Ghatal Master Plan: घाटाल मास्टर प्लान के लिए केंद्र ने नहीं दी फंडिंग: मानस भुइयां

Mamata Banerjee Pushes Ghatal Master Plan Forward Despite Central Government's Refusal to Fund

पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल उपखंड में हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ का कहर देखने को मिलता है, जिससे खेती योग्य जमीन, घर, और सड़कों को भारी नुकसान होता है। इस समस्या के समाधान के लिए दशकों से घाटाल मास्टर प्लान (Ghatal Master Plan) की मांग उठ रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं दी है, जिसका आरोप पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने लगाया है। राज्य के सिंचाई और जलमार्ग मंत्री मानस रंजन भुइयां ने हाल ही में कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है और घाटाल मास्टर प्लान के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के बजट में इस परियोजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें से 500 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को प्रारंभिक कार्य शुरू करने के लिए दिए गए हैं। इस राशि से सुइलिस गेट के निर्माण का काम शुरू हो चुका है।

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मानस भुइयां ने कहा, “केंद्र सरकार बंगाल विरोधी है। हमने बार-बार घाटाल मास्टर प्लान के लिए केंद्र से मदद मांगी, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस परियोजना के लिए कोई धनराशि नहीं दी जाएगी। फिर भी, ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार इस परियोजना को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2025-26 वित्तीय वर्ष के बजट में घाटाल मास्टर प्लान के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, और अगले दो वर्षों में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

घाटाल मास्टर प्लान के तहत शिलाबती, रूपनारायण, और कंसाबती सहित दस प्रमुख नदियों की खुदाई और तटबंधों को मजबूत करने का काम किया जाएगा। इसके अलावा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के कुछ नहरों का विकास भी इस परियोजना का हिस्सा है। यह परियोजना 657 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले लगभग 10 लाख लोगों को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करेगी। राज्य सरकार ने 2018 से 2021 तक 341.49 करोड़ रुपये खर्च कर सात नदियों के 115.80 किलोमीटर हिस्से की खुदाई पूरी की है। चंद्रेश्वर खाल की खुदाई लगभग पूरी हो चुकी है, और पांच सुइलिस गेटों का निर्माण 60-70% पूरा हो गया है।

मानस भुइयां ने बीजेपी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा, “बीजेपी नेता दावा करते हैं कि राज्य सरकार घाटाल मास्टर प्लान को लागू नहीं करना चाहती। लेकिन सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ही धनराशि नहीं दे रही है।” उन्होंने घाटाल के लोगों से अपील की, “आप लोग न्याय करें, कौन आपके साथ खड़ा है। ममता बनर्जी ने राज्य के खजाने से धनराशि आवंटित कर काम शुरू कर दिया है।” यह परियोजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है, जो घाटाल की बाढ़ समस्या के समाधान में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

स्कूल पुस्तकालयों में मुख्यमंत्री की लिखी किताबें अनिवार्य, प्रत्येक स्कूल को 1 लाख रुपये का अनुदान

Mamata Banerjee Books Made Compulsory in West Bengal School Libraries with ₹1 Lakh Funding

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के स्कूलों में पुस्तकालय व्यवस्था को और सशक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब से राज्य के प्रत्येक स्कूल के पुस्तकालय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) द्वारा लिखी गई किताबें रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल को लागू करने के लिए राज्य सरकार प्रत्येक स्कूल को पुस्तकालय अनुदान के रूप में 1 लाख रुपये प्रदान कर रही है। इस राशि का उपयोग स्कूलों को निर्धारित किताबों के सेट खरीदने के लिए करना होगा, जिनमें मुख्यमंत्री की लिखी किताबें शामिल हैं।

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राज्य शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, पुस्तकालयों के लिए किताबें खरीदने की सूची तैयार की गई है। इस सूची में पांच अलग-अलग सेट शामिल हैं, जिनमें ममता बनर्जी की लिखी 18 से 19 किताबें शामिल हैं। इन किताबों में प्रमुख हैं—दुआरे सरकार, शिशु मन, कलम, हमारा संविधान और कुछ बातें, कोलकाता का दुर्गा उत्सव, जागरण का बंगाल, और आमी। ये किताबें मुख्यमंत्री के राजनीतिक दर्शन, सामाजिक दृष्टिकोण, शिक्षा और संस्कृति से संबंधित विचारों राज्य के विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का विवरण प्रस्तुत करती हैं।

राज्य सरकार का इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें राज्य की शासन व्यवस्था, संस्कृति और सरकारी योजनाओं के बारे में गहरी जानकारी प्रदान करना है। हालांकि, इस निर्णय को लेकर शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है, उनका मानना है कि इससे छात्रों को राज्य के नेतृत्व के दृष्टिकोण और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। उदाहरण के लिए, दुआरे सरकार किताब में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत विवरण है, जो छात्रों के लिए शिक्षाप्रद हो सकता है।

दूसरी ओर, कुछ शिक्षाविदों और आलोचकों ने इस निर्णय की आलोचना की है। उनका कहना है कि पुस्तकालय में किताबों के चयन में और विविधता होनी चाहिए थी। केवल एक व्यक्ति की लिखी किताबों पर इतना जोर देना छात्रों के ज्ञान के दायरे को सीमित कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया है कि विश्व साहित्य, विज्ञान, इतिहास या अन्य विषयों की किताबों के बजाय मुख्यमंत्री की किताबों पर इतना ध्यान देना कितना उचित है।

राज्य के दिशानिर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि किताबें किन प्रकाशन संस्थानों से खरीदनी होंगी, यह भी निर्दिष्ट कर दिया गया है। इन प्रकाशकों में कुछ प्रसिद्ध संस्थान शामिल हैं, जो मुख्यमंत्री की किताबें प्रकाशित करते हैं। सरकार का दावा है कि इस नियम से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। हालांकि, कुछ शिक्षक और स्कूल प्रबंधन का मानना है कि विशिष्ट प्रकाशकों से किताबें खरीदने की बाध्यता स्कूलों की स्वतंत्रता को कुछ हद तक सीमित करती है।

अनुदान राशि के उपयोग के लिए भी विस्तृत दिशानिर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक स्कूल को 1 लाख रुपये में किताबें खरीदनी होंगी और शेष राशि का उपयोग पुस्तकालय की अन्य जरूरतों, जैसे—शेल्फ, अलमारी या पढ़ने की मेज खरीदने के लिए किया जा सकता है। इस राशि का हिसाब रखना होगा और इसे शिक्षा विभाग में जमा करना होगा।
इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार छात्रों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना चाहती है। हालांकि, यह पहल कितनी सफल होगी और इसका छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह समय ही बताएगा।

Mamata Banerjee: मुख्यमंत्री के उद्घाटन के चार साल बाद भी फूलबाजार नहीं खुला

Mamata Banerjee Flower Market in Debra Lies Unused 4 Years After Inauguration

फूल मार्केट बनाई गई, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने इसका वर्चुअल उद्घाटन भी किया, लेकिन आज भी वह बाजार चालू नहीं हो सका। 6 अक्टूबर 2020 को पश्चिम मिदनापुर जिले के डेबरा के रघुनाथपुर में फूल मार्केट और स्टोर रूम का वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया था। लेकिन आज चार साल बाद भी वह बाजार अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

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डेबरा ब्लॉक के फूल उत्पादकों और व्यापारियों की सुविधा के लिए एक फूल बाजार बनाने की योजना बनाई गई थी। सरकार का कहना था कि अगर यह बाजार शुरू होता, तो यहां के फूल उत्पादक अन्य जगहों से फूल लाने की बजाय सीधे डेबरा में व्यापार कर सकते थे। इस प्रकार, उनके व्यापार में वृद्धि होती और स्थानीय फूल उत्पादकों को भी अपना उत्पाद सीधे बाजार में बेचने का अवसर मिलता। लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है।

डेबरा ब्लॉक के एक छोर पर दासपुर और दूसरे छोर पर पूर्व मिदनापुर जिले के पांस्कुड़ा में फूल की खेती होती है। वहां फूलों का काफी उत्पादन होता है और स्थानीय व्यापारी इस बाजार की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। सरकार ने इस उद्देश्य के लिए फूल बाजार बनाने की योजना बनाई और इसके लिए लगभग 61 लाख रुपये आवंटित किए। उसी पैसे से 2020 में 11 स्थायी दुकानें, तीन शेड और एक गोदाम बनाने का काम किया गया था।

शेड में सैकड़ों खुदरा विक्रेताओं को फूल बेचने का अवसर देने की योजना थी। एक ओर जहां फूल व्यापार का विकास होता, वहीं दूसरी ओर रोजगार भी बढ़ता। लेकिन यह योजना आज तक पूरी तरह से लागू नहीं हो सकी। शेड में फूल बेचने की योजना तो थी, लेकिन बाजार अब तक चालू नहीं हो पाया है। यहां तक कि, गोदाम भी खाली पड़ा है।

लाखों रुपये का बर्बादी, विपक्ष के सवाल

विपक्ष का आरोप है कि यह एक गलत योजना का परिणाम है और यह परियोजना कभी भी सफल नहीं हो सकती। उनका कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। यह फूल बाजार का प्रोजेक्ट भले ही क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से था, लेकिन जो राशि खर्च की गई थी, वह पूरी तरह से व्यर्थ नजर आ रही है।

फूल उत्पादक और व्यापारी सरकार की इस उदासीनता से निराश हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस परियोजना के लाभ का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने के कारण अब वे निराश हो गए हैं।

भविष्य क्या है?

इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए सरकार को फिर से एक नई योजना बनानी होगी और फूल बाजार को प्रभावी रूप से लागू करना होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार किस प्रकार की समस्याओं का सामना कर रही है, जो इस परियोजना को कार्यान्वित नहीं कर पा रही है। अगर सरकार जल्दी से कोई ठोस कदम उठाती है, तो हो सकता है फूल बाजार चालू हो जाए। लेकिन अगर यह इस तरह से खाली पड़ा रहता है, तो यह एक बड़ा उदाहरण बनेगा कि कैसे सही योजना और कार्यान्वयन के अभाव में लाखों रुपये बर्बाद हो गए।

West Bengal Flood Alert: तूफान की संभावना, मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए

West Bengal CM Orders Immediate Action as Heavy Rain and Cyclone Threat Trigger Flood Alerts Across Districts

West Bengal Flood Alert: पिछले कुछ दिनों से बंगाल में भारी बारिश हो रही है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में यह स्थिति सबसे गंभीर है, और इस पर नबान्न ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ की संभावना और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।

बारिश और बाढ़ का खतरा
पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नबान्न ने सभी जिलाधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे अपनी-अपनी जिलों में बाढ़ की स्थिति की निगरानी रखें और सभी उपायों को तेज़ी से लागू करें। पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है, और इसीलिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

निम्नदाब के कारण स्थिति और बिगड़ी
राज्य में लगातार बारिश और एक निम्नदाब क्षेत्र के निर्माण के कारण बाढ़ की स्थिति और भी विकट हो गई है। इस निम्नदाब से बरसात की तीव्रता और बढ़ गई है। इसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जो आगे आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकती है।

पश्चिम बंगाल में जलस्तर का बढ़ना और दुर्घटनाएं
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी भरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। असनसोल जैसे स्थानों में तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण माटी की दीवार गिर गई और एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान उमापद मंडल के रूप में हुई है। यह घटना असनसोल के नगर निगम के 3 नंबर वार्ड की है।

नबान्न की तैयारी
नबान्न ने इस बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह से तैयार रहने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों से कहा है कि वे अपने क्षेत्रों में स्थिति की लगातार निगरानी रखें और बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सभी संभावित उपायों को अपनाएं।

जलाशय से पानी छोड़ने की स्थिति
डिवीसी द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है। राज्य सरकार ने इस बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ अन्य प्राकृतिक आपदाओं की संभावना भी जताई जा रही है, जिसे लेकर प्रशासन ने सभी को तैयार रहने का निर्देश दिया है।

Agnimitra Paul Questions: ‘मेरी गाड़ी चेक होती है, ममता की गाड़ी क्यों बच जाती है?’

West Bengal Assembly Security Row: Agnimitra Paul Questions Mamata’s Car Exemption

13 जून से पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रवेश के समय सुरक्षा जांच और गाड़ियों की तलाशी को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पाल (Agnimitra Paul) ने तलाशी को लेकर एक बार फिर पुलिस से तीखी बहस की। उनका सवाल था — “क्या ममता बनर्जी की गाड़ी की भी तलाशी होती है?”

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अग्निमित्रा पाल ने कहा, “नियम सबके लिए एक होना चाहिए। अगर मेरी गाड़ी की तलाशी होती है, तो मुख्यमंत्री की गाड़ी की भी होनी चाहिए। मैं कोई विशेषाधिकार नहीं मांग रही हूं।”

विवाद का एक और पहलू सामने आया जब बीजेपी के उत्तरिय (दुपट्टे) को गाड़ी से हटाने के लिए कहा गया। इस पर विधायक ने कहा, “टीएमसी के नेताओं की गाड़ियों में ‘एगिए बांग्ला’ और ममता बनर्जी की तस्वीरें लगी होती हैं, तब कोई आपत्ति नहीं होती। सिर्फ बीजेपी का उत्तरिय देखकर गाड़ी रोक दी जाती है?”

विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बंद्योपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा, “सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है। गेट पर तैनात गार्ड्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे आने-जाने वाले वाहनों की जांच करें। यह सुरक्षा का मामला है, राजनीति का नहीं।”

बीजेपी का आरोप है कि सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। विधानसभा के भीतर कोई प्रतीकात्मक विरोध न हो, इसके लिए ‘तुलसी का पौधा’ जैसी चीजें अंदर न लाने देने के नाम पर यह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर से तीखा मोड़ ला दिया है। विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्था में सभी को बराबर अधिकार मिलना चाहिए। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।

Kesari Chapter 2: विवाद: स्वतंत्रता संग्राम पर सवाल उठाने का विरोध तेज

Kesari Chapter 2 Sparks Controversy Over Historical Distortion of Khudiram Bose

अक्षय कुमार की हालिया फिल्म ‘केसरी चैप्टर २’ (Kesari Chapter 2) एक बार फिर विवादों में। इस बार फिल्म के खिलाफ ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने के आरोप में बिधाननगर साउथ थाने में केस दर्ज किया गया है।

इस विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर बंगाल को अपमानित करने की कोशिश होगी, तो जनता जवाब देना जानती है।”

क्या है विवाद?
रणजीत विश्वास नामक एक सामाजिक कार्यकर्ता ने एफआईआर दर्ज कर कहा है कि फिल्म में मुफ्फरपुर षड्यंत्र केस के एक दृश्य में क्रांतिकारी खुदीराम बोस को ‘खुदीराम सिंह’ कहा गया है और बारिंद्रकुमार घोष को ‘वीरेंद्र कुमार’। यह न सिर्फ ऐतिहासिक विकृति है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के लिए अपमानजनक।

ममता बनर्जी का कड़ा बयान
ममता बनर्जी ने कहा, “फिल्म बनाकर इतिहास को तोड़-मरोड़ कर दिखाया जा रहा है। खुदीराम बोस को ‘सिंह’ बनाकर पेश करना शर्मनाक है।” उन्होंने यह भी जोड़ा, “हम किसी भी राज्य का अपमान नहीं करते, लेकिन अगर आप हमारे नायकों का अपमान करेंगे, तो बंगाल चुप नहीं बैठेगा।”

सोशल मीडिया पर आक्रोश
फिल्म जब अप्रैल में रिलीज़ हुई थी, तब भी इस पर विरोध देखा गया था। हालांकि तब कोई कानूनी कार्यवाही नहीं हुई। अब जब फिल्म ओटीटी पर आई है, तो यह विवाद फिर से ज़ोर पकड़ रहा है।

व्यावसायिक सफलता बनाम ऐतिहासिक जिम्मेदारी
‘केसरी चैप्टर २’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन अब आलोचकों का कहना है कि व्यावसायिक लाभ के चक्कर में फिल्म ने इतिहास को गलत तरीके से दर्शाया, जिससे युवा पीढ़ी को भ्रमित किया जा सकता है।

अवैध रेत तस्करी पर ममता बनर्जी के सख्त निर्देश, माथाभंगा में 5 डंपर जब्त

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अयन दे, कोचबिहार: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सख्त निर्देश के बाद अवैध रेत तस्करी (Illegal Sand Smuggling) के खिलाफ भू-राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है। शुक्रवार तड़के साढ़े चार बजे कोचबिहार के माथाभंगा 1 नंबर ब्लॉक में छापेमारी कर विभाग के अधिकारियों ने पांच अवैध रेत से लदे डंपरों को जब्त किया। जब्त किए गए वाहनों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, जिससे तस्करी का मामला स्पष्ट हो गया है।

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सूत्रों के अनुसार, मेखलीगंज के नया बंदर क्षेत्र में जलढाका और सुतूंगा नदियों से अवैध रूप से रेत का खनन कर गुप्त रूप से तस्करी की जा रही थी। अत्यधिक मात्रा में रेत के परिवहन से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। हालांकि इस छापेमारी में डंपरों को पकड़ा गया, लेकिन नदियों से रेत खनन के स्रोतों को बंद न करने पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रशासन के एक वर्ग के संरक्षण में ही यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है।

हाल ही में पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे रेत खनन और अधिक खतरनाक हो गया है। गुरुवार को डायना नदी में तेज धारा में बहने से दो लोगों की मौत हो गई। इस स्थिति में भी अवैध और खतरनाक रेत खनन कैसे जारी है, इसे लेकर स्थानीय लोग और विपक्षी दल आक्रोश जता रहे हैं। उनका कहना है कि नदियों के किनारे क्षरण हो रहा है, जो पर्यावरण और कृषि के लिए गंभीर खतरा है।

विपक्षी नेता विश्वजीत दास ने आरोप लगाया, “मुख्यमंत्री बार-बार अवैध तस्करी रोकने का निर्देश देती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता के कारण रेत माफिया बेलगाम हो गए हैं।” उन्होंने कहा, “नदियों से रेत खनन के मुख्य चक्र को तोड़े बिना इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।”

प्रशासन ने बताया कि जब्त डंपरों के चालकों से पूछताछ जारी है और तस्करी चक्र में शामिल लोगों की पहचान के लिए जांच शुरू हो गई है। भू-राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “हम मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि नदियों से अवैध रेत खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और चेकपोस्ट स्थापित करने की योजना है।

इस घटना पर स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही। कुछ ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया, लेकिन कई का मानना है कि जब तक खनन के स्रोत पर रोक नहीं लगती, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन से और सख्त कदम उठाने की मांग हो रही है।

जूनियर डॉक्टरों को फिर एक बार ममता बनर्जी ने बुलाया

कोलकाता : आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  ने जूनियर डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल को आज शाम 5 बजे अपने आवास पर बैठक के लिए आमंत्रित किया है। मुख्य सचिव मनोज पंथ ने जूनियर डाॅक्टरों को इस संबंध में ईमेल के जरिये जानकारी दी है. इस बार भी पत्र में वीडियो रिकार्डिंग का जिक्र नहीं है।

ई-मेल में कहा गया है है कि,9 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि जूनियर डॉक्टर 10 सितंबर से शाम 5 बजे तक काम पर लौट आएं। नागरिक होने के नाते सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना हमारा कर्तव्य है। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आप लोगों की मुलाकात कराने का यह हमारा पांचवां और आखिरी प्रयास है। आपके पहले दिन के बयान के अनुसार, इस बैठक की कोई वीडियोग्राफी या सीधा प्रसारण नहीं होगा, क्योंकि मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है। बैठक के विस्तृत विवरण पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर होंगे।

आरजी कर मामले को लेकर आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टरों एवं मुख्यमंत्री के बीच शनिवार को होनेवाली वार्ता रद्द हो गयी थी। जूनियर डॉक्टरों ने पहले बैठक का लाइव प्रसारण करने की शर्त रखी थी, जिसे सरकार ने मानने से इंकार कर दिया। बाद में वे बिना लाइव प्रसारण व वीडियो रिकॉर्डिंग के भी बैठक के लिए तैयार हो गये। लेकिन आखिर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने उन्हें यह कह कर लौटा दिया है कि अब रात अधिक हो गयी है, बैठक नहीं हो सकती। सरकार के इस रवैये पर जूनियर डॉक्टरों ने अपना गुस्सा भी जाहिर किया था।

जुनियार डॉक्टरों का कहना है कि अगर ममता बनर्जी सभी पांच शर्तें मान लें तो वे एक घंटे में काम पर लौट आएंगे

कोलकाता :  कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस के एक महीने के बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच कोलकाता में डॉक्टर्स पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत करने के लिए तैयार हो गए हैं। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने ममता बनर्जी से मुलाकात करने के लिए समय मांगा है। हालांकि, बैठक का लाइव प्रसारण करने की शर्त रखी है।

एक डॉक्टर ने बताया कि अपने मेल में डॉक्टरों ने कहा कि वे किसी भी समय और कहीं भी बैठक के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि पूरी चर्चा का सीधा प्रसारण किया जाए। डॉक्टर ने कहा, ”हमने मुख्यमंत्री को बैठक के लिए पत्र लिखा है, जो आज या कल कभी भी और उनकी पसंद के अनुसार कहीं भी आयोजित की जा सकती है। लेकिन, बैठक का सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए।”

लंबे समय से डॉक्टर्स कोलकाता में स्वास्थ्य भवन, राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टर्स की मांग है कि 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर्स के साथ हुए रेप और मर्डर केस के आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सचिव समेत, कोलकाता पुलिस कमिश्नर आदि के इस्तीफे की भी मांग की गई है।

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों ने 10 सितंबर की शाम तक काम पर लौटने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना करते हुए बुधवार को 33 वें दिन भी हड़ताल जारी रखी। प्रदर्शनकारी चिकित्सक पिछले महीने एक सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या की शिकार एक चिकित्सक को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने सोमवार को प्रदर्शनकारी ‘रेजिडेंट डॉक्टरों’ को मंगलवार शाम पांच बजे तक काम पर लौटने का निर्देश देते हुए कहा था कि काम पर लौटने पर उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अदालत ने यह निर्देश तब दिया जब पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे आश्वासन दिया कि काम पर लौटने पर प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के खिलाफ दंडात्मक तबादलों सहित कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर घटना पर गतिरोध को सुलझाने के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि, प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि बैठक के लिए पत्र राज्य के स्वास्थ्य सचिव का था, जिनका वे इस्तीफा मांग रहे थे और उन्होंने इसे अपमानजनक बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रतिनिधियों की संख्या को 10 तक सीमित करना भी अपमानजनक था। कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की जांच कर रही है।

ममता बनर्जी के आवास पर हमला करने की साजिश रच रहे व्हाट्सएप ग्रुप के तीन गिरफ्तार

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल में व्हाट्सएप में “वी वांट जस्टिस” के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर आरजी कर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  के आवास पर हमला करने की साजिश रच रहे व्हाट्सएप ग्रुप के तीन मेंबर जिसमे ग्रुप क्रिएटर, ग्रुप एडमिन और ऑडियो मैसेज ग्रुप में पोस्ट करनेवाले को बांसद्रोनी थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए ग्रुप क्रिएटर का नाम स्वागत चटर्जी, ग्रुप एडमिन अरिजित दे और ऑडियो क्लिपिंग ग्रुप में भेजने का आरोपी शुभम सेन शर्मा बताया गया है।

पुलिस की माने तो उन्हें गुप्त रूप से खबर मिली थी कि आरजी कर की घटना के बाद राज्य सरकार के उदासीन रवैए के खिलाफ कुछ युवकों ने  व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। यह गिरोह सीएम आवास पर हमला करने की साजिश रच रहे हैं। इस ग्रुप में 363 मेंबर को जोड़ा गया है। यहां जो पोस्ट किया जा रहा है, उससे समाज में अशांति फैलने का खतरा फैलने की आशंका है। इस जानकारी के बाद पुलिस ने ग्रुप के क्रिएटर, ग्रुप एडमिन समेत तीन सदस्य को गिरफ्तार किया है। इस ग्रुप में 363 मेंबर में जिन्होंने अपनी राय ग्रुप में पोस्ट किया है, उन्हें नोटिस भेज कर लालबाजार में पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस सूत्र बताते हैं कि, व्हाट्सएप में ग्रुप बनाकर सीएम आवास के निकट कालीघाट में कहां इकट्ठा होना है, इस बारे में ऑडियो क्लिप जारी कर पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके बाद सीएम आवास के बाहर घेराव फिर हमला करने को लेकर ग्रुप में प्लानिंग की जा रही थी। जिस जानकारी के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का जनता से आवेदन है कि, सुनी सुनाई बातों में न आकर कानून अपने हाथों में न ले। कोई भी व्यक्ति शहर में अशांति फैलाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप या सोशल मीडिया का सहारा न लें। ऐसा करने पर वे कानून के दायरे में पड़ सकते हैं। अगर कोई ऐसा कर रहा है तो लोकल थाने में जाकर या फिर 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना देकर पुलिस की मदद करें। इससे समाज में शांति व्याप्त रह सके।

प्रदर्शन में शामिल हुए 3 स्कूल तो पुलिस ने भेज दिया कारण बताओ नोटिस

कोलकाता: आरजी कर अस्पताल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर पूरे देश में आक्रोश है।जगह-जगह पर इस घटना को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। कोलकाता में लोग इस घटना के विरोध में रैली निकाल रहे हैं।इसी बीच हावड़ा जिला निरीक्षक ने 3 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन स्कूलों पर आरोप लगें हैं कि उन्होंने स्कूल के समय के दौरान एक रैली आयोजित की थी।

इस नोटिस में यह दावा किया गया है कि ऐसी गतिविधियां छात्रों को खतरे में डालती हैं क्योंकि यह सुरक्षित नहीं है और यह बाल अधिकारों का उल्लंघन है। यह नोटिस हावड़ा के बलुहाटी हाई स्कूल, बलुहाटी गर्ल्स हाई स्कूल और बंट्रा राजलक्ष्मी बालिका विद्यालय को भेजा गया है। उनसे 24 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा गया है।

हालांकि बलुहाटी उच्च विद्यालय के प्रभारी शिक्षक का दावा है कि उन्होंने क्लास खत्म होने के बाद रैली निकाली थी। ये रैली महिला PGT डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाली गई थी।

बता दें कि सीबीआई ने लगातार इस मामले की जांच कर रही हैं। इस मामले में आरोपी संजय रॉय के साथ-साथ पूर्व प्रिंसिपल डॉ. संदीप घोष और पीड़िता के साथी 4 डॉक्टर के साथ एक वॉलिंटियर का पॉलीग्राफ टेस्ट हो रहा है। सीबीआई डॉ. घोष से 8 दिन में 88 घंटे से ज्यादा की पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से सीबीआई अधिकारियों की एक विशेष टीम टेस्ट करने के लिए कोलकाता पहुंची है।

इसी बीच कोलकाता पुलिस ने अपने बयान में कहा, ‘आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले में अदालत के आदेश के अनुसार, आरजी कर में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित सभी दस्तावेज आज SIT द्वारा CBI को सौंप दिए गए हैं।’ इसी बीच 9 अगस्त को महिला PGT डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में न्याय की मांग करते हुए मॉर्निंग वॉकर्स ने रविंद्र सरोवर में विरोध प्रदर्शन किया।

बंगाल की CM ने पीएम को लिखा पत्र, दुष्कर्म की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाने की रखी मांग

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा, जिसमें लिखा है, “मैं आपके ध्यान में लाना चाहती हूं कि देश भर में दुष्कर्म के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कई मामलों में दुष्कर्म के साथ हत्या भी की जाती है। यह देखना भयावह है कि देश भर में प्रतिदिन लगभग 90 बलात्कार के मामले होते हैं। इससे समाज और राष्ट्र का विश्वास और विवेक डगमगाता है। हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम इसे समाप्त करें ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।

ऐसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को कठोर केंद्रीय कानून के माध्यम से व्यापक तरीके से संबोधित करने की आवश्यकता है, जिसमें ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान हो।। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना पर भी प्रस्तावित कानून में विचार किया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में सुनवाई अधिमानतः 15 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पूरे देश में दुष्कर्म को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि हमें ऐसा सख्त कानून लाना होगा कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया 50 दिन के अंदर निपट जाए और दोषियों को सजा दी जा सकें।

महिलाकर्मियों की सुरक्षा के लिए बंगाल सरकार ला रही ‘रात्तिरेर साथी’ योजना

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में युवा डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद राज्य सरकार की ‘नींद’ टूट चुकी है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों सहित महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलापन बंद्योपाध्याय ने नबान्न में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई निर्णय लिये गये है। मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार ने आश्वासन दिया है कि नियमों को जल्द से जल्द राज्य के हर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में लागू किया जाएगा।

मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए ‘रात्रिरेर साथी ऐप’ की शुरूआत की गई है। इस ऐप के जरिये महिलाओं को कोलकाता पुलिस से मदद असानी से मिल सकती है। एक विशेष मोबाइल फोन ऐप को स्थानीय पुलिस स्टेशन या पुलिस नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। सभी कामकाजी महिलाओं के फोन में ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
अस्पताल में नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

कामकाजी महिलाओं के लिए अलग रेस्ट रुम होगा। सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और महिला छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की रात में तैनाती रहेगी। राज्य सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि जितना संभव हो उतनी महिलाओं को रात्रि ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए। यह भी देखा जाएगा कि महिला डॉक्टरों और नर्सों की ड्यूटी का शेड्यूल 12 घंटे से ज्यादा का न हो।

ममता बनर्जी ने जूनियर डाॅक्टर हत्याकांड पर कहा- अपराधियों को मिले फांसी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरजी कर अस्पताल में जूनियर डाॅक्टर हत्याकांड मामले में दोषियों को मौत की सजा देने की मांग की है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में फांसी की सजा का मुकदमा दायर किया जाना चाहिए। यदि राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है तो किसी अन्य जांच एजेंसी से भी इस मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए. राज्य सरकार हर तरह से सहयोग करने को तैयार है. लेकिन हमारी मांग है कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

आरजी कर की घटना का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, आरजी कर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर की मौत घृणित और अमानवीय है. मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैंने अपने परिवार में किसी को खो दिया है. इस घटना का कभी भी समर्थन नहीं किया जा सकता. मुझे लगता है कि जूनियर डॉक्टर जो विरोध जता रहे हैं वह उचित है. मैं उनकी मांगों से सहमत हूं. इस अपराध के लिए कोई माफी नहीं है।

ममता बनर्जी ने कहा ,मैं कल झाड़ग्राम में थी. जब मैंने यह खबर सुनी. मैंने लड़की के पिता और मां से भी बात की। मैंने प्रशासन को दोषियों की पहचान करने और तीन से चार दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला उठाने और यदि आवश्यक हो तो मौत की याचिका दायर करने का निर्देश दिया है.अपराधियों को फांसी देने की मांग करते हुए ममता बनर्जी ने आगे कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से फांसी के खिलाफ हूं लेकिन कुछ मामलों में ऐसी अनुकरणीय सजा की आवश्यकता होती है. ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे।

गौरतलब है कि आरजी कर अस्पताल के आपातकालीन विभाग के चौथे मंजिल के सेमिनार हॉल से शुक्रवार को युवा महिला डॉक्टर का शव बरामद किया गया था। पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया है। शनिवार सुबह से ही राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं. हर तरफ हंगामा जारी है।

बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की पैनी नजर, पीएम ने की उच्चस्तरीय बैठक

ढाका : बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम आवास में सुरक्षा मामलों की समिति की बड़ी बैठक की। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल बैठक में मौजूद थे।

बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम के बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बांग्लादेश की नेता शेख हसीना का सैन्य विमान उनके देश में उथल-पुथल के बीच दिल्ली से लगे गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर पहुंचा। माना जाता है कि जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी को पड़ोसी देश में बदलते घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। हालांकि, बैठक के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच मेघालय सरकार ने बॉर्डर पर कर्फ्यू लगा दिया है। बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर मेघालय के डिप्टी सीएम प्रेस्टोन तिनसॉन्ग ने कहा, आज शाम को मैंने बांग्लादेश के हालात को देखते हुए एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, बीएसएफ के आईजी मौजूद थे। हमने आज रात से बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। यह कर्फ्यू भारतीय क्षेत्र में जीरो पॉइंट या अंतरराष्ट्रीय सीमा पोल से 200 मीटर अंदर तक हर रोज शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा, जब तक कि हालात में सुधार नहीं हो जाता।

बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने जब प्रधानमंत्री आवास पर कब्जा कर लिया, तब शेख हसीना ने वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य परिवहन विमान से भारत पहुंचीं। उनका विमाने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरा। फिलहाल शेख हसीना एयरबेस में ही मौजूद हैं।

इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शेख हसीना से एयरबेस में ही मुलाकात की। अजीत डोभाल के साथ शेख हसीना ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। भारतीय वायुसेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां ​​उन्हें सुरक्षा मुहैया करा रही हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने दुर्गा पूजा आयोजन क्लबों को 85 हजार रुपये का अनुदान दिया

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा पूजा समितियों के लिए सरकारी अनुदान फिर बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष पूजा समितियों को 70 हजार रुपये दिये गये थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को घोषणा की कि इस साल 43,000 से अधिक पूजा समितियों को 85,000 रुपये दिये जायेंगे। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगले साल अनुदान को और बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बिजली बिल पर छूट बढ़ाने की भी घोषणा की है।

ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि इस साल 43 हजार क्लबों को दुर्गा पूजा के लिए 85 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वर्ष 2025 से यह अनुदान बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सीईएसई और राज्य बिजली वितरण बोर्ड से पूजा समितियों को बिजली शुल्क में 75 फीसदी छूट देने को कहा है। पिछले साल ममता ने बिजली दरों में 66 फीसदी की छूट देने का अनुरोध किया था। पिछले वर्ष 60 प्रतिशत की छूट दी गई थी।

ममता बनर्जी ने कहा, पूजा कार्निवल का आयोजन 15 अक्टूबर को कोलकाता में होगा। उन्होंने जिला प्रशासन से यह तय करने को कहा कि जिले में कार्निवल कब आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही सुररक्षा के विशेष इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि पूजा कार्निवल के दौरान पूजा पंडालों को सम्मानित भी किया जाता है।

अनंत अंबानी की शादी में आज मुंबई रवाना होंगी ममता बनर्जी

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज मुंबई जा रही हैं। ममता बनर्जी मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी समारोह में शामिल होंगी। वह गुरुवार दोपहर विशेष विमान से मुंबई के लिए उड़ान भरेंगी। नबन्ना के सूत्रों के मुताबिक, अनंत अंबानी के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को मुकेश अंबानी और उनके परिवार ने विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

ममता बनर्जी शिष्टाचार के नाते इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए वह शादी समारोह का हिस्सा बनने जा रही है। वह शुक्रवार को शादी समारोह में शामिल होंगी। ममता बनर्जी के अलावा इस कार्यक्रम में देश के कई अन्य राजनेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

अनंत अंबानी के विवाह समारोह में शामिल होने के अलावा, ममता बनर्जी के कई राजनीतिक कार्यक्रम भी हैं। शिवसेना के उद्धव गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ ममता बनर्जी के हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं। सुनने में आ रहा है कि ममता बनर्जी मुंबई में उद्धव से मुलाकात कर सकती हैं। वह बैठक गुरुवार को हो सकती है। शुक्रवार को उनकी एनसीपी के पवार खेमे के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, ममता 13 जुलाई की दोपहर कोलकाता लौटेंगी।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद अभिषेक बनर्जी ने मुंबई में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। हालांकि, मतदान के बाद तृणमूल नेता ने इंडिया अलायंस के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की थी। ममता बनर्जी अपने तीन दिवसीय मुंबई दौरे के दौरान उस काम की शुरुआत कर सकती हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी सामने हैं। गठबंधन को बरकरार रखते हुए बीजेपी को कैसे हराया जाए, इस पर भी उद्धव अनुभवी ममता से सलाह ले सकते हैं।

दक्षिण 24 परगना की हर सीट पर तृणमूल की जीत बरकरार

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के अंतर्गत आने वाले सभी लोकसभा सीटों पर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जीत बरकरार रखा है. इसी जिले में डायमंड हार्बर सीट भी आता है, जिसपर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने तीसरी बार जीत को कायम रखा है. दक्षिण (कोलकाता), जादवपुर, मथुरापुर और जयननगर (एससी) सीटों पर भी तृणमूल के उम्मीदवार ही विजयी रहे हैं।

राज्य में डायमंड हार्बर सीट पर हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे पर भी एक तरह की सबकी निगाहें टिकी थीं. इसकी वजह यह भी बतायी जा रही है कि यहां तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी बार भरोसा जताते हुए अपना उम्मीदवार बनाया। अभिषेक बनर्जी डायमंड हार्बर में तीसरे बार सांसद चुने गये हैं, जिनकी जीत का मार्जिन राज्य में ज्यादा रहा है. उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार को शिकस्त दी है. यहां भाजपा ने अपना उम्मीदवार अभिजीत कुमार को बनाया था, जबकि माकपा ने प्रतिकुर रहमान को मैदान में उतारा था।

वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में तृणमूल नेता बनर्जी को 7,91,127 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 56.15 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीलांजन राय को हराया था, जिन्हें 4,70,533 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 33.39 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में माकपा के उम्मीदवार डॉ फुआद हलीम को 93,941 वोट मिले थे।

दक्षिण 24 परगना के अंतर्गत आने वाला कोलकाता (दक्षिण) सीट भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. उक्त संसदीय क्षेत्र में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद 1991 से वर्ष 2009 तक हुए लोकसभा चुनाव व लोकसभा उप-चुनाव में विजयी होती आयी हैं। वर्ष 2011 में तृणमूल के पश्चिम बंगाल के सत्ता में आने के बाद सुश्री बनर्जी ने सांसद पद से इस्तीफा दिया, जिसके बाद यहां हुए उपचुनाव में तृणमूल से सुब्रत बक्शी विजयी हुए, जो वर्ष 2014 में भी इस सीट से सांसद चुने गये। वर्ष 2019 में माला राय तृणमूल की उम्मीदवार के तौर पर उक्त सीट से विजयी हुईं। इस बार हुए लोकसभा चुनाव में तृणमूल ने फिर राय पर भरोसा जताया और यहां से उन्हें पार्टी की उम्मीदवार बनाया।

माला राय ने इस सीट पर तृणमूल की जीत को कायम रखा. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को देबश्री चौधरी को शिकस्त दी है। यहां चुनाव के मैदान में माकपा की ओर से सायरा शाह हलीम भी थीं। गत लोकसभा चुनाव में माला राय को 5,73,119 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 47.50 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार चंद्र कुमार बोस को हराया था, जिन्हें 4,17,927 वोट मिले थे, जो कुल वोट का लगभग 34.64 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में इस सीट पर माकपा उम्मीदवार नंदिनी मुखर्जी को 1,40,275 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 11.63 प्रतिशत था।

जयनगर (एससी) लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने इस बार भी प्रतिमा मंडल को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने एक बार फिर भाजपा उम्मीदवार अशोक कंडारी के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया। गत लोकसभा चुनाव में भी इस सीट पर मंडल और भाजपा नेता कंडारी के बीच ही मुख्य मुकाबला था। इस बार आरएसपी ने अपना उम्मीदवार समरेंद्रनाथ मंडल को बनाया। गत लोकसभा चुनाव में मंडल को 7,61,206 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 56.13 प्रतिशत था। मंडल ने भाजपा उम्मीदवार अशोक कंडारी को हराया था, जिन्हें 4,44,427 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 32.77 प्रतिशत था।

उक्त लोकसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी की युवा इकाई की प्रदेश अध्यक्ष सायनी घोष को पहली बार देश के आम चुनाव में मौका दिया। उन्होंने अपने दल के विश्वास को टूटने नहीं देते हुए यहां से पार्टी की जीत को बरकरार रखा। सायनी घोष ने यहां भाजपा उम्मीदवार डॉ. अनिर्वाण गांगुली को हार का मुंह दिखाया। यहां पर माकपा ने अपना उम्मीदवार सृजन भट्टाचार्य को बनाया था। गत लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट पर तृणमूल उम्मीदवार मिमी चक्रवर्ती को 6,88,472 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 47.91 प्रतिशत था. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को अनुपम हाजरा को हराया था, जिन्हें 3,93,233 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 27.36 प्रतिशत था। गत लोकसभा चुनाव में माकपा उम्मीदवार विकास रंजन भट्टाचार्य को 3,02,264 वोट मिले थे, जो यहां हुए कुल मतदान का करीब 21.04 प्रतिशत था। इस बार हुए लोकसभा चुनाव में मिमी को तृणमूल ने उम्मीदवार नहीं बनाया।

राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल ने मथुरापुर सीट पर इस बार हुए लोकसभा चुनाव में भी बापी हालदार को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने यहां पर अपनी पार्टी की जीत फिर बरकरार रखी। उन्होंने यहा भाजपा के उम्मीदवार अशोक पुरकाइत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन किया। उक्त सीट पर माकपा ने अपना उम्मीदवार पिछले बार की तरह डॉ. शरद चंद्र हालदार को बनाया था। गत लोकसभा चुनाव यानी वर्ष 2019 में उक्त सीट पर तृणमूल के उम्मीदवार चौधरी मोहन जाटुआ थे, जिन्हें 7,26,828 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 51.84 प्रतिशत था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार श्यामा प्रसाद हालदार को शिकस्त दी थी, जिन्हें 5,22,854 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का लगभग 37.2 प्रतिशत था।

ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल का बताया फर्जी

कोलकाता: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जारी एग्जिट पोल मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर लेकर आई है। एग्जिट पोल को लेकर अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने सर्वे को फर्जी करार दिया। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मजबूत रहने की सलाह दी। एक इंटरव्यू में तृणमूल सुप्रीमो ने कहा ‘हमारे राज्य के बारे में एग्जिट पोल में जो दिखाया जा रहा है, उस पर में विश्वास नहीं करती। यह बिल्कुल फर्जी है।

शनिवार को आखिरी दौर की वोटिंग के बाद कई एंग्जिट पोल सर्वे में बंगाल में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बताया गया है। ममता उन सारे सर्वे फर्जी बता दिया। उन्होने कहा कि मीडिया कैसे कह रहा है, किस सीट पर कौन जीतेगा, कितने पैसे में? में इस मीडिया के सर्वे को सवीकार नहीं करती। सीएम ने TMC कार्यकर्ताओं से कहा कि मजबूती के साथ रहें ओर काउंटिंग के दिन सतर्क रहे। ममता ने आगे कहा कि मीडिया ने जो दिखाया है, उससे दोगुनी सीटें TMC जीतेगी।

वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ दल की संभाित सीटों की संख्या के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, में किसी संख्या पर नहीं जाऊगी, तेकिन में आपको एक बात बता सकती हूं, जिस तरह से हमने जमीनी स्तर पर काम किया, लोगों से बातचीत की मेंने कभी नहीं सोचा है कि तोग हमें वोट नहीं देंगे। ममता ने आगे कहा, में पहले नतीजे देखूंगी। में रिजल्ट देखने के बाद हिसाब तगाऊंगी। हमारे पास भी एक आंकड़ा है। हम ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय दलों को अपने साध जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस बीच में उन लोगों को बता दूँ जो इस बार मोदी जी को जिता रहे हैं वह इतनी आसानी से पास नहीं हो पाएंगे। यह सरकार कितने दिनों तक चलेगी, इसमें संदेह है।

इसके बाद ममता ने मीडिया पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने एग्जिट पोल को लेकर मीडिया पर निशाना साधा और कहा कि मैने इतनी बेशर्म मीडिया कभी नहीं देखी। वे यहां तक कह रहे हैं कि विपक्ष के लोग इस सीट पर हार रहे हैं, उस सीट पर हार रहे है। क्या इसका मतलब यह है कि उन्होंने बीजेपी से पेसा तिया है? रिजल्ट से पहले कैसे पता चलेगा कि किस सीट पर कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है।’