भारत आयो Gooogle का Free AI Gemini ऐप

नई दिल्ली : Google का Al जेमिनी App अब भारत में आ गया है। जेमिनी ऐप को एंड्रॉयड फोन के लिए उपलब्ध कराया गया है। Google ने आखिरकार हिंदी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु और उर्दू सहित 9 भारतीय भाषाओं के साथ भारत में अपना जेमिनी एआई ऐप लॉन्च कर दिया है।

बता दें कि Google ने फरवरी में अपने बार्ड AI चैटबॉट को जेमिनी के रूप में रीब्रांड किया और बाद में एक अलग ऐप लॉन्च किया। हालाँकि, भारत में जेमिनी यूजर्स को स्टैंडअलोन ऐप के लिए लगभग चार महीने तक इंतजार करना होगा, जिससे चैटबॉट का उपयोग अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में जेमिनी के भारत ऐप लॉन्च के संबंध में घोषणा की। पिचाई ने लिखा कि एक रोमांचक खबर है, आज हम भारत में जेमिनी मोबाइल ऐप लॉन्च कर रहे हैं, जो अंग्रेजी और 9 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। हम इन स्थानीय भाषाओं को जेमिनी एडवांस्ड के साथ-साथ अन्य नई सुविधाओं में भी जोड़ रहे हैं।

कैसे करें गूगल जेमिनी ऐप डाउनलोड
गूगल जेमिनी ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा। यहां सर्च बॉक्स में ‘Google Gemini’ लिखकर सर्च करें। इसके बाद ऐप आपको दिखने लगेगा। अब इसे डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें। बता दें कि iOS पर जेमिनी एक्सेस अगले कुछ हफ्तों में सीधे Google ऐप से शुरू हो रहा है। गूगल जेमिनी ऐप ऑनलाइन सर्च को आसान बना देगा। इसके साथ ही जेमिनी ऐप में कई एडवांस्ड फीचर दिए गए हैं, जिससे आप ऑटोमेटिक मोड में बोलकर कोई भी चीज सर्च कर सकेंगे।

गूगल ने माना, लीक हुआ सर्च एल्गोरिदम से जुड़ा डेटा, कंपनी ने की पुष्टि

नई दिल्ली :  टेक वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी गूगल का 2,500 इंटर्नल डॉक्यूमेंट्स का एक कलेक्शन हाल ही में ऑनलाइन लीक हो गया। कंपनी ने इस बात की पुष्टि की है कि लीक हुआ डेटा उनका वास्तविक डेटा था। हालांकि कंपनी ने उस डेटा के कंटेंट पर फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है।

खबरों की मानें, तो लीक डेटा पर सबसे पहले सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक्सपर्ट रैंड फिशकिन और माइक किंग की नजर पड़ी थी। उन्होंने इसी हफ्ते डेटा और उनके कंटेंट का प्रारंभिक विश्लेषण प्रकाशित करने का काम किया था।

गूगल का लीक हुआ डेटा सर्च एल्गोरिदम से जुड़ा हुआ है। जो कंटेंट लीक हुआ है, उससे पता चलता है कि गूगल ऐसे डेटा को इकट्ठा करती है और उसका उपयोग करती है। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इसके बारे में कहा है कि गूगल सर्च में पेजों की रैंकिंग में इनका कोई योगदान नहीं होता है। इस डेटा से यह स्पष्ट नहीं हो पाता है कि डेटा के कौन-से वाले हिस्से को कंपनी सर्च कंटेंट को रैंक करने के लिए इस्तेमाल करती है।

गूगल का सर्च एल्गोरिदम कैसे काम करता है, कंपनी इस बात की जानकारी आमतौर पर गुप्त रखती है। लेकिन लीक हुए डॉक्युमेंट्स ने इस बारे में जानकारी अधिक स्पष्ट कर दी है कि वेबसाइट्स को रैंक करने के मामले में गूगल किन संकेतों के बारे में क्या प्लान कर रही है। कुल मिलाकर, जो डेटा सार्वजनिक हुआ है, उससे एसईओ मार्केटिंग और प्रकाशन जगत में हलचल मच सकती है। बहरहाल, गूगल ने लीक हुए डॉक्युमेंट के कंटेंट पर जानकारी देने से मना कर दिया है।

Happy New Year: বর্ষবরণের আগেই নয়া রূপে গুগল ডুডল

Google Doodle in a new form before the New Year

News Desk: ২০২২ সাল আসার ঠিক আগে, নববর্ষকে (New Year) স্বাগত জানাতে প্রস্তুত Google তার নতুন ডুডলের মধ্যে দিয়ে । ২০২১ সালের সঙ্গে একটি বিশাল ক্যান্ডি দেখা যাচ্ছে যা ফাটার জন্য প্রস্তুত বলে মনে করা হচ্ছে।

এই ক্যান্ডিতে কোনও ব্যবহারকারী ক্লিক করলে খুলবে একটি নতুন পৃষ্ঠা । নববর্ষ উদযাপনের বিভিন্ন জিনিস এই নতুন পৃষ্ঠা জুড়ে দেখা যাবে। আরেকটি সারপ্রাইজ Google তার ব্যবহারকারীদের জন্য রেখেছে।

ব্যবহারকারীরা Google-এ ‘নিউ ইয়ারস ইভ’ লিখে সার্চ করলে একটি পার্টি হর্ন দেখায়। এখানে ক্লিক করলে একটি শব্দ হয় এবং বিভিন্নভাবে উদযাপন দেখা যায়।নববর্ষের উৎসবের ভাবনার সাথে সঙ্গতি রেখে ডুডলটিতে ব্যবহার করা হয়েছে আলো এবং পার্টি টুপি

গুগল গত বছর বেশ কিছু অনুষ্ঠানকে, মজাদার এবং বিস্তৃত ডুডল ব্যবহার করে উদযাপন করেছে। আগামী বছরেও নেটপাড়ার বাসিন্দাদের গুগল ডুডলের মাধ্যমে চমৎকার তথ্য তুলে ধরবে বলেই মনে করা হচ্ছে।

ভারতের প্রথম মহিলা পাইলটের জন্মদিনে ‘ডুডলে’ শ্রদ্ধার্ঘ্য গুগলের

thakral

নিউজ ডেস্ক: সদ্য টোকিও অলিম্পিকে ভারতের হয়ে পদক পেয়েছেন তিন মহিলা। মীরাবাঈ চানু, লাভলিনা, সিন্ধুদের কৃতিত্বে মেতে উঠেছে গোটা দেশ। এর মধ্যে ব্যাডমিন্টন তারকা পিভি সিন্ধু আবার পরপর দুটি অলিম্পিকে মেডেল পেয়েছেন। এর আগে ভারতের হয়ে যেই নজির ছিল একমাত্র কুস্তিগির সুশীল কুমারের। ফলে আনন্দে মাতোয়ারা গোটা দেশ। অন্যদিকে গোটা টুর্নামেন্টে দুর্দান্ত লড়াই করেছে ভারতের মহিলা হকি টিম, গলফার অদিতি অশোকরাও। ফলে সেই কথাটি দাবানলের মতো উঠে আসছে, বিশেষত সোশ্যাল মিডিয়ায়, তার নাম ‘উম্যান এমপাওয়ারমেন্ট’।

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আজ সেরকমই এক মহিলার জন্মদিন। অবশ্য তার সময় এই শব্দবন্ধের ব্যবহারই শুরু হয়নি, গোটা সমাজই ছিল ভীষণভাবে পিতৃতান্ত্রিক। তিনি ভারতবর্ষের প্রথম মহিলা পাইলট, সরলা ঠকরাল। ১৯৩৬ সালে প্রথম ভারতীয় নারী হিসেবে পাইলটের ‘এ’ লাইসেন্স পান তিনি। তখন বয়স ছিল মাত্র ২১ বছর। লাহোর ফ্লাইং ক্লাব থেকে পাইলট হওয়ার প্রশিক্ষণ পান তিনি। প্রাথমিক লাইসেন্স পাওয়ার পর, তিনি লাহোর ফ্লাইং ক্লাবের বিমানে হাজার ঘণ্টা আকাশে উড়েছিলেন তিনি।

তার পাইলট হওয়ার যাত্রা শুরু তারও বছর পাঁচেক আগে। মাত্র ১৬ বছর বয়সে বিয়ে হয়েছিল তাঁর। স্বামী পিডি শর্মা প্রথম ভারতীয় হিসেবে এয়ারমেইল পাইলট লাইসেন্স পেয়েছিলেন। তাঁর পরিবারে মোট ৯জন পাইলট ছিলেন। ১৯৩৯ সালে একটি বিমান দুর্ঘটনায় মারা যান তিনি। তাঁর মৃত্যুর পরে লাহোর ফিরে এসে মেয়ো স্কুল অব আর্টে ভর্তি হন সরলা ঠকরাল। ফাইন আর্টসের উপর ডিপ্লোমা অর্জন করেন সেখানে। এর পরে পোশাক এবং অলংকারের নকশার কাজ শুরু করে হয়ে ওঠেন সফল ডিজাইনার।

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পরে অবশ্য কমার্শিয়াল পাইলটের লাইসেন্সের জন্যে আবেদন জানিয়েছিলেন তিনি। তবে দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধর জন্য সিভিল পাইলট প্রশিক্ষণ স্থগিত করা হয়েছিল। আজ তাঁর ১০৭তম জন্মদিন উপলক্ষে সরলাকে সম্মান জানিয়ে আজ বিশেষ ডুডল প্রকাশ করল গুগল।