कोलकाता में बढ़ेगी गर्मी, सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को ज्यादा होगी परेशानी

कोलकाता : मंगलवार का तापमान 31.29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।  न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34.34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सापेक्ष आर्द्रता 73% है और हवा की गति 73 किमी/घंटा है। सूर्योदय सुबह 05:19 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 05:52 बजे होगा।

कल, 4 सितंबर 2024, को न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमशः 26.93 डिग्री सेल्सियस और 33.69 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, और आर्द्रता का स्तर 58% तक रहने की संभावना है। दिन में गर्मी का असर अधिक रहेगा, इसलिए बाहर निकलते समय गर्मी से बचने के उपाय जरूर करें और हल्के कपड़े पहनें।

इस समय कोलकाता का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164.0 पर है, जो खराब वायु गुणवत्ता की ओर इशारा करता है। ऐसे में, खासकर बच्चों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों को सलाह दी जाती है कि वे लंबे समय तक बाहर रहने से बचें।

खराब AQI का मतलब है कि बाहर की हवा में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए जरूरी सावधानियां बरतें। मौसम और वायु गुणवत्ता की इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाएं और स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।

दिल्ली-NCR में बादला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और लू की मार झेल रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर मानसून आने से पहले ही मौसम काफी मेहरबान हो रही है। दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजाद मिली। IMD ने दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना जाहिर की थी। ऐसे में पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में बरसात हुई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून इस महीने के आखिरी में दस्तक देगा। लेकिन इससे पहले ही दिल्ली में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। आईएमडी के मुताबिक, 23 से 29 जून क गरज चमक के साथ बारिश के आसार जताए गए हैं। इतना ही नहीं, 24 और 25 जून को भी हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

14 साल में पहली बार दिल्ली का तापमान लगातार 40 दिनों तक 40 डिग्री से ऊपर रहा। इस दौरान 12 दिन तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचा। इस साल दिल्ली में हीट स्ट्रोक से मौतों की खबरें आ रही हैं। पिछले 22 दिनों में हीट स्ट्रोक से करीब 30 लोगों की मौत हो चुकी है। हीट स्ट्रोक के मरीजों का सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया और लोक नायक अस्पताल में इलाज चल रहा है। अच्छी बात यह है कि सभी मरीज अब स्थिर हैं और खतरे से बाहर हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के राज्यों में मानसून का असर देखने को मिल रहा है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में प्री-मानसून बारिश हो रही है। भारत के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी मानसूनी बारिश देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी आज अच्छी बारिश हुई है। अगले 3-4 दिनों में मानसून के गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में छा जाने की उम्मीद है।

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के आखिर में मानसून दस्तक दे सकता है। हालांकि, मौसम विभाग ने अभी तक मॉनसून के आने की कोई ऑफिशियल डेट नहीं बताई है। लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि राजधानी में मॉनसून 30 जून को आ सकता है।

भीषण गर्मी की चपेट में दक्षिण बंगाल, कुछ हिस्सों में हो रही बारिश

कोलकाता: बंगाल के एक कोने में जमकर बारिश हो रही है जबकि दूसरे कोने में लोग बारिश के लिए तरस रहे हैं। दक्षिण बंगाल में गर्मी के साथ उमस से लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। साथ ही कहीं-कहीं फिर से लू चलने की भी आशंका है। ऐसे में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने ताजा अपडेट दिया है।

मौसम विभाग सूत्रों के अनुसार मंगलवार(11 जून) को भी दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना है। हालांकि, सभी जिलों में भीषण गर्मी और असहज जैसी स्थिति बनी रहेगी। अगले 48 घंटों में दक्षिण बंगाल के मौसम में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अलीपुर मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण बंगाल के छह जिलों में मंगलवार को लू चलने की संभावना है। हुगली, पश्चिमी मिदनापुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा और बीरभूम में लू चलने का खतरा है। हालांकि, इन छह जिलों में से बांकुरा और पश्चिमी मिदनापुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा दक्षिण बंगाल के बाकी जिलों में भी तापमान बढ़ेगा। साथ ही उमस से परेशानी भी बनी रहेगी।

मौसम कार्यालय सूत्रों के अनुसार गुरुवार से दक्षिण बंगाल में मौसम बदल सकता है। ऐसे में इन दिनों दक्षिणी जिलों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार से बारिश की मात्रा बढ़ सकती है। लेकिन दक्षिण बंगाल के लोगों को अभी गर्मी से बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना है।

मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। वहीं न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सोमवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस था। जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

ज्यादा गर्मी सीधे दिमाग पर डालती है असर, डिप्रेशन और आत्महत्या का खतरा

नई दिल्ली :  देश के कई राज्य इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप झेल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग  के अनुसार, उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक लू की स्थिति जारी रह सकती है। कई हिस्सों में हल्की बारिश और आंधी के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, हालांकि ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान 43-46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को उच्च तापमान-लू के कारण होने वाली दिक्कतों से बचे रहने के लिए निरंतर सावधानी बरतते रहने की सलाह दी है। हीटवेव के कारण न सिर्फ हीट स्ट्रोक और रक्तचाप से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है साथ ही ये मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।

मनोचिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी, चिड़चिड़ापन और अवसाद के लक्षणों और आत्महत्या के मामलों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन लोगों को पहले से ही चिंता-तनाव या अवसाद जैसी समस्या रही है उन्हें उच्च तापमान से बचाव करते रहना और भी जरूरी हो जाता है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि अत्यधिक गर्मी हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, जिससे गुस्सा, हताशा और अवसाद के मामले बढ़ सकते हैं। इतना ही नहीं जिन लोगों को पहले से ही अवसाद और गंभीर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें रही हैं उनमें गर्मी के दिनों में आत्महत्या के मामले भी बढ़ते हुए देखे जाते रहे हैं।

भोपाल स्थित एक अस्पताल में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं, जब हमारा शरीर उच्च तापमान के संपर्क में आता है, तो वह पसीने का उत्पादन करके और रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करके स्वयं को ठंडा करने की कोशिश करता है। हालांकि जब आप लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहते हैं तो यह मस्तिष्क के रसायनों जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन के काम करने के तरीके को भी बदल सकती है। ये स्थिति हमारे मूड को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि गर्मियों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा आने, चिंता-तनाव जैसे विकारों के मामले काफी बढ़ जाते हैं।

इसके अलावा गर्मी के कारण थायराइड हार्मोन का उत्पादन को प्रभावित हो सकता है, जिससे थकान, अवसाद और स्पष्ट रूप से सोचने में समस्या हो सकती है। डॉ सत्यकांत बताते हैं, दुनियाभर में अधिक तापमान वाले दिनों में आत्महत्या के मामले भी अधिक रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। यूरोपीय देशों में भी बढ़ती गर्मी और आत्महत्याओं के बीच संबंध पाया गया है।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि उच्च तापमान, आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयासों को बढ़ाने वाला हो सकता है। औसत मासिक तापमान में हर 1°C की वृद्धि मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मौतों में 2.2% की बढ़ोतरी का कारण बन सकती है। सेरोटोनिन की कमी के कारण मानसिक स्वास्थ्य विकारों के लक्षण बिगड़ने लगते हैं जिसके कारण इस तरह की गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
गर्मियों में इन बातों का रखें ध्यान

डॉ सत्यकांत बताते हैं, गर्मियों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने का एक कारण नींद से संबंधित समस्या भी मानी जाती है। जोखिमों को कम करने के लिए नींद को प्राथमिकता दें। सुनिश्चित करें कि आपको पर्याप्त आरामदायक नींद मिले। नींद के शेड्यूल को नियमित करने और रात में 6-8 घंटे निर्बाध नींद प्राप्त करने से आपके मूड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि करें। व्यायाम से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है जो आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है। हल्का व्यायाम जैसे वॉकिंग या तैरकी भी फायदेमंद हो सकती है।

बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में जारी रहेगा गर्मी का प्रकोप, पूर्वांचल में हल्की बारिश की उम्मीद

लखनऊ: यूपी में अभी भी गर्मी का दौर चल रहा है। बुधवार को फतेहपुर में अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हल्की राहत की उम्मीद है।

प्रदेश में गर्मी का प्रकोप जारी है। नौतपा के बाद प्रदेश के अधिकतर इलाकों में झुलसाती लू से थोड़ी राहत तो मिली है मगर बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में अभी गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने कन्नौज, कानपुर, आगरा, इटावा और बुंदेलखंड के कई इलाकों में कल और परसों भी गर्म हवा और लू चलने के आसार जताए हैं। बुधवार को प्रदेश में फतेहपुर में अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री दर्ज किया गया। आगरा में 46 तो झांसी में अधिकतम 45.9 डिग्री रहा।

वहीं न्यूनतम तापमान की बात करे तो बुलंदशहर में प्रदेश में न्यूनतम 23 डिग्री रहा। इसके बाद नजीबाबाद और बाराबंकी में न्यूनतम 25 डिग्री रहा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार आज और कल दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी व तराई इलाकों महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, कुशीनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच आदि में गरज चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या मध्यम बारिश की उम्मीद है। यहां हल्की आंधी भी चल सकती है।

मौसम विभाग ने कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, आगरा, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

गर्मी का कहर जारी, सुल्तानपुर में 17 मौतें, मेडिकल कॉलेज में बेड फुल, फर्श पर हो रहा इलाज

सुल्तानपुर: देशभर में भीषण गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। यूपी में गर्मी से सैकड़ों लोगों की मौतें हो चुकी हैं। सुल्तानपुर में पारा 45 डिग्री के पार चला गया है। ऐसे में भीषण गर्मी की वजह से लोगों का बुरा हाल है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी मरीजों से फुल है। बेड कम पड़ जाने से फर्श पर इलाज हो रहा है। बीते गुरुवार को यहां 17 मौतें हुई हैं। हालांकि, स्वास्थ अधिकारी हीट वेव से मौत की बात से इनकार कर रहे हैं।

इमरजेंसी में हालात यह हैं कि डायरिया, वोमेटिंग, लूज मोशन, सांस और फीवर के मरीज काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी वार्ड के बेड खाली नहीं हैं। जमीन, बेंच और स्ट्रेचर पर मेडिकल स्टॉफ को ट्रीटमेंट देना पड़ रहा है। तीमारदार कपिल देव ओझा बताते हैं कि वे अपने भाई को लेकर आए और भर्ती कराया। हीट वेव की चपेट में आने से उन्हें डायरिया हुआ है। हरिद्वार सिंह अपनी बेटी प्रियंका को लेकर भर्ती कराए हुए हैं। उन्होंने बताया कि बिटिया कल से डिहाइड्रेशन का शिकार है। हीट वेव का शिकार है। सुबह इमरजेंसी में लेकर आए। डॉक्टर इसको देख नहीं रहे थे। बहुत विनती के बाद यही फर्श पर इलाज हो रहा है। भीड़ की वजह से यहां दो तीन डॉक्टरों की आवश्यकता है।

सुमित्रा सिंह अपने बाबा विजय को लेकर दिखाने आई। वो आठ दिनों से बीमार हैं, लेकिन डॉक्टर एडमिट नहीं कर रहे, वो ओपीडी में दिखाने की सलाह दे रहे हैं। इंद्रदेव मिश्रा ने बताया तीन दिन से बिटिया डायरिया का शिकार है। काफी देर से भर्ती किया गया है। इमरजेंसी में मौजूद वर्ड बॉय संतोष ने बताया कि तापमान ज्यादा होने की वजह से ज्यादा तर डायरिया के पेशेंट आ रहे हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस एसके गोयल ने बताया कि गर्मी बहुत पड़ रही है और हीट वेव का असर लोगों में दिख रहा है। उससे बीमार होकर भी लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हीट वेव से एक भी मौत की सूचना हमें अभी तक नहीं है। गुरुवार को हमारे चिकित्सालय में टोटल 17 मौतें हुई हैं, जिसमें तीन मौतें लकवे के मरीज की, शॉक्ड के 5 मरीज, सांस फूलने के कारण 6 मरीज, सड़क दुर्घटना में एक और बुखार से दो मरीजों की मौत हुई है। हालांकि, वो हीट वेव से मौत नहीं होने की बात अंत तक कहते रहे।

आगरा में 47 डिग्री ताप मात्रा, भट्टी की तरह तप रही धरती

आगरा: पिछले सप्ताह से आगरा में गर्मी का प्रचंड रुप दिख रहा है। इस वजह से धरती भट्टी की तरह तप रही है। आलम यह है कि 47.8 डिग्री के टेंप्रेचर ने शहर को तंदूर बना दिया है। इस भीषण गर्मी में पर्यटकों का बुरा हाल है। ताजमहल देखने आए 8 पर्यटक को बेहोश होकर गिर गए थे। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में गर्मी का पारा और हाई होने वाला है। प्रदेश स्तर से आगरा में अलर्ट घोषित किया है। चिकित्सकों ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।

गर्मी ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। साल 1998 में 27 मई को 48.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। इस बार की गर्मी प्रचंड रुप दिखा रही है। सुबह 7.30 बजे से ही सूर्य देवता से तपिश निकलने लगती है। रात 9 बजे तक गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। गर्मी के कारण जीव जंतु भी व्याकुल हो उठे हैं। ठंडी जगह तलाश कर अपनी जान बचा रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान के चलते मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मंगलवार दोपहर 2 बजे आगरा का तापमान 47 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री तक रहा। सूर्य की तपिश से राहगीरों के गले सूख रहे हैं।

पिछले सप्ताह 20 मई के दिन आगरा सूबे में सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया था। 20 मई को आगरा का तापमान 47.7 डिग्री सेल्सियस रहा।। जबकि 27 मई को सूर्य की तपिश ने ये रिकॉर्ड तोड़ दिया। 27 मई को आगरा का तापमान 47.8 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार हीट वेव के हालात बने हुए हैं। इस प्रचंड गर्मी में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक घर से बाहर ना निकलने की एडवायजरी जारी की गई है।

भीषण गर्मी के कारण आम जनजीवन ही नहीं बल्कि जीव जंतु भी संकट से जूझ रहे हैं। सूर्य की तपिश के कारण दोपहर में एक भी पक्षी आसमान में उड़ता नजर नहीं आ रहा है। घोंसलों और छांव में पक्षी दिन बिता रहे हैं। दिन भर उछल कूद करने वाले बंदर भी नजर नहीं आ रहे हैं। वे भी ठंडक भरी जगह तलाश कर छिपे रहते हैं। स्ट्रीट डॉग, आवारा पशु पानी का स्रोत के सहारे अपने आप को ठंडक पहुंचा रहे हैं।