NEET Paper लीक मामले में हजारीबाग से पत्रकार जमालुद्दीन गिरफ्तार

हजारीबाग : नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। शनिवार को सीबीआई की टीम ने झारखंड के हजारीबाग से एक पत्रकार को गिरफ्तार किया. उसे शुक्रवार को ही पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।

नीट पेपर लीक केस में सीबीआई की ओर से झारखंड से की गई यह तीसरी गिरफ्तारी है. गिरफ्तार किए गए पत्रकार का नाम जमालुद्दीन है। इसके पहले सीबीआई की टीम ने हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया था। 2 लोग पटना से भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। नीट पेपर लीक के तार देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हैं. सीबीआई की टीमें झारखंड, बिहार के साथ-साथ गुजरात में भी जांच कर रही है।

ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम का शनिवार को मेडिकल कराया गया। सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक, हजारीबाग के स्थानीय पत्रकार का भी मेडिकल कराया जाएगा। इम्तियाज आलम नीट के इम्तहान के लिए सिटी को-ऑर्डिनेटर भी थे। प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल को शुक्रवार को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही एक स्थानीय पत्रकार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। उसे आज गिरफ्तार कर लिया गया।

नीट-यूजी 2024 पेपर लीक केस में सीबीआई की टीम ने शुक्रवार को हजारीबाग जिले के चरही स्थित सीसीएल गेस्ट हाउस में 6 लोगों से पूछताछ की. शाम 4 बजे दो अलग-अलग कार में 3 लोगों को अपने साथ पटना ले गई। जिन लोगों को सीबीआई की टीम पटना ले गई, उसमें एनटीए के सिटी को-ऑर्डिनेटर और सेंटर के केंद्राधीक्षक और एक पत्रकार शामिल हैं।

नीट पेपर लीक मामले में CBI ने गुजरात में सात जगहों पर मारे छापे

नई दिल्ली :  सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक को 5 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए हजारीबाग का सिटी-कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। वहीं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य इम्तियाज आलम को एनटीए का पर्यवेक्षक और ओएसिस स्कूल का केंद्र समन्वयक नियुक्त किया गया था।

नीट पेपर लीक मामले पर सीबीआई ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात में सात जगहों पर छापेमारी की। सीबीआई ने गुजरात के चार जिलों आणंद, खेड़ा, अहमदाबाद और गोधरा में सात ठिकानों पर शनिवार सुबह छापा मारा। इससे पहले सीबीआई ने शुक्रवार को झारखंड में एक स्कूल पर छापा मारकर स्कूल के प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य को भी गिरफ्तार किया था।

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक को 5 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए हजारीबाग का सिटी-कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। वहीं स्कूल के उप-प्रधानाचार्य इम्तियाज आलम को एनटीए का पर्यवेक्षक और ओएसिस स्कूल का केंद्र समन्वयक नियुक्त किया गया था। नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जिले के पांच और लोगों से भी पूछताछ की। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पत्रकार जमालुद्दीन अंसारी को कथित तौर पर प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्य की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

सीबीआई ने नीट के कथित पेपर लीक मामले में छह एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें से एक एफआईआर सीबीआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर खुद दर्ज की है। वहीं पांच एफआईआर राज्य सरकारों ने दर्ज की थीं, जिनकी जांच भी अब सीबीआई द्वारा की जा रही है। सीबीआई ने नीट पेपर लीक से जुड़े बिहार, गुजरात के एक-एक मामले और राजस्थान के तीन मामलों की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा का आयोजन एनटीए द्वारा कराया जाता है। जिसके आधार पर सरकारी या निजी कॉलेजों में मेडिकल में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष संबंधी कोर्सों में दाखिला दिया जाता है।

इस साल 5 मई को देशभर के 571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर नीट की परीक्षा का आयोजन किया गया था। 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने यह परीक्षा दी थी, जिनमें 14 विदेशी छात्र भी शामिल हैं। नीट प्रवेश परीक्षा को लेकर पेपर लीक जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। हालांकि सरकार इससे इनकार कर रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने भी काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में हंगामा कर रहा है और नीट पेपर लीक की जांच की मांग कर रहा है। बढ़ते विरोध के बाद सरकार ने बीती 23 जून को नीट पेपर लीक मामले में पहली एफआईआर दर्ज कराई।