PM ইন্টার্নশিপ স্কিম’র রেজিস্ট্রেশন শুরু, জানুন আবেদন পদ্ধতি

২০২৫ সালের ইউনিয়ন বাজেটে প্রধানমন্ত্রী ইন্টার্নশিপ স্কিম (PMIS) এর জন্য ৮০০ কোটি টাকা বরাদ্দের ঘোষণা করেছিলেন আর্থিক মন্ত্রী নির্মলা সীতারামণ। এ বছর এই স্কিমের অধীনে যুবকদের জন্য নতুন সুযোগ সৃষ্টি করা হচ্ছে। প্রধানমন্ত্রী ইন্টার্নশিপ স্কিম ২০২৫-এ নিবন্ধন শুরু হয়ে গেছে এবং এটি সরকারি পোর্টালে উপলব্ধ। এতে যোগদান করতে আগ্রহী ছাত্র-ছাত্রীরা ১০ মার্চ ২০২৫ তারিখের মধ্যে আবেদন করতে পারবেন।

PMIS ২০২৫ স্কিমের লক্ষ্য এবং সুবিধা:

প্রধানমন্ত্রী ইন্টার্নশিপ স্কিমের অধীনে ২১-২৪ বছর বয়সী শিক্ষার্থীরা সুযোগ পাবেন দেশজুড়ে শীর্ষ ৫০০টি কোম্পানিতে ইন্টার্নশিপ করার। এই ইন্টার্নশিপের মাধ্যমে শিক্ষার্থীরা তাদের দক্ষতা বৃদ্ধি করতে পারবেন এবং হাতে-কলমে কাজের অভিজ্ঞতা লাভ করবেন। বিশেষ করে অটোমোবাইল, ফিনান্স, হোটেল ব্যবসা এবং প্রযুক্তি সেক্টরে এই ইন্টার্নশিপ সুযোগ পাওয়া যাবে।

এই স্কিমের মাধ্যমে নির্বাচিত প্রার্থীরা প্রতি মাসে ৬,০০০ টাকা সম্মানি পাবেন। অর্থাৎ, এটি একটি দুর্দান্ত সুযোগ ছাত্রদের জন্য, যারা তাদের দক্ষতা উন্নত করতে চান এবং কর্মক্ষেত্রে অভিজ্ঞতা অর্জন করতে চান।

PMIS ২০২৫ স্কিমের জন্য যোগ্যতা:

PMIS ২০২৫ স্কিমে আবেদন করতে হলে প্রার্থীদের কিছু শর্ত পূরণ করতে হবে:

– আবেদনকারীকে ভারতের নাগরিক হতে হবে।
– আবেদনকারীর বয়স ২১ থেকে ২৪ বছরের মধ্যে হতে হবে।
– আবেদনকারীকে অন্তত ১০ম বা ১২তম শ্রেণি পাশ অথবা স্নাতক/ স্নাতকোত্তর ডিগ্রী বা ডিপ্লোমা থাকতে হবে।
– আবেদনকারীকে পূর্ণকালীন বা আংশিক সময়ের চাকরি না থাকা উচিত।

এই শর্তগুলো পূরণ করলে আপনি PMIS ২০২৫ স্কিমে আবেদন করার জন্য উপযুক্ত হবেন।

PMIS ২০২৫ স্কিমের জন্য আবেদন প্রক্রিয়া:

PMIS ২০২৫ স্কিমের জন্য আবেদন প্রক্রিয়া বেশ সহজ এবং সোজা। আপনাকে নিম্নলিখিত পদক্ষেপগুলো অনুসরণ করতে হবে:

ধাপ ১: PMIS স্কিমের অফিসিয়াল ওয়েবসাইটে যান।
ধাপ ২: হোমপেজে নিবন্ধন লিঙ্কটি খুঁজুন এবং সমস্ত প্রয়োজনীয় তথ্য প্রদান করে নিবন্ধন করুন।
ধাপ ৩: নিবন্ধন প্রক্রিয়া সম্পন্ন হলে, আপনার তৈরি করা লগইন তথ্য ব্যবহার করে অ্যাকাউন্টে প্রবেশ করুন।
ধাপ ৪: পোর্টালে প্রদর্শিত নিবন্ধন ফর্মটি পূর্ণ করুন।
ধাপ ৫: ফর্মটি জমা দিন এবং ভবিষ্যতের রেফারেন্সের জন্য কনফার্মেশন পৃষ্ঠার কপি সংরক্ষণ করুন।

স্কিমের আওতায় আসা সেক্টরগুলি:

PMIS স্কিমের আওতায় যেসব সেক্টরে ইন্টার্নশিপের সুযোগ রয়েছে, সেগুলি হলো:

– অটোমোবাইল সেক্টর: অটোমোবাইল কোম্পানিতে ইন্টার্নশিপের মাধ্যমে প্রকৌশল এবং মেকানিক্যাল সেক্টরে অভিজ্ঞতা অর্জন করা যাবে।
– ফিনান্স সেক্টর: ব্যাংকিং, স্টক মার্কেট, এবং অন্যান্য ফিনান্সিয়াল সেবা সেক্টরে কাজের অভিজ্ঞতা পাওয়া যাবে।
– হোটেল ব্যবসা: হোটেল এবং রেস্টুরেন্ট ইন্ডাস্ট্রিতে কাজ করার সুযোগ পাবেন।
– টেকনোলজি সেক্টর: সফটওয়্যার ডেভেলপমেন্ট, ডেটা সাইন্স, এবং আইটি সেক্টরে ইন্টার্নশিপের মাধ্যমে অভিজ্ঞতা অর্জন করা যাবে।

PMIS ২০২৫ স্কিমের জন্য আবেদন করতে কেন সুবিধা?

এই স্কিমটি একদিকে যেমন ছাত্রদের জন্য শীর্ষ প্রতিষ্ঠানগুলিতে কাজ করার সুযোগ দেয়, তেমনি অন্যদিকে এটি তাদের দক্ষতা এবং অভিজ্ঞতাও বাড়ায়। ইন্টার্নশিপ শেষ হওয়ার পর, ছাত্ররা তাদের সিভি শক্তিশালী করতে পারেন এবং পরবর্তী ক্যারিয়ার অ্যাপ্লিকেশনগুলিতে আরো প্রতিযোগিতামূলক হয়ে উঠতে পারেন। এছাড়া, এই স্কিমের মাধ্যমে শিক্ষার্থীরা তাদের ভবিষ্যতের জন্য মূল্যবান নেটওয়ার্ক তৈরি করতে পারবেন।

PMIS ২০২৫ স্কিম সরকারের একটি উদ্যোগ, যা ভারতের যুব সমাজের দক্ষতা এবং কর্মসংস্থান সম্ভাবনা বাড়ানোর লক্ষ্যে চালু করা হয়েছে। এটি শিক্ষার্থীদের জন্য একটি বিশাল সুযোগ, যারা ইতিমধ্যেই উচ্চ শিক্ষা লাভ করেছেন অথবা শীঘ্রই শিখবেন। তাই, সময় নষ্ট না করে যত তাড়াতাড়ি সম্ভব আবেদন করুন এবং আপনার ক্যারিয়ারকে নতুন উচ্চতায় নিয়ে যান।

নির্ধারিত সময়সীমার মধ্যে আবেদন করতে ভুলবেন না, কারণ আবেদনপত্র জমা দেওয়ার শেষ তারিখ হলো ১২ মার্চ ২০২৫।

जयशंकर ने विदेश, अश्विनी वैष्णव ने रेलवे और गिरिराज सिंह सहित बाकी मंत्रियों ने संभाला पदभार

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। नई सरकार में चार हाई- प्रोफ़ाइल मंत्रालय – गृह, रक्षा, वित्त और विदेश का प्रभार क्रमशः अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और एस जयशंकर को दिया गया हैं।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सोमवार शाम को मंत्रियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा हो जाने के अगले दिन मंगलवार से मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालना शुरू कर दिया है।

अपने-अपने मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद मोदी सरकार के इन मंत्रियों ने जिम्मेदारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहते हुए अपने-अपने मंत्रालय की चुनौतियों और प्राथमिकताओं के बारे में भी बताया।

राजनयिक से नेता बने एस. जयशंकर ने मंगलवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए विदेश मंत्री के रूप में पदभार संभाला। जयशंकर (69) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें पिछली सरकार में संभाले गए मंत्रालयों की ही जिम्मेदारी दी गई है। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, ”विदेश मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। मुझे यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद।” विदेश मंत्री के रूप में वर्ष 2019 से कार्यभार संभालने वाले जयशंकर ने वैश्विक मंच पर कई जटिल मुद्दों को लेकर भारत के रुख को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने की अपनी क्षमता का आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया है।

भूपेंद्र यादव ने संभाला कार्यभार: पीएम मोदी कैबिनेट के मंत्री भूपेन्द्र यादव ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री का पदभार संभाला। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में इस मंत्रालय द्वारा पिछले कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पीएम मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की है। सरकार पर्यावरण और विकास को साथ-साथ लेकर आगे बढ़ रही हैं।

राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संभाला अपना कार्यभार: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संभाला कार्यभार और बोले, “पीएम नरेंद्र मोदी ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी दी है। इस जिम्मेदारी को सर्वोत्तम संभव तरीके से निभाऊंगा…”

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बार फिर से रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालते ही वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेल हमारे देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ की हड्डी है। दस वर्षों में रेलवे में बहुत बड़े सुधार हुए हैं, रेलवे के साथ पीएम मोदी का बहुत भावनात्मक संबंध है, रेलवे पर उनका खास फोकस है और उन्हें फिर से रेलवे की जिम्मेदारी देने के लिए वह प्रधानमंत्री के प्रति आभारी हैं।

अश्विनी वैष्णव ने सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्री के रूप में भी कार्यभार संभाला। सूचना और प्रसारण (I&B) मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार गरीबों के लिए समर्पित है। आपने देखा कि कल प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन गरीबों और किसानों को समर्पित फैसले लिए हैं। युवाओं और नारी शक्ति के लिए और ज्यादा काम करेंगे।

कैबिनेट मंत्री जितेंद्र सिंह के शेड्यूल में हुआ बदलाव: कैबिनेट मंत्री जितेंद्र सिंह के शेड्यूल में थोड़ा बदलाव किया गया है। डॉ. जितेन्द्र सिंह 11.30 बजे के बजाय सुबह 10 बजे कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्हें कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग दिया गया है।

जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने संभाला कार्यभार: मोदी की नई कैबिनेट में जहाजरानी मंत्री बनाए गए सर्बानंद सोनोवाल ने अपना कार्यभार संभाल लिया है।

गिरिराज सिंह ने संभाला टेक्सटाइल मिनिस्टर का कार्यभार: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल मिनिस्टर के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। गिरिराज सिंह ने कहा, “टेक्सटाइल ऐसा सेक्टर है जहां सबसे ज्यादा नौकरी आती है। आज दुनिया में भी हमारा निर्यात का अच्छा शेयर है। टेक्सटाइल आने वालों दिनों में देश के आकांक्षाओं के अनुरूप आगे जाएगा।”

हरदीप पुरी ने संभाला अपने मंत्रालय का कार्यभार: हरदीप पुरी ने अपने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। सुरेश गोपी ने संभाला पदभार, कही दी ये बड़ी बात: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के राज्य मंत्री का पदभार संभाला लिया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी उपस्थित रहें। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने कहा, “यह मंत्रालय मेरे लिए नया है, मुझे इस मंत्रालय की उम्मीद नहीं थी, इसलिए यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझे निश्चित रूप से उन संभावनाओं पर गौर करना होगा, जिस पर प्रधानमंत्री मुझसे आशा कर रहे हैं…”

मनोहर लाल खट्टर ने संभाला बिजली मंत्री का पदभार: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली मंत्री का पदभार संभाल लिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नए मंत्रिमंडल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री का कार्यभार संभाला। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “प्रधानमंत्री ने जो जिम्मेदारी दी है उसे इमानदारी से निभाने के संकल्प के साथ यहां आया हूं। फूड प्रोसेसिंग एक बड़ी जिम्मेदारी है, आने वाला समय फूड प्रोसेसिंग का ही है… मैं, मेरे पिता राम विलास पासवान से सीखते हुए उनकी सोच को आगे बढ़ाते हुए और प्रधानमंत्री के विकसित देश के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से इस विभाग की एक अहम भूमिका देखता हूं।”

इनके अलावा एल. मुरुगन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला। तो संजय सेठ ने रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री का पदभार संभाला और किरेन रिजिजू ने संसदीय कार्य मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है।

कैबिनेट गठन के बाद बंगाल को भी मिला हजारों करोड़ रुपये

कोलकाता: मोदी कैबिनेट का गठन हो चुका है। अब केंद्र सरकार की ओर से राज्य के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई कैबिनेट के गठन के बाद पहली ही बैठक में केन्द्र मोदी सरकार ने बंगाल के लिए 10 हजार करोड़ रुपये जारी कर दिये। केंद्र सरकार राज्य सरकार को कर हस्तांतरण या अग्रिम किस्तें देती हैं।

केन्द्रीय बजट के अनुसर वर्ष 2024-25 के मद्देनजर राज्य सरकारों को कुल केंद्रीय बजट के अनुसर वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य को कुल 1,39,750.92 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। संयोग से, केंद्र यह पैसा राज्य के सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए देता है।

बंगाल को मिला 10,513.46 करोड़ रुपये

सर्वाधिक आवंटन उत्तर प्रदेश के लिए है, हमेशा की तरह योगी आदित्यनाथ के राज्य को 25,069.88 करोड़ रुपये मिले हैं। अगला नंबर है बिहार का है और नीतीश सरकार को 14,056.12 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं जबकि मध्य प्रदेश को 10,970.44 करोड़ रुपये और पश्चिम बंगाल को मिला है 10,513.46 करोड़ रुपये।

संयोग से प्रत्येक वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार के कर राजस्व का 41 प्रतिशत राज्य सरकारों को 14 किस्तों में भुगतान किया जाता है। 2024-25 के बजट के मुताबिक केंद्र सरकार राज्य सरकारों को कुल 12,19,783 करोड़ रुपये देगी। इस आवंटन के साथ, 10 जून 2024 तक राज्यों को हस्तांतरित किये गये कुल राशि (वित्त वर्ष 2024- 25 के लिए) रु. 2,79,500 करोड़ रुपये हैं।

स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी…मोदी 3.0 में इन 20 मंत्रियों का कटा पत्ता, कैबिनेट से हो गई छुट्टी

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी रविवार (9 जून) को लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ले रहे हैं । जिस तरह से नरेंद्र मोदी की चर्चा हो रही है, उसी तरह उनकी नई कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गरम है। हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि इस बार किन चेहरों को मोदी 3.0 सरकार में शामिल किया जाएगा. मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी के साथ 65 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

इस बार बीजेपी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है और वह एनडीए के सहयोगियों के दम पर तीसरी बार सरकार बना रही है। ऐसे में एनडीए के सहयोगी दलों को भी कैबिनेट में जगह दी जा रही है। यही वजह है कि इस बार कुछ बड़े बीजेपी नेताओं की कैबिनेट से छुट्टी होने वाली है, जिसमें स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर तक जैसे नेताओं के नाम हैं। ऐसे में आइए उन नेताओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाली है।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में स्मृति ईरानी से लेकर राजीव चंद्रशेखर सरीखे नेताओं को अहम मंत्रालयों का जिम्मा दिया गया था। इसी तरह से अनुराग ठाकुर भी खेल मंत्रालय संभाल रहे थे. हालांकि, मोदी 3.0 में अब कुल मिलाकर 20 नेताओं की एंट्री नहीं होने वाली है, क्योंकि पीएम आवास पर संभावित मंत्रियों की बैठक हो चुकी है, जिसमें ये नेता नहीं पहुंचे हैं। इससे ये साफ हो गया कि इन्हें इस बार मोदी कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा।

जिन नेताओं को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। उसमें स्मृति ईरानी, अनुराग ठाकुर, राजीव चंद्रशेखर, अजय मिश्रा टेनी, जनरल वीके सिंह, अश्विनी चौबे और नारायण राणे का नाम शामिल है। इसी तरह से अजय भट्ट, साध्वी निरंजन ज्योति, मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, निशीथ प्रमाणिक, सुभाष सरकार, जॉन बारला, भारती पंवार, रावसाहेब दानवे, कपिल पाटिल, नारायण राणे और भगवत कराड को भी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है।

हालांकि, इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जिन्हें चुनावी हार मिली है, जबकि कुछ को इस बार बीजेपी ने लोकसभा का टिकट भी नहीं दिया था। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्हें टिकट भी मिला और वह चुनाव भी जीते, लेकिन कैबिनेट से उन्हें दूर रखा गया है।

जीतने वाले नेता: अजय भट्ट, अनुराग ठाकुर और नारायण राणे ऐसे नेता हैं, जो अपनी-अपनी सीटों से भारी मतों से जीतकर आए हैं. इसके बाद भी उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा गया है ।

हारने वाले नेता: साध्वी निरंजन, आर के सिंह, अर्जुन मुंडा, स्मृति ईरानी, राजीव चंद्रशेखर, निशीथ प्रमाणिक, अजय मिश्र टेनी, सुभाष सरकार, भारती पंवार, राव साहेब दानवे और कपिल पाटिल को इस बार चुनाव में हार मिली।

टिकट कटा: मीनाक्षी लेखी, राजकुमार रंजन सिंह, जनरल वीके सिंह, जॉन बारला और अश्विनी चौबे को इस बार टिकट नहीं दिया गया था।

नरेंद्र मोदी तीसरी बार लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

नई दिल्ली :  लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बहुमत हासिल करने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ के लिए आमंत्रित किया है। आज, यानी 9 जून की शाम नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।

देश के निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, यानी 9 जून को तीसरी बार देश की सत्ता संभालने जा रहे हैं। 9 जून को प्रधानमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेने के साथ ही वह पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद ऐसा करनेवाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। इस ऐतिहासिक समारोह का गवाह बनने के लिए विदेश से भी प्रतिनिधि आ रहे हैं। इनमें मालदीव, श्रीलंका, बांग्लादेश सहित कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हैं. ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आप इस ऐतिहासिक पल के कैसे साक्षी बन सकते हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित कर दिया है। इस बार पीएम मोदी की कैबिनेट में एनडीए गठबंधन दलों के नेताओं को भी वरीयता मिलेगी। इस गठबंधन में बीजेपी के अलावा टीडीपी, जेडीयू, एनसीपी, शिवसेना, एलजेपी रामविलास, समेत अन्य पार्टी और निर्दलीय सांसद भी शामिल हैं। सबने मिलकर नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है. नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण की तारीख 9 जून की रखी गई है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनने जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज, यानी 9 जून को शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। पीएम मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए ऐतिहासिक शपथ लेने वाले हैं।

 

प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज, ऐतिहासिक पल के साक्षी होंगे कई राष्ट्राध्यक्ष

नई दिल्ली : अठारहवीं लोकसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने जा
रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेता नरेन्द्र मोदी के सप्ताहांत होने वाले
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। पड़ोसी देशों के कई राष्ट्राध्यक्ष इस ऐतिहासिक पल के साक्षी
होंगे। अभी तक नेपाल, भूटान, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों के बीच बताया गया है कि आमंत्रित किए जाने वाले विदेशी नेताओं में बांग्लादेश,
श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मॉरीशस के शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं। इस बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल
विक्रमसिंघे के मीडिया विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित
किया है और विक्रमसिंघे ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात हुई है। राजनयिक सूत्रों का कहना है
कि इस बातचीत में मोदी ने हसीना को भी शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल के
प्रधानमंत्री से भी बातचीत हुई और उन्हें औपचारिक निमंत्रण आज भेजा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि 2014 में
नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों के नेता उपस्थित हुए थे। द्वितीय कार्यकाल के श्रीगणेश पर
2019 के शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के नेता शामिल हुए थे।

इस बीच भाजपा के शीर्ष नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 18वीं लोकसभा के चुनाव में जीत हासिल करने पर
विश्व के नेताओ से बधाई संदेश मिलने का सिलसिला जारी है। वह लगातार शुभकामनाओ के लिए एक्स हैउल पर
आभार भी ज्ञापित कर रहे है। उन्होने लातविया के राष्ट्रपति का आभार जताते तुए कहा है कि आपके गर्मजोशी भरे
संदेश के लिए धन्यवाद। हम लातविया के साथ अपनी दोस्ती को महत्व देते है और इस साझेदारी को और गहरा
करने के लिए तत्पर है।

मॉरीशस गणराज्य के प्रधानमंत्री प्रविद कुमार जगन्नाथ की एक्स पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
‘प्रधानमंत्री प्रविद कुमार जगन्नाथ जी आपके हार्दिक सदेश के लिए धन्यवाद। मोरीशास हमारी पड़ोसी प्रथम नीति,
विजन सागर और ग्लोबल साउथ के लिए हमारी प्रतिबद्धता के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मै हमारी विशोष
साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने की आशा करता हूं।”

भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग तोबगे की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे मित्र प्रधानमंत्री त्सेरिग तोबगे
आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद। भारत-भूटान संबंध निरतर मजबूत होते रहेगे।” नेपाल के प्रधानमंत्री
प्रचठ की पोस्ट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री कॉमरेउ प्रचंड जी आपकी शुभकामनाओ के
लिए धन्यवाद। भारत-नेपाल मैत्री को मजबूत करने के लिए निरतर सहयोग की आशा है।” श्रीलका के राष्ट्रपति
रानिल विक्रमसिचे की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद, श्री रानिल विक्रमसिघे। मै भारत-श्रीलका
आर्थिक साझेदारी पर हमारे निरंतर सहयोग की आशा करता हूं।” श्रीलका के कार्यकारी राष्ट्रपति महिदा राजपक्षे
की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद, मेरे मित्र महिंदा राजपक्षे। जैसे-
जैसे भारत-श्रीलका साझेदारी नई ऊचाइयों को छ रही है, मै आपके निरतर सहयोग की आशा करता हूं।”

श्रीलका के फील्ल मार्शल सरथ फोन्सेका की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद श्री सरथ फोन्सेका।
श्रीलका के साथ हमारे संबंध विशेष है। हम इसे और प्रगाढ़ तथा मजबूत बनाने के लिए श्रीलका की जनता के साथ
मिलकर काम करना जारी रखेंगे।” इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की पोस्ट के जवाब में प्रधानमंत्री ने
कहा. “आपकी शुभकामनाओ के लिए धन्यवाद प्रधानमत्री जियोर्जिया मेलोनी। हम भारत-इटली रणनीतिक
साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो साझा मूल्यों और हितो पर आधारित है। वैश्विक कल्याण
के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।”

मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइजू की पोस्ट का जवाब देते तुए प्रधानमंत्री ने कहा, “धन्यवाद राष्ट्रपति
मोहम्मद मुहजू। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में हमारा मूल्यवान साझेदार और पड़ोसी है। मै भी अपने द्विपक्षीय
संबंधो को और मजबूत करने के लिए निकट सहयोग की आशा करता हू।” जमैका के प्रधानमंत्री एड्यू होल्नेस की
पोस्ट के जवाब मे प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री एड्यू होल्नेस, आपका धन्यवाद। भारत-जमैका संबंधो की
पहचान सदियो पुराने लोगो के आपसी संबंधो से है। मै अपने लोगो के कल्याण के लिए आपके साथ मिलकर काम
करने के लिए उत्सुक हू।” बारबाउोस की प्रधानमंत्री सुश्री मिया अमोर मोटली की पोस्ट का जवाब देते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मिया अमोर मोटली, आपका धन्यवाद। मै अपने लोगो के कल्याण के लिए भारत
और बारबाडोस के बीच एक मजबूत साझेदारी के लिए आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।”

चुनाव प्रचार खत्म कर साधना में लीन होंगे PM मोदी, स्वामी विवेकानंद ने भी यहीं लगाया था ध्यान

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव का प्रचार समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साधना में लीन होने वाले है। वह कन्याकुमारी स्थित रॉक मेमोरियल पर एक दिन और एक रात ध्यान लगाएंगे। बताया जाता है कि यहीं पर कभी विवेकानंद ने साधना की थी।

लोकसभा चुनाव का प्रचार समाप्त होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी भी यहीं साधना में लीन होंगे। वह इसी कन्याकुमारी
स्थित रॉक मेमोरियल पर 24 घंटे गुजाने वाले है।

यह वही स्थान है, जहां एक समय स्वामी विवेकानंद ने ध्यान साधना की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ध्यान मंडपम में 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान लगाएंगे।

PM मोदी आज करेंगे कोलकाता में रोड शो, स्वामी विवेकानंद को देंगे श्रद्धांजलि

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली करेंगे। उनकी दोपहर 2.30 बजे बारासात में पब्लिक मीटिंग है। इसके बाद शाम 4 बजे जादवपुर में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।

इसके बाद पीएम कोलकाता पहुंचेंगे। शाम 5.55 बजे पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि देंगे। जिसके बद 6 बजे से कोलकाता में रोड शो करेंगे। इसकेो बाद शाम 7 बजे स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।

जिन कामों को 50 साल लगते, उन्हें महज तीन माह में किया गया’, शाह ने पीएम मोदी की तारीफों के बांधे पुल

Amit Shah Commends PM Modi

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जिन कामों को करने में किसी को 50 साल लगते उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन महीने में करके दिखा दिया। दरअसल, वह नए संसद भवन, चंद्रयान-3, जी-20 शिखर सम्मेलन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पीएम मोदी की सराहना कर रहे थे।

शाह ने शनिवार को एक सभा में कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का कायाकल्प करने और इसके वैज्ञानिकों को प्रेरित करने के साथ-साथ जी-20 शिखर सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया है कि भारत विकसित और विकासशील दोनों देशों के साथ है।

उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक के माध्यम से ‘मातृ शक्ति’ को सम्मान दिया है।उन्होंने कहा कि मैं बड़े विश्वास के साथ कह सकता हूं कि नरेंद्र भाई ने तीन महीने के भीतर चार काम पूरे किए, जबकि एक भी काम पूरा होने में 50 साल लग जाते। यह दिखाता है कि नरेंद्र भाई के नेतृत्व में एनडीए सरकार भारत को विश्व में उसका स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर शाह ने कहा कि यह वर्षों से अधर में लटका हुआ था। पर प्रधानमंत्री ने इसे पटरी पर ला दिया।

बता दें, अमित शाह अहमदाबाद पहुंचे थे, यहां उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मोदी ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा को हकीकत में बदल दिया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो का कायाकल्प किया और अन्य वैज्ञानिकों को भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में शीर्ष पर ले जाने की कल्पना के साथ प्रेरित किया। चांद पर तिरंगा देखना पूरे देश और दुनिया के लिए सौभाग्य की बात है।

शाह ने कहा कि कई देशों में जी-20 का आयोजन हो चुका है। पर सभी देशों के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि भारत ने जिस तरह से जी-20 का आयोजन किया, वह आने वाले 25 वर्षों तक सभी देशों के लिए चुनौती होगा। उन्होंने कहा, ‘जी-20 का आयोजन इतना शानदार था कि रूस, चीन और अमेरिका की मौजूदगी के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को चुनौती देने के बावजूद हमारे प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया को संदेश देते हुए सर्वसम्मति से घोषणापत्र जारी कराया।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अफ्रीकी संघ को जी-20 की सदस्यता दिलाने में मदद की और संदेश दिया कि भारत विकसित और विकासशील दोनों देशों के साथ है। शाह ने विश्वकर्मा योजना के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन लोगों को आगे लाने और समान दर्जा देने के लिए कदम उठाए जो विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन समाज में पिछड़ गए हैं।

Chhattisgarh: भूपेश बघेल सरकार पर पीएम मोदी का बड़ा हमला

PM Modi Launches Scathing Attack on Chhattisgarh

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर दौरे पर हैं. बिलासपुर में रोड शो करने के बाद पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघले सरकार पर जमकर हमला बोला है. पीएम मोदी ने कहा, छत्तीसगढ़ में परिवर्तन तय हो गया है. रैली में दिखने वाला उत्साह परिवर्तन का उद्घोष है. कांग्रेस सरकार के अत्याचारों से त्रस्त राज्य की जनता कह रही है अब नहीं सहेंगे और बदल के रहेंगे.

पीएम ने कहा कि कांग्रेस न चाहते हुए भी महिला आरक्षण बिल का संसद में समर्थन किया था.पीएम ने कहा कि मैं बिलासपुर बहुत बार आया हूं. संगठन का काम करता था तब भी मैं यहां आता था और पीएम बनने के बाद भी आपके बीच में आया हूं, लेकिन मैंने ऐसा उत्साह कभी नहीं देखा. वहीं, भूपेश बघेल सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, यहां रोजगार के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है. अटल जी ने छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं को समझते हुए इस प्रदेश का निर्माण किया था.

ये बीजेपी ही है जिसने छत्तीसगढ़ के लोगों को समझा है.छत्तीसगढ़ की सरकार पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा, छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बीजेपी केंद्र में हो या राज्य में पूरी तरह से समर्पित रही है. मैं आपको ये गारंटी देने के लिए आया हूं, आपके हर सपने को साकार करने के लिए मोदी कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगा. आप लिख लीजिए ये मोदी की गारंटी है आपका सपना मोदी का संकल्प है. राज्य के हर परिवार का सपना तभी साकार होगा जब यहां भी भाजपा सरकार होगी. दिल्ली से मैं जितनी कोशिश करू यहां की कांग्रेस सरकार उसको फेल करने जुटी हुई होती है.उन्होंने कहा, पिछले पांच साल में छत्तीसगढ़ को केंद्र से हजारों करोड़ रुपए मिले हैं, हमने छत्तीसगढ़ के लिए आपके लिए पैसे की कोई कमी नहीं रखी है. ये बात यहां के उप-मुख्यमंत्री ने कहा था.

अगर कांग्रेस सरकार के उपमुख्यमंत्री भरी सभा में कहते हैं कि दिल्ली कभी अन्याय नहीं करती है तो फिर हर एक खुशी होनी चाहिए लेकिन कांग्रेस पार्टी में उफान मच गया.यहां के धान किसानों का दाना-दाना केंद्र की बीजेपी सरकार खरीदती है. छत्तीसगढ़ के किसानों का धान खरीदकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम दी है. मैं फिर विश्वास दिलाता हूं कि बीजेपी धान किसानों के लिए समर्पित है. इसलिए सरकार बनेगी तो किसानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा. मोदी एक रुपया भेजता है तो सौ के सौ पैसे पहुंचते हैं. पीएम किसान सम्मान निधि के तहत छत्तीसगढ़ के किसानों के खाते में 28 हजार रुपए तक पहुंचे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम किसानों को 300 रुपए में यूरिया की एक बोरी देते हैं जबकि दुनिया में उसकी कीमत 3000 के आसपास है. बीजेपी सरकार का प्रयास है कि गरीबों के जीवन में सुधार हो और स्तर में सुधार हो. जब मेरे देश के गरीबों का कल्याण होता है तो मेरा जीवन धन्य हो जाता है. हमने शौचालय बनाया तो लोगों की मुश्किलें कम हुई. हमने उज्जवला का मुफ्त कनेक्शन दिया तो गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति मिली. हाल ही में उज्जवला गैस सिलेंडर को 400 रुपए सस्ता किया गया है.

महिला आरक्षण का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, बीजेपी सरकार ने इसका रास्ता साफ किया है, लेकिन खासकर माताओं-बहनों को बहुत सतर्क रहना होगा. यह बिल 30 साल से लटका हुआ था. कांग्रेस और इसके घमंडी साथियों को लग रहा है कि मोदी ने क्या कर दिया. उनको लगता है कि सारी माताएं-बहनें मोदी को ही आशीर्वाद देंगी. न चाहते हुए भी संसद में उनको बिल का समर्थन करना पड़ा.

तेलंगाना दौरे पर जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, राज्य को देंगे 13500 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

Modi demands at public meeting in Himachal Pradesh

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) चुनावी राज्य तेलंगाना का दौरा करने वाले हैं. पीएम मोदी 1 अक्टूबर को महबूबनगर जिले के दौरे के बाद 3 अक्टूबर को निजामाबाद पहुंचेंगे.

प्रधानमंत्री दोनों स्थानों पर विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी सार्वजनिक बैठकों को भी संबोधित करेंगे. तेलंगाना में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.

तेलंगाना की मुख्य सचिव शांति कुमारी ने शुक्रवार को अधिकारियों को प्रधानमंत्री की निज़ामाबाद यात्रा के लिए संबंधित विभागों के साथ निकट समन्वय में फुलप्रूफ व्यवस्था करने का निर्देश दिया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से 800 मेगावाट की रामागुंडम एनटीपीसी परियोजना का उद्घाटन करेंगे.

मुख्य सचिव ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और पीएम की यात्रा के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया. मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को ब्लू बुक के अनुसार, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया. इसी प्रकार, अग्निशमन, स्वास्थ्य, बिजली, आरएंडबी और अन्य विभागों को भी व्यापक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

PM MODI: ভোটমুখী রাজ্যগুলি থেকে সরানো হচ্ছে প্রধানমন্ত্রীর ছবি

ভোটমুখী পাঁচ রাজ্যের জন্য নয়া নির্দেশিকা জারি করল জাতীয় নির্বাচন কমিশন। করোনাকালে সাত দফায় দেশের পাঁচ রাজ্য অর্থাৎ পাঞ্জাব, গোয়া, উত্তরপ্রদেশ, উত্তরাখণ্ড ও মণিপুরে ভোট। মোট ৭ দফায় হবে এই ভোটগ্রহণ। এরই মাঝে নির্বাচনী আচরণ বিধি লাগু হয়ে গিয়েছে। যদিও এই আচরণ বিধি যাতে লঙ্ঘন না হয় তার জন্য বড় ঘোষণা করেছে কমিশন।

ভোটমুখী ওই পাঁচ রাজ্যে করোনা টিকার শংসাপত্র থেকে দেশের প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীর নাম সরিয়ে ফেলা হবে বলে খবর। জানা গিয়েছে, ভোটমুখী গোয়া, মণিপুর, পাঞ্জাব, উত্তরাখণ্ড ও উত্তর প্রদেশের জনগণকে দেওয়া টিকাকরণ শংসাপত্র থেকে মোদীর ছবি অপসারণের জন্য কেন্দ্রীয় স্বাস্থ্য মন্ত্রক কোউইন প্ল্যাটফর্মে প্রয়োজনীয় ফিল্টার প্রয়োগ করবে শীঘ্রই। উল্লেখ্য, নির্বাচন কমিশন শনিবার পাঁচটি রাজ্যের জন্য ভোটের সময়সূচী ঘোষণা করে। ১০ ফেব্রুয়ারি থেকে ৭ মার্চ পর্যন্ত ভোটগ্রহণ হবে এবং গণনা হবে আগামী ১০ মার্চ। ১০ ফেব্রুয়ারি উত্তরপ্রদেশে প্রথম দফার ভোটগ্রহণ। পাঞ্জাব, গোয়া ও উত্তরাখণ্ডের সঙ্গে উত্তরপ্রদেশের দ্বিতীয় দফার ভোট ১৪ ফেব্রুয়ারি। উত্তরপ্রদেশে তৃতীয় দফার ভোটগ্রহণ ২০ ফেব্রুয়ারি। ২৩ ফেব্রুয়ারি চতুর্থ দফার ভোট। মণিপুরে প্রথম দফা ও উত্তরপ্রদেশে পঞ্চম দফার ভোটগ্রহণ ২৭ ফেব্রুয়ারি। উত্তরপ্রদেশে ষষ্ঠ দফার ভোট ও দ্বিতীয় দফার ভোট মণিপুরে ৩ মার্চ। উত্তরপ্রদেশে সপ্তম দফার ভোটগ্রহণ ৭ মার্চ। ১০ মার্চ ভোটের ফল ঘোষণা।

প্রসঙ্গত, চলতি বছরের শুরুতে আসাম, পশ্চিমবঙ্গ, তামিলনাড়ু, পুদুচেরি এবং কেরালা বিধানসভার নির্বাচনের সময়ও একই ধরনের পরিবর্তন আনা হয়েছিল, যখন নির্বাচন কমিশন স্বাস্থ্য মন্ত্রককে চিঠি লিখে ভোটের সময় সরকারী বিজ্ঞাপনে রাজনৈতিক নেতাদের ছবি ব্যবহারের বিরুদ্ধে তাদের স্থায়ী নির্দেশাবলীর কথা স্মরণ করিয়ে দেয়। কেন্দ্রীয় কোউইন প্ল্যাটফর্মের মাধ্যমে শংসাপত্র তৈরি হওয়ায় স্বাস্থ্য মন্ত্রক ভোটমুখী রাজ্যগুলির প্রাপকদের জন্য ফিল্টার গুলি নিয়ে আসতে কয়েক দিন সময় নিয়েছিল।

 

 

মোদী চড়বেন বুলেট ও বিস্ফোরণ প্রতিরোধী ১২ কোটির এস-৬৫০ গার্ডে

PM Modi's convoy gets Mercedes-Maybach S650 Guard worth Rs 12 crore

News Desk: প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীর (Narendra Modi) সুরক্ষা আরও জোরদার করতে এবার বদলে ফেলা হল তাঁর গাড়ি। প্রধানমন্ত্রীর সুরক্ষার জন্য কেনা হল মার্সিডিজ মেবেক এস-৬৫০ গার্ড (s-650 guard)। কালো রঙের অত্যাধুনিক প্রযুক্তির এই গাড়িটির দাম পড়ছে ১২ কোটি টাকা। এতদিন প্রধানমন্ত্রী মূলত রেঞ্জ রোভার (range rover) ভগ ও টয়োটা ল্যান্ড ক্রুজার ব্যবহার করতেন।

অত্যাধুনিক প্রযুক্তির এবং বিশেষভাবে মজবুত এই গাড়িটি একাধিক দেশের রাষ্ট্রপ্রধান (head of a country) ব্যবহার করে থাকেন। এবার মোদীর জন্যও সেই গাড়ি আনা হল।

জানা গিয়েছে, একে-৪৭-এর গুলিতেও এই গাড়ির কোনও ক্ষতি হবে না। চলতি মাসের প্রথম দিকে রাশিয়ার প্রেসিডেন্ট ভ্লাদিমির পুতিনের সফরের সময় মোদীকে প্রথমবার এস-৬৫০ চড়তে দেখা গিয়েছিল।

উল্লেখ্য মার্সিডিজের এস সিরিজের গাড়িগুলি মূলত বিভিন্ন দেশের রাষ্ট্রপ্রধানরা ব্যবহার করে থাকেন। এই গাড়ির জানালায় রয়েছে পলিকার্বনেটের আস্তরণ। যা অনায়াসে স্টিলের বুলেট রুখে দিতে পারে। এই গাড়ি বিস্ফোরণ প্রতিরোধক বা ইআরভি। গাড়ি থেকে মাত্র ২ মিটার দূরে যদি ১৫ কেজি টিএনটি বিস্ফোরণ ঘটে তা হলেও গাড়িতে বিন্দুমাত্র আঁচ পড়বে না। পাশাপাশি এই গাড়ি গ্যাস হামলাও প্রতিরোধ করতে পারে। গাড়ির ভিতরে পরিশ্রুত বাতাস সরবরাহের জন্য নিচের দিকে রয়েছে একটি বিশেষ চেম্বার।

এতদিন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী টয়োটা ল্যান্ড ক্রুজার গাড়ি ব্যবহার করতেন। এই গাড়িতে ছিল ১৬ টি নজরদারি ক্যামেরা। কিন্তু তুল্যমূল্য বিচারে ল্যান্ড ক্রুজারের থেকেও এস-৬৫০ গার্ড আরো অনেক বেশী মজবুত, শক্তিশালী ও অত্যাধুনিক। এবার প্রধানমন্ত্রীর জন্য এই গাড়ি আনা হল।

PM Narendra Modi: সরদার প্যাটেল বেঁচে থাকলে অনেক আগেই মুক্ত হত গোয়া

Narendra Modi

News Desk, New Delhi: রবিবার ছিল গোয়ার (Mukti Divas) মুক্তি দিবস। এই দিনটিকে স্মরণ করতে আয়োজন করা হয়েছিল এক বিশেষ অনুষ্ঠান। সেই অনুষ্ঠানে যোগ দেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদি (Narendra Modi)। সেখানেই তিনি বলেন, সর্দার বল্লভভাই (Ballavbhai Patel) প্যাটেল যদি বেঁচে থাকতেন তাহলে অনেক আগেই গোয়া স্বাধীন হত। এদিন গোয়ার শ্যামাপ্রসাদ মুখোপাধ্যায় (Shyamaprasad Mukherjee) স্টেডিয়ামে এই বিশেষ অনুষ্ঠানে প্রধান অতিথি ছিলেন মোদি।

উল্লেখ্য, ১৯৪৭ সালে দেশ স্বাধীন হলেও গোয়া থেকে গিয়েছিল পর্তুগীজদের শাসনে। ভারতীয় সেনার অপারেশন বিজয় পর্তুগীজদের হাত থেকে গোয়াকে মুক্ত করে। সেই দিনটি স্মরণ করতে গোয়া প্রতি বছর ১৯ ডিসেম্বর মুক্তি দিবস হিসেবে পালন করে। এদিন অনুষ্ঠানের শুরুতেই অপারেশন বিজয়ে অংশগ্রহণকারী সেনাদের হাতে স্মারক সম্মান তুলে দেন প্রধানমন্ত্রী। আগামী বছরের শুরুতেই গোয়া বিধানসভা নির্বাচন। নির্বাচনের কথা মাথায় রেখে এদিন একাধিক প্রকল্পের উদ্বোধন সারেন প্রধানমন্ত্রী।

প্রধানমন্ত্রী এদিনের অনুষ্ঠানে বলেন, গোয়ার মুক্তির জন্য আমাদের বেশ কিছুদিন অপেক্ষা করতে হয়েছে। কিন্তু যদি সর্দার বল্লভভাই প্যাটেল বেঁচে থাকতেন তবে গোয়াকে কখনওই এত দীর্ঘ সময় মুক্তির জন্য অপেক্ষা করতে হত না। চলতি বছরেই দেশ আজাদি কা অমৃত মহোৎসব পালন করছে। সেই অনুষ্ঠানের সঙ্গে মিশে গিয়েছে গোয়ার মুক্তি দিবস। এটা ভেবে অত্যন্ত আনন্দ লাগছে।

এদিনের অনুষ্ঠানে গোয়ার বিজেপি জোট সরকারের ভূয়সী প্রশংসা করেন প্রধানমন্ত্রী। তিনি বলেন, মুখ্যমন্ত্রী প্রমোদ সাওয়ন্তের নেতৃত্বে রাজ্যে উন্নয়নের যে কাজ চলছে তা রীতিমতো হিংসা করার মত। মুখ্যমন্ত্রীর চেষ্টাতেই এ রাজ্যের প্রাপ্তবয়স্ক সকল মানুষই করোনার টিকা পেয়েছেন। যথারীতি এদিনের অনুষ্ঠানে গোয়ার প্রয়াত মুখ্যমন্ত্রী মনোহর পারিক্করের কথাও উল্লেখ করেন। আবেগের সঙ্গে তিনি বলেন, মনোহর যে কাজ শুরু করেছিলেন সেই কাজই শেষ করেছেন প্রমোদ। এটা অত্যন্ত ভালো একটা দিক। বিজেপি সরকার ক্ষমতায় এলে নিশ্চিতভাবেই গোয়ার এই উন্নয়ন অব্যাহত থাকবে।

Ganga Expressway: গঙ্গা এক্সপ্রেসওয়ে প্রকল্পের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন অনুষ্ঠানে ‘বিস্ফোরক’ মোদী

PM Modi lays foundation stone of Ganga Expressway

নিউজ ডেস্ক: আর মাস দুয়েকের মধ্যেই উত্তর প্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন। নির্বাচনের আগে ফ্রি-লান্সের রীতিমতো ছিলেন পড়ে গিয়েছে। শনিবার উত্তরপ্রদেশে গঙ্গা এক্সপ্রেসওয় প্রকল্পের (Ganga Expressway)  ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন করলেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী। এই প্রকল্পের জন্য খরচ হবে 36230 কোটি টাকা।

ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রী বলেন, উত্তরপ্রদেশে এখন মাফিয়ারা বুলডোজারের মুখে পড়েছে যত সুখ যে সমস্ত বেআইনি নির্মাণ ছিল সেগুলি গুঁড়িয়ে দেওয়া হচ্ছে ৷ তাই যারা এতদিন মাফিয়াদের মধ্যে এসেছে তাদের খুব কষ্ট হচ্ছে এজন্যই সাধারণ মানুষ বলে ইউপি প্লাস যোগী বি ইকুয়াল টু উপযোগী। শুক্রবারে সমাজবাদী পার্টির প্রধান তথা রাজ্যের প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী অখিলেশ যাদবের ঘনিষ্ঠ কয়েকজনের বাড়িতে হানা দেয় আয়কর দপ্তর। মুইন পুরীতে সমাজবাদী পার্টির শক্ত ঘাঁটি দেও বেশ কয়েকজনের বাড়িতে তল্লাশি করা হয় এর প্রেক্ষিতে অভিযোগ করেছেন বিজেপি সমস্ত কেন্দ্রীয় সংস্থাকে বিরোধীদের বিরুদ্ধে ব্যবহার করছে। তবে মোদী সরকার যাই করুক না কেন সাইকেলের গতি তারা কোনভাবেই থামাতে পারবে না আসলে সাইকেল হলো সমাজবাদী পার্টির নির্বাচনী প্রতীক।

অখিলেশের ওই মন্তব্যের কয়েক ঘন্টার মধ্যেই পাল্টা উত্তর দিয়েছেন মোদী তিনি এদিনের ভিত্তিপ্রস্তর স্থাপন অনুষ্ঠানে বলেন সকলেই জানেন আগে কিভাবে সরকারি অপব্যবহার করা হতো একসময় কোনো প্রকল্প এ রাজ্যে কোন প্রকল্প শুরু হতো কাগজে-কলমে আসলে মূল উদ্দেশ্য ছিল কয়েকজনের পকেট ভর্তি করা। কিন্তু সেই দিন আর নেই এখন জনগণের টাকায় উন্নয়নের কাজে ব্যয় করা হয় জনগণের টাকায় জনগণের প্রয়োজনেই খরচ হয়।

এই প্রকল্পের জন্য বিরোধীদের কটাক্ষ করে দিন উড়িয়ে দিয়েছেন তিনি বলেছেন কিছু কিছু রাজনৈতিক দল আছে যারা দেশের উন্নতি নয় নিজেদের উন্নতি পাখির চোখ করে বসে আছে আসলে ওই সব দল ভোটব্যাঙ্কের কথাই ভাবে তারা দেশকে এগিয়ে নিয়ে যাওয়া উন্নয়নের কথা ভাবে না। এই সমস্ত দলগুলির চায়না গরিব মানুষের উন্নতি হোক তাই এই দলগুলি কাশী বিশ্বনাথ অযোধ্যায় রাম মন্দির ঘুরতে গেলে আপত্তি জানায়। এই সমস্ত দলগুলির সেনাবাহিনীর কার্যকলাপ নিয়েও প্রশ্ন তোলেন এমনকি মেক ইন ইন্ডিয়া প্রকল্প কটাক্ষ করে। সকলকে মনে রাখতে হবে সরকার আসবে ও যাবে কিন্তু দেশের উন্নয়ন অগ্রগতি হলে সেটা চিরস্থায়ী হয় কিন্তু দুঃখের কথা এই যে দেশের উন্নয়ন অনেকেই মেনে নিতে পারে না।

গঙ্গায় ডুব দিয়ে মোদী বললেন, বিশ্বনাথের ইচ্ছা ছাড়া বেনারসে একটা পাতাও নড়ে না

modi-ganga

নিউজ ডেস্ক, বারানসী: নরেন্দ্র মোদী মানেই নতুন কোনও চমক। সোমবার দুপুরে মোদীর লোকসভা কেন্দ্র বারাণসীর (benaras)মানুষ এমনই এক চমকের সাক্ষী হলেন। এদিন বেনারসে কাশী বিশ্বনাথ করিডোরের (kashi viswanath coridor) উদ্বোধন করতে আসেন প্রধানমন্ত্রী। উদ্বোধনের আগে গঙ্গায় (ganga) ডুব দিয়ে সকলকেই চমকে দিলেন প্রধানমন্ত্রী।

কাশী বিশ্বনাথ মন্দির (biswanath temple) থেকে গঙ্গার তির পর্যন্ত যাওয়ার পথে যে সমস্ত মন্দির রয়েছে সেগুলিকে নতুন করে সারিয়ে এবং সাজিয়ে তোলা হয়েছে। যার নাম দেওয়া হয়েছে কাশী বিশ্বনাথ করিডোর।

আগামী বছরের শুরুতেই উত্তরপ্রদেশ বিধানসভা নির্বাচন। এই রাজ্যে হিন্দু ভোট একটা বড় ফ্যাক্টর। সেই ভোট বিজেপির বাক্সে আনতে চেষ্টার কসুর করছেন না মোদী। সেই লক্ষ্যেই এদিন তাঁর গঙ্গায় ডুব দেওয়া বলে মনে করছে রাজনৈতিক মহল। নির্ধারিত সময়ের এক ঘন্টা আগেই ১১টা নাগাদ মন্দির শহর বেনারসে পৌঁছন প্রধানমন্ত্রী। প্রথমে প্রধানমন্ত্রী যান কালভৈরব মন্দিরে। সেখানে মন্দিরে আরতি করার পর দেবতার উদ্দেশ্যে প্রণাম সারেন। সাড়ে ১১টা নাগাদ প্রধানমন্ত্রী পৌঁছন খিড়কিয়া ঘাটে।

তাঁর সঙ্গে ছিলেন উত্তরপ্রদেশের মুখ্যমন্ত্রী যোগী আদিত্যনাথ। মুখ্যমন্ত্রীকে নিয়ে কাশী বিশ্বনাথের মন্দিরে পুজো দিতে ঢোকেন বেলা ১২ টায়। পূজো দেওয়ার আগে মোদী গঙ্গায় ডুব দেন। তাঁর পরনে ছিল লাল পট্টবস্ত্র। এদিন গোটা দুনিয়া দেখল, দেশের প্রধানমন্ত্রী গঙ্গায় ডুব দিয়ে পুজোর ঘট মাথায় নিয়ে উঠছেন। ইতিমধ্যেই সোশ্যাল মিডিয়ায় মোদীর গঙ্গায় ডুব দেওয়ার ভিডিয়ো ভাইরাল হয়েছে। গঙ্গায় ডুব দেওয়ার পর মোদী বিশ্বনাথের মন্দিরে পুজো দিয়ে আরতি করেন। বিশ্বনাথ মন্দিরে প্রায় একঘন্টা সময় কাটান মোদী।

সোমবার সন্ধ্যায় বেনারসে গঙ্গা- আরতি দেখতেও উপস্থিত ছিলেন প্রধানমন্ত্রী। এদিন তিনি নিজের হাতে গঙ্গারতিও করেন।

মোদীর সঙ্গে এদিন কাশী বিশ্বনাথ মন্দির করিডোর উদ্বোধনে উপস্থিত ছিলেন দেশের বিজেপি শাসিত ১২টি রাজ্যের মুখ্যমন্ত্রীরা। বিহার ও নাগাল্যান্ডের উপমুখ্যমন্ত্রীরাও হাজির ছিলেন। এদিনের অনুষ্ঠানে প্রায় ৩০০০ বিশিষ্ট অতিথি উপস্থিত ছিলেন। মোদীর সফর ঘিরে বেনারস কার্যত দুর্গের চেহারা নেয়। উল্লেখ্য, ২০১৯ সালে এই কাশী বিশ্বনাথ করিডোর প্রকল্পের শিলান্যাস করেছিল মোদী। গঙ্গার পাড় থেকে বিশ্বনাথ মন্দির পর্যন্ত পাঁচ লক্ষ বর্গফুট এলাকা সাজিয়ে তোলা হয়েছে। এই প্রকল্পে ব্যয় হয়েছে ৩৩৯ কোটি টাকা।

এই করিডোর উদ্বোধনের পর প্রধানমন্ত্রী তাঁর ভাষণে বলেন, কাশিতে একজনের সরকার। তিনি হলেন মহাদেব। তাঁর ইচ্ছাতেই এই করিডোর তৈরি হয়েছে। এদিন করিডোর উদ্বোধনে প্রধানমন্ত্রী যে হিন্দু ভোটব্যাংককে পাশে যাওয়ার চেষ্টা করছেন তা তিনি প্রতিটি পদক্ষেপেই বুঝিয়ে দিয়েছেন। গঙ্গায় তিনি যখন ডুব দেন তখন তাঁর পরনে ছিল লাল রঙের পাঞ্জাবি। পুজো দেওয়ার পর তিনি যখন ভাষণ দিতে মঞ্চে ওঠেন তখন তাঁর গায়েছিল তসরের পাঞ্জাবি। কপালে ছিল চন্দনের তিলক। বিরোধীদের অভিযোগ, হিন্দু ভোট পেতে মরিয়া মোদী দ্রুত কাশি বিশ্বনাথ করিডোর উদ্বোধন করলেন। এখনও এই প্রকল্পের কাজ শেষ হতে অনেকটাই বাকি।

এদিন বিরোধীদেরও তোপ দেখেছেন প্রধানমন্ত্রী। মোদী বলেন, যারা এই প্রকল্পে রাজনীতির গন্ধ পাচ্ছেন তাদের জানিয়ে রাখি আপনারা ভুল করছেন। কাশিতে একটা মানুষের সরকার, তিনি হলেন ডমরুধর। বিশ্বনাথের ইচ্ছাতেই এই করিডোর তৈরি হয়েছে। বিশ্বনাথের ইচ্ছা ছাড়া এখানে একটি পাতাও নড়ে না। তাই আমি নয়, আমার দল নয়, এই করিডোর তৈরির সিদ্ধান্ত নিয়েছেন স্বয়ং বাবা বিশ্বনাথ। একই সঙ্গে প্রধানমন্ত্রীর দাবি, আজ থেকে আড়াইশো বছর আগে শেষবার কাশীর সংস্কার হয়েছিল। তারপর তাঁর সরকারই প্রথম কাশির সংস্কার ও উন্নয়নের কাজ করল। করোনাজনিত পরিস্থিতিতেও যেভাবে বেনারসের উন্নয়নের কাজ হয়েছে তার জন্য তিনি এলাকার প্রত্যেক মানুষকে ধন্যবাদ জানান। ধন্যবাদ ও শুভেচ্ছা জানিয়েছেন এই প্রকল্পের নির্মাণ কর্মীদের। নির্মাণের সঙ্গে যুক্ত থাকা শ্রমিকদের মাথায় তিনি পুষ্পবৃষ্টিও করেন।

Kashi Vishwanath Corridor: আজ কাশী বিশ্বনাথ করিডর উদ্বোধন করবেন প্রধানমন্ত্রী মোদী

Kashi Vishwanath Corridor

নিউজ ডেস্ক, বারাণসী: আজ, সোমবার কাশী বিশ্বনাথ করিডরের (Kashi Vishwanath Corridor) উদ্বোধন করবেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী (Naarendra Modi)। কাশী বিশ্বনাথ করিডোর জনগণকে উৎসর্গ করতে আজ তিনি বারানসী আসছেন৷

প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদীকে স্বাগত জানাতে বেনারসের শিল্প ও সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যকে তুলে ধরে বিশাল দেয়ালচিত্র তৈরি করা হয়েছে৷ একই সঙ্গে কাশী বিশ্বনাথ মন্দিরের কাছের বেশ কয়েকটি ভবনে আলোকসজ্জা করা হয়েছে। এদিন প্রধানমন্ত্রী মোদী বারাণসীর ঘাটে গঙ্গা ‘আরতি’ এবং উদযাপন দেখতে যাবেন৷

পিএমও জানিয়েছে, প্রকল্পের প্রথম পর্যায়ে ২৩টি ভবন উদ্বোধন করা হবে। এই ভবনগুলি তীর্থযাত্রীদের সুবিধা প্রদান কেন্দ্র, বৈদিক কেন্দ্র, মুমুক্ষু ভবন, ভোগশালা, সিটি মিউজিয়াম এবং ফুড কোর্ট সহ অনেক সুবিধা প্রদান করবে। এই প্রকল্পটি প্রায় পাঁচ লাখ বর্গফুটের বিশাল এলাকা জুড়ে বিস্তৃত৷ আগে এই কমপ্লেক্সটি প্রায় ৩,০০০ বর্গফুটের মধ্যে সীমাবদ্ধ ছিল। কোভিড-১৯ বৈশ্বিক মহামারী সত্ত্বেও প্রকল্পের কাজ যথাসময়ে সম্পন্ন হয়েছে। প্রায় ৩৩৯ কোটি টাকা ব্যয়ে নির্মিত কাশী বিশ্বনাথ ধামের প্রথম পর্বের উদ্বোধন হবে মূল অনুষ্ঠান।

প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী প্রাচীন মন্দিরে প্রার্থনা করার পরে মহত্বাকাশী কাশী বিশ্বনাথ করিডোরকে উৎসর্গ করবেন৷ যা ভারত ও বিদেশ থেকে বিপুল সংখ্যক পর্যটকদের আকর্ষণ করে। এই অনুষ্ঠানের প্রস্তুতির জন্য রবিবার গভীর রাত পর্যন্ত নির্মাণ শ্রমিকরা পাথর পালিশে ব্যস্ত ছিলেন৷ শ্রমিকরা মন্দির প্রাঙ্গণ বিশেষ করে গাঁদা ফুল দিয়ে সাজিয়েছিলেন এবং শ্রমিকরা ললিতা ঘাট প্রস্তুত করতে সমস্ত ব্যবস্থা করতে ব্যস্ত ছিলেন। এই কর্মসূচিকে সামনে রেখে বারাণসীতে বাড়ানো হয়েছে ব্যাপক পুলিশি নিরাপত্তা।

‘দিব্য কাশী, ভাব্য কাশী’ নামে উদ্বোধনী অনুষ্ঠানকে কেন্দ্র করে রবিবার গোদোলিয়া চকের কাছের রাস্তায় একটি ‘শিব শোভাযাত্রা’ বের করা হয়। এলাকার অনেক হোটেল মালিক তাদের হোটেলে আলোকসজ্জা করেছেন। একজন হোটেল মালিক বলেছেন, “এটি কাশীর জন্য একটি ঐতিহাসিক মুহূর্ত এবং আমরা এটির অংশ হতে পেরে সৌভাগ্যবান।” মন্দির প্রাঙ্গনে শ্রী কাশী বিশ্বনাথ মন্দির ট্রাস্টের কর্মচারী এবং অন্যান্য কর্মীরা অধীর আগ্রহে সোমবারের জন্য অপেক্ষা করছেন৷

বিজেপি কর্মকর্তারা জানিয়েছেন, প্রধানমন্ত্রী দুদিন বারাণসীতে থাকবেন। প্রথম দিন বাবা কাল ভৈরবের পূজা করে প্রথমে ললিতা ঘাটে পৌঁছবেন, সেখান থেকে বাবা বিশ্বনাথ ধামে পৌঁছবেন। অনুষ্ঠানের পরে তিনি সমস্ত মুখ্যমন্ত্রী এবং উপমুখ্যমন্ত্রীদের সঙ্গে গঙ্গা আরতিতে অংশ নেবেন।

বিজেপি আধিকারিকদের মতে, প্রধানমন্ত্রী অবস্থানের দ্বিতীয় দিনে সারা দেশ থেকে আসা মুখ্যমন্ত্রীদের সঙ্গে মতবিনিময় করবেন। এর পরে প্রধানমন্ত্রী বারাণসীর ওমরাহতে স্বরভেদ মন্দিরের বার্ষিক অনুষ্ঠানের অনুষ্ঠানে অংশ নেবেন। প্রধানমন্ত্রী এখানে উপস্থিত জনতার উদ্দেশে ভাষণও দেবেন।

ব্যাংক ডুবলেও তিন মাসের মধ্যে গ্রাহকদের সমস্ত টাকা ফেরত দেবে সরকার, আশ্বাস মোদীর

PM Modi

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: ব্যাংক বেসরকারিকরণের (bank privatisation) চেষ্টাও শুরু করেছে নরেন্দ্র মোদী সরকার (modi goverment)। সরকারের এই উদ্যোগে রীতিমতো আতঙ্ক তৈরি হয়েছে আমজনতার মধ্যে।

মানুষের সেই উদ্বেগ দূর করতে রবিবার এক অনুষ্ঠানে প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী বলেন, যদি কোনও কারণে ব্যাংক গ্রাহকদের (depositer) টাকা ফেরত দিতে না পারে তবে কারও কোনও চিন্তার প্রয়োজন নেই। কারণ সবার টাকাই সুরক্ষিত থাকবে। সরকার ইতিমধ্যেই এ বিষয়ে যথাযথ ব্যবস্থা নিয়েছে। গ্রাহকদের জমা টাকা ফেরত দেওয়ার ব্যবস্থা করবে সরকার। প্রধানমন্ত্রী জানান সরকার এ পর্যন্ত দেশের ৯৮.১ শতাংশ গ্রাহকের টাকা বিমার (insurance)৷ মাধ্যমে সুরক্ষিত করে ফেলেছে। বাকিদের ক্ষেত্রেও শীঘ্রই এই কাজ করা হবে।

রবিবার ‘ব্যাংক আমানত বিমা’ নামে একটি অনুষ্ঠানে ভাষণ দিচ্ছিলেন প্রধানমন্ত্রী। সেখানেই তিনি বলেন, বিভিন্ন রাষ্ট্রায়ত্ত ব্যাংকের গ্রাহকদের ৭৬ লক্ষ কোটি টাকা ইতিমধ্যেই বিমার মাধ্যমে সুরক্ষার আওতায় আনা হয়েছে। সে কারণে সরকার ব্যাংক ডিপোজিটের পরিমাণ এক লাখ টাকা থেকে বাড়িয়ে পাঁচ লাখ টাকা করেছে। ব্যাংক বেসরকারিকরণ করা হলেও মানুষের দুশ্চিন্তার কোনও কারণ নেই। কোনও কারণে ব্যাংক বন্ধ হয়ে গেলেও গ্রাহকরা যাতে ৯০ দিনের মধ্যেই তাঁদের টাকা ফেরত পান সে বিষয়টি সরকারই নিশ্চিত করবে।

যথারীতি এদিন কংগ্রেসকে কটাক্ষ করে মোদী বলেন, আমি গুজরাতের মুখ্যমন্ত্রী থাকাকালীন কেন্দ্রের কংগ্রেস সরকারকে একাধিকবার বলেছিলাম ব্যাংকের টাকা ফেরতের উর্ধ্বসীমা এক লাখ থেকে পাঁচ লাখ টাকা করা হোক। কিন্তু আমার কথায় পাত্তাই দেয়নি কংগ্রেস সরকার। সেজন্যই ওই নিয়ম পাল্টাতেই মানুষ আমাকে কেন্দ্রে পাঠিয়েছে। মানুষ এখন নিশ্চিন্ত থাকতে পারেন। তাঁরা অবশ্যই টাকা ফেরত পাবেন। যদি কোনও কারণে ব্যাংক টাকা দিতে না পারে সেক্ষেত্রে গ্রাহকদের টাকা ফিরিয়ে দেবে সরকার।

উল্লেখ্য, দ্বিতীয় দফায় ক্ষমতায় এসে রুগ্ন ও রাষ্ট্রায়ত্ত ব্যাংকগুলির বিলগ্নীকরণের চেষ্টা চালাচ্ছে মোদী সরকার। একই সঙ্গে বেশ কিছু ব্যাংকের সংযুক্তিকরণ প্রক্রিয়াও সম্পন্ন হয়েছে। আরও কয়েকটি ব্যাংকের সংযুক্তিকরণ করা হবে বলে জানানো হয়েছে। ইতিমধ্যেই বেশ কয়েকটি ব্যাংককে আগামী অর্থবছরে বেসরকারি হাতে তুলে দেওয়ার পরিকল্পনা রয়েছে মোদী সরকারের। যা নিয়ে মানুষের মধ্যে উদ্বেগ তৈরি হয়েছে। প্রধানমন্ত্রী এদিন সেই উদ্বেগ নিরসন করার চেষ্টা করলেন।

India Russia Summit: আগামী দিনে ভারত রাশিয়া সম্পর্ক আরও উন্নত হবে, দাবি পুতিন-মোদীর

PM Modi meets Putin

নিউজ ডেস্ক, নয়াদিল্লি: নির্দিষ্ট সময়সূচি মেনেই সোমবার রাজধানী দিল্লির হায়দরাবাদ হাউসে (hyderabad house) রাশিয়ার (Russia) প্রেসিডেন্ট ভ্লাদিমির (Vladimir Putin) পুতিনের সঙ্গে বৈঠক করলেন প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী (narendra modi)। এদিন বৈঠকে দুই রাষ্ট্রনেতা সন্ত্রাস দমন-সহ বিভিন্ন ক্ষেত্রে কাঁধে কাঁধ মিলিয়ে কাজ করার বিষয়ে একমত হলেন।

এদিনের বৈঠকের শুরুতেই প্রধানমন্ত্রী নরেন্দ্র মোদী বলেন, করোনার (corona) কারণে গত দু’বছর ভারত-রাশিয়ার বার্ষিক সম্মেলন হয়নি। কিন্তু তাতে দু’দেশের সম্পর্কে কোনও রকম প্রভাব পড়েনি। প্রধানমন্ত্রী আরও জানান, গত দু’বছরে দুই দেশকেই একাধিক চ্যালেঞ্জের মোকাবিলা করতে হয়েছে। সেই চ্যালেঞ্জ আমরা একসঙ্গে ঐক্যবদ্ধভাবে মোকাবিলা করেছি। গত কয়েক দশকে গোটা বিশ্বের রাজনীতিতে অনেক বদল হয়েছে। কিন্তু ভারত ও রাশিয়ার মধ্যে সম্পর্কে কোথাও কোন বদল হয়নি। বদল একটাই হয়েছে সেটা হল, দু’দেশের সম্পর্ক আরও মজবুত হয়েছে। চলতি পরিস্থিতিতে পুতিনের এই সফর সেটাই প্রমাণ করল।

অন্যদিকে প্রেসিডেন্ট পুতিন বলেন, ভারতকে বিশ্বের অন্যতম শক্তিশালী দেশ বলে মনে করে রাশিয়া। নয়াদিল্লি আমাদের দীর্ঘদিনের বন্ধু, সেটা একাধিকবার প্রমাণ হয়েছে। ভবিষ্যতে দু’দেশের সম্পর্ক আরও উজ্জ্বল হবে। পুতিন আরও বলেন দুই দেশ প্রতিরক্ষা, তথ্যপ্রযুক্তি, সন্ত্রাস দমনের মতো একাধিক বিষয়ে একসঙ্গে কাজ করছে। উল্লেখ্য, এদিনই উত্তরপ্রদেশের আমেঠিতে একে-২০৩ স্বয়ংক্রিয় রাইফেল তৈরি একটি চুক্তিতে রাশিয়ার সঙ্গে স্বাক্ষর করেছেন প্রতিরক্ষা মন্ত্রী রাজনাথ সিং।

চুক্তি অনুযায়ী আগামী ১০ বছর আমেঠির এই অস্ত্র কারখানায় রুশ প্রযুক্তিতে ৬ লক্ষের বেশি কালাশনিকভ সিরিজের অত্যাধুনিক সংস্করণ একে-২০৩ অ্যাসল্ট রাইফেল তৈরি হবে। আজকের বৈঠকে রাজনাথ এবং রাশিয়ার প্রতিরক্ষা মন্ত্রী সের্গেই শুয়েগোর সঙ্গে ড্রোন প্রতিরোধকারী অত্যাধুনিক মিসাইল কেনার ব্যাপারে কথা বলেন। পুতিনের সঙ্গে এদিনের আলোচনায় মোদী দেশের প্রতিরক্ষা ব্যবস্থার উপর বিশেষ জোর দেন। পাশাপাশি কথা বলেছেন আফগানিস্তান পরিস্থিতির নিয়েও।

অন্যদিকে রাশিয়ার বিদেশমন্ত্রী এদিন আমেরিকাকে কটাক্ষ করে বলেছেন, ভারত কার থেকে কি ধরনের অস্ত্র কিনবে সে ব্যাপারে তারা নিজেরাই সিদ্ধান্ত নেবে। অন্য কোনও দেশ এ ব্যাপারে নাক গলাবে, সেটা নয়াদিল্লি কখনওই সহ্য করবে না। উল্লেখ্য, ভারত রাশিয়ার কাছ থেকে ড্রোন প্রতিরোধকারী মিসাইল কেনার সিদ্ধান্ত নেওয়ায় প্রবল ক্ষোভ প্রকাশ করেছে মার্কিন প্রশাসন। এমনকী, অন্য দেশ থেকে অস্ত্র কেনার এই সিদ্ধান্তের জন্য তারা ভারতের উপর আর্থিক নিষেধাজ্ঞা জারির হুমকিও দিয়েছে। তবে ভারত আমেরিকার এই হুমকিকে যে পাত্তাই দিচ্ছে না সেটা প্রমাণ হয়ে গেল রাশিয়ার সঙ্গে অস্ত্র কেনার চুক্তি চূড়ান্ত করায়।