तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने आचार समिति पर कसा तंज

कैश फॉर क्वेरी’ के आरोपों का सामना कर रहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने एक बार फिर लोकसभा की आचार समिति से अपनी असहमति व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। आरोपों की जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट अध्यक्ष को सौंप दी है।मोइत्रा ने शुक्रवार को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक कार्टून पोस्ट किया, जिसमें लिखा था, ‘जब तक आप दूसरी तरफ न हों, नैतिकता बनाए रखें। इसे आचार समिति पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है जिसने उनके कथित दुराचारों पर रिपोर्ट को स्वीकार किया था। लोकसभा की आचार समिति ने ‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले के संबंध में मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली अपनी मसौदा रिपोर्ट शुक्रवार को अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी।तृणमूल सांसद समिति की बैठक से उस समय बाहर चली गई थीं जबकि बयान दर्ज कराने के दौरान उनसे जिरह की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सदस्य उनसे ‘व्यक्तिगत’ सवाल पूछ रहे थे।महुआ मोइत्रा की ओर से गंभीर दुर्व्यवहार किया गया है इसलिए उन्हें बड़ी सजा दी जानी चाहिए।

महुआ पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पर विपक्ष ने जताई आपत्ति

सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश करने वाली लोकसभा आचार समिति में विपक्षी सदस्यों ने अपने असहमति नोट में कहा कि पैनल ने अपनी जांच अनुचित जल्दबाजी और संपूर्णता की कमी के साथ की। कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों की जांच को कंगारू कोर्ट द्वारा फिक्स्ड मैच बताते हुए विपक्षी नेताओं ने एथिक्स कमेटी के जनादेश पर सवाल उठाए और कहा कि मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश पूरी तरह से राजनीतिक कारणों से की गई थी और यह एक खतरनाक स्थिति पैदा करेगी। अपने असहमति नोट में बसपा के दानिश अली, कांग्रेस के वी वैथीलिंगम और उत्तम कुमार रेड्डी, सीपीआई (एम) के पीआर नटराजन और जेडी (यू) के गिरिधारी यादव ने कहा कि मोइत्रा को व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से जिरह करने का मौका नहीं दिया गया। उन पर अपना संसद लॉगिन और पासवर्ड साझा करने का आरोप है। रेड्डी, जो गुरुवार की बैठक में उपस्थित नहीं थे, ने अपना असहमति नोट ईमेल द्वारा भेजा।

महुआ ने किया लोकसभा नियमों के गंभीर उल्लंघन का दावा

तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि लोकसभा की सभी उचित प्रक्रिया और नियम पूरी तरह से विफल हो गए हैं। कैश-फॉर-क्वेरी घोटाले में लोकसभा की आचार समिति की मसौदा रिपोर्ट तक मीडिया की पहुंच होने का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पीकर पर निष्क्रियता और मेरी पिछली शिकायतों पर प्रतिक्रिया की कमी का आरोप लगाया। मोइत्रा ने कहा कि उन्हें समूह के खिलाफ बोलने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। यह बिल्कुल चौंकाने वाला है कि इस समूह के स्वामित्व वाले चैनल की गोपनीय समिति की रिपोर्ट तक पहुंच कैसे है, जो मेरे कथित अनैतिक आचरण का विषय है। उन्होंने इसे नियमों का घोर उल्लंघन बताया।

लोकसभा की आचार समिति के सामने पेश हुईं महुआ मोइत्रा

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में बृहस्पतिवार को लोकसभा की आचार समिति की समक्ष पेश हुईं। भारतीय जनता पार्टी के सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने मोइत्रा को इस मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। तृणमूल कांग्रेस की सांसद मोइत्रा ने आरोपों को ‘ठुकराए हुए पूर्व प्रेमी’ का झूठ करार देते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अडाणी समूह उन्हें निशाना बनाने के लिए उनके पीछे पड़ा है क्योंकि वह समूह से जुड़े लेन-देन पर लगातार सवाल उठा रही हैं।हीरानंदानी ने एक हस्ताक्षरित हलफनामे में स्वीकार किया है कि मोइत्रा ने प्रधानमंत्री मोदी की कि छवि खराब करने और उन्हें असहज करने के लिए गौतम अडाणी पर निशाना साधा।

महुआ दो नवंबर को आचार समिति के सामने पेश होंगी

संसद में सवाल पूछने के लिए रिश्वत लेने के मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा दो नवंबर को लोकसभा की आचार समिति के सामने पेश होंगी। तृणमूल सांसद ने मंगलवार को कहा कि वह दो नवंबर को लोकसभा आचार समिति के सामने पेश होंगी।

इससे पहले मोइत्रा ने पांच नवंबर के बाद सुनवाई की तारीख की मांग की थी, लेकिन समिति ने दो नवंबर से आगे की तारीख देने से इनकार कर दिया गया था।उन्होंने कहा कि अपना विरोध दर्ज कराते हुए मैं आपको बताना चाहती हूं कि मैं समन का सम्मान करूंगी और 2 नवंबर 2023 को सुबह 11 बजे समिति के सामने पेश होऊंगी।

मोइत्रा ने मंगलवार को सवाल किया कि क्या एथिक्स कमेटी कथित आरोपों की जांच करने के लिए उचित मंच है।

आचार समिति ने महुआ को 31 अक्तूबर को पेश होने को कहा

रिश्वत लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। आरोपों पर गुरुवार को आचार समिति की बैठक हुई। जिसके प्रमुख भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर ने कहा, टीएमसी सांसद के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए गृह और आईटी मंत्रालय से मदद लेंगे। बैठक के बाद जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को 31 अक्तूबर को पैनल के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।वहीं गुरुवार को पैनल में मामले के संबंध में वकीस जय अनंत देहाद्राई और भाजपा नेता निशिकांत दुबे के बयान दर्ज किए गए।

लोकसभा अध्यक्ष ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत आचार समिति को भेजी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया गया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के लगाए गए आरोपों के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा। साथ ही, आईटी मंत्री से लोकसभा में महुआ मोइत्रा के लॉग-इन क्रेडेंशियल की जांच करने का आग्रह किया था। अब इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मोइत्रा के खिलाफ शिकायत को निचले सदन की आचार समिति के पास भेज दिया है।इसपर मोइत्रा ने पलटवार करते हुए कहा, ‘लोकसभा अध्यक्ष दुबे के खिलाफ लंबित आरोपों से निपट लें। उसके बाद जो भी मेरे खिलाफ कदम उठाएंगे उसका स्वागत है।’ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ एक जांच समिति गठित करने और उन्हें सदन से ‘तत्काल निलंबित’ करने की मांग की है।