Madhya Pradesh: निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 घायल, घटनास्थल पर जांच शुरू

Madhya Pradesh Bridge Collapse: 6 Workers Injured, Investigation Begins

Madhya Pradesh Bridge Collapse: पुणे में पुल दुर्घटना के बाद अब मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना सामने आई है। यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ, जब 80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक गिर गया। इस घटना में 6 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह पुल शिबपुरी जिले के पोहरी हाईवे के पास निर्माणाधीन था, और इसमें काम कर रहे मजदूरों के लिए यह हादसा काफी खतरनाक साबित हुआ।

घटना की विस्तृत जानकारी
घटना के समय पुल के ऊपर काम कर रहे 6 मजदूर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत का इलाज जारी है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं और यह एक बड़ा दुर्घटनाक्रम साबित हुआ है।

दुर्घटना का कारण क्या था?
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लेने वाली कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण यह हादसा हुआ। अधिकारी के अनुसार, पुल के निर्माण के दौरान अनुशंसित सीमा से अधिक कंपन का इस्तेमाल किया गया था, जिसके कारण संरचना कमजोर पड़ गई और पुल का एक हिस्सा गिर गया। इस मामले में कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा गया है। कोतवाली थाना प्रभारी क्रीपाल सिंह राठौर ने कहा, “इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है और मामले की जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पुणे में पुल गिरने का हादसा
इस घटना के कुछ ही दिन पहले पुणे में इंद्रायणी नदी के ऊपर एक निर्माणाधीन पुल गिर गया था, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भी लोगों की जान गई थी। इन हादसों ने देशभर में निर्माण कार्यों और सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा उपायों का पालन बेहद जरूरी है। अगर इन कामों में लापरवाही बरती जाए तो इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि निर्माण कार्यों में बेहतर तकनीकी उपकरणों और सुरक्षा जांच की आवश्यकता है। सरकारी अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
मध्यप्रदेश में इस पुल दुर्घटना के बाद तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया। दो मजदूरों की हालत गंभीर है और उन्हें विशेष इलाज दिया जा रहा है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इन घटनाओं के बाद अब यह सवाल उठता है कि क्या निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर और कड़ी निगरानी रखी जानी चाहिए, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

मप्र में बीजेपी स्वीप की तरफ, शिवराज चार लाख और सिंधिया 3.88 लाख वोटों से आगे

भोपाल : लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 29 सीटों के लिए 52 जिला मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार सुबह मतगणना शुरू हुई। दोपहर एक बजे तक के मतगणना रुझानों में भोपाल, इंदीर, गुना, टीकमगढ़, मंदसौर और खजुराहो समेत भाजपा सभी 29 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। गुना संसदीय सीट से केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 3.88 लाख वोटों से आगे चल रहे हैं, जबकि विदिशा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चार लाख मतों की लीड ले रखी है। वहीं, राजगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजिय सिंह और छिंदवाड़ा से नकुलनाथ काफी पिछड़ गए हैं।

विदिशा संसदीय क्षेत्र में रायसेन, विदिशा और सीहोर जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। इस सीट पर भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस से प्रताप भानु शर्मा सहित 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि मतगणना स्थल शासकीय पोलिटेक्निक कॉलेज में होशंगाबाद के संसदीय क्षेत्र उदयपुरा विधानसभा, संसदीय क्षेत्र विदिशा के विधानसभा भोजपुर, सांची तथा सिलवानी की मतगणना की जा रही है। अब तक विदिशा संसदीय सीट पर 10 राउंड की गिनती पूरी हो गई है। जिसमें भाजपा से प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चार लाख से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान को अब तक 5 लाख 59 हजार 465 वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को सिर्फ एक लाख 42 हजार 608 वोट ही मिले हैं।

वहीं, लोकसभा निर्वाचन-2024 के तहत गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में आने वाले गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिले की 8 विधानसभाओं की मतगणना तीनों जिला मुख्यालय पर हो रही है। गुना-शिवपुरी लोकसभा चुनाव में 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस से राव यादवेंद्र सिंह यादव के बीच मुख्य मुकाबला है। यह 11 राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है। इसमें सिंधिया कांग्रेस उम्मीदवार से 3.88 लाख वोटों से आगे चल रहे हैं। गुना-शिवपुरी सीट पर 2019 से भाजपा का कब्जा है। इस बार भी भाजपा की जीत पक्की मानी जा रही है। इससे पहले लंबे समय से कांग्रेस का कब्जा रहा था।

छिंदवाड़ा से भाजपा के बंटी साहू आगे, कांग्रेस के नकुलनाथ एक लाख 17 हजार वोटों से पीछे छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के बंटी साहू आगे चल रहे हैं। यहां से कांग्रेस के नकुलनाथ 17 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा ने पार्टी की हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि छिंदवाड़ा की जनता जो फैसला करती है, मुझे स्वीकार है। राजगढ़ लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रोड़मल नागर 24 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह पीछे चल रहे हैं। वहीं, दोपहर 12:30 बजे तक इंदीर लोकसभा सीट पर लगभग 10 लाख मतों की गिनती पूरी हो चुकी है।

भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी 8 लाख 60 हजार मत लेकर सबसे आगे चल रहे हैं। दूसरे स्थान पर बसपा के संजय सोलंकी है उन्हें लगभग 37000 मत प्राप्त हुए है। इंदीर ने इस बार नोटा को लेकर भी रिकॉर्ड बनाया है। अब तक इंदौर में नोटा को एक लाख 51 हजार मत प्राप्त हो चुके हैं। यह देशभर में नोटा को किसी भी चुनाव में मिले सबसे ज्यादा मत है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर 3:30 बजे तक मतगणना पूर्ण हो जाएगी। अभी भी इंदीर में लगभग 5:50 लाख मतों की गिनती होना शेष है।

बैतूल सीट पर भाजपा उम्मीदवार आगे बैतूल संसदीय क्षेत्र में सात चरण की मतगणना के बाद बीजेपी प्रत्याशी दुर्गादास उईके एक लाख 88 हजार 938 वोट से आगे चल रहे हैं। सात चरण में हुई मतों की गिनती में बीजेपी के दुर्गादास उइके को कुल चार लाख 1 हजार 371 वोट मिले। कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को सात चरण में कुल दो लाख 12 हजार 433 वोट प्राप्त हुए हैं। सागर में लता की लीड 2 लाख के पारसागर लोकसभा क्षेत्र में अब तक वोटों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी डा. लता वानखेड़े 2 लाख 19 हजार 113 मतों से आगे हैं। लता वानखेड़े को 375957 मत मिले हैं। वहीं चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा को 156844 मत मिले हैं।

सतना में डिवाइडर से टकराई तेज रफ्तार कार, चार की मौत

भोपाल : मध्य प्रदेश के सतना जिले में नेशनल हाईवे पर रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में रविवार की रात एक तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।

रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि हादसा रीवा-सतना के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। यहां मनकहरी ओवर ब्रिज पर रविवार की रात करीब नौ बजे एक तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के वक्त कार में पांच लोग सवार थे, जिनमें से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाकर अस्पताल पहुंचाया। इनमें से तीन घायलों ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। वहीं, एक घायल को जिला अस्पताल में भर्ती करके उपचार शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी मृतकों और घायल की शिनाख्त नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

पहले रेप किया, अब तलवार के दमपर शादी भी नहीं करने दे रहा

मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के अशोक नगर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक 22 साल की लड़की को उसकी शादी के दौरान किडनैप करने की कोशिश की गई। इस घटना से इलाके में  हड़कंप मच गया। किडनैप करने की कोशिश करने वाले आरोपी की पहचान कालू उर्फ सलीम खान के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने कथित तौर पर लड़की के साथ रेप किया। वीडियो बनाकर उसे बदनाम किया और बाद में जब वह किसी और का हाथ थामने लगी तो उसके परिवार पर हमला कर दिया।

घटना गुरुवार शाम करीब छह बजे की है। आरोपी कालू ने अपने साथी जोधा, समीर और शाहरुख के साथ मिलकर लड़की के घर पर धावा बोल दिया। जब उसने विरोध किया, तो उसके परिवार के साथ मारपीट भी की। कालू ने अपने साथियों के साथ मिलकर लड़की के पिता का पैर और भाई का हाथ तोड़ दिया। उसकी मां को भी बेरहमी से पीटा गया। तलवारें और लोहे की रॉड लहराते हुए दबंगों ने लड़की को उसके घर से बाहर खींच लिया।

परिवार के लोग बेटी की मदद के लिए चीख-पुकार मचाने लगा। आवाज सुनते ही मौके पर मौजूद भीड़ इकट्ठा हो गई। दबंगों ने मदद के लिए आगे आने वाली भीड़ को भी धमकाया, लेकिन जैसे ही भीड़ बढ़ने लगी तो मौका देखकर वह वहां से फरार हो गए। दबंगों ने लड़की के घर पर जमकर उत्पात मचाया। इतना ही नहीं आरोपी कालू ने उस लड़के के परिवार को भी धमकाया, जिससे उसकी सगाई हुई थी।

आरोप है कि शुरुआत में पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी। वह पीड़ितों की शिकायत सुनने को राजी ही नहीं थी। बुधवार देर रात एक स्थानीय हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के दखल के बाद ही पुलिस ने लड़की और उसके पिता दोनों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया।

अब मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करेंगी ममता

mamata

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाल में भले ही कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी सबसे अधिक हमलावर रहते हैं। लेकिन नवंबर के मध्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में ममता कांग्रेस के लिए प्रचार करने जा रही हैं। पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित किया है। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि इंदौर एक नंबर विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने के लिए ममता बनर्जी को आमंत्रित किया गया है। यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार संजय शुक्ला हैं जिनके विपरीत भारतीय जनता पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को उम्मीदवार बनाया है।

विजयवर्गीय लंबे समय तक बंगाल के प्रभारी रहे हैं और यहां रहने के दौरान उन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। दुष्कर्म की कोशिश समेत अन्य गंभीर धाराओं में कोलकाता में उनके खिलाफ कई प्राथमिक की दर्ज है। इसलिए उनके खिलाफ ममता बनर्जी का चुनाव प्रचार बेहद खास होने जा रहा है।

MP: কর্মসংস্থানের করুণ ছবি, পিওন পদে আবেদন পিএইচডি-এমবিএ পাশদের

MP: Tragic picture of employment, application for the post of Peon of PhD-MBA passers

প্রতিবেদন, গাড়িচালক, পিওন ও নিরাপত্তা রক্ষী নিয়োগের জন্য বেরিয়েছিল বিজ্ঞাপন। শূন্য পদের সংখ্যা মাত্র ১৫। ওই ১৫টি শূন্য পদের জন্য মোট ১১ হাজার প্রার্থী আবেদন করেছেন। পিওন পদে চাকরির জন্য শিক্ষাগত যোগ্যতা চাওয়া হয়েছিল দশম শ্রেণি পাস। কিন্তু কার্যক্ষেত্রে দেখা গেল পিওন পদে চাকরি পাওয়ার জন্য আবেদন করেছেন স্নাতকোত্তর, পিএইচডি, এমবিএ, এমনকী ইঞ্জিনিয়ারিং পাশ যুবক-যুবতীরা। শুধু তাই নয়, বিচারক পদে নিয়োগ হওয়ার অপেক্ষায় থাকা এক তরুণও পিওন পদে আবেদন করেছেন। কর্মসংস্থানের এই ভয়ঙ্কর চিত্র উঠে এসেছে মধ্যপ্রদেশে।

বিজেপি বরাবরই দাবি করে, তাদের আমলে দেশে কর্মসংস্থান অনেক বেড়েছে। প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি ঢাকঢোল পিটিয়ে প্রতিবছর এক কোটি চাকরি দেওয়ার প্রতিশ্রুতি দিয়েছিলেন। কিন্তু বিজেপির ওই দাবি, প্রধানমন্ত্রীর বক্তব্য যে কতটা অন্তঃসারশূন্য তা বোঝা গেল মধ্যপ্রদেশের গ্রুপ ডি পদে নিয়োগের ক্ষেত্রে। মধ্যপ্রদেশের গোয়ালিয়রের সরকারি পিওন, গাড়িচালক, নিরাপত্তা রক্ষী পদে নিয়োগের প্রক্রিয়া শুরু হয়েছে। শনি ও রবিবার ছিল লিখিত পরীক্ষা। ওই ১৫টি শূন্য পদে পরীক্ষা দিতে হাজির হয়েছিলেন প্রায় ১১ হাজার বেকার যুবক যুবতী। শুধু মধ্যপ্রদেশ নয়, উত্তরপ্রদেশ ও কর্নাটক থেকেও অনেকেই আবেদন করেছেন। এক আবেদনকারী বলেছেন, তিনি পিওন পদে আবেদন করেছেন। তবে তিনি পিএইচডি করেছেন। গাড়ি চালকের পদে আবেদন করেছেন বিচারক হওয়ার পরীক্ষায় উত্তীর্ণ হওয়া এক যুবক।

ওই যুবক জানিয়েছেন, তাঁদের এতটাই আর্থিক অভাব যে বইপত্র কেনার টাকা নেই। তাই তিনি গাড়িচালকের পদে আবেদন করেছেন। আপাতত চাকরি পেলে সেই বেতন থেকে তিনি প্রয়োজনীয় বইপত্রগুলি কিনতে পারবেন। কয়েকদিন আগেই মধ্যপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ সিং চৌহান বলেছিলেন, আমরা প্রতি বছর ১ লক্ষ যুবক-যুবতীকে চাকরি দেব। যে পদগুলি দীর্ঘদিন শূন্য পড়ে রয়েছে সেগুলি দ্রুত পূরণ করার ব্যবস্থা করব। তবে প্রত্যেককে সরকারি চাকরি দেওয়া সম্ভব নয়। কিন্তু বিভিন্ন ক্ষেত্রে সকলেরই কর্মসংস্থানের ব্যবস্থা করবে সরকার। যেখানে প্রতি বছর ১ লাখ লোককে চাকরি দেওয়ার কথা মুখ্যমন্ত্রী বলেছেন, সেখানে কিভাবে মাত্র ১৫ টি পদে নিয়োগের বিজ্ঞাপন দেওয়া হল তা নিয়ে ইতিমধ্যেই প্রশ্ন উঠেছে।

জানা গিয়েছে, মধ্যপ্রদেশের বিভিন্ন এমপ্লয়মেন্ট এক্সচেঞ্জে আবেদনকারীর সংখ্যা প্রায় ৩৩ লক্ষ। রাজ্যে স্কুল শিক্ষা দফতরে প্রায় ৩১ হাজার শিক্ষকের পদ ফাঁকা পড়ে রয়েছে। অন্যান্য দফতরেও বিপুল পরিমাণ শূন্য পদ রয়েছে। রাজ্যে প্রচুর শূন্যপদ থাকলেও সেই পদগুলিতে নিয়োগ প্রক্রিয়া শুরু না হওয়ায় অনেকেই পিওন, গাড়িচালকের পদে আবেদন করতে বাধ্য হয়েছেন।

কয়েকদিন আগে মধ্যপ্রদেশের ফুটপাতে দোকান দেওয়ার জন্য আবেদনপত্র জমা নেওয়া হয়েছিল। সেই প্রকল্পের সুবিধা পেতে প্রায় ১৫ লক্ষ আবেদন জমা পড়ে। যার মধ্যে প্রায় ১ লাখ আবেদন গৃহীত হয়েছে। আবেদনকারীদের মধ্যে ৯০ শতাংশই ছিলেন স্নাতক।

MP: দুর্নীতির টাকার অঙ্ক ঠিক করে দিলেন BJP সাংসদ, কত টাকা জেনে নিন

bjp mp janardan mishra

News Desk: ১৫ লাখ টাকা পর্যন্ত এদিক-ওদিক হলে সেটাকে দুর্নীতি বলা যায় না। এমনটাই মনে করেন মধ্যপ্রদেশের বিজেপি সাংসদ জনার্দন মিশ্র।

এই বিজেপি সাংসদ বলেন, প্রতিদিনই আমার কাছে অনেকেই আসেন সরপঞ্চের (পঞ্চায়েত প্রধান) বিরুদ্ধে আর্থিক দুর্নীতির অভিযোগ জানাতে। কিন্তু এটা বাস্তব যে, একজন সরপঞ্চ প্রার্থীকে ভোটে জিততে ৭ থেকে ৮ লাখ টাকা খরচ করতে হয়। পরের ভোটের জন্য তাঁকে আরও ৭ লক্ষ টাকা মজুত রাখতে হয়। ক্রমবর্ধমান মুদ্রাস্ফীতির ধাক্কায় আরও এক লাখ টাকা খরচ হয়ে যায়। তাই আমি বলি, ১৫ লাখ টাকা পর্যন্ত দুর্নীতি হলে কেউ আমার কাছে আসবেন না। তবে তার বেশি অংকের দুর্নীতি হলে অবশ্যই আমার কাছে আসতে পারেন। এহেন মন্তব্য করে ইতিমধ্যেই প্রবল বিতর্কে জড়িয়েছেন বিজেপি সাংসদ জনার্দন মিশ্র।

রেওয়ার বিজেপি সাংসদের এই বক্তব্যের পর রাজনৈতিক মহলের অনেকেই প্রশ্ন করেছেন, তাহলে আর্থিক দুর্নীতিরও ভাল মন্দ আছে? কম টাকার দুর্নীতি হলে সেটার কোনও গুরুত্ব নেই, কিন্তু বেশি টাকার হলে সেটাই গুরুতর হয়ে ওঠে এটা কেমন কথা? বিজেপি সাংসদ কি বলতে চাইছেন, ১৫ লাখ টাকা পর্যন্ত দুর্নীতি হলে সেটা কোন ধর্তব্যযোগ্য অপরাধ নয়?

উত্তরপ্রদেশের ব্যবসায়ী পীযূষ জৈনের বিরুদ্ধে যখন কোটি কোটি টাকা আয়কর ফাঁকি দেওয়ার অভিযোগে তদন্ত চলছে সে সময়ে বিজেপি সাংসদের এই বক্তব্য যথেষ্টই তাৎপর্যপূর্ণ বলে মনে করা হচ্ছে।

জনার্দন মিশ্রর বক্তব্যের ভিডিও ভাইরাল হতেই নেটিজেনরা অনেকেই প্রশ্ন করেছেন, প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী যখন দুর্নীতির বিরুদ্ধে জিহাদ ঘোষণা করেছেন সেখানে তাঁরই দলের একজন সাংসদ কিভাবে এধরনের মন্তব্য করতে পারেন। এই মন্তব্য করে ওই বিজেপি সাংসদ কার্যত দুর্নীতিকে প্রশ্রয় দিচ্ছেন।

অভিযোগ, প্রধানমন্ত্রী তো বড় গলায় বলে বেড়ান, তিনি চৌকিদার। তিনি নিজে চুরি করবেন না, কাউকে চুরি করতেও দেবেন না। সেক্ষেত্রে তারই দলের একজন সাংসদ কীভাবে এই মন্তব্য করেন? প্রধানমন্ত্রী যদি প্রকৃত দুর্নীতি বিরোধী হন তবে তাঁর উচিত অবিলম্বে এই সাংসদের বিরুদ্ধে উপযুক্ত শাস্তি মূলক ব্যবস্থা নেওয়া।

Madhya Pradesh: ৪০০ বছরে ওই গ্রামে কোন শিশুর জন্ম হয়নি

Sanka Shyam Ji village

নিউজ ডেস্ক: নিয়ম নেই গ্রামের মধ্যে কোনও শিশুর জন্ম (child birth) দেওয়ার। ৪০০ বছর ধরে এমনই প্রথা চলে আসছে চলে আসছে মধ্যপ্রদেশের এক গ্রামে । কুসংস্কার এই পর্যায়ে পৌঁছে গিয়েছে যে, গ্রামের লোকজন বিশ্বাস করে এই গ্রামের ভেতরে কোনও মা তাঁর সন্তানের জন্ম দিলে, মা এবং সন্তান উভয়েরই মৃত্যু হবে। না হলে ভূমিষ্ঠ হবে বিকলাঙ্গ সন্তান ।

একবিংশ শতাব্দীতে আজকের আধুনিক যুগেও ৪০০ বছর ধরে এই অন্ধবিশ্বাস বহন করে আসছে মধ্যপ্রদেশের (Madhya Pradesh) সানকা শ্যামজি গ্রাম। স্থানীয় তথ্য অনুযায়ী, শেষবার কোনও মহিলা গ্রামেই সন্তানের জন্ম দিয়েছিলেন ৪০০ বছর (four hundred years ago) আগে। স্থানীয়রা বিশ্বাস করে যে, তাদের গ্রাম “অভিশপ্ত” এবং যদি কোনও মহিলা এখানে সন্তানের জন্ম দেন তাহলে তার সঙ্গেই অভিশাপ নেমে আসবে গোটা গ্রামে।

রাজ্যের রাজধানী ভোপাল (bhopal) থেকে প্রায় ১৩০ কিলোমিটার দূরে রাজগড়ের সানকা শ্যামজি গ্রামে কোনও লিখিত নিয়ম নেই। তবে গ্রামের মধ্যে মহিলাদের সন্তান প্রসবেরও কোনও অনুমতি নেই। তাই পরিবার ও সন্তানের মঙ্গল কামনায় মহিলাদের সন্তানের জন্ম দিতে যেতে হয় নিজেদের গ্রামের সীমানা ছাড়িয়ে অন্য কোনও গ্রামে। সেখানে সন্তানের জন্ম দেওয়ার পর গ্রামের মুরুব্বিদের অনুমতি নিয়ে তবেই মা ও সন্তান গ্রামে প্রবেশের ছাড়পত্র পায় ।

গ্রামের সরপঞ্চ জানান, এখন অবশ্য বেশিরভাগ প্রসবই হয় হাসপাতালে। সেক্ষেত্রে শিশুর জন্ম এলাকার গ্রামীণ হাসপাতালে না হয়ে গ্রামের বাইরের কোনও হাসপাতালে হয়। জরুরি ক্ষেত্রে, এমনকী, খারাপ আবহাওয়াতেও মহিলাদের সন্তান প্রসবের জন্য গ্রামের বাইরে নিয়ে যাওয়া হয়। অন্ধ বিশ্বাসের এমনই চাপ। অবাক করার বিষয় হল, স্থানীয় প্রশাসনও গ্রামবাসীদের সচেতনতা বাড়াতে তেমন কোনও উদ্যোগ নেয়নি। ফলে এই অযৌক্তিক প্রথা শেষ হওয়ারও কোনও লক্ষণ নেই মধ্যপ্রদেশের এই অখ্যাত গ্রামে।

Madhya Pradesh: নিলামে পঞ্চায়েত প্রধান পদের দর উঠল ৪৪ লক্ষ টাকা

village appoints Sarpanch through auction

নিউজ ডেস্ক, ভোপাল: মধ্যপ্রদেশের (Madhya Pradesh) ভাতাউলি (Bhatauli gram panchayat) গ্রাম। গ্রামের মাঝখানে একটি মন্দিরের সামনে বেশ কিছু মানুষের ভিড়। কয়েকজন বসে আছেন, কেউবা দাঁড়িয়ে। হঠাৎই ওই ভিড়ের মধ্য থেকে শুরু হল দর হাঁকা।

কেউ বলছেন ২০ লাখ, তো অন্যজন বলছেন ২২ লাখ, কেউবা ২৫ লাখ। শেষ পর্যন্ত এভাবেই দর উঠল ৪৪ লাখ টাকা। কোনও মূল্যবান প্রাচীন সম্পদ নয়, কোনও মহান ব্যক্তির ব্যক্তিগত সংগ্রহের জিনিস নয়। মধ্যপ্রদেশের ভাতাউলি গ্রামে এভাবেই নিলাম হল ভাতাউলি গ্রাম পঞ্চায়েত প্রধানের পদ।

গ্রামের পঞ্চায়েত (panchyat pradhan) প্রধান কে হবেন তা নিয়ে শুরু হয়েছিল তীব্র বিতর্ক। তখনই গ্রামবাসীরা (villagers) ঠিক করেন, যিনি বেশি টাকা দেবেন তিনি হবেন পঞ্চায়েত প্রধান। এরপরই শুরু হয় নিলাম প্রক্রিয়া। নিলামে ৪৪ লাখ টাকা দর হেঁকে কার্যত পঞ্চায়েত প্রধান পদটি কিনে নিয়েছেন সৌভাগ সিং যাদব নামে এক ব্যক্তি।

বিষয়টি প্রকাশ্যে আসতেই অবশ্য বেকায়দায় পড়েছে স্থানীয় প্রশাসন। এভাবে নিলাম ডেকে পঞ্চায়েত প্রধান নির্বাচনের ঘটনার কথা উড়িয়ে দিয়েছে প্রশাসন। প্রশাসনের পাল্টা দাবি, গণতান্ত্রিক রীতিনীতি এবং প্রশাসনিক পদ্ধতি মেনেই গ্রামের নতুন পঞ্চায়েত প্রধান নির্বাচন করা হবে। যদিও স্থানীয় বাসিন্দারা গ্রাম পঞ্চায়েত নির্বাচনের এই কথা স্বীকার করে নিয়েছেন।

তাঁরা বলেছেন, পঞ্চায়েত প্রধান পদে চারজন প্রতিদ্বন্দ্বী ছিলেন। ওই চারজনই প্রধান হতে চাই ছিলেন। সে কারণেই তাঁরা এই নিলাম ডাকার ব্যবস্থা করেন। নিলাম শুরু হয়েছিল ২১ লাখ টাকা থেকে। এক সময় দর ওঠে ৪৩ লাখ টাকা। এত টাকা দর ওঠায় অনেকেই চমকে ওঠেন। তবে চমকের আরও বাকি ছিল। শেষ পর্যন্ত নিলামে ৪৪ লাখ টাকা দর দিয়ে সৌভাগ সিং যাদব পঞ্চায়েত প্রধান পদে নির্বাচিত হন। সৌভাগ্য পঞ্চায়েত প্রধান নির্বাচিত হতে এই গ্রামবাসীরা তাঁকে মালা পরিয়ে বরণ করে নেন।

একইসঙ্গে গ্রাম কমিটি থেকে জানানো হয়, আগামী পঞ্চায়েত নির্বাচনে সৌভাগের বিরুদ্ধে কেউ মনোনয়ন দাখিল করতে পারবেন না। পাশাপাশি কমিটি আরও জানিয়েছে, সৌভাগ যদি এক সপ্তাহের মধ্যে ৪৪ লাখ টাকা দিতে ব্যর্থ হন তাহলে তাঁর নিকটতম প্রতিদ্বন্দ্বীকে প্রধান হিসেবে মেনে নেওয়া হবে। অর্থাৎ যে ব্যক্তি ৪৩ লাখ টাকা দর দিয়েছেন তিনি পঞ্চায়েত প্রধান হবেন।

কেন এভাবে কেন পঞ্চায়েত প্রধান বেছে নেওয়া হল? এই প্রশ্নের উত্তরে গ্রামবাসীরা জানিয়েছেন, প্রার্থীরা যাতে ভোটে জেতার জন্য গ্রামবাসীদের মধ্যে টাকা ও মদ বিলি করতে না পারেন সে কারণেই এভাবে প্রধান নির্বাচন করা হল। যদিও জেলা প্রশাসন জানিয়েছে, গ্রামবাসীদের এই নির্বাচন পদ্ধতিকে তারা কোনওভাবেই স্বীকৃতি দেবে না। প্রধান পদে যারা নির্বাচনে লড়বেন তাঁদের রীতিমতো আবেদনপত্র পূরণ করতে হবে।

Madhya Pradesh: বিয়ে বাড়িতে ঢুকে ‘জয় শ্রীরাম’ ধ্বনি দিয়ে গুলি চালাল দুষ্কৃতীরা

Madhya Pradesh

নিউজ ডেস্ক: মধ্যপ্রদেশের  (Madhya Pradesh)মান্দসাউর (mandsaur) এলাকায় রবিবার চলছিল একটি বিয়েবাড়ি (weeding ceremony)। দুপুরে অতিথি অভ্যাগতরা সবে খেতে বসেছেন। এ সময় কয়েকজন ব্যক্তি জয় শ্রীরাম ধ্বনি দিতে দিতে বিয়ে বাড়িতে ঢুকে পড়ে।

এরপর আচমকাই ওই ব্যক্তিরা গুলি (shoot) চালাতে শুরু করে। এ ঘটনায় দেবীলাল মিনা (debilal meena) নামে এক ব্যক্তির মৃত্যু হয়েছে। জখম হয়েছেন কয়েকজন। গুলি চালানোর পরেই মুহূর্তের মধ্যেই এলাকা ছেড়ে পালিয়ে যায় দুষ্কৃতীরা। তবে শেষ পর্যন্ত এই ঘটনায় পুলিশ তিন জনকে গ্রেফতার করেছে।

পুলিশ অফিসার অমিত ভার্মা জানিয়েছেন, রবিবার দুপুর ২ টা নাগাদ ওই হামলা চালানো হয়। একদল দুষ্কৃতী জয় শ্রীরাম বলে চিৎকার করতে করতে ওই বিয়েবাড়িতে ঢুকে আচমকাই গুলি চালায়। দুষ্কৃতীদের ধারণা ছিল, ওই বিয়ের অনুষ্ঠানটি বেআইনি। কিন্তু তার জন্য তাদের গুলি চালানোর অনুমতি কে দিল তা এখনও জানা যায়নি।

পুলিশ জানিয়েছে, মৃতের নাম দেবীলাল মিনা। মৃত ব্যক্তি গ্রামের প্রাক্তন সরপঞ্চ বা গ্রামপ্রধান ছিলেন। গুলির আঘাতে তিনি গুরুতর জখম হয়ে ছিলেন। সেখান থেকে তাঁকে রাজস্থানের কোটায় এক হাসপাতালে নিয়ে যাওয়া হয়। তবে চিকিৎসকরা দেবীলালকে মৃত বলে ঘোষণা করেন। ওই বিয়ের অনুষ্ঠানটি আয়োজন করেছিলেন স্বঘোষিত গডম্যান রামপাল। গুলি চালানোর ঘটনায় প্রবল ক্ষোভ ছড়ায় এলাকায়। সঙ্গে সঙ্গেই স্থানীয় বাসিন্দারা পথ অবরোধ করেন। গ্রামবাসীদের অভিযোগ, গুলি চালানোর ঘটনায় ডানপন্থী বা গেরুয়া পন্থী দলের সদস্যরা যুক্ত। তবে পুলিশ এ বিষয়ে নিশ্চিত করে কিছু জানায়নি। কারা এবং কেন এই হামলা চালিয়েছে তা খতিয়ে দেখছে পুলিশ। এই হামলার ঘটনায় রাজনীতির কোনও যোগ আছে কিনা তাও খতিয়ে দেখছে।

দুষ্কৃতীদের হামলার এই ভিডিয়ো ইতিমধ্যেই সোশ্যাল মিডিয়ায় ছড়িয়ে পড়েছে। ওই ভিডিয়োয় দেখা গিয়েছে, গুলির শব্দ শোনার পরেই বিয়ে বাড়িতে আমন্ত্রিত লোকজন ভয়ে ছোটাছুটি করছেন। ভীত এবং সন্ত্রস্ত সকলেই নিজের প্রাণ বাঁচাতে ব্যস্ত। দুষ্কৃতীদের উদ্যত বন্দুকের সামনে বিয়েবাড়ির অনেকেই ভয়ে ঠকঠক করে কাঁপছেন। বিয়ে বাড়ির কয়েকজন শেষ পর্যন্ত ওই দুষ্কৃতীদের তাড়া করলে তারা পালিয়ে যায়। পরে অবশ্য তিনজন ধরা পড়েছে। গুলি চালানোর ঘটনায় ১১ জনের বিরুদ্ধে অভিযোগ দায়ের করা হয়েছে। প্রত্যেকের বিরুদ্ধেই খুনের মামলা দায়ের হয়েছে। পুলিশ তিনজনকে গ্রেফতার করেছে। বাকিদের সন্ধানে তল্লাশি চালাচ্ছে পুলিশ।

Madhya Pradesh: টানা পাঁচবার পরিচ্ছন্ন শহরের তকমা পেল ইন্দোর

Indore in Madhya Pradesh

News Desk: পঞ্চমবার দেশের সবচেয়ে পরিষ্কার শহরের তকমা পেল মধ্যপ্রদেশের ইন্দোর (indore)। তালিকায় দ্বিতীয় শহরটি হল গুজরাতের সুরাত (surat)।

তৃতীয় স্থান দখল করেছে অন্ধপ্রদেশের বিজয়ওয়াড়া(vijaywara)। গত বছর তৃতীয় স্থানে ছিল মহারাষ্ট্রের নবি মুম্বই। শনিবার ‘স্বচ্ছ সর্বেক্ষণ ২০২১’ পুরস্কার তুলে দেন রাষ্ট্রপতি রামনাথ কোবিন্দ। ।

এবারের তালিকায় দেখা গিয়েছে সারাবছর পরিষ্কার-পরিচ্ছন্নতার নিরিখে ছত্তিশগড়কে দেশের সবচেয়ে পরিচ্ছন্ন রাজ্যের পুরস্কার দেওয়া হয়েছে। গঙ্গার তীরবর্তী শহরগুলির মধ্যে সবচেয়ে পরিষ্কার শহরের সম্মান পেয়েছে বারাণসী। রাষ্ট্রপতির কাছ থেকে পুরস্কার পাওয়ার পরই কেন্দ্রীয় আবাসন ও নগরোন্নয়নমন্ত্রী হরদীপ সিং পুরি (hardeep sing puri) টুইট করে ইন্দোরবাসীকে অভিনন্দন জানিয়েছেন। অভিনন্দন জানিয়েছেন ইন্দোর পুরসভাকেও। ইন্দোরের প্রথম হওয়ার খবরে রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ সিং চৌহানও (shibraj sing chouhan) ইন্দোরবাসীকে অভিনন্দন জানান। এই নিয়ে টানা পাঁচবার দেশের সবচেয়ে পরিচ্ছন্ন শহরের তকমা পেল ইন্দোর ।

Indore in Madhya Pradesh

শনিবার দিল্লির বিজ্ঞান ভবনে আবাসন ও নগরোন্নয়মন্ত্রক আয়োজিত ‘স্বচ্ছ অমৃত মহোৎসব ‘ অনুষ্ঠানে রাষ্ট্রপতি কোবিন্দ (kovind) মধ্যপ্রদেশের ইন্দোরকে ‘স্বচ্ছতা কি তাজ’-এর মুকুট পরিয়ে দেন।

চলতি বছরের মোট ৪৩২০টি শহরের উপর এই সমীক্ষা চালানো হয়। যার মধ্যে ৩৪২টি শহরকে স্টার রেটিং দেওয়া হয়েছে।

তবে রাজনৈতিক মহল মনে করছে, এই তালিকা তৈরির মধ্যেও মোদি সরকারের রাজনীতি রয়েছে। কারণ বেছে বেছে বিজেপি শাসিত রাজ্যগুলির শহরগুলিকেই পরিচ্ছন্ন শহর এর তালিকায় প্রথম দিকে রাখা হয়েছে।
উল্লেখ্য, দেশের শহরগুলির পরিছন্নতা, স্যানিটেশন, স্বাস্থ্যবিধির মত কয়েকটি জিনিসের উপর নির্ভর করে এই

সমীক্ষা করা হয়। এভাবেই দেশের সেরা শহরগুলিকে নির্বাচন করা হয়। স্বচ্ছ ভারত অভিযানের অংশ হিসেবে ‘স্বচ্ছ সর্বেক্ষণ’ প্রকল্প চালু করা হয়েছিল। দেশকে আবর্জনা মুক্ত করে পরিষ্কার-পরিচ্ছন্ন রাখা এবং খোলা জায়গায় মলমূত্র ত্যাগ বন্ধ করার লক্ষ্যেই এই প্রকল্প চালু করা হয়। বর্তমানে এটি বিশ্বের বৃহত্তম শহর পরিছন্নতা সমীক্ষা বলে চিহ্নিত হয়েছে। এবারের সমীক্ষায় আহমেদাবাদ ক্যান্টনমেন্ট দেশের সবচেয়ে পরিচ্ছন্ন সেনানিবাস হিসেবে নির্বাচিত হয়েছে। ১ লক্ষেরও কম জনসংখ্যার শহরগুলির মধ্যে সবচেয়ে পরিচ্ছন্ন শহরের পুরস্কার পেয়েছে মহারাষ্ট্রের ভিটা। এই রাজ্যের লোনাওয়ালা শহর দ্বিতীয় স্থান দখল করেছে।

শহরগুলিকে পরিষ্কার-পরিচ্ছন্ন রাখার দায়িত্ব মূলত সাফাই কর্মীদের। তাই তাঁদেরও পুরস্কৃত করা হয়েছে। ইন্দোর ছাড়াও মধ্যপ্রদেশের ভোপাল সেরা ১০ শহরের তালিকায় সাত নম্বরে আছে। গুজরাতের তিনটি শহর রয়েছে সেরা ১০ শহরের তালিকায়। মহারাষ্ট্রের পুণে রয়েছে পঞ্চম স্থানে। ষষ্ঠ স্থানে আছে ছত্তিশগড়ের রায়পুর, সপ্তম স্থানে ভোপাল। এদিনের অনুষ্ঠানে জানা গিয়েছে, বিগত বছরের তুলনায় বর্তমান বছরে প্রতিটি রাজ্যের শহরগুলিতেই স্বচ্ছতা ও সচেতনতা অনেকটাই বেড়েছে। সচেতনতা বাড়ায় দেশে দেড় হাজারের বেশি পুরসভায় প্লাস্টিক ব্যবহারের জারি হয়েছে নিষেধাজ্ঞা।

মদ্যপায়ীরা কখনও মিথ্যা কথা বলে না: আবগারি আধিকারিক

r p kirar

News Desk: বর্তমান নিয়মে অপ্রাপ্ত বয়স্কদের মদ বিক্রি করা নিষিদ্ধ। মদ বিক্রি করার বিষয়ে ফের জারি হল এক নতুন নির্দেশিকা। নতুন নির্দেশিকাশ বলা হয়েছে, যাঁরা টিকার দুটি ডোজ (vaccine) দিয়েছেন শুধুমাত্র তাঁদেরকেই মদ বিক্রি করা যাবে।

অর্থাৎ কেউ যদি করোনা টিকার একটা ডোজ নিয়ে মদের দোকানের সামনে লাইন দেন তবে তাঁকেও মদ বিক্রি করা যাবে না। এই নতুন নির্দেশ জারি করেছে মধ্যপ্রদেশের (Madhya Pradesh) খাণ্ডোয়া (Khandoya) জেলা প্রশাসন।

জেলার আবগারি আধিকারিক আরপি কিরার (R P Kirar) শনিবার সংবাদমাধ্যমকে জানিয়েছেন, এখন থেকে জেলার কোনও মদের দোকানদারই টিকার দুটি ডোজ না নেওয়া ব্যক্তিদের মদ বিক্রি করতে পারবেন না। এমনকী, কেউ যদি একটি ডোজ নিয়ে এসে মদ কিনতে চান তাঁকেও মদ বিক্রি করা যাবে না। আবগারি আধিকারিকের ওই বক্তব্যের পর তাঁর কাছে জানতে চাওয়া হয়, তাহলে মদের দোকানের সামনে লাইন দিতে গেলে কি করোনা ভ্যাকসিন নেওয়ার শংসাপত্র সঙ্গে রাখতে হবে?

New Liquor price hits municipal election politics in west bengal

এ প্রসঙ্গে কিরার বলেন, শংসাপত্র (certificate) রাখার কোনও প্রয়োজন হবে না। ক্রেতাদের মুখের কথাই যথেষ্ট। কেউ যদি টিকার দুটি ডোজ নেওয়া হয়েছে বলে জানান, তবে তাঁকে মদ বিক্রি করতে কোনও অসুবিধা নেই। একজনের মুখের কথার উপর প্রশাসন কিভাবে ভরসা করতে পারে? এই প্রশ্নের উত্তরে আবগারি আধিকারিক বলেন, অভিজ্ঞতা থেকে তিনি দেখেছেন যে, মদ্যপায়ীরা কখনওই মিথ্যা কথা বলেন না। তাই মদের দোকানে আসা ব্যক্তিরাও নিশ্চিতভাবেই মিথ্যা কথা বলে মদ কিনবেন না।

প্রশ্ন হল, হঠাৎ করে কেন মদ কেনার ক্ষেত্রে করোনার সার্টিফিকেটের প্রয়োজন হল। এ প্রসঙ্গে জানা গিয়েছে, সম্প্রতি মধ্যপ্রদেশের বিভিন্ন জেলায় টিকাকরণের গতি কিছুটা কমে গিয়েছে। উৎসবের মরসুমের পাশাপাশি শুরু হয়ে গিয়েছে খারিফ শস্য কাটা। একই সঙ্গে চলছে রবি শস্য বপন। তাই সাধারণ মানুষ বিশেষত কৃষিজীবি পরিবারগুলি অত্যন্ত ব্যস্ত সময়ের মধ্য দিয়ে যাচ্ছেন। পাশাপাশি টিকা নিয়ে মানুষের মধ্যে উৎসাহও কিছুটা কমেছে। সে কারণেই মানুষ যাতে আরও দ্রুত টিকা নিতে এগিয়ে আসেন তার জন্যই এই নির্দেশিকা জারি।

Inspiring Or Unfair?: মুখ্যমন্ত্রীর নিরাপত্তায় স্পেশাল ডিউটিতে সন্তানসহ হাজিরা মহিলা ডিএসপির

madhya pradesh dsp monika singh Carries Baby To Helipad

নিউজ ডেস্ক: মধ্যপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ চৌহানকে অভ্যর্থনা করতে হেলিপ্যাডে গিয়েছিলেন আলিরাজপুরের ডিএসপি মনিকা সিংহ (Monika Singh)। সঙ্গে তার শিশুকন্যা। তাকে কোলে নিয়ে স্থানীয় হেলিপ্যাডে পৌছলেন ডিউটি করতে। একটি গোলাপি ক্যারিয়ারে নিজের শিশুকন্যাকে কনের নিয়ে মনিকা সিংহের সেই ছবি ভাইরাল হয় সোশ্যাল মিডিয়ায়। 

সন্তানের দেখভাল করাও দেশের প্রতি তার দায়িত্ব পালনের মতোই একটি ডিউটি বলে জানিয়েছেন মনিকা সিংহ। এই বিষয়ে সোশ্যাল মিডিয়ায় নিজের প্রতিক্রিয়া প্রকাশ করেছেন মধ্যপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী শিবরাজ চৌহান।
টুইটে মুখ্যমন্ত্রী লিখেছেন, “আলিরাজপুরে যখন আমি গিয়েছি তখন ডিএসপি মনিকাকে আমি দেখলাম তার দেড় বছরের কন্যা সন্তানকে বাচ্চাদের একটি কেরিয়ার ব্যাগে করে নিজের পেশাদারী কর্তব্য পালনে ব্যস্ত তিনি। তার পেশাদারিত্ব আর দায়িত্ববোধ সত্যিই প্রশংসনীয়। মনিকার ওপর আজ গোটা মধ্যপ্রদেশ গর্ব বোধ করছে।”

মনিকা চৌহানকে পেশাদারিত্ব আর পারিবারিক দায়িত্বের ভারসাম্য এভাবে রক্ষা করতে দেখে অবাক হয়েছেন অনেকেই। কেউ কেউ প্রশ্ন তুলেছেন, অতটুকু শিশুকে পেশাদারি দায়িত্ব পালনের জন্য সাথে করে বিভিন্ন জায়গায় নিয়ে ঘুরে বেড়ানো আদৌও ঠিক কিনা।

মনিকা বলছেন, একজন পুলিশ অফিসার হলেও দিনের শেষে তিনি একজন মা। তার মতে, দেশের প্রতি তার দায়িত্ব ও কর্তব্য যতটা গুরুত্বপূর্ণ, তার সন্তানও তার সন্তানের প্রতি দায়বদ্ধতা ও ঠিক ততটাই গুরুত্বপূর্ণ। সমাজের বাঁধাধরা চিন্তাভাবনা অনুযায়ী নারীদের যতই দুর্বল ভাবা হোক ন, যে নারী রাধে সে যে চুল ও বাঁধতে পারে, তা আবারও নতুন করে প্রমাণ করে দিলেন ডিএসপি মনিকা চৌহান।