানোর জন্য আশরফকে ভারতে পাঠানো হয়েছিল। ধৃত দুই জঙ্গি কোথা থেকে এই বিপুল পরিমাণ অস্ত্রশস্ত্র সংগ্রহ করল তা জানার চেষ্টা চলছে।

সম্প্রতি আফগানিস্তান তালিবানের দখলে যাওয়ার পর ভারতে জঙ্গি হামলার প্রবণতা বেশ কিছুটা বেড়েছে। বিশেষত কাশ্মীরে। এরই মধ্যে পাক মদতপুষ্ট জঙ্গিরা ভারতের যেকোনও জায়গাতেই নাশকতা চালাতে পারে বলে গোয়েন্দা রিপোর্টে জানানো হয়েছিল। কার্যত গোয়েন্দাদের সেই সতর্কবার্তাই মিলে গেল সোমবার রাতের ঘটনায়। গোয়েন্দা সতর্কবার্তার কারণে কেন্দ্রীয় স্বরাষ্ট্রমন্ত্রক নিরাপত্তাবাহিনীকে গোটা দেশজুড়ে আরও সতর্ক থাকার পরামর্শ দিয়েছে।

🅱🅸🅶 🅽🅴🆆🆂: মুম্বই-ইউপি-দিল্লিতে নাশকতার ছক বানচাল, গ্রেফতার পাকিস্তানে প্রশিক্ষিত জঙ্গি

Pakistan terror

নিউজ ডেস্ক: দিল্লি পুলিশের স্পেশাল সেল (Delhi Police Special Cel) পাকিস্তান পরিচালিত জঙ্গি মডিউলকে চক্রান্ত তছনছ করে দিল৷ দিল্লি পুলিশ ৬ জন সন্দেহভাজন সন্ত্রাসবাদীকে গ্রেফতার করেছে৷ তারমধ্যে দু’জন পাকিস্তানি জঙ্গি রয়েছে। পুলিশ জানাচ্ছে, এই দুই জঙ্গি পাকিস্তান থেকে প্রশিক্ষণ নিয়ে এসেছিল। এই সন্দেহভাজনদের উত্তরপ্রদেশ, মহারাষ্ট্র এবং দিল্লির বিভিন্ন এলাকায় অভিযান চালিয়ে গ্রেপ্তার করা হয়েছে। তাদের হেফাজত থেকে অস্ত্র ও গোলাবারুদও উদ্ধার করা হয়েছে।

স্পেশাল সেলের অভিযানে কর্তৃক গ্রেফতার হওয়া দুই জঙ্গির নাম ওসামা এবং জিশান বাই। তথ্য অনুযায়ী, ধৃত জঙ্গিদের আন্ডারওয়ার্ল্ডের সঙ্গেও যোগাযোগ রয়েছে। সূত্রের খবর, উত্তরপ্রদেশ এটিএসের সহযোগিতায় প্রয়াগরাজে অভিযান চালানো হয়। স্পেশাল সেলের দেওয়া তথ্য অনুযায়ী, প্রয়াগরাজের কারেলি থেকে তিনজনকে আটক করা হয়েছে। ধৃতদের হেফাজত থেকে অস্ত্র ও গোলাবারুদ উদ্ধারের খবর রয়েছে।

পুলিশ জানাচ্ছে, ধৃত জঙ্গিদের মডিউলটি আইএসআইয়ের পৃষ্ঠপোষকতায় দেশের বড় বড় শহরে বিস্ফোরণ এবং জঙ্গি হামলার ষড়যন্ত্র করছিল। এই ষড়যন্ত্র চালানোর জন্য অস্ত্র ও বিস্ফোরক সংগ্রহ করা হয়েছিল। গ্রেফতার হওয়া দুই জঙ্গির ‘ ডি কোম্পানি’র সঙ্গে সম্পর্ক রয়েছে।

আরও বলা হচ্ছে, এই মডিউল সম্পর্কে তথ্য পাওয়া গিয়েছে গোয়েন্দা সংস্থার কাছ থেকে। অনুসন্ধানে জানা গিয়েছে, তাদের নেটওয়ার্ক ভারতের অনেক রাজ্যে ছড়িয়ে আছে। এই অভিযানের পরে মহারাষ্ট্রে বসবাসকারী একজন জঙ্গিকে কোটা থেকে গ্রেফতার করা হয়। এছাড়া দিল্লি থেকে দু’জন এবং উত্তরপ্রদেশ এটিএসের সহায়তায় তিনজন ধরা পড়ে।

পুলিশ-গোয়েন্দারা তদন্তে জানতে পেরেছে, জঙ্গিরা ২ টি দল গঠন করেছিল। আনিস ইব্রাহিম একটি দলের নেতৃত্ব দিচ্ছিলেন এবং তাদের তহবিল যোগর করার কাজ ছিল। ধৃত লালা আন্ডার ওয়ার্ল্ডের সঙ্গে যুক্ত৷ দ্বিতীয় দলের কাজ ছিল ভারতে উৎসব উপলক্ষে সারা দেশে বিস্ফোরণের জন্য শহরগুলি চিহ্নিত করা। তাদের পরিকল্পনা ছিল দিল্লি, উত্তর প্রদেশ এবং মহারাষ্ট্রে বোমা বিস্ফোরণ ঘটানো। রামলীলা এবং নবরাত্রির অনুষ্ঠানগুলি তাদের টার্গেট ছিল।

স্পেশাল সেলের স্পেশাল সিপি নীরজ ঠাকুর সংবাদমাধ্যমকে বলেন, আমরা ৬ জন সন্ত্রাসবাদীকে গ্রেফতার করেছি৷ তার মধ্যে ২ জন প্রশিক্ষণ শেষে পাকিস্তান থেকে ফিরে এসেছে। এর মধ্যে ২ জন প্রথমে মাস্কাটে যান, তারপর তাদের নৌকায় করে পাকিস্তানে নিয়ে যাওয়া হয়। তিনি আরও জানান, সেখানে থাকা ১৪ জন বাংলায় কথা বলতে পারে৷ পাকিস্তানে তাদের একটি খামার বাড়িতে ১৫ দিনের অস্ত্র প্রশিক্ষণ দেওয়া হয়েছিল।